संदिग्ध विदेशियों से सम्बन्धित हैं यूपी में जिला सिद्धार्थनगर में थाना शोहरतगढ़ के एसआई, केन्द्र स्तरीय जांच और कार्यवाही की है आवश्यकता

लखनऊ ( रामदेव द्विवेदी, ऊँ टाइम्स) यूपी के जिला सिद्धार्थनगर में स्थित थाना शोहरतगढ के सभी एसआई के आय और चरित्र तथा क्रिमनलों तथा तस्करों सहित मादक माफियाओं से सम्बन्धों की केन्द्रीय जांच एजेन्सी और एसआईटी आदि से जांच कराया जाना आवश्यक है, क्योंकि यहां के पुलिस वालों का संदिग्ध विदेशियों और तस्करों तथा क्रिमनलों के साथ साथ सरकारी धन का घोटाला करने वालों से गहरा सम्बन्ध है! यदि इन पर कार्रवाई नहीं की गई तो ये लोग पूर्व की भांति अपने अधिकार का गलत प्रयोग करते हुए जनता और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए हमेशा खतरा उत्पन्न करते रहेंगे! ये लोग लाभ और अहंकार के लिए अपने पद और अधिकार का दुरूपयोग करके कितना धन कमाते हैं,जिसकी कोई सीमा नहीं है! इनके इस गोरखधंधे में कुछ पत्रकार और कुछ नेताओं के साथ ही साथ कुुुछ अधिकारी भी शामिल हैं! यह थाना नेपाल वार्डर से सटा है, इस लिए चीन और अन्य देशों के आतंकी लोगों से संबंधित नेपाल के संदिग्ध लोगों से भी यहां के इन लोगों की पैठ होने की विसू द्वारा सूचना मिली है!

बिहार सरकार ने राज्य में 16 से 31 जुुलाई तक फुल लॉकडाउन का किया ऐलान

पटना (ऊँ टाइम्स)  बिहार में कोरोना की बढ़ती रफ्तार ने राज्य सरकार को चिन्ता में डाल दिया है, अब तो प्रतिदिन एक हजार से ज्यादा नए मरीज मिल रहे हैं, जिसके कारण राज्य सरकार ने बिहार में एक बार फिर सम्पूर्ण लॉक डाउन लगाने का आदेश जारी किया है। मुख्य सचिव कार्यालय से प्राप्त जानकारी के मुताबिक राज्य में 16 से 31 जुलाई तक पूर्ण लॉकडाउन किया गया है। गृह विभाग को अधिसूचना जारी करने का आदेश दे दिया गया है। अधिसूचना के मुताबिक 17 जुलाई से राज्य में पाबंदी लागू रहेगी। मंगलवार को सरकार ने आला अधिकारियों की बैठक में यह निर्णय़ लिया है। इस बैठक में राज्य में बढ़ते कोरोना के मामलों की समीक्षा के बाद अंतिम तौर पर लॉकडाउन पर सहमति बनी है और आदेश दे दिया गया है। बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने भी राज्य में पूर्ण लॉकडाउन की जानकारी दी है।
राज्य में पिछले कुछ दिनों में कोरोना के मामले राज्य स्तर पर तेजी से बढ़े हैं। जून महीने में जहां एक दिन में पॉजिटिव केस मिलने की रफ्तार दो से ढ़ाई सौ थी उसने जुलाई महीने में रफ्तार पकड़ ली। यह रफ्तार अब रोज 11 सौ से 12 सौ केस तक पहुंच चुकी है। लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए सात जुलाई को मुख्य सचिव दीपक कुमार ने जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंस कर निर्देश दिए कि डीएम अपने-अपने क्षेत्र में कोरोना के बढ़ते मामलों का आकलन करें और आवश्यकता के आधार पर आंशिक लॉकडाउन का निर्णय लें। मुख्यसचिव के निर्देश के बाद पहले भागलपुर इसके बाद 10 जुलाई से पटना में आंशिक लॉकडाउन लागू किया गया। अगले ही दिन करीब 15 जिलों में आंशिक लॉकडाउन लगा दिया गया।
अब सरकार ने लॉकडाउन को लेकर कठोर कदम उठाने का फैसला किया है। सरकारने  राज्य में पूर्ण लॉकडाउन के संबंध में मंथन कर फैसला लिया है। मंगलवार को अधिकारियों के साथ इस बिंदु पर समीक्षा हुई। इसके बाद पूरे प्रदेश में एक साथ लॉकडाउन लगाया गया है। राज्य के मुख्य सचिव दीपक कुमार ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा था कि सरकार पूर्ण लॉकडाउन पर विचार कर रही है। मंगलवार तक इस संबंध में कोई अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के अंतिम वर्ष की परीक्षाओं को लेकर यूजीसी ने जारी किया बयान

नई दिल्ली (ऊँटाइम्स)  विश्वविद्यालय की अंतिम वर्ष की परीक्षाओं को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने एक बार से जरूरी करार देते हुए इसे छात्रों के व्यापक हित में बताया है। ऐसे में राज्य परीक्षाओं को लेकर कोई भी फैसला लेने से पहले छात्रों के हितों और शैक्षणिक गुणवत्ता पर पड़ने वाले प्रभाव का भी आंकलन करें। वहीं परीक्षाओं को लेकर जारी गाइडलाइन पर यूजीसी कहना है कि आयोग के रेगुलेशन के तहत सभी विश्वविद्यालय उसे मानने के लिए बाध्य है। हालांकि यह विवाद का समय नहीं है। सभी विश्वविद्यालयों को तय गाइडलाइन के तहत परीक्षाएं करानी चाहिए। 

सभी राज्यों को भेजी गई संशोधित गाइडलाइन और परीक्षाओं को लेकर तैयार की गई एसओपी- आयोग के सचिव रजनीश जैन ने कहा कि उन्होंने सभी राज्यों को परीक्षाओं को लेकर जारी गाइडलाइन और उसे कराने के लिए तय किए गए मानकों का ब्यौरा भेज दिया है। फिर भी यदि विश्वविद्यालयों को किसी भी मुद्दे को लेकर कोई भ्रम है, तो वह संपर्क कर सकते है। उन्होंने कहा कि जहां तक बात परीक्षाओं की है तो कोरोना संकट के चलते वह पहले से इसे लेकर विश्वविद्यालयों को काफी सहूलियतें दे चुके हैं। इसमें वह ऑनलाइन और ऑफलाइन किसी भी तरीके से करा सकते हैं। जिसमें वह ओपन बुक एक्जाम, एमसीक्यू (मल्टीपल च्वायस क्यूश्चन) जैसे परीक्षा के तरीके भी अपना सकते है। 
यूजीसी सूत्रों की मानें तो आयोग ने विवाद के बीच उन कानूनी पहलुओं को भी खंगालना शुरू कर दिया है, जिसके दायरे में सभी विवि आते हैं। हालांकि यूजीसी के जुड़े अधिकारियों का कहना है, कि वह इस विवाद में नहीं पड़ना चाहते हैं। वैसे भी इसे लेकर काफी राजनीति हो रही है। सूत्रों के मुताबिक मानव संसाधन विकास मंत्रालय भी राज्यों के साथ इसे मुद्दे पर जल्द चर्चा कर सकता है।
उनका कहना है कि कोरोना के इस संकटकाल में भी दुनिया का कोई विवि या उच्च शैक्षणिक संस्थान बगैर परीक्षा या असेसमेंट के सर्टिफिकेट नहीं दे रहा है। ऐसे में यदि भारतीय विश्वविद्यालय ऐसा करते है, तो इसका असर उनकी वैश्विक साख पर भी पड़ेगी। साथ ही जो भारतीय छात्र अपनी डिग्रियों या सर्टिफिकेट को लेकर नौकरियों के लिए जाएंगे, उन्हें भी इस चुनौती की सामना करना पड़ सकता है। यूजीसी देश में विश्वविद्यालयों की सबसे बड़ी नियामक संस्था है। सभी डिग्री कोर्स इसकी मंजूरी के बाद ही मान्य होते है। इसके साथ ही सभी विश्वविद्यालयों को शैक्षणिक और शोध से जुड़ी गतिविधियों को संचालित करने के लिए यह वित्तीय मदद भी देती है। 

यूपी के मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को किया सतर्क, कहा घर या दफ्तर में न जुटाएं भीड़

लखनऊ (ऊँ टाइम्स) वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के संक्रमण के प्रसार में योगी आदित्यनाथ सरकार के मंत्री और भाजपा व अन्य पार्टियों के विधायक भी आ रहे हैं। बड़ी संख्या में मंत्रियों तथा विधायकों के कोरोना वायरस की चपेट में आने के कारण योगी आदित्यनाथ ने इन सभी को सख्त निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को सतर्क करने के साथ सलाह भी नी है कि घर या दफ्तर में भीड़ न जुटाएं। संक्रमित होने के बाद अपने तथा घर के लोगों की जांच जरूर कराएं।
कोरोना वायरस के संक्रमण पर बेहद गंभीर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज अपने मंत्रियों को कम से कम लोगों के संपर्क में आने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मंत्रियों को कहा गया है कि वह अपने घर और दफ्तर में मिलने वालों की भीड़ जमा न करें। इसके साथ ही बेहद जरूरी होने पर ही वह फील्ड में जाएं। उन्होंने कहा कि मंत्री भी फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करें। अपने घर और दफ्तर को पूरी तरह से सैनिटाइज कराएं।
प्रदेश सरकार के मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिंह, धर्म सिंह सैनी, चेतन चौहान, उपेंद्र तिवारी तथा रघुराज सिंह के कोरोना पॉजिटिव निकलने बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी को यह सख्त निर्देश दिया है। कैबिनेट मंत्री मोती सिंह का पूरा परिवार कोरोना संक्रमित हो गया था। इसके बाद तो लाइन लग गई। आयुष मंत्री धर्म सिंह सैनी संक्रमित पाए गए हैं। होमगार्ड व राजनैतिक पेंशन मंत्री चेतन चौहान तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री उपेंद्र तिवारी के साथ श्रम राज्य मंत्री रघुराज सिंह के कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद इलाज करा रहे हैं।

कोरोना के संक्रमण ने विधानसभा सचिवालय को भी चपेट में लिया है। उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष के ओएसडी पंकज मिश्रा कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। इसके साथ ही विधानसभा अध्यक्ष का एक गार्ड भी कोरोना संक्रमित मिला है। इन सबके संक्रमित पाये जाने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रियों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले को देखते हुए मोबाइल वैन के जरिए हर मोहल्ले में जांच के निर्देश दिये हैं। अब मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि शीघ्र आरटी-पीसीआर को मोबाइल वैन के जरिए हर घर तक पहुंचाया जाए। जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों की जांच हो सके। अधिक से अधिक जांच से ही संक्रमण को कंट्रोल किया जा सकेगा। एक बार फिर जांच को हर रोज 50 हजार तक पहुंचाने का सीएम योगी ने निर्देश दिया है। इसके साथ एल-1 कोविड अस्पतालों और बेड की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि बिना लक्षण वाले मरीजों को एल-1 अस्पतालों में भर्ती किया जाएगा। सरकार ने सैनिटाइजेशन के लिए भी अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित के विशेष कार्याधिकारी पंकज मिश्रा कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं। विशेष कार्य अधिकारी पंकज मिश्रा को पीजीआई में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित के निजी सहायक अजय प्रताप सिंह भी पॉजिटिव हो गए हैं। विधानसभा अध्यक्ष के निजी सहायक अजय प्रताप सिंह को लोहिया संस्थान में भर्ती कराया गया। गनीमत की बात है कि विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आ गई है, हालांकि वह क्वॉरंटीन ही रहेंगे। 

अमरनाथ यात्रा को कोरोना के चलते रद्द करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दखल देने से किया इनकार

नई दिल्‍ली ( ए. के. द्विवेदी, ऊँ टाइम्स)  सुप्रीम कोर्ट ने अमरनाथ यात्रा के मामले में दखल देने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में सरकार और स्थानीय प्रशासन को निर्णय लेना चाहिए। याचिका में कोरोना को देखते हुए अमरनाथ यात्रा पर रोक लगाने और लाइव दर्शन की मांग की गई थी। हालांकि, जम्‍मू-कश्‍मीर में अमरनाथ यात्रा को लेकर तैयारियां तेज हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर यात्रा को लेकर दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं। इनमें श्रद्धालुओं से पंजीकरण के बाद ही यात्रा में आने को कहा है। इसके अलावा यात्रा में आने से श्रद्धालुओं को खुद को फिट रखने के लिए रोजाना सुबह चार से पांच घंटे सैर करने की सलाह भी दी है। बता दें कि इस बार अमरनाथ यात्रा अवधि कम रखी गई है। साथ ही श्रद्धालुओं को पवित्र गुफा में धूप अगरबत्ती की अनुमति नहीं होगी।
सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को कोविड-19 महामारी के कारण अमरनाथ यात्रा में श्रद्धालुओं पर प्रतिबंध लगाने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई से इन्कार कर दिया। अदालत ने कहा कि इस मुद्दे को स्थानीय प्रशासन को देखना होगा। न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़, इंदु मल्होत्रा और केएम जोसेफ की पीठ ने कहा कि हमें शक्तियों के विभाजन के सिद्धांत का सम्मान करना होगा। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा, हमारा मानना है अनुच्छेद 32 के तहत यहां मामले पर सुनवाई करना अनुचित है। यात्रा होनी चाहिए या नहीं, इस मुद्दे को स्थानीय प्रशासन पर छोड़ दिया जाना चाहिए। निस्संदेह कोई भी निर्णय कानून और सभी प्रासंगिक वैधानिक प्रावधानों के दायरे में होना चाहिए।
शीर्ष अदालत श्री अमरनाथ बर्फानी लंगर्स ऑर्गनाइजेशन द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इसने केंद्र, जम्मू-कश्मीर प्रशासन और श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड से कोरोना वायरस के प्रकोप के मद्देनजर इस वर्ष तीर्थयात्रा पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। याचिकाकर्ता ने इंटरनेट और टेलीविजन के माध्यम से भगवान श्री अमरनाथजी श्राइन के लाइव दर्शन के लिए दिशा-निर्देश देने की भी मांग की थी। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील देवदत्त कामत ने अमरनाथ यात्रा पर प्रतिबंध की मांग करते हुए कहा कि शीर्ष अदालत ने पहले पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा पर भी प्रतिबंध लगाया था।
हालांकि, इस पर पीठ ने कहा कि शीर्ष अदालत ने बाद में रथ यात्रा की अनुमति देने के लिए आदेश को संशोधित किया। पीठ ने कहा, हम यह निर्धारित नहीं कर सकते कि किसी विशेष इलाके में यात्रा आयोजित की जानी चाहिए या नहीं। इन मुद्दों से जिला प्रशासन ही निपट सकता है। जम्मू और कश्मीर प्रशासन ने पांच जुलाई को जम्मू से अमरनाथ गुफा तक सड़क मार्ग से प्रतिदिन 500 तीर्थयात्रियों को यात्रा की अनुमति देने का निर्णय लिया था।

यूपी में अब हर हफ्ते में दो दिन रहेगा लॉकडाउन, शनिवार व रविवार को सब बंद रहेगा

लखनऊ (ऊँ टाइम्स) वैश्विक महामारी कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार पर नियंत्रण करने के लिए उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने अब नया फॉर्मूला खोजा है। प्रदेश में शुक्रवार रात से 55 घंटे के लॉकडाउन के बाद अब हर हफ्ते में दो दिन का लॉकडाउन करने का निर्णय लिया गया है। मिनी लॉकडाउन के तहत प्रदेश में अब सिर्फ पांच दिन कार्यालय तथा बाजार खुलेंगे। यानी कोरोना के संक्रमण काल तक प्रदेश में फाइव डे वीक के तहत काम होगा।   
योगी आदित्यनाथ सरकार ने कोरोना संक्रमण के प्रसार पर बेहतर नियंत्रण करने के लिए प्रदेश के हर जिले में अब हर हफ्ते के शनिवार को कंपलीट लॉकडाउन का फैसला लिया है। इसके तहत आवश्यक सेवाओं को छोड़कर अब सब बंद रहेगा। कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने अब बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश में लागू होगा मिला लॉकडाउन का फॉर्मूला। प्रदेश में अब हर हफ्ते वीकेंड लॉकडाउन लगेगा। जिसके तहत हफ्ते में दो दिन सभी दफ्तर के साथ बाजार बंद रहेंगे। अब हर शनिवार व रविवार को वीकेंड लॉकडाउन होगा।

अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि अभी स्वच्छता के लिए सरकार ने जिस तरह 55 घंटे की बंदी की है, वैसा ही प्रतिबंध हर शनिवार-रविवार को रहेगा। यह सावधानी कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखकर अपनाई जा रही है। अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि शनिवार रविवार को होने वाली बंदी से आर्थिक गतिविधियों को पूरी तरह मुक्त रखा जाएगा। यह कदम शारीरिक दूरी बनाए रखने के लिए उठाया जा रहा है।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने रविवार को अपने सरकारी आवास पर टीम-11 के साथ कोविड-19 के प्रभाव में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने निर्देश दिया कि कोरोना संक्रमण के दृष्टिगत अब प्रदेश में अग्रिम आदेश तक सभी बाजार सोमवार से शुक्रवार तक खुलेंगे। सभी जगह शनिवार व रविवार को साप्ताहिक बंदी रहेगी। साप्ताहिक बंदी के दौरान प्रदेश में सभी बाजारों की स्वच्छता एवं सैनिटाइजेशन के लिए विशेष कार्यक्रम चलेगा। इसके साथ औद्योगिक इकाइयों को शनिवार व रविवार को अपने यहां सेनिटाइजेशन का कार्य कराने के निर्देश दिया गया है। इस दौरान सभी कोविड अस्पतालों में ऑक्सीजन की निर्बाध आपूॢत सुनिश्चित की जाए। इसके साथ वर्तमान में चल रहे निर्माण कार्य जैसे एक्सप्रेस-वे, डैम इत्यादि तथा बाढ़ के दृष्टिगत तटबन्धों की मरम्मत के कार्य सोशल डिस्टेंसिंग के साथ निरन्तर किए जाएं। 
कोरोना वायरस को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने फाइव-डे वीक फॉर्मूला लागू किया है। यानी हर शनिवार तथा रविवार को सभी दफ्तर व बाजार बंद रहेंगे। यह फॉर्मूला लम्बे समय तक चलेगा। प्रदेश में सभी कार्यालय तथा बाजार सोमवार से शुक्रवार तक खुलेंगे। कोरोना वायरस को लेकर यूपी सरकार ने अब नई रणनीति तैयार की है। अब शनिवार व रविवार को प्रदेश सरकार के कार्यालय के साथ ही सभी ऑफिस भी बंद रहेंगे। जिला स्तर पर डीएम को भी नियम बनाने की छूट दी गई है। वह बाजारों को लेकर नियम बना सकते हैं।

उत्तर प्रदेश में बहुत तेजी से बढ़ रहा है COVID-19 का संक्रमण, हरदोई में पुलिस के CO ने तोड़ा दम

लखनऊ (ऊँ टाइम्स)  उत्तर प्रदेश में वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रसार पर कुछ नियंत्रण करने की खातिर सीएम योगी आदित्यनाथ ने 55 घंटा का लॉकडाउन घोषित किया है, लेकिन हालात बदतर होते जा रहे हैं। हरदोई में तैनात रहे पुलिस क्षेत्राधिकारी की आज कोरोना संक्रमण से मौत हो गई जबकि शनिवार को प्रदेश में रिकॉर्ड 1403 संक्रमित मिले थे। वाराणसी में रविवार को 38 कोरोना पॉजिटिव केस सामने आ गए हैं। जिले में अब कुल संक्रमितों की संख्या 798 हो गई है।
हरदोई में हरियावां सर्किल के सीओ नागेश मिश्रा करीब दस दिन पहले बीमार हो गए थे। निमोनिया होने पर उनका इलाज चल रहा था। इसी बीच जिला अस्पताल में उनका ट्रूनेट कोरोना टेस्ट कराया गया जोकि निगेटिव आया। इसके बाद भी हालत में सुधार न होने पर लखनऊ रेफर कर दिया गया। यहाँ कोरोना जांच में उनका टेस्ट पॉजिटिव आया। हालत में सुधार न होता देख शनिवार को उनको किंग जार्ज मेडिकल कॉलेज से संजय गांधी पीजीआई में शिफ्ट किया गया। जहां वह वेंटीलेटर पर थे। आज सुबह उनका निधन हो गया। नागेश मिश्रा सीओ के पहले हरदोई में शहर कोतवाल के अलावा सांडी, पिहानी में कोतवाल भी रहे।

यूपी के सीतापुर में शनिवार देर रात सीडीआरआई से सीएमओ को प्राप्त रिपोर्ट में किशोरी सहित तीन और लोगों के पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई है। इसमें बिसवां क्षेत्र की 16 वर्षीय किशोरी भी शामिल है। सीएमओ डॉ आलोक वर्मा ने बताया कि परसेंडी क्षेत्र के लालपुर गांव के एक महिला ने कुछ दिन पहले किसी बात को लेकर कीटनाशक का सेवन कर लिया था। उसके घर वालों ने उसे 5 जुलाई को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। डॉक्टरों ने इसे केजीएमयू लखनऊ रेफर कर दिया था, जहां जांच में महिला 7 जुलाई को कोरोना पॉजिटिव पाई गई थी। इस महिला की बहू भी कोरोना वायरस से संक्रमित है। इसे खैराबाद अस्पताल में शिफ्ट किया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ बिसवां कस्बे के खंभा पुरवा मुहल्ले की 16 वर्षीय किशोरी भी कोरोना से संक्रमित मिली है। बिसवां के मगरहिया मुहल्ले का 43 वर्षीय एक युवक भी कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। इन सभी को खैराबाद अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है। परसेंडी सीएचसी अधीक्षक डॉक्टर सुनील शुक्ला ने बताया कि लालपुर की महिला में कोरोना वायरस की पुष्टि 7 जुलाई को हुई थी। वह के केजीएमयू में भर्ती है। उसका दूसरा सैंपल भी जांच में पॉजिटिव आया है।
कोरोना वायरस संक्रमण का प्रसार उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ रहा है। जुलाई में ज्यादा मरीज मिलने के एक के बाद एक रिकार्ड टूट रहे हैं। शनिवार को रिकार्ड 1403 नए मरीज मिले। बीते 24 घंटे में सर्वाधिक 42,354 नमूनों की जांच भी की गई। इससे पहले शुक्रवार को 1347 मरीज मिले थे। वहीं इस खतरनाक वायरस के संक्रमण ने शनिवार को 25 और लोगों की जान ले ली। प्रदेश में अब तक कुल 913 लोग कोरोना संक्रमण के कारण दम तोड़ चुके हैं। वहीं अब एक्टिव केस बढ़कर 11,490 हो गए हैं और अब तक कुल 22,689 मरीज स्वस्थ हुए चुके हैं। कोरोना से अब तक कुल 35,103 लोग संक्रमित हो चुके हैं।
प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री मोती सिंह के बाद योगी आदित्यनाथ सरकार के मंत्री चेतन चौहान कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। शनिवार को वह इस जानलेवा वायरस के संक्रमण की जद में आ गए। शुक्रवार को लखनऊ के सिविल अस्पताल में यूपी के होमगार्ड मंत्री चेतन चौहान की जांच की गई थी। निदेशक डॉ. डीएस नेगी के मुताबिक ट्रूनेट टेस्ट में मंत्री में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है। सीएमओ डॉ. नरेंद्र अग्रवाल के मुताबिक मंत्री चेतन चौहान को संजय गांधी पीजीआई में भर्ती करा दिया गया। उनके परिवार के लोगों के भी टेस्ट कराए जाएंगे। वहीं, समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद धर्मेन्द्र यादव, विधानमंडल दल के नेता राम गोविंद चौधरी के बाद अब एमएलसी सुनील सिंह साजन कोरोना वायरस के संक्रमण में हैं।  

अनेक राज्यों ने विश्वविद्यालयों की परीक्षा कराने में जताई है असमर्थता

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  कोरोना महामारी के कारण पहले विश्वविद्यालयों में पढ़ाई नहीं हो सकी है और अब परीक्षाओं को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग और गृह मंत्रालय के दिशा निर्देशों से असहमति जताते हुए कई राज्य परीक्षा नहीं कराने की बात कर रहे हैं। दिल्ली, पंजाब और बंगाल के मुख्यमंत्रियों ने प्रधानमंत्री को अलग-अलग पत्र लिखकर इस मामले में हस्तक्षेप का आग्रह किया। दिल्ली सरकार ने तो घोषणा कर दी कि वह राज्य के विश्वविद्यालयों की परीक्षा नहीं कराएगा। इसमें स्नातक एवं स्नातकोत्तर की अंतिम वर्ष की परीक्षा भी शामिल है।

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर ने पीएम को इस मुद्दे पर दूसरा पत्र लिखा है। उनका कहना है कि कोरोना के बढ़ते केसों को देखते हुए परीक्षा कराना संभव नहीं है। ऑनलाइन परीक्षा भी नहीं कराई जा सकती, क्योंकि बहुत से विद्यार्थियों के पास न तो लैपटॉप-कंप्यूटर इत्यादि की सुविधा है और न ही इंटरनेट की। राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा ने केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल को शुक्रवार को पत्र लिखा था।

बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पीएम को लिखे पत्र में कहा कि यूजीसी के 6 जुलाई का दिशानिर्देश छात्र हितों पर प्रतिकूल असर डालेगा। इसलिए मामले पर तुरंत पुनर्विचार किया जाए। बंगाल के कुलपतियों ने भी यूजीसी को पत्र लिखकर अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं कराने से हाथ खड़ा कर दिया है।

सीएम दिल्ली केजरीवाल बोले, रद की जाएं परीक्षाएं – दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अनुरोध किया कि दिल्ली विश्वविद्यालय समेत अन्य केंद्रीय विश्वविद्यालयों के आखिरी सेमेस्टर की परीक्षाएं रद की जाएं। उन्होंने पत्र में लिखा है कि आइआइटी और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में भी आखिरी सेमेस्टर के छात्रों को आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर डिग्री दी जा रही है तो अन्य के लिए भी यह नियम लागू क्यों नहीं हो सकता है।
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने पत्रकार वार्ता कर कहा कि लॉकडाउन के कारण इस पूरे सेमेस्टर में पढ़ाई नहीं हो पाई है। लैब, लाइब्रेरी, प्रैक्टिकल, रिसर्च इत्यादि पूरी तरह बंद रहे। पढ़ाई के बिना परीक्षा कराना अन्याय होगा। छात्रों को डिग्री व प्रोन्नति पूर्व की सेमेस्टर परीक्षाओं में मिले नंबरों के आधार पर दी जाएगी। पूर्व के आंतरिक कार्य के अलावा अन्य उचित मानदंडों के आधार पर मूल्यांकन का फार्मूला तलाशा जाएगा। इससे लाखों बच्चों को राहत मिलेगी।

बिहार, मध्‍य प्रदेश निर्देशों का पालन करेंगे – बिहार, मध्यप्रदेश, हिमाचल प्रदेश और केंद्र शासित चंडीगढ़ ने यूजीसी के दिशा-निर्देशों का पालन करने का फैसला किया है। जम्मू-कश्मीर के जम्मू विश्वविद्यालय ने अभी कोई फैसला नहीं किया है। कश्मीर विश्वविद्यालय ने भी अंडर ग्रेजुएट और पीजी की फाइनल परीक्षाएं नहीं की हैं, लेकिन कुछ सेमेस्टर की परीक्षाएं ऑनलाइन कराई जा रही हैं।

उत्तर प्रदेश में परीक्षा की तैयारी- उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालयों में स्नातक व परास्नातक की परीक्षा को लेकर चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एनके तनेजा की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया था। कमेटी ने सभी विद्यार्थियों को पिछली कक्षा के अंकों के आधार पर अगली कक्षा में प्रोन्नत करने की सिफारिश की थी। इस पर राज्य सरकार ने सैद्धांतिक सहमति भी दे दी थी लेकिन यूजीसी ने स्नातक व परास्नातक अंतिम वर्ष व अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं सितंबर में करवाने के सुझाव बीते दिनों दिए। उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा का कहना है कि सभी विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। 

दिल्ली के उप मुख्य मंत्री ने कहा, दिल्ली सरकार की यूनिवर्सिटियों में इस साल नही होंगी परीक्षायें

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  कोरोना वायरस संक्रमण के चलते दिल्ली में सत्तासीन आम आदमी पार्टी सरकार ने घोषणा की है कि दिल्ली सरकार की यूनिवर्सिटी में इस साल परीक्षाएं नहीं कराई जाएंगीं। छात्र-छात्राओं के इंटर्नल एग्जाम के आधार पर इवेल्यूएशन कराकर उन्हें उत्तीर्ण किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने आज एक डिजिटल पत्रकार वार्ता में कहा है कि केंद्र सरकार के अंतर्गत आने वाली सभी यूनिवर्सिटी के लिए भी यही रास्ता अपनाया जाए। उन्होंने यह सुझाव दिया है, लेकिन मानना या मानना केंद्र सरकार पर निर्भर करता है।
दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने यह भी कहा है कि सभी यूनिवर्सिटीज़ को फाइनल एग्ज़ाम कैंसल कर छात्रों के इवैल्युएशन का कोई पैमाना तैयार कर डिग्री जल्द से जल्द देने के लिए कहा गया है। कोरोना की वजह से एग्ज़ाम लेना और डिग्री न देना अन्याय होगा। ये निर्णय स्टेट यूनिवर्सिटीज़ के लिए लिया गया है। 
बताया जा रहा है कि इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भी लिखा है। पत्र में कहा गया है कि इससे छात्र-छात्राओं पर मानसिक दबाव भी नहीं पड़ेगा और कोरोना वायरस संक्रमण से लड़ाई भी चलती रहेगी।
पत्रकार वार्ता के दौरान मनीष सिसोदिया ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण के चलते स्कूल और कॉलेज अभी भी बंद हैं, जब स्कूल बंद किए गए थे तब उनकी परीक्षा चल रही थी। ऐसे में हमने 9वीं और 11वीं के बच्चों के बारे में फैसला लिया था कि उनकी परीक्षा की जगह बिना एग्जाम के अगली क्लास में भेजेंगे। इस बाबत हमने केंद्र सरकार से दसवीं और बारहवीं के बारे में भी यही व्यवस्था करने को कहा था। केंद्र सरकार ने इसको मान लिया था। स्कूल का मामला अलग था, लेकिन यूनिवर्सिटी का मामला थोड़ा पेचीदा है। जिस सेमेस्टर को पढ़ाया ही नहीं गया उसके बारे में एग्जाम लेना मुश्किल है, यह दिल्ली सरकार का मानना है।

यूपी में 55 घंटों के लिए शहरी और ग्रामीण इलाकों के बाजार, हाट और मंडियां रहेंगी बंद

लखनऊ (ऊँ टाइम्स)  कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण और बारिश के मौसम में संचारी रोगों की आहट के बीच उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की ओर से इन पर काबू पाने के लिए लागू किया गया 55 घंटे का प्रदेशव्यापी प्रतिबंध शुक्रवार रात 10 बजे से लागू हो गया। अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी का कहना है कि बंदी के दौरान पुलिस को शासन के आदेशों का सख्ती से अनुपालन कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं। निर्देशों का उल्लंघन करने वालों से पुलिस सख्ती से निपटेगी।
सोमवार सुबह पांच बजे तक घोषित इस प्रतिबंध के दौरान शनिवार और रविवार को प्रदेश के सभी कार्यालय तथा शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में बाजार, हाट, गल्ला मंडी और व्यावसायिक प्रतिष्ठान आदि बंद रहेंगे। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सेवा समेत आवश्यक सेवाओं और वस्तुओं की आपूर्ति इस दौरान जारी रहेगी। इन सेवाओं से जुड़े कार्मिकों और डोर स्टेप डिलीवरी से जुड़े लोगों के आने-जाने पर कोई रोक नहीं होगी। शनिवार और रविवार को धार्मिक स्थल भी पहले की तरह खुले रहेंगे। रेलवे और हवाई सेवाएं जारी रहेंगी। रेल से आने वाले यात्रियों के आवागमन के लिए उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की ओर से बसों की व्यवस्था की जाएगी। इन बसों को छोड़कर उत्तर प्रदेश रोडवेज सेवाओं का प्रदेश के अंदर आवागमन प्रतिबंधित रहेगा।
हवाई अड्डों से यात्री अपने गंतव्य को जा सकेंगे। माल की ढुलाई करने वाले वाहनों का आवागमन भी जारी रहेगा। राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के किनारे स्थित पेट्रोल पंप पर ढाबे खुले रहेंगे। बड़े निर्माण कार्य भी जारी रहेंगे। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सभी औद्योगिक इकाइयां भी यथावत चालू रहेगी बशर्ते उनमें शारीरिक दूरी और स्वास्थ्य संबंधी प्रतिबंधों का कड़ाई से अनुपालन हो। सभी औद्योगिक इकाइयों में कोविड हेल्प डेस्क भी अनिवार्य रूप से संचालित होंगी। कोविड 19 महामारी पर काबू पाने को विशेष स्वच्छता अभियान चलाने के मकसद से यकायक घोषित की गई है!

मौसम विभाग ने पूर्वी यूपी में भारी बारिश का किया रेड अलर्ट, उत्‍तराखंड और बिहार सहित इन राज्‍यों में भी खतरा

नई दिल्‍ली (ऊँ टाइम्स)  मौसम विभाग ने पूर्वी उत्‍तर प्रदेश के विभिन्‍न इलाकों में आंधी वज्रपात के साथ ज्‍यादा भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा अगले 48 घंटे में उत्‍तराखंड, बिहार और उत्‍तर पश्चिमी रिजन में भारी बारिश की भी चेतावनी जारी की गई है। विभाग ने राष्‍ट्रीय राजधानी दिल्‍ली में 11 और 12 जुलाई के लिए भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। वहीं मौसम का पूर्वानुमान जारी करने वाली निजी एजेंसी स्‍काईमेट वेदर की रिपोर्ट के मुताबिक, अगले 24 घंटों के दौरान असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और झारखंड में भी तेज मानसूनी बारिश के आसार हैं। 
मौसम विभाग के मुताबिक, राजस्‍थान और हरियाणा के अलग अलग इलाकों में भी तेज हवा और गरज चमक के साथ बारिश हो सकती है। हरियाणा के नारनौल, भ‍िवाड़ी, नूह, फारुख नगर, बावल और गुरुग्राम में मौसम की ये स्थितियां लोगों की समस्‍याएं बढ़ा सकती हैं। वहीं राजस्‍थान के प‍िलानी, सादुलपुर जैसे इलाकों में गरज चमक के साथ बारिश की संभावना है। यही नहीं जम्मू कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में भी हल्की बारिश हो सकती है। दक्षिणी कोंकण और गोवा, तटीय कर्नाटक, तेलंगाना, विदर्भ और पूर्वी मध्य प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है। 
मौसम विभाग की ओर से शुक्रवार को जारी किए गए रेड अलर्ट में कहा गया है कि अगले दो दिनों तक पूर्वी उत्‍तर प्रदेश के विभिन्‍न इलाकों में तेज हवाओं और वज्रपात के साथ भारी बारिश होगी। पश्चिमी उत्‍तर प्रदेश में भी भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग ने पश्चिमी यूपी के विभिन्‍न इलाकों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। प्रयागराज, अमेठी, आजमगढ़, गोरखपुर, सुल्‍तानपुर, वाराणसी, कौशांबी, कुशीनगर समेत 20 अन्‍य जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इसके साथ ही उत्‍तराखंड में भी भारी बारिश का दौर देखा जा सकता है। 

केरल के सीएम ने कहा, तिरुअनंतपुरम में एक हफ्ते के लिए बढ़ाया गया लॉकडाउन

तिरुअनंतपुरम (ऊँ टाइम्स) केरल सरकार ने तिरुअनंतपुरम में लॉकडाउन को एक हफ्ते के लिए और बढ़ाने का आदेश जारी कर दिया है। केरल के मुख्‍यमंत्री पी विजयन ने बताया कि कंटेनमेंट जोनों में ट्र‍िपल लॉकडाउन रहेगा। राज्‍य सरकार ने कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए यह फैसला लिया है। केरल के विभिन्‍न इलाकों में लॉकडाउन लगाए जाने के बाद विदेश या दूसरे राज्यों से आए अब तक लगभग 2400 लोग कोरोना वायरस (COVID-19) से संक्रमित पाए गए हैं।  
सरकार की ओर से जारी ओदश में कहा गया है कि तिरुवनन्तपुरम के कंटेनमेंट जोनों में सख्‍त ट्रिपल लॉकडाउन भी जारी रहेगा। ट्रिपल लॉकडाउन के दौरान सरकार ने नियमों को और ज्यादा सख्त बनाया गया है। इस दौरान शहर की सभी सड़कें पूरी तरह से बंद रहेंगी और जरूरी सेवाओं को छोड़कर सभी गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक रहेगी। आदेश में कहा गया है कि लॉकडाउन का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 
उल्‍लेखनीय है कि बीते दिनों केरल सरकार ने बढ़ते कोरोना संक्रमण पर लगाम लगाने के लिए कार्यस्थलों, सार्वजनिक स्थानों और सार्वजनिक परिवहन वाहनों से यात्रा करते समय नाक, मुंह को ढंकने और दो गज यानी छह फीट की शारीरिक दूरी बनाए रखने के नियमों को साल भर के लिए लागू कर दिया था। राज्य सरकार ने इसके लिए राज्‍य महामारी रोग अध्यादेश 2020 में निहित अपने अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए उसमें कुछ नए नियम भी जोड़े थे। 

विकास दूवे को मुठभेड़ में मारे जाने की आशंका पर रात में सुप्रीम कोर्ट में दायर हुई थी याचिका

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)   विकास दुबे की कानपुर में पुलिस के साथ एनकाउंटर में मौत से पहले उसकी एनकाउंटर की आशंका को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर किया जा चुका था ! इस याचिका में उसके पांच सहयोगियों की उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ मुठभेड़ में मौत की जांच के लिए आदेश देने की मांग की गई थी, जो दो जुलाई की रात कानपुर में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या में शामिल थे। याचिकाकर्ता ने दुबे की मुठभेड़ में हत्या की आशंका भी व्यक्त किया था, और मामले की सीबीआइ जांच की मांग की गई थी। वकील और याचिकाकर्ता घनश्याम उपाध्याय ने इस मामले पर तत्काल सुनवाई की मांग करते हुए गुरुवार को याचिका दायर किया था।
इसके कुछ घंटों बाद शुक्रवार को कानपुर के रास्ते में एसटीएफ अधिकारियों के साथ मुठभेड़ में गंभीर रूप से घायल होने के बाद दुबे की मौत हो गई। उज्जैन में मध्य प्रदेश पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। इसके बाद उसे  यूपी पुलिस व एसटीएफ टीम आज कानपुर ला रही थी। पुलिस के अनुसार इस दौरान पुलिस का वाहन दुर्घटना ग्रस्त होकर पलट गया। तभी विकास ने पुलिसकर्मी का पिस्टल छीनकर भागने का कोशिश किया और मुठभेड़ में मारा गया। 

कानपुर में एसटीएफ के हाथों मारा गया विकास दुबे

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) कुछ दिन पूर्व कानपुर में 8 पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी विकास दुबे कानपुर में एसटीएफ के हाथों मारा गया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उज्जैन से कानपुर आ रही यूपी एसटीएफ की गाड़ी को रास्ते में पलटने के बाद विकास दुबे ने भागने का कोशिश किया, इसके बाद पुलिस और विकास दुबे के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई। गाड़ी पलटने के बाद मोस्टवांटेड विकास दुबे ने पिस्टल छीनकर गोली चलाई। एनकाउंटर में गंभीर रूप से घायल विकास को पुलिस अस्पताल लेकर गई , जिसके बाद उसकी मौत हो गई। पुलिस की ओर से इसकी पुष्टि की गई है। जब कि चर्चा यह भी है कि पुलिस और एसटीएफ ने पहले से ही विकास दूवे को मारने का प्लान बना रखा था , और उसे ले जाकर मारने के बाद अपने बचाव के लिए पिस्टन छीन कर भागना और मुठभेड़ में मारा जाना आदि दिखाया जा रहा है! फिलहाल चाहे जैसे भी मारा गया हो, लेकिन उन 8 पुलिस वालों के परिजनों के कलेजों को ठंढक जरूर मिली होगी, जिनकी मौत हुई थी!

कानपुर का विकास दुबे मध्य प्रदेश के उज्जैन महकाल मंदिर से हुआ गिरफ्तार

लखनऊ (ऊँ टाइम्स)  कानपुर जिले के चौबेपुर में दो व तीन जुलाई की रात दबिश में गई पुलिस टीम पर हमलाकर सीओ सहित आठ जांबाजों का हत्यारा पांच लाख का इनामी विकास दुबे मध्य प्रदेश के उज्जैन से गिरफ्तार हो गया है।
सैकड़ों पुलिस टीम के साथ एसटीएफ को बीते सात दिन के चकमा दे रहा विकास दुबे हरियाणा के फरीदाबाद से उज्जैन पहुंच गया।  उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा इनामी गैंगस्टर विकास दुबे उज्जैन से गिरफ्तार हुआ है। अब मध्य प्रदेश पुलिस ने उसको यूपी पुलिस को सौंपा है। उसकी आधिकारिक तौर पर गिरफ्तारी हो चुकी है।
उज्जैन के जिला कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि विकास दुबे महाकाल का दर्शन करने मंदिर में जा रहा था। उसी समय सुरक्षाकर्मियों ने उसको पहचाना और कंट्रोल रूम को सूचना दी। इसके बाद विकास दुबे वहां पर चिल्ला-चिल्लाकर कहने लगा कि मैं ही विकास दुबे हूं। इसके बाद पुलिस की टीम ने उसको पकड़ा और कंट्रोल रूम में लेकर गई। कानपुर का कुख्यात गैंगस्टर और आठ पुलिसकर्मियों की हत्या का आरोपित विकास दुबे उज्जैन में सुबह 7:45 अपने कुछ साथियों के साथ महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए आया था। इस दौरान वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों को शक हुआ तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिसकर्मी उसे चौकी लेकर पहुंचे।‌ बाद में उज्जैन एसपी मनोज सिंह दुबे को गिरफ्तार कर कंट्रोल रूम ले गए। महाकाल थाना पुलिस युवक को गाड़ी मे बैठाकर कंट्रोल रूम तरफ लेकर गई। 
मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि मध्य प्रदेश पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। कानपुर में वारदात के बाद से ही मध्य प्रदेश पुलिस अलर्ट मोड पर थी। मध्य प्रदेश पुलिस को इंटेलिजेंस से कुख्यात अपराधी विकास दुबे के उज्जैन आने की सूचना मिली थी।
इसी आधार पर महाकाल थाना पुलिस ने विकास की गिरफ्तारी की है। अपराधी चाहे कितना ही बड़ा हो, हमारी पुलिस किसी को भी छोड़ती नहीं है। विकास दुबे हमारी कस्टडी में है। विकास दुबे प्रारंभ से ही क्रूरता की हदें पार करता रहा है। अब उसको उसके कृत्यों की सजा मिलेगी। 
विकास दुबे ने से महाकाल मंदिर की 250 रुपये की पर्ची भी कटाई और जैसे आम लोग दर्शन करते है वेसे ही दर्शन करने लाइन में लगा था। उसे इनकाउंटर का डर भी था यहि कारण है कि उससे अपने आप को सरेंडर किया है। तमाम सवाल भी इसके बाद उपज रहे है कि विकास दुबे इतनी सख्ती के बाद मध्य प्रदेश में कैसे प्रवेस कर गया और उज्जैन तक कैसे पहुंचा। एसपी मनोज सिंह तुरंत महाकाल चौकी पर पहुंचे और इस मामले में आगे पुछताछ की जा रही है बाद में उसे महाकाल थाने के  बाद किसी सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है जहां उससे पुछताछ की जा रही है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विकास दुबे की उज्जैन से गिरफ्तारी के मामले पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से फोन पर चर्चा की है। मध्य प्रदेश पुलिस अब विकास दुबे को यूपी पुलिस को हैंड ओवर करेगी। उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव गृह व सूचना अवनीश कुमार अवस्थी ने भी विकास दुबे की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। 
विकास दुबे की गिरफ्तार के कुछ देर बाद ही पुलिस ने उज्जैन आए लखनऊ के दो वकीलों को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। यह निजी गाड़ी से उज्जैन आए थे। वकीलों को दुबे से कनेक्शन है या नहीं, पुलिस इसकी पुष्टि कर रही है।
इससे पहले सुबह कानपुर शूटआउट के मुख्य आरोपी विकास दुबे के करीबी रणबीर शुक्ला और प्रभात मिश्रा को पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया। प्रभात मिश्रा को पुलिस ने फरीदाबाद के होटल से गिरफ्तार किया था। प्रभात पुलिस की कस्टडी से भाग रहा था। इसके बाद एनकाउंटर में प्रभात को मार गिराया गया। इसके अलावा इटावा में विकास दुबे के करीबी रणबीर शुक्ला को मार गिराया गया है।
पुलिस के मुताबिक, रणबीर शुक्ला ने देर रात महेवा के पास हाईवे पर स्विफ्ट डिजायर कार को लूटा था। उसके साथ तीन और बदमाश थे। पुलिस को लूट की जैसे ही खबर मिली, पुलिस ने चारों को सिविल लाइन थाने के काचुरा रोड पर घेर लिया। पुलिस और रणबीर शुक्ला के बीच फायरिंग शुरू हो गई। इस फायरिंग के दौरान रणबीर शुक्ला को ढेर कर दिया गया। उसके तीनों साथी भागने में कामयाब रहे। इटावा पुलिस ने आस-पास के जिले को अलर्ट कर दिया है। रणबीर शुक्ला पर पुलिस ने 50 हजार का इनाम रखा था। वह भी कानपुर शूटआउट का एक आरोपी था। 

विकास दुबे के करीबी दो और लोगों को पुलिस ने किया ढेर, पुलिस ढूंढ ढूंढ कर मार रही है विकास दूवे से सम्बन्धित लोगों को

कानपुर (ऊँ टाइम्स) यूपी से पांच लाख के इनामी विकास दुबे के दो और साथियों को पुलिस ने ढेर कर दिया है। विकास के साथी प्रभात को कानपुर के पनकी और रणवीर उर्फ बापन शुक्ला को इटावा में ढेर कर दिया है। इससे पहले बुधवार की सुबह विकास के नजदीकी अमर दुबे को हमीरपुर में पुलिस ने मार गिराया था।
पुलिस का कहना है कि बुधवार को फरीदाबाद क्राइम ब्रांच ने विकास के साथी प्रभात मिश्रा को गिरफ्तार किया था। वहां कोर्ट में पेश करने के बाद यूपी पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर कानपुर ला रही थी, तभी पनकी थाना क्षेत्र में गाड़ी पंक्चर हो गई। इस बीच मौक़ा पाकर अभियुक्त प्रभात ने पुलिस की पिस्टल छीनकर भागने का प्रयास किया गया और पुलिस पार्टी पर फायरिंग की। एसटीफ के दो आरक्षी गंभीर रूप से घायल हो गये, वहीं जवाबी फायरिंग में गोली लगने से प्रभात भी घायल हो गया। उसे अस्पताल ले ज़ाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। उल्लेखनीय है कि फ़रीदाबाद पुलिस ने प्रभात को 2 अन्य लोगों के साथ गिरफ़्तार किया था और 4 पिस्टल और 44 राउंड्ज़ बरामद हुए थे, जिसमे से 9mm की 2 पिस्टल बिकरु से पुलिस से लूटी हुई थी।

इसी तरह इटावा सिविल लाइन पुलिस ने कचौरा रोड पर एक मुठभेड़ में एक बदमाश को मार गिराया है , जिसकी पहचान कानपुर के बिकरू कांड के मुख्य आरोपी विकास दुबे के सदस्य के रूप में की गई हैl कानपुर इटावा हाईवे पर बकेवर इलाके के महेवा के पास सुबह 3 बजे एक स्विफ्ट डिजायर को लूट कर भाग रहे चार बदमाशों को सिविल लाइन इलाके में कचौरा रोड पर पुलिस ने घेर कर के रोकने की कोशिश की बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कीl बदमाशों की फायरिंग देख पुलिस ने आत्मरक्षा में फायरिंग की, जिसमें एक बदमाश गोली लगने से घायल हुआ जिसे अस्पताल लाया गया जहां उसकी मौत हो गई, जबकि अन्य बदमाश मौके से फरार हो गए है। एसएसपी आकाश तोमर ने बताया कि बदमाश की पहचान रणवीर उर्फ बापन शुक्ला के रूप में हुई है, वह कानपुर के बिकरू कांड के आरोपितों में शामिल था और उसपर पचास हजार का इनाम भी घोषित हैl उसके कब्जे से एक पिस्टल, एक डबल बैरल और कई कारतूस बरामद किए गए हैं।

आतंकियों ने किया BJP नेता शेख वसीम बारी की हत्या , पिता और भाई की भी हुई मौत

जम्‍मू (ऊँ टाइम्स)  बांदीपुर में आतंकियों ने भाजपा नेता शेख वसीम बारी की गोली मारकर हत्‍या कर दी है। आतंकियों ने बुधवार रात नौ बजे भाजपा नेता पर उस समय हमला किया जब बांदीपुर पुलिस स्टेशन के नजदीक अपनी दुकान के बाहर मौजूद थे। गोलीबारी में भाजपा नेता के भाई उमर सुल्‍तान और उनके पिता बशीर भी गंभीर रूप से जख्‍मी हो गए जिससे उनकी मौत हो गई। जम्‍मू-कश्‍मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह ने बताया कि भाजपा नेता के परिवार को आठ जवानों की सुरक्षा व्‍यवस्‍था मुहैया कराई गई थी लेकिन संयोगवश घटना के वक्‍त सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं थे। 
बीते जून महीने की शुरुआत में दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग में आतंकियों ने कश्मीरी पंडित सरपंच अजय पंडिता की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस वारदात की जिम्‍मेदारी कश्मीर में आतंक का नया पर्याय बने जिहादी संगठन द रजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने ली थी। बीते 17 वर्षों में वादी में किसी कश्मीरी पंडित की आतंकियों द्वारा हत्या की यह पहली वारदात थी। सरपंच कांग्रेस पार्टी से जुड़े थे।  
अजय पंडिता की हत्‍या की स्‍थानीय नेताओं ने कड़ी निंदा की थी। पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, प्रदेश भाजपा प्रमुख रविंद्र रैना, जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी के अध्यक्ष अल्ताफ बुखारी और पूर्व कृषि मंत्री गुलाम हसन मीर ने सरपंच अजय पंडिता की हत्या को कश्मीर में लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने और आम लोगों में डर के साथ साथ उनमें नफरत पैदा करने की एक साजिश करार दिया था।

