अफगानिस्तान की जेल पर हुआ कार बम से हमला, 29 की हुई मौत, कई हुए घायल

नई दिल्ली / काबुल (ऊँ टाइम्स) प्राप्त समाचार के अनुसार  पूर्वी अफगानिस्तान में एक जेल पर आत्मघाती कार बम विस्फोट और बंदूकधारियों द्वारा हमला किया गया है। अफगान अधिकारियों ने कहा है कि इस हमले में 29 लोगों की मौत हो गई और 50 अन्य घायल हो गए हैं। इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन आइएस ने ली है। प्रांतीय गवर्नर अताउल्लाह खोगयानी ने कहा कि जलालाबाद में अफगान सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच जमकर मुठभेड़ हुई है । नगरहार की राजधानी में रविवार शाम तक दोनों तरफ से गोलाबारी जारी रही। 
नंगरहार के गवर्नर के प्रवक्ता अताउल्लाह खोगयानी ने बताया कि इस हमले में 29 लोग मारे गए हैं और 50 अन्य घायल हो गए हैं पूर्वी अफगानिस्तान में तलिबान और आइएस के आतंकी सक्रिय हैं।
आतंकवाद के खिलाफ जंग में अफगान सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली है। अफगान जवानों ने एक सैन्य कार्रवाई में आतंकी संगठन आइएस (इस्लामिक स्टेट) की खुरासन शाखा के खुफिया प्रमुख असदुल्ला ओरकजई को मार गिराया है। पाकिस्तानी मूल के इस आतंकी को काबुल में गुरुद्वारे पर हुए हमले का मास्टरमाइंड बताया जाता है।
अफगानिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा निदेशालय (एनडीएस) ने बताया कि जलालाबाद शहर के पास एक सैन्य कार्रवाई में उसे ढेर कर दिया गया। असदुल्ला की अगुआई में आइएस ने अफगानिस्तान में कई बड़े आतंकी हमले किए थे। इसी साल 25 मार्च को काबुल में गुरुद्वारे पर हमला भी उसी के इशारे पर हुआ था। इस हमले में 25 सिख श्रद्धालुओं की जान चली गई थी।
असदुल्ला पाकिस्तानी नागरिक था। वह खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के ओरकजई क्षेत्र का रहने वाला था। उसका असली नाम जियाउर रहमान था। असदुल्ला के इशारे पर दहशतगर्दो ने सुरक्षाबलों के अलावा आम लोगों पर भी हमले किए थे। इसी साल अप्रैल में आइएस खुरासन का प्रमुख असलम फारूकी पकड़ा गया था। मई में संगठन के एक शीर्ष कमांडर जिया-उल-हक को भी गिरफ्तार किया गया था।

भारत के पीएम नरेंद्र मोदी अयोध्या में लगाएंगे पारिजात का पौधा

अयोध्या (ऊँ टाइम्स) अयोध्या को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पांच अगस्त का आगमन बेहद ही ऐतिहासिक बना देगा। मोदी पांच अगस्त को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का भूमि पूजन करने के साथ ही अयोध्या में लगभग तीन घंटा तक रहेंगे । इस दौरान वह श्रीराम जन्मभूमि प्रांगण में पारिजात का पौधा लगाएंगे, जबकि बाबरी मस्जिद के पक्षकार रहे इकबाल अंसारी पीएम मोदी को रामनामी के साथ ही रामचरितमानस की एक प्रति भी भेंट करेंगे। यहां पर भूमि पूजन के लिए इकबाल अंसारी को भी निमंत्रण मिला है।  
नरेंद्र मोदी पांच अगस्त को अयोध्या में श्रीराम मंदिर का भूमिपूजन करेंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी श्रीराम जन्मभूमि परिसर में पारिजात के पौधे का रोपण करेंगे। यहां पर प्रभागीय वनाधिकारी मनोज कुमार खरे ने बताया कि परिसर में पौधारोपण स्थल का चयन कर लिया गया है। पारिजात का पौधा विराजमान रामलला से चंद कदमों की दूरी पर ही प्रधानमंत्री के हाथों रोपित किया जाएगा। पारिजात का वृक्ष प्रदेश के बाराबंकी जिले के किंतूर गांव में स्थित है, जो महाभारतकालीन बताया जाता है।
अति प्राचीन इस वृक्ष को भारत सरकार ने संरक्षित कर रखा है। मान्यता है कि किंतूर गांव का नाम पांडवों की माता कुंती के नाम पर पड़ा है। अज्ञातवास के दौरान पांडवों ने माता कुंती के साथ इसी वन में निवास किया था। उसी अवधि में ग्राम किंतूर में कुंतेश्वर महादेव की स्थापना की गई थी। भगवान शिव की पूजा करने के लिए माता कुंती ने स्वर्ग से पारिजात पुष्प लाने की इच्छा जाहिर की थी। माता की इच्छा पर गांडीवधारी अर्जुन ने स्वर्ग से इस वृक्ष को लाकर यहां स्थापित किया था। तभी से इस वृक्ष की पूजा अर्चना की जाती रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच अगस्त की सुबह दिल्ली एयरपोर्ट से 9.35 बजे विशेष वायुयान से चलकर 10.35 बजे लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट पहुंचेंगे। यहां से पांच मिनट बाद 10.40 बजे हेलीकाप्टर से अयोध्या रवाना होंगे। अयोध्या के साकेत महाविद्यालय में बने हेलीपैड पर 11.30 बजे उतरेंगे। यहां से पांच मिनट बाद सड़क मार्ग से चलकर 11.40 बजे हनुमानगढ़ी पहुंचेंगे। वहां दस मिनट पूजा एवं दर्शन करेंगे। इसके बाद 11.55 बजे हनुमानगढ़ी से चल कर पांच मिनट बाद ठीक 12 बजे रामजन्मभूमि परिसर पहुंचेंगे। पहले दस मिनट में विराजमान रामलला का दर्शन-पूजन करेंगे। इसके बाद 12.15 बजे परिसर में पारिजात का पौधा लगाएंगे। इसके बाद 12.30 बजे बहुप्रतीक्षित भूमिपूजन कार्यक्रम शुरू होगा, जो ठीक दस मिनट तक चलेगा। इसके बाद श्रीरामजन्मभूमि मंदिर के शिलान्यास कार्यक्रम के सार्वजनिक समारोह में शामिल होंगे, जो करीब सवा घंटे चलेगा होगा। यहां से 2.05 बजे साकेत महाविद्यालय हेलीपैड के लिए रवाना होंगे। वहां सवा दो बजे पहुंचेंगे और ठीक पांच मिनट बाद 2.20 बजे हेलीकॉप्टर से लखनऊ के लिए रवाना हो जाएंगे।
बीती नौ नवंबर को राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के साथ विवाद पीछे छोड़कर तरक्की की राह पर बढऩे का आह्वान कर चुके बाबरी मस्जिद के पक्षकार रहे मो. इकबाल मंदिर निर्माण की बेला में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत की तैयारी में हैं। स्वागत के लिए वह आज ही रामचरितमानस और रामनामी खरीद कर लाए। उन्होंने कहा कि मैं भी प्रधानमंत्री के स्वागत को उत्सुक हूं और इसके लिए रामनामी और मानस जैसी अयोध्या की अनमोल धरोहर लेकर आया हूं। इकबाल ने कहा कि रामनामी हो या मानस, यह जितना हिंदुओं के लिए आदरयोग्य है, उतनी ही मुस्लिमों के भी लिए। इकबाल आज भूमि पूजन समारोह का औपचारिक निमंत्रण मिलने के बाद से काफी प्रसन्न भी हैं। 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अयोध्या के रामभक्तों ने तीर-कमान थमा दिया है। पांच अगस्त को मंदिर निर्माण के लिए होने वाले भूमि पूजन कार्यक्रम को लेकर उत्साहित रामभक्तों ने कई स्थानों पर लगाए गए कट आउट में पीएम के हाथों में धनुष-वाण वाली तस्वीर लगाई है।
इसके पीछे लोगों का तर्क है कि जिस तरह प्रभु राम ने अपने शासनकाल में अन्याय व पापाचार को समाप्त करने के लिए धनुष-बाण उठाया था, उसी तरह मोदी भी देश के भ्रष्टाचारियों को समाप्त करने में जुटे हैं।
अयोध्या में भूमि पूजन कार्यक्रम में सजावट के लिए देश-विदेश की विभिन्न प्रजातियों के फूल कोलकाता से मंगाए जा रहे हैं। चार अगस्त से फूलों की सजावट शुरू हो जाएगी। लगभग साढ़े तीन किलोमीटर लंबी सजावट होनी है। इसके अलावा गमलों को रंग-रोगन कर तैयार किया जा रहा है। साकेत महाविद्यालय से राममंदिर भूमिपूजन स्थल व हनुमानगढ़ी तक फूलों से सजावट की जिम्मेदारी उद्यान विभाग को सौंपी गई है। साकेत महाविद्यालय में बने हेलीपैड पर प्रधानमंत्री उतरेंगे। यहां से पूरे रास्ते को फूलों से सजाया जाएगा।

मुंबई महानगरपालिका ने पटना के सिटी SP बिनय तिवारी को मुंबई में जबरन किया होम क्वारंटाइन

मुंबई / नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  सुशांत सिंह राजपूत आत्महत्या मामले की जांच करने मुंबई पहुंचे पटना के सिटी एसपी विनय तिवारी को BMC द्वारा 14 दिनों के लिए होम क्वारंटाइन कर दिया गया है। मुंबई एयरपोर्ट से बाहर आने के बाद सिटी एसपी ने मामले की जांच कर रहे चारों पुलिस पदाधिकारियों के साथ बैठक किया। छह दिनों में टीम द्वारा की गई जांच और जमा किए गए सबूत की जानकारी ली। टीम के साथ एक संदिग्ध से पूछताछ कर रहे थे। इसी दौरान रात में 11:00 बजे के आसपास मुंबई महानगरपालिका की टीम ने कोरोना वायरस संक्रमण का हवाला देकर सिटी एसपी को क्वारंटाइन का हवाला देकर उनके हाथ पर मुहर लगा दी। एसएसपी उपेंद्र कुमार शर्मा ने इस बात की पुष्टि की है। साथ ही बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने भी सिटी एसपी के हाथ में लगी मुंहर का फोटो ट्वीट किया है।
एसपी उपेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि सभी पहलुओं की जानकारी ली जा रही है। टीम के साथ सिटी एसपी गेस्ट हाउस में हैं। उन्हें आइपीएस मेस भी नहीं उपलब्ध कराया गया है। सूत्रों के अनुसार सिटी एसपी के मुंबई पहुंचने की सूचना स्थानीय प्रशासन को पहले ही मिल गई थी। उन्हें एयरपोर्ट से ही क्वारंटाइन करने की योजना थी। लेकिन, काफी संख्या में मीडिया की मौजूदगी को देखते हुए अंतिम समय में फैसला में बदलाव किया गया। 2015 बैच के आइपीएस विनय रविवार की सुबह पहली फ्लाइट से मुंबई रवाना हुए थे। मुंबई पहुंचते ही वहां के सीनियर अफसर से मुलाकात की और फिर पटना के चार सदस्यीय टीम से अबतक हुई पड़ताल की बाबत जानकारियां हासिल कीं।
पटना पुलिस की टीम को मुंबई में कई ऐसे सबूत मिले हैं, जिससे जांच का दायरा बढ़ते जा रहा है। हालांकि मुंबई पुलिस के असहयोग के कारण जांच में मुश्किलें भी आ रही हैं। मुंबई पुलिस ने अब तक सीसीटीवी फुटेज, जब्त सामान, मोबाइल और लैपटॉप का डाटा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक रिपोर्ट, फिंगर प्रिंट, केस डायरी की कॉपी, पूछताछ का ब्योरा कुछ भी पटना पुलिस को नहीं दिया है। ऐसे में एक ही व्यक्ति द्वारा पटना और मुंबई पुलिस को दिया बयान मेल खा रहा है, या नहीं, यह कहना मुश्किल है। इन सब दिक्कतों को देखते हुए ही जांच टीम का नेतृत्व करने के लिए आइपीएस अधिकारी को भेजने का फैसला बिहार पुलिस ने लिया। सिटी एसपी (मध्य) विनय तिवारी के क्षेत्र में ही राजीव नगर थाना आता है, जहां मामला दर्ज हुआ है। सिटी एसपी और उससे पहले गोपालगंज में सदर एसडीपीओ रहते कई चर्चित मामलों के उद्भेदन में उनकी भूमिका रही है। वह हाल ही में हैदराबाद की नेशनल पुलिस एकेडमी में ट्रेनिंग के लिए भी गए थे।
फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की सुसाइड के मामले में पटना में पिता केके सिंह द्वारा दर्ज एफआइआर को लेकर जांच के लिए पटना पुलिस की टीम मुंबई गई है। इसके लिए पटना पुलिस के तेजतर्रार अफसरों का सलेक्शन हुआ, फिर वहां जाकर क्या करना है, किन-किन से पूछताछ करनी है, टीम कैसे काम करेगी, किसे बयान दर्ज करना है और किसे सबूत जुटाना है, इसकी फूलप्रूफ तैयारी की गई। इसके बाद उन्हें यहां से कई अन्य दिशानिर्देश देकर रवाना किया गया। मीडिया के सामने क्या बोलना यह भी समझा कर भेजा गया है। इसके बाद आइजी और एसएसपी लगातार टीम के संपर्क में हैं। हर मूवमेंट की जानकारी लेते हैं और कहां चूक हो रही है इससे भी आगाह कर रहे हैं। कुल मिलकर कहें तो पटना पुलिस की टीम मुंबई में भले ही है, लेकिन उनका कंट्रोल रूम पटना में ही है।

पटना पुलिस ने किया करीब 70 फीसद जांच पूरी- पटना पुलिस को मुंबई में करीब छह दिन हो गए हैं। सुशांत के पिता ने जो एफआइआर दर्ज कराई है, उससे जुड़ी करीब 70 फीसद जाँच पुलिस ने पूरी कर ली है। पहले चार सदस्यों की टीम दो भागों में बंटकर काम करती थी। अब चारों पुलिस पदाधिकारी अलग दिशा में निकल रहे हैं। इस वजह से सबूत से लेकर बयान तक पटना पुलिस ने जल्दी ही दर्ज कर लिए। इनमें से किसी बिंदु पर मुंबई पुलिस जांच नहीं कर पाई थी।
पटना में पुलिस सूत्रों की मानें तो पटना पुलिस ने जब से मुंबई में जांच शुरू की है, मुंबई पुलिस जो जांच कर रही थी उसमें आगे का स्टेटमेंट लेना ही भूल गई है। पटना पुलिस किस बिंदु पर जांच कर रही है, कहां जा रही है, किससे मिल रही है, इसपर नजर रख रही है। कई जगह तो मुंबई पुलिस सादे लिबास में भी पटना पुलिस के इर्दगिर्द घूम रही है।

यह है पूरा मामला, जानिए- विदित हो कि बीते 14 जून को सुशांत सिंह राजपूत मुंबई के अपने फ्लैट में मृत मिले थे। सुसाइड माने गए इस मामले में मुंबई पुलिस की जांच से असंतुष्‍ट सुशांत के पिता केके सिंह ने पटना में एफआइआर दर्ज करा दी है। इस एफआइआर में उन्‍होंने बेटे की गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती पर धन उगाही, ब्‍लैकमेल, प्रताड़ना व सुसाइड के लिए उकसाने सहित अनेक गंभीर आरोप लगाए हैं। पटना पुलिस की टीम इसी की जांच के लिए मुुंबई में है।

भारत के गृह मंत्री अमित शाह हुए कोरोना पॉजिटिव, शाह ने किया ट्वीट

नई दिल्‍ली (ऊँ टाइम्स) भारत के  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की कोरोना वायरस से संक्रमित की रिपोर्ट आई है ! इसकी जानकारी शाह ने खुद ट्वीट करके दी। शाह ने ट्वीट कर कहा, ‘कोरोना संक्रमण के शुरुआती लक्षण दिखने पर मैंने जांच कराई। मेरी जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। मेरी तबीयत ठीक है लेकिन डॉक्टर्स की सलाह पर अस्पताल में भर्ती हो रहा हूं। मेरी गुजारिश है कि आप में से जो भी लोग बीते कुछ दिनों में मेरे संपर्क में आए हैं कृपया स्वयं को आइसोलेट करे और अपनी जांच कराएं।’
आप को बता दें कि शाह लगातार कोविड-19 आउटब्रेक पर लगाम लगाने के कार्यों की मॉनिटरिंग में लगे थे। बीते दिनों जब राष्‍ट्रीय राजधानी दिल्‍ली में कोरोना संक्रमण की स्थिति गंभीर हो गई थी। शाह ने खुद इसकी मॉनीटरिंग की थी। वह दिल्‍ली सरकार, केंद्रीय गृह एवं स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बैठक करके कोरोना से निपटने के इंतजामों की ताजा स्थिति पर अपडेट ले रहे थे। यही नहीं अनलॉक की प्रक्रिया पर गाइडलाइंस तैयार कराने में भी शाह की बेहद महत्‍वपूर्ण भूमिका रही। 
भाजपा अध्‍यक्ष जेपी नड्डा ने भी अमित शाह के जल्‍द स्‍वस्‍थ होने की कामना की है। उन्‍होंने ट्वीट कर कहा है कि माननीय गृहमंत्री जी के कोरोना से संक्रमित होने का समाचार मिला। मैं ईश्वर से उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करता हूं। वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी शाह के जल्‍द ठीक होने की प्रार्थना की है। रक्षा मंत्री ने कहा, ‘अमितजी, हर चुनौती के सामने आपकी दृढ़ता और इच्छाशक्ति एक मिसाल रही है। कोरोना वायरस की इस बड़ी चुनौती पर भी आप निश्चित रूप से विजय प्राप्त करेंगे, ऐसा मेरा विश्वास है।’
हाल ही में मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी कोरोना से संक्रमित पाए गए थे जिनका अस्‍पताल में इलाज चल रहा है। वहीं योगी आदित्यनाथ सरकार में प्राविधिक शिक्षा मंत्री कमलरानी वरुण का आज रविवार को निधन हो गया। वह वैश्विक महामारी कोरोना के संक्रमण के चलते लखनऊ के संजय गांधी पीजीआइ में भर्ती थीं। इस सूचना के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने आज का अपना अयोध्या और बाराबंकी का दौरा स्थगित कर दिया और मंत्री के निधन पर शोक संवेदना जताई। 
इस बीच 22 दिन तक मुंबई के नानावटी अस्‍पताल में कोरोना संक्रमण का इलाज करा रहे अमिताभ बच्चन की रिपोर्ट निगेटिव आई है। उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। बीते दिनों अमिताभ बच्‍चन, उनके बेटे अभिषेक बच्‍चन, पुत्रवधू एश्‍वर्या राय बच्‍चन और पोती आराध्‍या कोरोना से संक्रमित पाए गए थे। एश्‍वर्या और आराध्‍या को पहले ही अस्‍पताल से छुट्टी दी जा चुकी है। अमिताभ बच्‍चन ने ट्वीट कर कहा कि मेरा कोरोना का टेस्ट पॉजिटिव आया था। अब मुझे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। मैं सेल्फ-आइसोलेशन में घर पर हूं।  आप को बता दें कि बीते 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के 54,735 नए मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही देश में संक्रमण के मामले बढ़कर 17,50,723 हो गए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के मुताबिक, बीते 24 घंटे में 853 लोगों की संक्रमण से मौत हुई है। संक्रमण के कुल 17,50,723 मामलों में से 5,67,730 सक्रिय केस हैं। देश में 11,45,629 लोगों ने बीमारी को शिकस्‍त दी है। अभी तक 37,364 लोग संक्रमण से अपनी जान गंवा चुके हैं। 

यूपी सरकार की मंत्री कमल रानी वरुण का कोरोना से हुआ निधन, CM योगी आदित्यनाथ का अयोध्या दौरा स्थगित

लखनऊ (ऊँ टाइम्स)  योगी आदित्यनाथ सरकार में प्राविधिक शिक्षा मंत्री कमल रानी वरुण का आज निधन हो गया। वह कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण लखनऊ के संजय गांधी पीजीआई में भर्ती थीं।
निधन की पुष्टि एसजीपीजीआई के सीएमएस डॉक्टर अमित अग्रवाल ने किया है। मंत्री कमल रानी वरुण के निधन की सूचना के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने आज का अपना अयोध्या दौरा स्थगति कर दिया है।  
वैश्विक महामारी कोरोना वायरस का प्रकोप उत्तर प्रदेश में लगातार बना हुआ है। आज कोरोना वायरस से प्राविधिक शिक्षा मंत्री कमलरानी का लखनऊ पीजीआइ में निधन हो गया। इसकी पुष्टि सीएमएस डॉक्टर अमित अग्रवाल ने पुष्टि की है। सीएमएस डॉ अमित अग्रवाल ने बताया कि उन्हें सीवियर कोविड-19 निमोनिया हो गया था। इस वजह से वह एक्यूट रेस्पिरेट्री डिस्ट्रेस सिंड्रोम में चली गई थी। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। कोरोना के लिए निर्धारित रेमडेसिविर समेत अन्य  निर्धारित दवाएं उन्हें लगातार दी जा रही थी, लेकिन सुधार नहीं हो रहा था।
मंत्री कमलारानी को पहले से ही डायबिटीज, हाइपरटेंशन व थायराइड से जुड़ी समस्या थी। उनका ऑक्सीजन लेवल काफी कम हो गया था। हालांकि शुरुआत के 10 दिनों में उनकी तबीयत स्थिर रही, लेकिन पिछले 3 दिनों से अचानक स्थिति खराब होने लगी। शनिवार की शाम करीब 6:00 बजे तबीयत ज्यादा बिगड़ने के बाद उन्हें बड़े वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया। आज सुबह 9:00 बजे उनका निधन हो गया। बीते 18 जुलाई को शाम 5:24 बजे उन्हें एसजीपीजीआई में भर्ती कराया गया था। तब से वह लगातार ऑक्सीजन और छोटे वेंटीलेटर के सपोर्ट पर थी। बीते दिनों  प्राविधिक शिक्षा मंत्री कमल रानी वरुण की रिपोर्ट पॉजिटिव मिलने के बाद उन्हें संजय गांधी पीजी मेडिकल इंस्टीट्यूट ऑफ साइंसेस में आइसोलेट किया गया था। मंत्री जी की बेटी भी कोरोना पॉजिटिव थी। वह ठीक हो गयी।  
कमल रानी वरुण कानपुर जिले के घाटमपुर लोकसभा क्षेत्र से 1996 व 1998 यानी 11वीं व 12वीं लोकसभा की सदस्य रहीं 62 वर्षीया कमल रानी वरुण ने राजनीति पार्षद के रूप में शुरू की थी। वह 1989 से 1995 तक पार्षद थीं। लखनऊ में तीन मई 1958 को जन्म लेने वाली कमल रानी वरुण का विवाह 25 मई 1975 को किशन लाल वरुण से हुआ था।
मंत्री कमला रानी वरूण का पार्थिव शरीर लखनऊ से सीधे कानपुर जाएगा। वहां पर कोविड प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार किया जाएगा। 
कोरोना वायरस संदिग्ध होने पर 17 जुलाई को उनका सैंपल लिया गया था। 18 जुलाई को उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें लखनऊ के पीजीआइ अस्पताल में भर्ती कराया गया था।  वह कानपुर के घाटमपुर से विधायक हैं। लखनऊ के पीजीआइ अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
अभी तक प्रदेश सरकार के आधा दर्जन मंत्री कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। जिन मंत्रियों को कोरोना हुआ है उनमें स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह, ग्राम विकास मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिंह , होमगार्ड्स मंत्री चेतन चौहान, आयुष राज्यमंत्री( स्वतंत्र प्रभार) धरम सिंह सैनी, खेल एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री( स्वतंत्र प्रभार) उपेंद्र तिवारी और श्रम निर्माण एवं परामर्शदात्री समिति के अध्यक्ष ठाकुर रघुराज सिंह कोरोना पॉजिटिव पाए जा चुके हैं।

ईद उल-अजहा की सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ : प्रधान संपादक ऊँ टाइम्स

सभी देशवासियों को ऊँ टाइम्स के प्रधान सम्पादक रामदेव द्विवेदी ने दिया ईद उल-अजहा की शुभकामनाएं ! रामदेव द्विवेदी ने अपने ट्यूटर @ramdeodwivedi पर लिखा है कि ईद उल -अजहा (बकरीद) की सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ ! यह त्योहार सभी के लिए मंगलमय हो!

मुस्लिम महिला आंदोलन संगठन ने किया मांग, दूसरी शादी और हलाला पर भी लगे रोक

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) देश की मुस्लिम महिलाओं को एक वर्ष पहले लागू हुए तीन तलाक कानून से बहुत बड़ी राहत मिली है। हालांकि इस कानून के दायरे में बहुविवाह, हलाला, कम उम्र में विवाह जैसी प्रथा शामिल नहीं हैं। इन पर रोक लगाने के लिए महिलाएं मुस्लिम कानून की मांग कर रही हैं, जिसका मसौदा शरीयत पर आधारित हो। भारतीय मुस्लिम महिला आंदोलन की प्रमुख सफिया अख्तर ने बताया कि तीन तलाक के खिलाफ उनका संगठन वर्ष-2008 से संघर्ष कर रहा था। इसके लिए अलग-अलग राज्यों में महिलाओं से राय जुटाई गई। वकीलों, बुद्धिजीवियों से मशविरा करने के बाद तीन तलाक के खिलाफ 70 हजार लोगों के हस्ताक्षर का ज्ञापन प्रधानमंत्री को भेजा था। 
तीन तलाक कानून लागू होने के बाद ई-तलाक पर प्रभावी अंकुश लग गया है। इसके पहले फोन, ई-मेल, एसएमएस आदि से दूर देश में बैठा व्यक्ति तीन बार तलाक लिखकर भेज देता था। इससे पीड़ित महिला के पास न्याय के लिए कोई रास्ता ही नहीं बचता था। उन्होंने बताया कि तीन तलाक के खिलाफ इस कानून का सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। 2016, 2017 और 2018 में सूचना के जरिए तीन तलाक का चलन अधिक था। कानून लागू होने के बाद इसमें भारी कमी आई है।
संगठन के मुंबई केंद्र को 2016 में 31 मामले मिले थे। 2019 में एक भी मामला सामने नहीं आया। 2020 में अब तक केवल एक मामला सामने आया है। एक से अधिक शादी पर भी लगे रोक सफिया अख्तर बताती हैं कि मुस्लिम समाज में बहु विवाह, हलाला, कम उम्र में शादी जैसी प्रथा अभी भी लागू हैं। उनका संगठन इनके खिलाफ संघर्ष कर रहा है।
 संगठन की मांग है कि इसके लिए समाज के लिए मुस्लिम कानून लागू किया जाना चाहिए, जो शरीयत के मुताबिक बने। उन्होंने कहा कि शरीयत में बहु विवाह के लिए सर्शत अनुमति है, जिसका पालन नहीं किया जाता है। 1937 में शरिया एप्लीकेशन एक्ट बना था। उस वक्त पुरुषों ने मनमाफिक प्रावधान शामिल कर लिए थे। इसके बाद उसमें संशोधन वर्ष 1986 में शाहबानो प्रकरण के दौरान किया गया था। संगठन की मांग है कि नए कानून में हलाला के लिए मजबूर करने वाले व्यक्ति के खिलाफ सजा का प्रावधान होना चाहिए। इसके अतिरिक्त पीडि़ता की आजीविका के लिए भी नए कानून में प्रावधान होना चाहिए।
शरीयत में इन सभी बातों का प्रावधान पूर्व से मौजूद है। कजियात में भी बदले नियम तीन तलाक कानून लागू होने के पहले महिला या पुरुष (दारुल कजा) कजियात में जाकर सिर्फ तीन तलाक बोलने या सुनने का ही जिक्र करते थे। इससे तलाक हो जाता था, लेकिन कानून लागू होने के बाद कजियात ने भी नई गाइडलाइन लागू की है। इसके तहत पति-पत्नी को कजियात में एकसाथ उपस्थित होना पड़ता है। पहले काउंसलिंग के माध्यम से उनके बीच समझौते की कोशिश की जाती है। इसके बाद तीन माह तक का समय दिया जाता है। इस दौरान दोनों पक्षों की सहमति होने पर ही तलाक की अनुमति दी जाती है। इस दौरान दोनों में से कोई भी पक्ष कोर्ट जाने के लिए भी स्वतंत्र रहता है।

प्रधानमंत्री मोदी सहित कई नेताओं ने देशवासियों को दिया ईद उल-अजहा की शुभकामनाएं

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) मुस्लिमों के प्रमुख त्योहारों में से एक बकरीद इस साल आज यानी एक अगस्त को मनाई जा रही है। जानकारी के लिए आप को बता दें कि बकरीद को मीठी ईद यानी ईद उल फीतर कहा जाता है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ट्वीट के जरिए ईद उल-अजहा शुभकामनाएं देते हुए लिखा है कि ईद मुबारक। ईद-उल-जुहा का त्‍योहार आपसी भाईचारे और त्‍याग की भावना का प्रतीक है तथा लोगों को सभी के हितों के लिए काम करने की प्रेरणा देता है। आइए, इस मुबारक मौके पर हम अपनी खुशियों को जरूरतमंद लोगों से साझा करें और कोविड-19 की रोकथाम के लिए सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
पीएम नरेंद्र मोदी ने भी शुभकामनाएं दिया , उन्होंने कहा कि ईद मुबारक! ईद अल-अधा पर बधाई। यह दिन हमें एक न्यायपूर्ण, सामंजस्यपूर्ण और समावेशी समाज बनाने के लिए प्रेरित करता है। भाईचारे और करुणा की भावना को आगे बढ़ाया जा सकता !
ईद पर केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि ईद-उल-अजहा की सभी देशवासियों को बहुत-बहुत शुभकामनाएं। जिस तरह का कोरोना संकट आज पूरी दुनिया के सामने है उसकी वजह से इबादत तो हो रही है लेकिन हिफाजत के साथ और इस इबादत में जुनून और जज़्बे में कमी नहीं है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी इस मौके पर ट्वीट कर लोगों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि आप सभी को ईद अल-अज़हा मुबारक।.
बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि देश में सभी भाई-बहनों को ईद-अल-अजहा (बक़रीद) की दिली मुबारकबाद व शुभकामनायें। कोरोना के बढ़ते प्रकोप के कारण यह त्योहार भी सादगी से घर पर ही मनायें ताकि आप सभी लोग कोरोना महामारी से सुरक्षित रहें तथा इस मौके पर ग़रीबों व ज़रूरतमन्दों की मदद करना न भूलें। आज बकरीद के इस अवसर पर ऊँ टाइम्स के संपादक रामदेव द्विवेदी ने भी अपने ट्यूट @ramdeodwivedi पर लिखा है कि सभी को बकरीद की हार्दिक शुभकामनाएँ!

पीस पार्टी के राष्ट्रीय अध्‍यक्ष डॉ. अयूब धार्मिक भावना को भड़काने के आरोप में हुए गिरफ्तार

लखनऊ (ऊँ टाइम्स)  पीस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ अयूब की ओर से मीडिया में आपत्तिजनक सामग्री प्रकाशित कराने का मामला सामने आया है। मामले की जानकारी मिलने पर हजरतगंज कोतवाली में तैनात दारोगा केके सिंह ने एफआइआर दर्ज कराई। इसके बाद आरोपित डॉ अयूब को पुलिस ने शुक्रवार रात गोरखपुर स्थित उसके आवास से गिरफ्तार कर लिया।  एसीपी हजरतगंज अभय कुमार मिश्र के मुताबिक आरोपित ने भड़काऊ और समाज को बांटने वाली विवादास्पद सामग्री छपवाई थी। इससे समाज के एक वर्ग में आक्रोश व्याप्त हो गया था और शांति भंग की आशंका प्रबल हो गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्व विधायक डॉक्टर अयूब के खिलाफ हजरतगंज कोतवाली में एफआइआर दर्ज की गई। इसके बाद एक पुलिस टीम गठित कर आरोपित की तलाश में रवाना की गई थी। आरोपित को गिरफ्तार कर छानबीन की जा रही है।
आपत्तिजनक सामग्री प्रकाशित कराने के पीछे डॉ अयूब के अलावा और किन लोगों का हाथ है। इसके बारे में जानकारी की जा रही है। आरोपित के खिलाफ आइटी एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। गौरतलब है कि डॉ अयूब के खिलाफ मडियांव थाने में एक युवती ने यौन शोषण की एफआइआर दर्ज कराई थी। इस मामले में आरोपित को मडियांव पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। 
पीस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व विधायक डॉ. अयूब को लखनऊ पुलिस ने शुक्रवार की रात बड़हलगंज स्थित उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया। लखनऊ के हजरतगंज थाने में शुक्रवार को उनके खिलाफ धार्मिक भावना भड़काने, 7 क्रिमिनल लॉ एमेंडमेंट एक्ट और आइटी एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ था। पूछताछ के बाद देर रात लखनऊ पुलिस उन्हें अपने साथ लेकर चली गई। 
पीस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अयूब ने मौलानाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। शुक्रवार को सोशल मीडिया पर टिप्पणी वायरल होने के बाद लखनऊ पुलिस ने संज्ञान लिया। अधिकारियों के निर्देश पर हजरतगंज थाने के दारुलशफा चौकी प्रभारी कृष्णकांत स‍िंंह ने डॉ. अयूब के खिलाफ केस दर्ज कराया। रात आठ बजे लखनऊ पुलिस गोरखपुर पहुंची और एसएसपी डॉ. सुनील गुप्ता को मामले की जानकारी दी। एसएसपी के निर्देश पर सीओ गोला श्यामदेव, बड़हलगंज कोतवाली प्रभारी राणा डीपी स‍िंंह ने लखनऊ पुलिस के साथ रात करीब नौ बजे डॉ. अयूब को उनके बड़हलगंज स्थित आवास से गिरफ्तार कर लिया है । 

सुशांत सिंह मामले में ईडी ने दर्ज किया रिपोर्ट, जानें किस किस एंगल पर एजेंसी कर सकती है जांच

नई दिल्‍ली (ऊँ टाइम्स)  प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने बॉलिवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत और उनके खिलाफ की गई कथित आर्थिक गड़बड़ि‍यों से संबंधित मामले में धनशोधन को लेकर एक प्राथमिकी दर्ज की है। अधिकारियों ने बताया कि जांच एजेंसी ने यह केस बिहार पुलिस की एफआइआर के आधार पर दर्ज किया है। इससे साफ हो गया है कि ईडी धनशोधन रोकथाम कानून यानी पीएमएलए के तहत संभावित जांच पर गौर कर रही है। 
मालूम हो कि प्रवर्तन निदेशालय ने कल गुरुवार को बिहार पुलिस से अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के सिलसिले में अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी की प्रति मांगी थी। अधिकारियों का कहना है कि ईडी सुशांत सिंह राजपूत की रकम और उनके बैंक खातों के कथित दुरुपयोग के आरोपों की जांच करना चाहती है। केंद्रीय एजेंसी इस एंगल की भी जांच करेगी कि क्या किसी ने सुशांत सिंह राजपूत के पैसों का इस्तेमाल ब्‍लैक मनी को व्‍हाइट में बदलने में किया और अवैध संपत्तियां बनाईं। 
अधिकारियों की मानें तो जांच में यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो प्रवर्तन निदेशालय आरोपियों की संपत्ति भी कुर्क कर सकता है। यही नहीं प्रवर्तन निदेशालय के पास पीएमएलए के तहत आरोपियों को गिरफ्तार करने का भी अधिकार है। ईडी राजपूत के पैसों एवं खातों की कथित हेराफेरी के आरोपों की जांच करेगी। बता दें कि पिता कृष्ण कुमार सिंह ने बेटे सुशांत को कथित रूप से आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपों में अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती और उनके परिजनों एवं छह अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। 
कृष्ण कुमार सिंह का आरोप है कि रिया ने अपना कॅरियर चमकाने के मकसद से मई 2019 में सुशांत सिंह के साथ दोस्ती बढ़ाई थी। बिहार पुलिस ने मामले में आइपीसी की विभिन्‍न धाराओं 341 (गलत सख्‍ती), 342 (अवैध तरीके से रोककर रखना), 380 (घर में चोरी), 406 (विश्‍वासघात), 420 (धोखाधड़ी) और 306 (आत्‍महत्‍या के लिए उकसाने) के तहत केस दर्ज किया है। मामले में मुंबई पुलिस पहले ही जांच कर रही है। वहीं अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती ने दो जगह जांच के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है।
अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के पिता ने भी सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं। उन्‍होंने कैविएट दाखिल करके कोई भी आदेश जारी करने से पहले उनका भी पक्ष सुने जाने की गुहार लगाई है। यही नहीं बिहार सरकार की ओर से कैविएट दायर कर कहा गया है कि रिया की याचिका पर सुनवाई के समय उसका पक्ष भी सुना जाए। राज्य सरकार का कहना है कि आखिर रिया चक्रवर्ती जांच से डर क्यों रही हैं? वहीं मुंबई पुलिस पहले से ही मामले की जांच कर रही है। बता दें कि 34 वर्षीय अभिनेता सुशांत बांद्रा स्थित अपने अपार्टमेंट में 14 जून को फांसी के फंदे से झूलते पाए गए थे। 

नटराज की नौवीं सदी की दुर्लभ मूर्ति भारत वापस आयेगी , 22 साल पहले राजस्थान से हो गयी थी चोरी

नई दिल्ली / लंदन (ऊँ टाइम्स) लगभग  22 साल पहले भगवान शिव की जो दुर्लभ मूर्ति चुराकर लंदन पहुंचा दी गई थी, वह अब वापस भारत आ रही है। आज-कल में नटराज की यह मूर्ति भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण को सौंप दी जाएगी।
नौवीं शताब्दी में चार फीट की इस मूर्ति का निर्माण प्रतिहार शैली में किया गया था। राजस्थान के बाड़ौली स्थित घंटेश्वर मंदिर से फरवरी, 1998 में यह मूर्ति गायब हो गई थी। पांच साल बाद पता चला कि तस्करों ने मूर्ति को ब्रिटेन पहुंचा दिया है। भारतीय एजेंसियां तभी से इसकी तलाश में थी।
लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग ने ब्रिटिश सरकार की मदद से 2005 में इसे एक निजी संग्रहकर्ता से स्वेच्छा से हासिल किया। तभी से यह मूर्ति लंदन में इंडिया हाउस की लॉबी की रौनक बढ़ा रही थी।
भारत सरकार अपने सांस्कृतिक धरोहरों को सहेजने में एक नई ऊर्जा के साथ जुटी गुई है। विदेश मंत्रालय के नेतृत्व में भारतीय एजेंसियां चोरी व तस्करी की गई सांस्कृतिक विरासत को वापस लाने में जुटी हैं।
भारत से चोरी हुई ब्रह्मा व ब्रह्माणी की मूर्ति भी ब्रिटेन से ही 2017 में वापस लाई गई थी। लंदन पुलिस द्वारा बरामद 12वीं सदी की बुद्ध की एक दुर्लभ कांस्य प्रतिमा को पिछले साल भारत को सौंपा गया था। पिछले साल ही अमेरिका ने भी दूसरी शताब्दी में चूना पत्थर से बना एक बेशकीमती स्तंभ और भगवान कृष्ण की एक दुर्लभ कांस्य प्रतिमा भारत को लौटा दी थी।                                                                                           

जस्टिस लिब्राहन ने कहा – मुझे पहले ही दिन से पता था कि अयोध्या में राममंदिर बनकर रहेगा

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) भगवान श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या में 6 दिसंबर 1992 को विवादित ढांचा गिराए जाने की जांच करने वाले एक सदस्यीय लिब्राहन आयोग के चेयरमैन जस्टिस मनमोहन सिंह लिब्राहन मानते हैं कि उनका जांच आयोग ‘राजनीतिक समस्याओं’ को शांत करने के लिए’ गठित हुआ था। आज जब मंदिर का निर्माण शुरू होनेवाला है तो उनका कहना कहना है, उन्‍हें पता था कि एक दिन अयोध्‍या में राम मंदिर बनकर रहेगा। अयाेध्‍या में राम मंदिर के मुद्दे पर 28 साल में जस्टिस लिब्राहन ने संभवत: पहली बार मीडिया को कोई इंटरव्‍यू दिया है। 
तीन माह के लिए गठित जस्टिस लिब्राहन आयोग को तत्कालीन कांग्रेस सरकार को अपनी 1400 पन्नों की जांच रिपोर्ट सौंपने में 17 साल का लंबा समय लग गया। 6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में विवादित ढांचा गिरा और उसके 10 दिन बाद यानी 16 दिसंबर 1992 को जस्टिस लिब्राहन के नेतृत्व में जांच आयोग बनाया गया। सैकड़ों नेताओं व लोगों की गवाहियों के बाद जस्टिस लिब्राहन ने तत्कालीन प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह व गृह मंत्री पी चिदंबरम को 30 जून 2009 को अपनी रिपोर्ट सौंपी, जिसमें उन्होंने माना कि एक प्लानिंग के तहत विवादित ढांचा गिराया गया था। जस्टिस लिब्राहन अब 82 साल के हो चुके हैं।
चंडीगढ़ के सेक्टर नौ स्थित अपनी कोठी में रहते हैं। इस जांच आयोग की रिपोर्ट के करीब 11 साल बाद अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या में 5 अगस्त को श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन करने वाले हैं। ऐसे में मीडिया ने जस्टिस लिब्राहन से तमाम मुद्दों पर विस्तृत बातचीत किया। पेश है इसके कुछप्रमुख अंश-

 – अयोध्या में विवादित ढांचा गिराए जाने के मामले की आपने 17 साल जांच की। वहां मंदिर था या मस्जिद, आप किस नतीजे पर पहुंचे?

 – आयोग का गठन यह जानने के लिए नहीं किया गया था कि अयोध्या में राम मंदिर था या बाबरी मस्जिद। आयोग को सिर्फ यह जांच करनी थी कि विवादित ढांचा किसने गिराया और किसके कहने पर गिराया। उसकी रिपोर्ट मैंने सरकार को दे दी थी।

  • आपके आयोग का क्या निष्कर्ष रहा। अयोध्या में विवादित ढांचा किसने और किसके कहने पर गिराया?

 – इस श्रेणी में सैकड़ों नाम लिए जा सकते हैं, लेकिन प्रमुख लोगों में आडवाणी, जोशी, वाजपेयी, कल्याण सिंह, विनय कटियार, उमा भारती, ऋतंभरा और कलराज मिश्र प्रमुख हैं। इनमें से कई लोग बाद में गवर्नर भी बने।

 – अब 5 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए पूजन करने जा रहे हैं। आप कैसा महसूस कर रहे हैं?

