अपने घर वापसी के लिए गुजरात में श्रमिकों ने किया हंगामा , पुलिस से झड़प

OmTimes  e-news paper India
Publish Date – 4/5/2020. https://omtimes.in

सूरत ( धनन्जय, संवाददाता, ऊँ टाइम्स)  गुजरात के सूरत, कडोदरा बारडोली और पलसाणा में आज एक हजार से ज्यादा श्रमिक अपने प्रदेश जाने की मांग के साथ सड़क पर उतर गए। इसके चलते पुलिल और श्रमिकों के बीच संघर्ष हुआ। पुलिस को मजबूरन हजारों श्रमिकों पर आंसू गैस के गोले छोड़कर उन्हें नियंत्रित करना पड़ा।
दक्षिण गुजरात के सूरत के कटोदरा और पलसाणा, बारडोली में हजारों श्रमिक सड़क पर उतर आए। वे अपने प्रदेश जाना चाहते थ। किन्तु इनके जाने के लिए न तो बस और न ही रेलगाड़ी की व्यवस्था हो पाई थी। घटना की सूचना पाते ही उच्च अधिकारियों का काफिला आ पहुंचा। पुलिस ने श्रमिकों को काफी समझाने का प्रयास, लेकिन वे अपने प्रदेश जाने की मांग पर अड़े रहे। श्रमिकों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। वहीं, श्रमिकों पर पुुलिस पर पथराव किया। पुलिस ने संघर्ष कर रहे कई श्रमिकों को हिरासत में भी लिया है। फिलहाल, पूरे इलाके में कड़ा सुरक्षा की गई है।
दक्षिण गुजरात के सूरत, वापी, भरूच सहित सौराष्ट्र और अहमदाबाद में भी अन्य प्रांतों के लोग रोजी-रोटी के लिए आते हैं। यहां के कपड़ा, डायमंड, रोलिग मिल, कैमिकल सहित कई उद्योगों में बाहर से आए श्रमिक काम करते हैं। दक्षिण गुजरात के सूरत शहर में अब एम्ब्रोयडरी क्षेत्र में भी लाखों मजदूर अपनी रोजी-रोटी कमा रहे हैं। हालांकि देश में कोरोना वायरस के कारण शुरू हुए लॉकडाउन के कारण श्रमिक बेकार हो गए हैं। इनकी आर्थिक हालत भी खराब हो गई है। राज्य सरकार की लाख कोशिशों के बाद भी वह इन लाखों श्रमिकों को दो वक्त की रोटी भी नहीं मिल पा रही है। वहीं, इन श्रमिकों को मकान का किराया सहित अन्य सुविधाओं के लिए भी धन का अभाव खलने लगा है। इस कारण ये श्रमिक अपने प्रदेश जाना चाहते हैं। राज्य सरकार ने इनके लिए विशेष रेलगाड़ी की व्यवस्था के बाद भी अफरातफरी का माहौल है।

गौरतलब है कि राज्य सरकार ने अन्य राज्यों के श्रमिकों को उनके प्रदेश भेजने के लिए विशेष रेलगाड़ियों द्वारा उत्तर प्रदेश तथा बिहार के लिए रेलगाड़ियों की व्यवस्था की जा रही है। हालांकि श्रमिकों की संख्या अधिक होने से गाड़ियों की संख्या बढ़ाने की मांग की जा रही है।

श्रमिकों ने कराया मुंडन-

वतन में जाने की व्यवस्था न होने से नाराज सूरत के पांडेसरा क्षेत्र के 70-80 श्रमिकों ने मुंडन करवाकर विरोध व्यक्त किया। वहीं, बहुत से श्रमिक बस संचालकों के शोषण का शिकार भी हो रहे हैं। इनके पास से किराया वसूल करने के बाद भी इनके जाने की व्यवस्था नहीं की जा रही है।

सूरत में पहले भी हंगामा कर चुके हैं श्रमिक-

गौरतलब है कि इससे पहले भी गत 10 अप्रैल को सूरत में श्रमिकों ने घर वापसी की मांग को लेकर हंगामा किया था। डायमंड बुर्स और लसकाना इलाके में सड़क पर उतरे श्रमिकों ने पुलिस पर पथराव कर सब्जी की पांच रेहड़ियों में आग लगा दी थी। पुलिस ने हुड़दंग करने वाले 70 से अधिक मजदूरों को हिरासत में लिया था।
16 अप्रैल को भी अन्य श्रमिक सड़क पर आ गए थे। उनका कहना था कि लॉकडाउन चलता रहेगा तो उनका गुजारा कैसे होगा। फैक्टरी और मिल मालिकों ने वेतन देने से इन्कार कर दिया। मकान मालिक किराया मांग रहे हैं। उन्हें दो वक्त की रोट खाने के लिए लाले पड़ गए हैं। ऐसे में उनके और परिवार की हालत खराब है। सरकार से भी उन्हें कोई सहायत नहीं मिल पा रही है।.
सूरत में सैकड़ों प्रवासी कामगारों ने प्रदर्शन किया था। कामगार लॉकडाउन के बावजूद अपने मूल निवास स्थल तक भेजने की मांग कर रहे थे। इससे पहले शुक्रवार को भी सूरत में प्रवासी कामगारों ने हिंसक प्रदर्शन किए थे। पुलिस ने कहा कि सूरत शहर के वरच्छा इलाके में प्रवासी कामगार जमा हो गए और मूल निवास स्थान तक वापस भेजे जाने की मांग करते हुए सड़क पर बैठ गए। वरच्छा सूरत का हीरा पॉलिश हब है और लाखों मजदूरों को रोजगार मुहैया कराता है। इसी इलाके में कई टेक्सटाइल यूनिटें भी हैं। प्रदर्शन कर रहे कामगारों में ज्यादातर ओडिशा, उत्तर प्रदेश और बिहार से थे !
प्रदर्शनकारियों को समझाने के लिए स्थानीय विधायक एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री किशोर कनानी भी प्रदर्शन स्थल तक पहुंचे।घटनास्थल पर मौजूद एक पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘ये प्रवासी कामगार अपने मूल निवास स्थान लौटना चाहते हैं। हमने उनसे लॉकडाउन के कारण धैर्य नहीं खोने के लिए कहा है। उनमें से कुछ ने खाने को लेकर शिकायत की। हमने एक एनजीओ को बुलाया और उनके लिए तुरंत फूड पैकेट खरीदे गए। स्थिति अब नियंत्रण में है।

लेखक: OM TIMES News Paper India

(Regd. & App. by- Govt. of India ) प्रधान सम्पादक रामदेव द्विवेदी 📲 9453706435 🇮🇳 ऊँ टाइम्स , सम्पादक अविनाश द्विवेदी

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