उल्‍लेखनीय है कि हाल के दिनों में सुरक्षा बलों की कार्रवाई से बौखलाए आतंकी जन प्रतिनिधियों को निशाना बनाने लगे हैं। वहीं सुरक्षा बलों ने आतंकियों के सफाए के लिए टॉप-12 आतंकियों की हिट लिस्ट बनाई है। हिट लिस्ट में जैश-ए-मोहम्मद के तीन, लश्कर के पांच और हिजबुल के चार आतंकी हैं। सूत्रों का कहना है कि हिट लिस्‍ट में जैश का ऑपरेशनल कमांडर गाजी रशीद और लंबू के अलावा हिजबुल का डॉ. सैफुल्ला और लश्कर के उस्मान व नसरुल्ला उर्फ नासिर सबसे ऊपर है। 
मौजूदा वक्‍त में वादी में करीब 170 आतंकी सक्रिय हैं। आइजीपी कश्मीर विजय कुमार की मानें तो सुरक्षाबलों पर हमलों के लिए आतंकी अब मस्जिदों का इस्तेमाल करने लगे हैं। बीते दिनों आतंकियों ने एक मस्जिद में छिपकर सुरक्षा बलों पर हमला किया था जिसमें एक नागरिक की मौत हो गई थी जबकि उसके मासूम पोते को जवानों ने जानपर खेलकर बचा लिया था। 

चौबेपुर थाने के एसओ रहे विनय तिवारी और हलका प्रभारी केके शर्मा हुए गिरफ्तार

कानपुर (ऊँ टाइम्स) विकास दुबे से नजदीकियां चौबेपुर थाने के निलंबित थाना प्रभारी विनय तिवारी और हलका प्रभारी केके शर्मा को ले डूबीं। मुठभेड़ के समय पुलिस की जान जोखिम में डालने के आरोप में थाना प्रभारी विनय तिवारी और हिस्ट्रीशीटर के लिए मुखबिरी करने में हलका प्रभारी केके शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया है। इससे पहले मंगलवार को विकास से संबंधों के शक में चौबेपुर के पूरे थाने पर कार्रवाई की गई है। इसमें 68 पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की गई, जबकि चौबेपुर एसओ, दो दारोगा और एक सिपाही को संस्पेंड और दस पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर किया जा चुका है। अभी कई और पुलिसकर्मी रडार पर हैं। वहीं आठ पुलिस कर्मियों की हत्या में आरोपित पांच लाख का इनामी मोस्टवांटेड विकास दुबे पुलिस के हाथ से फिसल गया, हालांकि एक साथी हत्थे चढ़ गया है। हालांकि हमीरपुर में एसटीएफ और पुलिस द्वारा विकास का साथी अमर दुबे मारा गया है। 
आप को बता दें कि कानपुर के चौबेपुर के बिकरू गांव में दो जुलाई को सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी गई थी। एक सप्ताह से चल रहे घटनाक्रम में लगातार यह बात उठाई जा रही थी कि दबिश की सूचना विभाग से ही लीक हुई है। वहीं दिवंगत सीओ देवेंद्र मिश्र की बेटी ने घर में रखे उनके दस्तावेजों में से एक पत्र निकालकर मीडिया को दिया, जिसमें सीओ ने तत्कालीन एसएसपी को भेजी गई रिपोर्ट में साफ-साफ कहा था कि एसओ विनय तिवारी अपराधी विकास दुबे की गोद में खेल रहा है। अगर कोई कार्रवाई जल्दी नहीं गई तो कोई बड़ी घटना हो सकती है। आरोप है कि एसएसपी अनंत देव ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया।
जांच के दौरान पाया गया कि दबिश से पहले हलका प्रभारी केके शर्मा की विकास दुबे से बात हुई थी। केके शर्मा का दावा था कि 20 मिनट से भी ज्यादा देर चली बातचीत में विकास दुबे ने उसे गालियां व धमकियां दी थीं। इसके बावजूद दारोगा ने उच्चाधिकारियों को कुछ नहीं बताया। अधिकारी मान रहे हैं कि विकास को दबिश की सूचना दारोगा शर्मा ने दी थी। एसएसपी दिनेश कुमार पी ने बताया कि जांच के बाद निलंबित थाना प्रभारी और हलका प्रभारी को मुठभेड़ के समय पुलिस की जान जोखिम में डालने, मौके से फरार होने, विकास दुबे से संबंध और दबिश की पूर्व सूचना देने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर न्यायिक कार्रवाई शुरू की जाएगी। इनके खिलाफ विभागीय जांच भी होगी। एसएसपी ने कहा कि जांच में आगे भी जो पुलिसकर्मी दोषी मिलेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।

  • विनय तिवारी जिस चौबेपुर थाने की अगुवाई करता था, आज वहां अपराधी की तरह खड़ा था। उसके साथ ही हलका प्रभारी भी मुंह छिपा रहा था।

चौबेपुर पुलिस ने पुलिसकर्मियों की हत्या में शामिल श्यामू बाजपेयी और जहान यादव को भी गिरफ्तार किया है। तमंचा बरामदगी के दौरान श्यामू ने पुलिस पर हमला बोल दिया, जिसके बाद हुई मुठभेड़ में पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया।  

-बिकरू कांड के समय चौबपुर थाने के एसओ रहे विनय तिवारी और बीट प्रभारी केके शर्मा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उनपर सीओ समेत आठ पुलिस कर्मियों की हत्या में फरार मोस्ट वांटेड अपराधी विकास दुबे से संबंध, मुठभेड़ के समय पुलिस टीम की जान खतरे में डालने और मौके से भाग जाने के मामले में मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई की गई है। आइजी मोहित अग्रवाल और एसएसपी दिनेश कुमार पी ने इसकी पुष्टि करते हुए मुकदमा दर्ज किए जाने की जानकारी दी है। 

-घटना के बाद से ही संदेह के दायरे में रहे तत्कालीन एसओ विनय तिवारी से पुलिस और एसटीएफ की टीम ने गहन पूछताछ की थी। इस दरमियान उनके द्वारा पुलिस टीम को छोड़कर भागने और हिस्ट्रीशीटर अपराधी विकास दुबे के बाबत जानकारी उच्चाधिकािरयों को न दिए जाने की पुष्टि होने पर उन्हें संस्पेंड कर दिया गया था। इसके बाद उनसे पूछताछ और विकास दुबे से संबंधों को लेकर जांच चल रही थी। 

-हमीरपुर मौदहा में एसटीएफ की मुठभेड़ में मारे गए अमर दुबे की पत्नी शशि को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। अमर की शादी घटना के तीन दिन पहले 29 जून को हुई थी। विकास ने गांव में ही लड़की वालों को बुलाकर शादी कराई थी।

  • लूटे गए हथियारों की तलाश में पुलिस ने बुधवार को विकास दुबे के घर के सामने स्थित दो कुओं का पानी निकाला। हालांकि उनके अंदर से कोई हथियार बरामद होने की सूचना नहीं है। देर शाम तक तलाशी अभियान जारी था। बिकरू गांव में विकास दुबे के घर के पास पुलिस ने बुधवार को दिन भर में दोनों कुएं का पानी बाहर निकलवा दिया। पानी बाहर निकलवाने के बाद पुलिस और फायर ब्रिगेड के जवानों ने कुओं के अंदर खंगाला लेकिन कोई साक्ष्य या असलहा नहीं मिला। पूरे दिन की मशक्कत के बाद पुलिस को यहां भी मायूसी ही हाथ आई है।

-बिकरू गांव में मोस्टवांटेड विकास दुबे के घर के पास एक कुएं का पूरा पानी निकालकर सर्च ऑपरेशन पूरा हो गया है। पुलिस ने अब फायर ब्रगेड की मदद से दूसरे कुएं के पानी का खाली कराना शुरू कर दिया। घटना के बाद फरार होते समय विकास व उसके साथियों द्वारा कुएं में असलहे फेंके के संदेह पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा लेकिन पहले कुएं में पुलिस को कुछ नहीं मिला है।

-बिकरू कांड के बाद पांच लाख के इनामी विकास दुबे की साथियों की सूची व पोस्टर पुलिस ने जारी किया था, इस मोस्टवांटेड लिस्ट में शामिल रहे संजीव दुबे और जहान यादव को भी चौबेपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों को थाने में रखकर पूछताछ की जा रही है। 

-मुठभेड़ में आठ पुलिस जवानों के शहीद होने की घटना में फरार हिस्ट्रीशीटर अपराधी विकास दुबे के बारे में जानकारी न देने और मारपीट की बात छिपाए रखने आदि आरोपों में एसओ पद से निलंबित किए गए विनय तिवारी को बुधवार की दोपहर चौबेपुर थाने लाया गया है और पुलिस फोर्स की निगरानी में रखा गया है। सूत्रों के अनुसार उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करके उनकी गिरफ्तारी भी की जा सकती है। 

-मोस्टवांटेड विकास दुबे पर अब पांच लाख रुपये इनाम घोषित कर दिया गया है। घटना के बाद पहले पचास हजार का इनाम घोषित था, जिसे बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया गया था। इसके बाद डीजीपी ने उसपर ढाई लाख रुपये का इनाम की घोषणा कर दी थी। इसके बाद कानपुर पुलिस अफसरों ने इनाम की राशि बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने की घोषणा का प्रस्ताव शासन को भेजा था, जिसे स्वीकृति मिल गई है।

-मुठभेड़ में आठ पुलिस कर्मियों की हत्या के बाद इनामी मोस्ट वांटेड विकास दुबे के बिकरू गांव में पुलिस का सर्च ऑपरेशन जारी है। मोस्टवांटेड विकास दुबे के फरार होने से पहले घटना में प्रयुक्त असलहे कुएं में फेंके जाने के शक में बुधवार की सुबह से पुलिस ने पानी निकालने का काम शुरू कर दिया है। यह कुआं विकास दुबे के घर के पास ही है, मौके पर भारी पुलिस फोर्स तैनात है।

-मोस्ट वांटेंड विकास दुबे की तलाश में यूपी पुलिस ने मध्यप्रदेश के शहडोल में छापा मारा था। शहडोल में रहने वाले साले राजू खुल्लर उर्फ राजू निगम के घर पर विकास के छिपे होने का शक था। पुलिस ने राजू के बेटे को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। आईजी मोहित अग्रवाल ने बताया है कि विकास दुबे के साले के घर पर पुलिस टीम भेजी गई थी, कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है।

-चौबेपुर पुलिस से मुठभेड़ में गिरफ्तार श्यामू बाजपेई के पैर में गोली लगी है, उसे हैलट अस्पताल में पुलिस की निगरानी में भर्ती कराकर उपचार कराया जा रहा है।  आठ पुलिस कर्मियों की हत्या के मामले में उसे नामजद करने के साथ 25 हजार का इनाम घोषित किया गया था।

-चौबेपुर थाना पुलिस ने मोस्टवांटेड विकास दुबे के साथी श्यामू बाजपेयी को गिरफ्तार कर लिया है। श्यामू का मकान विकास दुबे के पड़ोस में हैं। उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है, इससे पहले उसपर कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है।

-आठ पुलिस कर्मियों की हत्या में वांछित अमर दुबे पर पुलिस ने 25 हजार का इनाम घोषित किया था। घटना के दो दिन बाद पुलिस ने अमर दुबे की मां क्षमा दुबे को गिरफ्तार करके हमलावरों को भगाने के आरोप में जेल भेजा था।

-अमर दुबे के खिलाफ चौबेपुर थाने में पांच मुकदमे दर्ज है, इसके अलावा अन्य थानों में भी मुकदमे दर्ज होने की बात कही जा रही है। मोस्ट वांटेड विकास दुबे का शार्प शूटर अमर दुबे पुलिस मुठभेड़ में मारे गए अतुल दुबे का भतीजा है। अमर दुबे के पिता संजू दुबे कि सड़क हादसे में मौत हो चुकी है।

-मोस्टवांटेड विकास दुबे की तलाश में जुटी एसटीएफ और पुलिस टीम ने हमीरपुर के मौदहा में बुधवार सुबह मोस्टवांटेड विकास के करीबी साथी अतुल दुबे की घेराबंदी कर ली। एसटीएफ से हुई मुठभेड़ में अतुल दुबे मारा गया है। 

-फरीदाबाद के एक होटल में छिपा मोस्टवांटेड अपराधी विकास दुबे पुलिस के हाथ से फिसल गया। सूचना के आधार पर पुलिस ने छापा मारा तो वह नहीं मिला। उसका एक साथी पुलिस के हाथ लग गया, जिसने एक घंटे पहले तक विकास के वहां होने की जानकारी दी।  

-मोस्टवांटेड विकास दुबे से संपर्क के शक में चौबेपुर थाने के 68 पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की गई है। मंगलवार की रात एसएसपी दिनेश कुमार पी ने चौबेपुर थाने के दारोगा सिपाहियों समेत 68 पुुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया। इससे पहले थाना प्रभारी विनय तिवारी, दारोगा कृष्णकुमार शर्मा, कुंवरपाल और सिपाही राजीव को निलंबित किया जा चुका है। पुराने स्टाफ की जगह सोमवार को यहां 10 नए सिपाहियों को तैनात किया गया था। 

कानपुर में आठ पुलिस कर्मियों की हत्या का आरोपित फरीदाबाद पुलिस की गिरफ्त में आते-आते बच गया। क्राइम ब्रांच को मुखबिर से सूचना मिली थी कि विकास दुबे यहां बडख़ल चौक स्थित एक होटल में छिपा है। इसी आधार पर फरीदाबाद की क्राइम ब्रांच टीमों ने होटल पर छापेमारी की। हथियारों से लैस पुलिस टीम ने होटल को चारों तरफ से घेर लिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने वहां फायरिंग की बात कही है, लेकिन पुलिस ने इससे इन्कार किया है। पुलिस टीम ने होटल के एक-एक कमरे की बारीकी से तलाशी ली, लेकिन विकास दुबे वहां नहीं मिला। जानकारी के अनुसार, कानपुर में पुलिसकर्मियों की हत्या को अंजाम देने के बाद विकास औरैया और ग्वालियर होते हुए बस से फरीदाबाद पहुंचा था।  
विकास का एक खास गुर्गा पुलिस के हत्थे लग गया। सूत्रों का कहना है कि उस गुर्गे ने ही पुलिस को विकास दूबे की कुछ घंटे पहले होटल में मौजूद होने की पुष्टि की। बताया कि छापेमारी से काफी देर पहले विकास यहां से पैदल निकल गया था। यह जानकारी मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई। होटल की सीसीटीवी फुटेज कब्जे में ली गई। इसमें एक शख्स डीलडौल विकास दुबे से मिलता जुलता है। पुलिस ने यह फोटो आस-पास जिलों व राज्यों की पुलिस को भेज दिए। 
इसी बीच गुरुग्राम पुलिस आयुक्त केके राव का संदेश भी वॉट्स-एप पर वायरल हुआ, जिसमें वे अपने जिले के पुलिसकॢमयों को सतर्क करते सुने जा सकते हैं। इस संदेश में वह फरीदाबाद के होटल में विकास दूबे की मौजूदगी की पुष्टि की। मामला बहुचॢचत और संवेदनशील होने के कारण फरीदाबाद के पुलिस अधिकारी अभी किसी भी तथ्य की पुष्टि नहीं कर रहे हैं। 
विकास औरैया से होते हुए ग्वालियर चला गया था। इसके बाद ग्वालियर में 2 से 3 दिन रुका और उसके बाद वहां से बस से फरीदाबाद आया था। यहां उसके साथियों ने पहले से ही अपने नाम से होटल बुक करा रखा। एसटीएफ और स्पेशल सेल को सूचना मिलने के बाद वहां रेड डाली गई।

लखनऊ में सेना के 33 जवान मिले कोरोना पॉजिटिव

लखनऊ (ऊँ टाइम्स)   यूपी के प्रदेश मुख्यालय लखनऊ में कोरोना संक्रमण से हालात बेकाबू होते जा रहे हैं! यहां सेना की ट्रेनिंग बटालियन में कोरोना ने दस्तक दे दिया है! यहां पर सेना के 33 जवान पॉजिटिव पाये गये हैं! शहर में आज संक्रमण के कुल 98 मामले सामने आये हैं! यही नहीं 102 एंबुलेंस सेवा के 12 और कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव पाये गये हैं! लखनऊ में इतनी बड़ी संख्या में मामले आने पर हड़कंप मच गया है! प्राप्त जानकारी के मुताबिक डिफेंस कॉलोनी, तेलीबाग, चौपटिया, अलीगंज, इंदिरा नगर, पुलिस लाइन समेत शहर भर में कई नए केस मिले हैं! लगता है कि नोएडा,गाजियाबाद की तरह लखनऊ में भी तेजी से कोरोना के मरीज बढ़ते जा रहे हैं!
इससे पहले सोमवार को भी लखनऊ में कोरोना के 79 नए मामले सामने आये थे. दिन प्रति दिन राजधानी में कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं! कल 28 महिला और 51 पुरूष पॉजिटिव पाये गये थे. एंबुलेंस सेवा 102 के कॉल सेंटर में सोमवार को भी 18 पॉजिटिव केस पाये गये थे. फिलहाल इस सेवा को कल से ही बंद कर दिया गया था!
आज कुल 40 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया. इसमें केजीएमयू से एक, एसजीपीजीआइ से दो, एलबीआरएन से 11, आरएमएल से 15, आरएसएम से छह, ईएसआइ से पांच रोगी डिस्चार्ज हुए. इन सभी को 14 दिन तक होम क्वारंटाइन में रहने को कहा गया है!
अपर मुख्य सचिव (गृह एवं सूचना) अवनीश कुमार अवस्थी ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण के 933 नये मामले सामने आये और अब प्रदेश में कुल 28,638 मामले हैं. उन्होंने बताया कि बीते 24 घंटे में 348 लोग अस्पतालों से छुटटी पा चुके हैं. इस तरह से अब तक कुल 19,109 लोग पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं. उन्होंने बताया कि बीते 24 घंटे में 24 संक्रमितों की मौत हो गई, और अब मृतकों की संख्या 809 पहुंच गयी है. प्रदेश में अभी 8,718 एक्टिव मरीज है, जिनका इलाज अलग-अलग अस्पतालों में हो रहा है. उन्होंने बताया कि रविवार को 25,918 नमूनों की जांच की गई. अब तक कुल 8,87,997 नमूनों की जांच प्रदेश में की जा चुकी है!

शेरनी दस्‍ता को यूपी के सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने दिखाया हरी झंडी

गोरखपुर (ऊँ टाइम्स) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज गोरखनाथ मंदिर परिसर से शेरनी दस्ते को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मंदिर से निकलकर यह दस्ता महानगर के विभिन्न क्षेत्रों से होते हुए पुलिस लाइन परिसर में पहुंचा। अब जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में शेरनी दस्ते की दहाड़ सुनने को मिलेगी। इससे महिला अपराधों में कमी आएगी। चेन छिनैती सहित तमाम अपराधिक गतिविधियां थमेंगी। गोरखनाथ मंदिर में सुबह 9 बजे ही शेरनी दस्ते में शामिल महिला पुलिस कर्मी पहुंच गईं।
शेरनी दस्ते में 100 महिला पुलिस कर्मी शामिल हैं, लेकिन रैली के लिए 100 पुरुष पुलिस कर्मियों को भी शामिल गया। रैली के लिए स्कूटियों को सुबह ही गुब्बारे से सजा दिया गया। सुबह 10 बजे शेरनी दस्ते के शामिल लोग स्कूटियों पर बैठकर मुख्यमंत्री की प्रतीक्षा करने लगे। ठीक साढ़े बजे मुख्यमंत्री ने हरी झंडी दिखाकर उन्हें रवाना किया। इस अवसर पर अपर पुलिस महानिदेशक दावा शेरपा, पुलिस उप महानिरीक्षक राजेश मोदक, एसएसपी डॉ सुनील कुमार गुप्ता, एसपी सिटी डॉ कौस्तुभ, प्रतिसार निरीक्षक उमेश कुमार दुबे आदि मौजूद रहे। 
मुख्यमंत्री ने सोमवार सुबह जिस शेरनी दस्ते को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, उसका नेतृत्व महिला आरक्षी आरती मिश्रा व जया रंजन यादव ने किया। दस्ते के नेतृत्व से वह गौरान्वित महसूस कर रही हैं। उनका कहना है कि इससे भी अधिक गौरवशाली यह रहा कि उनके दस्ते को स्वयं मुख्यमंत्री ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
शेरनी दस्ते में शामिल होने को लेकर महिला पुलिस कर्मियों में विशेष उत्साह देखने को मिला है। सुबह कार्यक्रम स्थल पर महिलाएं पहुंची तो कोई यह कहते नजर आया कि आज से यह स्कूटी मेरी होगी तो किसी ने कहा कि अब गली-गली दबोचे जाएंगे अपराधी। महिला पुलिस कर्मी संगीता राव ने कहा कि शेरनी दस्ते के निकलने से महिला अपराध में जबर्दस्त कमी आएगी।
हीरो मोटोकार्प द्वारा पुलिस विभाग को सौंपी गई 100 स्कूटियों में जीपीएस सिस्टम, सायरन, फ्लैश लाइट, पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम, पेपर स्प्रे आदि लैस है। इससे प्रभावी ढंग से गश्त करने में मदद मिलेगी। 

चीन के घुसपैठ को लेकर अमेरिका और भारत के बीच लगातार बना हुआ है संपर्क, गोपनीय तरीके से हो रही है वार्ता

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) भारतीय सीमा के पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में चीन की घुसपैठ को लेकर भी भारत और अमेरिका के बीच लगातार संपर्क बना हुआ है। 15 जून, 2020 को भारत व चीन के सैनिकों के बीच हुई झड़पों के बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपिओ के बीच एक गोपनीय वार्ता की सूचना भी सामने आई है।
बताया जा रहा है कि इस सूचना को इसलिए छिपाया गया ताकि दुनियां को यह संदेश नहीं जाए कि भारत व अमेरिका के बीच कोई लामबंदी हो रही है। आधिकारिक तौर पर भारत व अमेरिका के बीच चुप्पी है, लेकिन यह बात साफ हो रही है कि चीनी अतिक्रमण को लेकर दोनों एक दूसरे के संपर्क में हैं।
पूर्वी लद्दाख में चीन के अतिक्रमण पर सबसे तीखी प्रतिक्रिया जताने वालों में अमेरिकी विदेश मंत्री पोंपिओ ही हैं। राष्ट्रपति ट्रंप भी भारत को मिलाकर एक नया समूह-11 बनाने का प्रस्ताव कर चुके हैं और इसमें शामिल होने के लिए उन्होंने पीएम मोदी को आमंत्रित भी किया है। पीएम मोदी ने भी इसका उत्साह से स्वागत किया है।
वही, दूसरी तरफ अमेरिका और भारत के बीच बढ़ती दोस्ती का फिर इजहार हुआ है और यह इजहार किसी और ने नहीं स्वयं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किया है। एक दिन पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के स्वतंत्रता दिवस (4th July) के अवसर पर अमेरिका वासियों और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को शुभकामनाएं दी थीं। इसके जवाब में ट्रंप ने सोशल मीडिया साइट ट्विटर पर लिखा, ‘आपका बहुत बहुत धन्यवाद मेरे दोस्त, अमेरिका भारत से प्यार करता है।’ उल्लेखनीय बात यह रही कि राष्ट्रपति ट्रंप ने सिर्फ पीएम मोदी के शुभकामनाओं वाले ट्वीट का ही जवाब दिया है। ऐसे समय में जब भारत और अमेरिका दोनों के साथ चीन के रिश्ते लगातार खराब हो रहे हैं तब अमेरिकी राष्ट्रपति के इस विशेष ट्वीट का खास मतलब निकाला जा रहा है। भारतीय पीएम को उक्त ट्वीट करने के कुछ ही देर बाद ट्रंप ने चीन पर फिर से कोविड-19 संबंधी सूचनाओं को छिपाने को लेकर हमला बोला है। उन्होंने चीन को इस महामारी से जुड़ी सूचनाओं को छिपा कर पूरी दुनिया में इसे फैलने में मदद करने के लिए उसे उत्तरदायी ठहराने की भी बात कही है। यही नहीं साउथ चाइना सी में जहां चीन की तरफ से दूसरे देशों की समुद्री सीमाओं के लगातार अतिक्रमण की खबरें आ रही हैं, वहां भी अमेरिका की तरफ से सैन्य ताकत बढ़ाई जा रही है।

प्रशिक्षण संस्थानों को फिर से खोलने के लिए कार्मिक मंत्रालय ने जारी किया एसओपी

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) केंद्रीय और प्रादेशिक प्रशिक्षण संस्थानों को 15 जुलाई से फिर खोलने के लिए कार्मिक मंत्रालय ने स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर जारी कर दिया है। इसमें कोरोना वायरस का प्रसार रोकने के लिए इन संस्थानों द्वारा उठाए जाने वाले जरूरी कदमों का उल्लेख किया गया है। एसओपी के मुताबिक, ‘जहां तक संभव हो प्रशिक्षण कार्यक्रम डिजिटल/ऑनलाइन/ वर्चुअल मोड में आयोजित किए जाएंगे। जहां फिजिकल मोड में प्रशिक्षण आयोजित करना जरूरी हो वहां प्रशिक्षण कार्यक्रम की अवधि की सावधानी पूर्वक समीक्षा की जानी चाहिए ताकि पाठ्यक्रम को डिजिटल और फिजिकल मोड में विभाजित करके ज्यादा सुसंगत बनाया जा सके।’
एसओपी के अनुसार, संबंधित प्रशिक्षण संस्थानों को केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और जिला स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा निर्धारित कोविड से संबंधित प्रोटोकॉल का अनुपालन सुनिश्चित करना होगा इनमें शारीरिक दूरी का पालन, मास्क पहनना इत्यादि शामिल हैं। इसके मुताबिक गर्भवती व दुग्धपान कराने वाली महिलाओं, दमा या फेफड़े की अन्य बीमारियों वाले लोगों, उच्च रक्तचाप के रोगियों, किडनी रोगियों, गंभीर हृदय रोगियों को खतरा अधिक है लिहाजा ऐसे प्रशिक्षुओं को अपनी वर्तमान तैनाती या प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थान के संस्थान से ऑनलाइन पाठ्यक्रमों में हिस्सा लेना चाहिए।
सभी कक्षाओं, कर्मचारी कक्षों, कार्यालयों, छात्रावासों, गलियारों, लॉबी, कॉमन एरिया और वॉशरूम्स की स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत सफाई और सैनिटाइजेशन कराना होगा। इसके अलावा सभी प्रशिक्षुओं और कर्मचारियों को आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करना चाहिए।
एसओपी में सभी प्रशिक्षण संस्थानों से कोविड से संबंधित प्रशासनिक जिम्मेदारियों के लिए नोडल अधिकारियों को अधिसूचित करने के लिए भी कहा गया है। साथ ही भूमिकाओं के स्पष्ट निर्धारण के लिए समिति भी गठित की जानी चाहिए। प्रत्येक संस्थान में डॉक्टरों और नर्सिग स्टाफ के साथ मेडिकल क्लीनिक की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जा सकती है। एसओपी के मुताबिक, सभी प्रशिक्षुओं से संस्थान में आने के बाद दैनिक आधार पर उनके संपर्को का विवरण रखने के लिए कहा जाना चाहिए।

चीन में कोरोना के बाद अब ब्यूबानिक प्लेग का खतरा, कई मरीज कराए गए भर्ती

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) चीन में कोरोना के बाद अब एक और घातक बीमारी फैलने का खतरा मंडराने लगा है। उत्तरी चीन के एक शहर में रविवार को ब्यूबानिक प्लेग का संदिग्ध मामला सामने आया है। इसके बाद अलर्ट जारी किया गया है। चीन के सरकारी पीपुल्स डेली ऑनलाइन की रिपोर्ट के अनुसार, आंतरिक मंगोलियाई स्वायत्त क्षेत्र, बयन्नुर ने प्लेग की रोकथाम और नियंत्रण के लिए तीसरे स्तर की चेतावनी जारी की।
ब्यूबानिक प्लेग का संदिध मामला बयन्नुर के एक अस्पताल में शनिवार को सामने आया। स्थानीय स्वास्थ्य प्राधिकार ने घोषणा की है कि चेतावनी वर्ष 2020 के अंत तक लागू रहेगी। स्थानीय स्वास्थ्य प्राधिकार ने कहा, ‘इस समय इस शहर में मानव प्लेग महामारी फैलने का खतरा है। लोगों को आत्मरक्षा के लिए जागरूकता और क्षमता बढ़ानी चाहिए। जनता को असामान्य स्वास्थ्य स्थितियों के बारे में तत्काल जानकारी देनी चाहिए।’
इससे पहले एक जुलाई को पश्चिम मंगोलिया के खोड प्रांत में ब्यूबानिक प्लेग के दो संदिग्ध मामले सामने आए थे। उनकी प्रयोगशाला जांच में पुष्टि हो चुकी है। 27 व 17 वर्षीय भाइयों का उनके प्रांत के अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
बीते दिनों मीडिया की एक रिपोर्ट में नए वायरस के खतरे की बात कही गई थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि चाइना में न्यू स्वाइन फ्लू नाम का एक वायरस मिला है जो महामारी की क्षमता भी रखता है। शोधकर्ताओं ने कहा था कि न्यू स्वाइन फ्लू यदि मनुष्यों में फैला तो बड़ी तेजी से इसके दुष्परिणाम सामने आएंगे। अध्ययन यूएस साइंस जर्नल्स पीएनएएस में प्रकाशित हुआ था। वैज्ञानिकों ने इस वायरस को G4 नाम दिया था।
 उल्‍लेखनीय है कि कोरोना वायरस ने सबसे पहले चीन में ही तबाही मचाई थी और धीरे-धीरे यह पूरी दुनिया में फैल गया था। मौजूदा वक्‍त में कोरोना संक्रमण से दुनियाभर में कोरोना संक्रमण के 11,272,342 मामले सामने आ चुके हैं जबकि 530,898 लोगों की मौत हो चुकी है। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, रविवार को बीते 24 घंटों के दौरान संक्रमण के 2,12,326 नए मामले सामने आए। ऐसा पहली बार है जब इतनी अधिक संख्या मामले सामने आए हैं। 

पटाखा फैक्‍ट्री में आग लगने से 7 से अधिक की मौत, चल रहा है राहत और बचाव काम

मोदीनगर (ऊँ टाइम्स)  आज दोपहर मोदीनगर में बड़ा हादसा हो गया है। यहां के बखरवा गांव के पटाखा फैक्‍ट्री में आग लग गई है। आग कैसे लगी यह पता नहीं चल पाया है, मगर देखते ही देखते आग ने काफी भयावह रूप धारण कर लिया। फिलहाल मिल रही सूचना के अनुसार 7 लोगों के मरने की पुष्‍टि हो गई है। वहीं अंदर 20 लोगों के फंसे होने की सूचना है। यूपी के सीएम योगी ने इस हादसे पर दुख जताया है। उन्‍होंने अधिकारियों को तुरंत मौके पर रवाना होने के साथ ही पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है।
मृतकों की संख्‍या बढ़ते ही लोगों का गुस्‍सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। लोग गुस्‍से में प्रदर्शन कर रहे हैं। डीएम, एसपी और विधायक सहित मौजूद सभी अधिकारियों को घेर रखा है। कुछ लोग तो एंबुलेंस के सामने ही लेट गए हैं। प्रदर्शन कर रही महिलाएं बेहोश हो गई हैं। 
स्‍थानीय लोगों ने बहादुरी दिखाते हुए अंदर से 10 लोगों को निकाला है। यह भी पता चला है कि यहां पटाखा फैक्‍ट्री में काम करने वालों में ज्‍यादातर महिलाएं ही हैं। फिलहाल प्रशासन मरने वालों की शिनाख्‍त करने और राहत बचाव काम में लगा है।
फैक्‍ट्री में आग लगते ही लोगों ने इसकी सूचना फायर ब्रिग्रेड टीम को दी। इसके बाद दमकल कर्मी मौके पर पहुंच कर आग बुझाने का काम के साथ अंदर फंसे लोगों को बचाने में जुट गए। इधर, ग्रामीणों से मिल रही सूचना के हिसाब से यह फैक्‍ट्री यहां लंबे समय से चल रही थी।
यहां जन्‍मदिन की पार्टी में इस्‍तेमाल होने वाली फुलझड़ी बनाई जाती थी। इसके साथ ही यह भी पता चला कि मालिक आसपास के घरों में कच्‍चा माल भिजवा कर पटाखे बनवाता था। लोगों ने दबी जुबान में यह भी बताया कि पुलिस की मिली भगत से यह काम चल रहा था।
मौत की खबर मिलते ही मौके पर भीड़ जमा हो गई है। मौके पर एसपी देहात नीरज जादौन, विधायक डॉ मंजू शिवाच, भाजपा जिलाध्‍यक्ष दिनेश सिंघल भी पहुंच गए हैं। ग्रामीणों ने अधिकारियों को घेर लिया है। यहां पर लोग हंगामा मचा रहे हैं। हालात धीरे-धीरे बेकाबू हो रहे हैं। ग्रामीण लाश नहीं उठाने दे रहे हैं।
इधर लोगों से मिली ताजा जानकारी के हिसाब से यह फैक्‍ट्री अवैध रूप से चल रही थी। हालांकि, इस बात की पुष्‍टि फिलहाल नहीं हो पाई है। वहीं ग्रामीण शव नहीं उठाने देने पर अड़ गए हैं और अधिकारियों को बंधक बनाने के लिए शोर कर रहे हैं। फिलहाल मौके पर हंगामा जारी है।

सुशांत सिंह के मौत की CBI जांच के लिए SC जा रहे हैं उनके पिता, कहा

पटना (ऊँ टाइम्स) बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। यह सुसाइड है या हत्‍या, इसे लेकर सबके अपने-अपने तर्क हैं। उनकी मौत की निष्‍पक्ष जांच की मांग परिवार के साथ बॉलीबुड से भी उठी है। उनके पिता पहले दिन से घटना की सीबीआइ जांच की मांग कर रहे हैं। शनिवार को उन्‍होंने इस बाबत ट्वीट के माध्‍यम से अपनी बात रखी। उन्‍होंने लिखा है कि उनके बेटे की आत्मा रो कर सीबीआइ जांच की मांग कर रही है। वे सीबीआइ जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट जा रहे हैं। इसके अलावा वे करण जौहर गैंग व सलमान खान तथा अन्‍य कई के खिलाफ मुहिम भी चलाने जा रहे हैं।
विदित हो कि बीते 14 जून को सुशांत सिंह राजपूत मुंबई स्थित अपने फ्लैट में मृत पाए गए थे। पुलिस ने इसे सुसाइड माना है। घटना के पीछे बॉलीवुड में हावी नेपोटिज्‍म व प्रताड़ना को जिम्‍मेदार बताया गया है। सुशांत के चाहने वालों ने इसे लेकर बिहार में बॉलीवुड हस्तियों करण जौहर, सलमान खान व एकता कपूर सहित कई पर मुकदमे तक दर्ज कर दिए हैं। सुशांत के पिता भी बेटे की मौत की निष्‍पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
सुशांत सिंह राजपूत के पिता केके सिंह ने शनिवार को ट्वीट किया कि वे जल्‍दी ही बेटे की मौत की सीबीआइ जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेंगे।

गृह मंत्री व रक्षा मंत्री ने सरदार बल्लभ भाई पटेल कोविद अस्पताल का किया उद्घाटन

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  दिल्ली के कैंट स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल कोविड केयर सेंटर का केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को उद्घाटन किया। इस मौके पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी मौजूद रहे। अस्पताल के वार्ड गलवन घाटी के बलिदानियों के नाम पर रखा गया है।
इस अस्थाई अस्पताल में कोरोना मरीजों के लिए एक हजार बेड की व्यवस्था की गई है। जबकि 250 आइसीयू बेड उपलब्ध है। 
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि डीआरडीओ, गृह मंत्रालय और कई संगठनों के सहयोग से कोरोना मरीजों के लिए एक हजार बेड वाले अस्थाई अस्पताल की स्थापना केवल 12 दिनों में की गई है। यहां पर 250 ICU बेड भी उपलब्ध हैं।

पुलिस ने विकास दूवे के मकान को किया ध्वस्त, चलाया बुलडोजर

कानपुर देहात (ऊँ टाइम्स)  सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों को मौत के घाट उतारने वाले हिस्ट्रीशीटर अपराधी विकास दुबे के दो बीघे में बने किलेनुमा मुकान पर पुलिस ने बुलडोजर चलाकर करीब दो घंटे में ही मलबे में तब्दील कर दिया है। पुलिस ने उसी बुलडोजर का इस्तेमाल किया, जिसे सड़क पर लगाकर रात में पुलिस का रास्ता रोका गया था। घर के अंदर खड़ी दस से पंद्रह लाख कीमत वाली दो लग्जरी कार और दो ट्रैक्टर भी नष्ट कर दिए गये हैं। पुलिस ने बीते तीस घंटे में मकान सील करके चप्पे-चप्पे की तलाशी ली तो महफूज किले जैसी सुरक्षा घेरे वाले परिसर के अंदर बने पुराने मकान में तलघर की भी तलाश कर रही है। 
दो बीघा के अंदर चार कमरे नए हैं, जहां विकास रहता था। पूरे की करीब 12 फीट ऊंची बाउंड्रीवाल है। कोई दाखिल न हो सके, इसलिए करीब दो फीट ऊंचाई में छल्लेदार कंटीले तार भी लगाए गए हैं। गांव वालों के मुताबिक नया घर सात-आठ साल पहले ही बना है। बाउंड्रीवाल के अंदर ही पैतृक घर भी है, जहां अब सेवादार रहते हैं। घर में दाखिल होने के चार गेट हैं। एक मुख्य द्वार है। दो गेट दाएं-बाएं वाली गलियों में खुलते हैं तो चौथा गेट पुराने घर से अंदर आने-जाने का है। तीनों नए गेट इतने चौड़े हैं कि चार पहिया वाहन आ जाए। चारों गेट के बाहर और अंदर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। कोई गेट के पास पहुंचा नहीं कि सीसीटीवी से उसे खबर लग जाती।
मुख्य गेट से करीब 80 मीटर अंदर चार कमरों वाले आलीशन घर में ही विकास रहता था। यहां जाने से पहले चैनल का मजबूत गेट लगा है। दालान और फिर बाएं बैठक का कमरा। इस कमरे के बराबर विकास का बेड रूम। दाहिने कमरे में पिता रामकुमार दुबे और उनके पीछे वाले कमरे में कामवाली रेखा अपने पति व दो बेटियों संग रहती है। सीढ़ियां बाहर से भी छत तक पहुंचाती हैैं, आंगन से भी। इन्हीं तगड़े इंतजामों और बेखौफ प्रवृत्ति के कारण पुलिस भी घर में दाखिल होने से घबराती थी। घर में ऐशोआराम का भी पूरा इंतजाम है। बाथटब से लेकर वाश बेसिन तक डिजाइनर। किचन भी मॉड्यूलर। यानी, सबकुछ ऐसा इंतजाम कि शहर में रहने वाले तमाम लोगों को भी शायद ही नसीब हो।
पुलिस ने सारा दिन और रात मकान के हर एक हिस्से की गहनता से छानबीन की। पुलिस के मुताबिक, शनिवार सुबह पुराने मकान में जांच के दौरान लकड़ी के तखत का तखत हटाकर फर्श को ठोका तो खोखलेपन की आवाज महसूस हुई। इसपर पुलिस को फर्श के नीचे तलघर यानी बंकर होने का अहसास हुआ।
पुलिस को आशंका हुई कि अपराध करने के बाद विकास इसी तलघर में छिपता था। कुछ देर आला अफसरों का निर्देश मिलने के बाद पुलिस ने घर के अंदर से विकास के पिता और नौकरनी समेत परिवार को बाहर निकाल दिया। इसके बाद मकान के आसपास पचास मीटर पर आवागमन बंद करा दिया है, मीडिया को भी प्रतिबंधित कर दिया गया है और मकान गिराने की तैयारी शुरू कर दी। ..
पुलिस ने रास्ता रोकने वाले बुलडोजर पर चालक को बिठाया और फिर उससे ही विकास के मकान की चहारदीवारी को गिराना शुरू कर दिया, एक के बाद एक मकान की दीवारों को और कमरे को गिराते हुए अंदर कार खड़ा करने वाले हिस्से को भी ढहा दिया। पुलिस ने दो घंटे की कार्रवाई में पूरे मकान को गिराकर मलबे में तब्दील कर दिया है। गैराज गिराकर दस से पंद्रह लाख कीमत वाली दो कारें और दो ट्रैक्टर पर क्षतिग्रस्त कर दिए हैं। मकान में महंगे बाथरूम, ड्राइंग रूम और किचेन समेत सभी हिस्सों को गिरा दिया गया है।
गांव में सशस्त्र पुलिस फोर्स तैनात है। वहीं, गांववाले भी दूर से पुलिस की कार्रवाई को देख रहे हैं और पुलिस फोर्स को देखकर पास जाने की कोई हिम्मत नहीं कर रहा है। बताया गया है कि विकास दुबे ने खेत में काम कराने के लिए चौबेपुर के रहने वाले किसी व्यक्ति का बुलडोजर करीब दस दिन पहले मंगाया था। बुलडोजर को मानू नामक युवक चला रहा था, जो वहीं पर रुका था। घटना के बाद से मानू भी फरार है और पुलिस ने मुकदमे में उसे भी नामजद किया है। 

यूपी के CM योगी आदित्यनाथ ने शहीदों को दिया श्रद्धांजलि, उसके परिवार को मिलेंगे एक-एक करोड़

कानपुर देहात (ऊँ टाइम्स)  हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के गांव दबिश के दौरान शहीद आठ पुलिसकर्मियों के पार्थिव शरीर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज शाम करीब चार बजे पुलिस लाइन पहुंचकर पुष्पचक्र अर्पित करके श्रद्धांजलि दी और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।मुख्यमंत्री ने कहा है कि शहीद सभी आठ पुलिस जवान के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। साथ ही शहीदों के प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को शासकीय सेवा प्रदान की जाएगी और आश्रित को असाधारण पेंशन का लाभ दिया जाएगा। उन्हाेंने कहा कि पुलिस जवानों की शहादत को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा। इस घटना में दोषी किसी भी व्यक्ति को नहीं छोड़ा जाएगा। उसे कानून के दायरे में कठोर से कठोर सजा दिलाई जाएगी।
पत्रकार वर्ता में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दिनभर की ड्यूटी के बाद अपराधियों और माफिया के खिलाफ जारी पुलिस के अभियान के तहत ही पुलिस टीम छापा मारने गई थी। जिन लोगों ने घटना को अंजाम दिया है, उन्हें कानून के दायरे में कठोर से कठोर सजा दी जाएगी। किसी भी कीमत पर अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि घटना को अंजाम देने वालों को पकड़ने के लिए टीमें बनाई गईं हैं, जो छापेमारी कररही है। पुलिस मुठभेड़ में दो अपराधी मारे गए हैं और हमारे जवानों से छीने गए असहलों में कुछ बरामद हो गए हैं। 
इससे पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने कानपुर के प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज करा रहे घायल पुलिसकर्मियों से भेंट की। इस दौरान उन्होंने पुलिसकर्मियों को उनकी बहादुरी पर सराहा तथा हौसला भी बढ़ाया। उनके साथ डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य भी थे। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कानपुर में डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी के साथ ही शीर्ष पुलिस अधिकारियों को तैनात कर दिया है।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने साफ कहा है कि अब यह अधिकारी तभी कानपुर से वापस जाएंगे जब तक यह टीम विकास दुबे को पकड़ नहीं लेती या फिर मुठभेड़ में धराशाई नहीं कर देती है। उन्होंने पुलिस कर्मियों की हत्या को लेकर सख्त आदेश दिए और कहा कि सभी आला अधिकारियों से कहा है कि जब तक हिस्ट्रीशीटर विकास दूबे खत्म ना हो जाये तब तक घटनास्थल पर ही कैम्प करें। दरअसल इस घटना से अपराधियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टालरेंस नीति को खुली चुनौती दी है। जिसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त तेवर अपनाते हुए बेहद गंभीरता से लिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सुबह जैसे ही इस घटना के बारे में पता चला उन्होंने पुलिस के आलाधिकारियों को सख्त निर्देश देकर तुरन्त कार्रवाई करने को कहा, आनन-फानन में एडीजी ला एण्ड आर्डर प्रशांत कुमार को घटना स्थल रवाना किया गया।

कानपुर में बदमाश पकड़ने गये पुलिस दल के 8 जवान हुए शहीद, दो बदमाश मारे गए, छापेमारी जारी

कानपुर देहात ( अविनाश द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स) बदमाश विकास दुबे को गुरुवार रात गिरफ्तार करने गई पुलिस दबिश के दौरान 8 पुलिस वाले हुए शहीद! बदमाशों के पुलिस टीम पर हावी होने को एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने पुलिस की चूक माना है। लखनऊ से कानपुर देहात पहुंचे प्रशांत कुमार ने कहा कि इस मामले में पुलिस की तरफ से चूक हुई। प्रशांत कुमार सीएम योगी आदित्यनाथ को अपनी रिपोर्ट देंगे। 
प्रशांत कुमार ने कहा कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच होगी। अब एसटीएफ के साथ कई टीमें ल लगी हैं। हत्यारे विकास को खोजा जा रहा है। इसके लिए कानपुर शहर के साथ ही देहात तथा पास के जिलों में लगातार छापा मारा जा रहा है। विकास दुबे का एक साथी हिरासत में है। यहां पर तो सभी बॉर्डर सील करने के साथ हर वाहन की चेकिंग की जा रही है।

चौबेपुर के बिकरू गांव में हिस्ट्रीशीटर बदमाश विकास दुबे को गुरुवार की आधी रात पकड़ने गई पुलिस टीम पर हमला कर दिया गया। घरों की छत से पुलिस पर गोलियां बरसाई गईं, जिसमें सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्रा समेत तीन सब इंस्पेक्टर और चार सिपाही शहीद हो गए। हमले में सात पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिन्हें कानपुर नगर के रीजेंसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों में एक पुलिस कर्मी की हालत गंभीर बनी हुई है। एडीजी जयनारायण सिंह, आईजी मोहित अग्रवाल, एसएससी दिनेश कुमार पी समेत पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे हैं, वहीं अस्पताल में जाकर घायल पुलिस जवानों का हाल लिया है। पुलिस की जवाबी फायरिंग में कितने लोग मारे या घायल हुए हैं, इसकी सूचना नहीं है। बदमाशों ने पुलिस टीम से इंसास राइफल और दो पिस्टल भी लूट ली थी।गांव में पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया है और हमलावरों की तलाश में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

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-दोबारा पुलिस की मुठभेड़ में बदमाश अतुल दुबे और प्रेम प्रकाश पांडेय मारे गए हैं। अतुल को विकास का रिश्तेदार और प्रेम प्रकाश को मामा बताया जा रहा है। प्रेम प्रकाश पांडेय के घर में ही सीओ को मारे जाने की बात कही जा रही है, वहीं पुलिस से लूटी गई पिस्टल और बदमाशों के पास से एक राइफल भी बरामद की गई है।

-आईजी मोहित अग्रवाल ने बताया कि पुलिस टीम पर हमला करके फरार बदमाशों से दोबारा पुलिस की मुठभेड़ हुई है। घटनास्थल से करीब चार किमी दूर एक जंगल में मुठभेड़ दो बदमाश मारे गए हैं, वहीं दो पुलिस कर्मी भी घायल हुए हैं। उनके कब्जे से हथियार भी बरामद हुए हैं। 

-लखनऊ से टीम के साथ एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार भी घटनास्थल पर पहुंच गए हैं, गांव में एसटीएफ की तैनाती कर दी गई है। एडीजी ने पुलिस अफसरों से घटना की पूछताछ करके बदमाशों को पकड़ने के लिए की जा रही कार्रवाई के बाबत पूछताछ की। 

-कानपुर जिले की सभी सीमाएं सील। चप्पे चप्पे पर पुलिस तैनात। कानपुर देहात जिले में पड़ने वाली चार सीमाओं को पूरी तरह सील कर दिया गया है। यहां पुलिस हर गाड़ी की सख्ती से चेकिंग कर रही है।

  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर में 8 पुलिसकर्मियों की शहादत पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने यूपी के डीजीपी को मामले में सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया और मामले की रिपोर्ट मंगाई।

-डीजीपी यूपी ने बताया कि हमारे करीब 7 पुलिसकर्मी घायल भी हुए हैं। ऑपरेशन अभी भी जारी है क्योंकि अपराधी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे। आईजी, एडीजी, एडीजी (लॉ ऐंड ऑर्डर) को ऑपरेशन की निगरानी के लिए वहां भेजा गया है। कानपुर की फरेंसिक टीम मौके पर है, लखनऊ से एक विशेषज्ञ टीम भी भेजी गई है।

  • यूपी डीजीपी ने बताया कि हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के खिलाफ धारा 307 के तहत मामला दर्ज था, पुलिस उसे गिरफ्तार करने गई थी। रास्ते में जेसीबी लगा दिया गया जिससे हमारे वाहन बाधित हो गए। जब फोर्स नीचे उतरी तो अपराधियों ने गोलियां चला दीं। जवाबी गोलीबारी हुई लेकिन अपराधी ऊंचाई पर थे, इसलिए हमारे 8 पुलिसकर्मी शहीद हो गए।
    वर्ष 2001 में शिवली थाने के बाहर दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री संतोष शुक्ला की हत्या में नामजद रह चुके हिस्ट्रीशीटर बदमाश विकास दुबे चौबेपुर थाना क्षेत्र के गांव बिकरू का रहने वाला है। उसपर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और वांछित अपराधी है, जिसकी तलाश पुलिस कर रही थी। 
    हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे और उसके साथियों के बिकरु गांव में घर पर होने की सूचना मिली थी, इसपर गुरुवार की रात शिवराजपुर, चौबेपुर और बिठूर थाने की फोर्स लेकर सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्रा दबिश देने गए। पुलिस टीम के गांव में पहुंचते ही विकास दुबे और उसके साथियों ने घरों की छत से फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुए हमले में पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की। बदमाशों की फायरिंग में गोली लगने से सीओ देवेंद्र मिश्रा शहीद हो गए। 
    आईजी मोहित अग्रवाल ने बताया कि बदमाशों की गोली से तीन सब इंस्पेक्टर और चार सिपाही भी शहीद हुए हैं और छह से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। घायल हुए बिठूर थानाध्यक्ष कौशलेंद्र प्रताप सिंह, कांस्टेबल अजय सिंह सेंगर, सिपाही अजय कश्यप, शिव मूरत निषाद थाना चौबेपुर, होमगार्ड जयराम पटेल, एसआई सुधाकर पांडे, एसआई विकास बाबू को रीजेंसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। विकास दुबे पर वर्ष 2001 में श्रम संविदा बोर्ड के चेयरमैन दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री संतोष शुक्ला की हत्या का आरोप लगा था, जिसमें वह अदालत से बरी हो गया था।

शहीद हुए पुलिसकर्मी – क्षेत्राधिकारी बिल्हौर देवेंद्र मिश्रा,थाना प्रभारी शिवराजपुर महेश चंद्र यादव, चौकी इंचार्ज मंधना अनूप कुमार सिंह, सब इंस्पेक्टर नेबू लाल, सिपाही सुल्तान सिंह, सिपाही राहुल, सिपाही बबलू, सिपाही जितेंद्र

बार्डर पर नौसेना भी ऑपरेशनल मोड में, कई अत्याधुनिक युद्धक मोटरबोट भेजी जा रही लद्दाख

श्रीनगर ( ऊँ टाइम्स) पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ जारी सैन्य गतिरोध के बीच भारतीय नौसेना भी ऑपरेशनल मोड में आ चुकी है। नौसेना का एक दस्ता सेना के जवानों के साथ मिलकर पैंगांग झील में गश्त कर रहा है। वहां गश्त के लिए पहले से उपलब्ध अत्याधुनिक अमेरिकी मोटरबोट के अलावा डेढ़ दर्जन अत्याधुनिक युद्धक मोटरबोट भी लद्दाख भेजी जा रही हैं।
गलवन घाटी में 15 जून को भारत और चीन के सैनिकों के बीच खूनी झड़प से पहले 5 मई को पैंगांग त्सो के इलाके में भी भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच मारपीट हुई थी। पैगांग झील का एक हिस्सा भारत के पास है और दो तिहाई हिस्सा चीन के पास। वास्तविक नियंत्रण रेखा समुद्रतल से करीब 14 हजार की फुट की ऊंचाई पर स्थित इस झील से होकर गुजरती है। भारतीय थलसेना के जवान इसझील में मोटरबोट के जरिए गश्त कर चीनी घुसपैठ को रोकते हैं।
गलवन घाटी में भारत-चीन सैनिकों के बीच झड़प के बाद से लद्दाख में सैन्य तनाव लगातार बढ़ रहा है। दोनों तरफ से युद्धक तैयारियां चल रही हैं। चीन से निपटने के लिए थलसेना ने तोपखाने और टैंक रेजिमेंट के अतिरिक्त दस्तों को अग्रिम हिस्सों में तैनात किया है। वायुसेना भी लद्दाख में ऑपरेशनल मोड में है। अपाची और चिनूक हेलिकॉप्टर भी वास्तविक नियंत्रण रेखा के साथ सटे इलाकों में गश्त कर रहे हैं। सुखोई विमान आए दिन उड़ान भर रहे हैं।
नौसेना भी पैंगांग में अपनी गतिविधियां शुरू कर चुकी है। इससे पहले थलसेना का वॉटर विंग ही पैगांग में गश्त करते हुए चीनी सैनिकों की घुसपैठ को नाकाम बनाता था। पैगांग में गश्त के लिए भारतीय सेना अमेरिका से खरीदी गई अत्याधुनिक मोटरबोट का इस्तेमाल करती है। जीपीएस, नाईट विजन डिवाइस और मशीनगन से लैस इस मोटरबोट में एक समय में करीब 17 सैनिक सवार हो सकते हैं!