  • बहुत अच्छी बात है। केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले का अनुपालन कर रही है। जो भी हो रहा है, अच्छा हो रहा है। मुझे तो पहले दिन से पता था कि अयोध्या में एक न एक दिन राम मंदिर का निर्माण होगा। मुझे विवादित ढांचा गिराए जाने की जांच 1992 में मिली, लेकिन मुझे इस बात का आभास 1981 से था कि राम मंदिर बनकर रहेगा। मुझे छोड़िये, आप खुद ही बताइये कि किसको शक था कि अयोध्या में राम मंदिर नहीं बनेगा।

 – विवादित ढांचा गिराए जाने के मामले की जांच के दौरान किसी तरह के दबाव भी आए होंगे?

  • जरूर आए थे, लेकिन मैं किसी तरह के दबाव में नहीं आया। मुझ पर सिर्फ भगवान की दबाव दे सकता था। वह उसने नहीं दिया। अगर मैं राजनीतिक दबाव में आ जाता तो आज सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस पद से रिटायर हुआ होता।
     – क्या देश यह जान सकता है कि आप पर किस तरह का दबाव था और दबाव देने वाले कौन लोग थे?
  • दबाव तो यही था कि हमारे हक में फैसला करो, लेकिन मैंने अपनी रिपोर्ट में पूरी सच्चाई बयां की। दबाव देने वाले का नाम लेना उचित नहीं है। अब वह इस दुनिया में नहीं हैं। उन्होंने कहा था कि यदि हक में फैसला नहीं आया तो हम सुप्रीम कोर्ट का जज नहीं बनने देंगे।

– लिब्राहन साहब, जब आप आयोग के चेयरमैन के नाते सुनवाई कर रहे थे, तब मन में किस तरह के विचार आते थे?

  • मैं आपके सवाल का आशय समझ गया। मैं आपको स्पष्ट कर दूं कि न तो मैं हिंदू हूं, न मुस्लिम, न ईसाई और न सिख। जब मैं आयोग के चेयरमैन के तौर पर काम कर रहा था, उस समय मैं सिर्फ जस्टिस था। उसी भूमिका में मैंने अपनी रिपोर्ट तैयार की है।

 – विवादित ढांचा गिराए जाने के दौरान आपके सामने तमाम नेता पेश हुए। आप किसे सबसे अच्छा नेता मानते हैं?

  • लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी, दोनों ऐसे नेता हैं, जिनमें हर तरह की समझ है। उनका भाषायी ज्ञान अच्छा है। उन्हें परिस्थितियों को अपने अनुकूल करना आता है। उनकी एक विचारधारा है। दोनों ही एक परिपक्व राजनीतिक सोच के आदमी हैं। वाजपेयी अक्सर शांत रहते थे। वह इशारों में सारा काम करवा देते थे और खुद चुप बैठ जाते थे। उमा भारती और ऋतंभरा दोनों एक से बढ़कर एक हैं।
  • जब अयोध्या में विवादित ढांचा गिरा, उस समय उत्तर प्रदेश में भाजपा और केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी। तब कांग्रेस की क्या भूमिका रही?
  • देखिये, यह तो जग जाहिर हो चुका कि विवादित ढांचा उत्तर प्रदेश की कल्याण सिंह सरकार ने गिरवाया, लेकिन ऐसा नहीं था कि वहां क्या हो रहा है, यह कांग्रेस को नहीं पता था। कांग्रेस उस समय चुप रहने की भूमिका में थी। उसने जो हो रहा है, होने दिया। कांग्रेस ने अपने विधान-संविधान की दुहाई देते हुए उसके मुताबिक अपना रास्ता पकड़ा हुआ था। आप ही बताओ कि कौन सा कांग्रेसी ऐसा है, जो यह कह रहा कि अयोध्या में राम मंदिर नहीं बनना चाहिए।

 – जांच के लिए आयोग सिर्फ तीन माह के लिए बना था, लेकिन इसे अपनी रिपोर्ट देने में 17 साल का लंबा समय लग गया। कोई खास वजह?

  • जब मुझे जांच सौंपी गई थी, उस समय मैं मद्रास हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस था। मुझे दोहरे मोर्चे पर काम करना पड़ा। जब भी सुनवाई होती थी, कोई न कोई कोर्ट इस प्रक्रिया पर स्टे दे देती थी। हम मजबूर थे। 48 बार आयोग का कार्यकाल बढ़ा। इसलिए जांच में देरी हुई है। राजनीतिक दलों की राजनीतिक ज़रूरतों की वजह से जांच रिपोर्ट के पेश होने में देरी हुई।

 – विवादित ढांचा विध्वंस के बाद जब सुनवाई चल रही थी, तब क्या किसी मुस्लिम धर्मगुरु अथवा उलेमा या नेता पैरवी के लिए आए थे?

–  मैं खुद हैरान हूं। मेरे आयोग के सामने कोई मुस्लिम नेता या उलेमा अथवा धर्मगुरु पेश नहीं हुआ। अब आप पूछोगे कि क्या आपने उन्हें बुलाया था? इसमें मेरा जवाब यही है कि मैं क्यों बुलाने लगा। यदि किसी को पैरवी करनी थी तो वह खुद पेश होता।

  • आपने पूरे मामले की जांच की। रिपोर्ट भी सरकार को सौंप दी। अब सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ गया। मंदिर बनने जा रहा है। क्या अब उन्हें आयोग का हिस्सा होने पर अफ़सोस होता है।
  • मुझे लगता है कि मैंने जो किया, अच्छा किया और मुझे कभी इस आयोग को लेकर अफ़सोस नहीं हुआ। जिन लोगों को मैंने विवादित ढांचा गिराने का दोषी माना, वह अपराधी की श्रेणी में आते थे या नहीं, यह तय करना सुप्रीम कोर्ट का काम था। सबूतों को सुरक्षित रखना इस जांच के दौरान सबसे मुश्किल काम था। इस जांच के बहुत से तथ्य सार्वजनिक नहीं हुए हैं और अब उनका सार्वजनिक होना ज़रूरी भी नहीं है।
  • आखिरी सवाल, आजकल आपका समय कैसे बीत रहा है?
  • मुझे किसी चीज का शौक नहीं है। न मैं टीवी देखता हूं और न ही पिक्चर देखने, संगीत सुनने या डांस करने का शौक है। न ही मैं योगा करता हूं और न ही सैर करता हूं। पहले थोड़ा बहुत घूम लेता था, लेकिन अब तो वह भी बंद है। पहले रात तक किताबें पढ़ता था, लेकिन अब वह भी कम हो गई हैं। अब मैं मौका मिलने पर कानून की किताबें पढ़ता हूं। रात को दो बजे सोता हूं। चिंतन करता रहता हूं। सुबह छह बजे उठ जाता हूं। हंसते हुए, कभी-कभी मौका मिलता है तो अपनी बीबी के साथ झगड़ लेता हूं।

राम मंदिर अयोध्या के भूमि पूजन की तैयारियों के बीच पुजारी प्रदीप हुए कोरोना संक्रमित

अयोध्या (ऊँ टाइम्स)  रामनगरी अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण के भूमि पूजन की तैयारियों के बीच में ही कोरोना वायरस संक्रमण का प्रसार भी कहर बरपा है। यहां श्रीराम जन्मभूमि परिसर में कोरोना की चपेट में सहायक पुजारी प्रदीप दास भी आ गए हैं। इसके साथ ही यहां सुरक्षा में तैनात 16 पीएसी के जवान भी कोरोना पॉजिटिव हैं। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण के लिए भूमि पूजन भले ही पांच अगस्त को होगा, लेकिन उत्सव तीन से ही शुरू हो जाएगा।
रामलला के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास के शिष्य प्रदीप दास यहां पर पूजन का काम कराते हैं। अब यहां पर तेजी से राम जन्मभूमि परिसर को सैनिटाइज किया जा रहा है। इसके साथ ही पुजारी तथा पीएसी के 16 जवानों को क्वॉरंटाइन किया गया है।
अयोध्या में राम जन्मभूमि के पुजारी प्रदीप दास की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव है। वह प्रधान पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास के शिष्य हैं। श्रीराम जन्मभूमि में प्रधान पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास के साथ चार पुजारी राम लला की सेवा करते हैं। इन्हीं चार पुजारियों में से एक पुजारी प्रदीप दास की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई है। उनको होम क्वॉरंटीन कर दिया गया है। इसके साथ ही यहां पर श्रीराम जन्मभूमि की सुरक्षा में लगे 16 पीएसी के जवानों को भी क्वॉरंटीन किया गया है।
कोरोना वायरस के संक्रमण के कहर के बीच अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर के भूमिपूजन कार्यक्रम पर कोरोना संकट मंडराने लगा है। यहां पर पांच अगस्त को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का भूमि पूजन कार्यक्रम हैं। इसमें पीएम नरेंद्र मोदी मंदिर की नींव पूजन के साथ शिलान्यास भी करेंगे। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत देश के नामचीन दो सौ लोग शिरकत करेंगे।.
कोरोना के कारण भूमिपूजन कार्यक्रम के लिए जन्म भूमि परिसर में 50-50 लोगों के अलग-अलग ब्लॉक में करीब 200 लोग मौजूद होंगे। 50 की संख्या में देश के बड़े साधु-संत मौजूद रहेंगे, 50 की संख्या में देश के बड़े नेता और आंदोलन से जुड़े लोग रहेंगे। इनमें पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी के साथ पूर्व केंद्रीय मंत्री व भाजपा के मार्गदर्शक मंडल में शामिल डॉ. मुरली मनोहर जोशी भी रहेंगे। इनके साथ पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह भी शामिल हैं।

सील हुआ शोहरतगढ़ का थाना, इस थाने के थानेदार सहित 8 पुलिस कर्मी मिले कोरोना पांजिटिव

सिद्धार्थनगर (ऊँ टाइम्स) उत्तर प्रदेश में जिला सिद्धार्थनगर के थाना शोहरतगढ़ में तैनात एसओ सहित आठ पुलिस कर्मी कोरोना पांजिटिव पाये गये हैं, इस लिए यह थाना सीज कर दिया गया है ! पता चला है कि यहां के थानेदार का रविवार से ही तबियत खराब था, जिसका जांच में रिपोर्ट कोरोना पांजिटिब आया है! वैसे भी शोहरतगढ कस्बे में कोरोना पाजिटिबो की संख्या बढती जा रही है, जिसमें से बहुत लोग ठीक भी हो चुके हैं!

अनलॉक-3 के लिए जारी हुआ दिशानिर्देश , जानिए क्‍या खुला रहेगा और क्‍या रहेगा बन्द

नई दिल्‍ली (ऊँ टाइम्स)  केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अनलॉक-3 के लिए दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं। नई गाइडलाइन में रात के दौरान लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध हटा दिया गया है। नए दिशानिर्देशों के मुताबिक, योग संस्थानों और व्यायामशालाओं को पांच अगस्त 2020 से खोलने की अनुमति होगी। हालांकि इस दौरान सरकार की ओर से सामाजिक दूरी समेत अन्‍य निर्देशों का सख्ती के साथ पालन करना होगा। आइये जानते हैं अनलॉक-3 में क्‍या मिली है राहतें और किन पर जारी रहेंगी पाबंदियां…

इन पर जारी रहेगी पाबंदी –

स्कूल कॉलेज और अन्य सिक्षण संस्थान 31 अगस्त 2020 तक बंद रहेंगे। यही नहीं मेट्रो रेल, सिनेमा हॉल, स्विमिंग पूल, थियेटर, बार, ऑडिटोरियम, एंटरटेनमेंट पार्क को खोलने की अनुमति इस बार भी नहीं दी गई है। कंटनेमेंट जोनों में पूर्व की तरह ही लॉकडाउन जारी रहेगा। उन सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक या मनोरंजन से जुड़े आयोजनों, रैलियों और कार्यक्रमों पर पाबंदी रहेगी जिनमें भीड़ जमा होती है। 

इन्‍हें मिली इजाजत –

1- सरकार की ओर से जारी नई गाइडलाइन में रात्रिकालीन कर्फ्यू को हटा दिया गया है यानी अब रात में लोगों के आवागमन पर पाबंदी नहीं रहेगी। 

2- पांच अगस्त से योग संस्थान, जिम खोलने की मंजूरी दी गई है। हालांकि इस दौरान सामाजिक दूरी समेत दूसरे एहतियात का पालन करना होगा। 

3- स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रमों को सामाजिक दूरी एवं अन्य स्वास्थ्य प्रोटोकॉल के अनुपालन के साथ इजाजत दी गई है। इस बारे में स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय द्वारा 21 जुलाई को जारी निर्देशों का पालन कराना होगा। 

4- पहले की तरह ही इस बार भी वंदे भारत मिशन के तहत इंटरनेशनल एयर ट्रैवल को मंजूरी दी गई है। यही नहीं सरकार की ओर से विशेष विमानों के आवागमन को मंजूरी होगी। 

इन नियमों का करना होगा पालन –

सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनना अनिवार्य किया गया है। वैवाहिक कार्यक्रमों में 50 से ज्यादा लोगों को जमा होने की इजाजत नहीं होगी। अंतिम संस्कार में भी 20 लोगों से ज्यादा के शामिल होने पर पाबंदी रहेगी। सोशल डिस्टेंसिंग को बनाए रखने के लिए दुकानों के सामने पर्याप्‍त सामाजिक दूरी बनाए रखनी होगी। सार्वजनिक जगहों पर पान, गुटखा, तंबाकू खाना प्रतिबंधित होगा।  

इन्‍हें घर पर रहने की सलाह – 

पहले की तरह इस बार भी 65 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्गों, गंभीर बीमीरियों से जूझ रहे लोगों, गर्भवती महिलाओं और 10 साल से कम उम्र के बच्चों को घर में रहने की सलाह दी गई है। ये लोग बहुत जरूरी होने या स्वास्थ्य समस्या पर ही घर से बाहर जा सकते हैं।

कंटेनमेंट जोन के लिए निर्देश 

कंटेनमेंट जोन में 31 जुलाई तक सख्‍त लॉकडाउन लागू रहेगा। हालांकि इस दौरान सामान के लाने ले जाने पर कोई रोक नहीं रहेगी। जरूरी सेवाओं को मंजूरी दी जाएगी। इससे जुड़े लोगों की आवाजाही पर भी रोक नहीं रहेगी। इसके लिए अलग से ई-परमिट या इजाजत लेने की कोई जरूरत नहीं है। राज्य सरकार कंटेनमेंट जोन का निर्धारण करेंगी और इन इलाकों की जानकारी वेबसाइट पर सर्वाजनिक की जाएगी। राज्य सरकारें परिस्थितियों के आधार पर इन इलाकों के बाहर कुछ गतिविधियों पर रोक लगा सकती है। 

यूएई में जहां पर रुके थे भारत के पांचों राफेल विमान, उसी के पास ही ईरान ने दागीं मिसाइले

नई दिल्ली / तेहरान (ऊँ टाइम्स)  अमेरिका से चल रही तनातनी के बीच ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात स्थित फ्रांस के अल-धाफ्रा एयरबेस के पास समुद्र में कई मिसाइलें दागीं। उस समय, भारत आ रहे पांच राफेल विमान भी वहीं थे और इनके साथ भारतीय पायलट भी मौजूद थे। ईरानी मिसाइलों के खतरे को देखते हुए भारतीय पायलटों को भी सुरक्षित स्थानों पर छिपना पड़ा। ईरानी मिसाइल परीक्षण के बाद फ्रांसीसी एयरबेस के साथ ही खाड़ी स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों को भी थोड़ी देर के लिए अलर्ट कर दिया गया था।
अमेरिकी मिलिट्री सेंट्रल कमांड ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि मंगलवार तड़के ईरान ने हरमुज जलसंधि के नजदीक कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। ईरान के सरकारी टेलीविजन के मुताबिक, सैन्य अभ्यास के दौरान रिवोल्यूशनरी गार्ड ने मिसाइलों का परीक्षण किया था। ये परीक्षण खाड़ी में फ्रांसीसी और अमेरिकी सैन्य ठिकानों के नजदीक किए गए। कई मिसाइलें समुद्र में गिरती देखी गई।
ईरान ने दो दिन पहले ही समुद्र में एक विमानवाहक पोत की प्रतिकृति उतारी थी। सैन्य अभ्यास के दौरान इसे भी नष्ट किया गया। ईरानी टीवी ने यह नहीं बताया कि किन मिसाइलों का परीक्षण किया गया। हालांकि, ईरानी सैन्य अभ्यास का संदेश बिल्कुल स्पष्ट था कि अमेरिका उसके निशाने पर है। ईरानी सैन्य अभ्यास और अमेरिकी प्रतिक्रिया से दोनों देशों के बीच युद्ध भड़कने की आशंका बढ़ती जा रही है। पिछले छह महीने के अंदर तनाव बढ़ाने वाली ऐसी दर्जनभर घटनाएं हो चुकी हैं।
उल्‍लेखनीय है कि भारतीय वायुसेना के बेड़े में पांच सुपरसोनिक राफेल शामिल हो गए हैं। इन फाइटर विमानों की अंबाला एयरबेस पर दोपहर बाद 3.10 बजे हैप्‍पी लैंडिंग हो गई। फ्रांस से करीब सात हजार किलोमीटर की दूरी तय कर पांच राफेल आज भारतीय वायुसेना का हिस्सा बन गए। अंबाला एयरबेस पर लैंड होने के बाद अगला चरण इनमें मिसाइल व अन्य उपकरणों को फिट करना है।

चीनी एप के बैन से भड़का चीन, कहा जान बूझकर चाइनीज कंपनियों के कामकाज में रोड़े अटका रहा है भारत

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) भारत ने जिस तरह से चीन के खिलाफ आर्थिक प्रतिबंधों को लेकर कदम बढ़ाना शुरु किया है, उससे चीन की बेचैनी बढ़ती ही जा रही है। पहले 59 चीनी मोबाइल एप पर प्रतिबंध लगा, और उसके बाद इनके क्लोन 47 एप को भी प्रतिबंधित कर दिया गया है। इसके अलावा करीब 200 और मोबाइल एप को चिन्हित किया गया है, जिन्हें भारतीय बाजार से बाहर का रास्ता कभी भी दिखाया जा सकता है। इन कदमों पर नई दिल्ली स्थित चीन के दूतावास ने बेहद सख्त  बयान जारी करते हुए इसे चीन की कंपनियों के कानूनी अधिकार का उल्लंघन बताया है, और यह भी धमकी दिया है कि चीनी कंपनियों के हितों की रक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाये जाएंगे। 
इसके पहले भी जब भारत की तरफ से चीन की कंपनियों को मंदी का फायदा उठाते हुए भारतीय कंपनियो के अधिग्रहण करने से रोकने के लिए कानूनी प्रावधान किये गये थे तब चीन ने डब्लूटीओ जाने की धमकी दी थी। चीनी दूतावास की प्रवक्ता शी रोंग ने इस बारे में सवाल पूछने पर कहा, ‘भारत सरकार ने जिस तरह से चीन की वीचैट समेत 59 ऐप को प्रतिबंधित किया है वह चीनी कंपनियों के कानूनी अधिकारों का उल्लंघन है और उनके हितों को प्रभावित करता है। हमने भारतीय पक्ष के सामने अपनी बात रखी है और उनसे कहा है कि वे इस कदम में सुधार करें। हम यह भी बताना चाहते हैं कि चीन की सरकार की तरफ से अपनी कंपिनयों को साफ साफ यह निर्देश दिया गया है कि वे जिस भी देश में काम करें वहां के कानून का पूरी तरह से पालन करें।’ 
रोंग ने आगे कहा, ‘यह भारत सरकार का कर्तव्य है कि वह चीनी कंपनियों के कानूनी अधिकार व चीनी निवेशकों समेत तमाम अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के हितों का बाजार के नियमों के मुताबिक संरक्षण करें। भारत व चीन के बीच प्रायोगिक सहयोग दोनो देशों के हितों के अनुरूप है, लेकिन इस तरह का हस्तक्षेप इसे नुकसान पहुंचाता है और यह भारतीय हितों के मुताबिक भी नहीं है।’ अंत में रोंग ने कहा है कि चीन अपनी कंपनियो के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएगा।

चीन के बेचैनी की वजह- चीन की इस बेचैनी के पीछे वजह यह है कि अभी तक जिन देशों में चीनी मोबाइल एप को लेकर अंदर ही अंदर सुगबुगाहट थी वहां भी भारत के कदम के बाद आवाज बुलंद होने लगी है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण अमेरिका है जहां चीन के सबसे प्रसिद्ध मोबाइल एफ टिक-टॉक को प्रतिबंधित करने पर विचार हो रहा है। यूरोप के कई देशों में भी चीन के मोबाइल एफ को प्रतिबंधित करने की मांग होने लगी है। यह स्थिति कुछ चीन की दूसरे देशों में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास करने की योजना बीआरआइ के भारतीय विरोध जैसी है। भारत ने ही सबसे पहले इस परियोजना का विरोध करना शुरु किया है और इस पर चीन की तरफ से बुलाये गये सेमिनार में हिस्सा नहीं लिया। धीरे धीरे कई देशों ने इसका विरोध किया। आज की तारीख में अमेरिका, फ्रांस, जापान, आस्ट्रेलिया जैसे बड़े देश भारतीय रुख को सही मानते हैं।

पश्चिम बंगाल सरकार ने फिर बढ़ाया लॉकडाउन, बकरीद वाले दिन रहेगा विशेष छूट

कोलकाता (ऊँ टाइम्स)  बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच पश्चिम बंगाल में लॉकडाउन को 31 अगस्त तक बढ़ा दिया गया है। संक्रमण से बचने के लिए पश्चिम बंगाल में लॉकडाउन हफ्ते में दो दिन लगाया गया है। पश्चिम बंगाल में सप्ताह के गुरुवार और शनिवार को लॉकडाउन लागू है। बकरीद को लेकर 1 अगस्त को राज्य में लॉकडाउन नहीं लगाया जाएगा। बकरीद शनिवार को पड़ रही है और इसके चलते लॉकडाउन में सरकार की ओर से ढील दी गई है। इसकी जानकारी खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दी है!
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार पश्चिम बंगाल में कोरोना संक्रमण के अभी 19502 एक्टिव मामले हैं। 39917 लोगों को इलाज के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। वहीं, राज्य में अब तक कोरोना संक्रमण से 1411 लोगों की जान जा चुकी है।
देश में बढ़ते कोरोना संक्रमण को लेकर देश के अधिकतर राज्यों में एक बार फिर लॉकडाउन की वापसी हो गई है। पश्चिम बंगाल की तरह उत्तर प्रदेश में हफ्ते में दो दिन लॉकडाउन लगाया गया है। उत्तर प्रदेश में सरकार की ओर से शनिवार और रविवार लॉकडाउन लगाया गया है, जबकि पश्चिम बंगाल में गुरुवार और शनिवार को लॉकडाउन रहता है। वहीं, बढ़ते संक्रमण को लेकर सिक्किम में संपूर्ण लॉकडाउन लागू किया गया है।
भारत में कोरोना वायरस के 14 लाख 83 हजार से अधिक मामले सामने आ गए हैं। संक्रमण के कारण मरने वालों की संख्या 33 हजार से ज्यादा हो गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार देश में पिछले 24 घंटे में 47 हजार 704 मामले सामने आ गए हैं। इस दौरान 654 लोगों की मौत हो गई है और कुल 35 हजार 175 मरीज ठीक हुए। बता दें कि लगातार छठे दिन 45 हजार से ज्यादा मामले सामने आए हैं। 

गोरखपुर के मिश्रौलिया से अपहृत छात्र की हुई हत्या, एक करोड़ की मांगी गई थी फिरौती

गोरखपुर (ऊँ टाइम्स)  एक करोड़ की फिरौती के लिए अगवा छात्र का शव पुलिस ने बरामद कर लिया है। पिपराइच इलाके में तिनकोनिया नंबर दो के केवटहिया नाले के पास शव मिला है। इस संबंध में चार लोग उठाए गए हैं। उन्‍हीं की निशानदेही पर शव बरामद किया गया है।
उल्‍लेखनीय है कि पिपराइच इलाके के जंगल छत्रधारी, टोला मिश्रौलिया से रविवार को पांचवीं के छात्र बलराम गुप्त को अगवा कर एक करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई थी। शाम पांच बजे परिजनों के सूचना देने के बाद बच्चे की तलाश में पिपराइच पुलिस और क्राइम ब्रांच के साथ ही एसटीएफ भी लगी हुई थी। जंगल धूसड़ से मुर्गा कारोबारी, मोबाइल सिम बेचने वाले दुकानदार और एक प्रापर्टी डीलर को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही थी। बलराम के साथ अक्सर खेलने वाले उसके दोस्तों से भी घटना के बारे में जानकारी ली गई थी।
आप को बतादें कि जंगल छत्रधारी गांव के मिश्रौलिया टोला निवासी महाजन गुप्ता घर में ही किराना की दुकान चलाते हैं। वे जमीन के कारोबार से भी जुड़े हैं। उनका बेटा बलराम रविवार को दोपहर 12 बजे के आसपास खाना खाने के बाद टीशर्ट और पैंट पहनकर दोस्तों के साथ खेलने निकला था। उसके बाद से घर नहीं लौटा। तीन बजे महाजन गुप्त के मोबाइल पर एक अनजान नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने बताया कि बलराम का अपहरण कर लिया गया है। उसे छुड़ाने के लिए एक करोड़ रुपये का इंतजाम करने की बात कह कर उसने फोन काट दिया। महाजन ने पलट कर उस नंबर पर फोन किया, तो मोबाइल स्विच आफ मिला, लेकिन थोड़ी देर बाद 10-10 मिनट के अंतराल पर उसी नंबर से दो बार फोन आया। महाजन को बेटे के अगवा होने की बात पर भरोसा नहीं हो रहा था, इसलिए उन्होंने पहले गांव में उसका तलाश किया। पता न चलने पर लोगों को बेटे के अपहरण और फिरौती के लिए आए फोन की जानकारी दी। फिर शाम पांच बजे 112 नंबर पर फोन कर उन्होंने पुलिस को सूचना दिया। कुछ ही देर में क्षेत्राधिकारी चौरीचौरा रचना मिश्रा के अलावा पिपराइच और गुलरिहा थाने की पुलिस तथा क्राइम ब्रांच तथा एसटीएफ गोरखपुर की टीम मौके पर पहुंच गई।

चीन को लगा झटका, रूस ने चीन को एस-400 मिसाइलों की डिलीवरी पर लगाई रोक

नई दिल्ली / मास्‍को (ऊँ टाइम्स OmTimes )  चीन के उम्‍मीद के विपरीत रूस ने बीजिंग को दी जाने वाली एस- 400 सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों की आपूर्ति पर तत्‍काल रोक लगा दिया है। यह चीन के लिए बहुत बड़ा झटका है। खास बात यह है कि इस मिसाइल को रोकने से पहले मास्‍को ने बीजिंग पर जासूसी करने का आरोप लगाया था। रूसी अधिकारियों ने अपने सेंट पीटर्सबर्ग आर्कटिक सोशल साइंसेज अकादमी के अध्यक्ष वालेरी मिट्को को चीन को गोपनीय सामग्री सौंपने का दोषी पाया है। इस घटना को इससे भी जोड़कर देखा जा रहा है। 
उधर, रूस की घोषणा के बाद चीन ने सफाई देते हुए कहा है कि मास्को इस तरह का निर्णय लेने के लिए मजबूर है, क्योंकि वह चिंतित है कि इस समय एस-400 मिसाइलों का वितरण पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की महामारी विरोधी गतिविधियों को प्रभावित करेगा। चीन ने आगे कहा कि रूस नहीं चाहता कि इससे बीजिंग को कोई परेशानी हो। चीन का कहना है कि कई कारणों से रूस को मिसाइल देने के निर्णय को स्‍थगित करना पड़ा है। बीजिंग का कहना है कि इस प्रकार के हथियारों की डील एक जटिल प्रक्रिया है। इसके अलावा हथियारों को प्रयोग में लाने के लिए कर्मियों को प्रशिक्षण लेना पड़ता है। इसके लिए कर्मियों को रूस भेजना पड़ता, लेकिन कोरोना महामारी के दौर में यह काफी खतरनाक है। 
रूस ने यह आपूर्ति तब रोकी है, जब चीन अपनी आक्रमकता के कारण कूटनीतिक मोर्चे पर कई देशों से एक साथ संघर्ष कर रहा है। पूर्वी लद्दाख में चीनी सेनाओं के खूनी संघर्ष के बाद भारत के साथ उसके तनावपूर्ण रिश्‍ते हैं। हांगकांग और दक्षिण चीन सागर को लेकर वह अमेरिका व यूरोपीय देशों के साथ जापान, ऑस्‍टेलिया, वियतनाम, कंबोडिया, इंडोनेशिया से उसके रिश्‍ते तल्‍ख हो गए हैं। ऐसे में रूस का एस-400 मिसाइलों पर रोक लगाना चीन के लिए चिंता का विषय हो सकता है। रूस के इस कदम के कई निहितार्थ निकाले जा रहे हैं। 
एस-400 मिसाइल सिस्टम, एस-300 का अपडेटेड वर्जन है। यह 400 किलोमीटर के दायरे में आने वाली मिसाइलों और पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों को भी खत्म कर देगा।एस-400 डिफेंस सिस्टम एक तरह से मिसाइल शील्ड का काम करेगा, जो पाकिस्तान और चीन की एटमी क्षमता वाली बैलिस्टिक मिसाइलों से भारत को सुरक्षा देगा।यह सिस्टम एक साथ एक बार में 72 मिसाइल दाग सकता है। यह सिस्टम अमेरिका के सबसे एडवांस्ड फाइटर जेट एफ-35 को भी गिरा सकता है।यह मिसाइल 36 परमाणु क्षमता वाली मिसाइलों को एक साथ नष्ट कर सकता है। चीन के बाद इस डिफेंस सिस्टम को खरीदने वाला भारत दूसरा देश है। चीन ने भारत से पहले इस मिसाइल सिस्टम को खरीदने का फैसला किया था। पहला बैच उसे 2018 में मिल भी चुका है। भारत को इस साल के आखिर तक यह सिस्टम मिल जाएगा।खास बात ये है कि रूस ने चीन की डिलीवरी को तो रोक दिया है, लेकिन भारत को वक्त पर मिसाइल देने का वादा दोहराया है।    

बसपा के 6 विधायकों के कांग्रेस में विलय होने के खिलाफ दायर याचिका हुई खारिज

जयपुर (ऊँ टाइम्स)  राजस्थान में जारी सियासी लड़ाई के बीच बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के छह विधायकों के कांग्रेस में विलय के खिलाफ दायर याचिका खारिज हो गई। भाजपा विधायक मदन दिलावर ने यह याचिका दायर किया था। गौरतलब है कि सितंबर 2019 में बसपा के छह विधायक लाखन सिंह, जोगेंद्र अवाना, वाजिब अली, दीपचंद खेरिया, राजेंद्र गुढ़ा और संदीप कुमार कांग्रेस में शामिल हो गए थे।
इसे लेकर भाजपा विधायक मदन दिलावर ने अपने वकील आशीष शर्मा के माध्यम से विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष मार्च, 2020 में बसपा विधायकों के विलय के खिलाफ याचिका दायर किया था । जोशी ने इसे पहले ही खारिज कर दिया था। जानकारी के अनुसार दस्तावेजों की कमी को आधार बनाकर उन्होंने इस माह के शुरुआत में यह याचिका खारिज कर दी थी। दिलावर ने इस संबंध में दायर याचिका पर कार्रवाई नहीं होने को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। याचिका में विधानसभा अध्यक्ष, सचिव सहित बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए छह विधायक भी पक्षकार बनाये गये थे !
राजस्थान में जारी सियासी लड़ाई के बीच कांग्रेस ने आज सभी राज्यों में राजभवन के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान दिल्ली में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अनिल चौधरी की अगुवाई में प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया। वहीं उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में राजभवन के बाहर प्रदर्शन के दौरान प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, पीएल पुनिया समेत कई कांग्रेसी नेताओं को हिरासत में ले लिया गया। इसके अलावा गुजरात में  लगभग 60 कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं को सोमवार को पुलिस ने हिरासत में लिया गया। इसमें गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा और राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता परेश धनानी भी शामिल हैं। बता दें कि भाजपा के खिलाफ पार्टी यह प्रदर्शन राजस्थान में गहलोत सरकार को गिराने की कथित साजिश को लेकर कर रही है। 
राजस्थान बसपा प्रमुख भगवान सिंह बाबा ने कहा कि विधायकों ने बसपा के टिकट पर चुनाव जीता है। इसलिए उन्हें व्हिप जारी किया गया है। विधायक कांग्रेस की गतिविधियों में शामिल नहीं हो सकते या उनके लिए वोट नहीं कर सकते। बसपा प्रमुख ने काफी विचार-विमर्श के बाद यह फैसला किया है। हम उनके निर्देश पर काम कर रहे हैं। छह विधायकों ने बसपा के टिकट पर चुनाव जीता था। सीएम अशोक गहलोत ने इन सभी को कांग्रेस में मिला लिया। राजस्थान में ऐसा पहली बार नहीं हुआ। इससे पहले यह 2008 में भी हुआ था।
राजस्थान राजभवन ने विधानसभा सत्र बुलाने से संबंधित फाइल राज्य के संसदीय कार्य विभाग को वापस कर दी है। राजभवन ने राज्य सरकार से कुछ अतिरिक्त विवरण भी मांगी है। विधानसभा सत्र बुलाने को लेकर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। गौरतलब है कि गहलोत मंत्रिमंडल ने शनिवार को 31 जुलाई से विधानसभा का सत्र आहूत करने का नया प्रस्ताव राजभवन भेजा था। प्रस्ताव में राज्यपाल से आग्रह किया गया है कि सात दिन के नोटिस के साथ विधानसभा सत्र बुलाया जाए। कोरोना महामारी पर विशेष चर्चा और छह विधेयक पारित कराने को सत्र बुलाने का कारण बताया गया है। इसमें बहुमत साबित करने का जिक्र नहीं है।
बसपा ने अपने विधायकों को व्हिप जारी करके कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पार्टी ने अपने सभी छह विधायकों को व्हिप जारी करके कांग्रेस के विरोध में वोट देने को कहा है। इसकी एक प्रति राज्यपाल को भी सौंप दी है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने राज्य की मौजूदा स्थिति के बारे में एक प्रेस नोट जारी किया। उन्होंने कहा कि राज्य की मौजूदा स्थिति को देखते हुए राजस्थान में राष्ट्रपति शासन लगाया जाना चाहिए।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 26वीं रिपोर्ट के मुताबिक ब्लैक लिस्ट में शामिल नहीं है आतंकी संगठनों के पाकिस्तानी आकाओं का नाम

नई दिल्ली / संयुक्त राष्ट्र (ऊँ टाइम्स)  संयुक्त राष्ट्र के रिपोर्ट के मुताबिक कई खूंखार आतंकी संगठनों का नेतृत्व पाकिस्तानी नागरिकों के हाथ में है, लेकिन इनका नाम अभी तक काली सूची में नहीं डाला गया है। आप को बता दें कि भारतीय उपमहाद्वीप में अलकायदा , इस्लामिक स्टेट इन इराक और लेवेंट-खुरासान (आइएसआइएल-के)और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान जैसे आतंकी संगठनों का नेतृत्व पाकिस्तान नागरिकों के हाथ में है।
आइएसआइएस, अलकायदा और उससे संबंधित व्यक्तियों और संस्थाओं से जुड़ी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की विश्लेषणात्मक सहायता और प्रतिबंधों की निगरानी टीम की 26वीं रिपोर्ट में इन पाकिस्तानी आतंकियों के बारे में विस्तार से बताया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अफगानिस्तान के सुरक्षा बलों ने देशव्यापी अभियान चलाकर आइएसआइएल-के मुखिया असलम फारुकी, उसके पूर्ववर्ती जिया उल हक और अन्य को गिरफ्तार किया था।
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा निवासी फारुकी काबुल के एक प्रमुख गुरुद्वारे पर हुए घातक आतंकी हमले का मास्टरमाइंड था। इस हमले में 25 सिख श्रद्धालु मारे गए थे, लेकिन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 अल कायदा प्रतिबंध समिति ने उसका नाम अभी तक काली सूची में नहीं डाला है। इसी तरह हक भी एक पाकिस्तानी नागरिक है और उसका नाम भी काली सूची में नहीं है।

एक्यूआइएस के मौजूदा आका का नाम काली सूची में नहीं है , भारतीय उपमहाद्वीप में अल-कायदा तालिबान के तहत अफगानिस्तान के निमरूज, हेलमंद और कंधार प्रांतों से काम करता है और इसका मौजूदा आका पाकिस्तान में जन्मा ओसामा महमूद है। महमूद को भी सुरक्षा परिषद प्रतिबंधों के तहत काली सूची में नहीं डाला गया है। महमूद ने असिम उमर की जगह ली थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि संगठन में बांग्लादेश, भारत, म्यांमार और पाकिस्तान 150 से 200 के बीच सदस्य हैं और ऐसी खबरें हैं कि अपने पूर्व आका की मौत का बदला लेने के लिए वह भारत पर हमले की साजिश रच रहे हैं।.
टीटीपी सरगना को इस महीने घोषित किया गया वैश्विक आतंकी निगरानी टीम की रिपोर्ट में कहा गया है कि अफगानिस्तान में मौजूद सबसे बड़ा आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान है जिसकी अगुवाई आमिर नूर वली महसूद कर रहा है। टीटीपी सगरना बनने के दो साल से भी ज्यादा वक्त के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की प्रतिबंध समिति ने पाकिस्तानी मूल के महसूद को इस महीने वैश्विक आतंकवादी घोषित किया। महसूद का समर्थन उसके साथी कारी अमजद और टीटीपी प्रवक्ता मोहम्मद खुरासानी करते हैं, लेकिन दोनों का ही नाम काली सूची में अब तक नहीं डाला गया है।
अफगानिस्तान के 12 प्रांतों में सक्रिय है अलकायदासदस्य राष्ट्रों के मुताबिक, अल-कायदा 12 अफगान प्रांतों में गुप्त रूप से सक्रिय हैं और इसका सरगना ऐमन-अल-जवाहिरीअभी भी अफगानिस्तान में डेरा डाले हुए है। निगरानी टीम का अनुमान है कि अफगानिस्तान में अलकायदा लड़ाकों की कुल संख्या 400 से 600 के बीच है और नेतृत्व का हक्कानी नेटवर्क के साथ करीबी संपर्क है। फरवरी 2020 में अल-जवाहिरी ने याहया हक्कानी के साथ मुलाकात की थी। वर्ष 2009 मध्य से अलकायदा के साथ हक्कानी नेटवर्क का संपर्क है।

गोरखपुर के एम्स में बनेगा Covid- 19 का लेबल 1 व 2 अस्पताल, सीएम ने दिया निर्देश

गोरखपुर (ऊँ टाइम्स) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज एम्स की ओपीडी का निरीक्षण किया। कुल 7 मिनट के निरीक्षण के दौरान उन्होंने डायरेक्टर को निर्देश दिया कि यहां कोविड-19 का इलाज के लिए अस्‍पताल बनाया जाए। डायरेक्टर ने बताया कि कार्यदाई संस्था ने 30 जुलाई तक अस्पताल बना कर देने का वादा किया है। इसके बाद 15 दिन से 1 माह के अंदर हम कोरोना मरीजों के लिए अस्पताल तैयार कर देंगे। पहले 50 बेड का अस्पताल तैयार किया जाएगा। इसके बाद 50 बेड और बढ़ाए जाएंगे। पहले लेवल वन अस्पताल बनाया जाएगा जिसमें बिना लक्षण वाले मरीजों को भर्ती किया जाएगा। दूसरे चरण में लेबल टू अस्पताल बनेगा जिसमें लक्षण वाले मरीज भर्ती होंगे।
इसके पूर्व मुख्यमंत्री योगी गोरखनाथ मंदिर स्थित अपने आवास में रात्रि विश्राम के बाद रविवार की सुबह 10 बजे नियमित दिनचर्या के बाद मंदिर से निकले। निकलने के बाद सबसे पहले उन्होंने सहजनवां क्षेत्र में बाढ़ का हवाई सर्वेक्षण किया। इस दौरान उन्होंने हेलीकाॅप्टर से ही फर्टिलाइजर के निर्माण कार्य और जंगल कौड़िया फोरलेन निर्माण की प्रगति भी देखी। 
निरीक्षण के बाद उनका हेलीकाॅप्टर सर्किट हाउस परिसर में उतरा। जहां से वह पहले रेलवे अस्पताल और फिर एम्स का निरीक्षण करने गए। मुख्यमंत्री एक बार फिर सर्किट हाउस पहुंच गए हैं। यहां बाढ़ से बचाव की तैयारियों को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक प्रस्‍तावित थी लेकिन अंतिम समय में यह बैठक निरस्‍त हो गई और सीएम बलिया के लिए रवाना हो गए।

अमेरिका के टेक्‍सास में समुद्री तूफान हन्‍ना ने फिर ढाया कहर, तटीय इलाकों में दूसरी बार टकराया

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  अमेरिका में कोरोना महामारी के प्रकोप के बीच टेक्सास के तटीय इलाके में समुद्री तूफान हन्ना दूसरी बार टकराया। तूफान ने पोर्ट केन्सफील्ड के उत्तर-उत्तर-पश्चिम में लगभग 15 मील की दूरी पर पूर्वी केडी काउंटी में अमेरिकी समयानुसार शाम 6.15 बजे टकराया। इस दौरान तीव्र हवाएं चल रही थीं। हवा की गति अधिकतम 90 मील प्रति घंटे (145 kph) थीं। हन्ना 2020 में अटलांटिक महासागर से उठकर टेक्सास तट से टकराने वाला पहला तूफान होगा। टेक्‍सास प्रशासन ने इससे बचाव के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। लोगों को सतर्क रहने और समुद्र से दूर रहने के लिए कहा गया है। 

लखनऊ पुलिस के लिए चुनौती बन गया था टिंकू कपाला, गुजरात और नेपाल में भी लूट की घटनाओं को दिया था अंजाम

