Delhi Police Protest LIVE update by OmTimes news paper India, edit by RamDeoDwivedi…     15000 पुलिस वाले जुटे है दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर, स्थिति है अनियंत्रित

 
OM TIMES e-news paper India
Publish Date – 5/11/2019 https://omtimes.in 2019.4 नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  विगत दिवस  तीस हजारी और साकेत कोर्ट में पुलिसकर्मियों की पिटाई के विरोध में वकीलों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे पुलिस प्रदर्शनकारियों की संख्या लगातार बढती जा रही है। अब तक करीब 15 हजार पुलिसकर्मी आरटीओ स्थित पुलिस मुख्यालय के बाहर पहुंच चुके हैं। प्रदर्शनकारी लगातार नारेबाजी कर रहे हैं। पूरे आईटीओ पर चारो तरफ की सड़कों पर पुलिस ही पुलिस नजर आ रही है।
धरना दे रहे पुलिसकर्मियों ने पुलिस कमिश्नर अमूल्य पटनायक के खिलाफ भी मोर्चा खोल दिया है। पुलिसकर्मी अब पुलिस आयुक्त इस्तीफा दो जैसी नारेबाजी कर रहे हैं। अमूल्य पटनायक को बड़ी मशक्कत के बाद पुलिस मुख्यालय से बाहर ले जाया गया।
पुलिसकर्मियों ने ऐलान किया है कि कोई भी पुलिसकर्मी दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाद घर नहीं जाएगा। उनका कहना है कि उनके परिवार की महिलाएं और बच्चे भी इंडिया गेट पहुंच रहे हैं। 2019.7

Live updates-   

   पुलिस वालों की कुछ माँगों को मान लिए जाने के बाद मामला हुआ ठंढा.  …                                                                       www.ramdeodwivedi.com                           प्रदर्शनकारियों के समर्थन में उतरी तमिलनाडु और बिहार पुलिस-   प्रदर्शनकारी लगातार नारेबाजी कर रहे हैं। पूरे आईटीओ पर चारों तरफ की सड़कों पर पुलिस ही पुलिस नजर आ रही है।
प्रदर्शन कर रहे पुलिसकर्मियों के समर्थन में तमिलनाडु और बिहार पुलिस एसोसिएशन भी आ गया है। इसके अलावा रिटायर्ड पुलिस वेलफेयर एसोसिशन हरियाणा से भी लोग समर्थन करने दिल्ली पहुंचे हैं। दिल्ली सरकार कर्मचारी वेलफेयर एोसिएशन भी समर्थन में है। पुलिसकर्मियों की पिटाई की निंदा करते हुए बिहार और तमिलनाडु पुलिस एसोसिएशन ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग किया है।

