शिनजियांग में रहने वाले उइगर मुसलमानों से उनकी इच्छा के विपरीत चीन कराता है काम

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) शिनजियांग प्रांत में रहने वाले उइगर मुसलमानों से चीन सरकार जबरन काम करवा रहा है। मीडिया की ओर से इस बारे में एक रिसर्च की गई उसके बाद ये खबर प्रकाशित की गई। उत्तर पश्चिमी चीन के शिनजियांग इलाके में काफी संख्या में उइगर मुसलमान रहते हैं। चीन इन मुसलमानों पर भी अपनी हुकूमत चलाता है। यहां रहने वाले मुस्लिम चीनी प्रशासन से काफी खफा रहते हैं। ये मुस्लिम अरबी में अपनी कुरान तक नहीं पढ़ सकते हैं, इस तरह से सरकार इन लोगों को इनके धर्म से भी दूर रखती है। 
कुछ कंपनियों में से उइगर श्रम का उपयोग सरकार द्वारा प्रायोजित कार्यक्रम के माध्यम से कर रहे हैं, विशेषज्ञों ने कहा कि अक्सर लोगों को उनकी इच्छा के विरुद्ध काम करने के लिए कहते हैं। चीन के राष्ट्रीय चिकित्सा उत्पाद प्रशासन के अनुसार, शिनजियांग में केवल चार कंपनियों ने महामारी से पहले चिकित्सा-ग्रेड सुरक्षात्मक उपकरण का उत्पादन किया था। 30 जून तक यह संख्या 51 थी। 
श्रम हस्तांतरण कार्यक्रम के तहत सरकार उइगर और अन्य जातीय अल्पसंख्यकों को कारखाने और सेवा नौकरियों में भेजता है। कई बार इन लोगों को जबरन भेजा जाता है जबकि वो वहां पर जाना ही नहीं चाहते हैं। चूंकि चीन में कम्युनिस्ट पार्टी का शासन है इस वजह से उनकी कोई सुनवाई नहीं होती है।
कंपनियां मुख्य रूप से घरेलू उपयोग के लिए उपकरण का उत्पादन करती हैं लेकिन टाइम्स ने शिनजियांग के बाहर कई अन्य कंपनियों की पहचान की है जो उइगर श्रम और निर्यात का विश्व स्तर पर उपयोग करते हैं। मीडिया ने चीन के हुबेई प्रांत में एक कारखाने से जॉर्जिया राज्य में एक चिकित्सा आपूर्ति कंपनी को फेस मास्क के एक शिपमेंट का पता लगाया, जहां 100 से अधिक उइगर श्रमिकों को भेजा गया था। कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, बर्कले और उइगर मानवाधिकार परियोजना में मानवाधिकार जांच लैब ने दर्जनों वीडियो और सोशल मीडिया रिपोर्टें एकत्र की हैं जो हाल ही के श्रम हस्तांतरण का दस्तावेज हैं।
सवाल के जवाब में अमेरिका में चीन के दूतावास के प्रवक्ता ने कहा कि कार्यक्रम “स्थानीय निवासियों को रोजगार के माध्यम से गरीबी से ऊपर उठने और जीवन को पूरा करने में मदद करता है। श्रमिकों की संख्या पर कोटा श्रम कार्यक्रम में डाल दिया गया और जो लोग सहयोग करने से इनकार करते हैं, उनके दंड दिया जाता है। सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज के मानवाधिकार पहल के निदेशक एमी लेहर ने कहा कि ये जबरदस्त उदाहरण है जो लोगों को फैक्ट्री के काम में लगाने का कारण बनते हैं। 

लेखक: OM TIMES News Paper India

(Regd. & App. by- Govt. of India ) प्रधान सम्पादक रामदेव द्विवेदी 📲 9453706435 🇮🇳 ऊँ टाइम्स

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