लखनऊ (ऊँ टाइम्स)  बाराबंकी में शुक्रवार रात एसटीएफ से मुठभेड़ में मारा गया एक लाख का इनामी अपराधी टिंकू कपाला लखनऊ पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था। टिंकू कपाला पर हत्या, लूट, डकैती, जानलेवा हमले और आम्र्स एक्ट समेत 22 मुकदमे राजधानी के अलग-अलग थानों में दर्ज हैं। लखनऊ के कृष्णानगर में आरके ज्वैलर्स के यहां टिंकू कपाला ने अपने साथियों संग मिलकर दो लोगों की हत्या कर डकैती डाली थी। घटना के बाद उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।.
टिंकू कपाला दिलराग बारादरी निवाजगंज, थाना चौक का निवासी था। लखनऊ पुलिस लंबे समय से टिंकू की तलाश कर रही थी। वह लंबे समय तक चौक में करबला के पास किराये का एक कमरा लेकर छिपा था। पुलिस को चकमा देने के लिए वह कमरे में बाहर से ताला लगा देता था। कई बार पुलिस उसके घर के बाहर गई, लेकिन दरवाजे पर ताला देखकर लौट आई। आरके ज्वैलर्स के यहां डकैती के बाद जब पुलिस ने छानबीन की तो पता चला कि टिंकू पुलिस को गुमराह करने के लिए ऐसा करता था। टिंकू हर रोज घर का खाना ही खाता था। रात के समय उसकी मां या परिवार का कोई सदस्य टिफिन लेकर उसे खिड़की से दे जाते थे। काफी समय तक टिंकू किराये के कमरे में ही रहा, लेकिन पुलिस को भनक नहीं लगी। वह नाम और पता बदलकर अलग-अलग ठिकानों पर रहता था। टिंकू ने कुछ साल पहले वृंदावन योजना के सेक्टर 10 में और मोहनलालगंज में किराये का फ्लैट लिया था तथा लंबे समय तक वहां छिपकर रह रहा था।

इन इन घटनाओं में आया था टिंकू का नाम– अक्टूबर 2014 में टिंकू कपाला ने साथियों संग मिलकर पुणे के हडब्सर स्थित लोनी गृह प्राइवेट लिमिटेड ज्वैलर्स के यहां एक करोड़ की लूट की थी। इसके बाद गोरेगांव पार्क में दिसंबर 2014 में पीएमजे जेम्स ज्वैलर्स के यहां पांच करोड़ की लूट की। वहीं, जून 2015 में गुजरात के बड़ौदा में कल्याण ज्वैलर्स के यहां टिंकू कपाला ने अन्य साथियों के साथ मिलकर 60 लाख की लूट की थी। इस दौरान टिंकू कपाला उर्फ कमल किशोर श्रीवास्तव को गुजरात पुलिस ने गिरफ्तार भी किया था। यही नहीं, नेपाल के धनगढ़ी में फरवरी और मार्च 2017 में सोना लूट में भी टिंकू का नाम सामने आया था।

किसानों को हर साल मिलते हैं 6,000 रुपये, जानिए क्या है रजिस्ट्रेशन का पूरा प्रोसेस

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  अगर आप खेती-किसानी का काम करते हैं तो आपने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि यानी PM Kisan Scheme का नाम तो सुना ही होगा। इस स्कीम के तहत केंद्र सरकार देश के किसानों को हर साल 6,000 रुपये की नकद सहायता उपलब्ध कराती है। सरकार तीन बराबर किस्तों में यह सहायता राशि किसानों को देती है। इसका मतलब है कि हर किस्त में सरकार इस योजना के तहत पंजीकृत किसानों के खाते में 2,000 रुपये भेजती है। कोविड-19 से उभरे संकट काल में सरकार इस साल अप्रैल में किसानों को चालू वित्त वर्ष की पहली किस्त उपलब्ध करा चुकी है। हालांकि, अब भी बहुत से किसान इस योजना का लाभ इसलिए नहीं प्राप्त कर पा रहे हैं क्योंकि वे इस स्कीम के तहत पंजीकृत नहीं हैं। ऐसे में पात्र किसानों को चाहिए कि जल्द-से-जल्द खुद को इस स्कीम के तहत पंजीकृत करा लें क्योंकि सरकार किसी भी समय चालू वित्त वर्ष की दूसरी किस्त जारी करने की घोषणा कर सकती है। 

कैसे करा सकते हैं रजिस्ट्रेशन – पीएम किसान स्कीम के लिए रजिस्ट्रेशन बहुत आसान है। पात्र किसान गांवों के पटवारी, राजस्व अधिकारी या किसी भी नामित अधिकारी या एजेंसी के जरिए इस स्कीम के लिए अप्लाई कर सकते हैं। आप चाहें तो नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर या पीएम किसान की वेबसाइट से खुद भी इस स्कीम के लिए अपना रजिस्ट्रेशन फॉर्म भर सकते हैं। 

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की यह है प्रक्रिया-

  1. ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए आपको सबसे पहले PM Kisan की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।
  2. वेबसाइट के दाहिने साइड में आपको ‘Farmers Corner’ दिखेगा।
  3. अब  आपको ‘New Farmer Registration’ का ऑप्शन दिखेगा।
  4. ‘New Farmer Registration’ पर क्लिक करने पर आपके सामने एक नया पेज खुलेगा।
  5. नए पेज पर आपको आधार नंबर और कैप्चा कोड डालने के बाद ‘Click here to continue’ पर क्लिक करना होगा।
  6. अब आपको रूरल फार्मर और अर्बन फार्मर में से उचित विकल्प का चुनाव करना होगा।
  7. उचित विकल्प के चुनाव के साथ नया पेज खुलेगा।
  8. नए पेज पर राज्य, जिला, उप-जिला, प्रखंड और गांव के नाम को ड्रॉप डाउन लिस्ट से चुनना होगा।
  9. इसके बाद मांगे गए विवरण को भरकर आप अपना फॉर्म पूरा भर सकते हैं। 

यह जानकारी है जरूरीः-

PM Kisan Registration के लिए आपको किसान का नाम, लिंग, वर्ग, किसान का टाइप, बैंक अकाउंट नंबर, आईएफएससी कोड, मोबाइल नंबर, जन्म की तारीख, पिता का नाम और जमीन से जुड़े विवरण भरने होंगे। एक बार रजिस्ट्रेशन का फॉर्म भरने के बाद आप समय-समय पर अपने आवेदन की स्थिति भी इसी पोर्टल के जरिए चेक कर सकते हैं।

पंजाब पुलिस आज आगरा में किया छापामारी, इस छापामारी में तीन लोग पकड़े गये

आगरा (ऊँ टाइम्स)  पंजाब पुलिस द्वारा बरनाला में नशीली दवा सप्लाई करने वाले आगरा गैंग पकड़े जाने के बाद अब आज पुलिस टीम यहां पहुंच गई। न्यू आगरा के कमला नगर व अन्य इलाकों में छापामारी करके पुलिस ने तीन युवकों को उठाया है। इनमें से एक चर्चित दवा व्यवसायी है। पंजाब पुलिस की इस छापेमारी से आगरा के दवा कारोबारियों में खलबली मच गई है। पूरे बाजार में छापेमारी की खबर आग की तरह फैल गई है। 
आगरा गैंग 11 राज्यों में नशीली दवाइयों की सप्लाई करता है। बरनाला व मोगा से पुलिस ने गिरोह के 20 सदस्यों को गिरफ्तार कर 27,62,137 नशीली गोलियां, कैप्सूल, टीके व सीरप की बोतलें और 70,03,800 रुपये ड्रग मनी बरामद किया है।
हवाला से तस्करी का नेटवर्क चलाने वाले गिरोह के पर्दाफाश में दो माह का समय लगा। गिरफ्तार किए गए लोगों में पंजाब से 16, उत्तर प्रदेश से दो और हरियाणा व दिल्ली से एक-एक व्यक्ति शामिल है। यह गिरोह दवा उत्पादकों, सप्लायरों, थोक दवा विक्रेताओं और रिटेल केमिस्टों के साथ मिलकर बड़ी मात्रा में नशीली दवाएं बाजार में भेज रहा है। गिरोह के सदस्य मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (एमआर) बन कर तस्करी करते थे। वहां गिरफ्तार हुए हरीश ने अपना दिल्ली का पता बताया था। सख्ती से पूछताछ के बाद उसने बताया कि वह हरीपर्वत क्षेत्र के खटीकपाड़ा का रहने वाला है। उससे पूछताछ के बाद आज सुबह पंजाब के बरनाला पुलिस की टीम न्यू आगरा थाने पहुंच गई। स्थानीय पुलिस को साथ लेकर कमला नगर में एक दवा व्यवसायी के यहां छापा मारा। उसको पकड़ने के बाद पुलिस ने दो अन्य युवकों को उठाया। तीनों से पंजाब पुलिस पूछताछ कर रही है। इसके बाद नशीली दवाओं की बरामदगी को गोदामों में छापामारी की जा सकती है। इंस्पेक्टर न्यू आगरा उमेश चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि पंजाब पुलिस की टीम ने थाने में आमद कराने और तीन युवकों को पकड़ने की पुष्टि की है। 

अयोध्या में राम मंदिर के भूमि पूजन को दिवाली जैसे उत्सव के रूप में मनाने की हो रही है तैयारी

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) भारत के  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वरिष्ठ गणमान्य लोगों के साथ अयोध्या में भगवान राम के मंदिर का ‘भूमि पूजन’ करने वाले हैं। इस मौके को प्रकाश पर्व यानी दिवाली की तर्ज पर बनाए जाने की तैयारी चल रही है। दिवाली के मौके पर देश भर के मंदिरों और घरों में दीए और मोमबत्तियां जलाई जाती हैं। आपको बता दें कि राम मंदिर के निर्माण के लिए ‘भूमि पूजन’ या भूमि पूजन समारोह के मौके पर वर्षों के इंतजार के बाद भगवान राम की जन्मभूमि पर उनकी सही वापसी कह सकते हैं। राम मंदिर के निर्माण से पहले और ‘भूमि पूजन’ के दौरान, अयोध्या में हर मंदिर और घर को दीया और मोमबत्तियों से रोशन करने की योजना है। सही वैसे जिस दिन भगवान राम 14 साल का वनवास काटकर अयोध्या लौटे थे।
सूत्रों के मुताबिक सिर्फ अयोध्या ही नहीं, बल्कि सभी से अपील की जाएगी कि वे विशेष अवसर को चिह्नित करने के लिए शारीरिक दूरी की सावधानियों को सुनिश्चित करने के लिए अपने आसपास के घरों और धार्मिक स्थलों जैसे मंदिरों को रोशन करें। इस बीच, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या में ‘भूमि पूजन’ की तैयारियों का जायजा ले रहे हैं। सूत्रों ने यह भी कहा है कि COVID-19 की वर्तमान स्थिति को ध्यान में रखते हुए, लगभग 200 निमंत्रण भेजे जा रहे हैं।

वीएचपी के वरिष्ठ अधिकारी और महासचिव मिलिंद परांडे ने मीडिया को बताया कि इस आयोजन में लाखों और करोड़ों लोग भाग लेते, लेकिन कोरोना काल में यह संभव नहीं है। परांडे ने कहा कि मंदिरों और घरों सहित पूरे अयोध्या को फूलों और दीयों और रोशनी से सजाया जाएगा। यह सभी हिंदुओं के जीवन में एक ऐतिहासिक पल है। मंदिर निर्माण एक लंबी लड़ाई के बाद शुरू हो रहा है। हर घर में दीया जलाना होगा। अगर यह COVID-19 के प्रसार के समय नहीं होता, तो लाखों और करोड़ों लोग इस भव्य आयोजन में भाग लेते।
पुजारी और संतों को संबंधित मंदिरों में सुबह 10:30 बजे से पूजा शुरू कर देनी है। विहिप ने लोगों से अपील की है कि वे अपने-अपने टीवी स्क्रीन पर भूमिपूजन समारोह देखें, शाम के समय अपने घरों में दीए जलाने की व्यवस्था करें।
उन लोगों के अनुसार जिन्होंने भगवान राम के जन्मस्थान के रूप में रामलला को अपनी महिमा और मंदिर में पुनर्स्थापित करने के लिए लड़ाई का नेतृत्व किया कि यह लड़ाई सालों की नहीं दशकों की है। भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने रथयात्रा का नेतृत्व किया, जिसमें कार सेवक राम मंदिर के लिए भूमि का दावा करने के लिए भाग लिया था। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल 9 नवंबर को केंद्र सरकार को राम मंदिर निर्माण के लिए अयोध्या में स्थल सौंपने का निर्देश दिया था। प्रधानमंत्री ने 5 फरवरी को अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए एक ट्रस्ट के गठन की घोषणा की थी। अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण की देखरेख के लिए केंद्र सरकार द्वारा 15 सदस्यीय राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट को अनिवार्य किया गया है।

एडीजी से संजीत की माँ और बहन ने कहा कहा-पुलिस पर भरोसा नहीं सीबीआइ करे जांच

कानपुर (ऊँ टाइम्स)  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर संजीत अपहरण-हत्याकांड में फिरौती को लेकर जांच करने आए एडीजी बीपी जोगदंड को शनिवार को स्वजनों के गुस्से का सामना करना पड़ा। संजीत के पिता चरन सिंह से पूछताछ के बाद बाहर निकले एडीजी को मां और बहन ने घेर लिया। पुलिस ने जल्द शव ढूंढ निकालने का आश्वासन देकर दोनों को शांत कराया। वहीं बहन रुचि ने पुलिस पर फर्जी पर्दाफाश करने का आरोप लगाते हुए सीबीआई जांच की मांग उठाई।
आज सुबह फिर जांच के लिए आए एडीजी बीपी जोगदंड ने संजीत के पिता चमन सिंह से पूछताछ की। 10 मिनट तक पूछताछ करने के बाद एडीजी जाने लगे तो संजीत की मां कुसुम उनकी गाड़ी के सामने आकर खड़ी हो गईं। बेटी रुचि के साथ कुसुम ने एडीजी का घेराव करते हुए शव जल्द ढूंढने की मांग की। पुलिस ने जल्द ही शव की बरामदगी का आश्वासन दिया और रिश्तेदारों की मदद से कुसुम को गाड़ी के सामने से हटवाया। इसके बाद एडीजी रवाना हो सके।
वहीं, भाई के अपहरण और हत्याकांड को लेकर बहन रुचि ने पुलिस के खुलासे पर ही सवाल उठाते हुए सीबीआई जांच की मांग की। रुचि ने कहा कि पुलिस पर भरोसा नहीं  है, अब सीबीआइ असलियत से पर्दा उठा सकती है। रुचि ने बताया कि पुलिस ने तीन आरोपितों से मिलवाया है, जो अलग-अलग बातें बता रहे हैं। कोई भी संतोषजनक जानकारी नहीं दी जा रही है। इससे लगता है कि पुलिस ने फर्जी खुलासा किया है और संजीत का शव नदी में फेंका ही नहीं गया है। पुलिस ने 24 घंटे में शव बरामद करने का दावा किया था लेकिन अभी तक मिला नहीं। रुचि ने कहा कि भाई के पास दो बैग, एक मोबाइल और एटीएम कार्ड था, जिसमें कुछ भी अभीतक नहीं बरामद हुआ है। जिस जगह संजीत को मारने की बात कही जा रही है, उस मकान को खोलकर नहीं दिखाया गया है।

चारधाम यात्रा की अनुमति के लिए गाइड लाइन हुआ जारी, यात्रा से पहले जान लें सभी नियम और शर्तें

देहरादून (ऊँ टाइम्स)  अन्य राज्यों के श्रद्धालुओं के लिए शर्तों के साथ चारधाम यात्रा की अनुमति दे दी गई है। सरकार ने इसके लिए नई एसओपी जारी कर दी है। चारधाम देवस्थानम बोर्ड की वेबसाइट पर आवेदन के बाद पास जारी होंगे। आपको बता दें कि यात्रियों को 72 घंटे के भीतर कराई गई कोरोना जांच की रिपोर्ट देनी होगी। जांच रिपोर्ट न होने पर गाइडलाइन के अनुरूप क्वारंटाइन होना होगा। इसके साथ ही क्वारंटाइन सेंटर से अवधि पूरी करने का प्रमाण पत्र भी देना होगा। आइडी प्रूफ भी करना दिखाना होगा। प्रदेश में प्रवेश के बाद ओरिजनल पहचान पत्र साथ रखना भी अनिवार्य। 
कोरोना संक्रमण के चलते किए गए लॉकडाउन में चारधाम यात्रा और अन्य धार्मिक स्थल बंद थे। इसके बाद प्रदेश सरकार ने एक जुलाई से सिर्फ उत्तराखंड के श्रद्धालुओं के लिए चारधाम यात्रा शुरू की थी। अब अन्य राज्यों के श्रद्धालुओं को भी चारधाम यात्रा की अनुमति दे दी गई है। इसके लिए कुछ नियम और शर्तें तय की गई हैं, जिसके तहत चारधाम यात्रा के लिए उत्तराखंड पहुंचने वाले यात्रियों की यहां आगमने से 72 घंटे के पहले कराई गई कोरोना जांच रिपोर्ट नेगेटिव होनी चाहिए। उन्हें उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड की वेबसाइट पर पंजीकरण कर और इस आशय का प्रमाण पत्र, आइडी और कोरोना वायरस जांच की नेगेटिव रिपोर्ट अपलोड करनी होगी। इसके बाद ही उन्हें चारधाम यात्रा की अनुमति होगी। 
इसके अलावा जिन लोगों ने कोरोना वायरस जांच नहीं कराई हो, उन्हें उत्तराखंड में प्रवेश के बाद राज्य सरकार के जरिए जारी दिशा-निर्देश के मुताबिक क्वारंटाइन अवधि पूरी कर ली हो इसके प्रमाण(शासकीय क्वारंटाइन केंद्र, हम क्वारंटाइन, होटल, गेस्ट हाउस) को देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड की वेबसाइट पर फोटो आइडी के साथ अपलोड कर पास प्राप्त कर यात्रा कर सकेंगे। 
धार्मिक स्थलों को खोलने की छूट मिलने के बाद प्रदेश सरकार ने चारधाम यात्रा के संबंध में निर्णय लेने का जिम्मा उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम बोर्ड को सौंप दिया था। इसमें उत्तराखंड के श्रद्धालुओं को यात्रा की इजाजत दी गई थी। पहले चरण में बोर्ड ने चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी जिलों के निवासियों को अपने-अपने धामों में दर्शन की इजाजत दी। एक जुलाई से राज्यवासियों को पंजीकरण के जरिये चारधाम बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री की यात्रा इजाजत दे दी गई। इसमें कोविड-19 से बचाव के दृष्टिगत सुरक्षित शारीरिक दूरी, मास्क आदि का अनुपालन किया जा रहा है।

योगी नाराज पुलिस से, कानपुर में ASP व CO सहित दस पुलिसकर्मी निलम्बित

लखनऊ (ऊँ टाइम्स)  उत्तर प्रदेश में बढ़ते अपराध को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ के तेवर काफी सख्त हो गए हैं। कानपुर के बिकरू कांड के बाद लैब टेक्नीशियन के अपरहण व हत्या तथा गाजियाबाद में पत्रकार की हत्या के मामलों से सीएम योगी आदित्यनाथ बेहद नाराज हैं। उनकी नाराजगी का असर कानपुर के एएसपी व सीओ सहित दस पुलिसकर्मी के निलम्बन के रूप में हुआ है।
सीएम योगी आदित्यनाथ के तमाम प्रयास के बाद भी बेलगाम होते अपराध के मद्देनजर पुलिस के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। कानपुर बर्रा कांड में शुरुआती कार्रवाई के तहत एएसपी अपर्णा गुप्ता और सीओ मनोज गुप्ता निलम्बित कर दिया गया है। एडीजी पीएचक्यू बीपी जोगदंड को जांच सौंपी गई है। निलम्बित पुलिसकर्मियों में एक आइपीएस अधिकारी (एएसपी), एक पीपीएस अधिकारी (सीओ), एक निरीक्षक, दो उप निरीक्षक तथा पांच सिपाही हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ की पुलिस अफसरों पर यह बड़ी कार्रवाई है।
इसमें आइपीएस अफसर अपर्णा गुप्ता कानपुर नगर में एएसपी दक्षिण के पद पर हैं जबकि पीपीएस अफसर मनोज गुप्ता सीओ बर्रा के पद पर तैनात हैं। इनके अलावा कानपुर में संजीत यादव के अपहरण के मामले में हटाए गए पूर्व प्रभारी निरीक्षक थाना बर्रा रणजीत राय और चौकी इंचार्ज राजेश कुमार को भी निलम्बित कर दिया गया है। इसके बाद बर्रा थाना के उप निरीक्षक योगेंद्र प्रताप सिंह और आरक्षी अवधेश, सौरभ पाण्डेय, विनोद कुमार, मनीष व शिव प्रताप को भी निलम्बित किया गया है। एडीजी बीपी जोगदंड अब कानपुर में अपहरण के बाद हत्या तथा फिरौती की जांच करेंगे। उनको तत्काल प्रयागराज से कानपुर पहुंचने का निर्देश जारी किया गया है।
उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था के मामले में कोई भी समझौता न करने वाले सीएम योगी आदित्यनाथ के तेवर शुक्रवार को सीएम आवास पर कोरोना वायरस की समीक्षा बैठक के दौरान ही दिख गए थे। पुलिस तथा अपराधियों के बीच सांठगांठ के कई मामले सामने आने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ का पारा चढ़ा है। उनके तेवर देखकर अनुमान लगाया जा रहा था कि प्रदेश के पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल जल्दी हो सकता है। इसके साथ ही गाजियाबाद, सीतापुर तथा कौशांबी में लापरवाही बरतने के दोषी पुलिस वालों के खिलाफ भी बड़ी कार्यवाही हुई!
कानपुर में उत्तर प्रदेश पुलिस के नाम एक और कलंक लग गया है। यहां से अपहृत लैब टेक्नीशियन की हत्या से सरकार की किरकिरी होने लगी है। यहां पर पुलिस ने अपहृत लैब टेक्नीशियन के घर वालों से अपहरणकर्ता को 30 लाख रुपये भी दिलवा दिए, लेकिन अपहरणकर्ता भाग निकले। कानपुर में विकास दुबे के केस के बाद यह मामला काफी संगीन हो गया है। 

11 राज्यों में सक्रिय अंतरराज्यीय नशा तस्कर गिरोह पकड़ा गया , 20 गिरफ्तार

चंडीगढ़ (ऊँ टाइम्स) पंजाब पुलिस ने बड़े अंतरराज्यीय नशा तस्कर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गैंग के 20 लोगों की गिरफ्तार किया है। यह देश के 11 राज्यों के 50 से अधिक जिलों में नशा तस्करी में सक्रिय थे। आगरा गैंग के नाम से मशहूर यह गैंग हर महीने पंजाब में 10 से 12 करोड रुपये के नशीले पदार्थ भेजता था। 8 सप्ताह से अधिक समय तक चले एक ऑपरेशन में पुुुुुलिस ने इनसे भारी मात्रा में ड्रग्स, नशीली दवा के पैसे और पांच वाहन भी बरामद किए हैं।
पंजाब पुलिस महानिदेशक दिनकर गुप्ता ने बताया कि अब तक गिरफ्तार किए गए 20 लोगों में से 16 पंजाब के, 2 यूपी के और एक-एक हरियाणा और दिल्ली के हैं। इस गिरोह के सदस्यों के पकड़े जाने के बाद नशा तस्करी के नेटवर्क का पता चलेगा। 20 लोगों की गिरफ्तारी पंजाब, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के विभिन्न स्थानों से की गई है।
डीजीपी ने बताया कि इन लोगों से 27,62,137 नशीली गोलियां, कैप्सूल, इंजेक्शन और सिरप की बोतलें जब्त की गई हैं। इसकी कीमत 70,03,800 रुपये है। पुलिस के मुताबिक पकड़े गए लोगों से पूछताछ की जा रही है। उनसे और भी कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
डीजीपी के मुताबिक आगरा गैंग दवा उत्पादकों , सप्लायरों, थोक दवा विक्रेताओं और रिटेल केमिस्टों से मिलकर बड़ी मात्रा में नशीले ड्रग्स बाजार में भेजता रहा है। इस गैंग के सदस्यों की गिरफ्तारी से पंजाब में हर महीने 10 से 12 करोड रुपये की नशीली दवाइयां, इंजेक्शन और सिरप भेजने वाला सिंडीकेट का पर्दाफाश हुआ है।
बरनाला पुलिस ने मार्च 2020 में इस गैंग का खुलासा किया था। इसका खुलासा करने वाली टीम में एसएसपी संदीप गोयल के अलावा महल कलांं की एसपी डॉ. प्रज्ञा जैन, एसपी डिटेक्टिव सुखदेव विर्क, डीएसपी डिटेक्टिव रमिंदर दियोल और सीआइए इंचार्ज इंस्पेक्टर बलजीत सिंह शामिल थे। 

अभूतपूर्व एंटी कोरोना सहयोग अभियान भारत और इजराइल साथ मिलकर चलाएंगे

नई दिल्‍ली (ऊँ टाइम्स)  भारत और इजराइल पहले से कई क्षेत्रों में एक दूसरे का सहयोग करते हैं। कोरोना महामारी के दौर में भी दोनों देशों की सरकारों ने कई स्‍तरों पर इससे लड़ने का फैसला किया है। इस बारे में इजरायली दूतावास ने बताया कि आने वाले हफ्तों में इजरायल के विदेश मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय भारत के साथ अभूतपर्व एंटी कोरोना सहयोग अभियान चलाएंगे। तेल अवीव से दिल्ली के लिए रक्षा मंत्रालय और रिसर्च एंड डिवेलपमेंट की टीम रवाना होगी, यह टीम भारत के चीफ साइंटिस्ट के विजय राघवन और डीरडीओ के साथ 30 सेकंड में रैपिड टेस्टिंग पर काम कर रही है। तेल अवीव से आने वाले विमान में इजरायल के विदेश मंत्रालय और निजी क्षेत्र के द्वारा दिए गए कोरोना से लड़ने के उपकरण भी लाए जाएंगे। मैकेनिकल वेंटिलेटर भी लाया जाएगा।    

होम आइसोलेशन का उल्लंघन करने पर पंजाब में लगेगा 5 हजार जुर्माना, फिल्म शूटिंग के लिए गाइडलाइन जारी

चंडीगढ़ (ऊँ टाइम्स)  पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कोरोना के बढ़ते प्रसार को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। राज्य में होम आइसोलेशन का उल्लंघन करने पर जुर्माना राशि तय की गई है। इसके अलावा फिल्मों व वीडियो की शूटिंग के लिए भी गाइडलाइन जारी की गई है। 
पंजाब में अब होम आइसोलेशन वाले कोरोना पॉजीटिव मरीजों पर उल्लंघन करने की स्थिति में 5000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। राज्य में अभी 951 कोरोना मरीज होम क्वारंटाइन में हैं।यही नहीं, मुख्यमंत्री ने राज्य के रेस्टोरेंट व वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में शारीरिक दूरी का पालन न करने वालों पर भी 5000 रुपये का जुर्माना लगाने के निर्देश दिए हैं। 
पंजाब में शारीरिक दूरी का पालन न करने और सामाजिक समारोहों में निर्धारित संख्या से अधिक लोगोंं केे एकत्र होने पर 10000 रुपये के जुर्माने का प्रावधान भी किया है। सीएम ने यह बात राज्य में कोरोना की स्थिति को लेकर वीडियो कांफ्रेंसिंग से ली गई बैठक में कही।
राज्य में पहले से ही सार्वजनिक स्थानों पर मास्क न पहनने पर 500 रु., होम क्वारंटाइन का उल्लंघन करने पर 200 रु, और सार्वजनिक स्थानों पर थूकनेे पर 500 रु. के जुर्माने का प्रावधान है। डीजीपी दिनकर गुप्ता के अनुसार में अभी प्रतिदिन लगभग मास्क न पहनने पर 5000 से अधिक चालान हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने विभिन्न धार्मिक संस्थानों के प्रमुखों और प्रवासियों से भी अपील की कि वे राज्य में धार्मिक स्थलों की यात्रा के दौरान सामाजिक सुरक्षा प्रतिबंधों और मास्क सहित अन्य सुरक्षा उपायों को लागू करना सुनिश्चित करें। कैप्टन अमरिंदर ने किसानों से केंद्र सरकार के किसान विरोधी अध्यादेशों के विरोध में सड़कों पर नहीं उतरने को भी कहा। कहा कि इससे कोरोना का प्रसार हो रहा। उन्हें अपने आंदोलन को स्थगित करना चाहिए।

शूटिंग के लिए गाइडलाइन जारी –

इसके अलावा, मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अनलॉक 2.0 के दौरान फिल्मों व वीडियो की शूटिंग के लिए भी गाइडलाइन जाली की है। हिदायतें अनुसार शूटिंग वाले स्थान पर 50 से अधिक व्यक्ति इकठ्ठा नहीं हो सकेंगे और कोविड के प्रसार को रोकने के लिए बनाए सभी नियमों का पालन करना होगा।

पुडुचेरी में कोरोना से मरने वालों के परिजनों को दी जाएगी एक लाख रुपये की आर्थ‍िक मदद

पुडुचेरी (ऊँ टाइम्स)  पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी ने आज विधानसभा में एेलान किया कि उनकी सरकार कोरोना संक्रमण के चलते जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से एक लाख रुपये की आर्थिक मदद मुहैया कराएगी। 
वहीं केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय की मानें तो संक्रमण से ठीक होने की दर अब 63.18 फीसद पर पहुंच गई है। अब तक 7,82,606 मरीज ठीक हो चुके हैं। मौजूदा वक्‍त में 3,56,439 संक्रमित मरीज हैं। देश में संक्रमण के मामले बढ़कर 12,38,635 हो गए हैं। 
केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय के मुताबिक, समन्वित प्रयासों की बदौलत मृत्यु दर को निचले स्तर पर बनाए रखने में सहायता मिली है। यह अभी 2.41 फीसद है। पिछले 24 घंटे में 1129 लोगों की मौत होने से मृतकों की संख्या 29,861 हो गई है।
वहीं आईसीएमआर के अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को 3,50,823 नमूनों की जांच होने के साथ 22 जुलाई तक कुल 1,50,75,369 नमूनों की जांच हो चुकी है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, बुधवार तक तीन दिनों में 10 लाख नमूनों की जांच की गई। 

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने कहा , स्वतंत्रता दिवस पर अच्छे आचरण वाले कैदियों की हो रिहाई

हैदराबाद (ऊँ टाइम्स)  तेलंगाना के सीएम के. चंद्रशेखर राव ने पुलिस विभाग को निर्देश दिया है कि इस वर्ष के स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर अच्छे आचरण वाले कैदियों को रिहा किया जाए। वह चाहते हैं कि विभाग इस उद्देश्य के लिए एक सूची तैयार करे। इसकी जानकारी तेलंगाना के मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा दी गई है। 
 तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने बुधवार को राज्य पुलिस विभाग को स्वतंत्रता दिवस 2020 के अवसर पर अच्छे आचरण के साथ कैदियों को रिहा करने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, राव ने बुधवार को मुख्य सचिव सोमेश कुमार, जेलों के महानिदेशक राजीव त्रिवेदी और डीजीपी एम महेन्द्र रेड्डी के साथ प्रगति भवन में एक बैठक की। रिपोर्टों में बताया गया है कि ते मुख्यमंत्री ने 15 अगस्त को कैदियों की रिहाई से संबंधित दिशानिर्देशों की भी जांच की।
तेलंगाना में, वारंगल सेंट्रल जेल में 8 एकड़ से अधिक भूमि में भारत की सबसे बड़ी जेल नर्सरी एक हरियाली ग्रह के लिए अपने तरीके से योगदान दे रही है। रिपोर्टें बताती हैं कि विभिन्न प्रजातियों के सैकड़ों पौधे लगाने के लिए लगभग चार दर्जन कैदी प्रतिदिन मेहनत करते हैं।
वहीं, दूसरी तरफ बात करें राज्य में कोरोना वायरस की स्थिति की तो केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी की गई जानकारी के अनुसार, देश में इस वक्त कोरोना वायरस के 11529  एक्टिव केस हैं। कुल मामलों में से अब तक 422    संक्रमित लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं कोरोना की चपेट में आने के बाद राज्य में   34323  संक्रमित ठीक हो गए हैं। बात करें देश में कोरोना वायरस की स्थिति की तो देश में फिलहाल, कोरोना संक्रमितों की संख्या 11 लाख के पार पहुंच गई है। देश में फिलहाल, कोरोना वायरस के 402529  एक्टिव केस हैं। कोरोना वायरस में अब एक्टिव केस से ज्यादा ठीक होने वालों की संख्या है। अब तक कोरोना वायरस से संक्रमित 724577  लोग ठीक हो चुके हैं। 

कोरोना प्रकोप के कारण बाबा अमरनाथ की यात्रा इस साल नहीं होगी

श्रीनगर (ऊँ टाइम्स)   कोरोना महामारी के कारण वार्षिक अमरनाथ यात्रा रद करने का निर्णय लिया गया है ।
आज श्रीनगर में उपराज्यपाल और श्राइन बोर्ड के सदस्य की हुई बैठक में यात्रा को रद करने का निर्णय लिया गया।पौराणिक तौर पर अमरनाथ यात्रा के संपन्न होने में अभी 15 दिन शेष  थे।
इस बीच, सूत्रों के मुताबिक यात्रा सिर्फ पवित्र छड़ी मुबारक तक ही सीमित रहेगी। वार्षिक तीर्थयात्रा श्रावण पूर्णिमा (रक्षाबंधन के दिन) को संपन्न मानी जाती है। इसके बाद पवित्र गुफा को बंद कर दिया जाता है। इस बार यात्रा 23 जून से आरंभ होना तय थी लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते पंजीकरण भी आरंभ नहीं हो पाया। बाद में यह तय किया गया कि सीमित यात्रा 21 जुलाई से एक पखवाड़े के लिए चलाई जा सकती है, पर जुलाई माह में कोरोना संक्रमण की बढ़ती रफ्तार के कारण प्रशासन अंतिम फैसले को टालता रहा। इस बीच बालटाल मार्ग से यात्रा की तैयारियां भी चलती रहीं। पर अब यात्रा आसान नहीं है।
प्रदेश प्रशासन ने एसआरटीसी से अमरनाथ यात्रा के लिए वाहन उपलब्ध कराने तक के लिए नहीं कहा है। दूसरे राज्यों से श्रद्धालु बसों से आएंगे या रेलगाड़ी से, यह भी स्पष्ट नहीं है। सूत्रों ने बताया कि रेलवे प्रशासन को श्रद्धालुओं के लिए विशेष रेलगाड़ी चलाने के लिए भी नहीं का गया है।
स्वास्थ्य विभाग को यात्रा की सभी तैयारियां पूरी करने का आदेश तो है, लेकिन डॉक्टरों व पैरामेडिकल कर्मियों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। अलबत्ता, जम्मू संभाग के 27 डॉक्टर व पैरामेडिकल कर्मियों को जरूर स्वास्थ्य सेवा निदेशक कश्मीर के पास रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है।
श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के सीईओ बिपुल पाठक से संपर्क करने का प्रयास किया गया पर वह उपलब्ध नहीं हो पाए। अलबत्ता, बोर्ड से जुड़े एक अन्य अधिकारी ने कहा कि यात्रा को लेकर अंतिम फैसला अगले एक दो दिन में ले लिया जाएगा।

गत माह केंद्र सरकार ने यात्रा शुरू करने के संकेत दिए थे। उपराज्यपाल जीसी मुर्मू और मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने भी अधिकारियों के साथ बैठक की। उपराज्यपाल के सलाहकार बसीर अहमद खान ने तैयारियों का जायजा लिया। तब बताया गया कि यात्रा सिर्फ बालटाल मार्ग से ही होगी और एक दिन में 500 के करीब श्रद्धालुओं को ही जाने की अनुमति होगी।
अब प्रशासन ने वार्षिक तीर्थयात्रा पर चुप्पी साध ली है। संबधित सूत्रों के मुताबिक, प्रदेश प्रशासन में उच्चस्तर पर मौजूदा हालात में तीर्थयात्रा को शुरू करने को लेकर सहमति नहीं बन रही है। कारोना के बढ़ते संक्रमण के बीच कश्मीर वादी में ही नहीं अब जम्मू संभाग के कई कस्बों में सप्ताह में दो दिन लॉकडाउन चल रहा है। आतंकी भी यात्रा में खलल डालने की साजिश रच रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक प्रशासन के एक वर्ग का मानना है कि तीर्थयात्रा को सिर्फ छड़ी मुबारक तक सीमित रखा जाए। कुछ विशेष संगठनों के प्रतिनिधियों को अनुमति दी जा सकती है। छड़ी मुबारक परंपरागत पहलगाम मार्ग से ही पवित्र गुफा के लिए रवाना होगी। अगर मौसम अनुकूल न रहा तो उसे हेलीकाप्टर के जरिए पवित्र गुफा तक पहुचांया जाएगा। ऐसा पहले भी हो चुका है।
दक्षिण कश्मीर में समुद्रतल से करीब 3888 मीटर की ऊंचाई पर स्थित भगवान अमरेश्वर की पवित्र गुफा की यात्रा के लिए हर साल देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु आते हैं। पौराणिक मान्यताओं और तीर्थयात्रा के विधान के अनुरुप पहलगाम मार्ग और दूसरा बालटाल मार्ग। तीर्थयात्रा के संचालन की जिम्मेदारी श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड ही संभाल रहा है। 

सिद्धार्थनगर के अलीगढवा में पशु तस्कर हुए गिरफ्तार, एक के पैर में पुलिस की लगी गोली

सिद्धार्थनगर (ऊँ टाइम्स) कोतवाली कपिलवस्तु क्षेत्र के अलीगढ़वा के पास मंगलवार तड़के करीब चार बजे गो-तस्कर के गिरोह के साथ पुलिस टीम की मुठभेड़ हो गई। एक बदमाश के पैर में गोली लगी है। दूसरे बदमाश को जवानों ने दौड़ा कर पकड़ लिया। दोनों बदमाश को पुलिस गिरफ्तार कर लिया है। घायल बदमाश का नाम कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सलारगढ़ निवासी रौआब अली है। इसके बाएं पैर में गोली लगी है। पकड़े गए बदमाश का नाम अलीगढ़वा निवासी अब्दुल वफा है।
कोतवाली क्षेत्र के ग्राम बर्डपुर नंबर छह के टोला कडजहिया उर्फ पड़रहवा में 20 जुलाई की सुबह गाय का मांस बरामद हुआ था। गांव के बाहर गाय के कटे अंग व खून देखकर ग्रामीण उग्र हो गए थे। बदमाशों ने गांव निवासी सुभाष की गाय चोरी करने के बाद गोकशी की घटना को अंजाम दिया था। सूचना मिलने के बाद विधायक कपिलवस्तु श्यामधनी राही भी मौके पर पहुंच गए थे। ग्रामीणों ने पुलिस को बताया था कि वह गाय की खोज में लगे थे। तभी बाइक से दो लोग आते हुए दिखाई दिए। वह बीच में खाद की बोरी रखे थे। ग्रामीणों की भीड़ देख वह हड़बड़ा गए और बाइक फिसल कर गिर गई। लोगों ने सहयोग करना चाहा। लेकिन दोनों तेजी से फरार हो गए। ग्रामीणों को संदेह हुआ, गांव के बाहर सीवान में खोजबीन शुरू की। कुछ दूर पर रक्त, मांस, पैर व सिर बरामद हुआ।
पुलिस अधीक्षक विजय ढुल ने बताया कि रात को एसओजी व पुलिस की टीम बार्डर के पास गश्त कर रही थी। जंगल के पास दो संदिग्ध दिखाई दिए। पुलिस टीम ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो वह फायरिंग करने लगे। जवाबी फायरिंग में एक बदमाश को गोली लगी है।

राजा मान सिंह हत्याकांड में 11 पुलिस वाले हुए दोषी साबित , 35 वर्ष बाद सजा पर फैसला कल

मथुरा (ऊँ टाइम्स) राजस्थान के बहुचर्चित और भरतपुर रियासत के राजा मानसिंह हत्याकांड में 14 आरोपितों में 11 को दोषी ठहराया गया है। तीन आरोपितों को बरी कर दिया गया है। दोषियों की सजा पर बुधवार को फैसला सुनाया जाएगा। 35 साल पुराने इस मुकदमे की सुनवाई के लिए राजा मानसिंह की बेटी दीपा सिंह, उनके पति विजय सिंह आदि स्वजन मथुरा कोर्ट पहुंच गए थे।  
21 फरवरी, 1985 को भरतपुर के राजा मान सिंह व दो अन्य की भरतपुर में हत्या हुई थी। दामाद विजय सिंह ने डीग (राजस्थान) थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तत्कालीन सीओ कान सिंह भाटी व अन्य को नामजद किया गया था। पुलिस ने मुठभेड़ की रिपोर्ट दर्ज की। घटना की सीबीआइ जांच हुई। केस का आरोप पत्र सीबीआइ ने जयपुर न्यायालय में दाखिल किया था। वर्ष 1990 से मथुरा कोर्ट में मुकदमे की सुनवाई चल रही है।
राजा मानसिंह व दो अन्य लोगों की 21 फरवरी, 1985 को पुलिस मुठभेड़ में मृत्यु हो गई थी। इससे एक दिन पहले राजा ने 20 फरवरी,1985 को राजस्थान के तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवचरण माथुर की डीग में सभा मंच व उनके हेलीकॉप्टर को जोगा की टक्कर से क्षतिग्रस्त कर दिया था। 35 साल पुराने इस मुकदमे में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मथुरा न्यायालय की कोर्ट में मुकदमे की सुनवाई की गई। मुकदमे में 14 पुलिसकर्मी ट्रायल पर हैं।
इससे पहले घटना 20 फरवरी 1985 की है। तब तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवचरण माथुर डीग में राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए जनसभा करने आए थे। राजा मान सिंह डीग विधानसभा से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे थे। जबकि उनके सामने कांग्रेस के ब्रजेंद्र सिंह प्रत्याशी थे। आरोप है कि कांग्रेस समर्थकों ने राजा मान सिंह के डीग स्थित किले पर लगा उनका झंडा उतारकर कांग्रेस का झंडा लगा दिया था। ये बात राजा मान सिंह को नागवार गुजरी। पुलिस एफआइआर के मुताबिक, राजा ने चौड़ा सभा मंच को जोगा जीप की टक्कर से तोड़ दिया था, इसके बाद सीएम के हेलीकॉप्टर को जोगा से टक्कर मारकर क्षतिग्रस्त कर दिया था।
अगले दिन 21 फरवरी को दोपहर में राजा मान सिंह और डीग के तत्कालीन डिप्टी एसपी कान सिंह भाटी का अनाज मंडी में आमना-सामना हो गया था। यहां हुई फायरिंग में राजा मान सिंह, उनके साथी सुमेर सिंह और हरी सिंह की मौत हो गई थी। जिस वक्त राजा की मौत हुई, उनकी उम्र 64 वर्ष थी। घटना की रिपोर्ट राजा मान सिंह के दामाद विजय सिंह ने डिप्टी एसपी कान सिंह भाटी और एसएचओ वीरेंद्र सिंह समेत अन्य के खिलाफ हत्या की धाराओं में दर्ज कराई थी। जबकि पुलिस ने इसे एनकाउंटर करार दिया था।
एसएचओ वीरेंद्र सिंह ने राजा मान सिंह, विजय सिंह, सुमेर सिंह, हरी सिंह समेत उनके कई समर्थकों के खिलाफ डीग थाने में लिखाई रिपोर्ट थी। 22 फरवरी को राजा की अंत्येष्टि में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। इस मामले से सियासी बवाल हुआ, तो राज्य सरकार ने मामले की जांच सीबीआइ को सौंप दी। जयपुर सीबीआइ कोर्ट में 18 पुलिसकर्मियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
वादी ने सुप्रीम कोर्ट की शरण लेकर मुकदमे को राजस्थान से बाहर स्थानांतरित करने की मांग की। एक जनवरी, 1990 को सुप्रीम कोर्ट ने मुकदमा जिला एवं सत्र न्यायाधीश मथुरा स्थानांतरित कर दिया। इस मामले की पिछली सुनवाई मथुरा में जिला एवं सत्र न्यायाधीश साधना रानी ठाकुर की अदालत में 9 जुलाई को हुई थी, तब 21 जुलाई फैसले पर सुनवाई की तिथि निर्धारित की गई है!

