भारत निर्मित हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के पीछे क्यों पड़े हैं ट्रंप, हुआ पर्दाफ़ाश

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https://omtimes.in  OmTimesNewsPaperIndia - 6-4-2020- 27  नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)
पूरी दुनिया में कोरोना वायरस की वजह से लोग परेशान हैं, सबसे ज्यादा चिंता इलाज को लेकर है, कोरोना की भयावहता का सामना कर रहे अमेरिका ने भारत से मदद मांगी है, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने धमकी भरे लहजे का इस्तेमाल भी किया, वह भी सिर्फ एक दवा के लिए , उस दवा का नाम है हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन ! आखिर क्या वजह है कि डोनाल्ड ट्रंप इस दवा के पीछे पड़े हैं? क्या इसके पीछे कोई अंतरराष्ट्रीय दबाव है? या डोनाल्ड ट्रंप का कोई निजी मकसद?

इस सम्बन्ध में भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि पहले भारत में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की जरूरतों और स्टॉक को देखने के बाद ही कोरोना प्रभावित देशों को ये दवा देने का फैसला लिया गया है! आपको बता दें कि भारत में यह दवा बड़े स्तर पर बनाई जाती है!
हमें लगता है कि डोनाल्ड ट्रंप मलेरिया की इस दवा के पीछे इस लिए पड़े हैं ,क्योंकि डोनाल्ड ट्रंप का इसमें  निजी फायदा है!
अगर  हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन को पूरी दुनिया में कोरोना के इलाज के लिए अनुमति मिलती है तो उससे इस दवा को बनाने वाली कंपनियों को बहुत फायदा होगा !  हमारेे ऊँ टाइम्स को सूचना मिली है कि ऐसी ही एक कंपनी में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का शेयर है! साथ ही उस कंपनी के बड़े अधिकारियों के साथ डोनाल्ड ट्रंप के गहरे रिश्ते भी हैं !
आप को बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप का फ्रांस की दवा कंपनी सैनोफी को लेकर व्यक्तिगत फायदा है. कंपनी में ट्रंप का शेयर भी है! ये कंपनी हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दवा को प्लाकेनिल ब्रांड के नाम से बाजार में बेचती है!
मलेरिया जैसी खतरनाक बीमारी से लड़ने में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन बेहद कारगर दवा है ! भारत में हर साल बड़ी संख्या में लोग मलेरिया की चपेट में आते हैं. इसलिए भारतीय दवा कंपनियां बड़े स्तर पर इसका उत्पादन करती हैं!
दिलचस्प बात यह है कि अमेरिका जैसे देशों में यह दवा कोरोना वायरस के मरीजों को दी जा रही है , और सहायक भी साबित हो रही है ! इसी वजह से इसकी माँग और बढ़ गई है ! हालांकि, हाल के दिनों में भारत में इस दवा के उत्पादन में थोड़ी कमी आई है, इसका निर्यात भी बंद किया गया था, लेकिन फिर से शुरू कर दिया गया!
हालांकि ये दवा एंटी मलेरिया ड्रग क्लोरोक्वीन से थोड़ी अलग दवा है, यह एक टेबलेट है, जिसका उपयोग ऑटोइम्यून रोगों जैसे कि संधिशोथ के इलाज में किया जाता है, लेकिन इसे कोरोना से बचाव में इस्तेमाल किए जाने की बात भी सामने आई है!
इस दवा का खास असर सार्स-सीओवी-2 पर पड़ता है, यह वही वायरस है जो कि कोविड-2 का कारण बनता है, और यही कारण है कि हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वीन के टेबलेट्स कोरोना वायरस के मरीजों को दिया जा रहे है!

लेखक: OM TIMES News Paper India

(Regd. & App. by- Govt. of India ) प्रधान सम्पादक रामदेव द्विवेदी 📲 9453706435 🇮🇳 ऊँ टाइम्स , सम्पादक अविनाश द्विवेदी

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