 पुलिसकर्मियों को समझाने के लिए धरना स्थल पर स्पेशल पुलिस कमिश्नर राजेश खुराना पहुंचे हैं। जानकारी के मुताबिक यहां चर्चा है की कुछ राज्यों की पुलिस ने भी समर्थन दिया है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।रिटायर्ड ऑफिसर वेलफेयर एसोसिएशन भी पुलिसकर्मियों के समर्थन में उतर गया है। पुलिस मुख्यालय पहुंचकर लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। तीस हजारी कोर्ट में पुलिस और वकीलों के बीच हिंसक झड़प मामले में गृह मंत्रालय ने दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर याचिका दायर कर स्पष्टीकरण मांगा है, जिसमें वकील के खिलाफ एफआइआर दर्ज है लेकिन कोई कड़ा कदम नहीं उठाने का निर्देश दिया गया था। इंडिया गेट की तरफ जा रहे हैं पुलिसकर्मियों के परिजननरेला में पुलिसकर्मियों ने रोड जाम किया। आईटीओ पर खड़े सभी पुलिसवालों को अफसरों के मैसेज आ रहे हैं कि ड्यूटी ज्वाइन करें, लेकिन सभी पुलिसकर्मी अधिकारियों की बात मानने को तैयार नहीं हैं।कई पुलिसकर्मियों ने तो मोबाइल ही बंद कर रखा है।धरने में करीब 10 हजार पुलिसकर्मी यहां पहुंच चुके हैं।शाम 6 बजे कैंडल मार्च निकालने वाले हैं पुलिसकर्मी।पुलिस ने सीपी को चुनने के लिए चुनाव कराने की मांग की।पुलिसकर्मियों की संख्या जैसे-जैसे बढ़ती जा रही है उनमें रोष भी बढ़ता जा रहा है।साकेत मामले में दो एफआईआर दर्ज कर ली गई।अभी-अभी एक और पुलिस अधिकारी के साथ मारपीट की सूचना। पुलिसकर्मी उठा रहे हैं एसोसिएशन बनाने की मांग। नारी हूं बेचारी नही जैसे नारे लगाती महिला पुलिसकर्मी।रिटायर्ड एसीपी ने कहा- discipline  के वास्ते हमेशा पुलिसकर्मियों को दबाया गया।किरण बेदी का पोस्टर आते ही लगे शेरनी जिंदाबाद जैसे नारेपुलिसकर्मियों का धरना फिलहाल खत्म होने की उम्मीद नहीं है, क्योंकि प्रदर्शन में रिफ्रेशमेंट बंट रही है।पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक ने कहा संयम रखें, लेकिन पुलिसकर्मी सुनने को तैयार नहीं ।सीपी अमूल्य पटनायक वापस गए, लेकिन प्रदर्शन जारी है।धरना दे रहे पुलिसकर्मियों को शांति बनाए रखने की अपील करते हुए अमूल्य पटनायक ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से पुलिस के लिए परीक्षा की घड़ी चल रही है।  हम सभी चुनौती से पार पाते हैं: पटनायकहमसे काफी उम्मीदें है, हम कानून के रखवाले हैं: पटनायक सीपी के सामने हुई जबरदस्त हूटिंग।सीपी ने कहा, इंतजार करें, न्यायिक जांच हो रही है, सभी अपनी अपनी ड्यूटी पर वापस जाएं, अपने साथियों के साथ ड्यूटी करें, वापस जाएं – पटनायक सीपी पटनायक के संबोधन के दौरान होती रही नारेबाजीसीपी कैसा हो, किरण बेदी जैसा हो… इस तरह के नारे सीपी पटनायक के सामने लगे। बार काउंसिल ऑफ इंडिया दिल्ली की बार एसोसिएशनों की समन्वय समिति के अध्यक्ष / सचिव को पत्र लिखकर हड़ताल वापस लेने की अपील किया है। वकीलों के खिलाफ पुलिसकर्मियों के प्रदर्शन पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार और पीएम मोदी पर निशाना साधा है। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा कि 72 साल में पहली बार हुआ है जब पुलिस प्रदर्शन कर रही है।

धरने की वजह से ट्रैफिक पुलिस ने आरटीओ से लक्ष्मीनगर जाने वाले रास्ते को डायवर्ट कर दिया है। पुलिस ने वाहन चालकों दिल्ली गेट और राज घाट की सड़कों से होकर जाने की सलाह दी है।

दिल्ली पुलिस ने दो नवंबर को तीस हजारी कोर्ट में हुई हिंसक झड़प के मामले में अपनी रिपोर्ट गृह मंत्रालय को सौंप दिया है।

दिल्ली बार काउंसिल ने मांग किया है कि वकीलों के साथ मारपीट करने वाले पुलिसकर्मियों की पहचान की जाए।

आज सुबह से ही प्रदर्शन कर रहे हैं पुलिसकर्मी –   दिल्ली के साकेत कोर्ट में पुलिसकर्मी की पिटाई के मामले में मंगलवार को दो एफआइआर दर्ज की गई है। एक एफआइआर पीड़ित पुलिस अधिकारी की शिकायत पर दर्ज हुई जबकि दूसरी एक ऑटो चालक की शिकायत पर हुई है।
तीस हजारी कोर्ट में हिसंक झड़प के बाद सोमवार को साकेत कोर्ट के बाहर एक बाइक सवार पुलिस कर्मी को वकील द्वारा पिटाई के विरोध में प्रदर्शन कर रहे पुलिसकर्मी आईटीओ स्थित पुलिस मुख्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए हैं। प्रदर्शनकारी पुलिसकर्मी ‘we want justice’ के स्लोगन के साथ नारेबाजी कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्हें न्याय चाहिए।