फैसले की तारीख – बचाव पक्ष के अधिवक्ता नारायण सिंह व और अभियोजन के अधिवक्ता नंदकिशोर उपमन्यु के मुताबिक राजा मान सिंह हत्याकांड को लेकर अदालत में बहस पूरी हो गई। अब अदालत ने भी 21 जुलाई को निर्णय देने की तारीख तय की ।

तो यह होगा खास संयोग-

-21 फरवरी, 1985 को राजा मान सिंह की पुलिस मुठभेड़ में मृत्यु हुई थी। यदि मंगलवार को फैसला सुनाया जाता है तो यह भी 21 तारीख होगी। अंतर सिर्फ इतना होगा, वह फरवरी माह था, जबकि यह जुलाई माह है।

नंबर का गेम-

-20 फरवरी, 1985 को राजा मान सिंह ने जोगा से टक्कर मार सीएम के सभा मंच व हेलीकाप्टर को क्षतिग्रस्त कर दिया।

-21 फरवरी, 1985 को पुलिस मुठभेड़ में राजा मान सिंह व दो अन्य की मृत्यु हो गई।

-22 फरवरी, राजा मान सिंह के अंतिम संस्कार के वक्त आगजनी व तोडफ़ोड़ हुई। इसमें भी पुलिस फायङ्क्षरग में तीन लोगों की मृत्यु हुई।

-28 फरवरी 1985 को सीबीआइ जांच के लिए नोटीफिकेशन हो गया।

-17 जुलाई, 1985 को सीबीआइ ने जयपुर सीबीआइ कोर्ट में चार्जशीट पेश की।

-61 गवाह अब तक अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में पेश किए गए, जबकि 17 गवाह बचाव पक्ष ने अपनी ओर से अदालत में प्रस्तुत किए।

-1700 से अधिक तारीखें अब तक मुकदमे में पड़ चुकी हैैं।

ये लोग बनाए गए थे आरोपित-

डिप्टी एसपी कान सिंह भाटी, एसएचओ डीग वीरेंद्र सिंह, चालक महेंद्र सिंह, कांस्टेबल नेकीराम, सुखराम, कुलदीप सिंह, आरएसी के हेड कांस्टेबल जीवाराम, भंवर सिंह, कांस्टेबल हरी सिंह, शेर सिंह, छत्तर सिंह, पदमाराम, जगमोहन, पुलिस लाइन के हेड कांस्टेबल हरी किशन, इंस्पेक्टर कान सिंह सिरबी, एसआइ रवि शेखर, कांस्टेबल गोविन्द प्रसाद, एएसआइ सीताराम।

ये हुए दोषी करार- डिप्टी एसपी कान सिंह भाटी, एसएचओ डीग वीरेंद्र सिंह, सुखराम, आरएसी के हेड कांस्टेबल जीवाराम, भंवर सिंह, कांस्टेबल हरी सिंह, शेर सिंह, छत्तर सिंह, पदमाराम, जगमोहन, एसआइ रवि शेखर। इन सभी को धारा 148, 149, 302 के तहत दोषी करार दिया गया हैैै। सभी को कस्‍टडी में लिया गया है। सजा अब बुधवार को सुनाई जाएगी। 

हुए बरी – पुलिस लाइन के हेड कांस्टेबल हरी किशन, कांस्टेबल गोविन्द प्रसाद, इंस्‍पेक्‍टर कान सिंह सिरबी। इन तीनों पर जीडी में फेरबदल करने का आरोप साबित नहीं हो पाया, लिहाजा अदालत ने बरी कर दिया। 

इन आरोपितों का हो गया निधन– कांस्टेबल नेकीराम, कुलदीप और सीताराम। चालक महेंद्र सिंह हो चुके हैं आरोप मुक्त।
भरतपुर रियासत के महाराज किशन सिंह के घर राजा मान सिंह का जन्म पांच दिसंबर, 1921 को हुआ था। इंग्लैंड में वर्ष 1928 से 1942 तक इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। दीपा उर्फ कृष्णेंद्र कौर उनकी तीन बेटियों में सबसे बड़ी हैं। 1946-1947 भरतपुर रियासत के मंत्री रहे थे। वर्ष 1947 में उन्होंने रियासत का झंडा उतारने का विरोध किया। 1952 में विधान सभा का पहला निर्दलीय चुनाव जीता। इसके बाद लगातार वह सात बार निर्दलीय विधायक चुने गए। 

शिनजियांग में रहने वाले उइगर मुसलमानों से उनकी इच्छा के विपरीत चीन कराता है काम

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) शिनजियांग प्रांत में रहने वाले उइगर मुसलमानों से चीन सरकार जबरन काम करवा रहा है। मीडिया की ओर से इस बारे में एक रिसर्च की गई उसके बाद ये खबर प्रकाशित की गई। उत्तर पश्चिमी चीन के शिनजियांग इलाके में काफी संख्या में उइगर मुसलमान रहते हैं। चीन इन मुसलमानों पर भी अपनी हुकूमत चलाता है। यहां रहने वाले मुस्लिम चीनी प्रशासन से काफी खफा रहते हैं। ये मुस्लिम अरबी में अपनी कुरान तक नहीं पढ़ सकते हैं, इस तरह से सरकार इन लोगों को इनके धर्म से भी दूर रखती है। 
कुछ कंपनियों में से उइगर श्रम का उपयोग सरकार द्वारा प्रायोजित कार्यक्रम के माध्यम से कर रहे हैं, विशेषज्ञों ने कहा कि अक्सर लोगों को उनकी इच्छा के विरुद्ध काम करने के लिए कहते हैं। चीन के राष्ट्रीय चिकित्सा उत्पाद प्रशासन के अनुसार, शिनजियांग में केवल चार कंपनियों ने महामारी से पहले चिकित्सा-ग्रेड सुरक्षात्मक उपकरण का उत्पादन किया था। 30 जून तक यह संख्या 51 थी। 
श्रम हस्तांतरण कार्यक्रम के तहत सरकार उइगर और अन्य जातीय अल्पसंख्यकों को कारखाने और सेवा नौकरियों में भेजता है। कई बार इन लोगों को जबरन भेजा जाता है जबकि वो वहां पर जाना ही नहीं चाहते हैं। चूंकि चीन में कम्युनिस्ट पार्टी का शासन है इस वजह से उनकी कोई सुनवाई नहीं होती है।
कंपनियां मुख्य रूप से घरेलू उपयोग के लिए उपकरण का उत्पादन करती हैं लेकिन टाइम्स ने शिनजियांग के बाहर कई अन्य कंपनियों की पहचान की है जो उइगर श्रम और निर्यात का विश्व स्तर पर उपयोग करते हैं। मीडिया ने चीन के हुबेई प्रांत में एक कारखाने से जॉर्जिया राज्य में एक चिकित्सा आपूर्ति कंपनी को फेस मास्क के एक शिपमेंट का पता लगाया, जहां 100 से अधिक उइगर श्रमिकों को भेजा गया था। कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, बर्कले और उइगर मानवाधिकार परियोजना में मानवाधिकार जांच लैब ने दर्जनों वीडियो और सोशल मीडिया रिपोर्टें एकत्र की हैं जो हाल ही के श्रम हस्तांतरण का दस्तावेज हैं।
सवाल के जवाब में अमेरिका में चीन के दूतावास के प्रवक्ता ने कहा कि कार्यक्रम “स्थानीय निवासियों को रोजगार के माध्यम से गरीबी से ऊपर उठने और जीवन को पूरा करने में मदद करता है। श्रमिकों की संख्या पर कोटा श्रम कार्यक्रम में डाल दिया गया और जो लोग सहयोग करने से इनकार करते हैं, उनके दंड दिया जाता है। सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज के मानवाधिकार पहल के निदेशक एमी लेहर ने कहा कि ये जबरदस्त उदाहरण है जो लोगों को फैक्ट्री के काम में लगाने का कारण बनते हैं। 

बहुचर्चित विकास दुबे एनकाउंटर मामले की जांच के लिए पुनर्गठित होगी कमेटी

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) सुप्रीम कोर्ट में आज विकास दुबे व उसके सहयोगियों के एनकाउंटर मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने इस मामले की जांच के लिए दोबारा कमेटी गठित करने का आदेश दिया जिस पर उत्तर प्रदेश सरकार ने सहमति जताई है। इस मामले में अगली सुनवाई 22 जुलाई को होगी। 
कानपुर के भौंती क्षेत्र में 10 जुलाई को एसटीएफ की गाड़ी पलटने के बाद उसमें से पुलिस का हथियार छीनकर भागने के दौरान विकास दुबे एनकाउंटर में ढेर हो गया था। इस एनकाउंटर में उसे तीन गोली लगी थी।.
उत्तर प्रदेश सरकार विकास दुबे एनकाउंटर केस की जांच के लिए कमेटी के पुनर्गठन को तैयार है। सुप्रीम कोर्ट की सलाह पर जांच कमेटी मेंं सुप्रीम कोर्ट के रिटायर जज और पूर्व DGP को  शामिल किया जाएगा। उत्तर प्रदेश सरकार कोर्ट में कमेटी पुनर्गठन से संबंधित मसौदे के लिए नोटिफिकेशन दाखिल करेगी। अगली सुनवाई बुधवार, 22 जुलाई को की जाएगी। मामले की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने कहा, ‘इस जांच से कानून मजबूत होगा और पुलिस का मनोबल नहीं टूटेगा। यह केवल एक घटना नहीं है जो दांव पर है। पूरी व्यवस्था दांव पर है।’ मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश से पहले भी सरकार ने मुठभेड़ की जांच के लिए एक कमेटी गठित कर रखी है।
मामले की सुनवाई कर रहे चीफ जस्टिस एस ए बोबडे ने इस पूरे मामले में उत्तर प्रदेश सरकार पर सवाल उठाया और विकास दुबे एनकाउंटर की हैदराबाद एनकाउंटर से तुलना को भी खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा, ‘उत्तर प्रदेश में विकास दुबे के एनकाउंटर व हैदराबाद में दुष्कर्मियों के एनकाउंटर में अंतर है। क्योंकि हैदराबाद में दुष्कर्मियों के पास कोई हथियार नहीं था।’ कोर्ट ने आगे कहा, ‘ राज्य सरकार के तौर पर शासन व्यवस्था बनाए रखने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार जिम्मेवार है।’ उत्तर प्रदेश सरकार ने कोर्ट के फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि वह एनकाउंटर मामले में जांच के लिए दोबारा कमेटी के गठन को तैयार है। राज्य सरकार ने बताया कि इंक्वायरी पैनल द्वारा दिए गए सुझाव के अनुसार यह मसौदे का नोटिफिकेशन 22 जुलाई तक कोर्ट के समक्ष पेश करेगी।.
दूसरी ओर लखनऊ में  कानपुर एनकाउंटर के मुख्य दोषी विकास दुबे के साथी श्यामू बाजपेयी की मां और दो बहनों ने  SIT ऑफिस  में बयान दर्ज  कराया। एक बहन ने बताया, ‘मेरे भाई को 3 तारीख को पुलिस पूछताछ के लिए लेकर गई थी। 8 तारीख को खबर आई कि पुलिस मुठभेड़ में उसके पांव में गोली लगी है। चाहे जांच कर लीजिए, वो निर्दोष है।’

गौरतलब है कि बीते 10 जुलाई को 8 पुलिसकर्मियों की हत्या का मुख्य आरोपी विकास दुबे पुलिस एनकाउंटर में मारा गया था। दुबे के एनकाउंटर पर कई सवाल उठे थे। इस बीच दो वकीलों ने पुलिसिया एनकाउंटर की सीबीआई और एनआईए से जांच कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल किया था। इस बीच सुप्रीम कोर्ट को जवाब देते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक हलफानामा पेश किया था जिसमें कहा गया था कि विकास दुबे का एनकाउंटर फर्जी नहीं था।
आप को बता दें कि 3 जुलाई को कानपुर के बिकरू गांव में विकास दुबे को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस की टीम पर गैंगस्टर तथा उसके गुर्गों ने हमला किया। इस हमले में 8 पुलिसकर्मियों की जान चली गई थी। इसके 6 दिन बाद पुलिस ने घटना के मुख्य आरोपी विकास दुबे को उज्जैन से गिरफ्तार कर लिया। वहां से कानपुर ले जाते समय रास्ते में गाड़ी पलट गई, जिसके बाद विकास पुलिसकर्मी की पिस्टल छीनकर भागने लगा। यूपी पुलिस का दावा है कि इस दौरान उसने गोली भी चलाई। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली लगने के बाद विकास की मौत हो गई।

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ का फैसला, कोरोना संक्रमितों को होम आइसोलेशन की अनुमति

लखनऊ (ऊँ टाइम्स)  वैश्विक महामारी कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते प्रसार तथा संक्रमितों को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने आज बड़ा फैसला किया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने टीम-11 के साथ कोरोना वायरस की समीक्षा के दौरान संक्रमितों को होम आइसोलेशन की मंजूरी दे दी है। होम आइसोलेशन के दौरान भी संक्रमित व संदिग्ध के साथ उनके परिवार को होम आइसोलेशन के प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य होगा।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास पर बैठक में संक्रमितों को होम आइसोलशन को मंजूरी दी है। सरकार ने इस प्रकरण में कड़ी शर्त तथा कोरोना प्रोटोकॉल के तहत संक्रमित तथा संदिग्धों को कोरोना प्रोटोकॉल के होम आइसोलशन की मंजूरी दी है। इसके साथ सीएम योगी आदित्यनाथ सरकार ने इसको लेकर तत्काल ही गाइडलाइन बनाने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि माइल्ड लक्षण वालों को होम आइसोलेशन में रखा जाएगा। अभी तक उत्तर प्रदेश में कोरोना के अधिकांश संक्रमित माइल्ड लक्षण वाले ही हैं। इसके साथ ही संदिग्धों तथा बिना लक्षण वालों को भी होम आइसोलेशन की अनुमति दी गई है। 

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार के पास पर्याप्त मात्रा में कोविड अस्पताल तथा आइसोलेशन बेड हैं, लेकिन कभी-कभी संक्रमित या फिर संदिग्ध को घर के लोगों की कमी खलती है। उन्होंने कहा कि संक्रमित, संदिग्ध और उसके परिवार को होम आइसोलेशन के प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य होगा। प्रदेश में बड़ी संख्या में कोविड-19 के लक्षणरहित संक्रमित लोग बीमारी को छुपा रहे हैं, जिससे संक्रमण बढ़ सकता है। इसके दृष्टिगत राज्य सरकार एक निर्धारित प्रोटोकॉल के अधीन शर्तों के साथ होम आइसोलेशन की अनुमति देगी। 
उन्होंने कहा कि कोविड-19 से बचाव के बारे में व्यापक जागरूकता अभियान संचालित किया जाए। कोविड-19 से बचाव के लिए बेहतर इम्युनिटी जरूरी है। कोविड-19 से होने वाली मृत्यु की दर को न्यूनतम स्तर पर लाने के लिए स्वास्थ्य विभाग तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग प्रभावी कार्यवाई करे। संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए काॅन्टैक्ट ट्रेसिंग प्रत्येक दशा में की जाए।
उन्होंने कहा कि जनपद लखनऊ, कानपुर नगर, बस्ती, प्रयागराज, बरेली, गोरखपुर, बलिया, झांसी, मुरादाबाद एवं वाराणसी में चिकित्सकों की विशेष टीम भेजने के लिए स्वास्थ्य विभाग तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग को निर्देशित किया है। इन जनपदों के नोडल अधिकारी भी टीम के साथ रहेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण में डोर-टू-डोर सर्वे एक आवश्यक प्रक्रिया है, जिसके अन्तर्गत मेडिकल स्क्रीनिंग के माध्यम से कोविड-19 के पीडि़तों को चिन्हित करने में बड़ी सहायता मिल रही है। इस कार्य को सतत जारी रखें और कोरोना की दृष्टि से संदिग्ध पाए गए व्यक्तियों की रैपिड एन्टीजन टेस्ट से जांच हो। 
इसके साथ ही उत्तर प्रदेश में अब हर शहर में बिना लक्षण वाले मरीजों को अब होटल और रिसॉर्ट में आइसोलेशन में रखने की व्यवस्था लागू कर दी गई है। पहले यह व्यवस्था गाजियाबाद और लखनऊ में शुरू की गई थी। एल-1 प्लस की इस सुविधा के लिए प्रदेश के जिलों के डीएम होटल में आइसोलेशन पर रहने वाले मरीजों के लिए दरों का निर्धारण करेंगे। डबल बेड वाले कमरे का प्रतिदिन का चार्ज दो हजार से अधिक नहीं होगा। एक व्यक्ति के लिए भोजन समेत केवल एक हजार होगा। 
प्रदेश सरकार का मानना है कि बाहर ने आने वाले बिना लक्षण वाले मरीजों को केवल दस दिन ही भर्ती रहना पड़ता है। ऐसे में होटल में सरकारी चिकित्सीय व्यवस्था के लिए केवल दो हजार रुपए एक मुश्त टोकन मनी के रूप में देंगे। जिन मरीजों को निशुल्क इलाज कराना है तो सरकार उनका अपने कोविड अस्पतालों में भर्ती करेगी। इस सिलसिले में शासनादेश जारी कर दिया गया है।

प्रदेश में हर जिले में इंट्रीग्रेटेड कोविड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर भी स्थापित होगा। इसमें कोरोना ही नहीं संक्रामक रोग के बारे में चले रहे सॢवलांस, जांच, चिकित्साकर्मियों और अन्य सभी कामों का ब्योरा संबंधित विभाग के लोग देंगे। जिले में कोरोना संक्रमण नियंत्रण की कार्ररवाई भी इसी कंट्रोल रूम के मार्फत होगी। 
प्रदेश में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मानक से कहीं ज्यादा टेस्टिंग हो रही है। डब्ल्यू एचओ ने एक लाख की आबादी पर 14 टेस्टिंग होने का मानक निर्धारित कर रखा है। इस तरह मानक के अनुसार प्रदेश में आबादी के हिसाब से 32 हजार प्रतिदिन टेस्टिंग होनी चाहिए। लेकिन पिछले 24 घंटों में 44 हजार से ज्यादा टेस्टिंग की गई है। अब तक पूरे प्रदेश में 14 लाख 70 हजार से ज्यादा टेस्टिंग हो चुकी है।

केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा , पहले ऑडियो क्लिप के सत्यता की जाँच करे एसओजी

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने आज विधायकों की कथित खरीद फरोख्त के फोन टेप कांड पर अपनी प्रतिक्रिया दिया। उन्‍होंने कहा कि जिस ऑडियो क्लिप के आधार पर राजस्थान पुलिस के विशेष अभियान समूह ने उनके खिलाफ एफआइआर दर्ज की है पहले उसे उसकी सत्यता की जांच करना चाहिए। शेखावत ने कहा कि पहले इस टेप का स्रोत बताया जाए। इस टेप की प्रामाणिकता बताना चाहिए कि किसने इसको रिकॉर्ड किया और एसओजी को यह कहां से मिला। 
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राजस्‍थान पुलिस को पहले इस टेप रिकॉर्डिंग की सत्यता की जांच करनी चाहिए कि यह सही है या नहीं… हालांकि केंद्रीय मंत्री ने इस बात की पुष्टि की कि उन्‍हें एसओजी की ओर से भेजा गया नोटिस शनिवार को मिला। उन्‍होंने बताया कि इस नोटिस में वॉइस सैंपलिंग और स्टेटमेंट रिकॉर्ड करने का आग्रह किया गया है। साथ ही पूछताछ के लिए उनसे समय और तारीख बताने का आग्रह भी किया है। बता दें कि कांग्रेस इस आडियो टेप के हवाले से आरोप लगा रही है कि इसमें शेखावत, विधायक भंवरलाल शर्मा और संजय जैन की आवाज है। बकौल कांग्रेस इस टेप में उक्‍त नेता कथित रूप से सरकार गिराने की साजिश करते प्रतीत हो रहे हैं।
कांग्रेस के उक्‍त आरोपों पर केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा है कि इस आडियो में उनकी आवाज नहीं है और वह इस मामले की किसी भी जांच के लिए तैयार हैं। मालूम हो कि राजस्थान पुलिस की एसओजी ने इस मामले में शेखावत के खिलाफ एफआइआर दर्ज की है। कांग्रेस ने रविवार को शेखावत के इस्तीफे की मांग की। कांग्रेस ने कहा कि राजस्थान में अशोक गहलोत सरकार गिराने की साजिश से जुड़ी ऑडियो क्लिप में शेखावत की आवाज है इसलिए उन्‍हें अब केंद्रीय मंत्री के पद पर बने रहने का कोई भी नैतिक आधार नहीं है। हालांकि भाजपा ने फोन टेपिंग को गैरकानूनी बताते हुए मामले की सीबीआइ से जांच कराए जाने की मांग की है।  

एक्सप्रेस-वे पर कार और बस में हुई टक्कर, भिड़ंत के बाद बीस फीट नीचे गिरी बस और कार, छह की मौत, 20 घायल

कन्नौज (ऊँ टाइम्स)  आगरा-लखनऊ एक्प्रेस-वे पर सौरिख के पास आज सुबह भीषण हादसा हो गया है। खड़ी कार से टकराने के बाद निजी बस भी एक्सप्रेस-वे से करीब बीस फीट नीचे जा गिरी, जिससे कार सवार चालक जख्मी हो गया और बस चालक समेत सवार छह लोगों की मौत हो गई है। बीस अन्य बस यात्री गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं। घायलों को सैफई और तिर्वा अस्पताल उपचार के लिए भेजा गया है, मौके पर सीओ समेत पुलिस फोर्स पहुंच गई है।
लॉकडाउन के बाद वापस नौकरी पर जाने के लिए बिहार मधुबनी से कुछ प्रवासी कामगार निजी बस से दिल्ली लौट रहे थे। आज सुबह लखनऊ से लुधियाना लौट रहे एसयूवी कार चालक नींद आने पर एक्सप्रेस वे पर किनारे रुक गया। कुछ देर में पीछे से आ रही निजी बस आगे खड़ी कार से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस और कार दोनों ही एक्सप्रेस वे से करीब बीस फीट नीचे तेज रफ्तार के साथ जा गिरी।
सूचना पर यूपीडा कर्मी और पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने बस में सवार घायलों को बाहर निकाला, इससे पहले चार लोगों की मौत हो चुकी थी। वहीं कार में सवार चालक भी गंभीर रूप से जख्मी हुआ था। मौके पर पहुंचे सीओ ने घायल हुए कार चालक और बस में सवार बीस यात्रियों को तत्काल तिर्वां और सैफई मेडिकल कॉलेज अस्पताल भिजवाया गया, जहां दो और लोगों को मृत घोषित कर दिया गया। बस सवार गोपालगंज बिहार निवासी विजय ने बताया वह प्राइवेट कंपनी में काम करता है और लॉकडाउन के बाद दिल्ली जा रहा था।

अयोध्या में राम मंदिर के भूमि पूजन की तारीख हुई तय, प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजा गया प्रस्ताव

अयोध्या (ऊँ टाइम्स) करोड़ों लोगों की आस्था के प्रतीक अयोध्या के श्रीराम मंदिर के निर्माण की उलटी गिनती के बीच कल श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक सम्पन्न हो गई। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अयोध्या में कल पहली बैठक में कई अहम फैसले हुए। ट्रस्ट ने मंदिर निर्माण के लिए शिलान्यास की तारीख तय कर ली गई है। इसके लिए तीन और पांच अगस्त की तारीख तय करने के बाद प्रस्ताव पीएमओ को भेजा गया। अब इस पर अंतिम फैसला पीएमओ लेगा। इसके साथ ही राम मंदिर के नक्शे में बदलाव का भी फैसला किया गया है। 
शनिवार को अयोध्या में हुई श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में निर्णय लिया गया कि श्रीरामजन्मभूमि पर प्रस्तावित मंदिर 161 फीट ऊंचा होगा और इसमें पांच गुंबद होंगे। बैठक में भूमिपूजन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित करने का निर्णय किया गया। प्रधानमंत्री की सुविधा को ध्यान में रखकर भूमिपूजन के लिए तीन एवं पांच अगस्त की तिथि संभावित की गई। मंदिर निर्माण की मुहिम से पूरे देश का जुड़ाव सुनिश्चित करने के लिए यह भी तय किया गया कि देश के 10 करोड़ परिवारों से धन संग्रह किया जाएगा। साथ ही साढ़े तीन साल में मंदिर निर्माण पूर्ण होने का अनुमान व्यक्त किया गया। 

बैठक ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल की अध्यक्षता में करीब ढाई घंटे तक चली। बैठक और अध्यक्ष ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास बिना मीडिया से बात करे ही अयोध्या सर्किट हाऊस से मणिराम छावनी के लिए रवाना हो गए।  श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र परिषद की बैठक के बाद पीएम नरेंद्र मोदी के भूमि पूजन में आने पर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी को निवेदन किया गया है। स्वयं ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास जी ने निवेदन किया है,लेकिन अंतिम फैसला तो पीएम मोदी को ही करना है। उन्होंने कहा कि देश में अभी बॉर्डर पर तनाव के साथ और कई मामले चल रहें हैं। भूमि पूजन की तारीख हमने तय करके प्रधानमंत्री कार्यालय भेज दी है। अब तो अंतिम फैसला पीएम ऑफिस ही लेगा। चंपत राय ने कहा कि यहां पर सोमपुरा ही मंदिर का निर्माण करेगा। सोमनाथ मंदिर को भी इन लोगों ने बनाया है। मंदिर बनाने में पैसे कि कमी नहीं होगी। मंदिर के लिये 10 करोड़ परिवार दान देंगे।
राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कामेश्वर चौपाल ने बताया कि श्रीराम मंदिर के निर्माण के लिए पीएम ऑफिस को भूमि पूजन के लिए तीन तथा पांच अगस्त की तारीख का प्रस्ताव भेजा गया है। अब पीएम मोदी तीन या फिर पांच अगस्त को अयोध्या में मंदिर के लिए भूमि पूजन करेंगे। इसके साथ बैठक में राम मंदिर के स्वरूप पर भी हुई चर्चा। राम मंदिर 161 फीट ऊंचा होगा और इसमें तीन की बजाय अब पांच गुंबद बनाए जाएंगे। बैठक के बाद सभी सदस्य सर्किट हाउस से रामलला के दर्शन के लिए रवाना हो गए। डॉ कृष्ण गोपाल ट्रस्ट के विशेष आमंत्रण पर मीटिंग में शामिल हुए। आरएसएस राम मंदिर के मुद्दे पर व्यापक अभियान की योजना बना रहा है। उसी दृष्टि से डॉ कृष्ण गोपाल मीटिंग में शामिल हुए और अपेक्षाओं/सुझावों का आदान-प्रदान हुआ।
अयोध्या के सर्किट हाउस में तीसरे पहर 3:00 बजे से चल रही श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की बैठक सायं 5:30 बजे तक समाप्त हो गई। सर्किट हाउस से सबसे पहले तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास निकले और मीडिया से कोई बात किए बगैर आगे बढ़ गए। माना जा रहा है कि श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट की अहम बैठक में भूमि पूजन की तारीख पर मंथन हुआ है। अभी कोई निष्कर्ष नहीं निकला, लेकिन चर्चा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 29 जुलाई और 5 अगस्त की तारीखें बताई गई हैं। ट्रस्ट चाहता है कि पीएम मोदी इन दो में से किसी दिन अयोध्या आएं और भूमि पूजन में हिस्सा लें। इसके बाद ही राम मंदिर का काम शुरू होगा। ट्रस्ट की बैठक में 15 ट्रस्टियों में से 12 ट्रस्टी बैठक में मौजूद हैं, जबकि तीन ट्रस्टी ऑनलाइन बैठक में शामिल थे। रामजन्मभूमि पर मंदिर निर्माण की सदियों पुरानी और करोड़ों रामभक्तों की चिर साध पूर्ण करने का दारोमदार रामनगरी श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक पर है।

कोरोना की वैश्विक महामारी को देखते हुए पीएमओ की ओर से 25 दिसम्बर गीता जयंती की तिथि तय की जा रही थी, लेकिन राम मंदिर निर्माण कार्य में काफी विलम्ब हो जाने की आशंकाओं को लेकर ट्रस्ट की ओर से शीघ्रातिशीघ्र समय तय करने का आग्रह किया गया था। इसके बाद भाद्र पद द्वितीया तदनुसार पांच अगस्त दिन बुधवार की तिथि को हरी झंडी मिल गयी। इस तिथि पर भी वर्चुअल ढंग से ही भूमि पूजन की बात थी लेकिन एक जुलाई को ट्रस्ट के अध्यक्ष व मणिराम छावनी पीठाधीश्वर महंत नृत्यगोपाल दास महाराज द्वारा संत समाज की ओर से भेजे गये पत्र के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं उपस्थित होने का निर्णय लिया । इसकी अधिकारिक घोषणा ट्रस्ट की बैठक में मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेन्द्र मिश्र करेंगे। इसके बाद भूमि पूजन की तिथि पर ट्रस्टीगण अपनी मुहर लगाएंगे और भी फिर सार्वजनिक घोषणा ट्रस्ट के माध्यम से ही की जाएगी। अयोध्यावासी चाहते हैं पीएम मोदी जल्दी यहां आएं और राम काज की शुरुआत करें। सभी साधु संत और सभी राम भक्तों की पीएम से एक ही अपील है कि वो अयोध्या जरूर आएं। प्रधानमंत्री बनने के बाद पीएम आज तक रामनगरी नहीं गए हैं। मौके कई आए, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी का यहां पहुंचना संभव नहीं हो पाया। ऐसे में भूमि पूजन की बात आने के बाद एक बार फिर अयोध्यावासियों की उम्मीद है प्रधानमंत्री रामनगरी पधारें।अयोध्या के साधु संत से लेकर मौलवी मौलाना भी ऐसी ही राय रखते हैं।
राम मंदिर निर्माण को लेकर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि जी महाराज ने कहा कि ट्रस्ट दो तिथियों पर मंदिर के भूमि पूजन के लिए विचार कर रहा है। 29 जुलाई या दो अगस्त को राम मंदिर की भूमि पूजन के लिए निश्चित किया जा सकता है।
अयोध्या में श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कामेश्वर चौपाल बैठक में शामिल होने के लिए पहुंचे।  इस दौरान उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम जन्मभूमि पर बनने वाला मंदिर राम मंदिर के साथ राष्ट्र मंदिर होगा। उन्होंने कहा कि राम जन्मभूमि पर सिंहद्वार के लिए 1989 में शिला पूजन किया गया था। अब मंदिर निर्माण का कार्य गर्भगृह से शुरू होगा, जिसके लिए भूमि पूजन किया जाना जरूरी है। कामेश्वर चौपाल ने कहा कि अयोध्या में राम जन्मभूमि पर बनने वाला मंदिर राम मंदिर के साथ राष्ट्र मंदिर होगा। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य चौपाल ने बताया कि फैसला आने के बाद 19 फरवरी को हमलोग दिल्ली में बैठे थे। सभी की इच्छा थी कि अति शीघ्र कार्य शुरू हो जाए, लेकिन देश की परिस्थितियों के कारण ऐसा नहीं हो पाया। मार्च, अप्रैल, मई और जून भी बीत गया। अब ट्रस्ट विलम्ब नहीं करना चाहता। बैठक में पिछले चार महीनों में मंदिर निर्माण की दिशा में किए गए कार्यों पर चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही वर्तमान परिस्थिति में किस तरह मंदिर निर्माण किया जाए, इस पर विचार किया जायेगा!
बैठक में मंदिर निर्माण के भूमिपूजन की तारीख और भूमिपूजन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित करने के साथ ही साथ मंदिर के आकार-प्रकार को लेकर भी अंतिम निर्णय होना था। तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट उसी मॉडल के अनुरूप मंदिर निर्माण की तैयारी में है, जिसे रामजन्मभूमि न्यास की ओर से तीन दशक पूर्व प्रस्तुत किया गया था।ट्रस्ट के सामने भगवान राम के अद्भुत-अद्वितीय किरदार की तरह उनकी जन्मभूमि पर अद्भुुत-अद्वितीय मंदिर निर्माण की मांग का दबाव है। अब बैठक में इस बारे में भी विचार संभावित था। बैठक को लेकर होमवर्क बुधवार से ही बयां होने लगा था, जब बीएसएफ के सेवानिवृत्त डीजी एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी एवं वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुरक्षा प्रभारी रहे केके शर्मा ने रामजन्मभूमि एवं मंदिर निर्माण कार्यशाला का जायजा लिया। ट्रस्ट की बैठक के साथ शर्मा को रामजन्मभूमि परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की कमान सौंपी जा सकती है। बुधवार को ही देर शाम ट्रस्ट की भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष एवं प्रधानमंत्री के सलाहकार रहे नृपेंद्र मिश्र भी अयोध्या में डटे हैं।  इसके साथ ही राष्ट्रीय स्वयं सेवक के सर कार्यवाह डा. कृष्ण गोपाल ने भी यहां डेरा डाल दिया है। बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सर संघ चालक मोहन भागवत भी आ सकते हैं। बैठक को लेकर ट्रस्टी व हरिद्वार के वयोवृद्ध संत युगपुरुष स्वामी परमानंद महाराज यहां देर शाम पहुंच गए हैं। उनके लिए रामघाट स्थित श्रीरामचरित मानस भवन में कमरा आरक्षित किया गया है। इसी तरह महाराष्ट्र से ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष महंत गोविंद देव गिरि भी यहां शुक्रवार को सुबह ही पहुंच गये लेकिन वह अपने करीबी संत के आश्रम में ठहरे हैं। इसके अलावा मंदिर आंदोलन के दौर में रामजन्मभूमि पर मंदिर निर्माण के संकल्प के साथ पहली ईंट रखने वाले कामेश्वर चौपाल भी अपराह्न यहां पहुंच गये हैं।  इस बीच मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेन्द्र मिश्र ने जिलाधिकारी अनुज कुमार झा के साथ प्रथम पाली में रामलला का दर्शन किया। वहीं शाम को ट्रस्ट के पदाधिकारियों के साथ सर्किट हाउस में बैठक भी की। 
महंत नृत्यगोपाल दास को ट्रस्ट की आज दोपहर तीन बजे से सर्किट हाउस में प्रस्तावित बैठक की औपचारिक सूचना नहीं मिली थी। इसी कारण वह नाराज थे। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय उनको बैठक की जानकारी देना भूल गए थे। अध्यक्ष की नाराजगी का कारण पता चलने पर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय उनको मनाने मणिराम दास जी की छावनी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने महंत नृत्य गोपाल दास से अपनी गलती मानने के साथ क्षमा भी मांगी।
बैठक के एजेंडे के बारे में जानकारी न होने से महंत नृत्य गोपाल दास की नाराजगी की बात सामने आई है। इसकी जानकारी होते ही ट्रस्ट के महासचिव चंपत और टेस्ट का वित्तीय कार्यभार देख रहे डॉ. अनिल मिश्रा श्री रामदास छावनी पहुंचे। उनके साथ चर्चा के बाद महंत ने बैठक में शामिल होने का निर्णय लिया। मणिराम दास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास ने कहा कि महंत जी के नाराजगी की कोई बात नहीं है। अब अवस्था के चलते कई बातों को वह समझ नहीं पाते, जिसके चलते उन्होंने एजेंडे के विषय में जानकारी न होने की बात कही थी। 
ट्रस्ट के कुल 15 सदस्यों में से ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्यगोपालदास, महासचिव चंपत राय, पदेन सदस्य जिलाधिकारी अनुज कुमार झा, अयोध्या राज परिवार के मुखिया बिमलेंद्र मोहन मिश्र, निर्मोही अखाड़ा के महंत दिनेंद्रदास एवं डॉ. अनिल मिश्र के रूप में छह सदस्य स्थानीय ही हैं। ट्रस्ट की भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र बुधवार को ही अयोध्या पहुंच चुके हैं। वहीं अन्य सदस्य गोविंद देव गिरि शुक्रवार को सुबह नौ बजे और कामेश्वर चौपाल तीसरे पहर पहुंच गए। रात तक युगपुरुष स्वामी परमानंद के पहुंचने का इंतजार होता रहा। दो अन्य सदस्य एवं प्रदेश के अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी तथा गृह विभाग के एडीशनल सेक्रेटरी ज्ञानेश कुमार शनिवार को सुबह अयोध्या पहुंचे।
कोरोना संकट के बीच स्वास्थ्य ठीक न होने की वजह से ट्रस्ट के तीन सदस्य बैठक में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से शिरकत करेंगे। इनमें दिग्गज अधिवक्ता के. परासरन, उडुपी के शंकराचार्य विश्व प्रपन्नाचार्य एवं स्वामी वासुदेवानंद शामिल हैं। 

सर्किट हाउस में ठहरे नृपेंद्र मिश्र शुक्रवार सुबह रामलला का दर्शन करने गए, लेकिन बमुश्किल घंटा भर के भीतर वापस सर्किट हाउस पहुंच गए। इसके साथ ही ट्रस्ट के अन्य सदस्यों का सर्किट हाउस में जमावड़ा शुरू हुआ। दोपहर से शाम सात बजे तक बैठक के एजेंडे को लेकर मंत्रणा होती रही। इससे पहले गुरुवार को भी नृपेंद्र मिश्र की मौजूदगी में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय सहित ट्रस्ट के सदस्य जिलाधिकारी अनुजकुमार झा, अयोध्या राजपरिवार के मुखिया बिमलेंद्र मोहन मिश्र एवं डॉ.अनिल मिश्र ने सर्किट हाउस में बैठक के संभावित एजेंडे को लेकर घंटों मंत्रणा की। यह सिलसिला शुक्रवार को भी चला।
बैठक में ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपालदास, महासचिव चंपत राय व ट्रस्ट की भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र सहित अन्य ट्रस्टी के रूप में प्रदेश के अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी, जिलाधिकारी अनुजकुमार झा, अयोध्या राज परिवार के मुखिया बिमलेंद्रमोहन मिश्र, निर्मोही अखाड़ा के महंत दिनेंद्रदास, डॉ.अनिल मिश्र, कामेश्वर चौपाल व स्वामी परमानंद, गोङ्क्षवददेव गिरि की प्रत्यक्ष मौजूदगी रही। ट्रस्ट के बाकी चार सदस्य बैठक में वर्चुअली शामिल रहे। इनमें स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती, उडुपी के स्वामी विश्व प्रसन्न तीर्थ, वरिष्ठ अधिवक्ता के परासरन एवं केंद्रीय गृह विभाग के अतिरिक्त सचिव ज्ञानेश कुमार रहे। बैठक में विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सह सर कार्यवाह डॉ.कृष्णगोपाल एवं विहिप के अंतरराष्ट्रीय संगठनमंत्री दिनेशचंद्र मौजूद रहे।

कार और जनशताब्‍दी एक्‍सप्रेस की हुई भीषण टक्‍कर, चार लोगों की मौत, कई की हालत है नाजुक

पटना (ऊँ टाइम्स) कार और जनशताब्‍दी एक्‍सप्रेस की हुई भीषण टक्‍कर, चार लोगों की मौत, कई की हालत है नाजुक  बिहार में आज सुबह एक बड़ा हादसा हुआ है। पटना के पुनपुन के पास जनशताब्दी एक्‍सप्रेस व कार के टकरा जाने से चार लोगों की घटना-स्थल पर ही मौत हो गई। मृतकों में तीन की पहचान कर ली गई है। दुर्घटना में गंभीर रूप से घायलों को देखते हुए मृतकों की संख्‍या बढ़ने की आशंका है। गंभीर रूप से घायल चार लोगों को इलाज के लिए पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्‍पताल (PMCH) भेजा गया है।
जानकारी के अनुसार आज सुबह एक कार एक अवैध रेलवे क्रॉसिंग पार करते वक्‍त पटरी पर ही फंस गई। इसी बीच पटना से रांची जाने वाली जनशताब्दी एक्‍सप्रेस आ गई। ट्रेन के चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगाई, लेकिन दुर्घटना हो ही गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर के बाद जोर धमाके की आवाज दूर गांव तक गई। गाड़ी का पिछला हिस्सा उड़कर पास की झाड़ियों में जा गिरा।
ट्रेन के कार से टकराने पर भयानक आवाज हुई। इस दौरान ट्रेन भी पूरी तरह हिल गई। आवाज सुन आसपास के लोग दौड़े। उन्‍होंने बोलेरो सवार लोगों को तत्‍काल मदद दी, लेकिन चार की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। बोलेरो में कितने लोग सवार थे, फिलहाल स्पष्ट नही हो सका है। अभी तक मिली जानकारी के अनुसार पास के ही धरहरा के सुरेन्द्र सिंह की बेटी, दामाद और नाती की मौके पर मौत हुई है।.
हादसे की शिकार गाड़ी दिल्‍ली में निबंधित है। गाड़ी पर सवार सुरेन्द्र बिहारी सिंह (42 वर्ष) व निलिका बिहारी सिंह (35 वर्ष) के साथ उनकी बेटी ब्रेभो कुमारी (3 वर्ष) की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। यह परिवार धरहरा गांव से अपने घर पटना के बोरिंग रोड लौट रहा था कि रास्‍ते में हादसा हो गया। धरहरा में सुरेंद्र बिहारी सिंह का ससुराल था। स्वजनों ने बताया कि दोनों पति-पत्नी नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे।
रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) राजेश कुमार ने बताया कि नदवा स्टेशन के पास हादसा हुआ है। रेलवे ट्रैक पर अचानक आई कार से ट्रेन की टक्कर हुई है। उनके अनुसार जहां दुर्घटना हुई है, वहां कोई रेलवे फाटक नहीं है। वहां ग्रामीणों ने अपने स्तर से रास्ता बना दिया है।
घटना-स्थल पुनपुन स्टेशन से पांच किमी और पटना जंक्शन से करीब 20 किमी दूर है। रेलवे ट्रैक को खाली करने का काम किया जा रहा है। जीआरपी के साथ रेल अधिकारी भी मौके पर मौजूद हैं। इसमें स्थानीय लोगों की मदद ली जा रही है।