सूत्रों के अनुसार, नौसेना के चार वरिष्ठ अधिकारियों का एक दल लेह आया था। इस दल ने पैंगांग झील का दौरा किया और सेना की मोटरबोट व अन्य साजोसामान का जायजा लिया था। इस दल ने झील में किसी सैन्य टकराव की स्थिति में नौसेना की आवश्यकता का भी जायजा लिया और नौसेना के कमांडो दस्ते की सेना के जवानों के साथ संयुक्त गश्त और ऑपरेशनल ड्रिल की रूपरेखा भी तय की थी। इसी दल की रिपोर्ट के आधार पर कुछ दिनों से झील में भारतीय सैन्य गतिविधियां ऑपरेशनल मोड में नजर आ रही हैं। उन्होंने बताया कि नौसेना ने करीब डेढ़ दर्जन अत्याधुनिक और दमदार मोटरबोट को पैंगांग में गश्त के लिए पहुंचाया है। ये मोटरबोर्ट चीनी सेना के 928 बी टाइप जहाजों का मुकाबला करने में समर्थ हैं।
सूत्रों ने बताया कि पैगांग में नौसेना की गतिविधियां शुरू होने से चीन पर सैन्य दबाव बढ़ेगा। उसे पहले कभी लद्दाख में भारत के आक्रामक रुख का सामना नहीं करना पड़ा है। पैगांग झील में पहले भी कई बार भारत और चीन के सैनिकों के बीच टकराव हो चुका है। चीनी सैनिकों ने कई बार भारतीय जवानों की मोटरबोट को नुकसान पहुंचाया है, लेकिन अब स्थिति ऐसी नहीं है। झील की लहरों पर उसे मात देने के लिए नौसेना और सेना पूरी तरह तैयार है।

होम आइसोलेशन के लिए सरकार ने जारी किया नई गाइडलाइन, जानें क्या क्या बदले नियम

नई दिल्‍ली (ऊँ टाइम्स)  केन्द्र सरकार ने कोरोना के बहुत हल्‍के यानी माइल्‍ड, प्रीसिम्‍टोमेटिक और एसिम्‍टोमेटिक मामलों के संदर्भ में होम आइसोलेशन के लिए संशोधित गाइडलाइन जारी की है। इस गाइडलाइन में केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय ने कहा है कि उन्‍हीं मरीजों को होम आइसोलेशन में भेजा जाएगा जिन्‍हें डॉक्‍टरों ने अस्‍पताल में भर्ती नहीं होने की जरूरत बताई है। जारी नई गाइडलाइन के मुताबिक, हल्के लक्षण या बगैर लक्षण वाले मरीज जिनको कोई दूसरी बीमारी नहीं है वो घर पर होम आइसोलेशन में रहते हुए अपना इलाज करा सकेंगे लेकिन इसके लिए पहले डॉक्टर की परमि‍शन लेनी जरूरी होगी। 
गाइडलाइन में कहा गया है कि यदि होम आइसोलेशन में रह रहे मरीज को सांस लेने में दिक्‍कत महसूस होती है। सीने में दर्द शुरू होता है या बोलने में तकलीफ होती है तो उनको तुरंत अस्पताल में आना होगा। यही नहीं 60 साल के ऊपर के मरीजों को अस्पताल में ही अपना इलाज कराना होगा। यही नहीं जिन्हें डायबिटीज, हाईपर टेंशन, कैंसर, किडनी, फेफड़ों से संबंधित गंभीर बीमारी है उनको भी अस्‍पताल में ही इलाज कराना होगा… सरकार ने साफ कहा है कि होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों को परिवार के सदस्‍यों से बिल्‍कुल ही अलग थलग रहना होगा… !
जारी गाइडलाइन में यह भी कहा गया है कि होम आइसोलेशन में रह रहे मरीज की देखभाल के लिए 24 घंटे एक केयर गिवर होगा। केयर गिवर मरीज के स्‍वास्‍थ्‍य के बारे में अस्‍पताल और मरीज के बीच सेतु का काम करेगा। केयर गिवर को चिकित्‍सक के परामर्श के आधार पर तय प्रोटोकॉल के तहत हाइड्रोक्‍सी क्‍लोरोक्‍वीन की खुराक लेनी चाहिए। होम आइसोलेशन में रह रहे मरीज के मोबाइल में आरोग्‍यसेतु ऐप डाउनलोड होना चाहिए। यही नहीं होम आइसोलेशन के दौरान इसे पूरी तरह सक्रिय होना चाहिए। नए दिशा निर्देशों में कहा गया है कि होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों में लक्षण दिखने के 10 दिनों के बाद और तीन दिन तक बुखार नहीं आने पर ही उनकी अवधि खत्‍म मानी जाएगी।
उल्‍लेखनीय है कि भारत में एक दिन में कोरोना के 19,148 नए मामले सामने आए हैं जबकि 434 लोगों की मौत हो गई। इसके साथ ही संक्रमितों की संख्या 6,04,641 हो गई है जबकि 17,834 लोग अबतक इस महामारी से जान गवां चुके हैं। अभी पांच दिन पहले ही संक्रमितों की संख्या पांच लाख के पार पहुंची थी। हालांकि बीमारी से रिकवर होने वालों की संख्‍या में भी इजाफा हुआ है। कोरोना से उबरने वाले लोगों की संख्या 3,59,859 हो गई है। देश में मौजूदा वक्‍त में 2,26,947 लोगों का इलाज चल रहा है। अभी तक करीब 59.52 फीसद मरीज स्वस्थ हुए हैं।

भूस्खलन ने म्यांमार में मचाई भारी तबाही, 113 से अधिक लोगों की हुई मौत, अनेक लापता

यांगून /नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  दुनिया भर में कोरोना वायरस महामारी से मचे हाहाकार के बीच म्यांमार में भूस्खलन ने भारी तबाही मचा जी है।  उत्तरी म्यांमार के कचिन प्रदेश के पेकान इलाके में स्थित जेड खदान में भूस्खलन होने के कारण करीब 113 लोगों की मौत हो गई है। अधिकारियों ने कहा कि गुरुवार को हुए इस हादसे में कम से कम 113 शव अब तक बरामद किए गए हैं। वहीं, कई लोग अभी भी लापता हैं। साइट पर अभी भी लापता लोगों के लिए बचाव कार्य जारी है।
पता चला है कि 304 मीटर से अधिक ऊंची चट्टान ढह गई,  बारिश के कारण पानी भर जाने के बाद ये भूस्खलन हुआ। अग्निशमन सेवा विभाग के अनुसार दुर्घटना सुबह करीब 8 बजे हुई है। सूचना मंत्रालय के एक स्थानीय अधिकारी टार लिन माउंग ने कहा कि अभी तक 100 से अधिक शव बरामद किए गए हैं। अभी और शव कीचड़ में फंसे हुए हैं। उन्होंने कहा कि मृतकों की संख्या में इजाफा हो सकता है। बता दें कि जेड की इन खदानों में पहले भी भूस्खलन से कई लोगों की मौत हो चुकी है। हादसे के वक्त मौजूद लोगों ने बताया कि उन्होंने देखा कि कुछ लोग मलबे पर मौजूद थे जो ढहने की कगार पर था। देखते ही देखते थोड़ी देर में पहाड़ी से पूरा मलबा भरभराकर नीचे आ गिरा। जिसकी चपेट में आने से लोग मारे गए।
 जेड की भूमि के रूप में जाना जाने वाला काचिन राज्य में घातक भूस्खलन अक्सर होता है। कई स्थानीय लोग इस क्षेत्र में जीवन यापन करते हैं। ज्यादातर भूस्खलन बांधों के आंशिक रूप से गिरने के कारण होते हैं। नवंबर 2015 में इस क्षेत्र में हुए एक बड़ा भूस्खलन में कम से कम 116 लोगों की मौत हो गई थी।
आप को बता दें कि म्यांमार में दुनिया में सबसे अधिक जेड पत्थर या हरिताश्म यानी हरे रंग के कीमती रत्न पाए जाते हैं।म्यांमार हर साल जेड पत्थरों का लगभग 30 अरब डॉलर का कारोबार करता है।

गोरखपुर के डीएम का आदेश, अनलाक 2 का उलंघन करने पर होगी जेल

गोरखपुर (ऊँ टाइम्स) इस जिले में 31 जुलाई तक घोषित अनलॉक 2.0 में और सख्ती और बढ़ाई जाएगी। जिले में कोरोना मरीजों की बढ़ती तादाद देखते हुए जिला प्रशासन ने कोई नई छूट नहीं देने का फैसला किया है। अनलॉक 2.0 में सड़कों पर बेवजह निकलने, सोशल डिस्टेंसिंग की अनदेखी करने और मास्क न लगाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए अभियान चलाकर सघन चेकिंग की जाएगी।
नियमों का उल्लंघर करने वाले लोगों के चालान काटे जाएंगे और तत्काल रुपये नहीं जमा करने वालों को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा जहां से उन्हें जेल भी भेजा जा सकता है। ऐसे मामलों के लिए जिला प्रशासन ने डेयरी कॉलोनी स्थित कम्युनिटी हॉल को अस्थायी जेल बनाया है। वहां करीब 500 लोग सोशल डिस्टेंसिंग के साथ रखे जा सकेंगे!
डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने बताया कि अनलॉक 2.0 में सब कुछ पहले की ही तरह रहेगा। तय रोस्टर के मुताबिक ही दुकानें खुलती रहेंगी। दुकानों के समय में भी कोई बदलाव नहीं होगा। शाम सात बजे के बाद रात नौ बजे तक सिर्फ रेस्त्रां- होटल, शराब की दुकानें ही खुलेंगी। शाम सात बजे के बाद सड़कों पर आम आदमी का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा।
उन्होंने कहा कि पहले की तुलना में अब कोरोना संक्रमण ज्यादा गहरा गया है। रोजाना बड़ी संख्या में संक्रमित सामने आ रहे हैं। ऐसे में अब सड़कों पर बेवजह निकलने वाले, मास्क नहीं लगाने वालों और सोशल डिस्टेंसिंग की अनदेखी करने वालों के खिलाफ अब प्रशासन सख्ती से पेश आएगा।

कोरोना को मात देने के लिए दिल्ली NCR में जंग होगी और तेज, अमित शाह का आदेश- ज्यादा हो टेस्टिंग

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) दिल्ली-NCR में कोरोना वायरस संक्रमण पर कैसे रोक लगाया जाय, इसको लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित  शाह की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिय हो रही े बैठक खत्म हो गई है। बैठक के दौरान अमित शाह ने आदेश दिया है कि दिल्ली-एनसीआर के जिलों में ज्यादा से ज्यादा संख्या में लोगों की कोराेना जांच हो और रिपोर्ट के आधार पर इलाज सुनिश्चित हो। साथ उन्होंने यह भी कहा कि मरीज के गंभीर अवस्था में पहुंचने से पहले उसका इलाज करने की जिम्मेदारी प्रशासनिक अधिकारी लें और स्वास्थ्य भी सुविधाएं बढ़ाएं। बैठक में मौजूद नीति आयोग के सदस्य डॉ. विनोद पॉल ने दिल्ली सहित एनसीआर के सभी जिलों में कोरोना की वस्तुस्थिति से अमित शाह को अवगत कराया। उन्होंने सभी जिलाधीशों से कहा है कि वे जिन जिलों में कोरोना को मात देने के लिए बेस्ट प्रेक्टिस की गई हैं, उन्हें अपने जिलों में अपनाएं। इसके लिए उन्होंने कुछ जिलों के अच्छे कार्य भी गिनाए। 
बृहस्पतिवार को हुई बैठक में उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल अपने प्रदेश के कोरोना के आंकड़े भी रखे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हो रही बैठक में कोरोना वायरस के मुद्दे पर चर्चा हुई और अब तक उठाए गए कदमों की समीक्षा भी की गई।
बैठक का अजेंडा दिल्ली के साथ एनसीआर के शहरों मसलन गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, हापुड़, नोेएडा, और गाजियाबाद में लगातार बढ़ रहे कोरोना वायरस संक्रमण पर रोकथाम रहा। इसी के साथ बैठक में अमित शाह तीनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों से कोरोना वायरस के खिलाफ चल रही तैयारी की समीक्षा भी की।
इससे पहले बुधवार को अमित शाह ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ देश में कोरोना वायरस संक्रमण की समीक्षा की थी। 
गौरतलब है कि दिल्ली में जहां कोरोना वायरस संक्रमण के मामले 90 हजार के करीब पहुंच गई है, तो जान गंवाने वालों की संख्या 3000 के करीब से कुछ ही संख्या दूर है। दिल्ली के लिए सुखद  बात  यह है कि ठीक होने वालों को आंकड़ा 60 हजार तक पहुंचने वाला है।
फिलहाल दिल्ली के बाद एनसीआर का सबसे प्रभावित शहर गुरुग्राम है। यहां पर अब तक 3896 लोगों को कोरोना अपनी चपेट में ले चुका है, जबकि 2581 लोग कोरोना को मौत देकर सामान्य जीवन में लौट चुके हैं और 80 लोगों की मौत हुई है।
फरीदाबाद जिले में कोरोना मरीजों की संख्या 5463 हो चुकी है और कोरोना से मरने वालों की संख्या 92 पहुंच गई है। कोरोना से स्वस्थ होने वाले मरीजों की संख्या 4078 हो गई है। 

सोनिया गांधी के दामाद वाड्रा की लंदन बेनामी प्रापर्टी खरीद में दलाली के पैसे की जांच शुरू

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) लंदन में राबर्ट वाड्रा की बेनामी संपत्ति खरीदने के लिए कोरिया की कंपनी सैमसंग इंजीनियरिंग से ली गई दलाली के मामले की सीबीआइ जांच शुरू हो गई है। इस संबंध में दर्ज एफआइआर में सीबीआइ ने रक्षा सौदे के दलाल संजय भंडारी को आरोपी बनाया है।
सीबीआइ के अनुसार ओएनजीसी की एक सबसिडियरी कंपनी ओएनजीसी पेट्रो एडिशंस लिमिटेड (ओपल) से गुजरात के दाहेज में एक प्रोजेक्ट का ठेका देने के एवज में 49.99 लाख डालर (तत्कालीन विनिमय दर के हिसाब से 23.50 करोड़ रुपये) की दलाली ली गई थी। दैनिक जागरण ने 12 मार्च 2019 को विस्तार से इस घोटाले की खबर छापी थी।
उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार आयकर विभाग और ईडी ने पिछले साल के शुरू में ही सीबीआइ को इस घोटाले के दस्तावेज सौंपते हुए भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत एफआइआर दर्ज कर इसकी जांच की जरूरत बताई थी। इसके आधार पर सीबीआइ ने 11 जुलाई 2019 को प्रारंभिक जांच का केस दर्ज किया था। लगभग एक साल की प्रारंभिक जांच के बाद सीबीआइ ने रेगुलर एफआइआर दर्ज करने का फैसला किया। इसमें संजय भंडारी और सैमसंग इंजीनियरिंग के सीनियर मैनेजर होंग नैमकुंग के साथ-साथ ओएनसीजी और ओपल के अज्ञात अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है।
सीबीआइ की एफआइआर के मुताबिक ओपल ने नवंबर 2006 में गुजरात के दाहेज स्थित एसईजेड में इथेन, प्रोपेन और बुटेन निकालने का प्लांट लगाने का फैसला किया और इसके लिए एक प्रोजेक्ट का ठेका मार्च 2008 में जर्मनी की लिंडे और दक्षिण कोरिया की सैमसंग इंजीनियरिंग के कंसोर्टियम को दिया। वैसे ठेका में भाग लेने वाली भारतीय कंपनी एलएंडटी और शॉ स्टेन व वेबस्टर के कंसोर्टियम ने ठेका की प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाया, लेकिन उसे खारिज कर दिया गया। हैरानी की बात यह है कि प्रोजेक्ट लगाने के लिए ओपल के फैसले के एक महीना पहले ही संजय भंडारी की यूएई स्थित कंपनी सैनटेक और सैमसंग इंजीनियरिंग के बीच दलाली का समझौता हो गया। जिसमें 100 करोड़ डॉलर की कंसल्टेंसी फीस का प्रावधान था।

इस प्रोजेक्ट में खुलेआम ली गई दलाली का हवाला देते हुए सीबीआइ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि संजय भंडारी के साथ हुए समझौते में ओएनजीसी से एडवांस मिलने के एक महीने के भीतर 50 फीसदी रकम और पूरी पेमेंट मिलने के छह महीने के भीतर बाकी के 50 फीसदी रकम देने की बात थी। लेकिन ठेके की शर्तो में एडवांस का कोई प्रावधान ही नहीं था। बाद में ओनएनजीसी की बोर्ड ने एडवांस देने का फैसला किया। ओएनजीसी ने सैमसंग इजीनियरिंग को 24 फरवरी 2009 को एडवांस दिया और 13 जून 2009 को संजय भंडारी की कंपनी में 49.99 लाख डॉलर की दलाली की रकम पहुंच गई।
दलाली की रकम पहुंचने के तत्काल बाद संजय भंडारी ने ब्रिटेन की कंपनी 19 लाख पौंड (तत्कालीन विनिमय दर के हिसाब से 15 करोड़ रुपये) में वरटेक्स मैनेजमेंट को खरीद लिया, जिसके पास लंदन स्थित 12, ब्रायंस्टन स्क्वायर का मकान था। इस तरह से यह मकान संजय भंडारी के पास आ गया। बाद में संजय भंडारी ने यह मकान दुबई स्थित स्काईलाइट इंवेस्टमेंट एफजेडई को बेच दिया। जांच एजेंसियों के अनुसार यह कंपनी राबर्ट वाड्रा की मुखौटा कंपनी है।
रक्षा सौदों के दलाल संजय भंडारी और उसके सहयोगियों के यहां छापे में आयकर विभाग और ईडी को 12, ब्रायंस्टन स्क्वायर की संपत्ति असल में राबर्ट वाड्रा के होने के सबूत मिले थे। दरअसल 2010 में भंडारी का रिश्तेदार सुमित चढ्डा इस संपत्ति की मरम्मत के लिए वाड्रा को ईमेल भेजकर इजाजत मांगी थी। बाद में एक ईमेल में सुमित चढ्डा ने मरम्मत के पैसे की भी व्यवस्था करने के लिए भी कहा था। इस इमेल के जवाब में वाड्रा ने मनोज अरोड़ा को इसकी व्यवस्था करने का निर्देश देने का भरोसा दिया था।
ईडी के अनुसार इस संपत्ति की मरम्मत पर लगभग 45 लाख रुपये खर्च किये गए थे। इस संबंध में ईडी राबर्ट वाड्रा से लंबी पूछताछ कर चुका है। ईडी और आयकर विभाग के अधिकारियों की माने तो उनसे पास इसके राबर्ट वाड्रा की बेनामी संपत्ति होने के पुख्ता सबूत हैं।

चीन ने LAC पर तैनात किया 20,000 से अधिक सैनिक, भारत ने भी बढ़ाई सेना

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  लद्दाख में वास्तवीक नियत्रंण रेखा पर जारी तनाव के बीच चीन ने अपने सौनिकों की तादात में इजाफा किया है। पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने पूर्वी लद्दाख सेक्टर के पास वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास अपने 20,000 से अधिक सैनिकों को तैनात किया है। इसको देखते हुए भारत ने भी अपनी दो डिवीजनों को तैनात कर दिया है।
शीर्ष सरकारी सूत्रों के मुताबिक चीनी सेना ने पूर्वी लद्दाख सेक्टर में LAC के साथ लगभग दो डिवीजनों (20,000 के आसपास) को तैनात किया है। एक और विभाजन (10,000 सैनिक) है जो उत्तरी शिनजियांग प्रांत में तौनात किया है, जो लगभग 1,000 किलोमीटर की दूरी पर है, लेकिन चीनी सीमा पर समतल इलाकों के कारण अधिकतम 48 घंटे में हमारी सीमा तक पहुंचने के लिए उन्हें जुटाया जा सकता है।
हम इन सैनिकों की आवाजाही पर कड़ी नजर रख रहे हैं, जिन्हें भारतीय सीमा के करीब तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि भले ही भारत और चीन छह सप्ताह से अधिक समय से कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर बात कर रहे हैं, लेकिन इस मोर्चे पर चीन की ओर से सैनिकों की संख्या या उपकरणों में कोई कमी नहीं की गई है। 
पता चला है कि तिब्बत क्षेत्र में चीन की आम तौर पर दो डिविजन रहती हैं, लेकिन इस बार उन्होंने भारतीय चौकियों के खिलाफ 2,000 किलोमीटर दूर करीब दो अतिरिक्त डिविजन को तैनात किया है। स्थिति को देखते हुए भारत ने पूर्वी लद्दाख क्षेत्र के आस-पास के स्थानों से कम से कम दो डिवीजनों को तौनात किया है। इसमें एक आरक्षित माउंटेन डिविजन भी शामिल है जो हर साल पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में अपने युद्ध अभ्यास करती है।
सूत्रों का कहना है कि सैन्य और राजनयिक स्तर पर चीन के साथ बातचीत के बावजूद ऐसा लगता है कि संकट के समाधान के लिए अभी लंबा समय लगेगा। भारत भी इसके लिए खुद को तैयार कर रहा है। दोनों देशों के बीच सितंबर-अक्टूबर तक सीमा पर तैनाती जारी रहने की उम्मीद है जब तक की ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी बड़े पैमाने पर शुरू नहीं हो जाती।

चीन के 59 ऐप पर भारत में प्रतिबंध से बौखलाया गया है चीन

नई दिल्ली / बीजिंग (ऊँ टाइम्स) लद्दाख में चीन के साथ सख्ती से पेश आ रहे भारत ने अब आर्थिक मोर्चे पर भी चीन को घेरते हुए भारत में 59 चीनी ऐप पर प्रतिबंध लगा दिया है और गूगल को अपने प्ले स्टोर से उस सभी ऐप को हटाने का आदेश भी दे दिया है। भारत की इस कार्रवाई से चीन घबरा गया है और इसपर दुख जताते हुए स्थिति पर नजर रखने की बात करने लगा है। अभी तक गलवन में हेकड़ी दिखा रहे चीन भारत के इस एक्शन के बाद अब अंतरराष्ट्रीय कानून की दुहाई देने लगा है।
चीन के विदेश मंत्री के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने भारत के चीनी ऐप्स पर बैन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चीन को काफी चिंता है और वह स्थिति की समीक्षा कर रहा है। बता दें कि दोनों देशों के बीच लद्दाख में एक महीने से ज्यादा वक्त से तनाव चल रहा है। गलवन घाटी में चीनी सेना के साथ संघर्ष में भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे, जबकि चीन के 40 जवान मारे गए थे।
उन्होंने कहा कि हम कहना चाहते हैं कि चीनी सरकार हमेशा से अपने कारोबारियों को अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय नियमों को पालन करने को कहती रही है। भारत सरकार को चीनी समेत सभी अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के कानूनी अधिकारों की रक्षा करने की जिम्मेदारी है।

भारत ने चीन के 59 ऐप पर लगाया था बैन – आप को बता दें कि भारत सरकार ने सोमवार को 50 से ज्यादा चाइनीज ऐप्स को प्रतिबंधित करने का बड़ा फैसला लिया था। बैन किए गए ऐप्स की लिस्ट में ढेरों पॉपुलर ऐप्स शामिल हैं और TikTok, UC Browser और ShareIt जैसे नाम हैं। ऐप्स को बैन किए जाने की वजह इनका चाइनीज होना ही नहीं है, बल्कि देश की सुरक्षा और एकता को बनाए रखने के लिए जरूरी कदम मानते हुए ऐसा किया गया है। करीब 59 ऐप्स को जल्द ही गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर से हटा दिया जाएगा।

अब फिर गरीबों को नवंबर तक मिलेगा मुफ्त में अनाज,मोदी ने किया ऐलान

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को पांच महीने तक और बढ़ा दिया गया है जिसके तहत गरीब परिवार के प्रतिव्यक्ति को हर महीने पांच किलो अनाज मुफ्त मिलता है। योजना मंगलवार को ही खत्म हो रही थी और पीएम ने देश के नाम संबोधन में स्पष्ट कर दिया कि नवंबर तक यह जारी रहेगा। अक्टूबर में संभावित बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर जाहिर तौर पर इसे राजनीति से भी जोड़ा जाएगा लेकिन यह भी सच है कि इसने लगभग 80 करोड़ लोगों में आशा जगा दी। वहीं कोरोना संक्रमण के तेज प्रसार के बीच जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों को और सचेत करते हुए साफ किया कि प्रधान हों या प्रधानमंत्री नियमों से उपर कोई नहीं। ऐसे हर व्यक्ति को रोकना, टोकना और समझाना होगा।

योजना के प्रथम चरण की शुरुआत 26 मार्च को की गई थी। इसमें अप्रैल, मई और जून में लागू की गई इस योजना पर कुल 60 हजार करोड़ रुपये का खर्च आया था। लेकिन इसे पांच महीने तक और बढ़ा दिए जाने पर 90 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च होगा। इस तरह पीएमजीकेएवाई का कुल खर्च 1.50 लाख करोड़ रुपये आएगा। प्रधानमंत्री मोदी ने योजना के विस्तार की घोषणा के साथ ही इसका श्रेय देश के अन्नदाता किसानों और कर दाताओं को दिया। उन्होंने कहा कि सरकार जरूरत पर इतना कुछ इसीलिए कर पा रही है क्योंकि किसानों ने पर्याप्त अनाज उपजाया है और ईमानदार करदाताओं ने योगदान दिया है।
प्रधानमंत्री के देश के नाम संबोधन को लेकर रात से ही अटकलों का बाजार गर्म था लेकिन लगभग 17 मिनट के संबोधन में वह पूरी तरह कोरोना काल पर ही केंद्रित रहे। सही समय पर लाकडाउन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसके कारण लाखों लोगों की जान बची है। अब और सतर्क होने की जरूरत है क्योंकि आने वाला मौसम बीमारियां लेकर आता है। प्रधानमंत्री मोदी ने ‘एक राष्ट्र एक राशन कार्ड’ योजना की तैयारी पर संतोष जताते हुए कहा ‘इसके हो जाने से प्रवासी मजदूरों को दूसरे राज्य में भी आसानी ने उसके हिस्से का अनाज मिलने लगेगा।’
पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत प्रत्येक राशनकार्ड वाले उपभोक्ताओं को पांच किलो अनाज की यह मात्रा मुफ्त व अतिरिक्त होगी। जबकि हर उपभोक्ता को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून (एनएफएसए) के तहत निर्धारित मात्रा में अनाज पूर्व की भांति रियायती दर दो रुपये किलो गेहूं और तीन रुपये किलो चावल की भी आपूर्ति होती रहेगी। प्रति परिवार एक किलो चना भी दिया जाएगा। संबोधन के तुरंत बाद केंद्रीय खाद्य व उपभोक्ता मंत्री राम विलास पासवान ने भी राज्यों से आग्रह किया कि वह अगले पांच महीने का अनाज भी एफसीआइ से उठा लें। उनकी ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि सरकार के पास पर्याप्त अनाज का भंडार है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देश में गरीबों और जरूरतमंदों को कोरोना काल के दौरान सरकार को मुफ्त खाद्यान्न उपलब्ध कराने में सक्षम बनाने के लिए किसानों और करदाताओं को श्रेय दिया। पीएम मोदी ने कहा, ‘अगर सरकार आज गरीबों और जरूरतमंदों को मुफ्त अनाज देने में सक्षम है तो इसका श्रेय दो वर्गों के लोगों को जाता है। पहले हमारे मेहनती किसान हैं, हमारे अन्नदाता हैं और दूसरे देश के ईमानदार करदाता हैं। आपने ईमानदारी से कर जमा किया है, अपनी जिम्मेदारी पूरी की है, यही कारण है कि आज देश के गरीब इस बड़ी समस्या से लड़ने में सक्षम हैं। आज प्रत्येक गरीब, प्रत्येक किसान के साथ-साथ, मैं हर करदाता को हार्दिक बधाई देता हूं और उन्हें नमन करता हूं।’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लागू नियमों का हर हाल में पालन होना चाहिए। उन्होने कहा कि जो लोग भी नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं, उन्हें रोकना होगा और समस्या से अवगत कराना होगा। आपने समाचार में देखा है कि एक प्रधानमंत्री पर 13,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया, क्योंकि वह बिना मास्क के एक सार्वजनिक स्थान पर गए थे। प्रधानमंत्री बुल्गारियाई प्रधानमंत्री बॉयो बोरिसोव के उदाहरण का उल्लेख कर रहे थे। पीएम मोदी ने कहा कि भारत में भी स्थानीय प्रशासन को उसी तरह सक्रिय रूप से काम करना होगा। यह 130 करोड़ नागरिकों की जान बचाने का अभियान है। भारत में गांव का प्रधान हो या फिर देश का प्रधान कोई भी नियमों से ऊपर नहीं है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कोरोना को फैलने से रोकने के लिए नियमों का पालन करने के लिए नागरिकों से प्रतिबद्धता दिखाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब से देश में अनलॉक 1 शुरू हुआ, तब से व्यक्तिगत और सामाजिक व्यवहार में लापरवाही बढ़ती जा रही है। इससे पहले, हम मास्क के उपयोग, दो गज दूरी और 20 सेकंड के लिए दिन में कई बार हाथ धोने को लेकर काफी अधिक सतर्क थे। लॉकडाउन के दौरान नियमों का गंभीरता से पालन किया गया। अब सरकारों, स्थानीय निकायों और नागरिकों को उसी तरह सतर्कता दिखाने की जरूरत है। 
पीएम मोदी ने संबोधन की शुरुआत में कहा, ‘हम अनलॉक 2 में प्रवेश कर रहे हैं और हम ऐसे मौसम में भी प्रवेश कर रहे हैं जब सर्दी, खांसी, बुखार के मामले बढ़ जाते हैं। मैं नागरिकों से अनुरोध करता हूं कि वे अपना ख्याल रखें। यह सच है कि यदि हम कोरोना वायरस के कारण मृत्यु दर को देखे, तो भारत दुनिया के कई देशों की तुलना में बेहतर स्थिति में है। समय पर लॉकडाउन और अन्य फैसलों ने भारत के लाखों लोगों की जान बचाई है। 

पाकिस्तान में 262 पायलट फर्जी लाइसेंस मामले में हुए प्रतिबंधित, वियतनाम ने रोकी सेवाएं

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)   पाकिस्तान ने फर्जी लाइसेंस मामले में अपने 262 पायलटों पर प्रतिबंध लगा दिया है। आज वियतनाम ने भी सभी पाकिस्तानी पायलटों के उड़ान भरने पर रोक लगा दिया है। वियतनाम के उड्डयन विभाग ने आज स्थानीय एयरलाइंस में काम करने वाले सभी पाकिस्तानी पायलटों को प्रतिबंधित कर दिया है। पाकिस्तानी पायलटों पर रोक लगाने का यह फैसला अंतरराष्ट्रीय विमानन नियंत्रक एजेंसी IATA द्वारा जारी एक रिपोर्ट के बाद लिया गया है। रिपोर्ट में पाकिस्तानी पायलटों के पास संदिग्ध अथवा फर्जी लाइसेंस होने का खुलासा करते हुए इसे सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताया गया है।
ग्लोबल एयरलाइंस बॉडी IATA ने पिछले सप्ताह अपनी रिपोर्ट में कहा था कि पाकिस्तानी पायलटों के लाइसेंस में गंभीर खामियां पाई गई हैं। इससे ये स्पष्ट है कि पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस में गंभीर अनियमितता बरती जा रही है, जो सुरक्षा के लिए बड़ा बड़ा खतरा है। इसके तुरंत बाद पाकिस्तान ने संदिग्ध लाइसेंस व दस्तावेजों के आधार पर विभिन्न एयरलाइंस में काम करने वाले अपने 262 पायलटों पर प्रतिबंध लगा दिया था।
अंतरराष्ट्रीय एजेंसी के अलर्ट पर वियतनाम नागरिक उड्डन प्राधिकरण ने भी पाकिस्तानी पायलटों के उड़ान भरने पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। CAAV ने वियतनामी एयरलाइंस के लिए काम करने वाले सभी पाकिस्तानी पायलटों को बर्खास्त करने का आदेश जारी कर दिया है। ये जानकारी वियतनाम नागरिक उड्डयन प्राधिकरण द्वारा आज जारी एक बयान में दी गई है। नोटिस में बताया गया है कि पाकिस्तानी पायलटों की बर्खास्तगी अगले आदेश तक जारी रहेगी। पाकिस्तानी पायलटों के लाइसेंस की जाँच के लिए वियतनाम, पाकिस्तानी उड्डयन प्राधिकरण के संपर्क में है।
आप को मालूम हो कि वियतनाम की एयरलाइंस में पाकिस्तान के कुल 27 पायलट कार्यरत हैं। इनमें से 15 पायलटों का अनुबंध खत्म हो जुका है या वो कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते काम नहीं कर रहे हैं। शेष 12 पाकिस्तानी पायलट अभी तक वियतनामी एयरलाइंस में सेवाएं दे रहे थे। इन 12 पाकिस्तानी पायलटों में से 11 सस्ती एयरलाइंस विटजेट एविएशन के लिए काम कर रहे थे, जबकि एक पायलट वियतनाम एयरलाइंस की इकाई जेटस्टार पैसिफिक के लिए कार्यरत था।
विटजेट एविएशन द्वारा जारी एक बयान के अनुसार पाकिस्तानी पायलटों के लाइसेंस में गंभीर खामियां होने की जानकारी मिलते ही उनके काम करने पर रोक लगा दी गई है। पाकिस्तानी लाइसेंस के साथ फिलहाल किसी पायलट को उड़ान भरने की अनुमति नहीं है। वहीं वियतनाम नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने जानकारी दी है कि वियतनाम एयरलाइंस और बैंबू एयरवेस किसी भी पाकिस्तानी पायलट का इस्तेमाल नहीं करेंगी। CAAV के अनुसार वियतनामी एयरलाइंस के पास मौजूदा समय में कुल 1260 पायलट हैं। इनमें से तकरीबन 50 फीसद पायलट विदेश नागरिक हैं।

पाकिस्तान में स्टॉक एक्सचेंज पर हुआ आतंकी हमला,आतंकियों समेत 11 लोगों की मौत

नई दिल्ली /कराची (ऊँ टाइम्स)  कराची में पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज बिल्डिंग पर आतंकवादी हमले में चार आतंकियों समेत 11 लोगों की मौत हो गई है। प्राप्त समाचार के अनुसार आतंकियों ने मारे जान से पहले चार सुरक्षा गार्ड और एक पुलिस अधिकारी को मार दिया। वहीं दो नागरिकों की भी मौत हो गई। इनके पास से खाद्य सामग्री बरामद की गई, जिससे यह पता चसता है कि वे लंबे समय तक यहां घेराबंदी करने वाले थे।आतंकवादी समूह बलूच लिबरेशन आर्मी ने हमले की जिम्मेदारी ली है। बीएलए ने कहा कि उसके माजिद ब्रिगेड ने व्यापारिक सप्ताह के पहले दिन हमले को अंजाम दिया। इसमें एक आत्मघाती हमलावर भी शामिल था। इस समूह ने पिछले साल ग्वादर में पर्ल कॉन्टिनेंटल होटल में हमले को अंजाम जिया था, जिसमें आठ लोग मारे गए थे। 
विस्फोटकों और गोला-बारूद से लैस चार आतंकवादी, कराची स्थित पीएसइ भवन के पार्किंग क्षेत्र में घुसे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आतंकवादियों ने सुरक्षा गार्डों पर ग्रेनेड फेंका और गोलीबारी की। हमलावर टोयोटा कोरोला कार से इमारत के पास पहुंचे, उसे प्रवेश द्वार के पास रोका और ग्रेनेड फेंकने के बाद और गोलीबारी शुरू कर दी। वे स्टॉक एक्सचेंज बिल्डिंग के अंदर घुसने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन वे अपने इस मंसूबे में कामयाब नहीं हुए। बिल्डिंग के अंदर मौजूद लोगों को पिछले दरवाजे से निकाला गया। आतंकियों द्वारा की गई गोलीबारी से इमारत में मौजूद लोगों में दहशत फैल गई।
पुलिस सर्जन डॉ. कारार अहमद अब्बासी ने कहा कि डॉ. रूथ पफौ सिविल अस्पताल कराची में पुलिसकर्मियों सहित पांच शवों और सात घायलों को लाया गया है। घटना की जानकारी मिलते ही घटनास्थल पर पहुंचकर पाकिस्तानी रेंजर्स ने मोर्चा संभाला और चारों आतंकियों को मार गिराया। जानकारी के अनुसार घायलों में से कई लोगों की हालत नाजुक बनी हुई है।  प्राप्त समाचार के अनुसार पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज के अधिकारियों ने जानकारी दी कि आतंकियों को कंपाउंड में ही रोक लिया गया। परिसर में लोगों की संख्या आज सामान्य से कम थी क्योंकि कई लोग कोरोना के कारण अभी भी घर में रह रहे हैं। पाकिस्तान रेंजर्स ने इलाके की घेराबंदी की और हालात को अपने नियंत्रण में ले लिया। क्षेत्र को आतंकवादियों से मुक्त घोषित करने के बाद ऑपरेशन समाप्त हुआ। 

हमलावरों के पास से बरामद हुआ हथियार और हैंड ग्रेनेड– सिंध रेंजर्स ने कहा कि आसपास के क्षेत्र में मारे गए लोगों और हथियारों को बाहर निकालने का काम जारी है। हमलावरों के पास से हथियार और हैंड ग्रेनेड बरामद किए गए हैं। जियो टीवी से बात करते हुए कराची के इंस्पेक्टर-जनरल ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है। उन्होंने यह भी कहा कि कि आतंकवादियों ने अत्याधुनिक हथियारों के साथ हमला किया था और उनके पास एक बैग था, जिसमें संभवतः विस्फोटक था।

इस बीच, पीएसएक्स ने एक बयान में कहा ‘आज पीएसएक्स कंपाउंड पर एक आतंकी हमला हुआ। प्रबंधन, सुरक्षा बलों की मदद से स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहा है। स्थिति नियंत्रण में होने के बाद और अधिक विस्तृत विवरण जारी किया जाएगा। फिलहाल गोलीबारी बंद है और अतिरिक्त सैन्य तैनात कर दिए गए हैं। सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि यह हमला राष्ट्रीय सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर हमले के समान है। अराजकतत्व वायरस की स्थिति का फायदा उठाना चाहते हैं!

सिंध के गवर्नर इमरान इस्माइल ने इस घटना किया निंदा – सिंध के पुलिस महानिरीक्षक मुश्ताक महार ने डीआइजी दक्षिण से घटना की रिपोर्ट मांगी है। सिंध के गवर्नर इमरान इस्माइल ने इस घटना की निंदा की। उन्होंने कहा कि वे आतंक के खिलाफ युद्ध को कलंकित करने के उद्देश्य से पीएसएक्स पर हमले की कड़ी निंदा करते हैं। आइजी और सुरक्षा एजेंसियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि अपराधियों को जीवित पकड़ा जाए और उनके आकाओं को कठोर सजा दिलाई जाए। हम हर कीमत पर सिंध की रक्षा करेंगे। बता दें कि पीएसएक्स कराची के बिजनेस सेंटर के केंद्र में स्थित है। स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान जैसी महत्वपूर्ण इमारतें इसके पास स्थित हैं।

राजस्थान बोर्ड की दसवीं की परीक्षा के शेष दो पेपर रद करने की याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने किया खारिज

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) राज्य सरकार के वकील का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने आज राजस्थान बोर्ड की दसवीं कक्षा की परीक्षा के शेष दो पेपर रद करने की याचिका खारिज कर दी है। 29 और 30 जून को राजस्थान बोर्ड की दसवीं कक्षा की शेष परीक्षा आयोजित करने के राजस्थान सरकार के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका पर सुनवाई हुई।

पंजाब के सीएम का आदेश,15 जुलाई तक यूनिवर्सिटी व कालेजों की परीक्षाएं रहेंगी स्थगित

चंडीगढ़ ( omtimes ऊँ टाइम्स) पंजाब के  मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब के विश्वविद्यालयों में 15 जुलाई तक परीक्षा लेने पर रोक लगा दी है। मुख्यमंत्री ने यह फैसला तब लिया जब एक दिन पहले फेसबुक लाइव पर विद्यार्थियों व अभिभावकों ने कोरोना वायरस को लेकर वर्तमान हालातों को देखते हुए रोक लगाने की मांग की थी। 
मुख्यमंत्री ने आज घोषणा किया कि 15 जुलाई तक पंजाब में कोई भी विश्वविद्यालय प्रस्तावित परीक्षा नहीं ले सकेंगे। हालांकि इस विषय पर अंतिम निर्णय विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा जारी किए जाने वाले नए दिशानिर्देशों के अधीन होगा।

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने आज अयोध्या में किया रामलला का दर्शन

फैजाबाद ( omtimes ऊँ टाइम्स)  आज अयोध्या दौरे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामलला का दर्शन किया।मुख्यमंत्री ने आज अपने अयोध्या दौरे पर कोविड-19 के साथ ही विकास कार्य व कानून-व्यवस्था की समीक्षा के लिए बैठक की। सर्किट हाउस में करीब एक घंटा की इस बैठक के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने सीधा मणिराम दास की छावनी का रुख किया। जहां पर उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास से मंत्रणा की। राम जन्मभूमि परिसर से सीएम योगी आदित्यनाथ अयोध्या एयरपोर्ट के लिए रवाना हो गए। वहां से लखनऊ के लिए प्रस्थान किया।
अयोध्या दौरे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज रामलला का दर्शन किया। इस दौरान रामलला के मुख्य अर्चक आचार्य सत्येंद्रदास ने रामनामी भेंट कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम जन्मभूमि परिसर में पौधरोपण किया। राम जन्मभूमि परिसर की नक्षत्र वाटिका में सीएम योगी आदित्यनाथ ने पौधरोपण किया। राम जन्मभूमि परिसर में प्रवेश से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास से मुलाकात की। इसके बाद हनुमानगढ़ी पहुंचकर दर्शन पूजन किया। हनुमानगढी मंदिर के महंत राजू दास से मुलाकात किया ।

जिला होशंगाबाद में विश्‍व हिंदू परिषद के जिला गौरक्षा प्रमुख की गोली मारकर हत्या

होशंगाबाद ( omtimes ऊँ टाइम्स) मध्य प्रदेश के होशंगाबाद जिले के पिपरिया में विश्‍व हिंदू परिषद के होशंगाबाद जिला गौरक्षा प्रमुख रवि विश्वकर्मा की लगभग 10 लोगों ने कथित तौर पर लाठी और धारदार हथियारों से हमला करने के बाद गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने बताया कि यह वारदात शुक्रवार शाम करीब सात बजे उस दौरान हुई जब 35 वर्षीय रवि विश्वकर्मा अपने दो साथियों के साथ कार से होशंगाबाद से पिपरिया लौट रहे थे।
पिपरिया पुलिस थाना प्रभारी सतीश अंधवान ने आज बताया कि वापसी के दौरान पिपरिया में घात लगाकर बैठै 10 लोगों ने रवि विश्वकर्मा पर पहले धारदार हथियारों और लाठियों से हमला किया। बाद में गोली मारकर उनकी हत्या कर दी। पुलिस अधिकारी ने बताया कि विश्वकर्मा को दो गोलियां लगीं। एक उनके हाथ पर जबकि दूसरी उनके दूसरे हाथ पर लगने के बाद छाती में जा लगी जिससे उनकी घटनास्‍थल पर ही मौत हो गई। इस हमले में रवि विश्वकर्मा के दो साथी भी घायल हुए हैं। हत्‍या के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए।
सतीश अंधवान ने बताया कि इस मामले में 10 नामजद लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। आरोपियों की तलाश जारी है। अभी तक किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। उन्‍होंने बताया कि यह हत्‍या आपसी रंजिश के चलते की गई हो सकती है। इस वारदात पर विश्‍व हिंदू परिषद के प्रांत सह मंत्री गोपाल सोनी ने कहा कि यह सुनियोजित हत्‍या है। रवि विश्वकर्मा जिले में गायों की रक्षा के लिए काम कर रहे थे। इस हत्‍याकांड की उचित तरीके से जांच की जानी चाहिए। 

भारत ने चीन को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूर्वी लद्दाख सीमा पर तैनात किया उच्च क्षमता की मिसाइलें

OmTimes e-news paper India नई दिल्ली ( omtimes ऊँ टाइम्स)  भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में हुए खूनी झढ़प के बाद भारत अब पूरी तरह से चौकन्ना हो चुका है। वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चीनी लड़ाकू जेट और हेलीकॉप्टर दिखाई देने के बाद भारत अब अपने उच्च मारक क्षमता वाले हथियार एलएसी पर तैनात कर रहा है। भारतीय सेना ने अभी हाल ही में पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में हवा में दूर तक मार करने वाली मिसाइलें तैनात की हैं।
सूत्रों से पता चला है कि क्षेत्र में चल रहे निर्माण के हिस्से के रूप में भारतीय वायु सेना चीनी वायु सेना को मुंहतोड़ जवाब दे सके इसलिए इन मिसाइलों को पूर्वी लद्दाख के भारत चीन सीमा पर तैनात किया गया है।
चीन से तनाव के बीच भारतीय वायुसेना के अभ्यास में सुखोई 30-एमके आइ के साथ ट्रांसपोर्ट विमान व चिनूक हेलीकॉप्टर भी हिस्सा ले रहे हैं। साजो सामान पहुंचाकर क्षेत्र में सेना की ताकत और बढ़ाने के लिए वायुसेना के विमान चंडीगढ़ से लगातार लद्दाख के लिए उड़ान भर रहे हैं। थलसेना व वायुसेना प्रमुख के हाल ही के पूर्वी लद्दाख के दौरों के बाद क्षेत्र की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाली सेना और वायुसेना के हौसले बुलंद हैं।

अमेरिकी इंटेलिजेंस ने दिया चौंकाने वाली जानकारी, सुनकर सभी हो जायेंगे दंग

OmTimes e-News paper India नई दिल्ली ( omtimes ऊँ टाइम्स) अमेरिकी के खुफिया अधिकारियों ने एक बेहद चौंकाने वाली जानकारी दी है, इसे सुनकर सभी हुए दंग । खुफिया अधिकारियों ने बताया कि रूसी सैन्य खुफिया इकाई ने तालिबान से जुड़े आतंकवादियों को अफगानिस्तान में तैनात गठबंधन अमेरिकी सेना के जवानों को मारने के लिए इनाम का पेशकश किया था । रूसी सैन्य इकाई के अधिकारियों ने तालिबान से जुड़े आतंकियों से कहा कि वो ऐसी सेना पर हमला करके उसे कमजोर करें, जिससे यहाँ पर लंबे समय से चल रही लड़ाई खत्म हो सकेगी। संयुक्त राज्य अमेरिका ने महीनों पहले निष्कर्ष निकाला था कि इस्लामी आतंकवादियों और सशस्त्र आपराधिक तत्वों के बीच आपस में संबंध हैं। ऐसा भी माना जाता है कि इस तरह से अमेरिकी सैनिकों पर हमला करने के लिए उन्होंने मोटी रकम जमा कर ली है। याद होगा कि अफगानिस्तान में साल 2019 में युद्ध में बीस अमेरिकी मारे गए थे लेकिन उस समय यह हत्याएं संदेह के दायरे में थीं। अधिकारियों ने कहा कि ये खुफिया जानकारी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को दी गई। उसके बाद व्हाइट हाउस की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने मार्च के अंत में एक बैठक में इस समस्या पर चर्चा भी की थी। अधिकारियों ने इन चीजों का ध्यान रखते हुए संभावित विकल्पों की एक लिस्ट तैयार की थी।  

अमेरिकी और अन्य नाटो सैनिकों की हत्या को प्रोत्साहित करने के लिए यदि रूस की ओर से समर्थन किया गया है तो ये अपने आप में चिंता की बात है। इस तरह की चीजें पता चलने से रूस के प्रति सैनिकों के मन में गुस्सा आएगा। वैसे ये पहली बार होगा जब रूसी जासूस इकाई ने पश्चिमी सैनिकों पर हमला किए जाने के लिए इस तरह की रणनीति अपनाई है।
इस तरह की जानकारी सामने आने के बाद अमेरिका का कहना है कि यदि तालिबान के साथ ऐसे किसी हमले से उनके सैनिकों की मौत मौतें हुईं है तो रूस के खिलाफ युद्ध का एक बड़ा विस्तार भी होगा। अशांति फैलाने के लिए साइबर हमले किए जाएंगे, विरोधियों को अस्थिर करने की रणनीति अपनाई जाएगी।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रेस सचिव दिमित्री पेसकोव ने कहा कि अगर कोई उन्हें निशाना बनाता है, तो वो जवाब देंगे। इस बारे में तालिबान के एक प्रवक्ता से उनकी टिप्पणी जानने की कोशिश की गई मगर  उन्होंने जवाब नहीं दिया। राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद, पेंटागन, विदेश विभाग और सीआईए के प्रवक्ता ने इस बारे में टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
खुफिया अधिकारियों से परिचित अधिकारियों ने रूस के बारे में खुफिया जानकारी का जवाब देने का निर्णय लेने में व्हाइट हाउस की देरी के बारे में नहीं बताया। जबकि उनके कुछ करीबी सलाहकारों, जैसे कि राज्य के सचिव माइक पोम्पिओ, ने रूस की ओर अधिक कट्टर नीतियों की सलाह दी है।
2018 में हेलसिंकी में एक शिखर सम्मेलन में ट्रंप ने दृढ़ता से सुझाव दिया था। उन्होंने पुतिन के इस विश्वास को खारिज कर दिया कि क्रेमलिन ने 2016 के राष्ट्रपति चुनाव में हस्तक्षेप किया था। ट्रंप ने रूस पर प्रतिबंध लगाने वाले एक विधेयक की आलोचना की जब उसने वीटो प्रूफ प्रमुखता से कांग्रेस द्वारा पारित किए जाने के बाद कानून में हस्ताक्षर किए। 
अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर इन चीजों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि खुफिया तंत्र से मिली इस सूचना को गुप्त रखा गया है लेकिन प्रशासन ने इस सप्ताह इसके बारे में विस्तार से जानकारी दी जिसमें ब्रिटिश सरकार के साथ इसके बारे में जानकारी साझा करना शामिल है।
खुफिया मूल्यांकन में कम से कम भाग में पकड़े गए अफगान आतंकवादियों और अपराधियों से पूछताछ के आधार पर बताया गया है। जब दुनिया कोरोना से परेशान है ऐसे में अब इस तरह के खुलासे सामने आ रहे हैं। हालांकि अधिकारियों ने साल में पहले ही खुफिया जानकारी एकत्र कर ली थी, इस बारे में व्हाइट हाउस में मीटिंग भी हुई थी।  ( मीडिया ग्रुप द्वारा प्र0 समाचार)

31 जुलाई तक दिल्ली में बंद रहेंगे स्कूल, दिल्ली के शिक्षा मंत्री ने किया ऐलान

OmTimes e- News paper India नई दिल्ली ( omtimes ऊँ टाइम्स) दिल्ली के शिक्षा मंत्री ने कहा दिल्ली के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को 31 जुलाई 2020 तक बंद रखा जायेगा। यानी, 31 जुलाई 2020 तक दिल्ली के सभी स्कूलों में शैक्षणिक गतिविधियां पूरी तरह से स्थगित रहेंगी। यह घोषणा दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने किया है। आप को बता दें कि देश भर में कोरोना वायरस महामारी के कारण बढ़ते हुए संक्रमण को ध्यान में रख कर यह निर्णय लिया गया है। सिसोदिया ने कहा है कि बच्चों की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है। बच्चों के स्वास्थ्य के साथ कोई जोखिम नहीं उठाया जा सकता है।
आप को बता दें कि देश भर में कोरोना वायरस के संक्रमण से सबसे ज्यादा प्रभावित मुंबई के बाद अगर कोई शहर हुआ है तो वह दिल्ली है। यहां हर दिन तेजी से मामले बढ़ रहे हैं। इस समस्या को मद्देनजर यह फैसला लिया गया है। मार्च में कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने की वजह से सभी स्कूल-कॉलेज सहित शैक्षणिक संसस्थान बंद कर दिए गए थे। इसके बाद जैसे-जैसे लॉकडाउन में छूट मिली थीं, उसके आधार पर शैक्षणिक गतिविधियों को आगे बढ़ाया गया। इसके तहत सीबीएसई बोर्ड सहित कई अन्य राज्यों ने बची हुईं 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं कराने का ऐलान किया। लेकिन कोरोना संक्रमण के नहीं थम रहे मामलों की वजह से आखिरकार सीबीएसई सहित कई अन्य राज्यों को परीक्षाएं टालनी पड़ीं। वहीं हाल ही सीबीएसई ने ऐलान किया है कि वह 15 जुलाई तक परिणाम जारी कर देगा। इसके अलावा कई अन्य बोर्ड पहले ही नतीजे जारी कर चुके हैं। इनमें सबसे पहले बिहार बोर्ड नरे जारी किए थे। वहीं अब कल यानी कि 27 जून को यूपी बोर्ड 10वीं और 12वीं के नतीजे एक साथ जारी करने जा रहा है। शनिवार की दोपहर साढ़े 12  बजे रिजल्ट घोषित किया जाएगा। 

शोहरतगढ़ के उ0नि0 रमाशंकर राय के विरूद्ध कई धाराओं में न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सिद्धार्थनगर में हुआ परिवाद दर्ज

सिद्धार्थनगर ( omtimes ऊँ टाइम्स ) इस जिले के थाना शोहरतगढ़ में तैनात उ0नि0 रमाशंकर राय के विरूद्ध धारा 269, 270, 147, 148, 149, 452, 427, 391, 392, 307, 323, 504, 506, 56 आपदा प्रबन्ध अधिनियम आदि के अन्तर्गत मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सिद्धार्थनगर के न्यायालय में परिवाद पंजीकृत हो चुका है! जिसका परिवाद नम्बर 858/2020 है!

अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा, चीन के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए होगी अमेरिकी सेना की होगी भारत में तैनाती

नई दिल्ली / वाशिंगटन ( omtimes ऊँ टाइम्स) अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोंपियो ने कहा है कि भारत और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के लिए खतरा उत्पन्न कर रहे चीन के कारण उनका देश यूरोपीय देशों से अपनी सेनाएं कम करके अन्य जगहों पर तैनात कर रहा है। पोंपियो ने ब्रसेल्स फोरम में अपने एक वर्चुअल संबोधन के दौरान एक सवाल के जवाब में यह बात कहा। पोंपियो की टिप्पणी भारत और चीन के बीच जारी तनाव के संदर्भ में बेहद अहम है।

पोंपियो से पूछा गया था कि जर्मनी से अमेरिका ने अपनी सेनाएं क्यों कम कर दिया है! उनका जवाब था-क्योंकि उन्हें अन्य जगहों पर भेजा जा रहा है। उन्‍होंने चीन को भारत और दक्षिणपूर्व एशिया के लिए खतरा बताया है। माइक पोंपियो से सवाल किया गया था कि जर्मनी में अमेरिकी सेना की टुकड़ी को क्यों घटा दिया गया। माइक ने कहा कि वहाँ से हटाकर सेना को दूसरी जगह तैनात किया जा रहा है। 
अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा, चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यों के कारण भारत, वियतनाम, मलेशिया, इंडोनेशिया और दक्षिण चीन सागर के इर्द-गिर्द खतरा उत्पन्न हो गया है। हम सुनिश्चित करेंगे कि अमेरिकी सेना इन चुनौतियों का सामना करने के लिए सही जगह तैनात हो। गत सप्ताह भी पोंपियो ने चीन शासन की तीखी आलोचना किया था ।
उन्होंने कहा था कि चीन का शासन नए नियम-कायदे लागू करने की कोशिश कर रहा है। पोंपियो ने कहा कि डोनाल्‍ड ट्रंप प्रशासन ने पिछले दो साल में अमेरिकी सेना की तैनाती की रणनीतिगत तरीके से समीक्षा की है। अमेरिका ने खतरों को देखा है और समझा है कि साइबर, इंटेलिजेंस और मिलिट्री जैसे संसाधनों को कैसे बांटा जाए। 
इससे पहले माइक पोंपियो ने बताया था कि उन्होंने यूरोपियन यूनियन के विदेश नीति के प्रमुख जोसेप बोरेल से चीन को लेकर बातचीत के प्रस्ताव को स्वीकार किया है। इसके लिए वह जल्द ही यूरोप जाने वाले हैं। पोंपियो ने कहा कि सिर्फ अमेरिका ही नहीं है जो चीन का सामना कर रहा है, पूरी दुनिया चीन का सामना कर रही है। पॉम्पिओ ने कहा कि मैंने इस महीने यूरोपियन यूनियन के विदेश मंत्रियों से बात की और चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के बारे में बहुत सा फीडबैक मिला। कई तथ्य सामने आए हैं, जिसमें भारत के साथ लद्दाख में घातक झड़प, पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने उकसावे वाले कार्रवाई की बात थी। इसमें दक्षिण चीन सागर में उसकी आक्रामता,और शांतिपूर्ण पड़ोसियों के खिलाफ खतरे का जिक्र किया गया था। 

महाराष्ट्र, दिल्ली सहित इन राज्‍यों को मिली कोरोना की दवा, जानिए क्या है इसकी कीमत

OmTimes News paper India नई दिल्ली ( omtimes ऊँ टाइम्स)  भारत में लगातार बढ़ रहे कोरोना वायरस के मामले के बीच अब एक अच्छी खबर सामने आ रही है। कोरोना वायरस की जेनेरिक दवा पांच राज्‍यों को भेज दी गई है। हैदराबाद स्थित कंपनी हेटरो ने रेमडेसिवीर का जेनेरिक वर्जन कोविफोर के नाम से बनाया है। कंपनी ने 20,000 वायल की पहली खेप दिल्‍ली, महाराष्‍ट्र, गुजरात और तमिलनाडु जैसे राज्‍यों में भेजी हैं जो कोरोना से बुरी तरह प्रभावित हैं। तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद, जहां ये कंपनी है, वहां भी दवा की पहली खेप यूज होगी। हेटरो के मुताबिक, कोविफोर का 100 मिलीग्राम का वायल 5,400 रुपये में मिलेगा। कंपनी ने अगले तीन-चार हफ्तों में एक लाख वायल तैयार करने का टारगेट सेट किया है।
अभी यह इंजेक्‍शन हैदराबाद में कंपनी की फॉर्म्‍युलेशन फैसिलिटी में बन रहा है। दवा का एक्टिव फार्मास्‍यूटिकल इन्‍ग्रीडिएंट विशाखापट्नम की यूनिट में बनाया जा रहा है। दवा की अगली खेप भोपाल, इंदौर, कोलकाता, पटना, लखनऊ, रांची, भुवनेश्‍वर, कोच्चि, विजयवाड़ा, गोवा और त्रिवेंद्रम भेजी जाएगी। फिलहाल यह दवा केवल अस्‍पतालों और सरकार के जरिए मिल रही है, मेडिकल स्‍टोर्स पर नहीं।
दवा कंपनी सिप्‍ला (Cipla) ने रेमडेसिवीर बनाने वाली अमेरिकन कंपनी गिलेड साइंसेज के साथ लाइसेंसिंग एग्रीमेंट साइन किया है। सिप्‍ला भी यह दवा बनाएगी और बेचेगी। कंपनी का कहना है कि उसकी दवा 5,000 रुपये से कम में उपलब्‍ध होगी। भारत में एलोपैथिक दवाओं के रेग्युलेटर, ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DGCI) ने सिप्‍ला और हेटरो, दोनों को गंभीर कोविड-19 मरीजों पर रेस्ट्रिक्टेड इमरजेंसी यूज के लिए दवा बनाने और बेचने की परमिशन दी है।

बिहार में आंधी और तूफान तथा वज्रपात से 83 की मौत, तेज बारिश का रेड अलर्ट जारी

OmTimes News paper India पटना ( omtimes ऊँ टाइम्स) आज बिहार में वज्रपात से 83 लोगों की मौत हो गई है, वहीं काफी लोग झुलस गए हैं। इनमें से केवल पूर्व बिहार में 22 तथा उत्‍तर बिहार में 23 लोगों की मौत हुई है। बाकी मौतें अन्‍य जिलों में हुई है। मौत का यह आंकड़ा देर रात तक बढ़ भी सकता है। इसके साथ ही उत्तर बिहार सहित कई जिलों में आज काफी तेज बारिश हुई और आंधी-तूफान भी आया। मौसम विभाग ने पहले ही आज और कल के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट के अनुसार गुरुवार को अररिया और किशनगंज जिले को रेड जोन में रखा है। पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सीवान सारण, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, वैशाली, शिवहर, समस्तीपुर, सुपौल, पूर्णिया, सहरसा और मधेपुरा को ऑरेंज जोन में रखा गया है। उधर, प्राकृतिक अापदा में एक साथ 83 मौतों पर मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार और नेता प्रतिपक्ष तेजस्‍वी यादव ने शोक प्रकट किया है। मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने मृतकों के आश्रित को चार-चार लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की। 

सर्वाधिक मौतें पूर्व और उत्‍तर बिहार में हुई – पूर्व बिहार, कोसी और सीमांचल में गुरुवार दोपहर को झमाझम बारिश के दौरान बिजली गिरने सेे 22 लोगों की मौत हो गई। भागलपुर में पांच, बांका में चार, जमुई में एक, खगडिय़ा में एक, किशनगंज में एक, अररिया में एक, पूर्णिया में पांच, सुपौल में दो, सहरसा में एक और मधेपुरा में एक व्यक्ति की मौत वज्रपात से हुई है।  इसी तरह, उत्तर बिहार में गुरुवार को बारिश ने कहर बरपाया। जानमाल और फसलों को भारी नुकसान हुआ। ठनका गिरने से 23 लोगों की मौत हो गई, जबकि आठ लोग झुलस गए। मृतकों में पश्चिम चंपारण के दो, पूर्वी चंपारण के छह, मधुबनी के आठ, समस्तीपुर, सीतामढ़ी और दरभंगा के दो -दो और शिवहर के एक हैं। वहीं, झुलसे लोगों में पश्चिम चंपारण के एक, पूर्वी चंपारण के छह और सीतामढ़ी के एक हैं। पश्चिम चंपारण और सीतामढ़ी जिले में रेड अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा गोपालगंज में 13, सीवान में पांच लोगों की भी मौत की खबर है। 

पूर्व बिहार में हुई 30.6 मिमी बारिश – इधर, बिहार कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विभाग में 30.6 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। विभाग के नोडल पदाधिकारी प्रो. बीरेंद्र कुमार ने बताया कि अगले तीन दिनों तक आसमान में बादल छाए रहेंगे। इस दौरान करीब 100 मिलीलीटर बारिश होने का पूर्वानुमान है। गुरुवार का अधिकतम एवं न्यूनतम तापमान क्रमश: 36.8 और 27 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। हालांकि, बारिश के बाद तापमान गिरकर क्रमश: 29 और 26 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया।.
पश्चिम चंपारण में नदियों के आसपास बसे लोगों को सुरक्षित स्थलों पर जाने का निर्देश दिया गया है। बारिश का पानी पश्चिम चंपारण के बगहा शहरी पीएचसी के ओपीडी कक्ष समेत अन्य कमरों में पानी भर गया। योगापट्टी दियारे की सड़कों पर बारिश का पानी भरने से आवागमन बाधित हो गया है। छोटा चौमुखा से मंगलपुर जाने वाली सड़क पर बारिश का पानी बह रहा है। नवलपुर थाना परिसर और बेतिया गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज परिसर में बारिश का पानी भर गया है। समस्तीपुर में तेज हवा से कई कच्चे घर क्षतिग्रस्त हो गए।  दरभंगा शहर के कई इलाके झील में तब्दील हो गए। जानकारी के अनुसार, बगहा में 110, तो समस्तीपुर में 61 एमएम हुई बारिश। 

अगले 24 घंटों में भारी बारिश का है अलर्ट– मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों में दक्षिण बिहार से गुजर रही टर्फ ऑफ लाइन उत्तर बिहार की ओर शिफ्ट होगी। इसके साथ ही अरब सागर और बंगाल की खाड़ी क्षेत्र से आ रही नमी युक्त हवाओं का उत्तर बिहार में मिलन होगा। इस वजह से भारी बारिश की ऐसी स्थिति बनी है। वहीं पटना में जहां अगले दो दिनों में मौसम में बदलाव दिखेगा, वहीं पारे में उतार-चढ़ाव भी होता रहेगा। 

रेड जोन में है ये जिले – शुक्रवार के लिए राज्य के लगभग 10 जिले रेड जोन में है। इनमें पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, सहरसा और मधेपुरा में भारी से भारी बारिश की स्थिति बन रही है। शुक्रवार को 10 जिलों में रेड अलर्ट के अलावा सिवान, सारण, मुजफ्फरपुर दरभंगा, वैशाली, शिवहर समस्तीपुर, कटिहार, भागलपुर, बांका, मुंगेर, खगड़िया और जमुई के लिए ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है। यानी इलाकों में गरज-धड़क के साथ कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। इन इलाकों में वज्रपात के भी आसार हैं। मौसम विज्ञान विभाग की ओर से अगले 48 घंटों में मौसम की अनुमानित स्थिति से राज्य सरकार को अवगत करा दिया गया है। 

मृतकों की सूची – गोपालगंज में 13, पूर्वी चम्पारण में 5, सीवान में 6, दरभंगा में 5, बाॅका में 5, भागलपुर में 6, खगड़िया में 3, मधुबनी में 8, पश्चिम चम्पारण में 2, समस्तीपुर में 1, षिवहर में 1, किशनगंज में 2, सारण में 1, जहानाबाद में 2, सीतामढ़ी में 1, जमुई में 2, नवादा में 8, पूर्णिया में 2, सुपौल में 2, औरंगाबाद में 3, बक्सर में 2, मधेपुरा में 1 और कैमूर में 2

बंगाल में ममता बनर्जी ने किया ऐलान, लॉकडाउन अब 31 जुलाई तक रहेगा, लोकल ट्रेनें व मेट्रो सेवा रहेगी बंद

OmTimes e-News Paper India कोलकाता (ऊँ टाइम्स omtimes ) बंगाल में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को राज्य में लॉकडाउन को 31 जुलाई तक के लिए बढ़ाने का घोषणा कर दिया है । इस अवधि के दौरान राज्य में लोकल ट्रेनें और मेट्रो सेवाओं को फिर से शुरू करने की भी इजाजत नहीं होगी। इसके साथ सभी स्कूल- कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थान भी बंद रहेंगे। कोरोना संकट पर इस दिन राज्य सचिवालय नवान्न में सर्वदलीय बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने इसका घोषणा किया। ममता ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि बंगाल सरकार ने कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लॉकडाउन बढ़ाने का निर्णय लिया है।
हालांकि उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में पहले से छूट दी गई है ,वह जारी रहेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कंटेनमेंट जोन में लाकडाउन का सख्ती से पालन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बंगाल सहित देशभर में कोविड-19 स्थिति लगातार बिगड़ रही है। उसके मद्देनजर यह फैसला लिया गया है। हालांकि बैठक में विभिन्न दलों की अलग-अलग राय थी। सभी लॉकडाउन बढ़ाए जाने को लेकर एकमत नहीं थे।
माकपा के राज्य सचिव सूर्यकांत मिश्रा ने कहा कि लॉकडाउन के संबंध में बनी कमेटी को ही फैसला लेना चाहिए। उल्लेखनीय है कि इससे पहले बंगाल सरकार ने 30 जून तक लॉकडाउन बढ़ाने की घोषणा की थी। वहीं, सभी शिक्षण संस्थानों को भी 31 जुलाई तक बंद रखने की राज्य सरकार ने पहले ही घोषणा की थी।

भारत के इस राज्‍य में विदेश से लौटने वाले लोगों को अब पहननी होगी पीपीई किट

तिरुवनंतपुरम (ऊँ टाइम्स)  केरल सरकार विदेशों से लौटने के इच्छुक अपने राज्य के निवासियों को फ्लाइट में बैठने से पहले कोरोना संक्रमण की जाँच अनिवार्य कर पहले ही आलोचना का सामना कर रही थी, इसी बीच मुख्‍यमंत्री पिनराई विजयन ने साप्‍ताहिक बैठक के बाद विदेश से राज्‍य में लौटने वाले लोगों के लिए पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट किट (पीपीइ किट) पहनना भी जरूरी कर दिया है। इसका मतलब यह है कि अगर कोई विदेश से केरल में आता है, तो उसके हाथ में कोरोना की जांच रिपोर्ट और शरीर पर पीपीई किट होनी चाहिए।
पिनराई विजयन ने पहले विदेश से लौटने वाले निवासियों के लिए हेल्‍थ सर्टिफिकेट की अनिवार्यता 20 जून से तय कर दिया था, लेकिन बाद में उसकी समय सीमा बढ़ा कर 25 जून कर दी गई थी। अब कल से केरल में यह नियम लागू होगा। सूत्रों के अनुसार, विजयन ने अब जोर देकर कहा है कि यह सुनिश्चित करना एयरलाइनों की जिम्मेदारी होगी कि आने वाले सभी यात्रियों ने पीपीइ किट पहनी हो।
वहीं, केरल के पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी ने भी विजयन के पीपीइ किट के निर्णय का स्‍वागत किया है। उन्‍होंने कहा, ‘देखिए, हमारी एकमात्र मांग यह है कि राज्‍य सरकार द्वारा लिया जाने वाला कोई भी निर्णय व्यावहारिक होना चाहिए। स्वास्थ्य प्रमाणपत्र पर जोर देना अव्यावहारिक था। हमारे देश के लोगों के लिए यह कैसे संभव है, जब मध्य पूर्व के कई देशों में कोरोना जांच की सुविधाएं ही नहीं हैं? जहाँ तक पीपीइ किट का सवाल है, हम केरल सरकार से यात्रियों को पूरी सुरक्षा प्रदान करने का आग्रह करते हैं।’
हालांकि, विपक्ष के नेता रमेश चेन्निथला ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि विजयन जैसे व्यक्ति के पास कोई समझा नहीं है कि वह क्या कर रहा है। इस तरह ‘अजीब’ विचार पेश किए जा रहे हैं, जिन्‍हें बाद में उन्‍हें स्वयं बदलने पड़े। हम पीपीइ किट की अनिवार्यता का विरोध करते हैं। बता दें कि 7 मई से, 80,000 केरल मूल निवासी विदेश से राज्य लौट आए हैं। राज्य के स्वामित्व वाली नॉर्का रूट्स वेबसाइट पर लगभग चार लाख लोगों द्वारा राज्‍य में लौटने के लिए पंजीकरण किए गए हैं।

बिना मास्क पहने सार्वजनिक स्थान पर दिखे राष्ट्रपति बोल्सोनारो, जज ने लगाया 400 डॉलर का जुर्माना

ब्राजील/ नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) पूरे विश्व में कोरोनावायरस का कहर बरकरार है, इससे बचाव के लिए सिर्फ चेहरे पर मास्क लगाना और हाथ को सेनिटाइजर और साबून से हमेशा हाथों को और अन्य आवश्यक अंगों को घुलाई करने की जरूरत है ! लेकिन कई देशों में बहुत से लोग अभी भी इसका पालन नहीं कर रहे हैं। इसमें आम लोगों के साथ कुछ देशों के बड़े नेता और राष्ट्रपति तक शामिल है। 
ब्राजील में एक आदेश में, न्यायाधीश रेनाटो कोल्हो बोरेली ने राष्ट्रपति को चेतावनी दी कि वह बिना मास्क के कई जगहों पर सार्वजनिक रूप से दिखाई दिए हैं इस वजह से उन पर 400 डॉलर का जुर्माना लगाया जाता है। उनको ये कीमत चुकानी पड़ेगी। न्यायाधीश का आदेश उस समय आया है कि जब कोरोनावायरस ने दुनियां भर में एक करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है। अपने आदेश में, न्यायाधीश ने लिखा है कि यदि सोशल साइट Google में बोल्सोनारो की तस्वीर खोजी जाए तो वो बिना मास्क के ही दिखाई देती है। वो राजधानी में चारों ओर बिना मास्क के ही घूमते हुए दिखाई देते हैं।   
ब्राजील में हाल ही में ऐसा ही एक मामला सामने आया है। इसमें राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो को सार्वजनिक स्थानों पर बिना मास्क के पहुंचने पर न्यायाधीश ने फटकार लगाई है। न्यायाधीश इस बात को लेकर और भी गुस्से में थे कि जब कुछ समय पहले तक कोरोनावायरस की वजह से ब्राजील एक हॉटस्पाट बना हुआ था उसके बाद भी एक राष्ट्रपति की ओर से सार्वजनिक स्थानों पर मास्क का इस्तेमाल क्यों नहीं किया जा रहा है।
हालांकि, राजधानी ब्रासीलिया के अधिकारियों ने निवासियों को मास्क पहनने का आदेश दिया है। वो जब भी अपने घर से बाहर होते हैं तो वो मास्क का इस्तेमाल करते हैं। सार्वजनिक जगहों पर वो बिना मास्क के घूमते हुए नहीं दिखते हैं जबकि राष्ट्रपति बोल्सनारो को अक्सर बिना मास्क और अपने चेहरे को ढके हुए ही देखा गया। वो सार्वजनिक जगहों पर बिना मास्क के पहुंच जाते हैं और लोगों से हाथ मिलाते हुए भी दिखते हैं मगर किसी तरह से सावधानी नहीं बरतते हैं। वो न तो मास्क लगाते हैं ना ही सैनिटाइजर का इस्तेमाल करते हुए नजर आते हैं।
अकेले कोरोनावायरस से ब्राजील में 50 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। कुछ दिन पहले भी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने एक दिन में 1000 से अधिक लोगों की कोरोनावायरस से मौत की सूचना दी है।

गलवन घाटी के तनाव का असर मास्को के विकट्री परेड पर भी, नहीं मिलेंगे भारत और चीन के रक्षा मंत्री

undefined मास्‍को/नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) भारत-चीन बार्डर पर स्थित पूर्वी लद्दाख के गलवन घाटी पर भारत-चीन के मध्‍य तनाव का असर मास्‍को की विजय परेड पर भी दिखेगा। भारत ने दो टूक कहा है कि रूस की राजधानी मास्‍को में भारत के रक्षा मंत्री की मुलाकात चीन के उनके समकक्ष के साथ नहीं होगी। भारत ने उस खबर का खंडन किया है, जिसमें यह कहा जा रहा था कि रूस के दौरे पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मुलाकात अपने चीनी समकक्ष के साथ होगी। मॉस्‍को के 75वीं विकट्री परेड में चीन के विदेश मंत्री भी शामिल होंगे। आप को बता दें कि 15 जून को पूर्वी लद्दाख के गलवन घाटी में दोनों सेनाओं के बीच हुई हिंसक झड़प में भारत के 20 सैनिकों की मौत हो गई थी। इस संघर्ष में 35 चीनी सैनिक भी हताहत हुए थे। इसके बाद दोनों देशों के बीच सीमा पर तनाव बरकरार है। यह टकराव चीन की सोची समझी रणनीति का हिस्‍सा है। 
रूस के निमंत्रण पर तीन दिवसीय दौरे पर मॉस्को गए राजनाथ ने कहा कि रूस के उपप्रधानमंत्री यूरी बोरिसोव की मुलाकात में रक्षा सहयोग की समीक्षा के साथ ही इस पर विस्तार से चर्चा हुई है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के न्योते पर रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन इसी साल भारत आने को तैयार हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट कर कहा कि रूस के उप प्रधानमंत्री यूरी बोरिसोव के साथ एक शानदार बैठक हुई है। भारत और रूस विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त सामरिक भागीदारी करते हैं और रक्षा संबंध इसके महत्वपूर्ण स्तंभों में से एक है। हमने अपने रक्षा सहयोग की समीक्षा की और इसके विस्तार के तरीकों पर चर्चा की।

यूपी के जिला सिद्धार्थनगर का थाना शोहरतगढ़ फ्राड और मानवाधिकार हनन का बना गढ़

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) उत्तर प्रदेश के जिला सिद्धार्थनगर में स्थित बहुचर्चित थाना शोहरतगढ़ इस समय फ्राड और मानवाधिकार हनन का गढ़ बन गया है! इस थाने में तैनात उप निरीक्षक रमाशंकर राय के काले कारनामें की एक और कलई खुल गई, इस थाने में दर्ज एफआईआऱ नम्बर 112/2020 जिसमें दो नामजद और अन्य अज्ञात के मनगढ़न्त विवेचना में अज्ञात के जगह पर एक ऐसे ब्यक्ति का नाम डाल दिये जो कि उक्त एफआईआर में वर्णित घटना के समय के कई घंटा पहले से ही ऊँ टाइम्स समाचार पत्र के गौहनियां स्थित सम्पादकीय कार्यालय में समाचार संपादन का कार्य कर रहा था! जिसका नाम अविनाश द्विवेदी है! जब उपरोक्त वर्णित एफआईआर में वर्णित घटना के समय अविनाश ऊँ टाइम्स ई समाचार पत्र के कार्यालय पर था तो उसका नाम उस घटना में कैसे दर्ज कर लिया विवेचक उ0नि0 रमाशंकर राय ने? लगता है कि दिनांक 4 मई 2020 को रमाशंकर राय द्वारा किये गये कारनामें, जिसका समाचार सिद्धार्थनगर टाइम्स ने 5 मई 2020 को प्रकाशित किया था, से खिन्न होकर एसआई रमाशंकर राय अविनाश द्विवेदी को फर्जी फंसा रहे हैं! फिलहाल इस थाने के फराड का यह एक नमूना मात्र है!

पंजाब में भी होटल और रेस्टोरेंट में बैठकर खानेे की मिली अनुमति, गाइडलाइन हुआ जारी

OmTimes News Paper India undefined पंजाब (ऊँ टाइम्स) यहाँ की सरकार ने लॉकडाउन को पूरी तरह से खोलने की तरफ तेजी से कदम बढ़ाना शुरू कर दिया है! सरकार ने रेस्टोरेंट को लेकर गाइडलाइंस जारी कर दिया है। अब फिर से राज्य में लोग रेस्टोरेंट में खाने का मजा ले सकेंंगे। राज्य में रेस्टोरेंट रात 8 बजे तक सर्विस दे सकते हैंं। हालांकि इस दौरान कोरोना की रोकथाम के लिए जारी उपायों का पालन करना होगा। होटल या रेस्टोरेंट की स्ट्रेंथ 50 फीसद ही होनी चाहिए। लोग होटल व रेस्टोरेंट अब पार्टी भी बुक करा सकतेे हैं।
आप को बता दें कि, इससे पहले पंजाब सरकार ने 8 जून से राज्य में शॉपिंग मॉल्स, होटल, रेस्टोरेंट और धार्मिक स्थलों को खोलने की इजाजत दी थी, लेकिन इस इजाजत में होटलों व रेस्टोरेंटों में बैठकर खाना खाने का अनुमति नहीं दी गई थी, लेकिन सरकार ने अब नई गाइडलाइन जारी कर इसकी अनुमति दे दी है। इससे होटल व रेस्टोरेंट मालिकों को काफी राहत मिलेगी।
इससे पहले सरकार ने सभी धार्मिक स्थल खोलने की भी अनुमति दी थी। धार्मिक स्थल सुबह 5:00 बजे से लेकर शाम 8:00 बजे तक खुल रहे हैं। धार्मिक स्थलों पर एक समय में 20 लोगों को ही इकट्ठा होने की अनुमति है। शॉपिंग मॉल भी खुल चुके हैं। यहांं पर 2 गज की दूरी के नियम का पालन किया जा रहा है। अभी तक मॉल्स में बने रेस्टोरेंट और फूड ज्वाइंट में बैठकर खाना खानेे की अनुमति नहीं थी, लोगों को होम डिलीवरी या टेक अवे की सुविधा मिल रही थी, लेेेेेकिन सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन में अब लोग बैठकर खाना खा सकेंगे।

हज के लिए सीमित संख्या में पहुंचेंगे यात्री, जानिए कितने सालों बाद ऐसा हुआ है हालात

OmTimes News paper India undefined नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) इस बार कोरोना महामारी के कारण सऊदी अरब हज यात्रा में दुनिया भर के लाखों मुस्लिम हिस्सा नहीं ले सकेंगे। सऊदी अरब सरकार की ओर से सोमवार को यह घोषणा किया गया है कि इस साल बहुत ही सीमित संख्या में लोग हज यात्रा कर सकेंगे। इसमें सऊदी अरब में ही रहने वाले लोग प्रमुख रूप से शामिल होंगे।
अगले माह हज यात्रा होने वाली है। मुस्लिमों के लिए जीवन में एक बार हज यात्रा करना जरूरी माना जाता है, इस वजह से पूरी दुनियां के मुस्लिम समाज के लोग इस यात्रा के शुरू होने का इंतजार करते हैं। यात्रा के लिए कई माह पहले ही रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो जाती है, इस साल भी यह प्रक्रिया चल रही थी मगर अब इस पर रोक लग गई है।
यात्रा के लिए कई महीने पहले ही रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो जाती है, इस साल भी यह प्रक्रिया चल रही थी, मगर अब इस पर रोक लग गई है। एक बात और भी है कि इस यात्रा को करने के लिए समाज के लोग अपनी कमाई का एक हिस्सा बचाकर रखते हैं, ऐसे लोगों के लिए ये निराशा वाली खबर है। 

सऊदी अरब की ओर से कहा गया है कि साल 1932 के बाद पहली बार हज यात्रा पर इस तरह से प्रतिबंध लगाया गया है। इससे पहले भी युद्ध और भयंकर छुआछूत वाली बीमारियों के कारण इस यात्रा को रद्द किया गया है लेकिन 1800 के बाद से इस पर कोई खास असर नहीं पड़ा था। उस समय हैजा और प्लेग जैसी बीमारियों का प्रकोप फैला था। इस वजह से भी लोग बड़ी संख्या में इस यात्रा से दूर थे।
हालांकि इस बार यात्रा को पूरी तरह से रद्द नहीं किया गया है, बल्कि सुरक्षा की दृष्टि से तीर्थयात्रियों की कुल संख्या को जरूर कम किया जा रहा है। तीर्थयात्रा की देखरेख करने वाले हज मंत्रालय और उमराह राज्य सरकार द्वारा संचालित सऊदी प्रेस एजेंसी की ओर से दिए गए एक बयान में कहा गया है कि इस साल केवल सऊदी अरब और अन्य राष्ट्रीयताओं के तीर्थयात्रियों का स्वागत किया जाएगा जो पहले से ही राज्य के अंदर रह रहे हैं। 
सऊदी जनरल अथॉरिटी फॉर स्टैटिस्टिक्स के अनुसार पिछले साल, 24.9 लाख तीर्थयात्रियों ने हज यात्रा की थी। हज करने के लिए 18.6 लाख यात्री सऊदी अरब के बाहर से आए थे। तीर्थ यात्रा में शामिल होने के लिए दुनियां भर के देशों से हवाई जहाज और अन्य माध्यम से यहां पहुंचते हैं,और कई दिनों तक धार्मिक संस्कारों की एक श्रृंखला का पालन करते हैं। इस वजह से यहाँ पर काफी भीड़ हो जाती है। रात में कई लोग टेंट या अन्य भीड़ भरे आवासों में एक साथ सोते हैं और भोजन भी साथ ही करते हैं। इसके अलावा जब ये लोग हज करके वापस घर लौटते हैं तो उस इलाके के लोग काफी संख्या में जमा होकर उनका स्वागत भी करते हैं। 
हज यात्रा सऊदी अरब के लिए एक बड़े व्यापार जैसा होता है, ऐसे में यहां पर दुनियां भर से लाखों लोग पहुंचते हैं, इससे सऊदी अरब को काफी इनकम भी होती है। मगर इस बार हज यात्रियों को रोके जाने से सऊदी अरब की आर्थिक स्थिति पर भी असर पड़ेगा। सरकारी आंकड़ों के अनुसार हज यात्रा और उमरा से सऊदी अरब प्रति वर्ष लगभग 1200 करोड़ डॉलर कमाता हैं।

सऊदी अरब के शासक क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने कहा कि अर्थव्यवस्था को देखते हुए यात्रियों को बढ़ाने की संख्या पर विचार किया जाए। राज्य को उस आय की और भी अधिक आवश्यकता है क्योंकि कम तेल की कीमतों ने राज्य को आय से वंचित कर दिया है और बजट घाटे का निर्माण किया है। सऊदी अरब ने अर्थव्यवस्था को होने वाले नुकसान के साथ लॉकडाउन को संतुलित करते हुए वायरस को नियंत्रित करने के लिए संघर्ष किया है।
कोरोनावायरस पर नियंत्रण के लिए सऊदी सरकार की ओर से भी कई हिस्सों में लॉकडाउन किया गया था जिससे सरकार को आर्थिक नुकसान हुआ है। उम्मीद थी कि हजयात्रा से इसकी भरपाई हो जाएगी मगर अब उस पर भी ग्रहण लग गया है। वायरस के प्रसार को धीमा करने के लिए राज्य की ओर से फरवरी में मक्का और मदीना में पवित्र स्थलों को बंद कर दिया गया है। 

अप्रैल में एक सऊदी अधिकारी ने तीर्थयात्रियों को चेतावनी दी कि वे इस साल हज के लिए बना रही अपनी यात्रा को रद्द कर दें। अब सऊदी सरकार की इस घोषणा ने उन लोगों को और भी निराश किया है जो इस साल हज यात्रा की योजना बना रहे थे। इसलिए जिन मुसलमानों ने यात्रा के लिए वर्षों की बचत और बुकिंग के लिए पैसे जमा किए थे उन्हें अब अगले साल तक इंतजार करना होगा।  
जुलाई के आखिर में होने वाली यह तीर्थयात्रा दुनियां के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में एक है। इस दौरान 20 लाख से अधिक मुस्लिम सऊदी अरब की यात्रा कर धार्मिक आयोजन में भाग लेते हैं। 
इंडोनेशिया, जहाँ दुनियां की सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी रहती है, ने इस साल अपने नागरिकों के हज में भाग लेने से मना कर दिया है। इंडोनेशिया से लगभग 2,20,000 लोग सालाना कार्यक्रम में भाग लेते हैं। 

चीन ने यह कबूल किया कि गलवन में मारा गया उसका सैन्य कमांडर, बार्डर के सभी अग्रिम मोर्चो पर हुई सेना की तैनाती

OmTimes News paper Indiaundefined नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) पूर्वी लद्दाख के वास्तविक नियंत्रण रेखा पर गलवन घाटी में कुछ दिन पूर्व हुए खूनी संघर्ष से उत्पन्न तनाव के हालात का रास्ता निकालने को लेकर भारत और चीन के बीच कमांडर स्तर की बैठक हुई, जिसमें भारत ने एलएसी पर पूर्व की यथास्थिति बहाली की शर्त में कोई नरमी नहीं दिखाई। वहीं चीन ने भी अभी तक अपना रुख नहीं बदला है। हालांकि कमांडर कांफ्रेंस के दौरान चीन ने पहली बार यह कबूल किया कि गलवन घाटी के संघर्ष में चीनी सेना का कमांडर भी मारा गया था। इस बीच सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवाणे ने सेना के शीर्ष कमांडरों के साथ बैठक में मौजूदा हालात पर चर्चा किया।

अब सेना के साथ वायुसेना ने चीन से लगी साढ़े चार हजार किलोमीटर की लंबी सीमा के सभी अग्रिम मोर्चो पर अपनी तैनाती और मोर्चेबंदी को बढ़ा दिया है। गलवन घाटी की हिंसक झड़प के बाद गुरूवार को हुई आखिरी बातचीत के बाद भारत और चीन के कमांडरों की सोमवार को कमांडर स्तर की वार्ता का दौर फिर शुरू हुआ। गलवन घाटी के निकट चुशूल सेक्टर में चीन के मोल्डो सैन्य कैंप पर हुई दोनों देशों के कमांडर स्तर की वार्ता में भारत की ओर से मेजर जनरल हरेंद्र सिंह ने भाग लिया। इस बैठक के नतीजों पर अभी किसी तरह की औपचारिक या अनौपचारिक जानकारी साझा नहीं की गई है।
हालांकि सूत्रों ने इतना जरूर बताया कि कमांडर स्तर की वार्ता के शुरूआती क्रम में ही चीन ने 15-16 जून की रात गलवन घाटी की हिंसक झड़प में अपने सैन्य कमांडर के भारतीय सैनिकों के हाथों मारे जाने की बात कही। लेकिन इस झड़प में कितने चीनी सैनिक मारे गए इसका खुलासा चीन ने अभी तक नहीं किया है। वैसे भारत की ओर से इस घटना में 40 से अधिक चीनी सैनिकों के मारे और घायल होने की बात बताई गई है।

पूर्वी लद्दाख के इलाकों में चीनी अतिक्रमण से बढ़े तनाव के मद्देनजर सेना प्रमुख जनरल नरवाणे ने सेना के कमांडरों की दो दिन की कांफ्रेंस में इस मुद्दे पर शीर्ष कमांडरों के साथ गहन मंत्रणा की। सेना ने आधिकारिक रुप से भी कहा कि पूर्वी और पश्चिमी दोनों फ्रंट की सामरिक चुनौतियों और हालात पर चर्चा इस कांफ्रेंस का एजेंड़ा है। कमांडर कांफ्रेंस इस लिहाज से भी बेहद अहम है कि सरकार ने शीर्ष सैन्य नेतृत्व से मशविरे के बाद एलएसी पर चीन की आक्रामकता को थामने के लिए एलएसी पर हथियारों का उपयोग करने की भी खूली छूट दे दी है। सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में लद्दाख समेत चीन से लगे सभी अग्रिम मोर्चे पर सेना की आपरेशनल तैयारियों और रणनीति की समीक्षा की गई। साथ ही सेना प्रमुख ने किसी भी हालात से निपटने को लेकर भी कमांडरों से चर्चा की।
सेना ने पूर्वी लद्दाख के सभी अग्रिम मोर्चों पर हथियारों और साजो समान के साथ बड़ी संख्या में सैनिकों को तैनात कर दिया है। वायुसेना भी एलएसी के निकट के अपने फारवर्ड बेस पर हाई अलर्ट मोड में है तो नौसेना हिन्द महासागर में पूरी तरह चीनी चुनौती को लेकर सतर्क। इस बात की भी संभावना है कि अगले कुछ दिनों में सेना प्रमख खुद लद्दाख में हालात और रणनीति की समीक्षा करने के लिए वहां का दौरा कर सकते हैं।
सूत्रों ने कहा कि कमांडर कांफ्रेंस के दौरान चीन के साथ एलएसी पर जारी टकराव को देखते हुए पश्चिमी सीमा पर पाकिस्तान के हालात का फायदा उठाने की कोशिशों को लेकर भी मंत्रणा हुई। इस बात की आशंका जाहिर की गई कि पाकिस्तान इस स्थिति का फायदा उठाने का प्रयास कर सकता है और एलएसी पर अभी सीज फायर का उल्लंघन करने की उसकी हरकत इसी ओर इशारा कर रही है। इसीलिए सेना को चीन ही नहीं पाकिस्तान की चुनौती को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।

इस मुस्लिम भक्त की मजार पर जरूर रुकता है भगवान जगन्नाथ का रथ, जानिए कौन है यह भक्त

undefined भुवनेश्वर /नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  कोरोना महामारी के खतरे को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट द्वारा 18 जून को भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा पर रोक लगाई गई थी। इस आदेश को वापस लेने के लिए 21 लोगों ने सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। इनमें एक 19 वर्षीय मुस्लिम छात्र है, जिसकी सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है। दरअसल इस युवक की तुलना इतिहास के एक मुस्लिम भक्त से की जा रही है, जिसे प्रभु जगन्नाथ का सबसे बड़ा भक्त माना जाता है। यही वजह है कि प्रत्येक वर्ष जब भगवान की रथ यात्रा मंदिर से निकलती है तो खुद ब खुद अपने सबसे बड़े भक्त की मजार पर कुछ देर के लिए रुक जाती है। आइये जानते हैं इतिहास और वर्तमान के इस मुस्लिम भक्तों की कहानी और मजार पर रथ के रुकने के पीछे क्या है मान्यता।

आप को मालूम हो कि ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा 23 जून 2020 को आयोजित होनी है। प्रत्येक वर्ष इस रथ यात्रा में देश-विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु भगवान का रथ खींचने के लिए आते हैं। भक्तों की इसी भीड़ को कोरोना संक्रमण के लिए बड़ा खतरा मानते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस वर्ष रथ यात्रा पर रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश पर 21 लोगों ने पुनर्विचार याचिका दायर की है। याचिकाकर्ताओ में ओडिशा के न्यागढ़ जिले का रहने वाला 19 वर्षीय बीए (अर्थशास्त्र) अंतिम वर्ष का छात्र आफताब हुसैन भी शामिल है। सोशल मीडिया पर उसकी तुलना भगवान जगन्नाथ के सबसे बड़े भक्त सालबेग से हो रही है। लोग उसे दूसरा सालबेग बता रहे हैं।
आफताब हुसैन के मुताबिक बचपन से ही वह भगवान जगन्नाथ के भक्त थे। उनके दादा मुल्ताब खान भी भगवान जगन्नाथ के बड़े भक्त थे। उसके दादा ने वर्ष 1960 में इटामाटी में भगवान ब्रह्मा, विष्णु व महेश के एक मंदिर का निर्माण कराया था, जिसे त्रिनाथ मंदिर के नाम से जाना जाता है। आफताब के अनुसार उन्होंने भगवान जगन्नाथ पर कई किताबें पढ़ीं हैं। इसससे भगवान जगन्नाथ के प्रति उनकी आस्था और गहरी हो गई। आफताब बताते हैं कि उनके पिता इमदाद हुसैन, मां राशिदा बेगम और छोटे भाई अनमोल ने कभी उन्हें भगवान जगन्नाथ की अराधना करने से नहीं रोका। मीडिया से बातचीत में आफताब ने बताया कि उन्हें मंदिर में प्रवेश की अनुमति नहीं है, इसलिए वह कभी मंदिर के अंदर नहीं गए हैं। आफताब मानते हैं कि ब्रह्माण को बनाने वाले केवल एक हैं भगवान जगन्नाथ, जिसने सबको बनाया है। सालबेग, 17वीं शताब्दी की शुरूआत में मुगलिया शासन के एक सैनिक थे, जिन्हें भगवान जगन्नाथ का सबसे बड़ा भक्त माना जाता है। सालबेग की माता ब्राह्मण थीं, जबकि पिता मुस्लिम थे। उनके पिता मुगल सेना में सूबेदार थे। इसलिए सालबेग भी मुगल सेना में भर्ती हो गए थे। एक बार मुगल सेना की तरफ से लड़ते हुए सालबेग बुरी तरह से घायल हो गए थे। तमाम इलाज के बावजूद उनका घाव सही नहीं हो रहा था। इस पर उनकी मां ने भगवान जगन्नाथ की पूजा की और उनसे भी प्रभु की शरण में जाने को कहा। मां की बात मानकर सालबेग ने भगवान जगन्नाथ की प्रार्थना शुरू कर दी। उनकी पूजा से खुश होकर जल्द ही भगवान जगन्नाथ ने सालबेग को सपने में दर्शन दिया। अगले दिन जब उनकी आंख खुली तो शरीर के सारे घाव सही हो चुके थे! इसके बाद सालबेग ने मंदिर में जागर भगवान जगन्नाथ के दर्शन करने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया। इसके बाद सालबेग मंदिर के बाहर ही बैठकर भगवान की अराधना में लीन हो गए। इस दौरान उन्होंने भगवान जगन्नाथ पर कई भक्ति गीत व कविताएं लिखीं। उड़ीया भाषा में लिखे उनके गीत काफी प्रसिद्ध हुए, बावजूद उन्हें मंदिर में प्रवेश नहीं मिला। इस पर सालबेग ने एक बार कहा था कि अगर उनकी भक्ति सच्ची है तो उनके मरने के बाद भगवान जगन्नाथ खुद उनकी जमार पर दर्शन देने के लिए आएंगे। सालबेग की मौत के बाद उन्हें जगन्नाथ मंदिर और गुंडिचा मंदिर के बीच ग्रांड रोड के करीब दफना दिया गया।
मजार पर इस लिए रुकता है भगवान जगन्नाथ का रथ- ऐसी मान्यता है कि सालबेग की मृत्यु के बाद जब रथ यात्रा निकली तो रथ के पहिये मजार के पास जाकर थम गए। लोगों ने काफी कोशिश की, लेकिन रथ मजार के सामने से नहीं हिला। तब एक व्यक्ति ने तत्कालीन ओडिशा के राजा से कहा कि वह भगवान के भक्त सालबेग का जयकारा लगवाएं। उस व्यक्ति की सलाह मानकर जैसे ही सालबेग का जयघोष हुआ, रथ अपने आप चल पड़ा। ऐसी मान्यता है कि तभी से भगवान जगन्नाथ की इच्छा अनुरूप उनकी सालाना आयोजित होने वाली तीन किलोमीटर लंबी नगर रथ यात्रा को कुछ देर के लिए उनके भक्त सालबेग की मजार पर रोका जाता है।

बिहार में नेपाल ने किया पांच सौ मीटर भूमि पर दावा, नेपाल ने रोक दिया बांध की मरम्‍मत

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नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) कालापानी ,लिपुलेख व लिंपियाधुरा के सीमा विवाद व अन्‍य मसलों पर नेपाल से भारत के बढ़ते तनाव के दौरान दोनों देशों के बीच अब एक और विवाद खड़ा हो गया है। नेपाल ने बिहार के चंपारण क्षेत्र स्थित एक बांध की मरम्‍मत पर रोक लगाते हुए वहां के पांच सौ मीटर भूखंड पर अपना दावा किया है। यह बांध नेपाल से आने वाली लालबकेया नदी पर पहले से ही है। इस घटना से नेपाल व भारत में नया तनाव पैदा हो गया है।

