भारतीय एसएसबी व नेपाल पुलिस का भारत -नेपाल सीमा पर शुरू हुआ संयुक्त गश्त

OM TIMES  e-news paper India
Publish Date – 24/11/2019. https://omtimes.in 2019.7गोरखपुर ( अविनाश द्विवेदी, विशेष संवाददाता ऊँ टाइम्स)  भारत-नेपाल सीमा पर एसएसबी की 66वीं बटालियन व नेपाल रुपंदेही जिले की सशस्त्र बल ने संयुक्त गश्त किया। इस दौरान सयुंक्त गश्ती दल ने 522 से लेकर 522/6 तक पैदल गश्त किया गया । विगत दिवस शाम चार बजे से निकली संयुक्त गश्ती दल ने नोमेंसलैंड पर मौजूद पिलरों का निरीक्षण भी किया। सरहद के पगडंडियों से आवागमन कर रहे लोगों के सामनों का जांच भी किया गया। एसएसबी खुनुआ के एसआई  अभिजीत आर्यन ने कहा कि सीमा पर तस्करी के मद्देनजर नेपाल के सशस्त्रदल के साथ गश्त की गई है। इस सयुंक्त टीम में नेपाल की तरफ से हेड कांस्टेबल टीबी कुमार सहित दर्जनों जवान उपस्थित रहे।

यहाँ चोरी की बिजली से रौशन हो रहा है कस्टम कार्यालय-  महराजगंज जिले में भारत-नेपाल सीमा के ठूठीबारी में स्थित सीमा शुल्क चौकी की स्थापना के आठ वर्ष बाद भी कस्टम विभाग ने बिजली कनेक्शन नहीं लिया है। ठूठीबारी स्थित सीमा शुल्क चौकी (कस्टम) कार्यालय में विगत आठ वर्षों से चोरी का बिजली उपयोग किया जा रहा है। चर्चा है कि बिजली विभाग के कर्मियों की मिलीभगत से अब तक इस काम को अंजाम दिया जा रहा है। एसडीओ उपेन्द्र चौरसिया का कहना है कि अभी तक इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। लगभग एक सप्ताह पहले कार्यालय में कनेक्शन के लिए आवेदन मिला है, पूरा मामला जांच के बाद ही सामने आएगा।

भारत नेपाल का है बड़ा भाई : भिक्षु मैत्री-  कुशीनगर में आल नेपाल भिक्षु एसोसिएशन के अध्यक्ष भिक्षु मैत्री ने कहा कि पूर्व से ही भारत और नेपाल के संबंध मैत्री पूर्ण रहे हैं। यह कभी समाप्त होने वाला नहीं हैं। भारत नेपाल का बड़ा भाई है। नेपाली जनता हमेशा से भारत से निकटता चाहती है। दोनों देशों की सांस्कृतिक व सामाजिक व्यवस्था में काफी समानता है। मैत्री औरंगाबाद में आयोजित विश्व बौद्ध सम्मेलन में भाग लेने जाते समय कुशीनगर में रुके थे। उन्होंने ऊँ टाइम्स से बातचीत की। कहा कि भारत के साथ सीमा विवाद कूटनीतिक प्रयासों से आसानी से हल किया जा सकता है। नेपाली जनता का झुकाव चीन की ओर बढ़ा है, लेकिन भारत से हमारे रिश्ते कमजोर नहीं हुए हैं। नेपाल अपने पड़ोसियों से अच्छे संबंध बनाकर रहना चाहता है। नेपाल में बौद्ध धर्म के सभी शाखाओं के मानने वाले अनुयायी हैं। जबकि भारत में महायान और बज्रयान प्रेक्टिस करने वालों की संख्या कम ही है।

लेखक: OM TIMES News Paper India

(Regd. & App. by- Govt. of India ) प्रधान सम्पादक रामदेव द्विवेदी 📲 9453706435 🇮🇳 ऊँ टाइम्स , सम्पादक अविनाश द्विवेदी

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