शोपियां में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के मुठभेड़ में चारों आतंकी मारे गए, 24 घंटों के भीतर घाटी में 7 आतंकी हुए ढेर

श्रीनगर (ऊँ टाइम्स) कश्मीर घाटी के जिला शोपियां में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच आज सुबह शुरू हुई मुठभेड़ समाप्त हो गई है। लगातार दूसरे दिन भी बड़ी सफलता हासिल करते हुए सुरक्षाबलों ने शोपियां के गांव अम्सिपोरा में छिपे चारों आतंकवादियों को मार गिराया है। मुठभेड़ समाप्त होने के बाद सुरक्षाबलों ने चारों आतंकवादियों के शवों को अपने कब्जे में ले लिया है और मुठभेड़ स्थल से हथियार व गोलाबारूद भी बरामद किए हैं। पिछले चौबीस घंटों के भीतर घाटी में सुरक्षाबलों ने सात आतंकवादियों को मार गिराया है। गत शुक्रवार को कुलगाम मुठभेड़ में मारे गए तीन आतंकवादियों में सात लाख का इनामी जैश-ए-मोहम्मद का पाकिस्तानी कमांडर वलीद भी शामिल था।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार विश्वसनीय सूत्रों से जब उन्हें यह जानकारी मिली कि अम्सिपोरा में कुछ आतंकवादी देखे गए हैं तो पुलिस की एसओजी, सेना की 62 आरआर और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने इलाके की घेराबंदी करते हुए तड़के सर्च ऑपरेशन चलाया। अपने आप को घिरता देख आतंकवादियों ने सुरक्षाबलों पर गोलीबारी शुरू कर दी। हालांकि सुरक्षाबलों ने आतंकवादियों को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा परंतु उन्होंने इसे अनसुना करते हुए गोलीबारी जारी रखी।
जवाबी कार्रवाई में पहले एक घंटे के भीतर ही सुरक्षाबलों ने तीन आतंकवादियों को मार गिराया था। इसके बाद जब काफी देर तक गोलीबारी नहीं हुई तो सुरक्षाबलों ने मारे गए आतंकवादियों के शवों को अपने कब्जे में लेने के लिए फिर से सर्च ऑपरेशन चलाया। परंतु छिपे हुए एक आतंकी ने सुरक्षाबलों को निशाना बनाते हुए फिर से गोलियां बरसाना शुरू कर दी। सतर्क जवानों ने गोलीबारी से बचते हुए आखिरी आतंकवादी को भी मार गिराया।
ये चारों आतंकवादी गांव के एक पशु भाड़े में छिपे हुए थे।सुरक्षाबलों ने चारों आतंकवादियों के शवों व उनके हथियारों को अपने कब्जे में लेने के बाद ऑपरेशन के समाप्त होने की घोषणा कर दी है। पिछले दो दिनों के भीतर सुरक्षाबलों ने कश्मीर में सात आतंकवादियों को ढेर कर दिया है। गत शुक्रवार को दक्षिण कश्मीर के नागनाड़ कुलगाम में जारी मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने सात लाख के इलामी जैश-ए-मोहम्मद के पाकिस्तानी आतंकी वलीद समेत तीन आतंकवादियों को मार गिराया था। वलीद आइईडी विशेषज्ञ माना जाता था।

यूजीसी ने दिया संकेत, सभी विश्वविद्यालयों और कालेजों में प्रवेश प्रक्रिया अगस्त से होगी शुरू

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) कोरोना वायरस के खतरे के चलते बंद पड़े विश्वविद्यालयों और कालेजों में जल्द ही फिर से शैक्षणिक गतिविधियां शुरु होगी। इसकी तैयारी तेज हो गई है। फिलहाल इसकी शुरूआत अंडर ग्रेजुएट से जुड़ी प्रवेश प्रक्रिया से होगी। जो सभी विवि और कालेजों में अगस्त में शुरू हो जाएगी। वहीं नए शैक्षणिक सत्र की शुरूआत अभी तक पिछली गाइडलाइन के तहत सितंबर से ही करने की है, लेकिन इस पर अंतिम फैसला उस समय कोरोना संक्रमण की स्थिति का आंकलन करने के बाद लिया जाएगा।
इस बीच यूजीसी ने प्रवेश प्रक्रिया सहित नए शैक्षणिक सत्र को लेकर संशोधित गाइडलाइन अगले हफ्ते तक जारी करने के संकेत दिए है। माना जा रहा है कि यह सोमवार या मंगलवार तक जारी हो जाएगी। यूजीसी ने यह सक्रियता उस समय दिखाई है, जब सीबीएसई सहित देश भर के लगभग सभी शैक्षणिक बोर्डो का 12 वीं का रिजल्ट घोषित हो चुका है। ऐसे में छात्रों को अब विश्वविद्यालय और कालेजों की शुरू होने वाली प्रवेश प्रक्रिया का इंतजार है।
यूजीसी से जुड़े सूत्रों की मानें तो विश्वविद्यालयों की अंतिम वर्ष की परीक्षाओं को लेकर विवाद न खड़ा हुआ होता, तो अब तक प्रवेश और नए शैक्षणिक सत्र को लेकर भी गाइडलाइन जारी हो गई होती, लेकिन अचानक इस विवाद से खड़े होने से यूजीसी इस मामले में पूरी तरह से उलझ गई। जिसके चलते गाइडलाइन को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका था। हालांकि यूजीसी का मानना है कि अब स्थिति सामान्य है। ज्यादातर विश्वविद्यालयों की ओर से अंतिम वर्ष की परीक्षाओं को लेकर जवाब मिल गया है। जो परीक्षाओं को लेकर तैयार है। बाकी विश्वविद्यालयों से भी संपर्क किया जा रहा है। अगले हफ्ते तक सभी विवि से इसका जवाब मिल सकता है। यूजीसी की ओर से इससे पहले 29 अप्रैल को प्रवेश और नए शैक्षणिक सत्र को लेकर गाइडलाइन जारी की गई थी। हालांकि इसके बाद कोरोना संक्रमण की स्थिति के और गंभीर होने के बाद सारी योजना स्थगित हो गई थी। इनमें परीक्षा कराने का भी योजना है, जिसे इस गाइडलाइन के तहत एक से पंद्रह जुलाई के बीच होना था।
यूजीसी से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक अंतिम वर्ष की परीक्षाओं को लेकर उसका जोर इसलिए है, क्योंकि वह नहीं चाहते है, कि इन छात्रों पर कोरोना का ठप्पा लगे। अधिकारियों की मानना है कि जो लोग इन परीक्षाओं का विरोध कर रहे है, उन्हें अभी यह बात समझ में नहीं आ रही है। लेकिन यदि इन्हें बगैर परीक्षाओं के ही पास कर दिया जाता है, तो जहां भी यह मार्कशीट लेकर जाएंगे, इन्हें कोरोना में बगैर परीक्षाओं के पास किए गए लोगों में गिनती होती रहेगी।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज अमरनाथ का करेंगे दौरा

श्रीनगर (ऊँ टाइम्स)  रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सुरक्षा हालात का जाायजा लेने शुक्रवार को दो दिन के दौरे पर लेह लद्दाख पहुंचे। इस दौरान वे आज लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) का दौरा करेंगे और यहां कि स्थिति की समीक्षा करेंगे। समाचार एजेंसी एएनआइ ने जानकारी दी है कि रक्षा मंत्री आज अमरनाथ मंदिर का भी दौरा करेंगे। इससे पहले उन्होंने शुक्रवार को वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चीनी अतिक्रमण से जुड़े विवाद के बीच भारत की जवाबी रणनीतिक तैयारी का चीन को संदेश देने के लिए लेह-लद्दाख के लुकूंग सैन्य चौकी का दौरा किया। रक्षा मंत्री ने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवाने के साथ लेह-लद्दाख पहुंचकर जहां अग्रिम मोर्चो पर तैनात सैनिकों का मनोबल बढ़ाया वहीं चीन को यह संदेश भी दिया कि बातचीत से हल निकालना ही दोनों देशों के हित में है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लेह पहुंचकर सैनिकों से रूबरू होते हुए चीन को सीमा विवाद को लेकर बेहद कड़ा संदेश देते हुए कहा कि दुनियां की कोई ताकत भारत की एक इंच जमीन पर कब्जा नहीं जमा सकती। उन्होंने बेबाक रूख अपनाते हुए कहा कि अभी तक हुई बातचीत से हल की उम्मीद है। मगर विवाद का किस हद तक समाधान निकलेगा, इसकी गारंटी नहीं दे सकते। उन्होंने यह भी कहा कि सैन्य ताकत के सहारे एलएसी को नए सिरे से परिभाषित करने की चीन की किसी हरकत का माकूल जवाब देने के लिए भारत न केवल तैयार है, बल्कि सक्षम भी है।
लुकूंग सैन्य चौकी पर जवानों को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत दुनिया का एकमात्र देश है जिसने सारे विश्व को शांति का संदेश दिया है। हमने कभी किसी भी देश पर आक्रमण नहीं किया है और न ही किसी देश की जमीन पर हमने कब्जा किया है। भारत ने वसुधैव कुटुंबकम का संदेश दिया है।
एलएसी पर अतिक्रमण को लेकर चीन से जारी तनाव और विवाद की चर्चा करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा, ‘जो कुछ भी अब तक बातचीत की प्रगति हुई है, उससे मामला हल होना चाहिए। कहां तक हल होगा, इसकी गारंटी नहीं दे सकता। लेकिन इतना यकीन जरूर दिलाना चाहता हूं कि भारत की एक इंच जमीन भी दुनिया की कोई ताकत छू नहीं सकती, उस पर कोई कब्जा नहीं कर सकता।’ रक्षामंत्री ने स्पष्ट रूप से इस बयान के जरिये चीन को कड़ा संदेश दिया है कि सीमा विवाद का हल बातचीत से नहीं निकला तब भारत दूसरे विकल्पों के लिए भी तैयार होने से नहीं हिचकेगा। 

संयुक्त राष्ट्र के कार्यक्रम में भारत के प्रधानमंत्री मोदी आज करेंगे परिषद को संबोधित

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज डिजिटल माध्यम से संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक परिषद के उच्च स्तरीय सत्र को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, मोदी परिषद के समापन सत्र को संबोधित करेंगे, जिसमें उनके साथ नार्वे की प्रधानमंत्री एर्ना सोलबर्ग तथा संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतेरस भी शामिल होंगे। भारत के संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अस्थायी सदस्य का चुनाव जीतने के बाद यह पहला मौका होगा, जब भारत के प्रधानमंत्री संयुक्त राष्ट्र को संबोधित करेंगे। भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अस्थायी सदस्य के रूप में 2021-22 सत्र के लिए निर्वाचित हुआ है।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के 75 साल का होने के उपलक्ष्य में आर्थिक एवं सामाजिक परिषद के उच्च स्तरीय सत्र का आयोजन किया जा रहा है। इसका विषय कोविड-19 के बाद बहुपक्षीयता है। यह सुरक्षा परिषद को लेकर भारत की प्राथमिकता को दर्शाता है, जहां उसने कोविड-19 के बाद के विश्व में बहुपक्षीय सुधार की बात कही है। इस वार्षिक उच्च स्तरीय सत्र में सरकार, निजी क्षेत्र, नागरिक संस्थानों और शिक्षाविदों सहित विविध समूहों के उच्च स्तरीय प्रतिनिधि शामिल होंगे। इसमें इस बात पर विचार रखे जा सकते हैं कि 75वीं वर्षगांठ पर हम कैसा संयुक्त राष्ट्र चाहते हैं। बयान के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय माहौल में बदलाव और कोविड-19 महामारी के बीच इस सत्र में बहुपक्षीय व्यवस्था को आकार देने से जुड़े अहम कारकों पर विचार किया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 जुलाई को कोविड के बाद की दुनिया में अमेरिका और भारत की साझेदारी पर इंडिया आइडिया समिट को भी संबोधित करेंगे। यूएस-इंडिया बिजनेस काउंसिल द्वारा आयोजित दो दिवसीय वर्चुअल शिखर सम्मेलन 21-22 जुलाई को होगा। शिखर सम्मेलन भारत सरकार और अमेरिकी प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को एक साथ लाएगा, जो महामारी से निपटने का एजेंडा तय कर रहे हैं।

बम्बई के मलाड इलाके में इमारत ढहा , राहत और बचाव कार्य है जारी

मुंबई (ऊँ टाइम्स) महाराष्ट्र में आज मुंबई के मलाड इलाके में अब्दुल हमीद मार्ग पर एक इमारत गिर गई। इस दौरान चार लोगों को बचाया गया है, एक को अस्पताल भेजा गया है। राहत और बचाव कार्य जारी है। दमकल की चार गाड़ियां, एक वैन और एक एंबुलेंस मौके पर हैं। बताया जाता है कि पिछले कई दिनों से जारी बारिश की वजह से यह हादसा हुआ है, हालांकि अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। मुंबई के मलाड ईस्ट के पिंपरीपाड़ा में भारी बारिश के कारण गत दो जुलाई को दीवार गिर गई थी। इस दौरान करीब 27 लोगों की मौत हो गई थी। इसके पहले पुणे के पास कोंढवा इलाके में भी गत 28 जून देर रात एक मकान की दीवार गिर गई थी। इस दौरान 15 लोगों की मौत हो गई थी।
इससे पहले सितंबर, 2017 में मुंबई में पांच मंजिला इमारत ढह जाने से 34 लोगों की मौत हो गई थी। मुंबई महानगर पालिका से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, 1996 से लेकर सितंबर 2017 तक 17 इमारतें ढह चुकी हैं, जिनमें 267 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। सर्वाधिक 61 लोग इस क्षेत्र से कुछ ही दूर स्थित बाबू गेनू रोड की एक इमारत ढहने से मारे गए थे। यह हादसा सितंबर 2013 में हुआ था। बीएमसी ने कुछ वर्ष पहले मुंबई की 791 इमारतों को अत्यंत खतरनाक घोषित किया था। इनमें से 186 इमारतें ध्वस्त की जा चुकी हैं और 117 खाली करवाई जा चुकी हैं। शेष में अभी भी लोग रह रहे हैं।

दिल्ली मरकत केस में कोर्ट ने कई विदेशियों को सुनाई सजा, विदेशियों ने क़बूल कर लिया था जुर्म

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) दिल्ली मरकज मामले में साकेत कोर्ट ने करीब 275 से ज्यादा विदेशी जमातियों को सजा सुनाई है! विदेशी जमातियों को टिल राइजिंग कोर्ट यानी एक दिन कोर्ट रूम में खड़ा रहने की सजा सुनाया गई है! सभी विदेशी जमातियों पर 5 से 10 हजार रुपए जुर्माना लगाया गया है. विदेशी जमातियों ने कोर्ट के सामने अपनी गलती मानी और कबूल किया की उनसे कोरोना महामारी नियमों की अवहेलना हुई है!
इसके अलावा, फॉरेन एक्ट, डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट, और IPS की कई धाराओं की अवहेलना हुई हैये सभी विदेशी जमाती, चाइना, नेपाल, इंडोनेशिया, विजी, आस्ट्रेलिया और बाकी अन्य देशों से मरकज़ में शामिल होने भारत आए थे!
आप को बता दें कि मरकज़ मामले में दिल्ली पुलिस ने 31 मार्च को कई संगीन धाराओं में केस दर्ज किया था! 13 मार्च को मरकज़ में बड़ी संख्या में लोग देश और विदेश से ज़मात के लिए आये थे, आरोप है कि विदेशी ज़माती टूरिस्ट वीज़ा पर भारत घूमने आए लेकिन यहां धार्मिक गतिविधियों में शामिल हुए. इतना ही नहीं इन लोगों की लापरवाही की वजह से कोरोना वायरस का संक्रमण और ज्यादा फैला!

यूपी के सीएम कार्यालय परिसर में भी कोरोना ने दिया दस्तक, कोरोना से मौत का आंकड़ा यूपी में बढ रहा है

लखनऊ (ऊँ टाइम्स)  उत्तर प्रदेश में बहुत तेजी से फैल रही वैश्विक महाकारी कोरोना वायरस के संक्रमण से स्थिति बिगड़ती चली जा रही है। इस प्रदेश में बीते 24 घंटे में 29 लोगों ने दम तोड़ा है। यही नहीं लखनऊ में मुख्यमंत्री कार्यालय लोकभवन में भी कोरोना संक्रमण फैल गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लोकभवन में पंचम तल पर बैठते हैं। इसी परिसर में स्थित सी ब्लॉक में सचिवालय के विभिन्न कार्यालयों के साथ ही भूतल पर सीएम सोशल मीडिया सेल है। यहां एक प्रशिक्षु आइएएस अफसर भी इसकी चपेट में हैं। राजधानी में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। यूपी में इस समय सबसे ज्यादा 1728 एक्टिव केस लखनऊ में ही हैं। 

कोरोना वायरस के कारण दिल्ली हाई कोर्ट-जिला अदालतों का कामकाज 31 जुलाई तक हुआ स्थगित

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) दिल्ली हाई कोर्ट ने सभी अंतरिम आदेशों को 31 अगस्त तक के लिए बढ़ा दिया है2000 कैदियों की जमानत की मियाद को कोर्ट ने बढ़ाकर 31 अगस्त किया!
राजधानी में कोरोना के लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने अपना और सभी निचली अदालतों के कामकाज को 31 जुलाई तक के लिए अहम मामलों तक प्रतिबंधित कर दिया गया है. यानी कि 31 जुलाई तक न तो नियमित अदालतें खुल सकती हैं और न ही नियमित मामलों की सुनवाई हाई कोर्ट और दिल्ली की बाकी जिला अदालतों में हो पाएगी!
दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस डीएन पटेल की अध्यक्षता में हुई हाई कोर्ट प्रशासन और हाई कोर्ट की जनरल सुपरविजन कमेटी की बैठक में फैसला लिया गया है कि सिर्फ अहम मामलों की सुनवाई ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी, जैसे कि मार्च से अब तक महत्वपूर्ण और अर्जेंट मामलों की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होती आ रही है!
हाई कोर्ट प्रशासन और कमेटी की मीटिंग में ये भी फैसला लिया गया है कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई करने वाली पीठ की संख्या में बढोतरी की जाएगी, जिससे मामलों की सुनवाई की संख्या को कुछ और बढ़ाया जा सके. लॉकडाउन के बाद से ही दिल्ली हाई कोर्ट में नियमित अदालतें नहीं बैठ पाई है. यही स्थिति दिल्ली की सभी जिला अदालतों की भी है. पटियाला हाउस कोर्ट, कड़कड़डूमा, रोहिणी, द्वारका कोर्ट, तीस हजारी कोर्ट समेत साकेत कोर्ट में अभी फिलहाल सिर्फ डयूटी मजिस्ट्रेट ही अर्जेंट मामलों की सुनवाई कर रहे है!
इससे पहले कल 13 जुलाई को भी दिल्ली हाई कोर्ट ने अपने सभी अंतरिम आदेशों को 31 अगस्त तक के लिए बढ़ा दिया है. हाई कोर्ट ने कहा है कि जो भी अंतरिम आदेशों की अवधि 15 जुलाई को खत्म हो रही थी उनको आगे बढ़ाकर 31 अगस्त तक किया जा रहा है. कोर्ट ने कहा कि कोविड-19 के लगातार बढ़ते मामलों के चलते फिलहाल ऐसा किया जा रहा है!
लॉकडाउन के बाद जेल से जमानत पर रिहा किए गए करीब 2000 कैदियों की जमानत की मियाद को भी कोर्ट ने फिलहाल बढ़ाकर 31 अगस्त तक कर दिया गया है. कोर्ट ने कहा, कोविड के मामले दिल्ली हाई कोर्ट में भी रिपोर्ट हुए हैं, ऐसी स्थिति में हालात सामान्य नहीं होने के चलते कोर्ट ये आदेश दे रहा है!

गोरखपुर में स्थित मुख्य मंत्री आवास और गोरखनाथ मंदिर की सुरक्षा ब्योस्था बढाई गई

गोरखपुर (ऊँ टाइम्स) गोरखपुर में स्थित यूपी के मुख्यमंत्री आवास व गोरखनाथ मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर समीक्षा की गई है। फैसला हुआ है कि परिसर में मोबाइल वॉच टावर के अलावा बैरियर व सीसीटीवी कैमरे बढ़ाए जाएंगे।
मंगलवार को पुलिस लाइंस में इसे लेकर सुरक्षा समिति की बैठक की गई है जिसमें कई अहम फैसले लिए गए हैं। सीआईएसएफ द्वारा तैयार सुरक्षा प्लान पर चर्चा के बाद खुफिया एजेंसी ने भी कई सुरक्षा सुझाव साझा किए जिस पर तैयारी शुरू कर दी गई है।
जानकारी के मुताबिक, सीआईएसएफ (केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल) ने करीब छह माह पहले गोरखनाथ मंदिर के साथ ही परिसर में स्थित मुख्यमंत्री आवास की सुरक्षा-व्यवस्था की पड़ताल की थी। तभी सुरक्षा बल ने कई बिंदुओं पर बदलाव का प्लान तैयार किया था।
मंगलवार को एसएसपी की अगुवाई में पुलिस लाइन में बैठक की गई जिसमें लखनऊ से भी टीम आई थी। सुरक्षा मुख्यालय, जिला प्रशासन, आइबी व एलआईयू के अधिकारियों ने मंदिर की सुरक्षा-व्यवस्था से जुड़े सभी बिंदुओं पर चर्चा करने के बाद परिसर में मोबाइल वॉच टॉवर, बैरियर और सीसी कैमरे बढ़ाने का निर्णय लिया।
एसएसपी डॉ सुनील कुमार गुप्ता ने बताया कि मंगलवार को पुलिस लाइन में बैठक कर गोरखनाथ मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था का प्लान तैयार किया गया। सुरक्षा को चाक-चौबंद किया जाएगा। बैठक में सुरक्षा मुख्यालय, खुफिया एजेंसी व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहें।

सुप्रीम कोर्ट में चार घंटे बहस होने के बाद भी नहीं हो सका निर्णय, कल फिर होगी सुनवाई

लखनऊ (ऊँ टाइम्स)  सुप्रीम कोर्ट में उत्तर प्रदेश की 69000 सहायक शिक्षक भर्ती मामले में आज भर्ती से जुड़ी याचिकाओं की सुनवाई चली ! आज इस मामले में लगभग चार घंटे की बहस के बावजूद निर्णय तक नहीं पहुंच पाया। इसलिए कल यानी गुरुवार को भी सुनवाई जारी रहेगी। गुरुवार सुबह 10:30 बजे से सिर्फ इसी मामले को सुना जाएगा। शीर्ष कोर्ट के फैसले पर हजारों की निगाहें लगी हैं। पिछले दिनों हुई सुनवाई में कोर्ट ने किसी मामले में अभ्यर्थियों को राहत नहीं दी है, बल्कि कोर्ट ने सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी जरूर की थी कि वह अगली तारीख पर सुनवाई करके फैसला देगा। अभ्यर्थी यह भी आस लगाए हैं कि सुप्रीम कोर्ट से फैसला भी जल्द आएगा। प्रदेश में जिला आवंटन पा चुके अभ्यर्थी एक माह से नियुक्ति पाने का इंतजार कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों में 69000 सहायक अध्यापक भर्ती विवादों के घेरे में है। यह भर्ती कटऑफ अंक को लेकर हाई कोर्ट में लंबे समय तक फंसी रही, फिर प्रश्नों के जवाब को लेकर ऐन वक्त पर काउंसिलिंग रोकी गई। शिक्षामित्रों के चयन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने 37339 पद भरने पर रोक लगा रखी है। हर बार कोर्ट ने भर्ती के अहम मोड़ पर स्थगनादेश जारी कर दिया। हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने तीन जून को लिखित परीक्षा में पूछे गए 142 प्रश्नों का यूजीसी के विशेषज्ञों से परीक्षण कराने का आदेश दिया था। उस पर 12 जून को दो जजों की पीठ ने रोक लगाकर प्रश्नों के विवाद का अंत कर दिया है। लेकिन, नौ जून को शीर्ष कोर्ट के आदेश की वजह से यह भर्ती अधर में है।
सुप्रीम कोर्ट में अभ्यर्थियों ने दो जजों की पीठ के आदेश को चुनौती देने के लिए कई याचिकाएं दाखिल की। पिछले दिनों हुई सुनवाई में कोर्ट ने किसी मामले में अभ्यर्थियों को राहत नहीं दी है, बल्कि कोर्ट ने सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी जरूर की थी कि वह अगली तारीख पर सुनवाई करके फैसला देगा। प्रदेश सरकार ने हाईकोर्ट का 12 जून का आदेश आने के बाद शीर्ष कोर्ट में मॉडिफिकेशन याचिका दाखिल करके सुनवाई का अनुरोध किया है। सरकार का कहना था कि नौ जून का आदेश उसे बिना सुने किया गया है।
आप को बतादें कि प्रदेश सरकार ने हाई कोर्ट का 12 जून का आदेश आने के बाद शीर्ष कोर्ट में मॉडिफिकेशन याचिका दाखिल करके सुनवाई का अनुरोध किया था, सरकार का कहना था कि नौ जून का आदेश उसे बिना सुने किया गया है। इसकी सुनवाई पहले 14 जुलाई को होनी थी लेकिन, सुप्रीम कोर्ट ने उसे एक दिन और आगे बढ़ाकर 15 जुलाई कर दिया है। इसका फैसला आने के बाद काउंसिलिंग कराकर नियुक्तियां होंगी।

संरक्षित: संदिग्ध विदेशियों से सम्बन्धित हैं यूपी के जिला सिद्धार्थनगर में थाना शोहरतगढ़ के एसआई, केन्द्र स्तरीय जांच और कार्यवाही की है आवश्यकता

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बिहार सरकार ने राज्य में 16 से 31 जुुलाई तक फुल लॉकडाउन का किया ऐलान

पटना (ऊँ टाइम्स)  बिहार में कोरोना की बढ़ती रफ्तार ने राज्य सरकार को चिन्ता में डाल दिया है, अब तो प्रतिदिन एक हजार से ज्यादा नए मरीज मिल रहे हैं, जिसके कारण राज्य सरकार ने बिहार में एक बार फिर सम्पूर्ण लॉक डाउन लगाने का आदेश जारी किया है। मुख्य सचिव कार्यालय से प्राप्त जानकारी के मुताबिक राज्य में 16 से 31 जुलाई तक पूर्ण लॉकडाउन किया गया है। गृह विभाग को अधिसूचना जारी करने का आदेश दे दिया गया है। अधिसूचना के मुताबिक 17 जुलाई से राज्य में पाबंदी लागू रहेगी। मंगलवार को सरकार ने आला अधिकारियों की बैठक में यह निर्णय़ लिया है। इस बैठक में राज्य में बढ़ते कोरोना के मामलों की समीक्षा के बाद अंतिम तौर पर लॉकडाउन पर सहमति बनी है और आदेश दे दिया गया है। बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने भी राज्य में पूर्ण लॉकडाउन की जानकारी दी है।
राज्य में पिछले कुछ दिनों में कोरोना के मामले राज्य स्तर पर तेजी से बढ़े हैं। जून महीने में जहां एक दिन में पॉजिटिव केस मिलने की रफ्तार दो से ढ़ाई सौ थी उसने जुलाई महीने में रफ्तार पकड़ ली। यह रफ्तार अब रोज 11 सौ से 12 सौ केस तक पहुंच चुकी है। लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए सात जुलाई को मुख्य सचिव दीपक कुमार ने जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंस कर निर्देश दिए कि डीएम अपने-अपने क्षेत्र में कोरोना के बढ़ते मामलों का आकलन करें और आवश्यकता के आधार पर आंशिक लॉकडाउन का निर्णय लें। मुख्यसचिव के निर्देश के बाद पहले भागलपुर इसके बाद 10 जुलाई से पटना में आंशिक लॉकडाउन लागू किया गया। अगले ही दिन करीब 15 जिलों में आंशिक लॉकडाउन लगा दिया गया।
अब सरकार ने लॉकडाउन को लेकर कठोर कदम उठाने का फैसला किया है। सरकारने  राज्य में पूर्ण लॉकडाउन के संबंध में मंथन कर फैसला लिया है। मंगलवार को अधिकारियों के साथ इस बिंदु पर समीक्षा हुई। इसके बाद पूरे प्रदेश में एक साथ लॉकडाउन लगाया गया है। राज्य के मुख्य सचिव दीपक कुमार ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा था कि सरकार पूर्ण लॉकडाउन पर विचार कर रही है। मंगलवार तक इस संबंध में कोई अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के अंतिम वर्ष की परीक्षाओं को लेकर यूजीसी ने जारी किया बयान

नई दिल्ली (ऊँटाइम्स)  विश्वविद्यालय की अंतिम वर्ष की परीक्षाओं को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने एक बार से जरूरी करार देते हुए इसे छात्रों के व्यापक हित में बताया है। ऐसे में राज्य परीक्षाओं को लेकर कोई भी फैसला लेने से पहले छात्रों के हितों और शैक्षणिक गुणवत्ता पर पड़ने वाले प्रभाव का भी आंकलन करें। वहीं परीक्षाओं को लेकर जारी गाइडलाइन पर यूजीसी कहना है कि आयोग के रेगुलेशन के तहत सभी विश्वविद्यालय उसे मानने के लिए बाध्य है। हालांकि यह विवाद का समय नहीं है। सभी विश्वविद्यालयों को तय गाइडलाइन के तहत परीक्षाएं करानी चाहिए। 

सभी राज्यों को भेजी गई संशोधित गाइडलाइन और परीक्षाओं को लेकर तैयार की गई एसओपी- आयोग के सचिव रजनीश जैन ने कहा कि उन्होंने सभी राज्यों को परीक्षाओं को लेकर जारी गाइडलाइन और उसे कराने के लिए तय किए गए मानकों का ब्यौरा भेज दिया है। फिर भी यदि विश्वविद्यालयों को किसी भी मुद्दे को लेकर कोई भ्रम है, तो वह संपर्क कर सकते है। उन्होंने कहा कि जहां तक बात परीक्षाओं की है तो कोरोना संकट के चलते वह पहले से इसे लेकर विश्वविद्यालयों को काफी सहूलियतें दे चुके हैं। इसमें वह ऑनलाइन और ऑफलाइन किसी भी तरीके से करा सकते हैं। जिसमें वह ओपन बुक एक्जाम, एमसीक्यू (मल्टीपल च्वायस क्यूश्चन) जैसे परीक्षा के तरीके भी अपना सकते है। 
यूजीसी सूत्रों की मानें तो आयोग ने विवाद के बीच उन कानूनी पहलुओं को भी खंगालना शुरू कर दिया है, जिसके दायरे में सभी विवि आते हैं। हालांकि यूजीसी के जुड़े अधिकारियों का कहना है, कि वह इस विवाद में नहीं पड़ना चाहते हैं। वैसे भी इसे लेकर काफी राजनीति हो रही है। सूत्रों के मुताबिक मानव संसाधन विकास मंत्रालय भी राज्यों के साथ इसे मुद्दे पर जल्द चर्चा कर सकता है।
उनका कहना है कि कोरोना के इस संकटकाल में भी दुनिया का कोई विवि या उच्च शैक्षणिक संस्थान बगैर परीक्षा या असेसमेंट के सर्टिफिकेट नहीं दे रहा है। ऐसे में यदि भारतीय विश्वविद्यालय ऐसा करते है, तो इसका असर उनकी वैश्विक साख पर भी पड़ेगी। साथ ही जो भारतीय छात्र अपनी डिग्रियों या सर्टिफिकेट को लेकर नौकरियों के लिए जाएंगे, उन्हें भी इस चुनौती की सामना करना पड़ सकता है। यूजीसी देश में विश्वविद्यालयों की सबसे बड़ी नियामक संस्था है। सभी डिग्री कोर्स इसकी मंजूरी के बाद ही मान्य होते है। इसके साथ ही सभी विश्वविद्यालयों को शैक्षणिक और शोध से जुड़ी गतिविधियों को संचालित करने के लिए यह वित्तीय मदद भी देती है। 

यूपी के मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को किया सतर्क, कहा घर या दफ्तर में न जुटाएं भीड़

लखनऊ (ऊँ टाइम्स) वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के संक्रमण के प्रसार में योगी आदित्यनाथ सरकार के मंत्री और भाजपा व अन्य पार्टियों के विधायक भी आ रहे हैं। बड़ी संख्या में मंत्रियों तथा विधायकों के कोरोना वायरस की चपेट में आने के कारण योगी आदित्यनाथ ने इन सभी को सख्त निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को सतर्क करने के साथ सलाह भी नी है कि घर या दफ्तर में भीड़ न जुटाएं। संक्रमित होने के बाद अपने तथा घर के लोगों की जांच जरूर कराएं।
कोरोना वायरस के संक्रमण पर बेहद गंभीर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज अपने मंत्रियों को कम से कम लोगों के संपर्क में आने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मंत्रियों को कहा गया है कि वह अपने घर और दफ्तर में मिलने वालों की भीड़ जमा न करें। इसके साथ ही बेहद जरूरी होने पर ही वह फील्ड में जाएं। उन्होंने कहा कि मंत्री भी फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करें। अपने घर और दफ्तर को पूरी तरह से सैनिटाइज कराएं।
प्रदेश सरकार के मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिंह, धर्म सिंह सैनी, चेतन चौहान, उपेंद्र तिवारी तथा रघुराज सिंह के कोरोना पॉजिटिव निकलने बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी को यह सख्त निर्देश दिया है। कैबिनेट मंत्री मोती सिंह का पूरा परिवार कोरोना संक्रमित हो गया था। इसके बाद तो लाइन लग गई। आयुष मंत्री धर्म सिंह सैनी संक्रमित पाए गए हैं। होमगार्ड व राजनैतिक पेंशन मंत्री चेतन चौहान तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री उपेंद्र तिवारी के साथ श्रम राज्य मंत्री रघुराज सिंह के कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद इलाज करा रहे हैं।

कोरोना के संक्रमण ने विधानसभा सचिवालय को भी चपेट में लिया है। उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष के ओएसडी पंकज मिश्रा कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। इसके साथ ही विधानसभा अध्यक्ष का एक गार्ड भी कोरोना संक्रमित मिला है। इन सबके संक्रमित पाये जाने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रियों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले को देखते हुए मोबाइल वैन के जरिए हर मोहल्ले में जांच के निर्देश दिये हैं। अब मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि शीघ्र आरटी-पीसीआर को मोबाइल वैन के जरिए हर घर तक पहुंचाया जाए। जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों की जांच हो सके। अधिक से अधिक जांच से ही संक्रमण को कंट्रोल किया जा सकेगा। एक बार फिर जांच को हर रोज 50 हजार तक पहुंचाने का सीएम योगी ने निर्देश दिया है। इसके साथ एल-1 कोविड अस्पतालों और बेड की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि बिना लक्षण वाले मरीजों को एल-1 अस्पतालों में भर्ती किया जाएगा। सरकार ने सैनिटाइजेशन के लिए भी अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित के विशेष कार्याधिकारी पंकज मिश्रा कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं। विशेष कार्य अधिकारी पंकज मिश्रा को पीजीआई में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित के निजी सहायक अजय प्रताप सिंह भी पॉजिटिव हो गए हैं। विधानसभा अध्यक्ष के निजी सहायक अजय प्रताप सिंह को लोहिया संस्थान में भर्ती कराया गया। गनीमत की बात है कि विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आ गई है, हालांकि वह क्वॉरंटीन ही रहेंगे। 

अमरनाथ यात्रा को कोरोना के चलते रद्द करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दखल देने से किया इनकार

नई दिल्‍ली ( ए. के. द्विवेदी, ऊँ टाइम्स)  सुप्रीम कोर्ट ने अमरनाथ यात्रा के मामले में दखल देने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में सरकार और स्थानीय प्रशासन को निर्णय लेना चाहिए। याचिका में कोरोना को देखते हुए अमरनाथ यात्रा पर रोक लगाने और लाइव दर्शन की मांग की गई थी। हालांकि, जम्‍मू-कश्‍मीर में अमरनाथ यात्रा को लेकर तैयारियां तेज हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर यात्रा को लेकर दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं। इनमें श्रद्धालुओं से पंजीकरण के बाद ही यात्रा में आने को कहा है। इसके अलावा यात्रा में आने से श्रद्धालुओं को खुद को फिट रखने के लिए रोजाना सुबह चार से पांच घंटे सैर करने की सलाह भी दी है। बता दें कि इस बार अमरनाथ यात्रा अवधि कम रखी गई है। साथ ही श्रद्धालुओं को पवित्र गुफा में धूप अगरबत्ती की अनुमति नहीं होगी।
सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को कोविड-19 महामारी के कारण अमरनाथ यात्रा में श्रद्धालुओं पर प्रतिबंध लगाने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई से इन्कार कर दिया। अदालत ने कहा कि इस मुद्दे को स्थानीय प्रशासन को देखना होगा। न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़, इंदु मल्होत्रा और केएम जोसेफ की पीठ ने कहा कि हमें शक्तियों के विभाजन के सिद्धांत का सम्मान करना होगा। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा, हमारा मानना है अनुच्छेद 32 के तहत यहां मामले पर सुनवाई करना अनुचित है। यात्रा होनी चाहिए या नहीं, इस मुद्दे को स्थानीय प्रशासन पर छोड़ दिया जाना चाहिए। निस्संदेह कोई भी निर्णय कानून और सभी प्रासंगिक वैधानिक प्रावधानों के दायरे में होना चाहिए।
शीर्ष अदालत श्री अमरनाथ बर्फानी लंगर्स ऑर्गनाइजेशन द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इसने केंद्र, जम्मू-कश्मीर प्रशासन और श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड से कोरोना वायरस के प्रकोप के मद्देनजर इस वर्ष तीर्थयात्रा पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। याचिकाकर्ता ने इंटरनेट और टेलीविजन के माध्यम से भगवान श्री अमरनाथजी श्राइन के लाइव दर्शन के लिए दिशा-निर्देश देने की भी मांग की थी। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील देवदत्त कामत ने अमरनाथ यात्रा पर प्रतिबंध की मांग करते हुए कहा कि शीर्ष अदालत ने पहले पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा पर भी प्रतिबंध लगाया था।
हालांकि, इस पर पीठ ने कहा कि शीर्ष अदालत ने बाद में रथ यात्रा की अनुमति देने के लिए आदेश को संशोधित किया। पीठ ने कहा, हम यह निर्धारित नहीं कर सकते कि किसी विशेष इलाके में यात्रा आयोजित की जानी चाहिए या नहीं। इन मुद्दों से जिला प्रशासन ही निपट सकता है। जम्मू और कश्मीर प्रशासन ने पांच जुलाई को जम्मू से अमरनाथ गुफा तक सड़क मार्ग से प्रतिदिन 500 तीर्थयात्रियों को यात्रा की अनुमति देने का निर्णय लिया था।

यूपी में अब हर हफ्ते में दो दिन रहेगा लॉकडाउन, शनिवार व रविवार को सब बंद रहेगा

लखनऊ (ऊँ टाइम्स) वैश्विक महामारी कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार पर नियंत्रण करने के लिए उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने अब नया फॉर्मूला खोजा है। प्रदेश में शुक्रवार रात से 55 घंटे के लॉकडाउन के बाद अब हर हफ्ते में दो दिन का लॉकडाउन करने का निर्णय लिया गया है। मिनी लॉकडाउन के तहत प्रदेश में अब सिर्फ पांच दिन कार्यालय तथा बाजार खुलेंगे। यानी कोरोना के संक्रमण काल तक प्रदेश में फाइव डे वीक के तहत काम होगा।   
योगी आदित्यनाथ सरकार ने कोरोना संक्रमण के प्रसार पर बेहतर नियंत्रण करने के लिए प्रदेश के हर जिले में अब हर हफ्ते के शनिवार को कंपलीट लॉकडाउन का फैसला लिया है। इसके तहत आवश्यक सेवाओं को छोड़कर अब सब बंद रहेगा। कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने अब बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश में लागू होगा मिला लॉकडाउन का फॉर्मूला। प्रदेश में अब हर हफ्ते वीकेंड लॉकडाउन लगेगा। जिसके तहत हफ्ते में दो दिन सभी दफ्तर के साथ बाजार बंद रहेंगे। अब हर शनिवार व रविवार को वीकेंड लॉकडाउन होगा।

अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि अभी स्वच्छता के लिए सरकार ने जिस तरह 55 घंटे की बंदी की है, वैसा ही प्रतिबंध हर शनिवार-रविवार को रहेगा। यह सावधानी कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखकर अपनाई जा रही है। अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि शनिवार रविवार को होने वाली बंदी से आर्थिक गतिविधियों को पूरी तरह मुक्त रखा जाएगा। यह कदम शारीरिक दूरी बनाए रखने के लिए उठाया जा रहा है।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने रविवार को अपने सरकारी आवास पर टीम-11 के साथ कोविड-19 के प्रभाव में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने निर्देश दिया कि कोरोना संक्रमण के दृष्टिगत अब प्रदेश में अग्रिम आदेश तक सभी बाजार सोमवार से शुक्रवार तक खुलेंगे। सभी जगह शनिवार व रविवार को साप्ताहिक बंदी रहेगी। साप्ताहिक बंदी के दौरान प्रदेश में सभी बाजारों की स्वच्छता एवं सैनिटाइजेशन के लिए विशेष कार्यक्रम चलेगा। इसके साथ औद्योगिक इकाइयों को शनिवार व रविवार को अपने यहां सेनिटाइजेशन का कार्य कराने के निर्देश दिया गया है। इस दौरान सभी कोविड अस्पतालों में ऑक्सीजन की निर्बाध आपूॢत सुनिश्चित की जाए। इसके साथ वर्तमान में चल रहे निर्माण कार्य जैसे एक्सप्रेस-वे, डैम इत्यादि तथा बाढ़ के दृष्टिगत तटबन्धों की मरम्मत के कार्य सोशल डिस्टेंसिंग के साथ निरन्तर किए जाएं। 
कोरोना वायरस को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने फाइव-डे वीक फॉर्मूला लागू किया है। यानी हर शनिवार तथा रविवार को सभी दफ्तर व बाजार बंद रहेंगे। यह फॉर्मूला लम्बे समय तक चलेगा। प्रदेश में सभी कार्यालय तथा बाजार सोमवार से शुक्रवार तक खुलेंगे। कोरोना वायरस को लेकर यूपी सरकार ने अब नई रणनीति तैयार की है। अब शनिवार व रविवार को प्रदेश सरकार के कार्यालय के साथ ही सभी ऑफिस भी बंद रहेंगे। जिला स्तर पर डीएम को भी नियम बनाने की छूट दी गई है। वह बाजारों को लेकर नियम बना सकते हैं।

उत्तर प्रदेश में बहुत तेजी से बढ़ रहा है COVID-19 का संक्रमण, हरदोई में पुलिस के CO ने तोड़ा दम