बिहार सीमा पर नेपाल ने रोक दिया है बांध की मरम्‍मत – नेपाल ने बिहार के पूर्वी चंपारण के ढाका अनुमंडल स्थित बलुआ गुआबारी पंचायत के निकट लालबकेया नदी पर बांध की मरम्‍मत के कार्य को रोक दिया है। नेपाल का कहना है कि यह बांध उसकी जमीन पर बनाया जा रहा है। नेपाल के विरोध के बाद बिहार के सिंचाई विभाग ने भारतीय क्षेत्र में काम रोक दिया है। पूर्वी चंपारण जिला प्रशासन ने घटना की जानकारी नेपाल में भारतीय महावाणिज्य दूतावास सहित केंद्रीय गृह मंत्रालय और राज्य सरकार को दे दी है।

भीषण बाढ़ के कारण सन् 2017 में टूट गया था बांध – बांध की मरम्‍मत करा रहे सिंचाई विभाग के इंजीनियर बबन सिंह ने बताया कि लालबकेया नदी का पश्चिमी बांध 2017 में आयी बाढ़ से टूट गया था। इसकी मरम्मत पर नेपाल ने आपत्ति जताई, जिसके बाद काम रोक दिया गया। बांध बन जाए तो पूर्वी चंपारण जिले के ढाका और पताही में बाढ़ की रोकथाम करना संभव होगा।

भारत और नेपाल के बीच है 500 मीटर भूखंड का है विवाद- भारत के सशस्‍त्र सीमा बल (एसएसबी) व पूर्वी चंपारण जिला प्रशासन के अनुसार यह विवाद भारत- नेपाल सीमा पर पीलर संख्या 345/5 और 345/7 के बीच के पांच सौ मीटर के भूखंड को लेकर है। नेपाल बांध को लेकर जब भी आपत्ति करता था, भारत व नेपाल के अधिकारी बातचीत से मामला सुलझा लेते थे, लेकिन इस बार दोनों देशों के बीच बढ़े तनाव के बीच ऐसा संभव नहीं हो सका। सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों का मानना है कि बांध के विवाद को नेपाली सशस्त्र सीमा प्रहरी व सीमा पार के नेपाली नागरिक उलझा रहे हैं। नेपाल के ग्रामीणों ने एसएसबी के साथ दुर्व्यवहार भी किया।

इस विवाद में दूसरे देश का हाथ होने की है आशंका- इस बीच बांध की मरम्‍मत पर लगी रोक से सीमाई इलाके में लोग डरे हुए हैं। बलुआ गुआबारी के पूर्व सरपंच मो. जुलफिकार आलम मानते हैं कि नेपाल के साथ भारत का सदियों पुराना सामाजिक-सांस्‍कृतिक संबंध रहा है। दोनों देशों की सीमाएं भी खुली रहीं हैं। ऐसे में अचानक संबंधों में तनाव व अब बांध की मरम्‍मत पर रोक के पीछे कोई बड़ी विदेशी शक्ति का हाथ लगता है।

कार्टोग्राफिक विवाद ने नेपाल में बढ़ा दिया है उग्र राष्ट्रवाद- आखिर भारत और नेपाल के बीच क्‍या विवाद है? .. ब्रिटिश शासन के दौरान साल 1816 में बिहार के पूर्वी चंपारण के सुगौली में भारत व नेपाल के बीच एक संधि हुई थी, जिसे सुगौधी की संधि कहते हैं। इस संधि से दोनों देशों की सीमाएं तय होती हैं। संधि के अनुसार, ब्रिटिश शासकों ने काली नदी के उत्पत्ति स्थल को भारत और नेपाल की सीमा तय किया, जिसे लेकर दोनों दोनों देशों की राय अलग-अलग है। नदी के उद्गम स्‍थल को लेकर भारतीय क्षेत्र लिपुलेख, कालापानी व लिंपियाधुरा पर नेपाल अपना दावा कर रहा है। दोनों  देशों के बीच के इस कार्टोग्राफिक विवाद ने नेपाल में उग्र राष्ट्रवाद को बढ़ा दिया है।
लिपुलेख, कालापानी व लिंपियाधुरा के कारण दोनों देशों के बीच उपजे तनाव का असर बिहार-नेपाल सीमा पर भी स्‍पष्‍ट दिख रहा है। हाल ही में बिहार के सीतामढ़ी के कुछ ग्रामीणों को नेपाल पुलिस ने बंधक बनाकर पीटा तथा उनपर गोलीबारी की। घटना में एक भारतीय की मौत हो गई। पूर्वी चंपारण से सटे नो मेंस लैंड पर नेपाल में कोरोना से मरे लोगों के अंतिम संस्कार की खबरें भी मिलती रहीं हैं। अब नेपाल ने बांध की मरम्‍मत भी रोक दी है।
तमाम विवादों के बावजूद चीन व भारत के बीच स्थित बफर व लैंडलॉक देश नेपाल भारत के लिए बेहद अहम है। भारत ने भी नेपाल के विकास में अहम योगदान दिया है, लेकिन हाल के दिनों में चीन ने धीरे-धीरे नेपाल में अपना प्रभाव बढ़ाया है। चीन अपने बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव में नेपाल को एक अहम सहयोगी मान रहा है और वैश्विक व्यापार बढ़ाने की योजना के तहत वहां बड़े पैमाने पर निवेश कर रहा है। माना जा रहा है कि हाल के दिनों में चीन व भारत के बीच बढ़े तनाव के बीच चीन के प्रभाव में आकर नेपाल भी इन दिनों सीमा विवाद उलझा रहा है।

भारतीय रक्षा मंत्री ने तीनों सेनाओं को दिया निर्देश, चीन को जवाब देने के लिए रहें तैयार

OmTimes News paper India undefined नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) चीन के साथ लाइन ऑफ ऐक्चुल कंट्रोल पर जारी विवाद को लेकर भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तीनों सेनाओं के प्रमुखों और सीडीएस जनरल बिपिन रावत के साथ बड़ा बैठक किया। इस हाई लेवल बैठक में लद्दाख के स्थिति की समीक्षा की गई। इस दौरान रक्षा मंत्री ने सेना को चीन की किसी भी हरकत का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार रहने को कहा है।
सूत्रों से पता चला है कि सशस्त्र बलों को एलएसी पर चीन के पीपल्स लिबरेशन आर्मी की तरफ से किए गए किसी भी आक्रामक व्यवहार से निपटने के लिए पूरी स्वतंत्रता दी गई। इसके अलावा बैठक में सुरक्षाबलों से थल,जल और नभ में चीन की हर हरकत पर पैनी नजर रखने के लिए कहा गया है।
आप को बता दें कि क्षा मंत्री राजनाथ सिंह सोमवार को तीन दिन की रूस यात्रा पर रवाना होंगे। इस दौरान रक्षा मंत्री मॉस्को में द्वितीय विश्व युद्ध में जर्मनी पर सोवियत विजय की 75वीं वर्षगांठ के मौके पर आयोजित सैन्य परेड में शिरकत करेंगे। यह परेड मूल रूप से नौ मई को होनी थी, लेकिन कोरोना वायरस महामारी के कारण स्थगित कर दिया गया था। राजनाथ सिंह का रूस यह दौरा भारत और चीन के बीच चल रहे सीमा विवाद के बीच काफी अहम माना जा रहा है। 

आने वाले दिनों में भारत की मुश्किलें बढ़ा सकते हैं ट्रंप, वीजा पर लगा सकते हैं प्रतिबंध

undefined वॉशिंगटन /नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि वह आने वाले दिनों में नए वीजा प्रतिबंधों की घोषणा करेंगे। ट्रंप ने कहा कि हम कल या अगले दिन वीजा के सम्बन्ध में घोषणा करेंगे। हालांकि,उन्होंने कोई विवरण देने से इनकार कर दिया, लेकिन स्वीकार किया कि कुछ बदलाव किए जाएंगे। 

सावधान ,भारत के लोगों पर हो सकता है बड़ा साइबर अटैक, इस तरह से बचें

OmTimes News paper India undefined नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) भारत और चीन के बीच बार्डर पर जारी गतिरोध के समय में बड़ा साइबर अटैक हो सकता है। चीनी हैकर्स भारत में फ्री COVID-19 टेस्ट के नाम से ई-मेल भेजकर इस साइबर अटैक को अंजाम दे सकता है। खुफिया एजेंसियों ने इस संभावित साइबर अटैक के बारे में आगाह किया है। खुफिया एजेंसीज के मुताबिक, भारतीय यूजर्स को ncov2019.gov.in के नाम से ई-मेल आ सकता है, जिसमें फ्री COVID-19 टेस्टिंग के आड़ में साइबर अटैक तिया जा सकता है। खुफिया एजेंसी ने यूजर्स को आगाह किया है कि इस ई-मेल आईडी से आए मेल को न तो ओपन करें और न ही अटैचमेंट डाउनलोड करें।

20 लाख ई-मेल से अधिक हैं निशाने परआपको बता दें कि पिछले दिनों ऑस्ट्रेलिया पर भी इसी तरह का साइबर अटैक किया गया था। विश्वश्नीय सूत्रों के मुताबिक, भारत में करीब 20 लाख से ज्यादा ई-मेल आईडी इसके निशाने पर हैं। यह साइबर अटैक यूजर्स के पर्सनल या प्रोफेशनल ई-मेल आईडी पर किया जा सकता है। खुफिया एजेंसी इसके लिए तीन से चार वेबसाइट्स पर नजर भी रख रही है। चीनी हैकर्स भारतीय यूजर्स को टारगेट करने के लिए इस साइबर अटैक की तैयारी में हैं और बड़े साइबर अटैक को अंजाम दे सकते हैं।

इसमें नॉर्थ कोरियन हैकर ग्रुप्स भी हैं शामिल – सिक्युरिटी फर्म्स की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के साथ-साथ नॉर्थ कोरियन हैकर ग्रुप्स भी इसमें शामिल हैं , जो किसी कैंपेन की मदद लेकर इस बड़े साइबर अटैक को अंजाम दे सकते हैं। सिंगापुर स्तिथ साइबर सिक्युरिटी फर्म Cyfirma ने बताया है कि इन हैकर्स के पास जापान में 11 लाख निजी ई-मेल आईडी, भारत में 20 लाख ई-ईमेल आईडी और यूके में 1 लाख 80 हजार यूजर्स के ई-मेल आईडी हैं, जिन्हें टारगेट किया जा सकता है।
इस तरह के बड़े साइबर अटैक से बचने के लिए यूजर्स को अपने किसी परिचित या अपरिचित ई-मेल आईडी से आए किसी भी ई-मेल के अटैचमेंट को ओपन करने से बचें। साथ ही, अगर आपको किसी भी तरह के स्कीम या ऑफर्स से जुड़ी ई-मेल आती है तो उसे न ओपन करें। यही नहीं, यूजर्स स्पैम फोल्डर में आए किसी भी ई-मेल को ओपन करें। साइबर सिक्युरिटी फर्म्स का मानना है कि ज्यादातर यूजर्स फ्री स्कीम्स और ऑफर्स की लालच में इन ई-मेल को ओपन करते हैं और साइबर अटैक को फेस करते हैं।

कोरेाना वायरस की दवा आ गई, बिकेगी 103 रुपया प्रति टैबलेट, डीजीसीआइ से मिली मंजूरी

undefined नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) भारतीय दवा कम्पनी ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स ने कोविड-19 से मामूली और मध्यम रूप से पीड़ित मरीजों के इलाज के लिए एंटीवायरल दवा फेविपिरविर को फैबिफ्लू ब्रांड नाम से पेश किया है। कंपनी ने आज यह जानकारी दी। मुंबई की कंपनी ने शुक्रवार को कहा था कि उसे भारतीय औषधि महानियंत्रक (डीजीसीआइ) से इस दवा के विनिर्माण और विपणन की अनुमति मिल गई है। कंपनी ने कहा कि फैबिफ्लू कोविड-19 के इलाज के लिए पहली खाने वाली फेविपिरविर दवा है, जिसे मंजूरी मिली है। यह दवा लगभग 103 रुपये प्रति टैबलेट की दर से बाजार में उपलब्ध होगी। 

फैबिफ्लू ब्रांड के नाम से बाजार में पेश की गई है यह दवा – ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स ने कहा कि यह दवा 34 टैबलेट की स्टि्रप के लिए 3,500 रुपये के अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) पर 200 मिलीग्राम टैबलेट के रूप में उपलब्ध होगी। ग्लेमार्क फार्मास्युटिकल्स के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक ग्लेन सल्दान्हा ने कहा, यह मंजूरी ऐसे समय मिली है, जबकि भारत में कोरोना वायरस के मामले पहले की तुलना में अधिक तेजी से बढ़ रहे हैं। इससे हमारी स्वास्थ्य सेवा प्रणाली काफी दबाव में है। उन्होंने उम्मीद जताई कि फैबिफ्लू जैसे प्रभावी इलाज की उपलब्धता से इस दबाव को काफी हद तक कम करने में मदद मिलेगी। 

केवल मामूली और मध्यम रूप से पीड़ित मरीजों को दी जाएगी यह दवा – फैबिफ्लू कोविड-19 के उपचार के लिए भारत में पहली मौखिक फेविपिरविर अनुमोदित दवा है। इसकी सिफारिश पहले दिन में 1,800 मिलीग्राम दो बार और उसके बाद रोजाना 14 दिनों तक 800 मिलीग्राम दो बार की गई है। टैबलेट का उत्पादन कंपनी द्वारा हिमाचल प्रदेश के बद्दी में किया जा रहा है। ग्लेनमार्क ने कहा कि यह दवा अस्पतालों और खुदरा चैनल दोनों माध्यम से उपलब्ध होगी। ग्लेनमार्क ने कहा कि कंपनी ने अपने इन-हाउस रिसर्च एंड डेवलपमेंट टीम के माध्यम से फैबिफ्लू के लिए सक्रिय फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट (एपीआइ) और फॉ‌र्म्युलेशन को सफलतापूर्वक विकसित किया है।

अब चीन को सबक सिखाने का आ गया है समय, पूरी दुनियां समझा चुकी है चीन की चाल को

undefined नई दिल्ली (रामदेव द्विवेदी, ऊँ टाइम्स) शायद चीन को यह लगता है कि उसकी घड़ियाली चाल किसी के समझ में नहीं आती है, लेकिन यह उसकी भूल है। 5 मई, 2020 को जब विश्व के ज्यादातर देश कोरोना वायरस के संक्रमण से लड़ रहे थे, उसी दौरान चीन की पीपुल्स आर्मी के 200 से ज्यादा जवान पूर्वी लद्दाख स्थित पैंगोंग झील के पास जानबूझकर भारतीय सैनिकों के आमने सामने हो गए। शायद चीनी सैनिकों को यह लग रहा था कि भारतीय सैनिक उनके सामने आने पर इधर-उधर निकल जाएंगे, उनसे टकराएंगे नहीं और इस तरह चीनी सैनिक भारतीय सैनिकों पर अपना मनौवैज्ञानिक दबदबा कायम कर लेंगे। किंतु ऐसा नहीं हुआ।
भारतीय सैनिकों ने न केवल चीन के सैनिकों के साथ सीना तान कर आंखों में आंखें डालकर सामना किया, बल्कि उन्हें पूरी ताकत से पीछे हटने के लिए कहा। इस पर चीन के सैनिक खिसिया गए, और जिद पर उतर आए। पूरी रात दोनों ही देशों के सैनिक आमने-सामने रहे! लेकिन चूंकि चीनी सैनिकों ने योजनाबद्ध ढंग से यह झड़प आयोजित किया था! इसलिए उन्होंने पीछे से अपनी सप्लाई लाइन बढ़ा दी। इसलिए सुबह होते होते चीन के सैनिकों की संख्या काफी ज्यादा हो गई। बावजूद इसके भारत के सैनिक एक इंच भी टस से मस नहीं हुए।.
सन् 1987 के बाद से भारत और चीन के बीच कभी किसी तरह के हथियार सहित सैन्य टकराव नहीं हुआ। वर्ष 2017 में डोकलाम में लंबे समय तक दोनों देशों के सैनिक भयानक मुद्रा में आमने-सामने जरूर रहे, लेकिन 1987 के बाद के सैन्य हथियारों का न इस्तेमाल करने का संयम दोनों तरफ से बना रहा। डोकलाम में भी चीन ने अंत में भारत से इसलिए चिढ़ी कसक के साथ तनाव खत्म किया, क्योंकि उसे सपने में भी आशंका नहीं थी कि भारत भूटान के लिए चीन के सामने खड़ा हो जाएगा। इसलिए पांच मई को उसने पूर्वी लद्दाख में जो झड़प की थी, वह कोई यकायक घट गई घटना नहीं थी और न ही कोई संयोग। वह बाकायदा सुनियोजित टकराव था।
5 मई की चीन की पैंगोंग झील के पास की मुठभेड़ अभी चल ही रही थी कि चीन ने बड़े ही शातिर तरीके से नौ मई को उत्तरी सिक्किम में नाकू ला सेक्टर में एक और मोर्चा खोल दिया। यहां मोर्चा खोलना इतना आसान नहीं था, क्योंकि नाकू ला सेक्टर में जहां भारत और चीन की फौजें आमने सामने हैं, वह जगह समुद्र से 16,000 फीट की ऊंचाई पर है। नौ मई को जब दोनों ही देशों के सैनिक अपने अपने क्षेत्र में गश्त कर रहे थे, तभी कुछ चीनी सैनिक, भारतीय सैनिकों की तरफ लपके और उन पर मुक्के बरसाने लगे।
अचानक हुए इस हमले से कुछ मिनटों के लिए तो भारतीय सैनिक अवाक रह गए। उन्हें यकीन नहीं हो रहा था कि चीनी जानबूझकर टकराव मोल ले रहे हैं। बहरहाल कुछ ही देर में भारतीय सैनिकों ने उन्हें जवाब दिया। इससे दोनों ही तरफ के कई सैनिक घायल हो गए। चीन की इस हरकत को देखते हुए लेह एयरबेस से भारत ने अपने सुखोई-30 एमकेआइ फाइटर प्लेन का बेड़ा और बाकी लड़ाकू विमान रवाना कर दिए। चीन के लिए यह हैरानी का विषय था। चीन कल्पना ही नहीं कर रहा था कि उसकी हरकत का भारत इतना कड़ा प्रतिवाद करेगा।.
इससे चीन बौखला गया है और 15 जून को जब दोनों ही देशों की सेनाएं आपस में हुए समझौते के चलते डी-एस्केलेशन कर रही थीं, तभी चीनी सैनिको ने भारतीय सैनिकों पर पत्थरों, लाठियों और धारदार चीजों से हमला कर दिया। आरंभिक रिपोर्ट के मुताबिक तीन भारतीय सैनिक शहीद हो गए जिसमें एक कमांडिंग अफसर, एक हवलदार और एक सिपाही था। गौरतलब है कि उस जगह चीन ने धोखेबाजी दिखाई थी, जहां 1962 की जंग में 33 भारतीय शहीद हुए थे। वर्ष 1962 के बाद से यह पहला ऐसा मौका था, जब दोनों देशों के बीच इतने बड़े पैमाने पर सैन्य झड़प हुई और सैनिक हताहत हुए। देर रात तक ये तीन भारतीय सैनिक बीस शहीद सैनिकों में बदल गए। अगर सेना द्वारा इंटरसेप्ट की गई बात की मानें तो चीन ने भी इस मुठभेड़ में 43 सैनिक गंवाए हैं। लेकिन चीन के लोग अपने मारे गए सैनिकों की वास्तविकता को कभी नहीं जान पाएंगे, क्योंकि चीन में मीडिया स्वतंत्र नहीं है। इसलिए न कोई इस चुप्पी के विरुद्ध सवाल उठाने वाला और ना ही किसी तरह की बेचैनी होने वाली है।
बहरहाल इस विश्वासघाती घटना के बाद चीन डैमेज कंट्रोल की कोशिश में जुट गया और सुबह ही मेजर जरनल स्तर की बातचीत की पेशकश की। जब बातचीत के दौरान चीन को लगा कि भारत किसी भी तरह से न तो कमजोर होता लग रहा है, न झुकने को तैयार है तो दिन के करीब एक बजे जब यह बात दुनिया को उजागर हो गई कि चीन ने धोखे से हमारे सैनिकों पर हमला करके 20 से ज्यादा सैनिकों मार डाला है, तो पूरी दुनिया में चीन के प्रति गुस्से की लहर दौड़ गई। चीन ने अपने नियंत्रित मीडिया के जरिये भारत को यह संदेश देने की कोशिश की कि हम अपने रुख में परिवर्तन करें नहीं तो बड़ा नुकसान हो सकता है।
दरअसल चीन इस घमंड पर उछल रहा है कि उसके पास दुनिया का सबसे ज्यादा करीब तीन लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर का विदेशी भंडार है। इसलिए उसे अगले कई वर्षो तक आयात भुगतान की कोई समस्या नहीं होगी यानी चीन मानकर चलता है कि मंदी के बावजूद उसकी इंडस्ट्री चलती रहेगी। भारत को चीन को सबक सिखाने के लिए अपने कारोबार को चीन के साथ कम करना होगा और सभी भारतीयों को चीन के सामान का बहिष्कार करना होगा, तभी चीन काबू में आएगा। आज पूरी दुनिया चीन के प्रति नफरत और गुस्से से भरी है। अगर भारत, चीन को सबक सिखाने की कोशिश करता है तो दुनिया का उसे साथ मिलेगा। 

प्रधान मंत्री ने किया गरीब कल्याण रोजगार अभियान की शुरुआत, जानिए इस योजना से जुड़ी हर बात

OmTimes undefined नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) पीएम नरेंद्र मोदी ने आज गरीब कल्याण रोजगार अभियान का शुभारम्भ किया। पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस योजना का शुरुआत किया। कोरोना संकट की वजह से अपने शहरों को लौटे श्रमिकों को इस स्कीम से फायदा होगा। इस स्कीम के तहत केंद्र सरकार 50 हजार करोड़ रुपये खर्च करेगी। इस स्कीम के तहत छह राज्यों के 116 जिलों में लोगों को रोजगार मिलेगा। इस योजना के तहत लोगों को 25 तरह के काम मिलेंगे। इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में देश के ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी हिस्सा लिया। 
मुख्य समाचार –
लॉकडाउन के दौरान प्रवासी श्रमिकों को लेकर केंद्र एवं राज्य सरकारें चिंतित थी। पीएम मोदी ने कहा कि देश की ग्रामीण आबादी ने कोरोना के संक्रमण को बहुत प्रभावी तरीके से रोका है। आज का दिन बहुत ऐतिहासिक है। आज गरीब के कल्याण के लिए एक बहुत बड़ा अभियान शुरू हुआ है। यह अभियान हमारे श्रमिकों के लिए है। इनमें ज्यादातर ऐसे श्रमिक हैं, जो लॉकडाउन के दौरान अपने घरों, गांवों को लौटे हैं। मेरे श्रमिक साथियो, देश आपकी भावना और जरूरत को भी समझता है। बिहार के खगड़िया से शुरू हुआ ये अभियान इसी जरूरत को पूरा करता है।
मुझे इस कार्यक्रम की प्रेरणा कुछ श्रमिक भाइयों से ही मिली है।इस अभियान के लिए 25 क्षेत्रों की पहचान की गई है।कामकाज के ये 25 क्षेत्र ग्रामीण जरूरतों से जुड़े हुए हैं।इन जरूरतों को गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत पूरा किया जाएगा।देश के गांवों में शहरों के मुकाबले इंटरनेट का ज्यादा इस्तेमाल हो रहा है। इस स्कीम के तहत ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा जाएगा।सभी श्रमिकों की हूनर की मैपिंग की शुरुआत की गई है, ताकि प्रवासियों को उनके कौशल के हिसाब से काम मिल सके।सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि कोरोना महामारी के समय गांवों में रहते हुए श्रमिकों को किसी से कर्ज लेने की जरूरत ना पड़े।किसान अब अपने राज्यों से बाहर भी अपनी फसल बेच सकते हैं। 
प्रधानमंत्री ने कोरोनावायरस को देखते हुए लोगों से घरों से बाहर निकलते वक्त जरूरी एहतियात बरतने को कहा। उन्होंने लोगों से मास्क पहनकर ही घर से बाहर निकलने को कहा और साथ-ही-साथ स्वच्छता का ख्याल रखने की बात भी कही।

छह राज्यों के 116 जिलों को इस रोजगार अभियान के लिए चुना गया है।बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान, झारखंड और ओडिशा के 116 जिलों को इस योजना का लाभ मिलेगा।इस स्कीम के तहत फिलहाल 125 दिनों तक श्रमिकों को काम दिया जाएगा। पीएम ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बिहार के खगड़िया जिले के बेलदौर प्रखंड के तेलिहार गांव से इस योजना की शुरुआत की।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को गरीब कल्याण रोजगार अभियान की जानकारी दी थी। उन्होंने कहा था, ‘लॉकडाउन के बाद पूरे देश में बड़ी संख्या में श्रमिक अपने गांवों को गए हैं। राज्यों ने इसके लिए परिवहन की व्यवस्था भी की थी। हम उन जिलों की पहचान कर रहे हैं, जहां सबसे ज्यादा श्रमिक लौटे हैं।’
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, ‘इन 25 कार्यों में आंगनवाड़ी केंद्र, ग्रामीण सड़कें, ग्रामीण आवास, रेलवे के काम, ग्रामीण क्षेत्रों में RURBAN मिशन, सोलर पम्पसेट, फाइबर ऑप्टिक केबल बिछाने आदि काम शामिल हैं।’
उन्होंने कहा, ‘गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत आए 25 कार्यों में से जो काम गांव लौटे श्रमिक की कौशल के अनुसार सही होगा, उसका चयन किया जाएगा।
सीतारमण ने कहा, ’15वें वित्त आयोग की सिफारिश के अनुसार, गावों में ग्रामीण स्थानीय निकायों को धन जारी होगा। गरीब कल्याण रोजगार अभियान काम उपलब्ध करवाएगा और ग्रामीण इलाकों में संपत्ति निर्माण करेगा, जिससे ग्रामीण विकास को बल मिले।’

जनता को महाराष्ट्र पुलिस ने किया अलर्ट, मरीन ड्राइव पर हाई टाइड, समुद्र से रहें दूर

undefined मुंबई (ऊँ टाइम्स) महाराष्ट्र पुलिस ने लोगों से अपील किया है कि वह समुद्र से दूरी बनाकर रखें। मुंबई के मरीन ड्राइव में हाई टाइड को देखते हुए ये सलाह दी गई है। गौरतलब है कि मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र में मानसून दस्‍तक दे चुका है, ऐसे में समुद्र में उठ रही ऊंची लहरों के कारण पुलिस ने लोगों को समुद्री किनारों से दूर रहने की सलाह दी है। 
हर साल, मौसम विभाग बारिश के मौसम में समुद्र में उठ रही बड़ी लहरों के खतरे को देखते हुए चेतावनी जारी करता है। मुंबई के मरीन ड्राइव में आज सुबह 11 बजकर 48 मिनट पर बड़ी लहरें उठती हुई देखी गई हैं। इसलिए, पुलिस ने नागरिकों से वहां नहीं जाने का अपील किया है।
गौरतलब है कि मुंबईवासियों को गर्मी से जून की शुरुआत में ही बारिश से राहत मिलने लगी थी। उसके बाद भी राज्य के विभिन्न जिलों में बारिश देखी गई। मुंबई में मानसून का मजा लेने के लिए लोग अपने घरों से बाहर निकलते हैं लेकिन इस बार कोरोना के खतरे को देखते हुए सभी घरों में कैद हैं। 

भारतीय लड़कू विमान चीन के और करीब पहुंचे , लद्दाख में तनाव के स्थिति की समीक्षा करने लेह गए थे IAF प्रमुख

undefined नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) कुछ दिनों पहले लद्दाख की गलवान घाटी में भारत और चीन की सेना के बीच हुई खूनी झड़प से भारत और चीन के बीच संबंध तनावपूर्ण हो गए हैं। इस बीच भारतीय वायु सेना प्रमुख आरकेएस भदौरिया दो दिनों के दौरे पर लेह पहुंचे। यहाँ उनके द्वारा लेह और श्रीनगर के एयरबेस की समीक्षा की गई। यह दोनों ही एयरबेस हर लिहाज से किसी भी ऑपरेशन के लिए महत्वपूर्ण हैं। वहीं, इस दौरे के साथ ही भारतीय लड़ाकू जेट आगे के हवाई क्षेत्रों में भेजे गए हैं। 
चीन के साथ सीमा पर हुए तनाव के बाद वायु सेना ने फाइटर जेट सहित अपनी विभिन्न सामानों को आगे के ठिकानों और हवाई क्षेत्रों में स्थानांतरित कर दिया है। लद्दाख के गलवन में 15 जून को भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई। इस दौरान हमारे देश के 20 जवान शहीद हो गए। 
तनाव कम करने के लिए भारत और चीन के अधिकारियों के बीच लगातार बातचीत चल रही है। इसका नतीजा यह आया कि चीन ने भारत के 10 जवानों को कब्जे में लिया था, जहाँ उन्हें छोड़ दिया गया है। और अब सेना प्रमुख का बातचीत के बीच लेह और कश्मीर का दौरा अहम माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि वह इस दौरे के दौरान भारत के सैन्य ठिकानों का जायजा लेंगे। यही कारण है कि उनके दौरे के साथ ही लड़ाकू विमान भी बॉडर्र के नजदीक एयरबेस पर तैनात किए जा रहे हैं।

चीन के लगभग 10000 सैनिक हैं तैनात – सरकारी सूत्रों से पता चला है कि , ‘वायु सेना प्रमुख दो दिवसीय यात्रा पर थे, जहाँ उन्होंने पूर्वी लद्दाख में LAC के साथ चीनी आक्रमण के मद्देनजर उन सभी प्लेटफार्मों की परिचालन तत्परता की जाँच की, जहाँ पर 10,000 से अधिक सैनिकों को चीन द्वारा एकत्र किया गया है।’

सूत्रों से पता चला है कि अपनी यात्रा के पहले दिन चीफ 17 जून को लेह में थे और वहां से वे 18 जून को श्रीनगर एयरबेस गए थे। ये दोनों ठिकाने पूर्वी लद्दाख क्षेत्र के सबसे करीब हैं और पहाड़ी इलाके में किसी भी लड़ाकू विमान के संचालन के लिए सबसे अनुकूल हैं और चीनी पर भी स्पष्ट नजर रखते हैं।
वायुसेना प्रमुख द्वारा लेह और श्रीनगर की यात्रा की पुष्टि करने के लिए पूछे जाने पर, IAF के प्रवक्ता विंग कमांडर इंद्रनील नंदी ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। कोई टिप्पणी नहीं की। इस बीच, वायु सेना ने सुखोई -30 एमकेआई, मिराज 2000 और जगुआर लड़ाकू विमान बेड़े सहित अपने महत्वपूर्ण सामानों को उन्नत पदों पर स्थानांतरित कर दिया है जहां वे बहुत कम समय में उड़ान भर सकते हैं।
पूर्वी लद्दाख सेक्टर में भारतीय सेना के जवानों को हवाई सहायता प्रदान करने के लिए, अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टरों को उन क्षेत्रों के करीब के क्षेत्र में तैनात किया गया है, जहां जमीनी सैनिकों द्वारा कार्रवाई की जा रही है। चिनूक हेलिकॉप्टरों को लेह एयरबेस में और उसके आसपास तेजी से सेना के परिवहन और अंतर-घाटी टुकड़ी हस्तांतरण की क्षमता प्रदान करने के लिए तैनात किया गया है, अगर ऐसी स्थिति वहां उत्पन्न होती है। Mi-17V5 मध्यम-लिफ्ट हेलिकॉप्टर भी सैनिकों और सामग्री परिवहन के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

सैटेलाइट द्वारा प्राप्त इमेज ने खोल दिया गलवन में चीन की काली करतूत का पोल , पकड़ा गया झूठ

omtimes undefined नई दिल्‍ली (ऊँ टाइम्स) 15-16 जून की रात में गलवन घाटी में हुई हिंसक घटना के हकीकत का अब पर्दाफ़ाश होना चालू हो गया है! चीन का घड़ियाली चाल और उसका झूठ भी अब सामने आने लगा है। सैटेलाइट से प्राप्त तस्‍वीरों ने चीन के इस झूठ को सामने लाकर रख दिया है। सैटेलाइट से मिली इन तस्‍वीरों में 9 जून 2020 से 16 जून 2020 के बीच हुए खास बदलाव को आसानी से देखा जा सकता है। यह तस्‍वीर भी इस बात का सबूत हैं कि किस तरह से चीन के जवानों ने भारतीय सीमा में भारी मशीनरी के साथ प्रवेश किया और फिर भारतीय जवानों के मना करने पर उनसे प्लान बद्ध हाथापाई भी किया । इन तस्‍वीरों में दिखाई दे रही मशीनरी से इस बात का अनुमान लगाया जा रहा है कि शायद चीनी सैनिकों की मंशा इसकी मदद से नदी का मार्ग अवरुद्ध करना रही होगी।
सैटेलाइट से मिली तस्‍वीरों पर बात करने से पहले आपको ये भी बता दें कि गलवन समेत पूरे लद्दाख का इलाका बंजर है। यहां पर बेहद ऊंचे और भुरभुरे पहाड़ हैं। गलवन का यह इलाका इसलिए बेहद खास है, क्‍योंकि यहां से आगे अक्‍साई चिन शुरू हो जाता है, जो कि पहले भारत के पास था, लेकिन 1962 के बाद से चीन इस पर अवैध कब्‍जा जमाए हुए है। वर्ष 2014 में केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद से ही भारत ने इस हिस्‍से को दोबारा अपनी सीमा में वापस लेने की मांग दोहराई है। आपको बता दें कि भारत की करीब 4056 किमी की सीमा चीन से सटे लगती है। ये सीमा ऊंचे पहाड़, बर्फ से ढके ग्‍लेशियर और पूर्व में घने जंगलों से होकर गुजरती है। 15-16 जून की रात को जिस गलवन वैली में दोनों सेनाओं के बीच हिंसक झड़प हुई वो जगह समुद्र से करीब 14000 फीट की ऊंचाई पर है। जून के महीने में भी रात के समय यहां का तापमान काफी नीचे होता है। सर्दी में तो यहां पर तापमान -20 तक चला जाता है।

सैटेलाइट से मिली तस्‍वीरों ने पकड़ा चीन का झूठ – दोनों देशों के बीच सहमति के साथ पहले से ही सीमा निर्धारित है। इसी के तहत भारत ये कहता आया है कि चीनी सैनिकों ने अवैध रूप से भारतीय सीमा में प्रवेश किया और फिर सैनिकों पर कंटीले तारों वाले डंडों से हमला किया था। हालांकि, चीन बेहद शातिराना तरीके से भारत के इन दावों को झुठलाता रहा है। बीते दिनों चीन के विदेश मंत्रालय ने गलवन में सेनाओं की स्थिति और हालात की जानकारी देते हुए जो बयान दिया था उसमें गलवन को चीन का हिस्‍सा बताया था। इस दौरान यहां तक कहा गया कि भारतीय जवानों ने चीनी सेना में पहले घुसपैठ की और फिर हमला किया। अब इसी झूठ को सैटेलाइट से मिली तस्‍वीरें पकड़ रही हैं। जिन तस्‍वीरों का यहां पर जिक्र किया जा रहा है उन्‍हें प्‍लैनेट लैब ने लिया है!

चीन ने नदी का मार्ग बदलकर किया है निर्माण – सेटेलाईट से प्राप्त तस्‍वीरों के आधार पर विशेषज्ञों का मानना है कि इनमें गलवन घाटी में हुए बदलाव को साफतौर पर देखा जा सकता है। इसमें मशीनरी के लिए बनाया गया ट्रैक और नदी को पार करने के लिए किए गए इंतजाम भी दिखाई दे रहे हैं। इनमें सुखे और बंजर पहाड़ पर बदलाव को देखा जा सकता है।कैलिफॉर्निया स्थित मिडिलबरी इंस्टीट्यूट ऑफ द ईस्‍ट एशिया नॉनप्रोलिफरेशन प्रोग्राम के डायरेक्‍टर जेफरी लुइस का कहना है कि इसमें नदी को नुकसान पहुंचाकर बनाई गई सड़क को साफतौर पर देखा जा सकता है। इन तस्‍वीरों में लाइन ऑफ एक्‍चुअल कंट्रोल के दोनों ही तरफ वाहन खड़े दिखाई दे रहे हैं। इनमें अधिकतर वाहन चीन की तरफ से आते दिखाई दे रहे हैं। उनके मुताबिक, तस्‍वीरों के जरिए करीब 30-40 वाहन भारत की तरफ से, जबकि 100 वाहन चीन की तरफ से दिखाई दे रहे हैं। सैटेलाइट से मिली तस्‍वीरों में इन ऑब्‍जर्वेशन पोस्‍ट का मलवा भी देखा जा सकता है। वहीं, यदि इस इलाके की 9 जून को ली गई इमेज की बात करें तो वहां पर किसी भी तरह का कोई निर्माण नहीं था।

चीनी प्रवक्‍ता का झूठा वयान – चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता के मुताबिक, उस ग्राउंड पर क्‍या हुआ वे इससे अनजान थे, लेकिन इतना तय है कि हाल के कुछ दिनों में भारतीय सैनिक चीन की सीमा में कई बार कई जगहों से दाखिल हुए। इन सैनिकों को चीन की सेना के जवानों ने भगाने की कोशिश की थी। गौरतलब है कि 1967 के बाद से गलवन में हुई घटना सबसे भीषण थी। मई से ही भारतीय सीमा पर जवान चीन की तरफ से होने वाली घुसपैठ और दुस्‍साहस का सामना कर रहे हैं। उन्‍होंने भारतीय सीमा में दाखिल होने के बाद वहाँ पर अस्‍थाई निर्माण भी किया। इन्‍हीं निर्माण को हटाने की वजह से तीन दिन पहले गलवन की घटना हुई थी। चीन की तरफ से यहाँ पर ऑब्‍जर्वेशन टावर, टैंट बनाए गए।

1967 के बाद से नहीं चली थी कोई गोली – इस घटना की शुरुआत उस वक्‍त हुई थी, जब भारत की पेट्रोल टीम रिज के दूसरी तरफ ये देखने गई थी कि चीन ने कहाँ तक घुसने की हिम्‍मत दिखाई है। इसके बाद ये जवान वहाँ से वापस आ गए थे। इसके बाद भारत की नाराजगी और कड़ा रुख इख्तियार करने पर चीन ने वहाँ से अपने कुछ टैंट और कुछ ऑब्‍जर्वेशन पोस्‍ट हटा लिया था । भारतीय जवानों ने उनके कुछ टावर तोड़ दिए थे और टैंटों को भी नष्‍ट कर दिया था। तीन दिन पहले यहाँ पर जो घटना घटी, उस दौरान समझौते के मुताबिक, जवानों के पास हल्‍के हथियार थे। 1967 के बाद से इस पूरे क्षेत्र में कभी कोई गोली नहीं चली है। दोनों तरफ के जवान यहाँ पर आने से पहले अपने हथियारों को कंधे पर पीछे रखते हैं।

गोरखपुर से दिल्ली के लिए अब प्रतिदिन उड़ान भरेगा इंडिगो का विमान

undefined गोरखपुर (ऊँ टाइम्स) इंडिगो का विमान 22 जून से रोजाना दिल्ली की उड़ान भरेगा। अभी सप्ताह में केवल तीन दिन ही उड़ान है। यात्रियों की कम संख्या को देखते हुए इंडिगो ने पांच जून से हैदराबाद की उड़ान सप्ताह में चार दिन कर दी थी। बाकी बचे तीन दिन वही विमान दिल्ली की उड़ान भरता है।

इंडिगो के अधिकारियों ने इसमे बदलाव करते हुए दिल्ली के लिए सातों दिन की फ्लाइट कर दी है। तय हुए शेड्यूल के अनुसार इंडिगो की फ्लाइट दिल्ली से सुबह 9.30 बजे गोरखपुर एयरपोर्ट पहुंचेगी और फिर एक घंटे बाद यहां से दिल्ली के लिए उड़ान भरेगी। एयरपोर्ट निदेशक अनिल द्विवेदी ने बताया कि 20 जून से हैदराबाद की उड़ान पूर्व की ही तरह चार दिन सोमवार, मंगलवार, शनिवार और रविवार को होती रहेगी। केवल उसके शेड्यूल में बदलाव हुआ है। निर्धारित दिन को इंडिगो का विमान दोपहर 2.45 बजे हैदराबाद से गोरखपुर एयरपोर्ट पहुंचेगा। दोपहर बाद 3.20 बजे हैदराबाद रवाना होगा। वहीं कोलकाता और प्रयागराज के लिए हवाई सेवा शुरू करने की तैयारी अंतिम चरण में है। शेडयूल तय होते ही उड़ान शुरू हो जाएगी।
एयर इंडिया का विमान अब सप्ताह में चार दिन ही दिल्ली की उड़ान भरेगा। मंगलवार से नई व्यवस्था प्रभावी होगी। एयरपोर्ट निदेशक अनिल द्विवेदी ने बताया कि समय में कोई बदलाव नहीं हुआ है। सिर्फ उड़ान के दिन कम हुए हैं। एयर इंडिया की फ्लाइट सोमवार, बुधवार, शुक्रवार और रविवार को दिल्ली जाएगी। मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को उड़ान नहीं होगी।

चीन निर्मित सामानों के बहिष्‍कार की मुहिम हुई तेज, भारत में जगह जगह चीनी सामानों का विरोध जारी

undefined नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  सीमा विवाद को लेकर चीन और भारत के बीच हुए खूनी संघर्ष के बाद चीनी सामान के बहिष्कार की मुहिम भारत में तेज हो गई है। लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक सस्ते और टिकाऊ माल का उत्पादन करके ही इस मुहिम में सफलता हासिल की जा सकती है। घरेलू स्तर पर इस्तेमाल होने वाली जरूरी चीज दवा के निर्माण के लिए 90 फीसद एक्टिव फार्मास्यूटिकल्स इन्‍ग्रेडिएंट्स का आयात चीन से होता है। 70 फीसद मोबाइल फोन के लिए भारत चीन पर निर्भर करता हैं। भारत में स्मार्टफोन बनाने वाली 5 टॉप कंपनियों में 4 चीन की है। देश में स्थापित 61,371 मेगावाट बिजली प्लांट चीन में बने उपकरण पर चल रहे हैं। 

फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गेनाइजेशंस (फियो) के अध्यक्ष शरद कुमार सराफ का मानना है कि कि हमे कई सुधार करने होंगे। ईज आफ डूइंग बिजनेस के साथ साथ ईज आफ स्टार्टिंग बिजनेस पर ध्यान देना होगा। वह कहते हैं कि सरकार को यह सोचना होगा कि हमारी उत्पादन लागत चीन के मुकाबले इतनी अधिक क्यों हैं। जबकि चीन के मुकाबले भारत के श्रमिक सस्ते हैं। निर्यातकों के मुताबिक चीन के मुकाबले भारत में होने वाली ट्रांजेक्शन लागत (कर्ज पर लगने वाली ब्याज दर के साथ) 23 फीसद अधिक है। 
उन्होंने बताया कि पिछले साल तक महाराष्ट्र में जिस कमर्शियल प्रॉपर्टी पर 9 लाख रुपये का टैक्स था, वह बढ़कर 45 लाख रुपये हो गया। लोकल टैक्स चीन में नहीं लगता है। चीन में मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट को अलग-अलग विभिन्न प्रकार के टैक्स नहीं देने पड़ते हैं। जमीन के साथ सभी प्रकार के क्लीयरेंस सीमित समय में मिल जाते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक भारत मोबाइल फोन निर्माण में चीन से आगे निकलना चाहता है, लेकिन भारत सरकार की तरफ से प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) की घोषणा के बाद भी चीन में निर्माण लागत काफी कम है। 
इंडियन सेलुलर एंड इलेक्टॉनिक्स एसोसिएशन (आईसीईए) की हाल की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में मोबाइल फोन निर्माण लागत पर निर्माताओं को 5.88-8.7 फीसद के इंसेंटिव है तो चीन में यह इंसेंटिव 19.2-21.7 फीसद तक है। भारत के मोबाइल फोन का सालाना आयात 18.7 अरब डॉलर का है। मार्केट रिसर्च फर्म आईडीसी की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में स्मार्टफोन बनाने वाली पहली पांच कंपनियों में चार शाओमी, वीवो, ओप्पो, रियलमी चीनी कंपनियां हैं।
भारत से निर्यात होने वाली वस्तुओं के निर्माण में भी चीनी वस्तुओं की हिस्सेदारी अहम है। चीन से सस्ते दाम पर कच्चे माल मिल जाते हैं। इससे लागत कम रहती है और भारतीय वस्तु अंतरराष्ट्रीय बाजार में मुकाबला कर पाती है। फार्मा एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के चेयरमैन दिनेश दुआ के मुताबिक एपीआइ का आयात चीन से रोकने या खत्म करने पर घरेलू दवा महंगी हो जाएगी और दवा का निर्यात प्रभावित हो जाएगा। क्योंकि यूरोप से आने वाले कच्चे माल चीन के मुकाबले महंगे होते हैं। यही वजह है कि चीन से होने वाला आयात लगातार बढ़ता जा रहा है। 

वर्ष 2015 में चीन से 58.26 अरब डॉलर का आयात किया गया। वर्ष 2016 में यह आयात 59.43 अरब डॉलर का हो गया। वर्ष 2017 में 68.1 अरब डॉलर तो वर्ष 2018 में यह आयात 76.87 अरब डॉलर का हो गया। वर्ष 2019 में जनवरी से नवंबर के बीच यह आयात 68 अरब डॉलर का था।
गेटवे हाउस के अनुमान के मुताबिक वर्ष 2015 से लेकर अब तक भारत की टेक स्टार्टअप्स में चीन ने 4 अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया है। चीन की अलीबाबा कंपनी ने भारत की ई-कामर्स कंपनी स्नैपडील, डिजिटल वैलेट कंपनी पेटीएम तो फूड डिलीवरी कंपनी जोमैटो में निवेश किया है। चीनी कंपनी टेनसेंट ने मैसेजिंग कंपनी हाइक और कैब एग्रीगेटर ओला एप में निवेश किया है। गेटवे के मुताबिक एक अरब डॉलर वाली 30 स्टार्टअप्स कंपनियों में से आधे में किसी न किसी रूप में चीन का निवेश है। 
चीन पर निर्भरता को कम करने के लिए वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय की तरफ पिछले एक महीने में कई वस्तुओं के आयात शुल्क में बढ़ोतरी की गई है ताकि घरेलू स्तर पर ही इसके निर्माण को प्रोत्साहित किया जा सके। इनमें टायर से लेकर हैंडीक्राफ्ट्स व टेक्सटाइल से जुड़े आइटम शामिल हैं। 

COVID 19 के कारण सुप्रीम कोर्ट ने पुरी के जगन्नाथ मंदिर में होने वाले वार्षिक रथ यात्रा पर लगाई रोक

undefined नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  23 जून को पुरी(ओडिशा) के जगन्नाथ मंदिर में होने वाली वार्षिक रथ यात्रा पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी के समय में भीड़ नहीं कर सकते। सार्वजनिक स्वास्थ्य और नागरिकों की सुरक्षा के हित में, इस वर्ष रथ यात्रा की अनुमति नहीं दी जा सकती है।

पीएम मोदी ने कहा , कोई भ्रम न पाले चीन , देंगे माकूल जवाब, बेकार नहीं जाएगी जवानों की शहादत

नई दिल्‍ली (ऊँ टाइम्स)  भारत और चीन के सैनिकों के बीच लद्दाख की गलवन घाटी में हुई झड़प के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि मैं देश को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि हमारे जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। हमारे लिए भारत की अखंडता और संप्रभुता सर्वोच्च है और इसकी रक्षा करने से हमें कोई भी रोक नहीं सकता। भारत शांति चाहता है, लेकिन भारत उकसाने पर हर हाल में माकूल जवाब देने में सक्षम है। इस बारे में किसी को भी जरा भी भम्र या संदेह नहीं होना चाहिए। 
मुख्‍यमंत्रियों से वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग पर बातचीत करने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संक्षिप्‍त संबोधन में कहा कि हमने हमेशा सहयोग और दोस्ताना तरीके से काम किया है और हमेशा विश्‍व के कल्याण की कामना की है। जहां मतभेद थे… वहां भी हमने हमेशा यह कोशिश की कि यह विवाद न बदलें। भारत हर हाल में शांति पक्षधर रहा है। भारत शांति चाहता है, लेकिन उकसाने पर यथोचित जवाब देने में भी सक्षम है। हम कभी किसी को भी उकसाते नहीं है, लेकिन हम अपने देश की अखंडता और संप्रभुता से समझौता भी नहीं करते हैं। 

भारतीय जवानों की शहादत पर पीएम बोले, भारत अपनी अखंडता से समझौता नहीं करेगा

undefined नई दिल्ली, (ऊँ टाइम्स) लद्दाख सीमा पर गलवन घाटी के पास चीनी सैनिकों के साथ हुई झड़प में चीन को भारी नुकसान हुआ है। इस झड़प में चीन के 40 से ज्यादा सैनिकों के मारे जाने की संभावना है ! सूचना मिली है कि सीमा पर हुई हिंसक झड़प में चीनी सेना की यूनिट का कमांडिंग अफसर ढेर हुआ है।
इस बीच चीन ने एक बार फिर से भारत पर उल्टा दोष मढ़ने की कोशिश की है। चीन ने अपना पुराना चरित्र दिखाते हुए भारत पर बॉर्डर प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। चीन ने एकबार फिर झूठ का राग अलापने की कोशिश की है। भारत-चीन सीमा पर तनाव के बीच आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तीनों सेना प्रमुखों के साथ एक अहम बैठक की । इस अहम बैठक के बाद राजनाथ ने हिंसक झड़प में शहीद जवानों को याद करते हुए कहा है कि देश उनकी बहादुरी और बलिदान को कभी नहीं भूलेगा। मेरी भावनाएं सैनिकों के परिवार वालों के साथ हैं। हमें भारत के बहादुरों की बहादुरी और साहस पर फक्र है!

– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को चीन सीमा पर शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी ने कहा कि मैं देश को भरोसा देता हूं कि जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में शहीद जवानों के लिए दो मिनट का मौन भी रखा गया।

  • लद्दाख के गलवन घाटी में चीन के साथ हुई हिंसक झड़प में भारत की ओर से शहीद हुए 20 जवानों के नाम सामने आए हैं।

– 15-16 जून को अपने सैनिकों के बीच हिंसक झड़प के बाद तनाव की स्थिति को कम करने के लिए गलवन घाटी में भारत और चीन के बीच मेजर जनरल स्तर की वार्ता आयोजित की गई।
-लद्दाख से नवीनतम दृश्य: लेट स्थित आर्मी अस्पताल में गलवन घाटी में चीनी सैनिकों से झड़प के दौरान शहीद हुए जवानों को पुष्पांजलि अर्पित की गई। इलाके में चॉपर की आवाजाही भी दिखी।

  • भारत-चीन सीमा की मौजूदा स्थिति पर चर्चा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 जून को शाम 5 बजे एक सर्वदलीय बैठक बुलाई है। प्रधानमंत्री कार्यालय(पीएमओ) की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, विभिन्न राजनीतिक दलों के अध्यक्ष इस बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भाग लेंगे।
    – लद्दाख सीमा पर गलवन घाटी में हुई झड़प पर चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि चीन चीनी पक्ष से हम और अधिक झड़पों को नहीं देखना चाहते हैं।
    – गलवन घाटी में हुए संघर्ष पर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि हम(भारत और चीन) राजनयिक और सैन्य स्तर पर बातचीत कर रहे हैं। इसका सही और गलत होना बहुत स्पष्ट है। यह घटना LAC के चीनी पक्ष पर हुई और चीन इसके लिए दोषी नहीं है।
    – लद्दाख सीमा पर हुई हिंसक झड़प को लेकर चीन की ओर से प्रतिक्रिया आई है। चीन ने एक बार फिर से भारत पर उल्टा दोष मढ़ने की कोशिश की है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने कहा है कि गलवन घाटी क्षेत्र की संप्रभुता हमेशा चीन से संबंधित रही है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने आगे कहा है कि हम भारत से उनके सीमावर्ती सैनिकों को सख्ती से अनुशासित करने, उल्लंघन और उकसावे वाली गतिविधि को एक बार में रोकने, चीन के साथ काम करने और बातचीत और बातचीत के माध्यम से मतभेदों को सुलझाने के सही रास्ते पर वापस आने के लिए कहा है।
  • चीनी मामलों के जानकार श्रीकांत कोंडापल्ली ने कहा है कि गलवन नदी घाटी में 15 जून की रात की घटना आत्मविश्वास-निर्माण के उपायों की विफलता को दर्शाती है जो हमारे भारत और चीन के बीच है। ये 1993, 1996 और 2013 के समझौतों में विकसित किए गए थे।
  • नगमा निगार ने अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया है कि गलवन घाटी में हुई हिंसक झड़प में चीनी सेना की ओर से 35 लोग मारे और घायल हुए हैं।
  • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि गलवन घाटी में सैनिकों का नुकसान गहरा, परेशान करने वाला और दर्दनाक है। हमारे सैनिकों ने कर्तव्य की राह में अनुकरणीय साहस और वीरता का प्रदर्शन किया और भारतीय सेना की सर्वोच्च परंपराओं में अपने जीवन का बलिदान दिया। रक्षा मंत्री ने आगे  कहा कि राष्ट्र उनकी बहादुरी और बलिदान को कभी नहीं भूलेगा। मेरी भावनाएं सैनिकों के परिवार वालों के साथ हैं। राष्ट्र इस कठिन घड़ी में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। हमें भारत के बहादुरों की बहादुरी और साहस पर गर्व है।
    दिल्ली में पुलिस ने स्वदेशी जागरण मंच के सदस्यों और कुछ पूर्व सैनिकों को हिरासत में लिया है। ये सभी लोग भारत में चीनी दूतावास के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।
  • भारत और चीन के बीच लद्दाख सीमा पर हुई हिंसक झड़प पर बोलते हुए ब्रिटिश उच्चायोग ने कहा है कि इस तरह की चीजें डराने वाली है। ब्रिटिश उच्चायोग के प्रवक्ता ने कहा हम भारत और चीन को सीमा से जुड़े मुद्दों पर बातचीत से हल निकालने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। हिंसा किसी के हित में नहीं है।
  • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तीनों सेना प्रमुखों(सेना, नौसेना और वायु सेना) और रक्षा कर्मचारियों के प्रमुखों के साथ एक बैठक की है। उन्होंने मौजूदा स्थिति पर भी विदेश मंत्री एस जयशंकर से भी बात की है।
  • लद्दाख की गलवन घाटी में हुई हिंसक झड़प में मारे गए चीनी सैनिकों में चीनी यूनिट का कमांडिंग ऑफिसर भी शामिल है।
  • जो सैनिक फेस-ऑफ का हिस्सा थे, उन्होंने चीनी हताहतों की संख्या के बारे में बताया। यद्यपि मारे गए और घायल दोनों हताहतों की सही संख्या बताना मुश्किल है। संख्या 40 से अधिक होने का अनुमान है।
  • इसका आकलन हिंसक झड़प वाली जगह से निकाले गए चीनी सैनिकों की सख्या और उसके बाद गलवन नदी के किनारे ट्रैक पर एंबुलेंस वाहनों की संख्या पर आधारित है। इसके साथ ही उस इलाके में चीनी हेलिकॉप्टरों की आवाजाही भी तेज हुई।
  • लद्दाख में गलवन नदी के पास भारत-चीन के सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प को लेकर समाचार एजेंसी एएनआइ ने सूत्रों के हवाले से जानकारी दी है कि यह आकलन किया गया है कि 15-16 जून की रात को हुई हिंसक झड़प में चीन को भारी संख्या में हताहतों की संख्या का सामना करना पड़ा है।
  • कि सोमवार शाम चीनी सैनिकों के साथ लद्दाख की गलवन घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद फिलहाल चार भारतीय सैनिकों की हालत गंभीर है।

भारत और चीन की सेनाओं के बीच जारी तनाव पर अमेरिका ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। अमेरिका ने कहा है कि वह लद्दाख सीमा पर जारी इस तनाव की स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहा है। मीडिया से बात करते हुए अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता ने कहा है कि हम वास्तविक नियंत्रण रेखा(एलएसी) के पास भारत और चीन की सेनाओं के बीच तनाव की स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं। भारतीय सेना ने कल एक बयान जारी कर बताया था कि गलवन घाटी के पास 20 जवान शहीद हुए हैं, हम उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं।
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता ने कहा है कि भारत और चीन दोनों ने डी-एस्केलेट करने की इच्छा व्यक्त की है और हम वर्तमान स्थिति के शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि 2 जून को अपनी टेलीफोनिक बातचीत के दौरान, राष्ट्रपति ट्रंप और पीएम मोदी ने भारत-चीन सीमा पर स्थिति पर चर्चा की थी।

अमेरिकी मीडिया का बयान – इस बीच अमेरिकी मीडिया के अनुसार, चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने भारतीय सेना के जवानों के साथ आमने-सामने की लड़ाई में उलझकर भारतीय सैनिकों को उकसाया है।  15 जून की देर शाम और रात को हुई हिंसक झड़प चीनी सैनिकों द्वारा डी-एस्केलेशन के दौरान यथास्थिति को एकतरफा बदलने के प्रयास का नतीजा है। वॉशिंगटन एग्जामिनर में एक ओपिनियन पीस में लिखा गया है कि चीन के पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के साथ हुई हिंसक झड़प में 20 भारतीय जवान शहीद हो गए।
गौरतलब है कि भारत और चीन के बीच लद्दाख में गलवन घाटी के पास चीनी सैनिकों के साथ हुई झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हो गए।इनमें एक कमांडिंग अफसर भी शामिल हैं। इस झड़प में चीन को भी काफी नुकसान हुआ है। भारतीय सेना की ओर से गलवन घाटी में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के साथ हुई झड़प में 20 जवानों के शहीद होने की पुष्टि की है। उधर, सूत्रों के अनुसार चीनी पक्ष के 43 सैनिकों के ढेर होने की बात कही गई है। हालांकि, इस बात की किसी भी पक्ष ने पुष्टि नहीं की है।

वार्डर पर चीन और भारतीय सेना के बीच हुई हिंसक झड़प में 20 भारतीय जवान शहीद, 43 चीनी सैनिक ढेर

omtimes नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) भारत और चीन के बीच गलवान घाटी में के पास चीनी सैनिकों के साथ हुई झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हो गए, वहीं इस झड़प के दौरान 43 चीनी सैनिकों के भी ढेर होने की सूचना मिली है। भारत और चीन की सेनाओं के बीच जारी तनाव पर अमेरिका ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। अमेरिका ने कहा है कि वह लद्दाख सीमा पर जारी इस तनाव की स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहा है।
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता ने कहा है कि हम वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास भारत और चीन की सेनाओं के बीच तनाव की स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं। भारतीय सेना ने कल एक बयान जारी कर बताया था कि गलवान घाटी के पास 20 जवानों शहीद हुए हैं, हम उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं।

अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता ने कहा है कि भारत और चीन दोनों ने डी-एस्केलेट करने की इच्छा व्यक्त की है और हम वर्तमान स्थिति के शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि 2 जून को अपनी टेलीफोनिक बातचीत के दौरान, राष्ट्रपति ट्रंप और पीएम मोदी ने भारत-चीन सीमा पर स्थिति पर चर्चा किया था।

अमेरिकी मीडिया का बयान- इस बीच अमेरिकी मीडिया के अनुसार, चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने भारतीय सेना के जवानों के साथ आमने-सामने की लड़ाई में उलझकर भारती को उकसाया है।  15 जून की देर शाम और रात को हुई हिंसक झड़प चीनी सैनिकों द्वारा डी-एस्केलेशन के दौरान यथास्थिति को एकतरफा बदलने के प्रयास का एक नतीजा थी। वॉशिंगटन एग्जामिनर में एक ओपिनियन पीस में लिखा गया है कि चीन के पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के साथ हुई हिंसक झड़प में 20 भारतीय जवान शहीद हो गए।
गौरतलब है कि भारत और चीन के बीच लद्दाख में गलवान घाटी के पास चीनी सैनिकों के साथ हुई झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हो गए।इनमें एक कमांडिंग अफसर भी शामिल हैं। इस झड़प में चीन को भी काफी नुकसान हुआ है। भारतीय सेना की ओर से गलवन घाटी में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के साथ हुई झड़प में 20 जवानों के शहीद होने की पुष्टि की है। उधर, सूत्रों के अनुसार चीनी पक्ष के 43 सैनिकों के ढेर होने की बात कही गई है। हालांकि, इस बात की किसी भी पक्ष ने पुष्टि नहीं की है।

घटनाक्रम

गश्त संबंधी समझौते के पेट्रोलिंग बिंदु 14 का पालन कराने के लिए 16 बिहार रेजीमेंट की टुकड़ी मौके पर गई।

सहमति के अनुसार चीन की टुकड़ी को वर्तमान स्थिति से पांच किलोमीटर पीछे चौकी नंबर 1 तक लौटना था।

पीछे लौट रहे चीनी सैनिकों ने शाम घिरने पर अंधेरे का फायदा उठाया और पलट कर भारतीय टुकड़ी पर हमला बोल दिया जो ठीक उनके पीछे थी।

चीनी सैनिकों ने भारतीय कमांडिंग अफसर संतोष बाबू व दो सैनिकों को राड और डंडे मारकर बुरी तरह घायल कर दिया।

अपने कमांडिंग अफसर व साथियों को लहूलुहान देख भारतीय सैनिकों ने चीनी सैनिकों पर जबर्दस्त हमला बोल दिया।

घंटों चले इस खूनी संघर्ष में राड, डंडे, लात व घूंसे का प्रयोग हुआ लेकिन एक भी गोली नहीं चली।

आधी रात को संघर्ष जब किसी तरह थमा दोनों पक्षों से बड़ी संख्या में लोग हताहत हो चुके थे।

वर्चुअल फंडरेजर के जरिए अगले सप्ताह में बिडेन-ओबामा की होगी बातचीत

दिल्ली (ऊँ टाइम्स टाइम्स)  राष्ट्रपति पद के लिए  डेमोक्रेट के प्रबल उम्मीदवार जो बिडेन ने ऐलान किया है कि वे अपने मित्र और पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा से अगले हफ्ते वर्चुअल फंडरेजर के जरिए मुलाकात करने वाले हैं। इस बात की जानकारी 78 वर्षीय बिडेन ने एक ट्वीट के जरिए दिया है । 
अमेरिका में इस साल के नवंबर माह में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के लिए डेमोक्रेटिक उम्मीदवार व अपने मित्र जो बिडेन को अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने समर्थन दिया और उन्हें राष्ट्रपति बनने के गुणों से संपन्न बताया। उन्होंने कहा, ‘बिडेन में राष्ट्रपति बनने के सारे गुण हैं।’ ओबामा के कार्यकाल के दौरान बिडेन देश के उप राष्ट्रपति रहे हैं। ओबामा ने कहा कि देश इस वक्त कठिन दौर से गुजर रहा है और बिडेन इस समय में संकटमोचक साबित हो सकते हैं।

छुट्टी पर नेपाल गये गोरखा सैनिक अब भारत लौटने लगे

undefined गोरखपुर (ऊँ टाइम्स)  भारत-नेपाल में सीमा विवाद के कारण पैदा हुए तनाव के बीच गोरखा सैनिकों की सोमवार से भारत में वापसी शुरू हो गई है। यहां सभी की सोनौली बार्डर पर तैनात चिकित्सकों ने थर्मल स्कैनिंग किया। उसके बाद उन्हें भारत में प्रवेश की अनुमति मिली। बड़ी संख्या में नेपाली मूल के गोरखा सैनिक भारत के गोरखा रेजीमेंट में तैनात हैं।
यह सभी सैनिक लॉकडाउन से पूर्व छुट्टियों में घर गए थे। सीमा सील होने के कारण वहीं फंसे हुए थे। भारतीय दूतावास की पहल पर सैनिकों को ड्यूटी पर लाने का सिलसिला शुरू हो गया है। इस बीच दो दिन के भीतर 80 सैनिक सोनौली बार्डर पहुंचे। भारतीय सीमा में जांच के बाद उन्हें प्रवेश मिला। कुछ सैनिक परिवार के साथ भारत लौटे हैं। नौतनवा के सीओ राजू कुमार साव ने अभी तक 80 गोरखा सैनिकों की भारत में इंट्री हुई है। 

नेपाल में लागू हो गया अनलॉक वन – इस बीच नेपाल में भी अनलॉक वन की घोषणा कर दी गई है। नेपाल मंत्रिमंडल की बैठक में इसकी सहमति बनी है। नियमों को कड़ाई से पालन करते हुए सभी कार्य किए जाएंगे। नेपाल में 14 जून तक लॉकडाउन समाप्ति के बाद अनलॉक वन लागू किया गया है। जिसमें शुरुआती सप्ताह के तीन दिन तक बाजार व आवागमन खुलेंगे। किसी बैठक, धार्मिक व सामूहिक प्रायोजन में केवल 25 लोगों से अधिक की जुटने की अनुमति नहीं है। हालांकि स्कूल, मॉल व सिनेमा घरों को खुलने की इजाजत अभी नहीं दी गई है। नेपाल के उपप्रधानमंत्री व रक्षा मंत्री ईश्वरी पोखरेल ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि कोविड-19 से बचाव के लिए बाजारों को सतर्कता के साथ खोलने के निर्देश दिए हैं।
लॉकडाउन के कारण फंसे भारतीय नागरिकों का स्वदेश वापस आने का क्रम जारी है। काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के निर्देश पर सोनौली सीमा के रास्ते बिहार, उत्तर प्रदेश सहित अन्य प्रदेशों के कुल 755 भारतीय नागरिकों को सीमा में प्रवेश मिला। सीमा के अंदर प्रवेश करने से पहले सभी नागरिकों की इमीग्रेशन कार्यालय के पास थर्मल स्‍क्रीनिंग की गई तथा सेल्फ डिक्लियरेशन फार्म भरवाकर सभी का डाटा लिया गया। इस दौरान सभी नागरिकों को रोडवेज की बसों से उनके गंतव्य को रवाना कर दिया गया। जहां सभी हेल्थ डेस्क से मिले प्रमाण पत्र के आधार पर होम क्वारंटाइन होंगे। सीओ राजू कुमार साव ने बताया कि सोमवार शाम तक कुल 755 भारतीय व 710 नेपाली नागरिक अपने- अपने वतन लौट गए हैं।
आइपीएल दिल्ली डेयरडेविल्स क्रिकेट टीम के नेपाली क्रिकेटर संदीप लामिछाने ने सोनौली सीमा पर पहुंचकर पिता व बहन को रिसीव किया। उनके पिता व बहन भारत से नेपाल जा रहे थे। क्रिकेटर को देखने के लिए सीमा पर भीड़ जुट गई। कुछ देर रुकने के बाद वह पिता व बहन के साथ नेपाल के चितवन स्थित अपने घर के लिए रवाना हो गए। संदीप लामिछाने नेपाली क्रिकेटर हैं। उनके पिता चंदर नारायण लामिछाने भारतीय रेलवे के सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं। अब दिल्ली में रहते हैं। पिता की हरियाणा में तैनाती के दौरान संदीप ने क्रिकेट की शुरुआत यहीं से की। 2018 में उन्होंने आइपीएल दिल्ली डेयरडेविल्स क्रिकेट टीम में अपना स्थान बनाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस युवा क्रिकेटर की तारीफ कर चुके हैं।  

आज ताजिकिस्तान से लेकर कश्मीर तक आया जोर दार भूकंप

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दुशांबे (ऊँ टाइम्स) ताजिकिस्तान में आज सुबह 7 बजे तेज भूकंप आया। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक इसका केंद्र राजधानी दुशांबे से 341 किमी पूर्व-दक्षिणपूर्व में रहा। 6.8 तीव्रता वाले इस भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। वहीं, अधिकारियों के मुताबिक, ताजिकिस्तान में आए भूकंप को कश्मीर में भी महसूस किया गया। जम्मू और कश्मीर में 5.8 तीव्रता का भूकंप आया। इसका उपरिकेंद्र ताजिकिस्तान में था। 

जम्मू-कश्मीर के कुछ इलाकों में आज सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए. लोग घरों से बाहर निकल आएं। आप को बता दें कि पिछले दिनों में कई बार जम्मू-कश्मीर में भूकंप के झटके महसूस किए जा चुके हैं। इससे पहले जम्मू-कश्मीर में सोमवार सुबह 4 बजकर 36 मिनट पर भूकंप का झटका महसूस किया गया था. इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.2 थी।

9 जून को भी जम्मू-कश्मीर में सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। बताया गया कि 9 जून को सुबह 8 बजकर 16 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर तीव्रता 3.9 रही। भूकंप का केंद्र श्रीनगर से 14 किलोमीटर नॉर्थ और गांदरबेल से साउथ-ईस्ट पर 7 किलोमीटर दूर रहा था!

क्यों आता है भूकंप?

धरती मुख्य तौर पर चार परतों से बनी हुई है, इनर कोर, आउटर कोर, मैनटल और क्रस्ट। क्रस्ट और ऊपरी मैन्टल को लिथोस्फेयर कहते हैं। ये 50 किलोमीटर की मोटी परत, वर्गों में बंटी हुई है, जिन्हें टैकटोनिक प्लेट्स कहा जाता है। ये टैकटोनिक प्लेट्स अपनी जगह से हिलती रहती हैं लेकिन जब ये बहुत ज्यादा हिल जाती हैं, तो भूकंप आ जाता है। ये प्लेट्स क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर, दोनों ही तरह से अपनी जगह से हिल सकती हैं। इसके बाद वे अपनी जगह तलाशती हैं और ऐसे में एक प्लेट दूसरी के नीचे आ जाती है।

क्यों टकराती हैं प्लेटें?

दरअसल ये प्लेंटे बेहद धीरे-धीरे घूमती रहती हैं। इस प्रकार ये हर साल 4-5 मिमी अपने स्थान से खिसक जाती हैं। कोई प्लेट दूसरी प्लेट के निकट जाती है तो कोई दूर हो जाती है। ऐसे में कभी-कभी ये टकरा भी जाती हैं।

भूकंप के केंद्र और तीव्रता का क्या मतलब है?

भूकंप का केंद्र वह स्थान होता है जिसके ठीक नीचे प्लेटों में हलचल से भूगर्भीय ऊर्जा निकलती है। इस स्थान पर भूकंप का कंपन ज्यादा होता है। कंपन की आवृत्ति ज्यों-ज्यों दूर होती जाती हैं, इसका प्रभाव कम होता जाता है। फिर भी यदि रिक्टर स्केल पर 7 या इससे अधिक की तीव्रता वाला भूकंप है तो आसपास के 40 किमी के दायरे में झटका तेज होता है। लेकिन यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि भूकंपीय आवृत्ति ऊपर की तरफ है या दायरे में। यदि कंपन की आवृत्ति ऊपर को है तो कम क्षेत्र प्रभावित होगा।

भूकंप की गहराई से क्या मतलब है?

मतलब साफ है कि हलचल कितनी गहराई पर हुई है। भूकंप की गहराई जितनी ज्यादा होगी सतह पर उसकी तीव्रता उतनी ही कम महसूस होगी।

कौन से भूकंप खतरनाक होते हैं?

रिक्टर स्केल पर आमतौर पर 5 तक की तीव्रता वाले भूकंप खतरनाक नहीं होते हैं, लेकिन यह क्षेत्र की संरचना पर निर्भर करता है। यदि भूकंप का केंद्र नदी का तट पर हो और वहां भूकंपरोधी तकनीक के बगैर ऊंची इमारतें बनी हों तो 5 की तीव्रता वाला भूकंप भी खतरनाक हो सकता है।

मुंबई में आज से फिर चलने लगी मुंबई लोकल ट्रेन , लेकिन सिर्फ इन लोगों के लिए


omtimes undefined मुंबई (ऊँ टाइम्स)  मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेन आज से आवश्‍यक सेवाओं से जुड़े लोगों के लिए शुरु कर दी गई है। गौरतलब है कि कोरोना वायरस लॉकडाउन के कारण काफी समय पहले इस सेवा को बंद कर दिया गया था। ये सेवा सेंट्रल रेलवे की मेन और हार्बर दोनों लाइनों के बीच शुरु की गई है। मिली जानकारी के अनुसार इससे आवश्‍यक सेवाओं से जुड़े लगभग 1.25 लाख लोगों को अपने गंतव्‍य तक पहुंचने में सुविधा होगी। सोमवार सुबह 5 बजकर 30 मिनट पर चर्चगेट से विरार के लिए पहली लोकल ट्रेन रवाना हुई।
रेलवे के ट्वीट के अनुसार पश्चिम रेलवे ने निर्णय लिया है कि मुंबई में सोमवार से चुनिंदा रूट पर ही नियम व शर्तों के साथ ट्रेनों का परिचालन किया जाएगा। सोमवार सुबह 5:30 बजे से ट्रेन चलनी शुरु हो गई है। 15 मिनट के अंतराल के साथ यह ट्रेनें रात 11:30 बजे तक चलाई जाएंगी। 
 गौरतलब है कि वीरवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने आवश्यक सेवाओं में लगे लोगों की सुविधा व सुरक्षित आवागमन करने के लिए लोकल ट्रेनों के महत्व पर जोर दिया था। इसके अलावा, सीएम उद्धव ठाकरे ने पहले ही केंद्र से लोकल ट्रेन शुरु करने की बात कही थी। 
ज्ञात हो कि आम दिनों में मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेन में प्रतिदिन लगभग 80 लाख लोग मुंबई के एक कोने से दूसरे कोने तक यात्रा करते हैं। इनमें तीन लोकल लाइन शामिल होती हैं। वेस्टर्न लाइन जो चर्चगेट से विरार तक, सेंट्रल लाइन जो CST से कल्याण के आगे तक जाती है और हार्बर लाइन शामिल है।  

संदिग्ध परिस्थितियों में एक युवक की हुई मौत, दरोगा की लगी लाटरी

सिद्धार्थनगर (ऊँ टाइम्स) इस जिले के थाना शोहरतगढ़ अन्तर्गत स्थित ग्रामसभा बुढ़नइया टोला पुरउवा के एक बाग में रामकरन नामक व्यक्ति का संदिग्ध परिस्थितियों में शव बरामद हुआ है। वह लाश पेड़ पर बने फंदे पर लटक रहा था। लाश के पास में शराब की खाली बोतल, नमकीन का पैकेट व मोबाइल भी मिला है। रामकरन के पिता लल्लू के मुताबिक वह शनिवार को शाम चार बजे के लगभग घर से निकला था। पूरी रात घर से गायब था। सुबह कुछ लोगों ने उसके शव के मिलने की सूचना दी। शोहरतगढ़ पुलिस इस मामले की कथित जांच कर रही है।

यूपी के CM योगी आदित्यनाथ का निर्देश, शिक्षा विभाग की डेडिकेटेड टीम एक-एक शिक्षक के डॉक्युमेंट जांचे

OM TIMES e-news paper India https://omtimes.in undefined लखनऊ (ऊँ टाइम्स)  उत्तर प्रदेश में 69000 शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी और कस्तूरबा गांधी विद्यालयों से जुड़े अनामिका शुक्ला प्रकरण ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली को कठघरे में खड़ा कर दिया है। भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की बात कहने वाली योगी सरकार को इन मामलों पर विपक्ष की घेरने की पूरी तैयारी में है। ऐसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच कराने के लिए ‘डेडिकेटेड टीम’ गठित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रदेश के हर शिक्षक का डॉक्युमेंट चेक करने का निर्देश दिया है। 
आप को बता दें कि हाल में शिक्षा विभाग के कुछ मामलों ने विपक्ष को सरकार पर अंगुली उठाने का मौका दे दिया है। 69000 शिक्षक भर्ती में प्रयागराज में गड़बड़ी सामने आने पर जांच एसटीएफ को सौंपी गई है। वहीं, कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में अनामिका शुक्ला के नाम फर्जी नियुक्तियां उजागर होने के साथ ही अनियमितता की परतें खुलती जा रही हैं। इससे नाराज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को अपने सरकारी आवास पर आयोजित टीम-11 की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की।

भारतीय सेना ने पाकिस्तान के घुसपैठ को फिर किया नाकाम ..

OM TIMES e-news paper India. https://omtimes.in undefined राजौरी (ऊँ टाइम्स) पाकिस्तानी सेना अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा पर तनाव बढ़ाने पर आमादा है। शनिवार को भी पाकिस्तान ने कठुआ जिले के हीरानगर सेक्टर, पुंछ जिले के शाहपुर किरनी सेक्टर और बारामुला के उड़ी सेक्टर में रिहायशी क्षेत्रों में भारी गोलाबारी की। हर जगह पाकिस्तान को कड़ा जवाब मिला। पुंछ में भारतीय सेना ने घुसपैठ के प्रयास को नाकाम बना दिया। यहां जवाबी कार्रवाई में पाक सेना की तीन से चार चौकियों को नुकसान पहुंचा है। उड़ी में भी पाकिस्तान की चौकियों को नुकसान होने की सूचना है।
मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम करीब छह बजे पाकिस्तानी सेना ने शाहपुर किरनी सेक्टर में सैन्य चौकियों व रिहायशी क्षेत्रों में गोलाबारी शुरू कर दी। इसी दौरान आतंकियों के एक दल ने घुसपैठ का प्रयास किया। भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई के बाद आतंकी वापस भाग गए। इस कार्रवाई में पाक सेना की तीन से चार चौकियों को नुकसान पहुंचा है।

पाकिस्तानी सेना ने लगातार दूसरे दिन उड़ी सेक्टर में संघर्ष विराम का उल्लंघन किया। यह गोलाबारी करीब एक घंटे तक चली और सिर्फ कमलकोट तक सीमित रही। भारतीय जवानों ने भी जवाबी प्रहार करते हुए पाकिस्तानी ठिकानों को नुकसान पहुंचाया!

पाकिस्तानी रेंजरों ने शुक्रवार रात कठुआ जिले के हीरानगर सेक्टर के गांव करोल माथरियां, करोल कृष्णा व करोल विद्दो को निशाना बनाते हुए मोर्टार और छोटे हथियारों से गोलीबारी की, जो शनिवार तड़के तक जारी रही। मोर्टार गिरने से कई घरों की खिड़कियों व दीवारों को नुकसान पहुंचा। गोलीबारी का बीएसएफ जवानों ने मुंहतोड़ जबाव दिया, जिसके बाद पाक रेंजरों ने गोलीबारी बंद कर दी। लोगों ने रात बंकरो में गुजारी। सुबह एसओजी, पुलिस, सीआरपीएफ ने क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाया, ताकि पाकिस्तान गोलीबारी की आड़ में घुसपैठ न करवा सके। 

पाक की लगाई आग से बारूदी सुरंगों में हो रहा है विस्फोट – पुंछ जिले की मेंढर तहसील के मनकोट सेक्टर में पाकिस्तान की तरफ से आई आग पूरी क्षेत्र से फैल गई है। इस आग की चपेट में आने से सीमा पर बिछाई गई बारूदी सुरंगों में लगातार विस्फोट हो रहे हैं। धमाकों की आवाज दूर-दूर तक सुनाई दे रही है। सेना व सेना के दमकल कर्मी आग पर काबू पाने के प्रयास कर रहे हैं, लेकिन आग तेजी से फैलती जा रही है। आग ने दो किलोमीटर से अधिक क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया है।

पीएम मोदी ने कोरोना से जंग की तैयारी के उपायों की किया समीक्षा

OM TIMES e-news paper India. https://omtimes.in undefined नई दिल्‍ली (ऊँ टाइम्स) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की समीक्षा के लिए वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की। बैठक में राष्‍ट्रीय स्‍तर पर मौजूदा हालात और महामारी के संदर्भ में की गई तैयारियों की समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से साझा की गई जानकारी के मुताबिक, पीएम मोदी ने अस्पतालों और आइसोलेशन केंद्रों में बेड्स की शहर और जिलेवार जरूरतों पर अधिकार प्राप्त समूह की सिफारिशों का संज्ञान लिया और स्वास्थ्य मंत्रालय को निर्देश दिया कि मानसून सीजन को देखते हुए पर्याप्‍त बंदोबस्‍त किए जाएं। 
इस बैठक में केंद्रीय गृहमंत्री अमि‍त शाह, केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री हर्षवर्धन, प्रधानमंत्री के मुख्य सचिव, कैबिनेट सचिव, आईसीएमआर के डीजी समेत अन्य वरिष्ठ अध‍िकारी शामिल हुए। बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि देश के कुल मामलों में से दो तिहाई केवल पांच राज्‍यों में ही हैं और खास तौर पर इनके के बड़े शहरों में हैं। पीएमओ की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि खासतौर पर बड़े शहरों में महामारी को लेकर गंभीर चुनौतियां सामने आ रही हैं। बैठक में इस स्थिति को देखते हुए टेस्ट‍िंग बढ़ाने के साथ-साथ महामारी के उछाल को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने के लिए बेड की उपलब्धता और सेवाओं पर चर्चा की गई। 
प्रधानमंत्री ने शहर और जिला स्तरों पर अस्पतालों और आइसोलेशन केंद्रों में बेड्स की उपलब्धता पर अध‍िकार प्राप्त समूह की सिफारिशों का संज्ञान लिया और स्वास्थ्य मंत्रालय के अध‍िकारियों को इस संदर्भ में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की सलाह से आपात योजना बनाने के निर्देश भी दिए। प्रधानमंत्री ने मंत्रालय को मानसून सीजन के मद्देनजर भी तैयारियां पुख्‍ता करने के निर्देश दिए। बैठक में राष्‍ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोरोना के मौजूदा हालात और लगातार बढ़ती मरीजों की संख्या को लेकर भी चर्चा की गई। साथ ही साथ दिल्‍ली में अगले दो महीनों में हालात का भी आकलन किया गया। बैठक में इसकी भी सराहना की गई कि कई राज्यों, जिलों और शहरों ने कोरोना के प्रकोप को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया है। 

घाटी में रह रहे कश्मीरी पंडितों को भी दी जाए हथियारों की ट्रेनिंग ,यह सलाह पूर्व DGP ने दिया

OM TIMES e-news paper India. https://omtimes.in undefined जम्मू (ऊँ टाइम्स)  दक्षिण कश्मीर के जिला अनंतनाग में कश्मीरी पंडित सरपंच अजय पंडिता भारती की हत्या के बाद पूर्व डीजीपी डॉ एसपी वैद ने कश्मीर घाटी में कश्मीरी पंडितों को हथियारों की ट्रेनिंग देने की पैरवी की है। यहाँ एक बयान में पूर्व पुलिस महानिदेशक ने कहा कि घाटी में कश्मीरी पंडित समुदाय अल्पसंख्या में है और आतंकियों के निशाने पर रहता है। इसीलिए आतंकी हमलों से बचाव के लिए उन्हें भी ट्रेनिंग दी जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कश्मीरी पंडितों में सुरक्षा की भावना उत्पन्न करने के लिए हर संभवना की तलाश की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी सलाह दी कि घाटी में रह रहे पंडितों को हथियार भी उपलब्ध करवाने चाहिए और इसके बाद उन्हें ट्रेनिंग दी जानी चाहिए ताकि अगर आतंकवादी किसी पर हमला करते हैं तो वे भी आतंकियों काे मुंहतोड़ जवाब दे सकें। अपने व अपने परिजनों की सुरक्षा भी कर सकें। वैद ने कहा कि कश्मीरी घाटी में अल्पसंख्यक पंडितों व आतंकियों के निशाने पर रहने वाले मुस्लिम समाज के सदस्यों को हथियार उपलब्ध करवाने का कोई भी नुकसान नहीं है।

ग्रामीण स्तर पर ग्रामीण सुरक्षा समितियों का भी घाटी में गठन किया जाना चाहिए। हालांकि इसे उन्होंने जल्दबाजी में न उठाकर पूरी योजना के साथ काम करने को कहा। उन्होंने कहा कि कश्मीर घाटी में ग्रामीण सुरक्षा समितियां बनाना बेशक मुश्किल काम है परंतु असंभव भी नहीं है। वर्ष 1995 में एसएसपी ऊधमपुर के पद पर रहते हुए जिले के बाघनकोट क्षेत्र में पहली ग्रामीण सुरक्षा समिति बनाने का भी जिक्र किया। अब ये गांव रियासी जिले में आता है।
पूर्व पुलिस महानिदेशक ने कहा कि गांव में सुरक्षा समिति बनाना अासान नहीं था लेकिन योजनाबद्ध तरीके से कोई भी चीज की जा सकती है। कश्मीर घाटी से पंडितों का पलायन होने के बाद आतंकियों ने जम्मू संभाग के कई क्षेत्रों में भी अल्पसंख्यक समुदाय के लोगाें को निशाना बनाना शुरू किया था। डोडा, राजौरी, पुंछ जैसे जिलों से भी कई लोगों को पलायन करना पड़ा था लेकिन उसके बाद सरकार ने ग्रामीण सुरक्षा समितियों का गठन किया और कई लोगों को हथियारों की ट्रेनिंग भी दी। कई इलाकों में तो मुस्लिम भी इन समितियों के सदस्य हैं।
वैद ने कहा कि सरकार का यह प्रयास रंग लाया और इससे इन क्षेत्रों से होने वाला पलायन रूक गया। ग्रामीण सुरक्षा समितियां पूरे क्षेत्र की सुरक्षा खुद ही करने लगी और उनमें सुरक्षा की भावना भी उत्पन्न हुई। इसके बाद लोगों ने पलायन करना लगभग बंद कर दिया।

लाकडाउन को अब फिर बढ़ाने के मूड में नहीं दिख रही है झारखंड सरकार

रांची (निखिल द्विवेदी, ऊँ टाइम्स)  झारखंड में लॉकडाउन बढ़ने के चर्चे पर झारखंड सरकार ने पूर्ण विराम लगा दिया है! लॉकडाउन बढ़ाने की खबरों के बीच सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है! अब झारखंड में लॉकडाउन नहीं बढ़ेगा! वहीं मंगलवार से राज्‍य में जूता-चप्‍पल और कपड़े की दुकानें भी खुल जायेगी! सरकार ने लॉकडाउन के कारण चरमराई अर्थव्‍यवस्‍था को फिर से पटरी पर लाने की पहल शुरू कर दी है, इसी के तहत राज्‍य सरकार ने दुकानों को खोलने का निर्णय लिया है!मगर इस दौरान कोरोना महामारी को लेकर जारी गाइडलाइल का पालन करना होगा! मास्‍क और सैनिटाइजर का प्रयोग जरूरी होगा, वहीं सोशल डिस्‍टेंसिंग का भी पालन करना होगा!  
आप को बता दें कि 2 जून राज्‍य में सरकार ने कई क्षेत्रों में छूट दी थी. मगर जूता-कपड़ा-सैलून-स्‍पा समेत कई दुकानों को खोलने की इजाजत नहीं दी थी. इसको लेकर राज्‍यभर में कई जगह कपड़ा और जूता व्‍यवसायियों ने प्रदर्शन किया था और दुकानों को खोलने की मांग की थी. इस बावत झारखंड चैंबर ने भी विरोध जताया था. कई विधायकों ने भी व्‍यवसायियों की परेशानी को सरकार तक पहुंचाया था !  

न्यायालय और अधिकारियों को गुमराह करने वाले शोहरतगढ के राय दरोगा पर CBI जांच की है आवश्यकता

लखनऊ (ऊँ टाइम्स) हमारे ऊँ टाइम्स को प्रकाशन हेतु प्राप्त पत्रों के अनुसार जिला सिद्धार्थनगर के थाना शोहरतगढ में तैनात राय दरोगा के कमाने का तरीका काफी लम्बा है, ये किसी को भी किसी भी केस में फर्जी तरीके से नाम डाल देने की धमकी देकर खूब कमाते हैं , दोषी से हाथ मिलाना, निर्दोषों को धमकाना और फर्जी फंसाना , न्यायालय और अधिकारियों को गुमराह करना, अधिकार का गलत प्रयोग करना, जनता में दहशत फैलाना इनकी खासियत है ! इनके द्वारा अब तक किये गये सभी विवेचनाओं का CBI से जांच कराया जाना जरूरी है! हमाारे नगमा निगार द्वारा राय दरोगा से जब यह पूंछा गया कि आप ऐसा क्यों करते हैं तो उसने प्रश्न का जबाब दिया कि हम ऐसा ही करेंगे कोई मेरा क्या बिगाड़ लेगा!

दिल्ली के यूनिवर्सिटी में कोरोना वायरस की हुई एंट्री, 9 विदेशी छात्राएं COVID-19 पॉजिटिव

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नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  अब दिल्ली विश्वविद्यालय में भी कोविड-19 का प्रकोप फैलने लगा है। इसे देखते हुए शिक्षकों व छात्रों में चिंता बहुत गंभीर हो गई है। इससे पहले ही डीयू के शिक्षकों की तरफ से जानकारी सामने आई थी कि 9 जून को उनके साथी अरबी विभाग के प्रोफेसर वाली अख्तर की सांस लेने में हो रही दिक्कत की वजह से मृत्यु हो गई थी।
अब यह बात सामने आई है कि नॉर्थ कैंपस के अंतरराष्ट्रीय छात्राओं के छात्रावास में रह रही विदेशी छात्राओं में 9 छात्राओं की कोविड-19 टेस्ट रिपोर्ट सामने आई है। 5 जून के दिन मॉरिशियस की रहने वाली छात्रा अपने देश लौटना चाहती थी लेकिन उसके नई दिल्ली स्थित दूतावास ने कहा कि छात्रा को पहले अपना टेस्ट करवाना चाहिए।
इसके बाद छात्रावास में रह रही सभी 44 विदेशी छात्राओं का कोविड-19 टेस्ट कराया गया जिसमें 9 छात्राओं की रिपोर्ट 8 जून को पॉजिटिव आई। इन सभी छात्राओं को झज्जर एम्स में पहुंचा दिया गया है। अंतरराष्ट्रीय छात्राओं के छात्रा वास के प्रोवोस्ट एवं छात्र कल्याण के डीन प्रो राजीव गुप्ता ने इसकी जानकारी दी। वहीं डीयू शिक्षक संघ के अध्यक्ष राजीब रे ने बताया कि किरोड़ीमल कॉलेज के स्टाफ क्वार्टर में रह रहे संस्कृत के शिक्षक भी कोविड-19 पॉजिटिव आए हैं।

उनका इलाज रोहिणी के एक निजी अस्पताल में रो रहा है। उनके परिवार के सदस्य ठीक हैं। उन्होंने कहा कि मैंने डीयू के कुलपति प्रो योगेश त्यागी और प्रशासन को बीते दो महीनों में शिक्षकों व छात्रों की कोविड-19 महामारी से सुरक्षा को लेकर कई पत्र लिखे हैं। हमारी मांग है कि शिक्षकों, छात्रों के लिए उचित व्यवस्था कराई जाए।
विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी हेल्थ सेंटर में संक्रमित लोगों के इलाज किए जाएं। वहीं डीयू के शिक्षक संगठन इंडियन नेशनल टीचर्स कांग्रेस (इंटेक) के संयोक पंकज गर्ग ने कहा डीयू के अपने वर्ल्ड यूनिवर्सिटी हेल्थ सेंटर में 24 घण्टे के लिए सहायता केंद्र स्थापित किया जाए। जिससे आपातकालीन स्थिति के तहत छात्र व शिक्षक वहां पर संपर्क कर सकें। प्रो राजीव गुप्ता ने कहा कि शिक्षक, छात्र बिल्कुल ना घबराएं, उनके लिए डीयू प्रशासन व्यवस्था करेगा।
डीयू के छात्र कल्याण के डीन प्रो राजीव गुप्ता ने कहा कि हमें इस मौजूदा परिस्थितियों से निपटने के लिए साथ मैं मिलकर लड़ाई लड़नी होगी। हमें सकारात्मक ऊर्जा को अपनाते हुए इस महामारी के खिलाफ लड़ना होगा। डीयू के शिक्षक, छात्र व कर्मचारी बिल्कुल भी घबराएं नहीं। सभी के लिए व्यवस्था के अनुरूप योजना बनाई जा रही है। हमारी कोशिश है कि डीयू से संबद्ध यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज जैसे अस्पतालों में डीयू के सभी शिक्षकों, छात्रों व कर्मचारियों का कोविड-19 टेस्ट किया जा सके। इन अस्पतालों में डीयू के सभी शिक्षकों, छात्रों व कर्मचारियों के लिए आपातकालीन स्थिति में बेड की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा सके।
वहीं उन्होंने कहा कि नॉर्थ कैंपस स्थित वल्लभभाई पटेल चेस्ट इंस्टिट्यूट जैसे वर्ल्ड यूनिवर्सिटी हेल्थ सेंटर को कोविड-19 समर्पित अस्पताल बनाना ठीक नहीं होगा। इस बारे में डॉक्टरों से भी बात की है। इससे फिर वह क्षेत्र कंटेन्मेंट जोन में आ जाएगा। और यह डीयू के शिक्षकों और छात्रों के लिए ठीक नहीं होगा क्योंकि डीयू के नॉर्थ कैंपस में किसी ना किस अकादमिक गतिविधियों के लिए छात्रों व शिक्षकों को आने वाले समय में कैंपस में आना पड़ सकता है।  

दिल्ली के केजरीवाल सरकार पर फूटा SC का गुस्सा, मामला कचरे में शव का

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नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  कोविड-19 के मरीजों के उचित इलाज और बीमारी से मरने वालों के शव को अस्पतालों में गरिमापूर्ण तरीके से रखे जाने पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की गई। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट का फोकस दिल्ली की व्यवस्था पर रहा और अस्पतालों में हो रहे खेल पर कोर्ट केजरीवाल सरकार पर सख्त नजर आया। कोर्ट द्वारा महाराष्ट्र, तमिलनाडु और प.बंगाल को भी इस दौरान सख्त निर्देश दिए गए। सुप्रीम कोर्ट ने एक जगह टिप्पणी करते हुए यहां तक कह दिया कि शव कचरे में पाए जा रहे हैं, लोगों के साथ जानवरों से भी बदतर व्यवहार किया जा रहा है।
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि शवों को हैंडल करने पर दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। इसपर कोर्ट ने कहा कि हम शवों से ज्यादा जिंदा लोगों के इलाज पर चिंतित हैं। कोर्ट ने कहा, ‘टेस्ट की संख्या भी कम कर दी गई है। दिल्ली में बहुत कम टेस्ट हो रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट से हमें मरीजों की दुर्दशा की जानकारी मिली। उनको शव के साथ रहना पड़ रहा है। ऑक्सीजन जैसी सुविधा नहीं मिल रही। लोग मरीज को लेकर इधर-उधर भाग रहे हैं, जबकि सरकारी अस्पताल में बिस्तर खाली हैं।’
कोर्ट ने दिल्ली सरकार से पूछा कोरोना जांच में कमी क्यों की गई है। मामले पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति अजीत प्रकाश शाह ने कहा है कि लाशों को अव्यवस्थित तरीके से रखा जा रहा है, आखिर ये हो क्या रहा है? उन्होंने इसके लिए दिल्ली सरकार को फटकार लगाई है। 
सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में शवों की उचित देखभाल नहीं की जा रही है। मरीजों के परिवारों को भी मौतों के बारे में सूचित नहीं किया जा रहा है। कुछ मामलों में, परिवार अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हो पाए हैं।
अदालत ने कहा कि 15 मार्च को शवों को हैंडल करने पर केंद्र ने दिशानिर्देश जारी किया गया। हालांकि, इसका पालन नहीं हो रहा है। दिल्ली, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और प.बंगाल में इलाज को लेकर हालात सबसे ज्यादा खराब हैं। इसपर कोर्ट द्वारा इन राज्यों को नोटिस भी जारी कर दिए गए। कोर्ट ने दिल्ली के LNJP हॉस्पिटल को भी अलग से नोटिस जारी किए जाने की बात कही। वहीं, अगली सुनवाई 17 जून को निर्धारित कर दी गई।

30 जून तक जामा मस्जिद में नहीं पढ़ी जाएगी एक साथ नमाज, शाही इमाम ने किया एलान

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नई दिल्‍ली (ऊँ टाइम्स)  शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने जामा मस्‍जिद में नमाज पढ़ने के बारे में कहा कि हमने जनता की राय और कुछ जानकारों से सलाह लेने के बाद यह तय किया है कि 30 जून तक सामूहिक नमाज नहीं होगी। उन्‍होंने यह भी बताया कि आज की मगरीब (शाम) से ही यह 30 जून तक लागू होगा।

जामा मस्‍जिद के प्रवक्‍ता अमानुल्‍लाह की कोरोना के कारण हुई मौत – 10 जून को जामा मस्जिद के प्रवक्ता अमानुल्लाह की कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण मौत हो गई थी। इसी से दुखी होकर शाही इमाम बुखारी ने लोगों से जामा मस्‍जिद खोले जाने की राय देने को कहा था। बता दें कि कोरोना वायरस के मामले लगातार दिल्‍ली में तेजी से बढ़ रहे हैं।
लोगों से राय मांगने के अलावा उन्‍होंने फिलहाल घरों में ही नमाज पढ़ने की गुजारिश की, ताकि लोगों को संक्रमण का फैलने का खतरा नहीं बढ़े। ऐसे में कयास लगाए जा रहे है कि जामा मस्जिद को लॉकडाउन की तरह ही एक बार फिर बंद किया जा सकता है।
आप को बता दें कि शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी के करीबी और प्रवक्ता अमानुल्लाह की सफदरजंग अस्पताल में कोरोना वायरस संक्रमण के चलते मौत हो गई। एक हफ्ते पहले ही करोना के लक्षण दिखने पर प्रवक्ता अमानुल्लाह को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिसके बाद इलाज के दौरान मंगलवार रात को उनकी मौत हो गई। बता दें कि दिल्‍ली में कोरोना के मामले काफी तेजी से बढ़ रहे हैं। इसी के मद्देनजर सीएम केजरीवाल ने गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात भी की थी। 

भीड़ ने किया दिल्ली के इंद्रपुरी पुलिस चौकी पर पथराव, पुलिस ने किया फायरिंग

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नई दिल्ली. ( ऊँ टाइम्स) शिकायत नहीं सुने जाने का आरोप लगा कर शिकायतकर्ता के साथ आए लोगों ने आज दिल्ली की इंद्रपुरी पुलिस चौकी पर हमला बोला दिया। उन लोगों द्वारा किए गए जबरदस्त पथराव में चौकी इंचार्ज घायल हो गये हैं, भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने फायरिंग भी किया! पुलिस चौकी पर इस तरह भीड़ के हमले से आलाधिकारियों में नाराजगी है और इस बाबत शिकायतकर्ताओं पर मामला भी दर्ज किया जा सकता है।
मिली जानकारी के मुताबिक, शिक़ायत कर्ता की बात नहीं सुनने पर शिकायतकर्ता के साथ परिजनों ने इंद्रपुरी पुलिस चौकी पर कथित हमला बोला दिया। पथराव से घबराए चौकी इंचार्ज ने फायरिंग भी किया! इस तरह पुलिस चौकी पर फायरिंग की खबर से स्थानीय पुलिस अधिकारी सकते में हैं।
चर्चा है कि पथराव में चौकी इंचार्ज को काफी चोटें आई हैं। उन्हें तत्काल सेंट स्टीफेंस अस्पताल ले जाया गया, जहाँ पर उनका इलाज किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि पुलिस चौकी पर शिकायतर्ताओं का इस तरह हमला करना कानूनी कार्रवाई  के दायरे में आता है। संभवतया इस मामले में पथराव करने वाले लोगों पर पुलिस मामला दर्ज कर कानून सम्मत कार्रवाई भी करेगी। पिछले कुछ  सालों के दौरान यह इस तरह का पहला मामला है, जब भीड़ ने इस तरह किसी पुलिस चौकी पर हमला किया हो। ऐसे में पुलिस के आलाधिकारी इस घटना पर नजर बनाए हुए हैं और उचित कार्रवाई की बात कह रहे हैं। इस घटना से यह भी कन्फर्म हो गया है कि कहीं कहीं कुछ पुलिस वाले कानून को ताख पर रख कर अपनी मनमानी करने से बाज नहीं आ रहे हैं, जिसका परिणाम यह होता है कि पूरा मुहकमा बदनाम होता है !