पुलिस के इतिहास में पहली बार हुआ है ऐसा –  पुलिस के इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है जब दिल्ली पुलिस अपने मुख्यालय के बाहर धरना दे रही है। सुबह 9 बजे से हजारों को संख्या में दिल्ली पुलिस के जवान जोर जोर से शोर मचाते हुए प्रदर्शन कर रहे है। प्रदर्शन के कारण आईटीओ पर भारी जाम लग गया है। मुख्यालय का गेट बंद कर दिया गया है। ना तो कोई ऑफिसर बाहर निकल पा रहे है और ना ही कोई बाहर से अंदर जा पा रहा है।

आज सुबह 9 बजे ही सेवानिवृत पुलिसकर्मियों के अलावा वर्तमान में दिल्ली पुलिस में तैनात पुलिस कर्मी और परिजन पुलिस मुख्यालय पहुंच गए थे। इनका कहना है कि हम भी इंसान हैं। हम पर हमला क्यों किया जा रहा है। पुलिसकर्मियों की मांग है कि उनका मुखिया सुपर कॉप किरण बेदी और दीपक मिश्रा जैसा होना चाहिए।
वहीं तीसरी बटालियन के पुलिस कर्मियों का प्रदर्शन विकासपुरी में भी चल रहा है। दिल्ली पुलिस की थर्ड बटालियन जो जेल से कैदियों को कोर्ट लाने ले जाने का काम करती है और कोर्ट में जो लॉकअप होते हैं उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी उन्हीं की होती है। आज पूरी बटालियन के लोगों ने हाथों में काली पट्टी बांध ली है वे वकीलों की हिंसा का विरोध कर रहे हैं।

पुलिसकर्मियों कर रहे हैं यह मांग-  सभी स्तर के जजों की पुलिस सुरक्षा वापस हो।हिंसा में शामिल सभी वकीलों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा चले।हिंसा प्रभावित सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया जाए।अदालतों से एवं वकीलों से असहयोग।अदालतों से पूर्ण रूप से पुलिस सुरक्षा हटाई जाए।ट्रैफिक पुलिस वकीलों के साथ कोई नरमी ना बरते।वकीलों और उनके स्टाफ की दिल्ली के तमाम थानों एवं पुलिस कार्यालयों में एंट्री बंद हो।पुलिस अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के लिए भी पुलिस प्रोटेक्शन एक्ट बने।दिल्ली पुलिस अधिकारी एंव कर्मचारी संगठन फिर से बहाल हो।दिल्ली की सरकार से कोई पुलिसकर्मी सहयोग ना ले।

ये है पूरा मामला – बता दें कि दो नवंबर को तीस हजारी कोर्ट परिसर में लॉकअप के बाहर कार खड़ी करने को लेकर वकीलों और पुलिस के बीच हुई कहासुनी कुछ ही देर में हिंसक झड़प में तब्दील हो गई थी। इस झड़प में कुछ वकील समेत कई पुलिसकर्मियों को चोटें आयी थी। इसके बाद पुलिस का आरोप है कि सोमवार को भी साकेत कोर्ट में वकीलों ने पुलिसकर्मी को पीट दिया। इस मामले में पुलिसकर्मी व एक ऑटो चालक की पिटाई का वीडियो भी वायरल हो रहा है। तीस हजारी कोर्ट में हिंसक झड़प के मामले में हाई कोर्ट के आदेश पर दो पुलिस अधिकारियों का ट्रांसफर कर दिया गया है। जबकि एक पुलिसकर्मी को निलंबित किया गया है।

लेखक: OM TIMES News Paper India

(Regd. & App. by- Govt. of India ) प्रधान सम्पादक रामदेव द्विवेदी 📲 9453706435 🇮🇳 ऊँ टाइम्स , सम्पादक अविनाश द्विवेदी

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