लखनऊ (ऊँ टाइम्स)  उत्तर प्रदेश में वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रसार पर कुछ नियंत्रण करने की खातिर सीएम योगी आदित्यनाथ ने 55 घंटा का लॉकडाउन घोषित किया है, लेकिन हालात बदतर होते जा रहे हैं। हरदोई में तैनात रहे पुलिस क्षेत्राधिकारी की आज कोरोना संक्रमण से मौत हो गई जबकि शनिवार को प्रदेश में रिकॉर्ड 1403 संक्रमित मिले थे। वाराणसी में रविवार को 38 कोरोना पॉजिटिव केस सामने आ गए हैं। जिले में अब कुल संक्रमितों की संख्या 798 हो गई है।
हरदोई में हरियावां सर्किल के सीओ नागेश मिश्रा करीब दस दिन पहले बीमार हो गए थे। निमोनिया होने पर उनका इलाज चल रहा था। इसी बीच जिला अस्पताल में उनका ट्रूनेट कोरोना टेस्ट कराया गया जोकि निगेटिव आया। इसके बाद भी हालत में सुधार न होने पर लखनऊ रेफर कर दिया गया। यहाँ कोरोना जांच में उनका टेस्ट पॉजिटिव आया। हालत में सुधार न होता देख शनिवार को उनको किंग जार्ज मेडिकल कॉलेज से संजय गांधी पीजीआई में शिफ्ट किया गया। जहां वह वेंटीलेटर पर थे। आज सुबह उनका निधन हो गया। नागेश मिश्रा सीओ के पहले हरदोई में शहर कोतवाल के अलावा सांडी, पिहानी में कोतवाल भी रहे।

यूपी के सीतापुर में शनिवार देर रात सीडीआरआई से सीएमओ को प्राप्त रिपोर्ट में किशोरी सहित तीन और लोगों के पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई है। इसमें बिसवां क्षेत्र की 16 वर्षीय किशोरी भी शामिल है। सीएमओ डॉ आलोक वर्मा ने बताया कि परसेंडी क्षेत्र के लालपुर गांव के एक महिला ने कुछ दिन पहले किसी बात को लेकर कीटनाशक का सेवन कर लिया था। उसके घर वालों ने उसे 5 जुलाई को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। डॉक्टरों ने इसे केजीएमयू लखनऊ रेफर कर दिया था, जहां जांच में महिला 7 जुलाई को कोरोना पॉजिटिव पाई गई थी। इस महिला की बहू भी कोरोना वायरस से संक्रमित है। इसे खैराबाद अस्पताल में शिफ्ट किया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ बिसवां कस्बे के खंभा पुरवा मुहल्ले की 16 वर्षीय किशोरी भी कोरोना से संक्रमित मिली है। बिसवां के मगरहिया मुहल्ले का 43 वर्षीय एक युवक भी कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। इन सभी को खैराबाद अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है। परसेंडी सीएचसी अधीक्षक डॉक्टर सुनील शुक्ला ने बताया कि लालपुर की महिला में कोरोना वायरस की पुष्टि 7 जुलाई को हुई थी। वह के केजीएमयू में भर्ती है। उसका दूसरा सैंपल भी जांच में पॉजिटिव आया है।
कोरोना वायरस संक्रमण का प्रसार उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ रहा है। जुलाई में ज्यादा मरीज मिलने के एक के बाद एक रिकार्ड टूट रहे हैं। शनिवार को रिकार्ड 1403 नए मरीज मिले। बीते 24 घंटे में सर्वाधिक 42,354 नमूनों की जांच भी की गई। इससे पहले शुक्रवार को 1347 मरीज मिले थे। वहीं इस खतरनाक वायरस के संक्रमण ने शनिवार को 25 और लोगों की जान ले ली। प्रदेश में अब तक कुल 913 लोग कोरोना संक्रमण के कारण दम तोड़ चुके हैं। वहीं अब एक्टिव केस बढ़कर 11,490 हो गए हैं और अब तक कुल 22,689 मरीज स्वस्थ हुए चुके हैं। कोरोना से अब तक कुल 35,103 लोग संक्रमित हो चुके हैं।
प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री मोती सिंह के बाद योगी आदित्यनाथ सरकार के मंत्री चेतन चौहान कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। शनिवार को वह इस जानलेवा वायरस के संक्रमण की जद में आ गए। शुक्रवार को लखनऊ के सिविल अस्पताल में यूपी के होमगार्ड मंत्री चेतन चौहान की जांच की गई थी। निदेशक डॉ. डीएस नेगी के मुताबिक ट्रूनेट टेस्ट में मंत्री में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है। सीएमओ डॉ. नरेंद्र अग्रवाल के मुताबिक मंत्री चेतन चौहान को संजय गांधी पीजीआई में भर्ती करा दिया गया। उनके परिवार के लोगों के भी टेस्ट कराए जाएंगे। वहीं, समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद धर्मेन्द्र यादव, विधानमंडल दल के नेता राम गोविंद चौधरी के बाद अब एमएलसी सुनील सिंह साजन कोरोना वायरस के संक्रमण में हैं।  

अनेक राज्यों ने विश्वविद्यालयों की परीक्षा कराने में जताई है असमर्थता

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  कोरोना महामारी के कारण पहले विश्वविद्यालयों में पढ़ाई नहीं हो सकी है और अब परीक्षाओं को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग और गृह मंत्रालय के दिशा निर्देशों से असहमति जताते हुए कई राज्य परीक्षा नहीं कराने की बात कर रहे हैं। दिल्ली, पंजाब और बंगाल के मुख्यमंत्रियों ने प्रधानमंत्री को अलग-अलग पत्र लिखकर इस मामले में हस्तक्षेप का आग्रह किया। दिल्ली सरकार ने तो घोषणा कर दी कि वह राज्य के विश्वविद्यालयों की परीक्षा नहीं कराएगा। इसमें स्नातक एवं स्नातकोत्तर की अंतिम वर्ष की परीक्षा भी शामिल है।

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर ने पीएम को इस मुद्दे पर दूसरा पत्र लिखा है। उनका कहना है कि कोरोना के बढ़ते केसों को देखते हुए परीक्षा कराना संभव नहीं है। ऑनलाइन परीक्षा भी नहीं कराई जा सकती, क्योंकि बहुत से विद्यार्थियों के पास न तो लैपटॉप-कंप्यूटर इत्यादि की सुविधा है और न ही इंटरनेट की। राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा ने केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल को शुक्रवार को पत्र लिखा था।

बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पीएम को लिखे पत्र में कहा कि यूजीसी के 6 जुलाई का दिशानिर्देश छात्र हितों पर प्रतिकूल असर डालेगा। इसलिए मामले पर तुरंत पुनर्विचार किया जाए। बंगाल के कुलपतियों ने भी यूजीसी को पत्र लिखकर अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं कराने से हाथ खड़ा कर दिया है।

सीएम दिल्ली केजरीवाल बोले, रद की जाएं परीक्षाएं – दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अनुरोध किया कि दिल्ली विश्वविद्यालय समेत अन्य केंद्रीय विश्वविद्यालयों के आखिरी सेमेस्टर की परीक्षाएं रद की जाएं। उन्होंने पत्र में लिखा है कि आइआइटी और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में भी आखिरी सेमेस्टर के छात्रों को आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर डिग्री दी जा रही है तो अन्य के लिए भी यह नियम लागू क्यों नहीं हो सकता है।
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने पत्रकार वार्ता कर कहा कि लॉकडाउन के कारण इस पूरे सेमेस्टर में पढ़ाई नहीं हो पाई है। लैब, लाइब्रेरी, प्रैक्टिकल, रिसर्च इत्यादि पूरी तरह बंद रहे। पढ़ाई के बिना परीक्षा कराना अन्याय होगा। छात्रों को डिग्री व प्रोन्नति पूर्व की सेमेस्टर परीक्षाओं में मिले नंबरों के आधार पर दी जाएगी। पूर्व के आंतरिक कार्य के अलावा अन्य उचित मानदंडों के आधार पर मूल्यांकन का फार्मूला तलाशा जाएगा। इससे लाखों बच्चों को राहत मिलेगी।

बिहार, मध्‍य प्रदेश निर्देशों का पालन करेंगे – बिहार, मध्यप्रदेश, हिमाचल प्रदेश और केंद्र शासित चंडीगढ़ ने यूजीसी के दिशा-निर्देशों का पालन करने का फैसला किया है। जम्मू-कश्मीर के जम्मू विश्वविद्यालय ने अभी कोई फैसला नहीं किया है। कश्मीर विश्वविद्यालय ने भी अंडर ग्रेजुएट और पीजी की फाइनल परीक्षाएं नहीं की हैं, लेकिन कुछ सेमेस्टर की परीक्षाएं ऑनलाइन कराई जा रही हैं।

उत्तर प्रदेश में परीक्षा की तैयारी- उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालयों में स्नातक व परास्नातक की परीक्षा को लेकर चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एनके तनेजा की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया था। कमेटी ने सभी विद्यार्थियों को पिछली कक्षा के अंकों के आधार पर अगली कक्षा में प्रोन्नत करने की सिफारिश की थी। इस पर राज्य सरकार ने सैद्धांतिक सहमति भी दे दी थी लेकिन यूजीसी ने स्नातक व परास्नातक अंतिम वर्ष व अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं सितंबर में करवाने के सुझाव बीते दिनों दिए। उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा का कहना है कि सभी विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। 

दिल्ली के उप मुख्य मंत्री ने कहा, दिल्ली सरकार की यूनिवर्सिटियों में इस साल नही होंगी परीक्षायें

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  कोरोना वायरस संक्रमण के चलते दिल्ली में सत्तासीन आम आदमी पार्टी सरकार ने घोषणा की है कि दिल्ली सरकार की यूनिवर्सिटी में इस साल परीक्षाएं नहीं कराई जाएंगीं। छात्र-छात्राओं के इंटर्नल एग्जाम के आधार पर इवेल्यूएशन कराकर उन्हें उत्तीर्ण किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने आज एक डिजिटल पत्रकार वार्ता में कहा है कि केंद्र सरकार के अंतर्गत आने वाली सभी यूनिवर्सिटी के लिए भी यही रास्ता अपनाया जाए। उन्होंने यह सुझाव दिया है, लेकिन मानना या मानना केंद्र सरकार पर निर्भर करता है।
दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने यह भी कहा है कि सभी यूनिवर्सिटीज़ को फाइनल एग्ज़ाम कैंसल कर छात्रों के इवैल्युएशन का कोई पैमाना तैयार कर डिग्री जल्द से जल्द देने के लिए कहा गया है। कोरोना की वजह से एग्ज़ाम लेना और डिग्री न देना अन्याय होगा। ये निर्णय स्टेट यूनिवर्सिटीज़ के लिए लिया गया है। 
बताया जा रहा है कि इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भी लिखा है। पत्र में कहा गया है कि इससे छात्र-छात्राओं पर मानसिक दबाव भी नहीं पड़ेगा और कोरोना वायरस संक्रमण से लड़ाई भी चलती रहेगी।
पत्रकार वार्ता के दौरान मनीष सिसोदिया ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण के चलते स्कूल और कॉलेज अभी भी बंद हैं, जब स्कूल बंद किए गए थे तब उनकी परीक्षा चल रही थी। ऐसे में हमने 9वीं और 11वीं के बच्चों के बारे में फैसला लिया था कि उनकी परीक्षा की जगह बिना एग्जाम के अगली क्लास में भेजेंगे। इस बाबत हमने केंद्र सरकार से दसवीं और बारहवीं के बारे में भी यही व्यवस्था करने को कहा था। केंद्र सरकार ने इसको मान लिया था। स्कूल का मामला अलग था, लेकिन यूनिवर्सिटी का मामला थोड़ा पेचीदा है। जिस सेमेस्टर को पढ़ाया ही नहीं गया उसके बारे में एग्जाम लेना मुश्किल है, यह दिल्ली सरकार का मानना है।

यूपी में 55 घंटों के लिए शहरी और ग्रामीण इलाकों के बाजार, हाट और मंडियां रहेंगी बंद

लखनऊ (ऊँ टाइम्स)  कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण और बारिश के मौसम में संचारी रोगों की आहट के बीच उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की ओर से इन पर काबू पाने के लिए लागू किया गया 55 घंटे का प्रदेशव्यापी प्रतिबंध शुक्रवार रात 10 बजे से लागू हो गया। अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी का कहना है कि बंदी के दौरान पुलिस को शासन के आदेशों का सख्ती से अनुपालन कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं। निर्देशों का उल्लंघन करने वालों से पुलिस सख्ती से निपटेगी।
सोमवार सुबह पांच बजे तक घोषित इस प्रतिबंध के दौरान शनिवार और रविवार को प्रदेश के सभी कार्यालय तथा शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में बाजार, हाट, गल्ला मंडी और व्यावसायिक प्रतिष्ठान आदि बंद रहेंगे। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सेवा समेत आवश्यक सेवाओं और वस्तुओं की आपूर्ति इस दौरान जारी रहेगी। इन सेवाओं से जुड़े कार्मिकों और डोर स्टेप डिलीवरी से जुड़े लोगों के आने-जाने पर कोई रोक नहीं होगी। शनिवार और रविवार को धार्मिक स्थल भी पहले की तरह खुले रहेंगे। रेलवे और हवाई सेवाएं जारी रहेंगी। रेल से आने वाले यात्रियों के आवागमन के लिए उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की ओर से बसों की व्यवस्था की जाएगी। इन बसों को छोड़कर उत्तर प्रदेश रोडवेज सेवाओं का प्रदेश के अंदर आवागमन प्रतिबंधित रहेगा।
हवाई अड्डों से यात्री अपने गंतव्य को जा सकेंगे। माल की ढुलाई करने वाले वाहनों का आवागमन भी जारी रहेगा। राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के किनारे स्थित पेट्रोल पंप पर ढाबे खुले रहेंगे। बड़े निर्माण कार्य भी जारी रहेंगे। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सभी औद्योगिक इकाइयां भी यथावत चालू रहेगी बशर्ते उनमें शारीरिक दूरी और स्वास्थ्य संबंधी प्रतिबंधों का कड़ाई से अनुपालन हो। सभी औद्योगिक इकाइयों में कोविड हेल्प डेस्क भी अनिवार्य रूप से संचालित होंगी। कोविड 19 महामारी पर काबू पाने को विशेष स्वच्छता अभियान चलाने के मकसद से यकायक घोषित की गई है!

मौसम विभाग ने पूर्वी यूपी में भारी बारिश का किया रेड अलर्ट, उत्‍तराखंड और बिहार सहित इन राज्‍यों में भी खतरा

नई दिल्‍ली (ऊँ टाइम्स)  मौसम विभाग ने पूर्वी उत्‍तर प्रदेश के विभिन्‍न इलाकों में आंधी वज्रपात के साथ ज्‍यादा भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा अगले 48 घंटे में उत्‍तराखंड, बिहार और उत्‍तर पश्चिमी रिजन में भारी बारिश की भी चेतावनी जारी की गई है। विभाग ने राष्‍ट्रीय राजधानी दिल्‍ली में 11 और 12 जुलाई के लिए भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। वहीं मौसम का पूर्वानुमान जारी करने वाली निजी एजेंसी स्‍काईमेट वेदर की रिपोर्ट के मुताबिक, अगले 24 घंटों के दौरान असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और झारखंड में भी तेज मानसूनी बारिश के आसार हैं। 
मौसम विभाग के मुताबिक, राजस्‍थान और हरियाणा के अलग अलग इलाकों में भी तेज हवा और गरज चमक के साथ बारिश हो सकती है। हरियाणा के नारनौल, भ‍िवाड़ी, नूह, फारुख नगर, बावल और गुरुग्राम में मौसम की ये स्थितियां लोगों की समस्‍याएं बढ़ा सकती हैं। वहीं राजस्‍थान के प‍िलानी, सादुलपुर जैसे इलाकों में गरज चमक के साथ बारिश की संभावना है। यही नहीं जम्मू कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में भी हल्की बारिश हो सकती है। दक्षिणी कोंकण और गोवा, तटीय कर्नाटक, तेलंगाना, विदर्भ और पूर्वी मध्य प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है। 
मौसम विभाग की ओर से शुक्रवार को जारी किए गए रेड अलर्ट में कहा गया है कि अगले दो दिनों तक पूर्वी उत्‍तर प्रदेश के विभिन्‍न इलाकों में तेज हवाओं और वज्रपात के साथ भारी बारिश होगी। पश्चिमी उत्‍तर प्रदेश में भी भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग ने पश्चिमी यूपी के विभिन्‍न इलाकों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। प्रयागराज, अमेठी, आजमगढ़, गोरखपुर, सुल्‍तानपुर, वाराणसी, कौशांबी, कुशीनगर समेत 20 अन्‍य जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इसके साथ ही उत्‍तराखंड में भी भारी बारिश का दौर देखा जा सकता है। 

केरल के सीएम ने कहा, तिरुअनंतपुरम में एक हफ्ते के लिए बढ़ाया गया लॉकडाउन

तिरुअनंतपुरम (ऊँ टाइम्स) केरल सरकार ने तिरुअनंतपुरम में लॉकडाउन को एक हफ्ते के लिए और बढ़ाने का आदेश जारी कर दिया है। केरल के मुख्‍यमंत्री पी विजयन ने बताया कि कंटेनमेंट जोनों में ट्र‍िपल लॉकडाउन रहेगा। राज्‍य सरकार ने कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए यह फैसला लिया है। केरल के विभिन्‍न इलाकों में लॉकडाउन लगाए जाने के बाद विदेश या दूसरे राज्यों से आए अब तक लगभग 2400 लोग कोरोना वायरस (COVID-19) से संक्रमित पाए गए हैं।  
सरकार की ओर से जारी ओदश में कहा गया है कि तिरुवनन्तपुरम के कंटेनमेंट जोनों में सख्‍त ट्रिपल लॉकडाउन भी जारी रहेगा। ट्रिपल लॉकडाउन के दौरान सरकार ने नियमों को और ज्यादा सख्त बनाया गया है। इस दौरान शहर की सभी सड़कें पूरी तरह से बंद रहेंगी और जरूरी सेवाओं को छोड़कर सभी गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक रहेगी। आदेश में कहा गया है कि लॉकडाउन का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 
उल्‍लेखनीय है कि बीते दिनों केरल सरकार ने बढ़ते कोरोना संक्रमण पर लगाम लगाने के लिए कार्यस्थलों, सार्वजनिक स्थानों और सार्वजनिक परिवहन वाहनों से यात्रा करते समय नाक, मुंह को ढंकने और दो गज यानी छह फीट की शारीरिक दूरी बनाए रखने के नियमों को साल भर के लिए लागू कर दिया था। राज्य सरकार ने इसके लिए राज्‍य महामारी रोग अध्यादेश 2020 में निहित अपने अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए उसमें कुछ नए नियम भी जोड़े थे। 

विकास दूवे को मुठभेड़ में मारे जाने की आशंका पर रात में सुप्रीम कोर्ट में दायर हुई थी याचिका

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)   विकास दुबे की कानपुर में पुलिस के साथ एनकाउंटर में मौत से पहले उसकी एनकाउंटर की आशंका को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर किया जा चुका था ! इस याचिका में उसके पांच सहयोगियों की उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ मुठभेड़ में मौत की जांच के लिए आदेश देने की मांग की गई थी, जो दो जुलाई की रात कानपुर में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या में शामिल थे। याचिकाकर्ता ने दुबे की मुठभेड़ में हत्या की आशंका भी व्यक्त किया था, और मामले की सीबीआइ जांच की मांग की गई थी। वकील और याचिकाकर्ता घनश्याम उपाध्याय ने इस मामले पर तत्काल सुनवाई की मांग करते हुए गुरुवार को याचिका दायर किया था।
इसके कुछ घंटों बाद शुक्रवार को कानपुर के रास्ते में एसटीएफ अधिकारियों के साथ मुठभेड़ में गंभीर रूप से घायल होने के बाद दुबे की मौत हो गई। उज्जैन में मध्य प्रदेश पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। इसके बाद उसे  यूपी पुलिस व एसटीएफ टीम आज कानपुर ला रही थी। पुलिस के अनुसार इस दौरान पुलिस का वाहन दुर्घटना ग्रस्त होकर पलट गया। तभी विकास ने पुलिसकर्मी का पिस्टल छीनकर भागने का कोशिश किया और मुठभेड़ में मारा गया। 

कानपुर में एसटीएफ के हाथों मारा गया विकास दुबे

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) कुछ दिन पूर्व कानपुर में 8 पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी विकास दुबे कानपुर में एसटीएफ के हाथों मारा गया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उज्जैन से कानपुर आ रही यूपी एसटीएफ की गाड़ी को रास्ते में पलटने के बाद विकास दुबे ने भागने का कोशिश किया, इसके बाद पुलिस और विकास दुबे के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई। गाड़ी पलटने के बाद मोस्टवांटेड विकास दुबे ने पिस्टल छीनकर गोली चलाई। एनकाउंटर में गंभीर रूप से घायल विकास को पुलिस अस्पताल लेकर गई , जिसके बाद उसकी मौत हो गई। पुलिस की ओर से इसकी पुष्टि की गई है। जब कि चर्चा यह भी है कि पुलिस और एसटीएफ ने पहले से ही विकास दूवे को मारने का प्लान बना रखा था , और उसे ले जाकर मारने के बाद अपने बचाव के लिए पिस्टन छीन कर भागना और मुठभेड़ में मारा जाना आदि दिखाया जा रहा है! फिलहाल चाहे जैसे भी मारा गया हो, लेकिन उन 8 पुलिस वालों के परिजनों के कलेजों को ठंढक जरूर मिली होगी, जिनकी मौत हुई थी!

कानपुर का विकास दुबे मध्य प्रदेश के उज्जैन महकाल मंदिर से हुआ गिरफ्तार

लखनऊ (ऊँ टाइम्स)  कानपुर जिले के चौबेपुर में दो व तीन जुलाई की रात दबिश में गई पुलिस टीम पर हमलाकर सीओ सहित आठ जांबाजों का हत्यारा पांच लाख का इनामी विकास दुबे मध्य प्रदेश के उज्जैन से गिरफ्तार हो गया है।
सैकड़ों पुलिस टीम के साथ एसटीएफ को बीते सात दिन के चकमा दे रहा विकास दुबे हरियाणा के फरीदाबाद से उज्जैन पहुंच गया।  उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा इनामी गैंगस्टर विकास दुबे उज्जैन से गिरफ्तार हुआ है। अब मध्य प्रदेश पुलिस ने उसको यूपी पुलिस को सौंपा है। उसकी आधिकारिक तौर पर गिरफ्तारी हो चुकी है।
उज्जैन के जिला कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि विकास दुबे महाकाल का दर्शन करने मंदिर में जा रहा था। उसी समय सुरक्षाकर्मियों ने उसको पहचाना और कंट्रोल रूम को सूचना दी। इसके बाद विकास दुबे वहां पर चिल्ला-चिल्लाकर कहने लगा कि मैं ही विकास दुबे हूं। इसके बाद पुलिस की टीम ने उसको पकड़ा और कंट्रोल रूम में लेकर गई। कानपुर का कुख्यात गैंगस्टर और आठ पुलिसकर्मियों की हत्या का आरोपित विकास दुबे उज्जैन में सुबह 7:45 अपने कुछ साथियों के साथ महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए आया था। इस दौरान वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों को शक हुआ तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिसकर्मी उसे चौकी लेकर पहुंचे।‌ बाद में उज्जैन एसपी मनोज सिंह दुबे को गिरफ्तार कर कंट्रोल रूम ले गए। महाकाल थाना पुलिस युवक को गाड़ी मे बैठाकर कंट्रोल रूम तरफ लेकर गई। 
मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि मध्य प्रदेश पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। कानपुर में वारदात के बाद से ही मध्य प्रदेश पुलिस अलर्ट मोड पर थी। मध्य प्रदेश पुलिस को इंटेलिजेंस से कुख्यात अपराधी विकास दुबे के उज्जैन आने की सूचना मिली थी।
इसी आधार पर महाकाल थाना पुलिस ने विकास की गिरफ्तारी की है। अपराधी चाहे कितना ही बड़ा हो, हमारी पुलिस किसी को भी छोड़ती नहीं है। विकास दुबे हमारी कस्टडी में है। विकास दुबे प्रारंभ से ही क्रूरता की हदें पार करता रहा है। अब उसको उसके कृत्यों की सजा मिलेगी। 
विकास दुबे ने से महाकाल मंदिर की 250 रुपये की पर्ची भी कटाई और जैसे आम लोग दर्शन करते है वेसे ही दर्शन करने लाइन में लगा था। उसे इनकाउंटर का डर भी था यहि कारण है कि उससे अपने आप को सरेंडर किया है। तमाम सवाल भी इसके बाद उपज रहे है कि विकास दुबे इतनी सख्ती के बाद मध्य प्रदेश में कैसे प्रवेस कर गया और उज्जैन तक कैसे पहुंचा। एसपी मनोज सिंह तुरंत महाकाल चौकी पर पहुंचे और इस मामले में आगे पुछताछ की जा रही है बाद में उसे महाकाल थाने के  बाद किसी सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है जहां उससे पुछताछ की जा रही है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विकास दुबे की उज्जैन से गिरफ्तारी के मामले पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से फोन पर चर्चा की है। मध्य प्रदेश पुलिस अब विकास दुबे को यूपी पुलिस को हैंड ओवर करेगी। उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव गृह व सूचना अवनीश कुमार अवस्थी ने भी विकास दुबे की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। 
विकास दुबे की गिरफ्तार के कुछ देर बाद ही पुलिस ने उज्जैन आए लखनऊ के दो वकीलों को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। यह निजी गाड़ी से उज्जैन आए थे। वकीलों को दुबे से कनेक्शन है या नहीं, पुलिस इसकी पुष्टि कर रही है।
इससे पहले सुबह कानपुर शूटआउट के मुख्य आरोपी विकास दुबे के करीबी रणबीर शुक्ला और प्रभात मिश्रा को पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया। प्रभात मिश्रा को पुलिस ने फरीदाबाद के होटल से गिरफ्तार किया था। प्रभात पुलिस की कस्टडी से भाग रहा था। इसके बाद एनकाउंटर में प्रभात को मार गिराया गया। इसके अलावा इटावा में विकास दुबे के करीबी रणबीर शुक्ला को मार गिराया गया है।
पुलिस के मुताबिक, रणबीर शुक्ला ने देर रात महेवा के पास हाईवे पर स्विफ्ट डिजायर कार को लूटा था। उसके साथ तीन और बदमाश थे। पुलिस को लूट की जैसे ही खबर मिली, पुलिस ने चारों को सिविल लाइन थाने के काचुरा रोड पर घेर लिया। पुलिस और रणबीर शुक्ला के बीच फायरिंग शुरू हो गई। इस फायरिंग के दौरान रणबीर शुक्ला को ढेर कर दिया गया। उसके तीनों साथी भागने में कामयाब रहे। इटावा पुलिस ने आस-पास के जिले को अलर्ट कर दिया है। रणबीर शुक्ला पर पुलिस ने 50 हजार का इनाम रखा था। वह भी कानपुर शूटआउट का एक आरोपी था। 

विकास दुबे के करीबी दो और लोगों को पुलिस ने किया ढेर, पुलिस ढूंढ ढूंढ कर मार रही है विकास दूवे से सम्बन्धित लोगों को

कानपुर (ऊँ टाइम्स) यूपी से पांच लाख के इनामी विकास दुबे के दो और साथियों को पुलिस ने ढेर कर दिया है। विकास के साथी प्रभात को कानपुर के पनकी और रणवीर उर्फ बापन शुक्ला को इटावा में ढेर कर दिया है। इससे पहले बुधवार की सुबह विकास के नजदीकी अमर दुबे को हमीरपुर में पुलिस ने मार गिराया था।
पुलिस का कहना है कि बुधवार को फरीदाबाद क्राइम ब्रांच ने विकास के साथी प्रभात मिश्रा को गिरफ्तार किया था। वहां कोर्ट में पेश करने के बाद यूपी पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर कानपुर ला रही थी, तभी पनकी थाना क्षेत्र में गाड़ी पंक्चर हो गई। इस बीच मौक़ा पाकर अभियुक्त प्रभात ने पुलिस की पिस्टल छीनकर भागने का प्रयास किया गया और पुलिस पार्टी पर फायरिंग की। एसटीफ के दो आरक्षी गंभीर रूप से घायल हो गये, वहीं जवाबी फायरिंग में गोली लगने से प्रभात भी घायल हो गया। उसे अस्पताल ले ज़ाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। उल्लेखनीय है कि फ़रीदाबाद पुलिस ने प्रभात को 2 अन्य लोगों के साथ गिरफ़्तार किया था और 4 पिस्टल और 44 राउंड्ज़ बरामद हुए थे, जिसमे से 9mm की 2 पिस्टल बिकरु से पुलिस से लूटी हुई थी।

इसी तरह इटावा सिविल लाइन पुलिस ने कचौरा रोड पर एक मुठभेड़ में एक बदमाश को मार गिराया है , जिसकी पहचान कानपुर के बिकरू कांड के मुख्य आरोपी विकास दुबे के सदस्य के रूप में की गई हैl कानपुर इटावा हाईवे पर बकेवर इलाके के महेवा के पास सुबह 3 बजे एक स्विफ्ट डिजायर को लूट कर भाग रहे चार बदमाशों को सिविल लाइन इलाके में कचौरा रोड पर पुलिस ने घेर कर के रोकने की कोशिश की बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कीl बदमाशों की फायरिंग देख पुलिस ने आत्मरक्षा में फायरिंग की, जिसमें एक बदमाश गोली लगने से घायल हुआ जिसे अस्पताल लाया गया जहां उसकी मौत हो गई, जबकि अन्य बदमाश मौके से फरार हो गए है। एसएसपी आकाश तोमर ने बताया कि बदमाश की पहचान रणवीर उर्फ बापन शुक्ला के रूप में हुई है, वह कानपुर के बिकरू कांड के आरोपितों में शामिल था और उसपर पचास हजार का इनाम भी घोषित हैl उसके कब्जे से एक पिस्टल, एक डबल बैरल और कई कारतूस बरामद किए गए हैं।

आतंकियों ने किया BJP नेता शेख वसीम बारी की हत्या , पिता और भाई की भी हुई मौत

जम्‍मू (ऊँ टाइम्स)  बांदीपुर में आतंकियों ने भाजपा नेता शेख वसीम बारी की गोली मारकर हत्‍या कर दी है। आतंकियों ने बुधवार रात नौ बजे भाजपा नेता पर उस समय हमला किया जब बांदीपुर पुलिस स्टेशन के नजदीक अपनी दुकान के बाहर मौजूद थे। गोलीबारी में भाजपा नेता के भाई उमर सुल्‍तान और उनके पिता बशीर भी गंभीर रूप से जख्‍मी हो गए जिससे उनकी मौत हो गई। जम्‍मू-कश्‍मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह ने बताया कि भाजपा नेता के परिवार को आठ जवानों की सुरक्षा व्‍यवस्‍था मुहैया कराई गई थी लेकिन संयोगवश घटना के वक्‍त सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं थे। 
बीते जून महीने की शुरुआत में दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग में आतंकियों ने कश्मीरी पंडित सरपंच अजय पंडिता की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस वारदात की जिम्‍मेदारी कश्मीर में आतंक का नया पर्याय बने जिहादी संगठन द रजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने ली थी। बीते 17 वर्षों में वादी में किसी कश्मीरी पंडित की आतंकियों द्वारा हत्या की यह पहली वारदात थी। सरपंच कांग्रेस पार्टी से जुड़े थे।  
अजय पंडिता की हत्‍या की स्‍थानीय नेताओं ने कड़ी निंदा की थी। पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, प्रदेश भाजपा प्रमुख रविंद्र रैना, जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी के अध्यक्ष अल्ताफ बुखारी और पूर्व कृषि मंत्री गुलाम हसन मीर ने सरपंच अजय पंडिता की हत्या को कश्मीर में लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने और आम लोगों में डर के साथ साथ उनमें नफरत पैदा करने की एक साजिश करार दिया था।

उल्‍लेखनीय है कि हाल के दिनों में सुरक्षा बलों की कार्रवाई से बौखलाए आतंकी जन प्रतिनिधियों को निशाना बनाने लगे हैं। वहीं सुरक्षा बलों ने आतंकियों के सफाए के लिए टॉप-12 आतंकियों की हिट लिस्ट बनाई है। हिट लिस्ट में जैश-ए-मोहम्मद के तीन, लश्कर के पांच और हिजबुल के चार आतंकी हैं। सूत्रों का कहना है कि हिट लिस्‍ट में जैश का ऑपरेशनल कमांडर गाजी रशीद और लंबू के अलावा हिजबुल का डॉ. सैफुल्ला और लश्कर के उस्मान व नसरुल्ला उर्फ नासिर सबसे ऊपर है। 
मौजूदा वक्‍त में वादी में करीब 170 आतंकी सक्रिय हैं। आइजीपी कश्मीर विजय कुमार की मानें तो सुरक्षाबलों पर हमलों के लिए आतंकी अब मस्जिदों का इस्तेमाल करने लगे हैं। बीते दिनों आतंकियों ने एक मस्जिद में छिपकर सुरक्षा बलों पर हमला किया था जिसमें एक नागरिक की मौत हो गई थी जबकि उसके मासूम पोते को जवानों ने जानपर खेलकर बचा लिया था। 

चौबेपुर थाने के एसओ रहे विनय तिवारी और हलका प्रभारी केके शर्मा हुए गिरफ्तार

कानपुर (ऊँ टाइम्स) विकास दुबे से नजदीकियां चौबेपुर थाने के निलंबित थाना प्रभारी विनय तिवारी और हलका प्रभारी केके शर्मा को ले डूबीं। मुठभेड़ के समय पुलिस की जान जोखिम में डालने के आरोप में थाना प्रभारी विनय तिवारी और हिस्ट्रीशीटर के लिए मुखबिरी करने में हलका प्रभारी केके शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया है। इससे पहले मंगलवार को विकास से संबंधों के शक में चौबेपुर के पूरे थाने पर कार्रवाई की गई है। इसमें 68 पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की गई, जबकि चौबेपुर एसओ, दो दारोगा और एक सिपाही को संस्पेंड और दस पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर किया जा चुका है। अभी कई और पुलिसकर्मी रडार पर हैं। वहीं आठ पुलिस कर्मियों की हत्या में आरोपित पांच लाख का इनामी मोस्टवांटेड विकास दुबे पुलिस के हाथ से फिसल गया, हालांकि एक साथी हत्थे चढ़ गया है। हालांकि हमीरपुर में एसटीएफ और पुलिस द्वारा विकास का साथी अमर दुबे मारा गया है। 
आप को बता दें कि कानपुर के चौबेपुर के बिकरू गांव में दो जुलाई को सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी गई थी। एक सप्ताह से चल रहे घटनाक्रम में लगातार यह बात उठाई जा रही थी कि दबिश की सूचना विभाग से ही लीक हुई है। वहीं दिवंगत सीओ देवेंद्र मिश्र की बेटी ने घर में रखे उनके दस्तावेजों में से एक पत्र निकालकर मीडिया को दिया, जिसमें सीओ ने तत्कालीन एसएसपी को भेजी गई रिपोर्ट में साफ-साफ कहा था कि एसओ विनय तिवारी अपराधी विकास दुबे की गोद में खेल रहा है। अगर कोई कार्रवाई जल्दी नहीं गई तो कोई बड़ी घटना हो सकती है। आरोप है कि एसएसपी अनंत देव ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया।
जांच के दौरान पाया गया कि दबिश से पहले हलका प्रभारी केके शर्मा की विकास दुबे से बात हुई थी। केके शर्मा का दावा था कि 20 मिनट से भी ज्यादा देर चली बातचीत में विकास दुबे ने उसे गालियां व धमकियां दी थीं। इसके बावजूद दारोगा ने उच्चाधिकारियों को कुछ नहीं बताया। अधिकारी मान रहे हैं कि विकास को दबिश की सूचना दारोगा शर्मा ने दी थी। एसएसपी दिनेश कुमार पी ने बताया कि जांच के बाद निलंबित थाना प्रभारी और हलका प्रभारी को मुठभेड़ के समय पुलिस की जान जोखिम में डालने, मौके से फरार होने, विकास दुबे से संबंध और दबिश की पूर्व सूचना देने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर न्यायिक कार्रवाई शुरू की जाएगी। इनके खिलाफ विभागीय जांच भी होगी। एसएसपी ने कहा कि जांच में आगे भी जो पुलिसकर्मी दोषी मिलेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।

  • विनय तिवारी जिस चौबेपुर थाने की अगुवाई करता था, आज वहां अपराधी की तरह खड़ा था। उसके साथ ही हलका प्रभारी भी मुंह छिपा रहा था।

चौबेपुर पुलिस ने पुलिसकर्मियों की हत्या में शामिल श्यामू बाजपेयी और जहान यादव को भी गिरफ्तार किया है। तमंचा बरामदगी के दौरान श्यामू ने पुलिस पर हमला बोल दिया, जिसके बाद हुई मुठभेड़ में पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया।  

-बिकरू कांड के समय चौबपुर थाने के एसओ रहे विनय तिवारी और बीट प्रभारी केके शर्मा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उनपर सीओ समेत आठ पुलिस कर्मियों की हत्या में फरार मोस्ट वांटेड अपराधी विकास दुबे से संबंध, मुठभेड़ के समय पुलिस टीम की जान खतरे में डालने और मौके से भाग जाने के मामले में मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई की गई है। आइजी मोहित अग्रवाल और एसएसपी दिनेश कुमार पी ने इसकी पुष्टि करते हुए मुकदमा दर्ज किए जाने की जानकारी दी है। 

-घटना के बाद से ही संदेह के दायरे में रहे तत्कालीन एसओ विनय तिवारी से पुलिस और एसटीएफ की टीम ने गहन पूछताछ की थी। इस दरमियान उनके द्वारा पुलिस टीम को छोड़कर भागने और हिस्ट्रीशीटर अपराधी विकास दुबे के बाबत जानकारी उच्चाधिकािरयों को न दिए जाने की पुष्टि होने पर उन्हें संस्पेंड कर दिया गया था। इसके बाद उनसे पूछताछ और विकास दुबे से संबंधों को लेकर जांच चल रही थी। 

-हमीरपुर मौदहा में एसटीएफ की मुठभेड़ में मारे गए अमर दुबे की पत्नी शशि को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। अमर की शादी घटना के तीन दिन पहले 29 जून को हुई थी। विकास ने गांव में ही लड़की वालों को बुलाकर शादी कराई थी।

  • लूटे गए हथियारों की तलाश में पुलिस ने बुधवार को विकास दुबे के घर के सामने स्थित दो कुओं का पानी निकाला। हालांकि उनके अंदर से कोई हथियार बरामद होने की सूचना नहीं है। देर शाम तक तलाशी अभियान जारी था। बिकरू गांव में विकास दुबे के घर के पास पुलिस ने बुधवार को दिन भर में दोनों कुएं का पानी बाहर निकलवा दिया। पानी बाहर निकलवाने के बाद पुलिस और फायर ब्रिगेड के जवानों ने कुओं के अंदर खंगाला लेकिन कोई साक्ष्य या असलहा नहीं मिला। पूरे दिन की मशक्कत के बाद पुलिस को यहां भी मायूसी ही हाथ आई है।

-बिकरू गांव में मोस्टवांटेड विकास दुबे के घर के पास एक कुएं का पूरा पानी निकालकर सर्च ऑपरेशन पूरा हो गया है। पुलिस ने अब फायर ब्रगेड की मदद से दूसरे कुएं के पानी का खाली कराना शुरू कर दिया। घटना के बाद फरार होते समय विकास व उसके साथियों द्वारा कुएं में असलहे फेंके के संदेह पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा लेकिन पहले कुएं में पुलिस को कुछ नहीं मिला है।

-बिकरू कांड के बाद पांच लाख के इनामी विकास दुबे की साथियों की सूची व पोस्टर पुलिस ने जारी किया था, इस मोस्टवांटेड लिस्ट में शामिल रहे संजीव दुबे और जहान यादव को भी चौबेपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों को थाने में रखकर पूछताछ की जा रही है। 

-मुठभेड़ में आठ पुलिस जवानों के शहीद होने की घटना में फरार हिस्ट्रीशीटर अपराधी विकास दुबे के बारे में जानकारी न देने और मारपीट की बात छिपाए रखने आदि आरोपों में एसओ पद से निलंबित किए गए विनय तिवारी को बुधवार की दोपहर चौबेपुर थाने लाया गया है और पुलिस फोर्स की निगरानी में रखा गया है। सूत्रों के अनुसार उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करके उनकी गिरफ्तारी भी की जा सकती है। 

-मोस्टवांटेड विकास दुबे पर अब पांच लाख रुपये इनाम घोषित कर दिया गया है। घटना के बाद पहले पचास हजार का इनाम घोषित था, जिसे बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया गया था। इसके बाद डीजीपी ने उसपर ढाई लाख रुपये का इनाम की घोषणा कर दी थी। इसके बाद कानपुर पुलिस अफसरों ने इनाम की राशि बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने की घोषणा का प्रस्ताव शासन को भेजा था, जिसे स्वीकृति मिल गई है।

-मुठभेड़ में आठ पुलिस कर्मियों की हत्या के बाद इनामी मोस्ट वांटेड विकास दुबे के बिकरू गांव में पुलिस का सर्च ऑपरेशन जारी है। मोस्टवांटेड विकास दुबे के फरार होने से पहले घटना में प्रयुक्त असलहे कुएं में फेंके जाने के शक में बुधवार की सुबह से पुलिस ने पानी निकालने का काम शुरू कर दिया है। यह कुआं विकास दुबे के घर के पास ही है, मौके पर भारी पुलिस फोर्स तैनात है।

-मोस्ट वांटेंड विकास दुबे की तलाश में यूपी पुलिस ने मध्यप्रदेश के शहडोल में छापा मारा था। शहडोल में रहने वाले साले राजू खुल्लर उर्फ राजू निगम के घर पर विकास के छिपे होने का शक था। पुलिस ने राजू के बेटे को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। आईजी मोहित अग्रवाल ने बताया है कि विकास दुबे के साले के घर पर पुलिस टीम भेजी गई थी, कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है।

-चौबेपुर पुलिस से मुठभेड़ में गिरफ्तार श्यामू बाजपेई के पैर में गोली लगी है, उसे हैलट अस्पताल में पुलिस की निगरानी में भर्ती कराकर उपचार कराया जा रहा है।  आठ पुलिस कर्मियों की हत्या के मामले में उसे नामजद करने के साथ 25 हजार का इनाम घोषित किया गया था।

-चौबेपुर थाना पुलिस ने मोस्टवांटेड विकास दुबे के साथी श्यामू बाजपेयी को गिरफ्तार कर लिया है। श्यामू का मकान विकास दुबे के पड़ोस में हैं। उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है, इससे पहले उसपर कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है।