चीन ने कहा पूर्वी लद्दाख में सीमा पर हालात को सामान्‍य बनाने के लिए उठाए जा रहे कदम

OM TIMES e-news paper India. https://omtimes.in undefined नई दिल्ली /बीजिंग (ऊँ टाइम्स) चीन ने विगत दिवस कहा है कि पूर्वी लद्दाख में सीमा पर हालात को सामान्य बनाने के लिए दोनों देशों के सैनिकों ने कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। उक्‍त कदम छह जून को दोनों देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के बीच हुई सकारात्मक बातचीत के आधार पर उठाए जा रहे हैं। चीनी विदेश मंत्रालय की हुआ चुनयिंग ने बुधवार को बताया कि सीमा पर स्थिति को सामान्‍य बनाने के लिए दोनों देशों की ओर से कदम उठाए जा रहे हैं। यह बयान ऐसे समय आया है जब‍ चीन की सेना ने पूर्वी लद्दाख के कुछ इलाकों से पीछे हटने का फैसला किया है।

चीन के इस बयान से यह भी साफ है कि सीमा पर गतिरोध को खत्‍म करने के लिए भारत की कूटनीति रंग लाने लगी है। हुआ चुनयिंग ने बताया कि हाल में चीन और भारत के बीच कूटनीतिक और सैन्य स्‍तर पर स्थिति को सामान्‍य बनाने के बारे में बातचीत हुई जिसमें सकारात्मक सहमति बनी है। प्रवक्‍ता ने यह भी कहा कि सीमा पर स्थिति को सहज बनाने के लिए दोनों देश आपस में बनी सहमति के आधार पर उक्‍त कदम उठा रहे हैं। वहीं नई दिल्‍ली में सैन्य सूत्रों ने कहा है कि चीनी सेना गलवन घाटी में गश्त प्वाइंट 14 और 15 के आसपास और हॉट स्प्रिंग क्षेत्र से पीछे हट रही है। 
उल्‍लेखनीय है कि पेंगॉन्ग सो में हिंसक झड़प के बाद पांच मई से ही एलएसी पर भारत और चीन की सेनाओं के बीच गतिरोध चल रहा है। छह जून को सैन्य स्तरीय वार्ता के दौरान भारत और चीन साल 2018 में वुहान शिखर बैठक में दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच बनी सहमति के आधार पर आगे बढ़ने सहमत हुए थे। इस बैठक के दौरान हुई बातचीत में भारत ने साफ कर दिया था कि वह अपने जवानों को तब तक इलाके से नहीं हटाएगा जब तक कि चीनी सेना इलाके में पूर्व की स्थिति को बहाल नहीं कर देती। माना जा रहा है कि अभी जिन स्थलों पर चीन की घुसपैठ को लेकर भारत ने आपत्ति जताई है उसने उन्हीं से पीछे हटना शुरू किया है। 
विगत दिवस सरकार के शीर्ष सूत्रों ने बताया था कि गलवन क्षेत्र में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी यानी पीएलए ने पैट्रोलिंग प्वाइंट 15 और हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र से ढाई किलोमीटर पीछे हटी है जबकि भारत ने भी अपने सैनिकों को कुछ पीछे हटाया है। इससे पहले चार जून को भी ऐसी रिपोर्ट आई थी कि चीनी सेना दो किलोमीटर पीछे हट गई है। इस पहलकदमी से पूर्वी लद्दाख के गलवां घाटी में भारत और चीन के बीच उपजे तनाव में कमी के संकेत मिलने लगे हैं। इस मामले में भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह उम्मीद जताई थी कि दोनों देश सीमा विवाद को आपसी बातचीत से सुलझा लेंगे। उन्‍होंने यह भी कहा था कि देश के आत्‍मसम्‍मान पर आंच नहीं आने दी जाएगी। 

1.35 लाख लोग जीत चुके कोरोना से जंग, 1.33 लाख है एक्टिव केस

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नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  लॉकडाउन में दी गई ढील के बीच भारत में कोरोना के मामले जिस तेजी से बढ़ रहे हैं, ठीक होने वालों की संख्या भी उसी तेजी से बढ़ रही है। भारत में कोरोना महामारी के 2.76 लाख से ज्यादा संक्रमित मामले सामने आ चुके हैं ,और 7,745 लोगों की जान गई है। इस बीच देश में पहली बार स्वस्थ हुए मरीजों की संख्या सक्रिय मामलों से ज्यादा हो गई है। करीब 49 फीसद मरीज अब तक स्वस्थ हो चुके हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक अब तक 1,35,206 मरीज पूरी तरह से स्वस्थ होकर अपने घर जा चुके हैं, जबकि सक्रिय मरीजों की संख्या 1,33,632 है। 

एक साथ मिलकर वैक्सीन बनाने पर पीएम मोदी और कंबोडिया के पीएम तथा बेंजामिन नेतन्याहू में हुई वार्ता

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नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) कोविड-19 नामक वायरस से पैदा स्थितियों में आपसी सहयोग बढ़ाने के लिए बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपने इजरायली समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू से टेलीफोन पर वार्ता हुई। दोनों नेताओं ने साथ मिलकर महामारी से मुकाबले वाली वैक्सीन विकसित करने पर भी चर्चा की। बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी ने नेतन्याहू को पांचवीं बार प्रधानमंत्री बनने के लिए बधाई दिया!
मोदी ने ट्वीट कर कहा, दोस्त प्रधानमंत्री नेतन्याहू से शानदार बातचीत हुई। हमने कोरोना प्रकोप के बाद की दुनिया के लिए सहयोग बढ़ाने पर विचार किया। आने वाले दिनों में भारत और इजरायल का सहयोग और मजबूत होगा।
बाद में जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार हुआ। जल्द ही इसके नतीजे सामने आएंगे। सहयोग के क्षेत्रों में कोविड-19 से मुकाबले के लिए दवा और वैक्सीन विकसित करने को शोध का कार्य प्रमुख होगा। इसके अतिरिक्त कृषि अनुसंधान, स्वास्थ्य तकनीक, रक्षा क्षेत्र और सूचना प्रौद्योगिकी में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। दोनों नेताओं ने जल्द-जल्द वार्ता कर संबंधों को मजबूत बनाने पर भी बल दिया। 

कोरोना वायरस के बढ़ते मामले को लेकर दिल्ली के सीएम ने गृहमंत्री अमित शाह से किया मुलाकात

OM TIMES. e-news paper India. https://omtimes.in undefined नई दिल्‍ली (ऊँ टाइम्स) कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को लेकर आज दिल्‍ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गृहमंत्री अमित शाह से शाम को मुलाकात किया । उन्‍होंने इसकी जानकारी ट्वीट कर खुद दी है। केजरीवाल ने दिल्‍ली में कोरोना के बढ़ते मामले को लेकर शाह से मुलाकात किया है। उन्‍होंने यह भी बताया कि केंद्र सरकार की तरफ से राज्‍य को सहयोग का आश्वासन मिला है!
बता दें, कि दिल्‍ली में कोरोना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इसको लेकर दिल्‍ली की सरकार खासी चिंता व्‍यक्‍त कर चुकी है। बीते कुछ दिनों में दिल्‍ली सरकार और एलजी के बीच भी विवाद कोरोना को  लेकर ही हुआ हालांकि बाद में सीएम केजरीवाल ने यह साफ कर दिया कि यह वक्‍त दिल्‍ली की जनता की सेवा करने का है। कोरोना वायरस से उपजे इस कठिन हालात के समय राजनीति करने वालों के लिए जगह नहीं होनी चाहिए।
आप को बता दें कि बुधवार को भी दिल्‍ली में कोरोना के मामलों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। आज भी 1501 मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही दिल्‍ली में कुल संक्रमितों की संख्‍या 32 हजार से पार हो चुकी है। 
मंगलवार को उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने चिंता जताते हुए कहा था कि 31 जुलाई तक दिल्ली में कोरोना के साढ़े पांच लाख मरीज हो जाएंगे। उस मुश्‍किल की घड़ी में दिल्ली को करीब 80 हजार बेडों की आवश्‍यकता होगी। उन्होंने उपराज्यपाल अनिल बैजल के निवास पर दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक के बाद कहा था कि राजधानी में लगभग 12 से 13 दिन में कोरोना के केस दोगुने हो रहे हैं।
मनीष सिसोदिया ने बताया कि अभी जो डाटा प्रस्तुत किया गया है, उसके अनुसार 30 जून तक कोरोना के मरीजों के लिए दिल्ली में 15 हजार बेडों की जरूरत होगी। 15 जुलाई तक 33 हजार और 31 जुलाई तक 80 हजार बेडों की दरकार होगी।

नीरव मोदी और मेहुल चोकसी का हांगकांग में रखा हुआ 1350 करोड़ का हीरा भारत लाया गया

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नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  प्रवर्तन निदेशालय ने 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक की बैंक धोखाधड़ी के आरोपी हीरा कारोबारी नीरव मोदी और मेहुल चोकसी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। ईडी हांगकांग से 2300 किलो वजनी तराशे हुए हीरे और मोती भारत लेकर आया है। 1350 करोड़ रुपये कीमत के ये हीरे–मोती नीरव मोदी और मेहुल चोकसी की कंपनियों से संबंधित हैं। दोनों आरोपित वांछित भगोड़े हैं। नीरव अभी लंदन में है और उसके भारत प्रत्यर्पण की कानूनी कार्रवाई चल रही है।
ईडी के अधिकारियों ने बताया कि भगोड़े नीरव मोदी और मेहुल चोकसी की कंपनियों के हीरे और मोती 108 खेप में मुंबई लाए गए। इनमें से 32 खेप नीरव मोदी द्वारा नियंत्रित विदेशों में स्थित कंपनियों की हैं। बाकी खेप मेहुल चोकसी की कंपनियों की हैं। इन खेपों में हीरे- मोती के साथ चांदी के आभूषण भी हैं। इन सबकी कुल कीमत 1350 करोड़ रुपये है। ईडी ने हांगकांग से इन बेशकीमती चीजों को भारत लाने के लिए सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर ली थी!
14000 हजार करोड़ रुपये के पीएनबी बैंक घोटाला मामले में ईडी दोनों आरोपितों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत जांच कर रहा है। इसी एक्ट के तहत ही ईडी ने नीरव मोदी और मेहुल चोकसी की कंपनियों की ये बेशकीमती चीजें जब्त की हैं।

इस अनलॉक-1 में भी अलग-अलग राज्यों में लागू हैं कई तरह की पाबंदियां

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नई दिल्ली ( ऊँ टाइम्स) कोरोनावायरस के लॉकडाउन की बंदिशें को झेल रहे देश के तमाम राज्य अब धीरे-धीरे लॉकडाउन को खोल रहे हैं मगर पूरी तरह से अभी किसी राज्य में सुविधाएं शुरू नहीं हो पा रही हैं। स्कूल-कॉलेज तो अभी किसी राज्य में नहीं खुले हैं, फिलहाल इनके अगले दो माह तक खुलने की उम्मीद भी नहीं दिख रही है।.
इसके अलावा कुछ राज्यों में मॉल और रेस्टोरेंट को अभी भी खोलने की इजाजत नहीं दी गई है। जबकि कुछ राज्यों ने अपने यहां खुद से निर्णय लेते हुए लॉकडाउन की तारीख को बढ़ा दिया है जिससे कोरोनावायरस को फैलने से रोका जा सके। इस रिपोर्ट के माध्यम से हम आपको बता रहे हैं देश में अभी भी किन-किन राज्यों में किस-किस चीज पर छूट नहीं दी गई है। दिल्ली से सटे राजस्थान ने तो बढ़ते कोरोना के मामलों को देखते हुए अपने यहां के बॉर्डर ही एक सप्ताह के लिए सील कर दिए हैं।

राजस्थान –  राजस्थान में अचानक कोरोना संक्रमितों के बढ़ने के बाद प्रदेश सरकार ने अंतरराज्यीय सीमा पर वाहनों का आवागमन नियंत्रित करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उच्च अधिकारियों की बैठक लेकर अन्य राज्यों से आने वाले वाहनों को नियंत्रित करने के निर्देश दिए। गहलोत ने कहा कि संक्रमण को फैलने से रोकना सरकार की प्राथमिकता है। दरअसल, पिछले दो दिन में संक्रमितों एवं मौतों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी के बाद सरकार ने बुधवार सुबह अन्य राज्यों से लगती हुई राजस्थान की सीमा को सील करने के आदेश जारी किए थे। 
हालांकि करीब एक घंटे बाद ही एक संशोधित आदेश जारी किया गया, जिसमें सीमा सील करने के बजाय आवागमन को नियंत्रित करने की बात कही गई। राजस्थान में अनलॉक एक के बाद कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए दूसरे राज्यों से लगती हुई सीमाएं एक बार फिर सील कर दी गई हैं। इस बारे में राजस्थान पुलिस ने आदेश जारी कर दिए हैं और सभी जिलों को यह निर्देश दिए हैं कि अंतरराज्यीय आवागमन को नियंत्रित किया जाए तथा बिना अनुमति पत्र किसी को भी राज्य की सीमा में प्रवेश नहीं दिया जाए।

दरअसल राजस्थान में एक जून को अनलॉक-1 के बाद से कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़े है। हर रोज औसतन दो सौ से ढ़ाई सौ केस आ रहे है। मंगलवार को यह आंकड़ा बढ़ कर 369 तक पहुंच गया जो एक दिन में अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा हैं। वहीं बुधवार को भी सुबह 10.30 बजे तक 123 मामले सामने आ चुके है। वहीं मौतों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है और अब तक 256 मौतें हो चुकी है। 
इसी को देखते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार सुबह आपातकालीन बैठक की और राज्य की सभी सीमाएं सील करने के आदेश दिए। राजस्थान पुलिस मुख्यालय से इस बारे में जारी आदेश में कहा गया है कि जिला कलक्टर या पुलिस अधीक्षक की ओर से जारी किए गए पासधारक ही दूसरे राज्यों में जा सकेंगे और राजस्थान से अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने के बाद ही किसी को राजस्थान में प्रवेश दिया जाएगा। हवाई अडडे, रेलवे स्टेशन आदि भी पुलिस की चैक पोस्ट रहेगी और बिना अनुमति किसी को नहीं आने दिया जाएगा।

आगामी 7 दिन तक आदेश प्रभावी – बुधवार को सुबह पुलिस महानिदेशक ( लॉ एंड ऑर्डर) एम.एल लाठर ने संबंधित जिला पुलिस अधीक्षकों व परिवहन आयुक्त रवि जैन ने परिवहन अधिकारियों को सभी अंतरराज्यीय सीमाओं पर आवागमन को नियंत्रित करने के ऑर्डर जारी कर दिए। यह आदेश आगामी 7 दिन तक प्रभावी रहेगा। उसके बाद अगर कोरोना पॉजिटिव मरीजों के मिलने की संख्या कम हुई तो आदेश में बदलाव किया जाएगा। लेकिन इसके विपरीत अगर संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती गई तो इस आदेश को आगे बढ़ाया जाएगा।

उत्तर प्रदेश – लॉकडाउन-5 के बाद अनलॉक-1 के दूसरे चरण में प्रदेश के कई प्रमुख शहरों में प्रशासनिक अनुमति के बाद मंदिर समेत सभी धार्मिक स्थल खुल चुके हैं लेकिन कानपुर में फिलहाल मंदिर बंद रहेंगे। शहर में बढ़ते कोरोना संक्रमित मरीजों को देखते हुए धर्म गुरुओं की सर्वसम्मति के बाद प्रशासन ने 30 जून तक धार्मिक स्थल खोलने की इजाजत नहीं दी है। यह फैसला बुधवार को प्रशासनिक अधिकारियों और धर्म गुरुओ के बीच हुई बैठक के बाद लिया गया है। 

अनलॉक-1 के बाद शासन से मंदिरों को सर्शत खोलने की अनुमति के बाद कानपुर में भी तैयारी शुरू हो गई थी। शहर के प्रमुख मंदिर परिसरों और मस्जिदों में सैनिटाइजेशन कराने के साथ कोरोना से बचाव के लिए अन्य इंतजामात होने लगे थे। प्रशासन ने धार्मिक गुरुओं को आपस में मंत्रणा करके धार्मिक स्थलों पर कोरोना से बचाव संबंधी इंतजाम करने के बाबत कहा था। इसके बाद संतों और महंतों की बैठक हुई थी। प्रशासन ने साफ कर दिया कि धार्मिक स्थल खोलने की अनुमति तो देंगे लेकिन इससे पहले तैयारियों को लेकर सभी की संतुष्टि जरूरी है।
प्रशासन का तर्क था कि कोरोना के केस तेजी से बढ़ रहे हैं, ऐसे में धार्मिक स्थल खोलना कितना तर्क संगत होगा। इसके बाद सर्वसम्मति से तय हुआ कि 30 जून तक यथास्थिति बनाए रखी जाए, जिसपर सभी धर्म गुरुओं की एक राय बन गई। बैठक में तय हुआ कि 30 जून को पुनः बैठक होगी। इसके बाद तत्कालीन परिस्थितियों को देखते हुए निर्णय लिया जाएगा।

बिहार – लॉकडाउन के चलते बिहार में दो महीने से बंद बसों का परिचालन शुरू हो गया है। केंद्र सरकार के अनलॉक-1 के दिशा-निर्देशों के बाद क्राइसिस मैंनेजमेंट ग्रुप की बैठक में इसका निर्णय लिया गया। नई व्यवस्था लागू कराने के लिए सभी डीएम, एसएसपी और एसपी को निर्देश दे दिया गया है। परिवहन सचिव संजय अग्रवाल ने बताया कि बसों एवं सभी पब्लिक ट्रांसपोर्ट का परिचालन एक सीट एक व्यक्ति के सिद्धांत पर किया जा रहा है। राज्य में ई-रिक्शा, ऑटो रिक्शा, टैक्सी, ओला एवं उबर का परिचालन कंटेनमेंट क्षेत्र के बाहर होना है। किराये में भी वृद्धि नहीं होगी। यात्रियों, जिला प्रशासन, वाहन मालिकों, कंडक्टरों एवं चालकों के लिए गाइडलाइन भी तय कर दी गई है। 
वाहन मालिकों को निर्देश दिया गया है कि जितनी सीटें होंगी, यात्री भी उतने ही बिठाने होंगे। एक भी ज्यादा यात्री रहने पर कार्रवाई होगी। गाड़ी को प्रतिदिन धुलवाने, साफ-सुथरा रखने एवं प्रत्येक ट्रिप के बाद सैनिटाइज कराना है। ड्राइवरों एवं कंडक्टरों को साफ कपड़े, मास्क एवं ग्लब्स पहनने होंगे। वाहनों के अंदर एवं बाहर संक्रमण से बचाव के उपायों से संबंधित पोस्टर, स्टिकर लगवाने होंगे। कोरोना सं बचाव को लेकर जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए गए पंपलेट यात्रियों के बीच बांटने हैं। गाड़ी में चढ़ते-उतरते वक्त फिजिकल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखना होगा। गाड़ी में सैनिटाइजर रखना होगा। 

दिल्ली – राजधानी दिल्ली में भी अधिकतर चीजें खोल दी गई हैं मगर स्कूल, कॉलेज, बैंक्वेट हॉल आदि चीजों को अभी इजाजत नहीं दी गई है। इसके अलावा अभी मेट्रो को भी चलाने की इजाजत नहीं दी गई है। दिल्ली सरकार ने सभी धार्मिक स्थानों को खोलने की इजाजत दे दी है मगर इसके लिए भी खासी एहतियात बरतनी होगी। यदि कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी होती है तो फिर ऐसी जगहों को खोलने या बंद करने के लिए दोबारा से विचार किया जा सकता है।

पश्चिम बंगाल – लॉकडाउन में छूट व अनलॉक- 1 के तहत सोमवार को कोलकाता सहित पूरे बंगाल में करीब ढाई महीने बाद होटल, रेस्तरां, शॉपिंग मॉल एवं अन्य प्रतिष्ठान खुले। राज्य सरकार ने कई शर्तों के साथ इन्हें खोलने की अनुमति दी है। इसके अलावा सरकारी दफ्तरों ने भी 70 फीसद कर्मचारियों की क्षमता के साथ काम शुरू कर दिया है। साथ ही अधिकतर निजी कार्यालय व प्रतिष्ठान भी सामान्य कामकाज की ओर लौट रहे हैं। 
राज्य सरकार के निर्देश के अनुसार, सोमवार से निजी कार्यालयों व संस्थानों में 100 फीसद कर्मचारियों की मौजूदगी के साथ काम की इजाजत दी गई है जिसके बाद यहां भी हल-पहल देखी गई। हालांकि इसका फैसला प्रबंधन पर छोड़ दिया गया है और राज्य सरकार ने घर से ही ज्यादा काम करने पर जोर दिया है।  कोलकाता नगर निगम में सौ फीसद कर्मचारियों की क्षमता के साथ काम शुरू हुआ। निगम के प्रशासक व राज्य के मंत्री फिरहाद हकीम ने कहा कि चूंकि जरूरी सेवा से जुड़े कई कार्य निगम से होता है इसीलिए इसकी इजाजत दी गई है। इससे पहले राज्य सरकार ने 1 जून से प्रतिबंधों में ढील दी थी और सभी धार्मिक स्थलों को खोलने के साथ जूट, चाय और निर्माण क्षेत्रों मैं सौ फीसद कार्यबल के साथ काम की इजाजत दी थी।

अनलॉक-1 के तहत ढील को और बढ़ाए जाने के बाद सोमवार को बड़ी संख्या में कोलकाता सहित अन्य शहरों में लोग सड़कों पर निकल आए और शारीरिक दूरी के नियमों का उल्लंघन करते दिखाई दिए। राज्य परिवहन की सभी बसों का परिचालन हो रहा है, लेकिन निजी बसें अब भी सड़कों पर कम ही संख्या में चल रही हैं। वहीं, लोकल ट्रेन व मेट्रो जैसे सार्वजनिक परिवहन भी बंद हैं, इसकी वजह से लोगों को भारी परेशानी हो रही है।
दूसरी तरफ लंबे समय बाद शॉपिंग मॉल, होटल व रेस्तरां खुलने के बाद यहां चहल-पहल देखी गई। कोरोना के प्रसार को रोकने एवं भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कोलकाता, आसनसोल सहित कई शहरों में विभिन्न शॉपिंग मॉल प्रबंधन ने एंट्री फीस ₹100 तक लगाने का फैसला किया है। इसके साथ ही मॉल आदि के लिफ्ट में एक बार में 3 से ज्यादा लोगों के नहीं चढ़ने की भी बात कही गई है। दूसरी ओर, राज्यभर में ज्यादातर धार्मिक स्थल भी खुल गए हैं। हालांकि प्रसिद्ध दक्षिणेश्वर मंदिर, कालीघाट, बेलूर मठ व तारापीठ के दरवाजे अभी तक नहीं खुले हैं। इन मंदिरों के 15 जून से खुलने की बात कही जा रही है।

मिजोरम – मिजोरम के मुख्यमंत्री जोरमथांगा की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में राज्य में मौजूदा स्थिति को देखते हुए 9 जून 2020 से 2 सप्ताह के लॉकडाउन को लागू करने का फैसला लिया है। मिजोरम सरकार ने कहा है कि शीघ्र ही लॉकडाउन संबंधी दिशा- निर्देशों को अधिसूचित किया जाएगा। पश्चिम बंगाल में जहां कोरोना वायरस के 8 हजार से अधिक मामले हैं, वहीं मिजोरम में 34 मामले हैं। 
अभी तक उत्‍तर पूर्वी राज्‍यों में कोरेाना का प्रभाव मामूली रहा था लेकिन प्रवासी मजदूरों के आने और आवागमन शुरू होने के बाद वहां भी कोरोना के मामले बढ़े हैं। पश्चिम बंगाल में भी प्रवासी मजदूरों के आने के बाद कोरेाना के मामले तेजी से बढ़े हैं। पश्चिम बंगाल सरकार ने कंटेनमेंट जोन में लॉकडाउन को 30 जून तक बढ़ा दिया है। पूजा स्थलों (एक समय में), विवाह समारोहों (मेहमानों), और अंतिम संस्कार में अधिकतम 25 लोगों को अनुमति होगी।

कर्नाटक – कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता सिद्धारमैया ने कहा कि अगले दो महीने और राज्य में स्कूल नहीं खोलना चाहिए। उन्होंने बताया कि अभी कोरोना वायरस का खतरा टला नहीं है इसका संक्रमण तेजी से फैल रहा है। ऐसे में अभी स्कूलों को फिर से खोलना सही नहीं होगा। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा और सीनियर एजुकेशन मिनिस्टर सुरेश कुमार को सलाह दी है कि इस संदर्भ में उन्हें किसी भी प्रकार से जल्दबाजी में निर्णय नहीं लेना चाहिए। 

ट्वीट करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने लिखा कि हालांकि राज्य में कोरोना का संक्रमण सीमित है लेकिन बावजूद इसके राज्य में स्कूलों को दोबारा से शुरू करने का यह सही समय नहीं है। कम से कम 2 महीने तक तो स्कूल नहीं खुलने चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य में शिक्षा मंत्री जुलाई से दोबारा से स्कूल शुरू करने पर विचार कर रहे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री को इस बारे में किस भी प्रकार का फैसला लेने से पहले अभिभावकों की चिंता पर भी ध्यान देना चाहिए।
कर्नाटक की पहला ऐसा राज्या है जहां पर कोरोना से पहली मौत हुई थी हालांकि इससे पहले केरल में संक्रमित मामले सबसे पहले सामने आए थे। फिलहाल संक्रमितों का आंकड़ा समूचे भारत में 2 लाख से ज्यादा हो गया है। वहीं मरने वालों का आंकड़ा 6 हजार से ज्यादा हो गया है।  

दिल्ली के सीएम केजरीवाल का हुआ कॉरोना जाँच,कोरोना रिपोर्ट आया निगेटिव

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नई दिल्‍ली (ऊँ टाइम्स)   अरविंद केजरीवाल के लिए आज का दिन बड़ी मंगल खबर लेकर आया। दरअसल, मंगलवार सुबह मुख्यमंत्री का कोरोना टेस्ट किया गया था, जिसकी रिपोर्ट में नेगेटिव आई है। इसकी सूचन आते ही केजरीवाल सरकार में शामिल कैबिनेट में शामिल मंत्रियों ने राहत का सांस लिया !
गौरतलब है कि कोरोना वायरस की आशंका के चलते मुख्यमंत्री रविवार दोपहर बाद से होम आइसोलेशन में थे। उन्होंने घर मे अन्य लोगों से अपने को अलग कर लिया था। रविवार दोपहर बाद से मुख्यमंत्री की तबीयत खराब है। उन्हें हल्का बुखार है और गले मे खराश और दर्द है। उनका मंगलवार सुबह को कोविड-19 के लिए परीक्षण किया गया था।

केजरीवाल डायबिटीज से पीड़ित हैं। उन्होंने रविवार को राज्य मंत्रिमंडल की एक बैठक की अध्यक्षता की थी। जिसमें सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों के उपचार और दिल्ली के बॉर्डर खोलने को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए थे। मगर दोपहर बाद उन्हें बुखार की शिकायत हुई। उसके बाद वह रविवार से किसी से मिले नहीं हैं। उन्होंने सभी बैठकों को रद्द कर दिया है। इससे पहले  केजरीवाल कोरोना वायरस की स्थिति पर लगातार प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे।
आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता राघव चड्ढा ने ट्वीट कर कहा कि भगवान का शुक्र है कि सीएम केजरीवाल को कोरोना नहीं है। उनकी जांच रिपोर्ट निगेटिव आयी है। 
दिल्ली भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदेश कुमार गुप्ता ने सीएम केजरीवाल के जल्द ठीक होने की कामना की है। दिल्ली भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदेश कुमार गुप्ता ने ट्वीट किया, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जी के अस्वस्थ होने की जानकारी मिलने पर फोन कर उनकी कुशल क्षेम पूछी। ईश्वर से प्रार्थना है कि वह शीघ्र स्वस्थ हों। इनके अलावा कुमार विश्वास, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत दिल्ली और देश के अन्य नेताओं ने सोशल मीडिया पर केजरीवाल के स्वस्थ होने की कामना की। वहीं, आप नेता व राज्यसभा सदस्य संजय सिंह, विधायक सौरभ भारद्वाज, आतिशी, दिलीप पांडेय, राघव चड्ढा सहित पार्टी के सभी नेताओं ने केजरीवाल के जल्द स्वस्थ होने की ईश्वर से कामना की है।

मुंबई में लॉकडाउन के नियमों में संशोधन, BMC ने जारी किया नया गाइडलाइन

OM TIMES e-news paper India https://omtimes.in undefined महाराष्ट्र (ऊँ टाइम्स) मुंबई महानगर में कोरोना संक्रमण के सबसे अधिक मामले सामने आ रहे हैं। इस लिए यहां लॉकडाउन के नियमों का अभी भी सख्‍ती से पालन हो रहा है। ऐसे में बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने लॉकडाउन के संबंध में एक संशोधित परिपत्र जारी किया है इस परिपत्र में लॉकडाउन के दौरान प्रतिबंधों को कम करने और चरणबद्ध तरीके से खोलने के संबंध में संशोधित दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं। 

बीएमसी ने जारी किया नया गाइडलाइन –

  • मॉल्‍स और मार्केट कॉम्‍प्‍लेक्‍स को छोड़कर अन्‍य दुकानें सामान्‍य समय के अनुसार  खुलेंगी। 
  • सड़क के किनारे बनी दुकानों के लिए बीएमसी का आदेश है कि एक दिन सड़क के एक लाइन की दुकानें खुलेंगी तो दूसरे दिन दूसरी लाइन की सभी दुकानें खुलेंगी। 
  • सभी दुकानें सोमवार से शनिवार तक खुलेंगी लेकिन रविवार को बंद रहेंगी।
  • निजी कार्यालयों में केवल 10 प्रतिशत स्‍टाफ ही काम करेगा या केवल दस लोग, अन्‍य लोग घर से ही काम करेंगे। 
  • कार्यालयों में सभी लोग सैनिटाइजेशन का पूरा ध्‍यान रखेंगे जिससे उनके घर तक किसी भी प्रकार का संक्रमण न पहुंच सके। 
  • अखबार के छापने और बांटने की भी छूट दी गयी है लेकिन ध्‍यान रहे कि अखबार लेने और देने वाला दोनों ने मास्‍क पहने हो और इस दौरान सैनिटाइजर का प्रयोग अनिवार्य है जिससे संक्रमण से बचा जा सके।   
    गौरतलब है कि देश में सबसे ज्‍यादा कोरोना संक्रमण के मामले महाराष्ट्र में सामने आ रहे हैं। बीते 24 घंटे में यहां 2553 नए मामले सामने आए हैं। यहां सं‍क्रमित मरीजों की संख्‍या 88528 तक पहुंच चुकी है। अब तक 3169 लोगों की इस महामारी के कारण जान जा चुकी है और 44374 संक्रमित लोग अस्‍पताल में इस संक्रमण से लड़ रहे हैं।

अविनाश द्विवेदी ऊँ टाइम्स समाचार पत्र के सम्पादक बनाये गये

OM TIMES e-News Paper India https://omtimes.in undefined नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) अविनाश द्विवेदी जो कि ऊँ टाइम्स में गोरखपुर जोन के विशेष संवाददाता के पद पर कार्यरत थे , अब उन्हें आज दिनांक 9 जून 2020 से ऊँ टाइम्स समाचार पत्र में संपादक पद पर नियुक्त कर दिया गया है, और अविनाश द्विवेदी ने पद भार ग्रहण भी कर लिया है! यह नियुक्ति ऊँ टाइम्स के प्रधान सम्पादक रामदेव द्विवेदी द्वारा omtimes ऊँ टाइम्स के प्रकाशक और एम डी की सहमति पर किया गया है! अब OmTimes में प्रकाशित होने वाले समाचारों के संपादन और समीक्षा के साथ ही साथ संवाददाताओं के चयन एवं निष्कासन का कार्य भी अविनाश द्विवेदी द्वारा भी किया जायेगा!

गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में आज यूपी के सीएम योगी आदित्य नाथ ने किया पूजा

OM TIMES e-news paper India https://omtimes.in undefined गोरखपुर (अविनाश द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स) उत्तर प्रदेश सहित देश के कई हिस्सों में आज से धार्मिक स्थल खुल रहे हैं, आज सुबह से ही धार्मिक स्थल के बाहर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी पड़ी है !
उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्य नाथ ने भी आज गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में किया पूजा अर्चना !
पूरे भारत में आज से अनलॉक वन के दूसरे फेज की शुरुआत हो गई है! इसी के साथ ही देश के बड़े हिस्से में मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे और चर्च खुलने जा रहे हैं! 24 मार्च को जब लॉकडाउन की शुरुआत हुई थी, तभी से ही देश में धार्मिक स्थल बंद थे, ऐसे में अब करीब दो महीने बाद जब धार्मिक स्थल खुले, तो आज सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी. दिल्ली से लेकर यूपी तक के सभी मंदिर, गुरुद्वारों के बाहर श्रद्धालुओं की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिलीं !
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में गोरखनाथ मंदिर में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे विधि विधान के साथ आज सुबह पूजा-अर्चना किया, आप को बता दें कि यूपी के मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर में स्थित गोरखनाथ मंदिर के मुख्य गोरक्षपीठाधीश्वर भी हैं !

24 घंटे में हिजबुल मुजाहिदीन के 9 आतंकियों को सेना ने मार गिराया

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जम्मू (ऊँ टाइम्स)  भारत में अशांति फैलाने के लिए पाकिस्तान लगातार नापाक हरकतें करने में जुटा हुआ है।  शोपियां के पिंजौरा में चल रहा मुठभेड़ खत्म हो गया है। जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह के अनुसार दो दिन के ऑपरेशन के दौरान हिजबुल मुजाहिदीन के 9 आतंकी मारे गए हैं जिनमें से तीन टॉप कमांडर लेवल के लोग हैं। पिछले दो हफ्ते के अंदर 9 बड़े ऑपरेशन हुए जिसमें कुल 22 आतंकी मारे गए जिनमें से 6 टॉप कमांडर हैं।   
जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह के अनुसार जम्मू-कश्मीर में सेना का आतंकियों के खिलाफ सफाई अभियान जारी है। पिछले 24 घंटों में भारतीय सेना ने कश्मीर घाटी में 9 आतंकियों को मार गिराया है। साउथ कश्मीर में कल 5 आतंकियों को मार गिराया गया, समचाार एजेंसी ने सेना के हवाले से बताया कि आतंकियों के खिलाफ इस अभियान में सेना का दो जवान भी  घायल हुए हैं। हालांकि, आतंकियों के खात्मे के लिए ऑपरेशन अब भी जारी है। बता दें कि घुसपैठ की कोशिशों को देखते हुए सेना बीते कुछ समय से घाटी में एक ऑपरेशन चला रही है, जिसके तहत यह कार्रवाई हुई है। कश्मीर में सेना को बहुत बड़ी कामयाबी मिली है। जम्मू-कश्मीर के शोपियां में आज 4 आतंकी ढेर कर दिए गए।

24 घंटे में 9 आतंकियों का हुआ काम तमाम – शोपियां में पिछले 24 घंटों में 9 आतंकी मारे गए हैं। शोपियां के पिंजौरा में चल रहा मुठभेड़ खत्म हो गया है।सोमवार को 4 आतंकी मारे गए हैं। ये चारों हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकी हैं। आतंकियों से भारी मात्रा में गोला बारूद और हथियार बरामद किया गया है। 
आप को बता दें कि उत्तरी कश्मीर में आतंकियों की ओर से घुसपैठ की लगातार कोशिशें की जा रही हैं। पाकिस्तानी सेना आतंकियों को घुसपैठ कराने के लिए कवर फायर भी दे रही है। वहीं खुफिया सूचना के आधार पर सेना, आतंकियों और पाकिस्तान की इन नापाक हरकतों को नाकाम कर रही है। बता दें कि मुठभेड़ को देखते हुए कुलगाम और शोपियां जिलों में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को पूरी तरह से बंद कर दिया गया था। जिले में कल हुई मुठभेड़ में सेना ने हिजबुल कमांडर समेत पांच आतंकियों को मार गिराया था। नौ घंटे चली मुठभेड़ में मारे गए आतंकियों से तीन एके-47 राइफल, दो पिस्टल व गोला-बारूद बरामद किया गया था। 
दरअसल, शनिवार को जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में सुरक्षाबलों ने हिजबुल मुजाहिदीन के 5 आतंकवादियों को मार गिराया। बताया जा रहा है कि पिछले 12 दिनों से आतंकवादियों का एक हिजबुल मुजाहिदीन समूह नागरिकों को मार रहा था। सुरक्षाबलों ने हिजबुल मुजाहिदीन के 5 आतंकियों को शनिवार की सुबह एक ऑपरेशन चलाकर उन्हें मार गिराया गया।.
इससे पहले शुक्रवार को सुरक्षा बलों ने जम्मू-कश्मीर के सोपोर और हंदवारा इलाके से आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के चार सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया था। उन्होंने बताया कि आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर गुरुवार रात को कुपवाड़ा जिला अंतर्गत हंदवारा इलाके के शालपोरा गांव में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इस दौरान लश्कर के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया गया।अधिकारियों ने कहा कि इनकी पहचान आजाद अहमद भट और अल्ताफ अहमद बाबा के रूप में हुई और इनके कब्जे से दो पिस्तौल और दो हथगोले बरामद किए गए।
इसके पहले सुरक्षा बलों ने बृहस्पतिवार शाम को भी बारामुला जिले के सोपोर इलाके से दो अन्य वसीम अहमद और जुनैद राशिद गनी को सादिक कॉलोनी सुरक्षा चौकी के पास जांच अभियान के दौरान गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से भी हथियार बरामद किए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार सदस्यों पर संबंधित थानों में मुकदमे दर्ज किए गए हैं।.
डीजीपी जम्मू-कश्मीर दिलबाग सिंह ने कहा जम्मू-कश्मीर में सेना का आतंक के खिलाफ इस बड़े अभियान में घाटी आतंक मुक्त बनने की राह पर है। इसका एक बड़ा उदाहरण बीते 24 घंटे में मारे गये 9 आतंकी हैं। इन 22 आतंकियों में से 18 लोग साउथ कश्मीर के तीन जिलों पुलवामा, कुलगाम, शोपियां से थे और एक अवंतीपोरा से था। जम्मू के राजौरी पुंछ एरिया में 2 ऑपरेशन हुए जिसमें 3 आतंकी घुसपैठ करते हुए मारे गए।

आतंकियों के छिपे होने पर चलाया तलाशी अभियान – दक्षिण कश्मीर के पुलवामा में रविवार को सेना व सुरक्षाबल के जवानों ने आतंकियों के छिपे होने की सूचना पर दो स्थानों पर गहन तलाशी अभियान चलाया था। सुरक्षाबलों ने पुलवामा के गसू व वासू इलाकों में घरों को खंगाला था। सूत्रों के अनुसार सुरक्षाबलों ने इन इलाकों के सभी रास्ते सील कर गहन तलाशी ली, लेकिन आतंकियों का कोई पता नहीं लगा था। पुलिस ने शनिवार को पुलवामा से दो ओवर ग्राउंड वर्करों को गिरफ्तार किया था। उनसे मिली जानकारी के आधार पर आतंकियों की धरपकड़ के लिए मुहिम चलाई जा रही है।

2020 में अब तक आतंक के टॉप कमांडर ढेर – अब्दुल रहमान – 3 जून को जैश कमांडर, ताहिर अहमद भट- 17 मई  हिज़्बुल कमांडर, रियाज नायकू- 6 मई  हिज़्बुल कमांडर, हैदर- 3 मई लश्कर कमांडर, सजाद नवाब डार- 9 अप्रैल जैश कमांडर, अहमद भट- 15 मार्च  लश्कर आतंकी, कारी यासिर-  कश्मीर का जैश चीफ, हारून वानी- हिज़्बुल कमांडर

आज से कई प्रदेशों में खुलेंगे होटल-रेस्टोरेंट, माँल और धर्मस्थल, सबके लिए मास्क लगाना अनिवार्य

OM TIMES e-news paper India https://omtimes.in undefined नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  केन्द्र सरकार की ओर से अनलॉक-1 के लिए जारी दिशानिर्देशों के तहत आज से कई राज्यों में मॉल, होटल-रेस्टोरेंट और धर्मस्थलों के दरवाजे खुल जाएंगे। कोरोना से बचाव के लिए जरूरी सतर्कता के साथ जनजीवन सामान्य करने के लिए सभी राज्यों ने स्थानीय परिस्थितियों के हिसाब से इस संबंध में स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर जारी किए हैं। इनमें मॉल, होटल-रेस्टोरेंट एवं धर्मस्थलों को खोलने के लिए कुछ शर्तें अनिवार्य की गई हैं। कुछ राज्यों में मंदिर, मस्जिद व चर्च के संचालन की जिम्मदारी संभालने वाली इकाइयों ने अभी संबंधित धर्मस्थलों के ताले नहीं खोलने का एेलान किया है।

अनलॉक-1: सभी राज्य सरकार केंद्र की ओर से जारी तय शर्तो के हिसाब से छूट दे रहे हैं – केंद्र सरकार ने देशव्यापी लॉकडाउन का चौथा चरण पूरा होने से एक दिन पहले 30 मई को देश में अनलॉक-1 के दिशानिर्देश जारी किए थे। इसमें कहा गया था कि पहले चरण में आठ जून से मॉल, होटल-रेस्टोरेंट और धर्मस्थलों को खोलने की अनुमति होगी। हालांकि राज्यों को स्थानीय परिस्थितियों के हिसाब से इस संबंध में फैसले की छूट दी गई है। केंद्र के दिशानिर्देश के बाद से ही राज्यों ने भी इस दिशा में तैयारी शुरू कर दी। मॉल और होटल-रेस्टोरेंट को लेकर लगभग सभी राज्य केंद्र की ओर से तय शर्तो के हिसाब से छूट दे रहे हैं। इसके तहत शारीरिक दूरी और साफ-सफाई का पालन सभी के लिए अनिवार्य किया गया है। मॉल में आने-जाने के रास्तों पर थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था भी की जाएगी।

कर्नाटक में मंदिर और मस्जिद आज से खुल जाएंगे, सभी के लिए मास्क अनिवार्य – कर्नाटक में मंदिर और मस्जिद सोमवार से खुल जाएंगे, जबकि चर्च 13 तारीख से खुलेंगे। राज्य सरकार ने सभी धर्मस्थलों को शारीरिक दूरी के निर्देशों का पालन करने को कहा है। थर्मल स्क्रीनिंग और सभी के लिए मास्क भी अनिवार्य किया गया है। 10 साल से कम और 65 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को धर्मस्थलों पर आने की अनुमति नहीं होगी।

सोमनाथ मंदिर में आरती केवल पुजारी करेंगे, इसमें भक्त शामिल नहीं होंगे – गुजरात में अलग-अलग समय में प्रार्थना करने और भक्तों के लिए टोकन व्यवस्था की बात कही गई है। सोमनाथ मंदिर में गिर सोमनाथ जिले के लोग सोमवार से ही दर्शन के लिए आ सकेंगे। वहीं अन्य जिलों के लोगों को पहले ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आरती केवल पुजारी करेंगे। इसमें भक्त शामिल नहीं होंगे। रजिस्ट्रेशन की शुरुआत 12 जून से होगी। अंबाजी मंदिर को भक्तों के लिए 12 जून से खोला जाएगा। मस्जिद और चर्च में भी इसी तरह की तैयारी है।

अहमदाबाद की प्रसिद्ध जामा मस्जिद में नमाज के लिए अलग-अलग समय में अनुमति मिलेगी– अहमदाबाद की प्रसिद्ध जामा मस्जिद में शुक्रवार की नमाज के लिए अलग-अलग समय में अनुमति मिलेगी, ताकि एक साथ ज्यादा लोग एकत्र नहीं हों। तेलंगाना, केरल व अन्य राज्यों ने भी इसी तरह की तैयारी की है। गोवा में सोमवार से मॉल खुल जाएंगे, लेकिन अभी होटल-रेस्टोरेंट पर फैसला नहीं हुआ है। यहां मंदिर, मस्जिद और चर्च का संचालन करने वाली संस्थाओं ने अभी भक्तों के लिए धर्मस्थलों को नहीं खोलने का फैसला किया है। नगालैंड ने अभी होटल एवं धर्मस्थलों को नहीं खोलने की बात कही है।

ऐतिहासिक विरासतों का हो सकेगा दीदार – केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) के अधीन आने वाली 3,691 धरोहरों को पर्यटकों के लिए खोलने का फैसला किया है। इनमें 17 मार्च से लोगों के आने पर रोक लगी थी। केंद्र सरकार के सभी दिशानिर्देशों का पालन करते हुए इनका संचालन हो सकेगा। सभी के लिए ई-टिकट और मास्क अनिवार्य होगा।

सुरक्षा से कोई समझौता नहीं –

  • आने-जाने के सभी रास्तों पर थर्मल स्क्रीनिंग करनी होगी
  • शारीरिक दूरी के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करना होगा
  • स्टाफ और ग्राहक सबके लिए मास्क लगाना अनिवार्य रहेगा
  • पूरे परिसर को सैनिटाइज करने भी व्यवस्था करनी होगी
  • सभी टच पॉइंट को विशेष रूप से साफ किया जाएगा

धर्मस्थलों में अतिरिक्त सतर्कता-

  • कुछ राज्यों में अभी धर्मस्थल नहीं खोले जाएंगे
  • आरती में भक्तों को शामिल नहीं किया जाएगा
  • कुछ जगहों पर टोकन की व्यवस्था भी होगी
  • बच्चे और बुजुर्ग अभी धर्मस्थलों पर नहीं आएंगे

दो और चरणों में पूरा अनलॉक

  • दूसरे चरण में स्कूल, कॉलेज व अन्य शैक्षणिक संस्थानों को खोलने पर फैसला होगा। राज्यों एवं अभिभावकों से विमर्श के बाद जुलाई में इस संबंध में निर्णय लिया जाएगा।
  • जिम, बार, सिनेमा हॉल, मेट्रो पर तीसरे चरण में यानी सबसे आखिर में फैसला लिया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू करने पर भी अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है।

लाकडाउन के दौरान लगभग 111.02 LMT खाद्यान्न 3965 रेल रेक के माध्यम से उठाया गया

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नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) AtmaNirbhar Bharat Package States / UTs के तहत 4.42 LMT खाद्यान्न और
15,413 MT ग्राम वितरण के लिए 105.10 LMT खाद्यान्न और 4.71 LMT दलहन को PMGKAY के तहत राज्यों / संघ शासित प्रदेशों से उठाया गया।

खाद्यान्न वितरण:-

चूंकि 24 मार्च, 2020 को लॉकडाउन की घोषणा की गई थी, इसलिए 111.02 एलएमटी खाद्यान्न उठा लिया गया और 3965 रेल रेक के माध्यम से ले जाया गया। रेल मार्ग के अलावा, सड़कों और जलमार्गों के माध्यम से भी परिवहन किया गया था। कुल 234.51 एलएमटी का परिवहन किया गया है। 13 जहाजों के माध्यम से 15,500 एमटी अनाज ले जाया गया। कुल 11.30 LMT खाद्यान्न को पूर्वोत्तर राज्यों में पहुँचाया गया है। NFSA और PMGKAY के तहत, अगले 3 महीनों के लिए NE राज्यों में कुल 11.5 LMT खाद्य अनाज की आवश्यकता होती है।

प्रवासी मजदूरों को खाद्यान्न वितरण:-

(एतमनबीर भारत पैकेज)

AtmaNirbhar Bharat पैकेज के तहत, भारत सरकार ने निर्णय लिया है कि लगभग 8 करोड़ प्रवासी मजदूरों, फंसे हुए और जरूरतमंद परिवारों को 8 LMT खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाएगा, जो NFSA या राज्य योजना PDS कार्ड के अंतर्गत नहीं आते हैं। प्रति व्यक्ति 5 किलोग्राम खाद्यान्न मई और जून के महीने में सभी प्रवासियों को मुफ्त में वितरित किया जा रहा है। राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों ने 4.42 एलएमटी खाद्यान्न उठा लिया है और 20.26 लाख लाभार्थियों को 10,131 मीट्रिक टन खाद्यान्न वितरित किया है। भारत सरकार ने भी 1.96 करोड़ प्रवासी परिवारों के लिए 39,000 मीट्रिक टन दालों की मंजूरी दी। 8 करोड़ प्रवासी मजदूर, फंसे हुए और जरूरतमंद परिवार, जो एनएफएसए या राज्य योजना पीडीएस कार्ड के तहत कवर नहीं हैं, उन्हें मई और जून के महीने के लिए प्रति परिवार 1 किलो चना / दाल मुफ्त में दी जाएगी। चना / दाल का यह आवंटन राज्यों की आवश्यकता के अनुसार किया जा रहा है।
राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में लगभग 28,306 मीट्रिक टन चना / दाल भेजी गई है। कुल 15,413 मीट्रिक टन चना विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा उठाया गया है। 631 मीट्रिक टन चना राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा वितरित किया गया है। भारत सरकार लगभग रु। का १००% वित्तीय भार वहन कर रही है। इस योजना के तहत अनाज के लिए 3,109 करोड़ रुपये और चने के लिए 280 करोड़ रुपये हैं।

प्रधान मंत्री गरीब कल्याण योजना:-

खाद्य अनाज (चावल / गेहूं)-

PMGKAY के तहत, 3 महीने अप्रैल-जून के लिए कुल 104.4 LMT चावल और 15.6 LMT गेहूं की आवश्यकता होती है, जिसमें से 91.40 LMT चावल और 13.70 LMT गेहूं विभिन्न राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों द्वारा उठाए गए हैं। कुल 105.10 LMT खाद्यान्न उठाया गया है। अप्रैल के महीने के लिए 36.98 LMT (92.45%), मई के महीने के लिए 34.93 LMT (87.33%) और जून के महीने के लिए 6.99 LMT (17.47) वितरित किया गया है। भारत सरकार लगभग रु। का १००% वित्तीय भार वहन कर रही है। इस योजना के तहत 46,000 करोड़ रुपये। 6 राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों को गेहूं आवंटित किया गया है, – पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, चंडीगढ़, दिल्ली और गुजरात और शेष राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों को चावल प्रदान किया गया है।

दलहन-

पल्स के संबंध में, तीन महीनों के लिए कुल आवश्यकता 5.87 LMT है। भारत सरकार इस योजना के तहत लगभग 5,000 करोड़ रुपये का 100% वित्तीय भार वहन कर रही है। अब तक, 4.71 LMT दलहन राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों में पहुंच गए हैं, जबकि 2.67 LMT दालों का वितरण किया गया है।

ओपन मार्केट सेल्स स्कीम (OMSS) :-

OMSS के तहत, चावल की दर रु .2 / किग्रा और गेहूँ पर रु .2 / किग्रा तय की जाती है। एफसीआई ने लॉकिंग अवधि के दौरान ओएमएसएस के माध्यम से 5.46 एलएमटी गेहूं और 8.38 एलएमटी चावल बेचे हैं।

खाद्य अनाज की खरीद:-

06.06.2020 तक कुल 371.31 LMT गेहूं (RMS 2020-21) और 720.85 LMT चावल (KMS 2019-20) की खरीद की गई।

कुल खाद्य अनाज और दाल स्टॉक उपलब्ध:-

भारतीय खाद्य निगम की दिनांक 06.06.2020 की रिपोर्ट के अनुसार, FCI में वर्तमान में 269.79 LMT चावल और 537.46 LMT गेहूं है। इसलिए, कुल 807.25 एलएमटी खाद्य अनाज स्टॉक उपलब्ध है (गेहूं और धान की मौजूदा खरीद को छोड़कर, जो अभी तक गोदाम में नहीं पहुंचे हैं)। एनएफएसए और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के तहत एक महीने के लिए लगभग 55 एलएमटी खाद्यान्न की आवश्यकता होती है।

इसके अलावा, कुल 13.01 LMT दालें (Toor-6.07 LMT, मूंग-1.62 LMT, उड़द-2.42 LMT, बंगाल ग्राम- 2.42 LMT और मसूर-0.47 LMT) 4 जून 2020 तक बफर स्टॉक में उपलब्ध हैं।

एंड-टू-एंड कम्प्यूटरीकरण-

कुल 90% एफपीएस स्वचालन ई-पीओएस के माध्यम से किया गया है, जबकि कुल 20 राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों में, यह 100% किया गया है।
90% राशन कार्डों की आधार सीडिंग की गई है, जबकि 11 राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों में, यह 100% किया गया है।

वन नेशन वन राशन कार्ड:-

01 जून 2020 तक, वन नेशन वन कार्ड योजना 20 राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों, अर्थात् – आंध्र प्रदेश, बिहार, दमन और दीव (दादरा और नगर हवेली), गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, केरल में सक्षम है। कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मिजोरम, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना और त्रिपुरा। अगस्त 2020 में तीन और राज्यों- उत्तराखंड, नागालैंड और मणिपुर को भी वन नेशन वन राशन कार्ड योजना में जोड़ा जाएगा। 31 मार्च 2021 तक शेष 13 राज्यों को वन नेशन वन राशन कार्ड योजना में जोड़ दिया जाएगा और यह योजना पूरे भारत में चालू हो जाएगी।

शेष 13 राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों का विवरण है-

S.No

राज्य

ईपीओएस का%

राशन कार्डों का आधार सीडिंग (%)

1

लद्दाख

100%

91%

2

तमिलनाडु

100%

100%

3

लक्षद्वीप

100%

100%

4

जम्मू और कश्मीर

99%

100%

5

छत्तीसगढ़

97%

98%

6

अण्डमान और निकोबार

96%

98%

7

पश्चिम बंगाल

96%

80%

8

अरुणाचल प्रदेश

1%

57%

9

दिल्ली

0%

100%

10

मेघालय

0%

1%

1 1

असम

0%

0%

12

पुडुचेरी

0%

100% (डीबीटी)

13

Chandīgarh

0%

99% (डीबीटी)

चुनाव आयोग अधिनियम:

उपभोक्ता मामलों के विभाग ने COVID-19 के कारण उनकी बढ़ी हुई माँग को देखते हुए आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत फेस मास्क और सैनिटाइज़र को अधिसूचित किया है। मुखौटे, सैनिटाइज़र और उनके निर्माण में प्रयुक्त सामग्री की कीमतों को भी कैप किया गया है।
राज्यों को यह सुनिश्चित करने के लिए दिशा-निर्देश दिए गए हैं कि सभी आवश्यक वस्तुओं के लॉकडाउन और चेक कीमतों के कारण आपूर्ति-श्रृंखला प्रबंधन में कोई बाधा नहीं है। केंद्र ने चुनाव आयोग अधिनियम के तहत निर्णय लेने के लिए सभी शक्तियां राज्य सरकारों को सौंप दी हैं।

CBI से केंद्रीय सूचना आयोग ने कहा, भ्रष्टाचार के बंद मामलों की प्राथमिक जांचों का करें खुलासा.

