आज हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज रहा है सभी शिवालय

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Publish Date – 21/2/2020 https://omtimes.in IMG_20200221_094419 नई दिल्ली / काशी (ऊँ टाइम्स)  भगवान शिव से सम्बन्धित  महाशिवरात्रि हिन्‍दुओं के प्रमुख त्‍योहारों में से एक है। भेलेनाथ के भक्‍त साल भर इस दिन की प्रतीक्षा करते हैं। महाशिवरात्रि के अवसर पर पूजा अर्चना करने के लिए देश के कई हिस्सों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ भगवान शिव के मंदिरों में नजर आ रही है। मान्‍यता है कि इस दिन शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, बेर और भांग चढ़ाने से भक्‍तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और उसे महादेव की विशेष कृपा मिलती है!

काशी विश्वनाथ मंदिर में भक्तों की लगी है बम्पर भीड़

वाराणसी:- महाशिवरात्रि के अवसर पर काशी विश्वनाथ मंदिर में भगवान शिव की पूजा करने के लिए भक्तों की भीड़ देखने को मिल रही है।

गौरी शंकर मंदिर में भोले की हो रही है पूजा

दिल्ली:- महाशिवरात्रि के अवसर पर चांदनी चौक के श्री गौरी शंकर मंदिर में भक्त भोले बाबा की पूजा अर्चना कर रहे हैं!

शिवाला बाग भाईजान मंदिर में लगी है लंबी कतार

पंजाब:- महाशिवरात्रि 2020 पर अमृतसर में ‘शिवाला बाग भाईजान’ मंदिर में भक्त बाबा भोलेनाथ की पूजा के लिए लंबी कतारों में खड़े हुए हैं।

महाकालेश्वर मंदिर का जलाभिशेक

मध्य प्रदेश:– महाशिवरात्रि के अवसर पर उज्जैन में श्री महाकालेश्वर मंदिर में भगवान शिव को की अराधना करने के लिए भक्तों की भारी भीड़ लगी हुई है।

महाराष्ट्र:–  महाशिवरात्रि के मौके पर भगवान भोलेनाथ की पूजा करने के लिए भक्त मुंबई में बाबुलनाथ मंदिर पहुंचे हैं।

कर्नाटक:- महाशिवरात्रि के अवसर पर कालबुर्गी में 25 फीट लंबी ‘शिवलिंग’ को सजाया गया है।

जानिए क्‍यों मनाई जाती है महाशिवरात्रि?       पौराणिक मान्‍यता के अनुसार महाशिवरात्रि के दिन ही शिव जी पहली बार प्रकट हुए थे। इस शिवलिंग के बारे में जानने के लिए सृष्टि के रचयिता ब्रह्मा ने हंस का रूप धारण किया और उसके ऊपरी भाग तक जाने की कोशिश करने लगे, लेकिन उन्‍हें सफलता नहीं मिली। वहीं, सृष्टि के पालनहार विष्‍णु ने भी वराह रूप धारण कर उस शिवलिंग का आधार ढूंढना शुरू किया लेकिन वो भी असफल रहे।

शिव का अभिषषेक करने से धन,भूमि,ऐश्वर्य की होती है प्राप्ति-  वैसे तो भगवान शिव जल से प्रसन्न होने वाले देव हैं। इसलिए शिव का जलाभिषषेक करने की परंपरा है, लेकिन विभिन्न रस पदार्थो से शिव का अभिषषेक करने से मनुष्य को धन, भूमि, ऐश्वर्य आदि की प्राप्ति भी होती है।
गन्ने के रस से अभिषषेक करने पर धन की प्राप्तिशहद से अभिषषेक करने पर ऐश्वर्य की प्राप्तिनारंगी के रस से अभिषषेक करने पर नवग्रहों की अनुकूलताअंगूर के रस से अभिषषेक करने पर भूमि की प्राप्तिनारियल पानी से अभिषषेक करने पर आकस्मिक धन लाभ

साधना की सिद्धि के लिए शिवरात्रि का है विशेष महत्व –  वर्ष में शरद पूर्णिमा, दीपावली, होली तथा महाशिवरात्रि की रात साधना की सिद्धि के लिए विशेषष मानी गई है। शिवतंत्र में वैदिक उपासकों का अपना महत्व है। महाशिवरात्रि में वैदिक तंत्र की साधना विशेषष फल प्रदान करने वाली मानी गई है। यदि अपर रात्रि से ब्रह्म मुहूर्त के मध्य ध्यान साधना से स्तवन किया जाए तो साक्षात शिव की प्राप्ति होती है।

लेखक: OM TIMES News Paper India

(Regd. & App. by- Govt. of India ) प्रधान सम्पादक रामदेव द्विवेदी 📲 9453706435 🇮🇳 ऊँ टाइम्स , सम्पादक अविनाश द्विवेदी

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