-आठ पुलिस कर्मियों की हत्या में वांछित अमर दुबे पर पुलिस ने 25 हजार का इनाम घोषित किया था। घटना के दो दिन बाद पुलिस ने अमर दुबे की मां क्षमा दुबे को गिरफ्तार करके हमलावरों को भगाने के आरोप में जेल भेजा था।

-अमर दुबे के खिलाफ चौबेपुर थाने में पांच मुकदमे दर्ज है, इसके अलावा अन्य थानों में भी मुकदमे दर्ज होने की बात कही जा रही है। मोस्ट वांटेड विकास दुबे का शार्प शूटर अमर दुबे पुलिस मुठभेड़ में मारे गए अतुल दुबे का भतीजा है। अमर दुबे के पिता संजू दुबे कि सड़क हादसे में मौत हो चुकी है।

-मोस्टवांटेड विकास दुबे की तलाश में जुटी एसटीएफ और पुलिस टीम ने हमीरपुर के मौदहा में बुधवार सुबह मोस्टवांटेड विकास के करीबी साथी अतुल दुबे की घेराबंदी कर ली। एसटीएफ से हुई मुठभेड़ में अतुल दुबे मारा गया है। 

-फरीदाबाद के एक होटल में छिपा मोस्टवांटेड अपराधी विकास दुबे पुलिस के हाथ से फिसल गया। सूचना के आधार पर पुलिस ने छापा मारा तो वह नहीं मिला। उसका एक साथी पुलिस के हाथ लग गया, जिसने एक घंटे पहले तक विकास के वहां होने की जानकारी दी।  

-मोस्टवांटेड विकास दुबे से संपर्क के शक में चौबेपुर थाने के 68 पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की गई है। मंगलवार की रात एसएसपी दिनेश कुमार पी ने चौबेपुर थाने के दारोगा सिपाहियों समेत 68 पुुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया। इससे पहले थाना प्रभारी विनय तिवारी, दारोगा कृष्णकुमार शर्मा, कुंवरपाल और सिपाही राजीव को निलंबित किया जा चुका है। पुराने स्टाफ की जगह सोमवार को यहां 10 नए सिपाहियों को तैनात किया गया था। 

कानपुर में आठ पुलिस कर्मियों की हत्या का आरोपित फरीदाबाद पुलिस की गिरफ्त में आते-आते बच गया। क्राइम ब्रांच को मुखबिर से सूचना मिली थी कि विकास दुबे यहां बडख़ल चौक स्थित एक होटल में छिपा है। इसी आधार पर फरीदाबाद की क्राइम ब्रांच टीमों ने होटल पर छापेमारी की। हथियारों से लैस पुलिस टीम ने होटल को चारों तरफ से घेर लिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने वहां फायरिंग की बात कही है, लेकिन पुलिस ने इससे इन्कार किया है। पुलिस टीम ने होटल के एक-एक कमरे की बारीकी से तलाशी ली, लेकिन विकास दुबे वहां नहीं मिला। जानकारी के अनुसार, कानपुर में पुलिसकर्मियों की हत्या को अंजाम देने के बाद विकास औरैया और ग्वालियर होते हुए बस से फरीदाबाद पहुंचा था।  
विकास का एक खास गुर्गा पुलिस के हत्थे लग गया। सूत्रों का कहना है कि उस गुर्गे ने ही पुलिस को विकास दूबे की कुछ घंटे पहले होटल में मौजूद होने की पुष्टि की। बताया कि छापेमारी से काफी देर पहले विकास यहां से पैदल निकल गया था। यह जानकारी मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई। होटल की सीसीटीवी फुटेज कब्जे में ली गई। इसमें एक शख्स डीलडौल विकास दुबे से मिलता जुलता है। पुलिस ने यह फोटो आस-पास जिलों व राज्यों की पुलिस को भेज दिए। 
इसी बीच गुरुग्राम पुलिस आयुक्त केके राव का संदेश भी वॉट्स-एप पर वायरल हुआ, जिसमें वे अपने जिले के पुलिसकॢमयों को सतर्क करते सुने जा सकते हैं। इस संदेश में वह फरीदाबाद के होटल में विकास दूबे की मौजूदगी की पुष्टि की। मामला बहुचॢचत और संवेदनशील होने के कारण फरीदाबाद के पुलिस अधिकारी अभी किसी भी तथ्य की पुष्टि नहीं कर रहे हैं। 
विकास औरैया से होते हुए ग्वालियर चला गया था। इसके बाद ग्वालियर में 2 से 3 दिन रुका और उसके बाद वहां से बस से फरीदाबाद आया था। यहां उसके साथियों ने पहले से ही अपने नाम से होटल बुक करा रखा। एसटीएफ और स्पेशल सेल को सूचना मिलने के बाद वहां रेड डाली गई।

लखनऊ में सेना के 33 जवान मिले कोरोना पॉजिटिव

लखनऊ (ऊँ टाइम्स)   यूपी के प्रदेश मुख्यालय लखनऊ में कोरोना संक्रमण से हालात बेकाबू होते जा रहे हैं! यहां सेना की ट्रेनिंग बटालियन में कोरोना ने दस्तक दे दिया है! यहां पर सेना के 33 जवान पॉजिटिव पाये गये हैं! शहर में आज संक्रमण के कुल 98 मामले सामने आये हैं! यही नहीं 102 एंबुलेंस सेवा के 12 और कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव पाये गये हैं! लखनऊ में इतनी बड़ी संख्या में मामले आने पर हड़कंप मच गया है! प्राप्त जानकारी के मुताबिक डिफेंस कॉलोनी, तेलीबाग, चौपटिया, अलीगंज, इंदिरा नगर, पुलिस लाइन समेत शहर भर में कई नए केस मिले हैं! लगता है कि नोएडा,गाजियाबाद की तरह लखनऊ में भी तेजी से कोरोना के मरीज बढ़ते जा रहे हैं!
इससे पहले सोमवार को भी लखनऊ में कोरोना के 79 नए मामले सामने आये थे. दिन प्रति दिन राजधानी में कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं! कल 28 महिला और 51 पुरूष पॉजिटिव पाये गये थे. एंबुलेंस सेवा 102 के कॉल सेंटर में सोमवार को भी 18 पॉजिटिव केस पाये गये थे. फिलहाल इस सेवा को कल से ही बंद कर दिया गया था!
आज कुल 40 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया. इसमें केजीएमयू से एक, एसजीपीजीआइ से दो, एलबीआरएन से 11, आरएमएल से 15, आरएसएम से छह, ईएसआइ से पांच रोगी डिस्चार्ज हुए. इन सभी को 14 दिन तक होम क्वारंटाइन में रहने को कहा गया है!
अपर मुख्य सचिव (गृह एवं सूचना) अवनीश कुमार अवस्थी ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण के 933 नये मामले सामने आये और अब प्रदेश में कुल 28,638 मामले हैं. उन्होंने बताया कि बीते 24 घंटे में 348 लोग अस्पतालों से छुटटी पा चुके हैं. इस तरह से अब तक कुल 19,109 लोग पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं. उन्होंने बताया कि बीते 24 घंटे में 24 संक्रमितों की मौत हो गई, और अब मृतकों की संख्या 809 पहुंच गयी है. प्रदेश में अभी 8,718 एक्टिव मरीज है, जिनका इलाज अलग-अलग अस्पतालों में हो रहा है. उन्होंने बताया कि रविवार को 25,918 नमूनों की जांच की गई. अब तक कुल 8,87,997 नमूनों की जांच प्रदेश में की जा चुकी है!

शेरनी दस्‍ता को यूपी के सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने दिखाया हरी झंडी

गोरखपुर (ऊँ टाइम्स) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज गोरखनाथ मंदिर परिसर से शेरनी दस्ते को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मंदिर से निकलकर यह दस्ता महानगर के विभिन्न क्षेत्रों से होते हुए पुलिस लाइन परिसर में पहुंचा। अब जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में शेरनी दस्ते की दहाड़ सुनने को मिलेगी। इससे महिला अपराधों में कमी आएगी। चेन छिनैती सहित तमाम अपराधिक गतिविधियां थमेंगी। गोरखनाथ मंदिर में सुबह 9 बजे ही शेरनी दस्ते में शामिल महिला पुलिस कर्मी पहुंच गईं।
शेरनी दस्ते में 100 महिला पुलिस कर्मी शामिल हैं, लेकिन रैली के लिए 100 पुरुष पुलिस कर्मियों को भी शामिल गया। रैली के लिए स्कूटियों को सुबह ही गुब्बारे से सजा दिया गया। सुबह 10 बजे शेरनी दस्ते के शामिल लोग स्कूटियों पर बैठकर मुख्यमंत्री की प्रतीक्षा करने लगे। ठीक साढ़े बजे मुख्यमंत्री ने हरी झंडी दिखाकर उन्हें रवाना किया। इस अवसर पर अपर पुलिस महानिदेशक दावा शेरपा, पुलिस उप महानिरीक्षक राजेश मोदक, एसएसपी डॉ सुनील कुमार गुप्ता, एसपी सिटी डॉ कौस्तुभ, प्रतिसार निरीक्षक उमेश कुमार दुबे आदि मौजूद रहे। 
मुख्यमंत्री ने सोमवार सुबह जिस शेरनी दस्ते को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, उसका नेतृत्व महिला आरक्षी आरती मिश्रा व जया रंजन यादव ने किया। दस्ते के नेतृत्व से वह गौरान्वित महसूस कर रही हैं। उनका कहना है कि इससे भी अधिक गौरवशाली यह रहा कि उनके दस्ते को स्वयं मुख्यमंत्री ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
शेरनी दस्ते में शामिल होने को लेकर महिला पुलिस कर्मियों में विशेष उत्साह देखने को मिला है। सुबह कार्यक्रम स्थल पर महिलाएं पहुंची तो कोई यह कहते नजर आया कि आज से यह स्कूटी मेरी होगी तो किसी ने कहा कि अब गली-गली दबोचे जाएंगे अपराधी। महिला पुलिस कर्मी संगीता राव ने कहा कि शेरनी दस्ते के निकलने से महिला अपराध में जबर्दस्त कमी आएगी।
हीरो मोटोकार्प द्वारा पुलिस विभाग को सौंपी गई 100 स्कूटियों में जीपीएस सिस्टम, सायरन, फ्लैश लाइट, पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम, पेपर स्प्रे आदि लैस है। इससे प्रभावी ढंग से गश्त करने में मदद मिलेगी। 

चीन के घुसपैठ को लेकर अमेरिका और भारत के बीच लगातार बना हुआ है संपर्क, गोपनीय तरीके से हो रही है वार्ता

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) भारतीय सीमा के पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में चीन की घुसपैठ को लेकर भी भारत और अमेरिका के बीच लगातार संपर्क बना हुआ है। 15 जून, 2020 को भारत व चीन के सैनिकों के बीच हुई झड़पों के बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपिओ के बीच एक गोपनीय वार्ता की सूचना भी सामने आई है।
बताया जा रहा है कि इस सूचना को इसलिए छिपाया गया ताकि दुनियां को यह संदेश नहीं जाए कि भारत व अमेरिका के बीच कोई लामबंदी हो रही है। आधिकारिक तौर पर भारत व अमेरिका के बीच चुप्पी है, लेकिन यह बात साफ हो रही है कि चीनी अतिक्रमण को लेकर दोनों एक दूसरे के संपर्क में हैं।
पूर्वी लद्दाख में चीन के अतिक्रमण पर सबसे तीखी प्रतिक्रिया जताने वालों में अमेरिकी विदेश मंत्री पोंपिओ ही हैं। राष्ट्रपति ट्रंप भी भारत को मिलाकर एक नया समूह-11 बनाने का प्रस्ताव कर चुके हैं और इसमें शामिल होने के लिए उन्होंने पीएम मोदी को आमंत्रित भी किया है। पीएम मोदी ने भी इसका उत्साह से स्वागत किया है।
वही, दूसरी तरफ अमेरिका और भारत के बीच बढ़ती दोस्ती का फिर इजहार हुआ है और यह इजहार किसी और ने नहीं स्वयं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किया है। एक दिन पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के स्वतंत्रता दिवस (4th July) के अवसर पर अमेरिका वासियों और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को शुभकामनाएं दी थीं। इसके जवाब में ट्रंप ने सोशल मीडिया साइट ट्विटर पर लिखा, ‘आपका बहुत बहुत धन्यवाद मेरे दोस्त, अमेरिका भारत से प्यार करता है।’ उल्लेखनीय बात यह रही कि राष्ट्रपति ट्रंप ने सिर्फ पीएम मोदी के शुभकामनाओं वाले ट्वीट का ही जवाब दिया है। ऐसे समय में जब भारत और अमेरिका दोनों के साथ चीन के रिश्ते लगातार खराब हो रहे हैं तब अमेरिकी राष्ट्रपति के इस विशेष ट्वीट का खास मतलब निकाला जा रहा है। भारतीय पीएम को उक्त ट्वीट करने के कुछ ही देर बाद ट्रंप ने चीन पर फिर से कोविड-19 संबंधी सूचनाओं को छिपाने को लेकर हमला बोला है। उन्होंने चीन को इस महामारी से जुड़ी सूचनाओं को छिपा कर पूरी दुनिया में इसे फैलने में मदद करने के लिए उसे उत्तरदायी ठहराने की भी बात कही है। यही नहीं साउथ चाइना सी में जहां चीन की तरफ से दूसरे देशों की समुद्री सीमाओं के लगातार अतिक्रमण की खबरें आ रही हैं, वहां भी अमेरिका की तरफ से सैन्य ताकत बढ़ाई जा रही है।

प्रशिक्षण संस्थानों को फिर से खोलने के लिए कार्मिक मंत्रालय ने जारी किया एसओपी

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) केंद्रीय और प्रादेशिक प्रशिक्षण संस्थानों को 15 जुलाई से फिर खोलने के लिए कार्मिक मंत्रालय ने स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर जारी कर दिया है। इसमें कोरोना वायरस का प्रसार रोकने के लिए इन संस्थानों द्वारा उठाए जाने वाले जरूरी कदमों का उल्लेख किया गया है। एसओपी के मुताबिक, ‘जहां तक संभव हो प्रशिक्षण कार्यक्रम डिजिटल/ऑनलाइन/ वर्चुअल मोड में आयोजित किए जाएंगे। जहां फिजिकल मोड में प्रशिक्षण आयोजित करना जरूरी हो वहां प्रशिक्षण कार्यक्रम की अवधि की सावधानी पूर्वक समीक्षा की जानी चाहिए ताकि पाठ्यक्रम को डिजिटल और फिजिकल मोड में विभाजित करके ज्यादा सुसंगत बनाया जा सके।’
एसओपी के अनुसार, संबंधित प्रशिक्षण संस्थानों को केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और जिला स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा निर्धारित कोविड से संबंधित प्रोटोकॉल का अनुपालन सुनिश्चित करना होगा इनमें शारीरिक दूरी का पालन, मास्क पहनना इत्यादि शामिल हैं। इसके मुताबिक गर्भवती व दुग्धपान कराने वाली महिलाओं, दमा या फेफड़े की अन्य बीमारियों वाले लोगों, उच्च रक्तचाप के रोगियों, किडनी रोगियों, गंभीर हृदय रोगियों को खतरा अधिक है लिहाजा ऐसे प्रशिक्षुओं को अपनी वर्तमान तैनाती या प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थान के संस्थान से ऑनलाइन पाठ्यक्रमों में हिस्सा लेना चाहिए।
सभी कक्षाओं, कर्मचारी कक्षों, कार्यालयों, छात्रावासों, गलियारों, लॉबी, कॉमन एरिया और वॉशरूम्स की स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत सफाई और सैनिटाइजेशन कराना होगा। इसके अलावा सभी प्रशिक्षुओं और कर्मचारियों को आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करना चाहिए।
एसओपी में सभी प्रशिक्षण संस्थानों से कोविड से संबंधित प्रशासनिक जिम्मेदारियों के लिए नोडल अधिकारियों को अधिसूचित करने के लिए भी कहा गया है। साथ ही भूमिकाओं के स्पष्ट निर्धारण के लिए समिति भी गठित की जानी चाहिए। प्रत्येक संस्थान में डॉक्टरों और नर्सिग स्टाफ के साथ मेडिकल क्लीनिक की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जा सकती है। एसओपी के मुताबिक, सभी प्रशिक्षुओं से संस्थान में आने के बाद दैनिक आधार पर उनके संपर्को का विवरण रखने के लिए कहा जाना चाहिए।

चीन में कोरोना के बाद अब ब्यूबानिक प्लेग का खतरा, कई मरीज कराए गए भर्ती

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) चीन में कोरोना के बाद अब एक और घातक बीमारी फैलने का खतरा मंडराने लगा है। उत्तरी चीन के एक शहर में रविवार को ब्यूबानिक प्लेग का संदिग्ध मामला सामने आया है। इसके बाद अलर्ट जारी किया गया है। चीन के सरकारी पीपुल्स डेली ऑनलाइन की रिपोर्ट के अनुसार, आंतरिक मंगोलियाई स्वायत्त क्षेत्र, बयन्नुर ने प्लेग की रोकथाम और नियंत्रण के लिए तीसरे स्तर की चेतावनी जारी की।
ब्यूबानिक प्लेग का संदिध मामला बयन्नुर के एक अस्पताल में शनिवार को सामने आया। स्थानीय स्वास्थ्य प्राधिकार ने घोषणा की है कि चेतावनी वर्ष 2020 के अंत तक लागू रहेगी। स्थानीय स्वास्थ्य प्राधिकार ने कहा, ‘इस समय इस शहर में मानव प्लेग महामारी फैलने का खतरा है। लोगों को आत्मरक्षा के लिए जागरूकता और क्षमता बढ़ानी चाहिए। जनता को असामान्य स्वास्थ्य स्थितियों के बारे में तत्काल जानकारी देनी चाहिए।’
इससे पहले एक जुलाई को पश्चिम मंगोलिया के खोड प्रांत में ब्यूबानिक प्लेग के दो संदिग्ध मामले सामने आए थे। उनकी प्रयोगशाला जांच में पुष्टि हो चुकी है। 27 व 17 वर्षीय भाइयों का उनके प्रांत के अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
बीते दिनों मीडिया की एक रिपोर्ट में नए वायरस के खतरे की बात कही गई थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि चाइना में न्यू स्वाइन फ्लू नाम का एक वायरस मिला है जो महामारी की क्षमता भी रखता है। शोधकर्ताओं ने कहा था कि न्यू स्वाइन फ्लू यदि मनुष्यों में फैला तो बड़ी तेजी से इसके दुष्परिणाम सामने आएंगे। अध्ययन यूएस साइंस जर्नल्स पीएनएएस में प्रकाशित हुआ था। वैज्ञानिकों ने इस वायरस को G4 नाम दिया था।
 उल्‍लेखनीय है कि कोरोना वायरस ने सबसे पहले चीन में ही तबाही मचाई थी और धीरे-धीरे यह पूरी दुनिया में फैल गया था। मौजूदा वक्‍त में कोरोना संक्रमण से दुनियाभर में कोरोना संक्रमण के 11,272,342 मामले सामने आ चुके हैं जबकि 530,898 लोगों की मौत हो चुकी है। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, रविवार को बीते 24 घंटों के दौरान संक्रमण के 2,12,326 नए मामले सामने आए। ऐसा पहली बार है जब इतनी अधिक संख्या मामले सामने आए हैं। 

पटाखा फैक्‍ट्री में आग लगने से 7 से अधिक की मौत, चल रहा है राहत और बचाव काम

मोदीनगर (ऊँ टाइम्स)  आज दोपहर मोदीनगर में बड़ा हादसा हो गया है। यहां के बखरवा गांव के पटाखा फैक्‍ट्री में आग लग गई है। आग कैसे लगी यह पता नहीं चल पाया है, मगर देखते ही देखते आग ने काफी भयावह रूप धारण कर लिया। फिलहाल मिल रही सूचना के अनुसार 7 लोगों के मरने की पुष्‍टि हो गई है। वहीं अंदर 20 लोगों के फंसे होने की सूचना है। यूपी के सीएम योगी ने इस हादसे पर दुख जताया है। उन्‍होंने अधिकारियों को तुरंत मौके पर रवाना होने के साथ ही पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है।
मृतकों की संख्‍या बढ़ते ही लोगों का गुस्‍सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। लोग गुस्‍से में प्रदर्शन कर रहे हैं। डीएम, एसपी और विधायक सहित मौजूद सभी अधिकारियों को घेर रखा है। कुछ लोग तो एंबुलेंस के सामने ही लेट गए हैं। प्रदर्शन कर रही महिलाएं बेहोश हो गई हैं। 
स्‍थानीय लोगों ने बहादुरी दिखाते हुए अंदर से 10 लोगों को निकाला है। यह भी पता चला है कि यहां पटाखा फैक्‍ट्री में काम करने वालों में ज्‍यादातर महिलाएं ही हैं। फिलहाल प्रशासन मरने वालों की शिनाख्‍त करने और राहत बचाव काम में लगा है।
फैक्‍ट्री में आग लगते ही लोगों ने इसकी सूचना फायर ब्रिग्रेड टीम को दी। इसके बाद दमकल कर्मी मौके पर पहुंच कर आग बुझाने का काम के साथ अंदर फंसे लोगों को बचाने में जुट गए। इधर, ग्रामीणों से मिल रही सूचना के हिसाब से यह फैक्‍ट्री यहां लंबे समय से चल रही थी।
यहां जन्‍मदिन की पार्टी में इस्‍तेमाल होने वाली फुलझड़ी बनाई जाती थी। इसके साथ ही यह भी पता चला कि मालिक आसपास के घरों में कच्‍चा माल भिजवा कर पटाखे बनवाता था। लोगों ने दबी जुबान में यह भी बताया कि पुलिस की मिली भगत से यह काम चल रहा था।
मौत की खबर मिलते ही मौके पर भीड़ जमा हो गई है। मौके पर एसपी देहात नीरज जादौन, विधायक डॉ मंजू शिवाच, भाजपा जिलाध्‍यक्ष दिनेश सिंघल भी पहुंच गए हैं। ग्रामीणों ने अधिकारियों को घेर लिया है। यहां पर लोग हंगामा मचा रहे हैं। हालात धीरे-धीरे बेकाबू हो रहे हैं। ग्रामीण लाश नहीं उठाने दे रहे हैं।
इधर लोगों से मिली ताजा जानकारी के हिसाब से यह फैक्‍ट्री अवैध रूप से चल रही थी। हालांकि, इस बात की पुष्‍टि फिलहाल नहीं हो पाई है। वहीं ग्रामीण शव नहीं उठाने देने पर अड़ गए हैं और अधिकारियों को बंधक बनाने के लिए शोर कर रहे हैं। फिलहाल मौके पर हंगामा जारी है।

सुशांत सिंह के मौत की CBI जांच के लिए SC जा रहे हैं उनके पिता, कहा

पटना (ऊँ टाइम्स) बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। यह सुसाइड है या हत्‍या, इसे लेकर सबके अपने-अपने तर्क हैं। उनकी मौत की निष्‍पक्ष जांच की मांग परिवार के साथ बॉलीबुड से भी उठी है। उनके पिता पहले दिन से घटना की सीबीआइ जांच की मांग कर रहे हैं। शनिवार को उन्‍होंने इस बाबत ट्वीट के माध्‍यम से अपनी बात रखी। उन्‍होंने लिखा है कि उनके बेटे की आत्मा रो कर सीबीआइ जांच की मांग कर रही है। वे सीबीआइ जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट जा रहे हैं। इसके अलावा वे करण जौहर गैंग व सलमान खान तथा अन्‍य कई के खिलाफ मुहिम भी चलाने जा रहे हैं।
विदित हो कि बीते 14 जून को सुशांत सिंह राजपूत मुंबई स्थित अपने फ्लैट में मृत पाए गए थे। पुलिस ने इसे सुसाइड माना है। घटना के पीछे बॉलीवुड में हावी नेपोटिज्‍म व प्रताड़ना को जिम्‍मेदार बताया गया है। सुशांत के चाहने वालों ने इसे लेकर बिहार में बॉलीवुड हस्तियों करण जौहर, सलमान खान व एकता कपूर सहित कई पर मुकदमे तक दर्ज कर दिए हैं। सुशांत के पिता भी बेटे की मौत की निष्‍पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
सुशांत सिंह राजपूत के पिता केके सिंह ने शनिवार को ट्वीट किया कि वे जल्‍दी ही बेटे की मौत की सीबीआइ जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेंगे।

गृह मंत्री व रक्षा मंत्री ने सरदार बल्लभ भाई पटेल कोविद अस्पताल का किया उद्घाटन

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  दिल्ली के कैंट स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल कोविड केयर सेंटर का केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को उद्घाटन किया। इस मौके पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी मौजूद रहे। अस्पताल के वार्ड गलवन घाटी के बलिदानियों के नाम पर रखा गया है।
इस अस्थाई अस्पताल में कोरोना मरीजों के लिए एक हजार बेड की व्यवस्था की गई है। जबकि 250 आइसीयू बेड उपलब्ध है। 
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि डीआरडीओ, गृह मंत्रालय और कई संगठनों के सहयोग से कोरोना मरीजों के लिए एक हजार बेड वाले अस्थाई अस्पताल की स्थापना केवल 12 दिनों में की गई है। यहां पर 250 ICU बेड भी उपलब्ध हैं।

पुलिस ने विकास दूवे के मकान को किया ध्वस्त, चलाया बुलडोजर

कानपुर देहात (ऊँ टाइम्स)  सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों को मौत के घाट उतारने वाले हिस्ट्रीशीटर अपराधी विकास दुबे के दो बीघे में बने किलेनुमा मुकान पर पुलिस ने बुलडोजर चलाकर करीब दो घंटे में ही मलबे में तब्दील कर दिया है। पुलिस ने उसी बुलडोजर का इस्तेमाल किया, जिसे सड़क पर लगाकर रात में पुलिस का रास्ता रोका गया था। घर के अंदर खड़ी दस से पंद्रह लाख कीमत वाली दो लग्जरी कार और दो ट्रैक्टर भी नष्ट कर दिए गये हैं। पुलिस ने बीते तीस घंटे में मकान सील करके चप्पे-चप्पे की तलाशी ली तो महफूज किले जैसी सुरक्षा घेरे वाले परिसर के अंदर बने पुराने मकान में तलघर की भी तलाश कर रही है। 
दो बीघा के अंदर चार कमरे नए हैं, जहां विकास रहता था। पूरे की करीब 12 फीट ऊंची बाउंड्रीवाल है। कोई दाखिल न हो सके, इसलिए करीब दो फीट ऊंचाई में छल्लेदार कंटीले तार भी लगाए गए हैं। गांव वालों के मुताबिक नया घर सात-आठ साल पहले ही बना है। बाउंड्रीवाल के अंदर ही पैतृक घर भी है, जहां अब सेवादार रहते हैं। घर में दाखिल होने के चार गेट हैं। एक मुख्य द्वार है। दो गेट दाएं-बाएं वाली गलियों में खुलते हैं तो चौथा गेट पुराने घर से अंदर आने-जाने का है। तीनों नए गेट इतने चौड़े हैं कि चार पहिया वाहन आ जाए। चारों गेट के बाहर और अंदर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। कोई गेट के पास पहुंचा नहीं कि सीसीटीवी से उसे खबर लग जाती।
मुख्य गेट से करीब 80 मीटर अंदर चार कमरों वाले आलीशन घर में ही विकास रहता था। यहां जाने से पहले चैनल का मजबूत गेट लगा है। दालान और फिर बाएं बैठक का कमरा। इस कमरे के बराबर विकास का बेड रूम। दाहिने कमरे में पिता रामकुमार दुबे और उनके पीछे वाले कमरे में कामवाली रेखा अपने पति व दो बेटियों संग रहती है। सीढ़ियां बाहर से भी छत तक पहुंचाती हैैं, आंगन से भी। इन्हीं तगड़े इंतजामों और बेखौफ प्रवृत्ति के कारण पुलिस भी घर में दाखिल होने से घबराती थी। घर में ऐशोआराम का भी पूरा इंतजाम है। बाथटब से लेकर वाश बेसिन तक डिजाइनर। किचन भी मॉड्यूलर। यानी, सबकुछ ऐसा इंतजाम कि शहर में रहने वाले तमाम लोगों को भी शायद ही नसीब हो।
पुलिस ने सारा दिन और रात मकान के हर एक हिस्से की गहनता से छानबीन की। पुलिस के मुताबिक, शनिवार सुबह पुराने मकान में जांच के दौरान लकड़ी के तखत का तखत हटाकर फर्श को ठोका तो खोखलेपन की आवाज महसूस हुई। इसपर पुलिस को फर्श के नीचे तलघर यानी बंकर होने का अहसास हुआ।
पुलिस को आशंका हुई कि अपराध करने के बाद विकास इसी तलघर में छिपता था। कुछ देर आला अफसरों का निर्देश मिलने के बाद पुलिस ने घर के अंदर से विकास के पिता और नौकरनी समेत परिवार को बाहर निकाल दिया। इसके बाद मकान के आसपास पचास मीटर पर आवागमन बंद करा दिया है, मीडिया को भी प्रतिबंधित कर दिया गया है और मकान गिराने की तैयारी शुरू कर दी। ..
पुलिस ने रास्ता रोकने वाले बुलडोजर पर चालक को बिठाया और फिर उससे ही विकास के मकान की चहारदीवारी को गिराना शुरू कर दिया, एक के बाद एक मकान की दीवारों को और कमरे को गिराते हुए अंदर कार खड़ा करने वाले हिस्से को भी ढहा दिया। पुलिस ने दो घंटे की कार्रवाई में पूरे मकान को गिराकर मलबे में तब्दील कर दिया है। गैराज गिराकर दस से पंद्रह लाख कीमत वाली दो कारें और दो ट्रैक्टर पर क्षतिग्रस्त कर दिए हैं। मकान में महंगे बाथरूम, ड्राइंग रूम और किचेन समेत सभी हिस्सों को गिरा दिया गया है।
गांव में सशस्त्र पुलिस फोर्स तैनात है। वहीं, गांववाले भी दूर से पुलिस की कार्रवाई को देख रहे हैं और पुलिस फोर्स को देखकर पास जाने की कोई हिम्मत नहीं कर रहा है। बताया गया है कि विकास दुबे ने खेत में काम कराने के लिए चौबेपुर के रहने वाले किसी व्यक्ति का बुलडोजर करीब दस दिन पहले मंगाया था। बुलडोजर को मानू नामक युवक चला रहा था, जो वहीं पर रुका था। घटना के बाद से मानू भी फरार है और पुलिस ने मुकदमे में उसे भी नामजद किया है। 

यूपी के CM योगी आदित्यनाथ ने शहीदों को दिया श्रद्धांजलि, उसके परिवार को मिलेंगे एक-एक करोड़

कानपुर देहात (ऊँ टाइम्स)  हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के गांव दबिश के दौरान शहीद आठ पुलिसकर्मियों के पार्थिव शरीर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज शाम करीब चार बजे पुलिस लाइन पहुंचकर पुष्पचक्र अर्पित करके श्रद्धांजलि दी और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।मुख्यमंत्री ने कहा है कि शहीद सभी आठ पुलिस जवान के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। साथ ही शहीदों के प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को शासकीय सेवा प्रदान की जाएगी और आश्रित को असाधारण पेंशन का लाभ दिया जाएगा। उन्हाेंने कहा कि पुलिस जवानों की शहादत को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा। इस घटना में दोषी किसी भी व्यक्ति को नहीं छोड़ा जाएगा। उसे कानून के दायरे में कठोर से कठोर सजा दिलाई जाएगी।
पत्रकार वर्ता में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दिनभर की ड्यूटी के बाद अपराधियों और माफिया के खिलाफ जारी पुलिस के अभियान के तहत ही पुलिस टीम छापा मारने गई थी। जिन लोगों ने घटना को अंजाम दिया है, उन्हें कानून के दायरे में कठोर से कठोर सजा दी जाएगी। किसी भी कीमत पर अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि घटना को अंजाम देने वालों को पकड़ने के लिए टीमें बनाई गईं हैं, जो छापेमारी कररही है। पुलिस मुठभेड़ में दो अपराधी मारे गए हैं और हमारे जवानों से छीने गए असहलों में कुछ बरामद हो गए हैं। 
इससे पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने कानपुर के प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज करा रहे घायल पुलिसकर्मियों से भेंट की। इस दौरान उन्होंने पुलिसकर्मियों को उनकी बहादुरी पर सराहा तथा हौसला भी बढ़ाया। उनके साथ डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य भी थे। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कानपुर में डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी के साथ ही शीर्ष पुलिस अधिकारियों को तैनात कर दिया है।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने साफ कहा है कि अब यह अधिकारी तभी कानपुर से वापस जाएंगे जब तक यह टीम विकास दुबे को पकड़ नहीं लेती या फिर मुठभेड़ में धराशाई नहीं कर देती है। उन्होंने पुलिस कर्मियों की हत्या को लेकर सख्त आदेश दिए और कहा कि सभी आला अधिकारियों से कहा है कि जब तक हिस्ट्रीशीटर विकास दूबे खत्म ना हो जाये तब तक घटनास्थल पर ही कैम्प करें। दरअसल इस घटना से अपराधियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टालरेंस नीति को खुली चुनौती दी है। जिसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त तेवर अपनाते हुए बेहद गंभीरता से लिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सुबह जैसे ही इस घटना के बारे में पता चला उन्होंने पुलिस के आलाधिकारियों को सख्त निर्देश देकर तुरन्त कार्रवाई करने को कहा, आनन-फानन में एडीजी ला एण्ड आर्डर प्रशांत कुमार को घटना स्थल रवाना किया गया।

कानपुर में बदमाश पकड़ने गये पुलिस दल के 8 जवान हुए शहीद, दो बदमाश मारे गए, छापेमारी जारी

कानपुर देहात ( अविनाश द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स) बदमाश विकास दुबे को गुरुवार रात गिरफ्तार करने गई पुलिस दबिश के दौरान 8 पुलिस वाले हुए शहीद! बदमाशों के पुलिस टीम पर हावी होने को एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने पुलिस की चूक माना है। लखनऊ से कानपुर देहात पहुंचे प्रशांत कुमार ने कहा कि इस मामले में पुलिस की तरफ से चूक हुई। प्रशांत कुमार सीएम योगी आदित्यनाथ को अपनी रिपोर्ट देंगे। 
प्रशांत कुमार ने कहा कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच होगी। अब एसटीएफ के साथ कई टीमें ल लगी हैं। हत्यारे विकास को खोजा जा रहा है। इसके लिए कानपुर शहर के साथ ही देहात तथा पास के जिलों में लगातार छापा मारा जा रहा है। विकास दुबे का एक साथी हिरासत में है। यहां पर तो सभी बॉर्डर सील करने के साथ हर वाहन की चेकिंग की जा रही है।

चौबेपुर के बिकरू गांव में हिस्ट्रीशीटर बदमाश विकास दुबे को गुरुवार की आधी रात पकड़ने गई पुलिस टीम पर हमला कर दिया गया। घरों की छत से पुलिस पर गोलियां बरसाई गईं, जिसमें सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्रा समेत तीन सब इंस्पेक्टर और चार सिपाही शहीद हो गए। हमले में सात पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिन्हें कानपुर नगर के रीजेंसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों में एक पुलिस कर्मी की हालत गंभीर बनी हुई है। एडीजी जयनारायण सिंह, आईजी मोहित अग्रवाल, एसएससी दिनेश कुमार पी समेत पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे हैं, वहीं अस्पताल में जाकर घायल पुलिस जवानों का हाल लिया है। पुलिस की जवाबी फायरिंग में कितने लोग मारे या घायल हुए हैं, इसकी सूचना नहीं है। बदमाशों ने पुलिस टीम से इंसास राइफल और दो पिस्टल भी लूट ली थी।गांव में पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया है और हमलावरों की तलाश में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

OM TIMES NEWS LIVE Update

-दोबारा पुलिस की मुठभेड़ में बदमाश अतुल दुबे और प्रेम प्रकाश पांडेय मारे गए हैं। अतुल को विकास का रिश्तेदार और प्रेम प्रकाश को मामा बताया जा रहा है। प्रेम प्रकाश पांडेय के घर में ही सीओ को मारे जाने की बात कही जा रही है, वहीं पुलिस से लूटी गई पिस्टल और बदमाशों के पास से एक राइफल भी बरामद की गई है।

-आईजी मोहित अग्रवाल ने बताया कि पुलिस टीम पर हमला करके फरार बदमाशों से दोबारा पुलिस की मुठभेड़ हुई है। घटनास्थल से करीब चार किमी दूर एक जंगल में मुठभेड़ दो बदमाश मारे गए हैं, वहीं दो पुलिस कर्मी भी घायल हुए हैं। उनके कब्जे से हथियार भी बरामद हुए हैं। 

-लखनऊ से टीम के साथ एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार भी घटनास्थल पर पहुंच गए हैं, गांव में एसटीएफ की तैनाती कर दी गई है। एडीजी ने पुलिस अफसरों से घटना की पूछताछ करके बदमाशों को पकड़ने के लिए की जा रही कार्रवाई के बाबत पूछताछ की। 

-कानपुर जिले की सभी सीमाएं सील। चप्पे चप्पे पर पुलिस तैनात। कानपुर देहात जिले में पड़ने वाली चार सीमाओं को पूरी तरह सील कर दिया गया है। यहां पुलिस हर गाड़ी की सख्ती से चेकिंग कर रही है।

  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर में 8 पुलिसकर्मियों की शहादत पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने यूपी के डीजीपी को मामले में सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया और मामले की रिपोर्ट मंगाई।

-डीजीपी यूपी ने बताया कि हमारे करीब 7 पुलिसकर्मी घायल भी हुए हैं। ऑपरेशन अभी भी जारी है क्योंकि अपराधी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे। आईजी, एडीजी, एडीजी (लॉ ऐंड ऑर्डर) को ऑपरेशन की निगरानी के लिए वहां भेजा गया है। कानपुर की फरेंसिक टीम मौके पर है, लखनऊ से एक विशेषज्ञ टीम भी भेजी गई है।

  • यूपी डीजीपी ने बताया कि हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के खिलाफ धारा 307 के तहत मामला दर्ज था, पुलिस उसे गिरफ्तार करने गई थी। रास्ते में जेसीबी लगा दिया गया जिससे हमारे वाहन बाधित हो गए। जब फोर्स नीचे उतरी तो अपराधियों ने गोलियां चला दीं। जवाबी गोलीबारी हुई लेकिन अपराधी ऊंचाई पर थे, इसलिए हमारे 8 पुलिसकर्मी शहीद हो गए।
    वर्ष 2001 में शिवली थाने के बाहर दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री संतोष शुक्ला की हत्या में नामजद रह चुके हिस्ट्रीशीटर बदमाश विकास दुबे चौबेपुर थाना क्षेत्र के गांव बिकरू का रहने वाला है। उसपर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और वांछित अपराधी है, जिसकी तलाश पुलिस कर रही थी। 
    हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे और उसके साथियों के बिकरु गांव में घर पर होने की सूचना मिली थी, इसपर गुरुवार की रात शिवराजपुर, चौबेपुर और बिठूर थाने की फोर्स लेकर सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्रा दबिश देने गए। पुलिस टीम के गांव में पहुंचते ही विकास दुबे और उसके साथियों ने घरों की छत से फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुए हमले में पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की। बदमाशों की फायरिंग में गोली लगने से सीओ देवेंद्र मिश्रा शहीद हो गए। 
    आईजी मोहित अग्रवाल ने बताया कि बदमाशों की गोली से तीन सब इंस्पेक्टर और चार सिपाही भी शहीद हुए हैं और छह से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। घायल हुए बिठूर थानाध्यक्ष कौशलेंद्र प्रताप सिंह, कांस्टेबल अजय सिंह सेंगर, सिपाही अजय कश्यप, शिव मूरत निषाद थाना चौबेपुर, होमगार्ड जयराम पटेल, एसआई सुधाकर पांडे, एसआई विकास बाबू को रीजेंसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। विकास दुबे पर वर्ष 2001 में श्रम संविदा बोर्ड के चेयरमैन दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री संतोष शुक्ला की हत्या का आरोप लगा था, जिसमें वह अदालत से बरी हो गया था।

शहीद हुए पुलिसकर्मी – क्षेत्राधिकारी बिल्हौर देवेंद्र मिश्रा,थाना प्रभारी शिवराजपुर महेश चंद्र यादव, चौकी इंचार्ज मंधना अनूप कुमार सिंह, सब इंस्पेक्टर नेबू लाल, सिपाही सुल्तान सिंह, सिपाही राहुल, सिपाही बबलू, सिपाही जितेंद्र

बार्डर पर नौसेना भी ऑपरेशनल मोड में, कई अत्याधुनिक युद्धक मोटरबोट भेजी जा रही लद्दाख

श्रीनगर ( ऊँ टाइम्स) पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ जारी सैन्य गतिरोध के बीच भारतीय नौसेना भी ऑपरेशनल मोड में आ चुकी है। नौसेना का एक दस्ता सेना के जवानों के साथ मिलकर पैंगांग झील में गश्त कर रहा है। वहां गश्त के लिए पहले से उपलब्ध अत्याधुनिक अमेरिकी मोटरबोट के अलावा डेढ़ दर्जन अत्याधुनिक युद्धक मोटरबोट भी लद्दाख भेजी जा रही हैं।
गलवन घाटी में 15 जून को भारत और चीन के सैनिकों के बीच खूनी झड़प से पहले 5 मई को पैंगांग त्सो के इलाके में भी भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच मारपीट हुई थी। पैगांग झील का एक हिस्सा भारत के पास है और दो तिहाई हिस्सा चीन के पास। वास्तविक नियंत्रण रेखा समुद्रतल से करीब 14 हजार की फुट की ऊंचाई पर स्थित इस झील से होकर गुजरती है। भारतीय थलसेना के जवान इसझील में मोटरबोट के जरिए गश्त कर चीनी घुसपैठ को रोकते हैं।
गलवन घाटी में भारत-चीन सैनिकों के बीच झड़प के बाद से लद्दाख में सैन्य तनाव लगातार बढ़ रहा है। दोनों तरफ से युद्धक तैयारियां चल रही हैं। चीन से निपटने के लिए थलसेना ने तोपखाने और टैंक रेजिमेंट के अतिरिक्त दस्तों को अग्रिम हिस्सों में तैनात किया है। वायुसेना भी लद्दाख में ऑपरेशनल मोड में है। अपाची और चिनूक हेलिकॉप्टर भी वास्तविक नियंत्रण रेखा के साथ सटे इलाकों में गश्त कर रहे हैं। सुखोई विमान आए दिन उड़ान भर रहे हैं।
नौसेना भी पैंगांग में अपनी गतिविधियां शुरू कर चुकी है। इससे पहले थलसेना का वॉटर विंग ही पैगांग में गश्त करते हुए चीनी सैनिकों की घुसपैठ को नाकाम बनाता था। पैगांग में गश्त के लिए भारतीय सेना अमेरिका से खरीदी गई अत्याधुनिक मोटरबोट का इस्तेमाल करती है। जीपीएस, नाईट विजन डिवाइस और मशीनगन से लैस इस मोटरबोट में एक समय में करीब 17 सैनिक सवार हो सकते हैं!

