इस बढ़े हुए लाकडाउन में सख्त हुआ नियम, निर्देशों का पालन न करने पर हो सकती है यह सजा

OmTimes News paper India - 100049  नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) भारत में कोरोना वायरस के कारण लॉकडाउन एक बार फिर बढ़ा दिया गया है। लाकडाउन के चौथे चरण में इस बार केंद्र सरकार ने 31 मई तक के लिए लॉकडाउन बढ़ाया है। वहीं कई राज्यों में पहले से ही लॉकडाउन बढ़ाने का ऐलान किया जा चुका है। गृह मंत्रालय की ओर से एक बार फिर नई गाइडलाइन जारी की गई है। ऐसे में एक आम आदमी को आज से शुरू होने वाले लॉकडाउन के कारण क्या ध्यान रखना चाहिए। साथ ही गाइडलाइन में साफ बताया है कि लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर आपको सजा भी हो सकती है।

कार्यस्थल के लिए अतिरिक्त निर्देश-  जहां तक संभव हो वर्क फ्रॉम होम की आदत को सुनिश्चित करें! थर्मल स्कैनिंग, हैंडवॉश और सैनिटाइजर की उपलब्धता को सभी प्रवेश और निकास द्वारों और कॉमन एरिया में सुनिश्चित करेंपूरे कार्यस्थल को सैनिटाइज करते रहें, सार्वजनिक सुविधाओं और सभी स्थल जो मानव संपर्क में आते हैं जैसे दरवाजे के हैंडल आदि को सैनिटाइज करेंकार्यस्थल पर प्रभारी व्यक्ति शारीरिक दूरी का पालन कराएं, श्रमिकों के मध्य पर्याप्त दूरी बने रहे, दो शिफ्ट के मध्य और लंच ब्रेक के दौरान स्टाफ के मध्य दूरी रहे

राज्‍य सरकारों को दिए गये पाबंदियों के अधिकार-  केंद्र की ओर से जारी गाइडलाइन के नियम नंबर आठ में कहा गया है कि वर्गीकृत किए गए जोनों में किन दूसरी गतिविधियों की इजाजत नहीं दी जाए राज्‍य सरकारें इस बारे में आकलन करके उक्‍त गतिविधियों पर रोक लगा सकती हैं। यानी केंद्र ने लॉकडाउन-4 में राज्‍य सरकारों को गतिविधियों की बाबात बीते तीन लॉकडाउन से ज्‍यादा अधिकार प्रदान किए हैं।

कोविड-19 के लिए देशव्यापी दिशा निर्देश-  सार्वजनिक और कार्यस्थलों पर चेहरे को मास्क से ढकना अनिवार्यसार्वजनिक स्थानों और परिवहन के दौरान शारीरिक दूरी का पालन किया जाएगाशराब, पान, गुटखा, तंबाकू के सार्वजनिक स्थानों पर उपभोग की अनुमति नहींअंतिम संस्कार में शारीरिक दूरी का पालन करना होगा और अधिकतम 20 लोग जा सकेंगेदुकानों पर 6 फीट की दूरी रखनी होगी और 5 से अधिक लोग नहीं होने चाहिएसार्वजनिक और कार्यस्थल पर थूकना जुर्माने के साथ दंडनीय, जो कानून के अनुरूप और राज्य/केंद्रशासित प्रदेश द्वारा निर्धारित किया जा सकता है।शादी संबंधी समारोह में शारीरिक दूरी का पालन सुनिश्चित करना होगा और अधिकतम 50 से अधिक मेहमान नहीं हो सकेंगे!  OmTimes News paper India - 100046

लॉकडाउन तोड़ा तो क्या होगा-   लॉकडाउन का पालन करना हर व्यक्ति के लिए बेहद जरूरी है। यदि आप लॉकडाउन का जानबूझकर पालन नहीं करते हैं तो आपके खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। अधिनियम के तहत 51 से 60 तक की धाराओं में बताया गया है कि यदि आप लॉकडाउन का उल्लंघन करते हैं तो क्या हो सकता है।

धारा 51- बाधा पहुंचाने के लिए सजा इस अधिनियम के तहत केंद्र सरकार या राज्य सरकार अथवा संबंधित प्राधिकरण के निर्देशों का पालन नहीं करने वाले या केंद्र, राज्य या अन्य संबंधित प्राधिकरण के अधिकारियों और कर्मचारियों के कार्याें में बाधा डालने की कोशिश करने वाले लोगों को एक साल की सजा या जुर्माना या दोनों से दंडित किया जा सकता है।

धारा 52- झूठे दावे के लिए यदि कोई व्यक्ति किसी भी तरह का लाभ प्राप्त करने के लिए झूठा दावा करता है तो उसे अधिकतम दो साल की जेल हो सकती है और जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

धारा 53- धन या सामग्री का गबन यदि कोई व्यक्ति आपदा के लिए आए धन अथवा किसी सामग्री का गबन करता है तो अधिकतम दो साल की सजा और जुर्माना लगाया जा सकता है।

धारा 54- झूठी चेतावनी देना यदि कोई व्यक्ति आपदा से जुड़ी किसी असत्य चेतावनी को फैलाता है तो उसे एक साल की सजा और जुर्माना हो सकता है।

धारा 55- सरकारी विभाग द्वारा अपराध यदि किसी सरकारी विभाग द्वारा अपराध होता है तो उस विभाग के प्रमुख को दोषी माना जाएगा और उसके खिलाफ कार्रवाई होगी यदि वो यह साबित नहीं कर देता कि यह अपराध उसकी जानकारी के बिना हुआ है और इसमें उसका कोई योगदान नहीं है।

धारा 56- ड्यूटी निभाने में विफल या अधिनियम के उल्लंघन पर मिलीभगत करने पर यदि किसी अधिकारी द्वारा अपनी ड्यूटी सही ढंग से नहीं निभा पाता या फिर खुद को इससे अलग कर लेता है तो उसे एक साल की सजा या फिर जुर्माना लगाया जा सकता है।

धारा 57- आवश्यकता संबंधी आदेशों का उल्लंघन करने पर यदि कोई व्यक्ति धारा-65 के तहत दिए गए आदेशों की अवहेलना करता है तो उसे अधिकतम एक साल की जेल अथवा जुर्माने की सजा हो सकती है।

धारा 58- कंपनी द्वारा अपराध यदि किसी कंपनी द्वारा अपराध होता है तो कंपनी, प्रत्येक सदस्य जिसने अपराध किया है और जिसके पास उस वक्त जिम्मेदारी थी, इसके लिए जिम्मेदार समझे जाएंगे। साथ ही उन पर मामला चलाया जाएगा।

धारा 59- अभियोजन के लिए पिछली मंजूरी इस अधिनियम की धारा 55 और 56 के तहत अपराधों के लिए अभियोजन प्राधिकृत अधिकारी की पूर्व मंजूरी के बिना नहीं लगाया जाएगा।

धारा 60- अपराधों का संज्ञान कोई भी कोर्ट इस अधिनियम के तहत की गई शिकायत के अलावा किसी अपराध का संज्ञान नहीं लेगी। हालांकि, यह कुछ बातों पर निर्भर करता है।

लेखक: OM TIMES News Paper India

(Regd. & App. by- Govt. of India ) प्रधान सम्पादक रामदेव द्विवेदी 📲 9453706435 🇮🇳 ऊँ टाइम्स , सम्पादक अविनाश द्विवेदी

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