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नई दिल्‍ली (ऊँ टाइम्स)  केंद्रीय सूचना आयोग ने सीबीआई को भ्रष्टाचार के उन मामलों में शुरुआती जांच का खुलासा करने का आदेश दिया है जिन्हें साल 2014 से 2018 के दौरान जांच एजेंसी की ओर से बिना कोई प्राथमिकी दर्ज किए ही बंद कर दिया गया था। केंद्रीय सूचना आयोग ने यह आदेश एक आरटीआई आवेदन पर जारी किया। यही नहीं आयोग ने आरटीआई आवेदनकर्ता के उस रुख से भी सहमति जताई कि सीबीआई को अपने पास मौजूद उन रिकॉर्ड को दिखाने से छूट नहीं है जो भ्रष्टाचार और मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपों से जुड़े हैं।
आरटीआई आवेदनकर्ता यह भी कहा था कि सीबीआई को आरटीआई अधिनियम के दायरे से छूट है जिस पर आयोग सहमत दिखा। याचिकाकर्ता ने कहा है कि सूचना के अधिकार के तहत एजेंसी को मिली छूट के दायरे में भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़े प्राथमिक जांच के रिकॉर्ड नहीं आते हैं। उक्‍त रिकॉर्ड एजेंसी के पास उपलब्ध हैं।
इस पर सूचना आयुक्त दिव्य प्रकाश सिन्हा ने कहा कि आयोग सीपीआईओ को निर्देश देता है कि वह भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों से जुड़े प्राथमिक जांच संख्या, आरोपों का सारांश, शुरुआती जांच आरंभ करने और बंद करने की तारीख बताएं। आयोग ने यह आदेश साल 2014 से 2018 के दौरान जांच एजेंसी की ओर से बिना कोई प्राथमिकी दर्ज किए बंद की गई शिकायतों के संबंध में जारी किए। इन शिकायतों को बिना नियमित मामला दर्ज किए ही बंद कर दिया गया था।
आरटीआई आवेदन में भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़ी उक्‍त शिकायतों में उन वजहों की भी जानकारी मांगी गई थी जिसके चलते मामलों की जांच बंद की गई थी। बता दें कि सीबीआई पहले किसी शिकायत में लगाए गए आरोपों का आकलन करने के लिए प्राथमिक जांच करती है। यदि आरोपों में दम नजर आता है तो एजेंसी केस दर्ज करती है अन्यथा प्राथमिक जांच को बंद कर दिया जाता है। हालांकि प्राथमिक जांच एक आंतरिक दस्तावेज होती है। यह भी बता दें कि अदालतों में मामला बंद करने के लिए कोई भी रिपोर्ट दाखिल नहीं की जाती है।

उधार के नाम पर गुण्डा टैक्स माँगने आया था नीलमणि दूवे, न मिलने पर ऊँ टाइम्स के सम्पादक को भी दिया था धमकी

सिद्धार्थनगर (ऊँ टाइम्स) इस जिले के थाना शोहरतगढ अन्तर्गत स्थित ग्राम परासपिण्डा निवासी नीलमणि दूवे दिनांक 8 मई को ऊँ टाइम्स के सम्पादक रामदेव द्विवेदी से जनपद सिद्धार्थनगर के थाना चिल्हिया अन्तर्गत स्थित गौहनियाँ में उधार के नाम पर गुण्डा टैक्स के रूप में पांच हज़ार रूपया मांगने आया था, और जब रामदेव द्विवेदी ने रूपया देने से मना कर दिया तो नीलमणि दूवे ने रामदेव द्विवेदी को धमकी दिया, और बर्बाद कर देंगे भी कहा था ! आप को बता दें कि नीलमणि दूवे इस समय कारागार में है , लेकिन उससे सम्बन्धित लोग अभी भी बाहर हैं, इस लिए रामदेव द्विवेदी ने पुलिस महानिदेशक से मांग किया है कि पुलिस महानिदेशक न्यायालय से यह मांग करें कि नीलमणि दूवे का जमानत न्यायालय न मंजूर करे !

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने कहा , अमेरिका ने बनाई कोरोना की 20 लाख वैक्सीन

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नई दिल्ली / वाशिंगटन (ऊँ टाइम्स)  अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वार्ता के दौरान दावा किया कि उनके देश को कोरोना की वैक्सीन बनाने की दिशा में जबर्दस्त कामयाबी हासिल हुई है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने बीस लाख वैक्सीन बना ली है । इनके सुरक्षित होने की बात सुनिश्चित होते ही इनका इस्तेमाल शुरू हो जाएगा।.
ट्रंप ने एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा कि गुरुवार को हमने कोरोना वैक्सीन को लेकर एक बैठक की। बैठक में पता चला कि हम लोगों ने इस दिशा में काफी अच्छा काम किया है। हम लोगों ने बीस लाख वैक्सीन तैयार करके रख ली हैं। अब इन्हें लोगों तक पहुंचाने का काम शुरू करना है। इसके साथ ही उन्होंने कोरोना को लेकर एक बार फिर चीन का आलोचना किया।.
अमेरिका के राष्‍ट्रपति ने कहा कि चूंकि हम दुनियां की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हैं इसलिए इस महामारी से पार पाने में कामयाब रहे। अमेरिकी अर्थव्यवस्था को खोले जाने पर किए गए सवाल पर उन्होंने कहा कि जार्जिया, फ्लोरिडा और साउथ कैरोलाइना जैसे प्रदेश जो खुल चुके हैं , उन राज्यों के मुकाबले अच्छा बिजनेस कर रहे हैं जो राज्य अभी लॉकडाउन में हैं। 
अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने राज्यों के गवर्नरों से फिर आग्रह किया कि वे अपने राज्यों में हिंसा और लूटपाट पर रोक प्रभावी रोक लगाने के लिए नेशनल गार्ड को तैनात करें। उल्लेखनीय है अमेरिका के कई राज्य अश्वेत जार्ज फ्लायड की हत्या के बाद से हिंसा से झुलस रहे हैं।

100 से ज्‍यादा वैक्‍सीन का चल रहा है शोध – दुनियाभर में कोरोना वायरस की काट के लिए 100 से ज्‍यादा वैक्‍सीन पर शोध और ट्रायल चल रहे हैं। ऑक्‍सफोर्ड यूनिवर्सिटी की ओर से बनाई गई वैक्‍सीन के क्लिनिकल ट्रायल के नतीजे काफी अच्‍छे आए हैं। वैक्‍सीन का क्लिनिकल ट्रायल दूसरे दौर में पहुंच गया है। वहीं चीनी सरकार को उम्‍मीद है कि इस साल के आखिर तक उसकी वैक्‍सीन बाजार में उपलब्‍ध होगी। 

दक्षिण अमेरिका में कोरोना का कहर है बरकरार – अमेरिका और यूरोप के बाद अब कोरोना का कहर दक्षिण अमेरिका में दिखाई पड़ रहा है। बीते 24 घंटे में ब्राजील में 1473 लोगों की मौत हुई है। महामारी की शुरुआत से लेकर अब तक यह एक दिन में होने वाली सर्वाधिक मौतें है। ब्राजील में बीते 24 घंटों के दौरान एक मिनट में एक से ज्यादा मौतें हुई हैं। इसके साथ ही ब्राजील में मृतकों की संख्‍या 34,000 से ज्यादा हो गई है। 

मैक्सिको में मौतों का अभी भी सिलसिला है जारी – मैक्सिको में बीते 24 घंटे में 816 लोगों की मौत हुई है। मैक्‍स‍िको में कोरोना से मरने वालों की कुल संख्‍या 12,545 हो गई है , जबकि संक्रमित मरीजों की संख्या 1,05,680 हो गई है। हालांकि जितने लोगों की मौत की बात कही जा रही है मौतों की संख्या उससे 2.5 गुना ज्यादा है। 

रेस्टोरेंट, शांपिंग माँल, धार्मिक स्थल और ऑफिस के लिए नई गाइडलाइन जारी, जानें- क्या है नया नियम

OM TIMES. news paper India. https://omtimes.in undefined नई दिल्ली, (ऊँ टाइम्स) लॉकडाउन के बाद अब देश धीरे-धीरे खुल रहा है। 8 जून से होटल, रेस्टोरेंट और धार्मिक स्थल आम लोगों के लिए खुल जाएंगे। लेकिन यहां जाने के लिए आपको नियमों का पालन करना होगा। इसके लिए केंद्र सरकार ने गाइडलाइन जारी कर दी है। बता दें कि गृह मंत्रालय ने कंटेनमेंट जोन को छोड़कर देश के बाकी हिस्सों में धर्मस्थलों, मॉल, रेस्टोरेंट और होटल खोलने की अनुमति दी थी। अनलॉक- 1 के तहत 8 जून से इन जगहों को खोलने की सरकार ने इजाजत दी थी।.
 केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने गुरुवार को कामकाज को लेकर गाइडलाइन जारी की है। इसमें कहा गया है कि गर्भवती महिलाएं, 65 साल से ऊपर के लोग और ऐसे लोग जिन्हें पहले से गंभीर बीमारियां हों, वे काम पर जाने से बचें। वर्क प्लेस पर शारीरिक दूरी, सफाई, सैनिटाइजेशन की बात भी गाइडलाइन में कही गई है। इसमें कहा गया है कि दफ्तरों में थूकने पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया जाए।

दफ्तरों के के लिए गाइड

एंट्री गेट पर सैनिटाइजर डिस्पेंसर का होना जरूरी – दफ्तरों के एंट्री गेट पर सैनिटाइजर डिस्पेंसर का होना जरूरी है। यहीं पर थर्मल स्क्रीनिंग भी की जाए। केवल उन्हीं लोगों को दफ्तर में आने की अनुमति दी जाए, जिनमें कोरोनावायरस के लक्षण ना दिखाई दें। कंटेनमेंट जोन में रहने वाले स्टाफ को अपने सुपरवाइजर को इस बात की जानकारी देनी होगी। उसे तब तक दफ्तर आने की इजाजत ना दी जाए जब तक कंटेनमेंट जोन को डिनोटिफाई ना कर दिया जाए। 

कंटेनमेंट जोन में रहने वाले ड्राइवर गाड़ियां न चलाएं – ड्राइवरों को शारीरिक दूरी और कोरोना के संबंध में जारी नियमों का पालन करना होगा। दफ्तर के अधिकारी, ट्रांसपोर्ट सेवा देने वाले यह निश्चित करेंगे कि कंटेनमेंट जोन में रहने वाले ड्राइवर गाड़ियां ना चलाएं। गाड़ी के भीतर, उसके दरवाजों, स्टीयरिंग, चाभियों का पूरी तरह से डिसइन्फेक्ट होना जरूरी है। इसका ध्यान रखा जाए।

गर्भवती महिलाएं व उम्रदराज कर्मचारियों का विशेष ध्यान – गर्भवती महिलाएं, उम्रदराज कर्मचारी, पहले से बीमारियों का सामना कर रहे कर्मचारी अतिरिक्त ध्यान रखें। इन्हें ऐसा काम न दिया जाए, जिसमें लोगों से सीधा संपर्क होता हो। दफ्तरों का मैनेजमेंट अगर संभव हो तो ऐसे लोगों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दे। दफ्तरों में केवल उन्हीं लोगों को आने की इजाजत दी जाए, जिन्होंने फेस मास्क पहना हो। दफ्तर के भीतर भी पूरे समय फेस मास्क पहनना जरूरी है।

विजिटर्स की आम एंट्री, टेम्परेरी पास कैंसिल किए जाए – दफ्तर में विजिटर्स की आम एंट्री, टेम्परेरी पास कैंसिल किए जाए। केवल अधिकृत मंजूरी के साथ और किस अफसर से मिलना है इस जानकारी के बाद विजिटर को आने की इजाजत दी जाए। उसकी पूरी स्क्रीनिंग की जाए। बैठकों को जहां तक संभव हो सके, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही किया जाए। दफ्तरों में कोरोनावायरस संक्रमण से बचाव के पोस्टर, होर्डिंग जगह-जगह पर लगाए जाएं।

धार्मिक स्थलों के लिए गाइड लाइन –

कंटेनमेंट जोनों के भीतर स्थित धार्मिक स्थल अभी बंद रहेंगे – कंटेनमेंट जोनों के भीतर स्थित धार्मिक स्थल अभी बंद रहेंगे जबकि इसके बाहर स्थित धार्मिक स्थलों को खोलने की अनुमति होगी। मंत्रालय का कहना है कि प्रार्थना स्थलों पर अक्सर बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं, लिहाजा महत्वपूर्ण है कि इन परिसरों में शारीरिक दूरी और अन्य एहतियाती उपायों का पालन किया जाए। एसओपी के मुताबिक धार्मिक स्थलों पर रिकॉर्डेड भक्ति संगीत बजाया जा सकता है, लेकिन संक्रमण के खतरे से बचने के लिए समूह में गाने की अनुमति नहीं होगी।

धर्मस्थलों पर प्रसाद जैसी भेंट नहीं चढ़ाई जाएंगी – श्रद्धालुओं को धर्मस्थल पर सार्वजनिक आसन इस्तेमाल करने के स्थान पर अपना आसन या चटाई लानी होगी और उसे अपने साथ ही वापस ले जाना होगा। धर्मस्थलों पर प्रसाद जैसी भेंट नहीं चढ़ाई जाएंगी और न ही पवित्र जल का छिड़काव या वितरण किया जाएगा। सामुदायिक रसोई, लंगर और अन्न दान इत्यादि की तैयारी और भोजन के वितरण में शारीरिक दूरी के मानकों का पालन किया जाएगा।

हैंड सैनिटाइजर और थर्मल स्क्रीनिंग जरूरी – सभी धर्मस्थल प्रवेश द्वार पर अनिवार्य रूप से हैंड सैनिटाइजर और थर्मल स्क्रीनिंग सुनिश्चित करेंगे। इसके अलावा वहां सिर्फ बिना लक्षणों वाले मास्क लगाए श्रद्धालुओं को ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। श्रद्धालुओं को साबुन से हाथ-पैर धोकर परिसर में जाने के लिए कहा गया है। धर्मस्थल पर प्रतिमाओं और धार्मिक पुस्तकों को छूने की अनुमति नहीं होगी।कोविड-19 के एहतियाती उपायों के बारे में ऑडियो-वीडियो के जरिये जागरूकता भी फैलाई जाएगी।

जूते-चप्पलों को अपने वाहन में ही उतारना पड़ेगा – संभव हो तो श्रद्धालु अपने जूते-चप्पलों को अपने वाहन में ही उतारेंगे। लेकिन जरूरत पड़ने पर व्यक्ति या परिवार के जूते-चप्पलों को श्रद्धालु द्वारा स्वयं अलग स्लॉट में रखा जाएगा। धर्मस्थल के भीतर या बाहर स्थित दुकानों, स्टॉलों और कैफेटेरिया में शारीरिक दूरी मानकों का हर समय पालन करना होगा। एयर कंडीशन और वेंटीलेशन के बारे में कहा गया है कि तापमान 24 से 30 डिग्री सेंटीग्रेट के बीच होना चाहिए और रिलेटिव ह्यूमिडिटी यानी सापेक्षिक आ‌र्द्रता 40 से 70 फीसद के बीच होनी चाहिए। धर्मस्थल प्रबंधन को नियमित रूप से फर्श और अन्य सतहों की सफाई करानी होगी और डिस्इंफेक्शन कराना होगा।

रेस्टोरेंट में आकर खाना खाने की बजाय होम डिलीवरी को बढ़ावा दिया जाए – कंटेनमेंट जोन में रेस्टोरेंट बंद रहेंगे। इसके बाहर खोले जा सकते हैं। रेस्टोरेंट में आकर खाना खाने की बजाय होम डिलीवरी को बढ़ावा दिया जाए। डिलीवरी करने वाले घर के दरवाजे पर ही पैकेट छोड़ दें, हैंडओवर न करें। होम डिलीवर पर जाने से पहले सभी कर्मचारियों की स्क्रीनिंग की जाए। रेस्टोरेंट के गेट पर हैंड सैनिटाइजेशन और थर्मल स्क्रीनिंग के इंतजाम होने चाहिए। केवल बिना लक्षण वाले स्टाफ और ग्राहकों को ही रेस्टोरेंट में प्रवेश दिया जाए। कर्मचारियों को मास्क लगाने या फेस कवर करने पर ही अंदर एंट्री दी जाए और वे पूरे समय इसे पहने रहें।

कोरोना की रोकथाम से जुड़े पोस्टर और विज्ञापन लगाएं – कोरोना की रोकथाम से जुड़े पोस्टर और विज्ञापन प्रमुखता से लगाने होंगे। रेस्टोरेंट में सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान रखते हुए स्टाफ को बुलाया जाए। हाई रिस्क वाले कर्मचारियों को लेकर विशेष एहतियात बरती जाए। उनसे ज्यादा लोगों के संपर्क में आने वाली जगह पर काम न कराया जाए। संभव हो तो कर्मचारियों को वर्क फ्राम होम के लिए प्रोत्साहित किया जाए।

रेंस्टोरेंट परिसर में शारीरिक दूरी का ध्यान रखा जाय – रेस्टोरेंट परिसर, पार्किंग और आसपास के इलाके में शारीरिक दूरी का ध्यान रखा जाए। ग्राहकों की संख्या अधिक होने पर उन्हें वेटिंग एरिया में बैठाया जाए। वॉलेट पार्किंग में ड्यूटी करने वाले स्टाफ को मास्क, हैंड गलब्स पहनना जरूरी होगा। इसके अलावा पार्किंग के बाद कार की स्टेयरिंग, गेट के हैंडल को सैनिटाइज करना होगा। रेस्टोरेंट परिसर में सोशल डिसस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए फ्लोर पर मार्किंग करनी पड़ेगी। ताकि लोग उचित 6 फीट दूरी से साथ लाइन में खड़े हो सकें।

ग्राहकों के आने और जाने के लिए अलग-अलग गेट होने चाहिए – रेस्टोरेंट में ग्राहकों के आने और जाने के लिए अलग-अलग गेट होने चाहिए। टेबलों के बीच भी उचित दूरी जरूरी है। रेस्टोरेंट में 50 फीसद बैठने की क्षमता से ज्यादा लोग एक साथ बैठकर खाना नहीं खा पाएंगे। रेस्टोरेंट खाना खिलाने के लिए डोस्पोजेबल का इस्तेमाल कर सकते हैं। हाथ धोने के लिए तैलिया की जगह अच्छी क्वालिटी के नैपकिन का इस्तेमाल किया जाए। ग्राहकों और रेस्टोरेंट को बफेट सर्विस के दौरान भी सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखना होगा। एलेवेटर्स में एक साथ ज्यादा लोगों के जाने पर पाबंदी होगी।

शॉपिग मॉल के लिए ये है गाइडलाइंस – शॉपिंग मॉल में दुकानदारों को भीड़ जुटने से रोकना होगा ताकि शारीरिक दूरी के नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके। सरकार ने कहा है कि एलिवेटरों पर भी लोगों की सीमित संख्या तय करनी होगी। मॉलों के अंदर दुकानें तो खुलेंगी, लेकिन गेमिंग आर्केड्स और बच्चों के खेलने की जगह और सिनेमा हॉल बंद रहेंगे। शॉपिंग मॉलों में एयर कंडिशनिंग 24 से 30 डिग्री और ह्यूमिडिटी 40 से 70 प्रतिशत रखने का निर्देश।

वाहन दुघर्टना के मामले में HC का नया फैसला, पीड़ित पक्ष जहां का निवासी है वहां भी कर सकता है केस ..

OM TIMES News Paper India. https://omtimes.in undefined चंडीगढ़ (ऊँ टाइम्स) पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने  मोटर दुर्घटना में दावे के एक मामले की सुनवाई करते हुए साफ कर दिया है कि प्रभावित पक्ष जिस स्थान पर रहता है वो वहां के मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल (एमएसीटी) के सामने क्लेम के लिए केस दायर कर सकता है, चाहे दुर्घटना किसी अन्य राज्य में ही क्यों न घटी हो।
हाई कोर्ट जस्टिस अलका सरीन ने यह आदेश चंडीगढ निवासी बीना गर्ग व प्रेम सागर गर्ग की एक याचिका पर सुनवाई करते हुए जारी किया। मामले के अनुसार, दंपती के  पुत्र प्रणव विशाल गर्ग की मृत्यु 14 सितंबर, 2004 को उत्तर प्रदेश के दादरी में उसके मोटरसाइकल की  ट्रक की चपेट में आने से हो गई थी। इके कुछ समय बाद दोनों चडीगढ़ में रहने लगे और उन्होंने चंडीगढ  मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल के सामने केस दायर कर क्लेम की मांग की थी। बीमा कंपनी व अन्य प्रतिवादी पक्ष ने चंडीगढ में याचिका दायर करने का विरोध किया।
मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल चंडीगढ ने  29 अक्टूबर, 2018 को उनके क्लेम की मांग खारिज करते हुए कहा कि जिस क्षेत्र में दुर्घटना घटी है उस क्षेत्र के मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल के सामने अपना दावा पेश करे। ट्रिब्यूनल ने उनकी याचिका खारिज करते हुए साफ कहा था कि याचिका को सुनने के लिए उनके पास  क्षेत्रीय अधिकार नहीं है क्यों कि न तो दुर्घटना चंडीगढ़ में हुई और न ही दावेदार उस समय चंडीगढ़ में रह रहे थे।
मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल चंडीगढ के इसी आदेश को प्रभावित पक्ष ने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। हाई कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में ट्रिब्यूनल को अधिकतम-तकनीकी दृष्टिकोण नहीं रखना चाहिये। हाई कोर्ट ने कहा कि मोटर वाहन अधिनियम का  परोपकारी प्रायोजन है, इसमें  पीडि़तों के लिए उदार होने का  प्रावधान है। प्रभावित पक्ष जहां रहता है वहां क्लेम याचिका दायर करने में किसी तरह की कोई रोक नहीं है।
इस मामले में याचिकाकर्ता का चंडीगढ में राशन कार्ड बना हुआ है। ऐसे में उसकी याचिका को सुनने से इंकार नहीं किया जा सकता। हाई कोर्ट ने मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल चंडीगढय को यह केस वापिस भेजते हुए आदेश दिया कि दूर्घटना 16 साल पहले हुई थी ऐसे में इसका निपटारा जल्द होना चाहिये। हाई कोर्ट ने मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल चंडीगढ़ को आदेश दिया वह छह माह में इस केस का निपटारा करे।

सेना को मिली एक और कामयाबी, हिजबुल के ठिकाने से गोला बारूद आदि किया बरामद

OM TIMES News Paper India https://omtimes.in undefined श्रीनगर (ऊँ टाइम्स)  सेना और पुलिस ने मिलकर किश्तवाड़ इलाके में हिजबुल मुजाहिदीन का आतंकवादी ठिकाना ध्वस्त करके एक और कामयाबी हासिल किया है। किश्तवाड़ में स्थित 17 राष्ट्रीय राइफल के जवानों को यह सूचना मिली थी कि इलाके में हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकवादियों ने कुछ हथियार छिपा रखे हैं। इसी के चलते राष्ट्रीय राइफल के जवानों ने पुलिस को साथ लेकर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। गुफा के अंदर तलाशी लेने के बाद कुछ हथियार और गोला बारूद बरामद हुआ है, जिसमें एक एके 56 राइफल, उसकी 27 गोलिया, एक ग्रेनेड लांचर, एक 9 एमएम की पिस्तौल, उसकी एक मैगजीन, जिसमें छह गोलिया मौजूद थीं, को बरामद किया है। इसके चलते सुरक्षाबलों ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है।
मिली जानकारी के अनुसार किश्तवाड़ में स्थित 17 राष्ट्रीय राइफल के जवानों को यह सूचना मिली थी कि इलाके में हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकवादियों ने कुछ हथियार छिपा रखे हैं। इसी के चलते राष्ट्रीय राइफल के जवानों ने पुलिस को साथ लेकर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। गुफा के अंदर तलाशी लेने के बाद कुछ हथियार और गोला बारूद बरामद हुआ है, जिसमें एक एके 56 राइफल, उसकी 27 गोलिया, एक ग्रेनेड लांचर, एक 9 एमएम की पिस्तौल, उसकी एक मैगजीन, जिसमें छह गोलिया मौजूद थीं। इसके चलते सुरक्षाबलों ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है।
बताया जा रहा है कि यह गुप्त ठिकाना आतंकी अमीन भट उर्फ जहागीर सरूरी के साथियों का हो सकता है, क्योंकि जहागीर को तलाशने के लिए सुरक्षाबल काफी समय से तलाश में हैं और इलाके में उसने अपना नेटवर्क बना रखा है। उसकी कोई सूचना नहीं देता है वह स्थानीय युवकों को हथियार देने की फिराक में घूम रहा है और धीरे-धीरे करके स्थानीय युवकों को हिजबुल मुजाहिदीन में शामिल करने के लिए दबाव भी बना रहा है। इसी के चलते उसने इलाके में हथियार सप्लाई करने का काम भी शुरू किया है, लेकिन सेना तथा पुलिस भी उसके इस मंसूबे को खत्म करने के लिए तरह-तरह के उपाय कर रही है, ताकि जहागीर सरूरी इलाके के युवकों को हथियार सप्लाई न कर सके।

आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन, जैश-ए-मोहम्मद कश्मीर को दहलाने की साजिश में जुटे है। उसके अलावा दक्षिण कश्मीर में जैश के दो अन्य कमांडर वलीद और इस्माइल उर्फ लंबू भी सक्रिय हैं। घाटी में जैश के लगभग 55 आतंकी सक्रिय हैं। इनमें 40 विदेशी हैं। दरअसल, पुलवामा हमला दोहराने की साजिश में जैश कमांडर अब्दुल रहमान उर्फ फौजी के साथ इस्माइल और गाजी रशीद शामिल थे। फौजी को बुधवार को सुरक्षाबलों ने कंगन (पुलवामा) में मुठभेड़ में उसके दो अन्य आतंकियों के साथ मार गिराया है।
करीब तीन साल से कश्मीर में सक्रिय गाजी पर सुरक्षाबलों ने 10 लाख का इनाम घोषित कर रखा है। वह भी अफगानिस्तान में तालिबान और अलकायदा के आतंकियों के साथ मिलकर अमेरिकी फौजों के खिलाफ लड़ चुका है। वर्ष 2017 की गर्मी में पहली बार सुरक्षाबलों को कश्मीर में उसकी मौजूदगी का पता चला था। शुरू में वह बड़गाम और पुलवामा जिले के बीच के इलाकों में सक्रिय रहा। वर्ष 2019 में पुलवामा में जैश के आत्मघाती हमले के बाद सुरक्षाबलों से बचने के लिए वह कुछ समय तक उत्तरी कश्मीर में अपने किसी ठिकाने पर चला गया और बीते साल वह फिर दक्षिण कश्मीर लौट आया।.
आइजीपी कश्मीर विजय कुमार ने बुधवार को प्रेसवार्ता में बताया कि पाकिस्तान का रहने वाला अब्दुल्ला रशीद गाजी उर्फ गाजी रशीद कश्मीर में जैश का सबसे बड़ा कमांडर है। वही घाटी में जैश की गतिविधियां चला रहा है। 

भारत के रणनीति का चीन पर हुआ असर, चीनी सैनिक दो किलोमीटर पीछे हटे

OM TIMES news paper India https://omtimes.in undefined जम्मू / नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) लद्दाख विवाद में भारत के कूटनीतिक दबाव का असर चीन पर दिखाने लगा है। छह जून को लेफ्टिनेंट जनरल स्तर की बैठक से पहले चीनी सेना ने गलवन घाटी में अपने कदम पीछे खींच लिए हैं। भारतीय सेना भी सकारात्मक जवाब दिया है। गलवन इलाके में गतिरोध समाप्त करने की दिशा में प्रयासों के बीच चीनी सेना वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) से दो किलोमीटर पीछे हट गई है। वहीं भारतीय सेना ने भी उचित कार्रवाई करके एक किलोमीटर पीछे आ गई है। चीनी सेना ने गलवन क्षेत्र से अपने टेंट को उखाड़कर पीछे कर लिया है । पिछले महीने चीनी सेना ने एलएसी के पास टेंट लगा दिए थे। जिसके बाद भारतीय सैनिक भी उस इलाके में जम गए थे। चीनी सेना मई माह के पहले सप्ताह में दौलत-बेग ओल्डी, गलवन घाटी और पैंगोंग लेक क्षेत्र में काफी आगे आ गई थी। इसके बाद दोनों देशों में तनाव एकाएक बढ़ गया था। दोनों तरफ की तैयारियों को देखते हुए स्थिति बिगड़ने की आशंका जताई जा रही थी।
एलएसी पर कई क्षेत्रों में जमे चीनी सेना के बीच पिछले चार-पांच दिनों से कोई बड़ी हलचल भी नहीं देखने को नहीं मिली थी। हालांकि, इससे पहले पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में चीन के लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टर भी उड़ान भर रहे थे। भारत ने भी अपने लड़ाकू विमानों को उस इलाके में निगरानी में लगा दिया है। चीन इसका भी विरोध किया था।
इससे पहले दोनों सेनाओं के बीच ब्रिगेडियर स्तर की कई बैठकें बेनजीता साबित हो चुकी हैं। अब छह जून को होने वाली लेफ्टिनेंट जनरल स्तर की बैठक से उम्मीदें लगी हैं। अब लद्दाख की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाली उत्तरी कमान की चौदह कोर के कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरेंद्र ¨सह, चीनी सेना के अपने समकक्ष अधिकारी से बैठक कर विवाद को कम करने की कोशिश करेंगे। सूत्रों के मुताबिक भारत की तरफ से विवाद सुलझाने का विशेष प्रस्ताव रखा जाएगा। माना जा रहा है कि भारत पूर्व की स्थिति की बहाली पर जोर देगा।
सूत्रों के अनुसार ऐसे चुनौतीपूर्ण हालात में जवानों का मनोबल बढ़ाने के लिए सेना की उत्तरी कमान प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल वाई के जोशी ने भी लद्दाख में डेरा डाल रखा है। आर्मी कमांडर बनने से पहले जनरल जोशी लद्दाख के कोर कमांडर रहे हैं। इन हालात में सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवने भी पूर्वी लद्दाख का दौरा कर ऑपरेशनल तैयारियों का जायजा लेने के साथ जवानों का हौसला बढ़ा चुके हैं।.
चीनी सेना लद्दाख में भारतीय सेना को मजबूत होते देख वास्तविक नियंत्रण रेखा पर विकास के प्रोजेक्टों में रोड़े अटका रही है। ऐसे में उसने गलवन घाटी, पैंगोंग त्सो समेत तीन जगहों पर आक्रामक तेवर दिखाते हुए घुसपैठ की थी। इसके बाद भारतीय सेना ने भी चीन को कड़े तेवर दिखकर बाज आने का स्पष्ट संकेत दिया है।
चीन ने बुधवार को कहा कि भारत के साथ मौजूदा गतिरोध के समाधान के लिए किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता की कोई आवश्यकता नहीं है क्योंकि दोनों देशों के पास सीमा संबंधी संपूर्ण तंत्र और संपर्क व्यवस्थाएं हैं जिनसे वे वार्ता के जरिए अपने मतभेदों का समाधान कर सकते हैं।चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजान ने यहां एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि भारत से लगती सीमा पर चीन की स्थिति सुसंगत और स्पष्ट है तथा दोनों देशों ने अपने नेताओं के बीच बनी महत्वपूर्ण सहमति को ईमानदारी से क्रियान्वित किया है। झाओ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच मंगलवार को हुई बातचीत से संबंधित एक सवाल का जवाब दे रहे थे। उल्लेखनीय है कि मोदी और ट्रंप ने फोन पर हुई बातचीत में भारत-चीन के बीच जारी सीमा गतिरोध पर चर्चा की।

भारत और चीन के बीच सीमा विवाद पर भारत के पीएम मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप के बीच हुई वार्ता

OM TIMES News Paper India https://omtimes.in undefinedनई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाँच दिन पहले यह दावा किया था कि इनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात हुई है और वे चीन को लेकर अच्छे मूड में नहीं हैं। भारत ने इसका खंडन किया था। लेकिन विगत दिवस मंगलवार को दोनो नेताओं की टेलीफोन पर बात भी हुई और इसमें भारत-चीन के साथ चल रहे सीमा विवाद पर विशेष चर्चा भी हुई है। इसके पहले मोदी व ट्रंप के बीच गत 4 अप्रैल को बातचीत हुई थी, लेकिन तब बातचीत का एजेंडा मुख्य तौर पर कोविड-19 तक ही सीमित रहा।.
दोनों नेताओं के बीच मंगलवार को हुई वार्ता का एजेंडा काफी व्यापक रहा। समूह-7 देशों के संगठन को विस्तार देने से ले कर कई अमेरिकी शहरों में हिंसा भड़कने व व‌र्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन (डब्लूएचओ) में बड़े सुधार के तमाम विकल्पों पर भी दोनो के बीच विमर्श हुआ है। विदेश मंत्रालय की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक टेलीफोन कॉल के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने समूह-7 देशों के मौजूदा संगठन को विस्तार देने की अपनी मंशा सामने रखी।
उन्होंने बताया कि किस तरह से अमेरिका चाहता है कि इसमें भारत समेत दूसरे महत्वपूर्ण देश शामिल हों। ट्रंप ने नए संगठन की बैठक सितंबर, 2020 में आयोजित करने की बात करते हुए पीएम मोदी को उसमें शामिल होने के लिए आमंत्रित भी किया। संकेत है कि पीएम मोदी ने आमंत्रण स्वीकार कर लिया है। मोदी ने इस प्रस्ताव को एक दूरदर्शी कदम बताते हुए स्वागत किया है।
मोदी ने कहा कि कोविड-19 के बाद के काल के महत्व को देखते हुए इस तरह के संगठन का अपना महत्व होगा। मोदी ने कहा कि भारत को अमेरिका व दूसरे देशों के साथ मिल कर इस तरह के संगठन को सफल बनाने में खुशी होगी। जाहिर है कि भारत ने इसे अपना समर्थन दे दिया है।विदेश मंत्रालय ने बताया है कि दोनो नेताओं के बीच भारत व अमेरिका में कोविड-19 की स्थिति के साथ ही कुछ दूसरे द्विपक्षीय मामलों पर भी चर्चा हुई।.
बातचीत में भारत-चीन सीमा विवाद का मुद्दा भी उठा। यह बहुत ही अहम विषय है क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति पिछले हफ्ते दो बार भारत-चीन सीमा विवाद का जिक्र कर चुके हैं। पहले उन्होंने इसमें हस्तक्षेप करने की बात कही जिसे चीन खारिज कर चुका है। उसके बाद उन्होंने यह दावा किया कि पीएम मोदी का मूड चीन को लेकर खराब है। सनद रहे कि पूर्वी लद्दाख के गलवन इलाके में पिछले एक महीने से चीन व भारत की सेनाओं के बीच तनाव का माहौल है। दोनो तरफ से लगातार सैनिकों की संख्या बढ़ाई जा रही है।
विगत दिवस हुई यह बातचीत से पता चलता है कि भारत व अमेरिका के बीच रिश्ते मोदी और ट्रंप की अगुवाई में कितने गहरे हो चले हैं। ट्रंप अभी घरेलू राजनीति में उलझे हुए हैं और कुछ ही महीने बाद उन्हें चुनाव का भी सामना करना है। इसके बावजूद वह भारत के साथ अपने रिश्ते की अहमियत बनाये हुए हैं। दूसरी तरफ मोदी भी कोरोना, आर्थिक मंदी और चीन के साथ सीमा विवाद जैसी समस्याओं से घिरे हैं। ऐसे में दोनों के लिए एक दूसरे का साथ काफी अहम है।
ट्रंप ने जी-7 देशों के संगठन में रूस, भारत, आस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया को शामिल करने की बात कही है। लेकिन अभी तक उनकी सिर्फ भारतीय पीएम से ही बात हुई है। दूसरे सदस्य देशों की मंशा अभी तक स्पष्ट नहीं है। वहीं भारतीय पीएम ने यह जता दिया है कि वे इसमें शामिल होने को तैयार हैं। ऐसे में यह देखना होगा कि ट्रंप की अगुवाई में जो नया वैश्विक मंच बनाने की कोशिश हो रही है उसमें और कौन-कौन से देश शामिल होते हैं। यह भी सवाल उपजता है कि अभी जो समूह-20 देशों का संगठन चल रहा है, उसकी महत्ता कम होती है या बनी रहती है।

भारत ने चीन से बढ़ते तनाव के मद्देनजर लद्दाख में मिराज और सुखोई किया तैनात

OM TIMES News Paper India https://omtimes.inundefined नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  चीन और भारत के साथ लगातार बढ़ते सैन्य तनाव के बीच भारतीय वायुसेना ने लद्दाख में दुश्मनों के दांत खट्टे कर देने वाले सुखोई और मिराज जैसे अपने युद्धक विमान तैनात कर दिए हैं। गलवन घाटी से लेकर ¨फगर-4 इलाके में थलसेना ने किसी भी स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक युद्धक सामान सहित जवानों व अधिकारियों की अतिरिक्त तैनाती भी शुरू कर दी है।
तैयारियों का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बीते कुछ दिनों से प्रतिदिन 80 से 90 सैन्य ट्रक लद्दाख के अग्रिम इलाकों की तरफ जा रहे हैं। तोपखाना और टैंक भी भेजा गया है। इनमें से अधिकांश ट्रकों को कश्मीर घाटी से ही भेजा जा रहा है। इस बीच, मंगलवार को सेना की उत्तरी कमान के जीओसी इन सी लेफ्टिनेंट जनरल वाईके जोशी भी लेह पहुंच गए।
सूत्रों ने बताया कि गलवन घाटी, हॉट स्पि्रंग और फिंगर-4 इलाके में तैनात किए जा रहे जवानों को पहले कुछ दिनों तक लेह व अन्य जगहों पर रखा गया ताकि वह स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढाल सकें। लद्दाख के अग्रिम इलाकों में तोपखाना और टैंक भी भेजा गया है।
सूत्रों ने बताया है कि लद्दाख स्थित सेना की 14 कोर किसी भी स्थिति से निपटने में पूरी तरह समर्थ है। उसके पास तोपखाना, टैंक व अन्य आवश्यक युद्धक सामग्री व हथियारों की कोई कमी नहीं हैं। अन्य इलाकों से जो सैनिक व सैन्य साजो सामान तैनात किया जा रहा है, वह सिर्फ अतिरिक्त और अग्रिम तैनाती के लिए है। भारतीय वायुसेना ने भी लद्दाख में अपनी गतिविधियां बढ़ा दी हैं।

भारतीय वायुसेना के पायलट पूर्वी लद्दाख में अपनी वायुसीमा के भीतर सुखोई और मिराज विमान उड़ा रहे हैं। चीन की वायुसेना भी अपनी गतिविधियां लगातार बढ़ा रही है। पूर्वी लद्दाख में गलवन घाटी के साथ सटे दुरबुक इलाके में बसे ग्रामीणों के मुताबिक, बीते कुछ दिनों से भारतीय सेना की गतिविधियां तेजी से बढ़ी हैं। रोजाना शाम को अंधेरा होने के साथ 80-90 ट्रक अग्रिम इलाकों की तरफ जा रहे हैं। इन काफिलों में नागरिक वाहन भी शामिल रहते हैं। उन्होंने 1962 के बाद ऐसी सैन्य गतिविधियां देखी हैं।

लेफ्टिनेंट जनरल वाईके जोशी भी मंगलवार सुबह ही ऊधमपुर से लेह पहुंचे हैं। उन्होंने पूर्वी लद्दाख के हालात का जायजा लेते हुए 14 कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरींद्र सिंह व अन्य वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के साथ दोपहर बाद बैठक भी की। इससे पूर्व वह 22 मई को थलसेना प्रमुख जनरल एमएम नरवाने के दौरे के समय लेह आए थे। कारगिल युद्ध में भाग ले चुके लेफ्टिनेंट जनरल जोशी ने बैठक में चीनी सेना के साथ मौजूदा गतिरोध को हल करने के लिए स्थानीय स्तर पर दोनों तरफ के सैन्य कमांडरों के बीच हुई विभिन्न वार्ताओं के संदर्भ में अधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने निर्देश दिया कि वह ऑनग्राउंड हालात के अनुरूप चीनी सेना की गतिविधियों पर अंकुश रखने रखने के लिए कार्रवाई करते रहें।
लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद में चुशूल के काउंसिलर कोन्चुक स्टेंजिन ने कहा कि तीन पंचायत हल्कों में आठ गांव हैं। करीब दो हजार से ज्यादा की आबादी है। लोग डरे हुए हैं। उन्हें लगता है कि किसी भी समय लड़ाई छिड़ सकती है। हमारे बुजुर्ग कह रहे हैं कि उन्होंने 1962 में चीन के साथ युद्ध के समय ही इस तरह की सैन्य हलचल देखी थी। तोप और टैंकों को अग्रिम इलाकों में तैनात किया जा रहा है।
कोन्चुक स्टेंजिन ने बताया कि उन्होंने बीते सप्ताह अग्रिम गांवों का दौरा किया है। लोग खेती के कामों में लगे हुए हैं लेकिन उनमें तनाव बना हुआ है। इन गांवों की गलवन घाटी और ¨फगर-4 इलाके से करीब 10 किलोमीटर की एरियल दूरी है। उन्होंने कहा कि इस इलाके में चरवाहे हर साल गर्मी में माल मवेशी के साथ जाते थे, लेकिन इस बार नहीं गए हैं।

एक घंटा बंकर में रहना पड़ा अमेरिकी राष्‍ट्रपति ट्रंप को , ऐसी उत्पन्न हो गई स्थिति

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वाशिंगटन / नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  इस समय अमेरिका में बवाल मचा हुआ है! अश्वेत नागरिक की कस्‍टडी में हुई मौत के बाद जो बवाल अमेरिका में मचा है वो कम होने का नाम नहीं ले रहा है। आलम ये है कि इसकी वजह से एहतियातन अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप को एक घंटा बंकर में बिताना पड़ा। हालांकि ये बंकर आम बंकरों से बिल्‍कुल अलग है। इसमें हर तरह की सुविधा है। ये हर तरह के हमले से राष्‍ट्रपति का बचाव भी कर सकता है। सामने आई जानकारी के मुताबिक 131 वर्षों में दूसरी बार हुआ है कि जब अमेरिकी राष्‍ट्रपति को बंकर में जाना पड़ा। इससे पहले 9/11 हमले के दौरान भी तत्‍कालीन राष्‍ट्रपति को बंकर में ले जाया गया था।
राष्‍ट्रपति ट्रंप को बंकर में ले जाने से पूर्व व्‍हाइट हाउस की लाइटें बंद कर दी गईं थीं। इस बंकर के बारे में और अधिक जानकारी देने से पहले आपको बता दें कि अश्‍वेत नागरिक की मौत के बाद अमेरिका में जो प्रदर्शन हुए हैं उनमें 60 से अधिक सीक्रेट सर्विस के अधिकारी और एजेंट भी घायल हुए हैं। कई शहरों और राज्‍यों में नेशनल गार्ड्स की तैनाती की गई है। करीब दो हजार लोगों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। इस प्रदर्शन की आग अमेरिका के लगभग 140 शहरों तक फैल गई है। आइये अब हम आपको बताते हैं अमेरिकी राष्‍ट्रपति के लिए बनाए गए इस बंकर की क्या है खासियत।
व्‍हाइट हाउस के नीचे बनाए गए बंकर को प्रेजीडेंशियल इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर भी कहा जाता है। अमेरिका की पूर्व प्रथम महिला लॉरा बुश ने इसको लेकर अपनी एक किताब में बेहद दिलचस्‍प बाते बताई हैं। उन्‍होंने लिखा है कि वह व्‍हाइट हाउस के नीचे बने एक एयरटाइट बंकर में हैं। ये बंकर अनफिनिश्‍ड है और इसके भारी-भरकम दरवाजे स्‍टील के बने हैं। यहां पर टीवी, फोन और कम्‍यूनिकेशन के दूसरे तमाम साधन मौजूद हैं। उन्‍होंने यहां पर बने एक कांफ्रेंस हॉल का भी जिक्र किया है जिसमें एक बड़ी सी टेबल और कई सारी कुर्सियां लगी थीं। उन्‍होंने लिखा कि वहां पर कई फोटोग्राफ्स भी लगे थे।
किसी आपात स्थिति में अमेरिकी राष्ट्रपति के बचाव के लिए इस बंकर को 1941 में हुए पर्ल हार्बर हमले के बाद बनाया गया। उस वक्‍त अमेरिका के राष्‍ट्रपति फ्रैंकलिन रूजवेल्ट थे। इसके पीछे बेहद दिलचस्‍प कहानी है। जब पर्ल हार्बर हमले के बाद सुर‍क्षाकर्मियों ने जब रूजवेल्‍ट को किसी दूसरी जगह पर ले जाने की गुजारिश की थी तो उन्‍होंने ऐसा करने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद इस बंकर को बनाने के बारे में विचार किया गया। इसके बाद पूर्वी हिस्से में बंकर बनाया गया।

यह बंकर बेहद सुरक्षित है। हालांकि ये बंकर परमाणु बम के हमले से राष्‍ट्रपति की रक्षा नहीं कर सकता है। इसके अलावा ये बंकर किसी भी आपात स्थिति में राष्‍ट्रपति के लिए पूरी तरह से महफूज है। लेकिन इसका अर्थ ये भी नहीं है कि परमाणु हमले से बचाव के लिए राष्‍ट्रपति के पास कोई जरिया नहीं है। दरअसल, अमेरिकी राष्‍ट्रपति की सुरक्षा के लिए विभिन्‍न परिस्थितियों के लिहाज से अलग-अलग बंकर बनाए गए हैं। बराक ओबामा के कार्यकाल में भी उत्तरी बागीचे के नीचे एक मेगा बंकर का निर्माण किया गया था। यहां पर बनाए गए बंकर में राष्‍ट्रपति और उनके परिवार के सदस्‍यों के लिए हर सुविधा से लैस अलग-अलग कमरे भी बनाए गए हैं। 
व्हाइट हाउस में बना राष्ट्रपति का यह खुफिया बंकर करीब 5 मंजिला इमारत जितना बड़ा है। यहां पार्किंग और गैराज की भी सारी सुविधाएं मौजूद हैं। ये खुफिया और अतिसुरक्षित बंकर कई सुरंगों से जुड़ा है। इन सुरंगों के जरिए राष्‍ट्रपति किसी भी आपात स्थिति में कहीं भी आ जा सकते हैं। यह बंकर सिर्फ राष्‍ट्रपति तक के लिए ही सीमित नहीं है, बल्कि जरूरत पड़ने पर इसमें व्हाइट हाउस के भी सभी कर्मचारी रह सकते हैं।
व्हाइट हाउस के नीचे बना ये बंकर हर तरह की आधुनिक तकनीक से लैस है। यहां पर बने कुछ बंकर मिसाइल हमलों समेत परमाणु हमले में भी राष्‍ट्रपति की रक्षा कर सकते हैं। मिसाइलों का भी इसपर कोई असर नहीं होता। यहां पर राष्ट्रपति और उनका परिवार लंबे समय तक रह सकता है। राष्‍ट्रपति की सुरक्षा के लिए केवल व्‍हाइट हाउस में ही बंकर नहीं बनाए गए हैं बल्कि कुछ दूसरी जगहों पर भी यही सुविधा दी गई है।