अनेक राज्यों और अनेक जिलों में है लॉकडाउन, और कई जगह है कर्फ्यू

OmTimes  e-news paper India
Publish Date – 24/3/2020. https://omtimes.in omtimes.in - 23-3-2020 -6  नई दिल्ली  (ऊँ टाइम्स) पहले लगा जनता कर्फ्यू, उसके बाद लॉकडाउन, और अब कर्फ्यू। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के कारण कोरोना के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रहा है। प्राप्त सूचना के मुताबिक देश में संक्रमितों की संख्या 415 पहुंच गई है, और सात लोगों की मौत हो चुकी है। प्रधानमंत्री मोदी की अपील पर पहले देशभर में जनता कर्फ्यू लगाया गया, और सभी राज्य सरकारों ने जनता कर्फ्यू का पालन और समर्थन किया। लेकिन रविवार शाम स्थिति बिगड़ती देख अलग-अलग राज्यों के उन 75 जिलों को लॉकडाउन करने के निर्देश दिए गए हैं जहाँ पर कोरोना वायरस के पॉजिटिव केस पाए गए। सीमाएं सील कर दी गई। साथ ही सार्वजनिक परिवहन सेवाओं पर भी बड़े स्तर पर रोक लगा दी गई। आज पहले पंजाब, फिर महाराष्‍ट्र  और देर शाम चंडीगढ़ में कर्फ्यू लागू कर दिया गया। ऐसे में जनता कर्फ्यू का सामना कर चुके लोगों के लिए लॉकडाउन और कर्फ्यू में फर्क करना काफी मुश्किल हो गया है। हम आपको बता रहे हैं कि कर्फ्यू और लॉकडाउन में क्या फर्क होता है, और ये जनता कर्फ्यू से कितना अलग है।

किसे कहते हैं जनता कर्फ्यू , जानिए –  आसान शब्दों में जनता कर्फ्यू से तात्पर्य है ‘जनता के लिए, जनता द्वारा लगाया गया कर्फ्यू’ अर्थात इस प्रकार के माहौल में जनता स्वयं ही कम मात्रा में एक दूसरे से संपर्क में आएगी। मोदी जी ने जनता से अपील की थी कि जनता कर्फ्यू के दिन कोई भी नागरिक सड़क पर ना जाए, घर से बाहर न निकले, न मोहल्ले में जाए। यह एक तरह का अनुरोध है। लोगों को खुद अपने घरों तक सीमित रखना है। वैसे अगर वे घर से बाहर निकलेंगे तो कोई ऐक्शन नहीं होगा।

लॉकडाउन किसे कहते हैं जानिए –  लॉकडाउन एक आपातकाल व्यवस्था होती है, जिसमें जरूरी सेवाएं बंद नहीं की जाती। देश के कई राज्यों और शहरों में लॉकडाउन किया गया है, लेकिन बैंक, डेरी, जरूरी सामान के लिए दुकानें खुली हुई हैं। लोगों को घरों में रहने की अपील की जाती है। उन्‍हें केवल आवश्यक चीजों के लिए ही बाहर निकलने की अनुमति होती है। हालांकि इस दौरान आवश्यक सुविधाएं जारी रहती हैं, लेकिन यह भी प्रशासन पर निर्भर करता है कि वह किन सेवाएं को जारी रखना चाहता है। लॉकडाउन में स्थानीय प्रशासन निजी संस्थानों को बंद करवा देता है और वर्क फ्रॉम होम के आदेश देता है। इसका उद्देश्य यह है कि लोग अपने घरों में ही रहें ताकि किसी तरह का संक्रमण नहीं फैले।

कर्फ्यू क्या होता है, जानिए-  लॉकडाउन और कर्फ्यू में काफी फर्क होता है। आमतौर पर कर्फ्यू बेहद गंभीर स्थिति में लगाया जाता है। कर्फ्यू के दौरान लोगों को अपने घरों से बाहर जाने की इजाजत नहीं होती। चूंकि इसमें छूट बेहद कम होती है, इसलिए कर्फ्यू के दौरान सिर्फ वही सेवाएं चालू रहती हैं, जो बेहद जरूरी हों। कर्फ्यू के तहत लोगों को हिदायत दी जाती है कि वो अपने घरों से बाहर सड़कों पर न निकलें। उल्लंघन करने वाले की गिरफ्तारी हो सकती है और जुर्माना भी लगाया जा सकता है। कर्फ्यू के दौरान जरूरी सेवाएं जैसे बाजार और बैंकों पर ताला लटका रहता है। जब कर्फ्यू में ढील दी जाती है तभी ये सारी सेवाओं का लाभ घरों में बंद लोगों को मिलता है और वो बाहर निकल सकते हैं।

लेखक: OM TIMES News Paper India

(Regd. & App. by- Govt. of India ) प्रधान सम्पादक रामदेव द्विवेदी 📲 9453706435 🇮🇳 ऊँ टाइम्स , सम्पादक अविनाश द्विवेदी

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