अभी तक वियतनाम में क्यों नहीं हुई कोरोना से एक भी शख्स की मौत , उसका कारण जानिए

OmTimes e-news paper India
Publish Date – 26/4/2020. https://omtimes.in OmTimes - News paper India - 26-4-2020 -3 वियतनाम (ऊँ टाइम्स)  इस समय जब दुनियां भर के देश अपने यहाँ के नागरिकों को कोरोना वायरस से बचाने के लिए अनेक विकल्प अपना रहे हैं, तो वहीं दूसरी ओर चीन की सीमा से सटा एक शहर है वियतनाम, चीन की सीमा से सटे होने के बावजूद इस शहर में अब तक एक भी शख्स की कोविड-19 के संक्रमण से मौत नहीं हुई है।

यहाँ पर संक्रमण के मामले प्रकाश में आए हैं, मगर वो दूर के देशों के मुकाबले बहुत ही कम है। 23 अप्रैल तक वियतनाम में कोरोना संक्रमण के मात्र 268 मामले ही सामने आए थे। दरअसल वियतनाम सरकार ने शुरूआत में इस वायरस की गंभीरता को समझ लिया था, उसी हिसाब से जागरूकता के साथ सरकार ने इस महामारी से लड़ने के लिए युद्ध स्तर की तैयारियां की जिसका नतीजा ये रहा।.
अब सरकार यहां पर तमाम चीजों पर लगाई गई पांबदियां हटाने के लिए काम कर रही है, कुछ दिनों में स्कूलों को भी खोलने की तैयारी की जा रही है, इसके लिए भी इजाजत दी जा रही है। ऐसे में अब तमाम देशों के प्रमुखों के मन में यही सवाल उठ रहा है कि आखिर वियतनाम ने ऐसा क्या जिसकी वजह से उसके यहां मरीजों की संख्या भी कम रही और मरने वालों की गिनती है शून्य।

सीमा को पूरी तरह से कर दिया गया सील –  जनवरी के आखिरी दिनों में वियतनाम में कोरोना संक्रमण का पहला मामला सामने आया था, इसी के बाद तेजी से फैसला लेते हुए वियतनाम ने चीन के साथ लगी अपनी सीमा को पूरी तरह से बंद कर दिया। साथ ही, सभी प्रमुख एयरपोर्ट पर दूसरे देशों से आने वाले प्रत्येक नागरिक की थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था की। सरकार ने यह भांप लिया कि कोरोना संक्रमण उन लोगों में दिख रहा है जो विदेश से आ रहे हैं।.
ऐसे में सरकार ने विदेश से आने वाले हर शख्स को 14 दिनों तक क्वारंटीन में रखने का आदेश दिया। सरकार ने लोगों को क्वारंटीन पर रखने के लिए होटलों को भुगतान करके बुक किया। मार्च के आखिरी सप्ताह में वियतनाम ने सभी विदेशियों के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी। वियतनामी मूल के विदेशी और वियतनामी नागरिकों के परिवारिक सदस्यों के प्रवेश पर भी रोक लगा दी गई।

संक्रमित मरीजों को क्वारंटीन में रखने में हुई कामयाबी –  वियतनाम कोरोना संक्रमित मरीजों को क्वारंटीन में रखने में कामयाब रहा है हालांकि कई जगहों पर इसके लिए नागरिकों की स्वतंत्रता पर भी रोक लगानी पड़ी है। प्रशासन और सशक्त सुरक्षा व्यवस्था के चलते वियतनाम कुछ मामलों में पूरे के पूरे जिले को क्वारंटीन करने में सफल रहा है। लेकिन यूरोपीय देशों की तरह वियतनाम ने अपने यहां लॉकडाउन को लागू नहीं किया है। वियतनाम की राजधानी हनोई और दर्जन भर बड़े शहरों में लॉकडाउन के जो प्रावधान पहले लागू किए गए थे उन्हें हटाया जा चुका है।

कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों को आइसोलेशन में रखने के बाद उनके संपर्क में आए लोगों का पता लगाया, उसके बाद ‘कांटैक्ट (सी) ट्रेसिंग (टी)’ पर जोर दिया। उन सभी लोगों का कोरोना टेस्ट किया गया। इतना ही नहीं, वियतनाम अपने ही देश में कम क़ीमत वाली टेस्टिंग किट्स विकसित में करने में कामयाब रहा।
वियतनाम के पास बड़े पैमाने पर लोगों की टेस्टिंग के लिए दक्षिण कोरिया और जर्मनी जितने संसाधन भी नहीं हैं। संसाधनों की कमी के चलते वियतनाम की सरकार ने कम खर्चे वाला नजरिया अपनाया और संक्रमण के मामले को आक्रामक ढंग से ट्रैक किया गया और संक्रमित लोगों को आइसोलेशन में रखने की व्यवस्था की गई।

वियतनाम की सरकार ने कोरोना वायरस के खिलाफ लोगों को जागरूक करने के लिए देशव्यापी अभियान चलाने पर जोर दिया। इस अभियान में छोटे-छोटे वीडियो और पोस्टरों के जरिए लोगों को कोरोना वायरस से बचाव के तरीकों के बारे में जागरूक किया गया।

ऐतिहासिक वियतनाम अमेरिका युद्ध में वियतनामी रणनीति की याद दिलाते हुए प्रधानमंत्री ग्युएन जुआन फुक ने लोगों से लंबे समय तक महामारी से लड़ने के लिए तैयार होने की अपील की। वियतनाम का समाज जागरूक है, वहां एक पार्टी की व्यवस्था है। पुलिस व्यवस्था, सेना और पार्टी उस फैसले पर अमल करती है जो शीर्ष स्तर पर लिया जाता है।

वियतनाम ने जिन तरीकों को अपनाया है उससे वहां की अर्थव्यवस्था भी प्रभावित हुई है। कई कारोबार बंद हो गए हैं। वियतनाम की सरकारी स्वामित्व वाली वियतनाम एयरलाइंस को अमेरिका, यूरोपीय यूनियन और पूर्वी एशिया के प्रीमियम रूटों पर उड़ानें रद्द करने के चलते करोड़ों डॉलर का नुकसान उठाना पड़ा है।

तीन जिले अभी भी हैं पूरी तरह से लॉकडाउन –  वियतनाम में तीन जिले अभी भी पूरी तरह से लॉकडाउन में हैं, इन तीन जगहों पर लगभग साढ़े चार लाख लोग रह रहे हैं। इस इलाके की सुरक्षा स्थानीय सेना कर रही है और कोई भी यहां से निकल नहीं सकता।

रणनीति का पालन न करने वाले हुए परेशान –  वियतनाम ने ये भी देख लिया कि जिन देशों ने कोरोना महामारी से निपटने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग और घर में रहने के नियमों का पालन नहीं किया, उनके यहां मौत के आंकड़ें कहां पहुंच गए हैं। वियतनाम ने अपने देश के नागरिकों की चिंता की और उनको दूसरे देशों में कोरोना मरीजों की आई बाढ़ के बारे में जानकारी देते रहे। साथ ही ये अपील भी करते रहे कि यदि आप लोग सहयोग नहीं करेंगे तो शासन को सख्त होना पड़ेगा और गंभीर परिणाम भुगतने होंगे, इन बातों का भी यहां के लोगों पर असर देखने को मिला।

लेखक: OM TIMES News Paper India

(Regd. & App. by- Govt. of India ) प्रधान सम्पादक रामदेव द्विवेदी 📲 9453706435 🇮🇳 ऊँ टाइम्स , सम्पादक अविनाश द्विवेदी

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