सूत्रों के अनुसार, नौसेना के चार वरिष्ठ अधिकारियों का एक दल लेह आया था। इस दल ने पैंगांग झील का दौरा किया और सेना की मोटरबोट व अन्य साजोसामान का जायजा लिया था। इस दल ने झील में किसी सैन्य टकराव की स्थिति में नौसेना की आवश्यकता का भी जायजा लिया और नौसेना के कमांडो दस्ते की सेना के जवानों के साथ संयुक्त गश्त और ऑपरेशनल ड्रिल की रूपरेखा भी तय की थी। इसी दल की रिपोर्ट के आधार पर कुछ दिनों से झील में भारतीय सैन्य गतिविधियां ऑपरेशनल मोड में नजर आ रही हैं। उन्होंने बताया कि नौसेना ने करीब डेढ़ दर्जन अत्याधुनिक और दमदार मोटरबोट को पैंगांग में गश्त के लिए पहुंचाया है। ये मोटरबोर्ट चीनी सेना के 928 बी टाइप जहाजों का मुकाबला करने में समर्थ हैं।
सूत्रों ने बताया कि पैगांग में नौसेना की गतिविधियां शुरू होने से चीन पर सैन्य दबाव बढ़ेगा। उसे पहले कभी लद्दाख में भारत के आक्रामक रुख का सामना नहीं करना पड़ा है। पैगांग झील में पहले भी कई बार भारत और चीन के सैनिकों के बीच टकराव हो चुका है। चीनी सैनिकों ने कई बार भारतीय जवानों की मोटरबोट को नुकसान पहुंचाया है, लेकिन अब स्थिति ऐसी नहीं है। झील की लहरों पर उसे मात देने के लिए नौसेना और सेना पूरी तरह तैयार है।

होम आइसोलेशन के लिए सरकार ने जारी किया नई गाइडलाइन, जानें क्या क्या बदले नियम

नई दिल्‍ली (ऊँ टाइम्स)  केन्द्र सरकार ने कोरोना के बहुत हल्‍के यानी माइल्‍ड, प्रीसिम्‍टोमेटिक और एसिम्‍टोमेटिक मामलों के संदर्भ में होम आइसोलेशन के लिए संशोधित गाइडलाइन जारी की है। इस गाइडलाइन में केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय ने कहा है कि उन्‍हीं मरीजों को होम आइसोलेशन में भेजा जाएगा जिन्‍हें डॉक्‍टरों ने अस्‍पताल में भर्ती नहीं होने की जरूरत बताई है। जारी नई गाइडलाइन के मुताबिक, हल्के लक्षण या बगैर लक्षण वाले मरीज जिनको कोई दूसरी बीमारी नहीं है वो घर पर होम आइसोलेशन में रहते हुए अपना इलाज करा सकेंगे लेकिन इसके लिए पहले डॉक्टर की परमि‍शन लेनी जरूरी होगी। 
गाइडलाइन में कहा गया है कि यदि होम आइसोलेशन में रह रहे मरीज को सांस लेने में दिक्‍कत महसूस होती है। सीने में दर्द शुरू होता है या बोलने में तकलीफ होती है तो उनको तुरंत अस्पताल में आना होगा। यही नहीं 60 साल के ऊपर के मरीजों को अस्पताल में ही अपना इलाज कराना होगा। यही नहीं जिन्हें डायबिटीज, हाईपर टेंशन, कैंसर, किडनी, फेफड़ों से संबंधित गंभीर बीमारी है उनको भी अस्‍पताल में ही इलाज कराना होगा… सरकार ने साफ कहा है कि होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों को परिवार के सदस्‍यों से बिल्‍कुल ही अलग थलग रहना होगा… !
जारी गाइडलाइन में यह भी कहा गया है कि होम आइसोलेशन में रह रहे मरीज की देखभाल के लिए 24 घंटे एक केयर गिवर होगा। केयर गिवर मरीज के स्‍वास्‍थ्‍य के बारे में अस्‍पताल और मरीज के बीच सेतु का काम करेगा। केयर गिवर को चिकित्‍सक के परामर्श के आधार पर तय प्रोटोकॉल के तहत हाइड्रोक्‍सी क्‍लोरोक्‍वीन की खुराक लेनी चाहिए। होम आइसोलेशन में रह रहे मरीज के मोबाइल में आरोग्‍यसेतु ऐप डाउनलोड होना चाहिए। यही नहीं होम आइसोलेशन के दौरान इसे पूरी तरह सक्रिय होना चाहिए। नए दिशा निर्देशों में कहा गया है कि होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों में लक्षण दिखने के 10 दिनों के बाद और तीन दिन तक बुखार नहीं आने पर ही उनकी अवधि खत्‍म मानी जाएगी।
उल्‍लेखनीय है कि भारत में एक दिन में कोरोना के 19,148 नए मामले सामने आए हैं जबकि 434 लोगों की मौत हो गई। इसके साथ ही संक्रमितों की संख्या 6,04,641 हो गई है जबकि 17,834 लोग अबतक इस महामारी से जान गवां चुके हैं। अभी पांच दिन पहले ही संक्रमितों की संख्या पांच लाख के पार पहुंची थी। हालांकि बीमारी से रिकवर होने वालों की संख्‍या में भी इजाफा हुआ है। कोरोना से उबरने वाले लोगों की संख्या 3,59,859 हो गई है। देश में मौजूदा वक्‍त में 2,26,947 लोगों का इलाज चल रहा है। अभी तक करीब 59.52 फीसद मरीज स्वस्थ हुए हैं।

भूस्खलन ने म्यांमार में मचाई भारी तबाही, 113 से अधिक लोगों की हुई मौत, अनेक लापता

यांगून /नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  दुनिया भर में कोरोना वायरस महामारी से मचे हाहाकार के बीच म्यांमार में भूस्खलन ने भारी तबाही मचा जी है।  उत्तरी म्यांमार के कचिन प्रदेश के पेकान इलाके में स्थित जेड खदान में भूस्खलन होने के कारण करीब 113 लोगों की मौत हो गई है। अधिकारियों ने कहा कि गुरुवार को हुए इस हादसे में कम से कम 113 शव अब तक बरामद किए गए हैं। वहीं, कई लोग अभी भी लापता हैं। साइट पर अभी भी लापता लोगों के लिए बचाव कार्य जारी है।
पता चला है कि 304 मीटर से अधिक ऊंची चट्टान ढह गई,  बारिश के कारण पानी भर जाने के बाद ये भूस्खलन हुआ। अग्निशमन सेवा विभाग के अनुसार दुर्घटना सुबह करीब 8 बजे हुई है। सूचना मंत्रालय के एक स्थानीय अधिकारी टार लिन माउंग ने कहा कि अभी तक 100 से अधिक शव बरामद किए गए हैं। अभी और शव कीचड़ में फंसे हुए हैं। उन्होंने कहा कि मृतकों की संख्या में इजाफा हो सकता है। बता दें कि जेड की इन खदानों में पहले भी भूस्खलन से कई लोगों की मौत हो चुकी है। हादसे के वक्त मौजूद लोगों ने बताया कि उन्होंने देखा कि कुछ लोग मलबे पर मौजूद थे जो ढहने की कगार पर था। देखते ही देखते थोड़ी देर में पहाड़ी से पूरा मलबा भरभराकर नीचे आ गिरा। जिसकी चपेट में आने से लोग मारे गए।
 जेड की भूमि के रूप में जाना जाने वाला काचिन राज्य में घातक भूस्खलन अक्सर होता है। कई स्थानीय लोग इस क्षेत्र में जीवन यापन करते हैं। ज्यादातर भूस्खलन बांधों के आंशिक रूप से गिरने के कारण होते हैं। नवंबर 2015 में इस क्षेत्र में हुए एक बड़ा भूस्खलन में कम से कम 116 लोगों की मौत हो गई थी।
आप को बता दें कि म्यांमार में दुनिया में सबसे अधिक जेड पत्थर या हरिताश्म यानी हरे रंग के कीमती रत्न पाए जाते हैं।म्यांमार हर साल जेड पत्थरों का लगभग 30 अरब डॉलर का कारोबार करता है।

गोरखपुर के डीएम का आदेश, अनलाक 2 का उलंघन करने पर होगी जेल

गोरखपुर (ऊँ टाइम्स) इस जिले में 31 जुलाई तक घोषित अनलॉक 2.0 में और सख्ती और बढ़ाई जाएगी। जिले में कोरोना मरीजों की बढ़ती तादाद देखते हुए जिला प्रशासन ने कोई नई छूट नहीं देने का फैसला किया है। अनलॉक 2.0 में सड़कों पर बेवजह निकलने, सोशल डिस्टेंसिंग की अनदेखी करने और मास्क न लगाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए अभियान चलाकर सघन चेकिंग की जाएगी।
नियमों का उल्लंघर करने वाले लोगों के चालान काटे जाएंगे और तत्काल रुपये नहीं जमा करने वालों को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा जहां से उन्हें जेल भी भेजा जा सकता है। ऐसे मामलों के लिए जिला प्रशासन ने डेयरी कॉलोनी स्थित कम्युनिटी हॉल को अस्थायी जेल बनाया है। वहां करीब 500 लोग सोशल डिस्टेंसिंग के साथ रखे जा सकेंगे!
डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने बताया कि अनलॉक 2.0 में सब कुछ पहले की ही तरह रहेगा। तय रोस्टर के मुताबिक ही दुकानें खुलती रहेंगी। दुकानों के समय में भी कोई बदलाव नहीं होगा। शाम सात बजे के बाद रात नौ बजे तक सिर्फ रेस्त्रां- होटल, शराब की दुकानें ही खुलेंगी। शाम सात बजे के बाद सड़कों पर आम आदमी का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा।
उन्होंने कहा कि पहले की तुलना में अब कोरोना संक्रमण ज्यादा गहरा गया है। रोजाना बड़ी संख्या में संक्रमित सामने आ रहे हैं। ऐसे में अब सड़कों पर बेवजह निकलने वाले, मास्क नहीं लगाने वालों और सोशल डिस्टेंसिंग की अनदेखी करने वालों के खिलाफ अब प्रशासन सख्ती से पेश आएगा।

कोरोना को मात देने के लिए दिल्ली NCR में जंग होगी और तेज, अमित शाह का आदेश- ज्यादा हो टेस्टिंग

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) दिल्ली-NCR में कोरोना वायरस संक्रमण पर कैसे रोक लगाया जाय, इसको लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित  शाह की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिय हो रही े बैठक खत्म हो गई है। बैठक के दौरान अमित शाह ने आदेश दिया है कि दिल्ली-एनसीआर के जिलों में ज्यादा से ज्यादा संख्या में लोगों की कोराेना जांच हो और रिपोर्ट के आधार पर इलाज सुनिश्चित हो। साथ उन्होंने यह भी कहा कि मरीज के गंभीर अवस्था में पहुंचने से पहले उसका इलाज करने की जिम्मेदारी प्रशासनिक अधिकारी लें और स्वास्थ्य भी सुविधाएं बढ़ाएं। बैठक में मौजूद नीति आयोग के सदस्य डॉ. विनोद पॉल ने दिल्ली सहित एनसीआर के सभी जिलों में कोरोना की वस्तुस्थिति से अमित शाह को अवगत कराया। उन्होंने सभी जिलाधीशों से कहा है कि वे जिन जिलों में कोरोना को मात देने के लिए बेस्ट प्रेक्टिस की गई हैं, उन्हें अपने जिलों में अपनाएं। इसके लिए उन्होंने कुछ जिलों के अच्छे कार्य भी गिनाए। 
बृहस्पतिवार को हुई बैठक में उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल अपने प्रदेश के कोरोना के आंकड़े भी रखे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हो रही बैठक में कोरोना वायरस के मुद्दे पर चर्चा हुई और अब तक उठाए गए कदमों की समीक्षा भी की गई।
बैठक का अजेंडा दिल्ली के साथ एनसीआर के शहरों मसलन गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, हापुड़, नोेएडा, और गाजियाबाद में लगातार बढ़ रहे कोरोना वायरस संक्रमण पर रोकथाम रहा। इसी के साथ बैठक में अमित शाह तीनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों से कोरोना वायरस के खिलाफ चल रही तैयारी की समीक्षा भी की।
इससे पहले बुधवार को अमित शाह ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ देश में कोरोना वायरस संक्रमण की समीक्षा की थी। 
गौरतलब है कि दिल्ली में जहां कोरोना वायरस संक्रमण के मामले 90 हजार के करीब पहुंच गई है, तो जान गंवाने वालों की संख्या 3000 के करीब से कुछ ही संख्या दूर है। दिल्ली के लिए सुखद  बात  यह है कि ठीक होने वालों को आंकड़ा 60 हजार तक पहुंचने वाला है।
फिलहाल दिल्ली के बाद एनसीआर का सबसे प्रभावित शहर गुरुग्राम है। यहां पर अब तक 3896 लोगों को कोरोना अपनी चपेट में ले चुका है, जबकि 2581 लोग कोरोना को मौत देकर सामान्य जीवन में लौट चुके हैं और 80 लोगों की मौत हुई है।
फरीदाबाद जिले में कोरोना मरीजों की संख्या 5463 हो चुकी है और कोरोना से मरने वालों की संख्या 92 पहुंच गई है। कोरोना से स्वस्थ होने वाले मरीजों की संख्या 4078 हो गई है। 

सोनिया गांधी के दामाद वाड्रा की लंदन बेनामी प्रापर्टी खरीद में दलाली के पैसे की जांच शुरू

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) लंदन में राबर्ट वाड्रा की बेनामी संपत्ति खरीदने के लिए कोरिया की कंपनी सैमसंग इंजीनियरिंग से ली गई दलाली के मामले की सीबीआइ जांच शुरू हो गई है। इस संबंध में दर्ज एफआइआर में सीबीआइ ने रक्षा सौदे के दलाल संजय भंडारी को आरोपी बनाया है।
सीबीआइ के अनुसार ओएनजीसी की एक सबसिडियरी कंपनी ओएनजीसी पेट्रो एडिशंस लिमिटेड (ओपल) से गुजरात के दाहेज में एक प्रोजेक्ट का ठेका देने के एवज में 49.99 लाख डालर (तत्कालीन विनिमय दर के हिसाब से 23.50 करोड़ रुपये) की दलाली ली गई थी। दैनिक जागरण ने 12 मार्च 2019 को विस्तार से इस घोटाले की खबर छापी थी।
उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार आयकर विभाग और ईडी ने पिछले साल के शुरू में ही सीबीआइ को इस घोटाले के दस्तावेज सौंपते हुए भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत एफआइआर दर्ज कर इसकी जांच की जरूरत बताई थी। इसके आधार पर सीबीआइ ने 11 जुलाई 2019 को प्रारंभिक जांच का केस दर्ज किया था। लगभग एक साल की प्रारंभिक जांच के बाद सीबीआइ ने रेगुलर एफआइआर दर्ज करने का फैसला किया। इसमें संजय भंडारी और सैमसंग इंजीनियरिंग के सीनियर मैनेजर होंग नैमकुंग के साथ-साथ ओएनसीजी और ओपल के अज्ञात अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है।
सीबीआइ की एफआइआर के मुताबिक ओपल ने नवंबर 2006 में गुजरात के दाहेज स्थित एसईजेड में इथेन, प्रोपेन और बुटेन निकालने का प्लांट लगाने का फैसला किया और इसके लिए एक प्रोजेक्ट का ठेका मार्च 2008 में जर्मनी की लिंडे और दक्षिण कोरिया की सैमसंग इंजीनियरिंग के कंसोर्टियम को दिया। वैसे ठेका में भाग लेने वाली भारतीय कंपनी एलएंडटी और शॉ स्टेन व वेबस्टर के कंसोर्टियम ने ठेका की प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाया, लेकिन उसे खारिज कर दिया गया। हैरानी की बात यह है कि प्रोजेक्ट लगाने के लिए ओपल के फैसले के एक महीना पहले ही संजय भंडारी की यूएई स्थित कंपनी सैनटेक और सैमसंग इंजीनियरिंग के बीच दलाली का समझौता हो गया। जिसमें 100 करोड़ डॉलर की कंसल्टेंसी फीस का प्रावधान था।

इस प्रोजेक्ट में खुलेआम ली गई दलाली का हवाला देते हुए सीबीआइ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि संजय भंडारी के साथ हुए समझौते में ओएनजीसी से एडवांस मिलने के एक महीने के भीतर 50 फीसदी रकम और पूरी पेमेंट मिलने के छह महीने के भीतर बाकी के 50 फीसदी रकम देने की बात थी। लेकिन ठेके की शर्तो में एडवांस का कोई प्रावधान ही नहीं था। बाद में ओनएनजीसी की बोर्ड ने एडवांस देने का फैसला किया। ओएनजीसी ने सैमसंग इजीनियरिंग को 24 फरवरी 2009 को एडवांस दिया और 13 जून 2009 को संजय भंडारी की कंपनी में 49.99 लाख डॉलर की दलाली की रकम पहुंच गई।
दलाली की रकम पहुंचने के तत्काल बाद संजय भंडारी ने ब्रिटेन की कंपनी 19 लाख पौंड (तत्कालीन विनिमय दर के हिसाब से 15 करोड़ रुपये) में वरटेक्स मैनेजमेंट को खरीद लिया, जिसके पास लंदन स्थित 12, ब्रायंस्टन स्क्वायर का मकान था। इस तरह से यह मकान संजय भंडारी के पास आ गया। बाद में संजय भंडारी ने यह मकान दुबई स्थित स्काईलाइट इंवेस्टमेंट एफजेडई को बेच दिया। जांच एजेंसियों के अनुसार यह कंपनी राबर्ट वाड्रा की मुखौटा कंपनी है।
रक्षा सौदों के दलाल संजय भंडारी और उसके सहयोगियों के यहां छापे में आयकर विभाग और ईडी को 12, ब्रायंस्टन स्क्वायर की संपत्ति असल में राबर्ट वाड्रा के होने के सबूत मिले थे। दरअसल 2010 में भंडारी का रिश्तेदार सुमित चढ्डा इस संपत्ति की मरम्मत के लिए वाड्रा को ईमेल भेजकर इजाजत मांगी थी। बाद में एक ईमेल में सुमित चढ्डा ने मरम्मत के पैसे की भी व्यवस्था करने के लिए भी कहा था। इस इमेल के जवाब में वाड्रा ने मनोज अरोड़ा को इसकी व्यवस्था करने का निर्देश देने का भरोसा दिया था।
ईडी के अनुसार इस संपत्ति की मरम्मत पर लगभग 45 लाख रुपये खर्च किये गए थे। इस संबंध में ईडी राबर्ट वाड्रा से लंबी पूछताछ कर चुका है। ईडी और आयकर विभाग के अधिकारियों की माने तो उनसे पास इसके राबर्ट वाड्रा की बेनामी संपत्ति होने के पुख्ता सबूत हैं।

चीन ने LAC पर तैनात किया 20,000 से अधिक सैनिक, भारत ने भी बढ़ाई सेना

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  लद्दाख में वास्तवीक नियत्रंण रेखा पर जारी तनाव के बीच चीन ने अपने सौनिकों की तादात में इजाफा किया है। पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने पूर्वी लद्दाख सेक्टर के पास वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास अपने 20,000 से अधिक सैनिकों को तैनात किया है। इसको देखते हुए भारत ने भी अपनी दो डिवीजनों को तैनात कर दिया है।
शीर्ष सरकारी सूत्रों के मुताबिक चीनी सेना ने पूर्वी लद्दाख सेक्टर में LAC के साथ लगभग दो डिवीजनों (20,000 के आसपास) को तैनात किया है। एक और विभाजन (10,000 सैनिक) है जो उत्तरी शिनजियांग प्रांत में तौनात किया है, जो लगभग 1,000 किलोमीटर की दूरी पर है, लेकिन चीनी सीमा पर समतल इलाकों के कारण अधिकतम 48 घंटे में हमारी सीमा तक पहुंचने के लिए उन्हें जुटाया जा सकता है।
हम इन सैनिकों की आवाजाही पर कड़ी नजर रख रहे हैं, जिन्हें भारतीय सीमा के करीब तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि भले ही भारत और चीन छह सप्ताह से अधिक समय से कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर बात कर रहे हैं, लेकिन इस मोर्चे पर चीन की ओर से सैनिकों की संख्या या उपकरणों में कोई कमी नहीं की गई है। 
पता चला है कि तिब्बत क्षेत्र में चीन की आम तौर पर दो डिविजन रहती हैं, लेकिन इस बार उन्होंने भारतीय चौकियों के खिलाफ 2,000 किलोमीटर दूर करीब दो अतिरिक्त डिविजन को तैनात किया है। स्थिति को देखते हुए भारत ने पूर्वी लद्दाख क्षेत्र के आस-पास के स्थानों से कम से कम दो डिवीजनों को तौनात किया है। इसमें एक आरक्षित माउंटेन डिविजन भी शामिल है जो हर साल पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में अपने युद्ध अभ्यास करती है।
सूत्रों का कहना है कि सैन्य और राजनयिक स्तर पर चीन के साथ बातचीत के बावजूद ऐसा लगता है कि संकट के समाधान के लिए अभी लंबा समय लगेगा। भारत भी इसके लिए खुद को तैयार कर रहा है। दोनों देशों के बीच सितंबर-अक्टूबर तक सीमा पर तैनाती जारी रहने की उम्मीद है जब तक की ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी बड़े पैमाने पर शुरू नहीं हो जाती।

चीन के 59 ऐप पर भारत में प्रतिबंध से बौखलाया गया है चीन

नई दिल्ली / बीजिंग (ऊँ टाइम्स) लद्दाख में चीन के साथ सख्ती से पेश आ रहे भारत ने अब आर्थिक मोर्चे पर भी चीन को घेरते हुए भारत में 59 चीनी ऐप पर प्रतिबंध लगा दिया है और गूगल को अपने प्ले स्टोर से उस सभी ऐप को हटाने का आदेश भी दे दिया है। भारत की इस कार्रवाई से चीन घबरा गया है और इसपर दुख जताते हुए स्थिति पर नजर रखने की बात करने लगा है। अभी तक गलवन में हेकड़ी दिखा रहे चीन भारत के इस एक्शन के बाद अब अंतरराष्ट्रीय कानून की दुहाई देने लगा है।
चीन के विदेश मंत्री के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने भारत के चीनी ऐप्स पर बैन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चीन को काफी चिंता है और वह स्थिति की समीक्षा कर रहा है। बता दें कि दोनों देशों के बीच लद्दाख में एक महीने से ज्यादा वक्त से तनाव चल रहा है। गलवन घाटी में चीनी सेना के साथ संघर्ष में भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे, जबकि चीन के 40 जवान मारे गए थे।
उन्होंने कहा कि हम कहना चाहते हैं कि चीनी सरकार हमेशा से अपने कारोबारियों को अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय नियमों को पालन करने को कहती रही है। भारत सरकार को चीनी समेत सभी अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के कानूनी अधिकारों की रक्षा करने की जिम्मेदारी है।

भारत ने चीन के 59 ऐप पर लगाया था बैन – आप को बता दें कि भारत सरकार ने सोमवार को 50 से ज्यादा चाइनीज ऐप्स को प्रतिबंधित करने का बड़ा फैसला लिया था। बैन किए गए ऐप्स की लिस्ट में ढेरों पॉपुलर ऐप्स शामिल हैं और TikTok, UC Browser और ShareIt जैसे नाम हैं। ऐप्स को बैन किए जाने की वजह इनका चाइनीज होना ही नहीं है, बल्कि देश की सुरक्षा और एकता को बनाए रखने के लिए जरूरी कदम मानते हुए ऐसा किया गया है। करीब 59 ऐप्स को जल्द ही गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर से हटा दिया जाएगा।

अब फिर गरीबों को नवंबर तक मिलेगा मुफ्त में अनाज,मोदी ने किया ऐलान

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को पांच महीने तक और बढ़ा दिया गया है जिसके तहत गरीब परिवार के प्रतिव्यक्ति को हर महीने पांच किलो अनाज मुफ्त मिलता है। योजना मंगलवार को ही खत्म हो रही थी और पीएम ने देश के नाम संबोधन में स्पष्ट कर दिया कि नवंबर तक यह जारी रहेगा। अक्टूबर में संभावित बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर जाहिर तौर पर इसे राजनीति से भी जोड़ा जाएगा लेकिन यह भी सच है कि इसने लगभग 80 करोड़ लोगों में आशा जगा दी। वहीं कोरोना संक्रमण के तेज प्रसार के बीच जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों को और सचेत करते हुए साफ किया कि प्रधान हों या प्रधानमंत्री नियमों से उपर कोई नहीं। ऐसे हर व्यक्ति को रोकना, टोकना और समझाना होगा।

योजना के प्रथम चरण की शुरुआत 26 मार्च को की गई थी। इसमें अप्रैल, मई और जून में लागू की गई इस योजना पर कुल 60 हजार करोड़ रुपये का खर्च आया था। लेकिन इसे पांच महीने तक और बढ़ा दिए जाने पर 90 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च होगा। इस तरह पीएमजीकेएवाई का कुल खर्च 1.50 लाख करोड़ रुपये आएगा। प्रधानमंत्री मोदी ने योजना के विस्तार की घोषणा के साथ ही इसका श्रेय देश के अन्नदाता किसानों और कर दाताओं को दिया। उन्होंने कहा कि सरकार जरूरत पर इतना कुछ इसीलिए कर पा रही है क्योंकि किसानों ने पर्याप्त अनाज उपजाया है और ईमानदार करदाताओं ने योगदान दिया है।
प्रधानमंत्री के देश के नाम संबोधन को लेकर रात से ही अटकलों का बाजार गर्म था लेकिन लगभग 17 मिनट के संबोधन में वह पूरी तरह कोरोना काल पर ही केंद्रित रहे। सही समय पर लाकडाउन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसके कारण लाखों लोगों की जान बची है। अब और सतर्क होने की जरूरत है क्योंकि आने वाला मौसम बीमारियां लेकर आता है। प्रधानमंत्री मोदी ने ‘एक राष्ट्र एक राशन कार्ड’ योजना की तैयारी पर संतोष जताते हुए कहा ‘इसके हो जाने से प्रवासी मजदूरों को दूसरे राज्य में भी आसानी ने उसके हिस्से का अनाज मिलने लगेगा।’
पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत प्रत्येक राशनकार्ड वाले उपभोक्ताओं को पांच किलो अनाज की यह मात्रा मुफ्त व अतिरिक्त होगी। जबकि हर उपभोक्ता को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून (एनएफएसए) के तहत निर्धारित मात्रा में अनाज पूर्व की भांति रियायती दर दो रुपये किलो गेहूं और तीन रुपये किलो चावल की भी आपूर्ति होती रहेगी। प्रति परिवार एक किलो चना भी दिया जाएगा। संबोधन के तुरंत बाद केंद्रीय खाद्य व उपभोक्ता मंत्री राम विलास पासवान ने भी राज्यों से आग्रह किया कि वह अगले पांच महीने का अनाज भी एफसीआइ से उठा लें। उनकी ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि सरकार के पास पर्याप्त अनाज का भंडार है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देश में गरीबों और जरूरतमंदों को कोरोना काल के दौरान सरकार को मुफ्त खाद्यान्न उपलब्ध कराने में सक्षम बनाने के लिए किसानों और करदाताओं को श्रेय दिया। पीएम मोदी ने कहा, ‘अगर सरकार आज गरीबों और जरूरतमंदों को मुफ्त अनाज देने में सक्षम है तो इसका श्रेय दो वर्गों के लोगों को जाता है। पहले हमारे मेहनती किसान हैं, हमारे अन्नदाता हैं और दूसरे देश के ईमानदार करदाता हैं। आपने ईमानदारी से कर जमा किया है, अपनी जिम्मेदारी पूरी की है, यही कारण है कि आज देश के गरीब इस बड़ी समस्या से लड़ने में सक्षम हैं। आज प्रत्येक गरीब, प्रत्येक किसान के साथ-साथ, मैं हर करदाता को हार्दिक बधाई देता हूं और उन्हें नमन करता हूं।’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लागू नियमों का हर हाल में पालन होना चाहिए। उन्होने कहा कि जो लोग भी नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं, उन्हें रोकना होगा और समस्या से अवगत कराना होगा। आपने समाचार में देखा है कि एक प्रधानमंत्री पर 13,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया, क्योंकि वह बिना मास्क के एक सार्वजनिक स्थान पर गए थे। प्रधानमंत्री बुल्गारियाई प्रधानमंत्री बॉयो बोरिसोव के उदाहरण का उल्लेख कर रहे थे। पीएम मोदी ने कहा कि भारत में भी स्थानीय प्रशासन को उसी तरह सक्रिय रूप से काम करना होगा। यह 130 करोड़ नागरिकों की जान बचाने का अभियान है। भारत में गांव का प्रधान हो या फिर देश का प्रधान कोई भी नियमों से ऊपर नहीं है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कोरोना को फैलने से रोकने के लिए नियमों का पालन करने के लिए नागरिकों से प्रतिबद्धता दिखाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब से देश में अनलॉक 1 शुरू हुआ, तब से व्यक्तिगत और सामाजिक व्यवहार में लापरवाही बढ़ती जा रही है। इससे पहले, हम मास्क के उपयोग, दो गज दूरी और 20 सेकंड के लिए दिन में कई बार हाथ धोने को लेकर काफी अधिक सतर्क थे। लॉकडाउन के दौरान नियमों का गंभीरता से पालन किया गया। अब सरकारों, स्थानीय निकायों और नागरिकों को उसी तरह सतर्कता दिखाने की जरूरत है। 
पीएम मोदी ने संबोधन की शुरुआत में कहा, ‘हम अनलॉक 2 में प्रवेश कर रहे हैं और हम ऐसे मौसम में भी प्रवेश कर रहे हैं जब सर्दी, खांसी, बुखार के मामले बढ़ जाते हैं। मैं नागरिकों से अनुरोध करता हूं कि वे अपना ख्याल रखें। यह सच है कि यदि हम कोरोना वायरस के कारण मृत्यु दर को देखे, तो भारत दुनिया के कई देशों की तुलना में बेहतर स्थिति में है। समय पर लॉकडाउन और अन्य फैसलों ने भारत के लाखों लोगों की जान बचाई है। 

पाकिस्तान में 262 पायलट फर्जी लाइसेंस मामले में हुए प्रतिबंधित, वियतनाम ने रोकी सेवाएं

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)   पाकिस्तान ने फर्जी लाइसेंस मामले में अपने 262 पायलटों पर प्रतिबंध लगा दिया है। आज वियतनाम ने भी सभी पाकिस्तानी पायलटों के उड़ान भरने पर रोक लगा दिया है। वियतनाम के उड्डयन विभाग ने आज स्थानीय एयरलाइंस में काम करने वाले सभी पाकिस्तानी पायलटों को प्रतिबंधित कर दिया है। पाकिस्तानी पायलटों पर रोक लगाने का यह फैसला अंतरराष्ट्रीय विमानन नियंत्रक एजेंसी IATA द्वारा जारी एक रिपोर्ट के बाद लिया गया है। रिपोर्ट में पाकिस्तानी पायलटों के पास संदिग्ध अथवा फर्जी लाइसेंस होने का खुलासा करते हुए इसे सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताया गया है।
ग्लोबल एयरलाइंस बॉडी IATA ने पिछले सप्ताह अपनी रिपोर्ट में कहा था कि पाकिस्तानी पायलटों के लाइसेंस में गंभीर खामियां पाई गई हैं। इससे ये स्पष्ट है कि पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस में गंभीर अनियमितता बरती जा रही है, जो सुरक्षा के लिए बड़ा बड़ा खतरा है। इसके तुरंत बाद पाकिस्तान ने संदिग्ध लाइसेंस व दस्तावेजों के आधार पर विभिन्न एयरलाइंस में काम करने वाले अपने 262 पायलटों पर प्रतिबंध लगा दिया था।
अंतरराष्ट्रीय एजेंसी के अलर्ट पर वियतनाम नागरिक उड्डन प्राधिकरण ने भी पाकिस्तानी पायलटों के उड़ान भरने पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। CAAV ने वियतनामी एयरलाइंस के लिए काम करने वाले सभी पाकिस्तानी पायलटों को बर्खास्त करने का आदेश जारी कर दिया है। ये जानकारी वियतनाम नागरिक उड्डयन प्राधिकरण द्वारा आज जारी एक बयान में दी गई है। नोटिस में बताया गया है कि पाकिस्तानी पायलटों की बर्खास्तगी अगले आदेश तक जारी रहेगी। पाकिस्तानी पायलटों के लाइसेंस की जाँच के लिए वियतनाम, पाकिस्तानी उड्डयन प्राधिकरण के संपर्क में है।
आप को मालूम हो कि वियतनाम की एयरलाइंस में पाकिस्तान के कुल 27 पायलट कार्यरत हैं। इनमें से 15 पायलटों का अनुबंध खत्म हो जुका है या वो कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते काम नहीं कर रहे हैं। शेष 12 पाकिस्तानी पायलट अभी तक वियतनामी एयरलाइंस में सेवाएं दे रहे थे। इन 12 पाकिस्तानी पायलटों में से 11 सस्ती एयरलाइंस विटजेट एविएशन के लिए काम कर रहे थे, जबकि एक पायलट वियतनाम एयरलाइंस की इकाई जेटस्टार पैसिफिक के लिए कार्यरत था।
विटजेट एविएशन द्वारा जारी एक बयान के अनुसार पाकिस्तानी पायलटों के लाइसेंस में गंभीर खामियां होने की जानकारी मिलते ही उनके काम करने पर रोक लगा दी गई है। पाकिस्तानी लाइसेंस के साथ फिलहाल किसी पायलट को उड़ान भरने की अनुमति नहीं है। वहीं वियतनाम नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने जानकारी दी है कि वियतनाम एयरलाइंस और बैंबू एयरवेस किसी भी पाकिस्तानी पायलट का इस्तेमाल नहीं करेंगी। CAAV के अनुसार वियतनामी एयरलाइंस के पास मौजूदा समय में कुल 1260 पायलट हैं। इनमें से तकरीबन 50 फीसद पायलट विदेश नागरिक हैं।

पाकिस्तान में स्टॉक एक्सचेंज पर हुआ आतंकी हमला,आतंकियों समेत 11 लोगों की मौत

नई दिल्ली /कराची (ऊँ टाइम्स)  कराची में पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज बिल्डिंग पर आतंकवादी हमले में चार आतंकियों समेत 11 लोगों की मौत हो गई है। प्राप्त समाचार के अनुसार आतंकियों ने मारे जान से पहले चार सुरक्षा गार्ड और एक पुलिस अधिकारी को मार दिया। वहीं दो नागरिकों की भी मौत हो गई। इनके पास से खाद्य सामग्री बरामद की गई, जिससे यह पता चसता है कि वे लंबे समय तक यहां घेराबंदी करने वाले थे।आतंकवादी समूह बलूच लिबरेशन आर्मी ने हमले की जिम्मेदारी ली है। बीएलए ने कहा कि उसके माजिद ब्रिगेड ने व्यापारिक सप्ताह के पहले दिन हमले को अंजाम दिया। इसमें एक आत्मघाती हमलावर भी शामिल था। इस समूह ने पिछले साल ग्वादर में पर्ल कॉन्टिनेंटल होटल में हमले को अंजाम जिया था, जिसमें आठ लोग मारे गए थे। 
विस्फोटकों और गोला-बारूद से लैस चार आतंकवादी, कराची स्थित पीएसइ भवन के पार्किंग क्षेत्र में घुसे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आतंकवादियों ने सुरक्षा गार्डों पर ग्रेनेड फेंका और गोलीबारी की। हमलावर टोयोटा कोरोला कार से इमारत के पास पहुंचे, उसे प्रवेश द्वार के पास रोका और ग्रेनेड फेंकने के बाद और गोलीबारी शुरू कर दी। वे स्टॉक एक्सचेंज बिल्डिंग के अंदर घुसने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन वे अपने इस मंसूबे में कामयाब नहीं हुए। बिल्डिंग के अंदर मौजूद लोगों को पिछले दरवाजे से निकाला गया। आतंकियों द्वारा की गई गोलीबारी से इमारत में मौजूद लोगों में दहशत फैल गई।
पुलिस सर्जन डॉ. कारार अहमद अब्बासी ने कहा कि डॉ. रूथ पफौ सिविल अस्पताल कराची में पुलिसकर्मियों सहित पांच शवों और सात घायलों को लाया गया है। घटना की जानकारी मिलते ही घटनास्थल पर पहुंचकर पाकिस्तानी रेंजर्स ने मोर्चा संभाला और चारों आतंकियों को मार गिराया। जानकारी के अनुसार घायलों में से कई लोगों की हालत नाजुक बनी हुई है।  प्राप्त समाचार के अनुसार पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज के अधिकारियों ने जानकारी दी कि आतंकियों को कंपाउंड में ही रोक लिया गया। परिसर में लोगों की संख्या आज सामान्य से कम थी क्योंकि कई लोग कोरोना के कारण अभी भी घर में रह रहे हैं। पाकिस्तान रेंजर्स ने इलाके की घेराबंदी की और हालात को अपने नियंत्रण में ले लिया। क्षेत्र को आतंकवादियों से मुक्त घोषित करने के बाद ऑपरेशन समाप्त हुआ। 

हमलावरों के पास से बरामद हुआ हथियार और हैंड ग्रेनेड– सिंध रेंजर्स ने कहा कि आसपास के क्षेत्र में मारे गए लोगों और हथियारों को बाहर निकालने का काम जारी है। हमलावरों के पास से हथियार और हैंड ग्रेनेड बरामद किए गए हैं। जियो टीवी से बात करते हुए कराची के इंस्पेक्टर-जनरल ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है। उन्होंने यह भी कहा कि कि आतंकवादियों ने अत्याधुनिक हथियारों के साथ हमला किया था और उनके पास एक बैग था, जिसमें संभवतः विस्फोटक था।

इस बीच, पीएसएक्स ने एक बयान में कहा ‘आज पीएसएक्स कंपाउंड पर एक आतंकी हमला हुआ। प्रबंधन, सुरक्षा बलों की मदद से स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहा है। स्थिति नियंत्रण में होने के बाद और अधिक विस्तृत विवरण जारी किया जाएगा। फिलहाल गोलीबारी बंद है और अतिरिक्त सैन्य तैनात कर दिए गए हैं। सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि यह हमला राष्ट्रीय सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर हमले के समान है। अराजकतत्व वायरस की स्थिति का फायदा उठाना चाहते हैं!

सिंध के गवर्नर इमरान इस्माइल ने इस घटना किया निंदा – सिंध के पुलिस महानिरीक्षक मुश्ताक महार ने डीआइजी दक्षिण से घटना की रिपोर्ट मांगी है। सिंध के गवर्नर इमरान इस्माइल ने इस घटना की निंदा की। उन्होंने कहा कि वे आतंक के खिलाफ युद्ध को कलंकित करने के उद्देश्य से पीएसएक्स पर हमले की कड़ी निंदा करते हैं। आइजी और सुरक्षा एजेंसियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि अपराधियों को जीवित पकड़ा जाए और उनके आकाओं को कठोर सजा दिलाई जाए। हम हर कीमत पर सिंध की रक्षा करेंगे। बता दें कि पीएसएक्स कराची के बिजनेस सेंटर के केंद्र में स्थित है। स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान जैसी महत्वपूर्ण इमारतें इसके पास स्थित हैं।

राजस्थान बोर्ड की दसवीं की परीक्षा के शेष दो पेपर रद करने की याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने किया खारिज

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) राज्य सरकार के वकील का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने आज राजस्थान बोर्ड की दसवीं कक्षा की परीक्षा के शेष दो पेपर रद करने की याचिका खारिज कर दी है। 29 और 30 जून को राजस्थान बोर्ड की दसवीं कक्षा की शेष परीक्षा आयोजित करने के राजस्थान सरकार के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका पर सुनवाई हुई।

पंजाब के सीएम का आदेश,15 जुलाई तक यूनिवर्सिटी व कालेजों की परीक्षाएं रहेंगी स्थगित

चंडीगढ़ ( omtimes ऊँ टाइम्स) पंजाब के  मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब के विश्वविद्यालयों में 15 जुलाई तक परीक्षा लेने पर रोक लगा दी है। मुख्यमंत्री ने यह फैसला तब लिया जब एक दिन पहले फेसबुक लाइव पर विद्यार्थियों व अभिभावकों ने कोरोना वायरस को लेकर वर्तमान हालातों को देखते हुए रोक लगाने की मांग की थी। 
मुख्यमंत्री ने आज घोषणा किया कि 15 जुलाई तक पंजाब में कोई भी विश्वविद्यालय प्रस्तावित परीक्षा नहीं ले सकेंगे। हालांकि इस विषय पर अंतिम निर्णय विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा जारी किए जाने वाले नए दिशानिर्देशों के अधीन होगा।

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने आज अयोध्या में किया रामलला का दर्शन

फैजाबाद ( omtimes ऊँ टाइम्स)  आज अयोध्या दौरे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामलला का दर्शन किया।मुख्यमंत्री ने आज अपने अयोध्या दौरे पर कोविड-19 के साथ ही विकास कार्य व कानून-व्यवस्था की समीक्षा के लिए बैठक की। सर्किट हाउस में करीब एक घंटा की इस बैठक के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने सीधा मणिराम दास की छावनी का रुख किया। जहां पर उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास से मंत्रणा की। राम जन्मभूमि परिसर से सीएम योगी आदित्यनाथ अयोध्या एयरपोर्ट के लिए रवाना हो गए। वहां से लखनऊ के लिए प्रस्थान किया।
अयोध्या दौरे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज रामलला का दर्शन किया। इस दौरान रामलला के मुख्य अर्चक आचार्य सत्येंद्रदास ने रामनामी भेंट कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम जन्मभूमि परिसर में पौधरोपण किया। राम जन्मभूमि परिसर की नक्षत्र वाटिका में सीएम योगी आदित्यनाथ ने पौधरोपण किया। राम जन्मभूमि परिसर में प्रवेश से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास से मुलाकात की। इसके बाद हनुमानगढ़ी पहुंचकर दर्शन पूजन किया। हनुमानगढी मंदिर के महंत राजू दास से मुलाकात किया ।

जिला होशंगाबाद में विश्‍व हिंदू परिषद के जिला गौरक्षा प्रमुख की गोली मारकर हत्या

होशंगाबाद ( omtimes ऊँ टाइम्स) मध्य प्रदेश के होशंगाबाद जिले के पिपरिया में विश्‍व हिंदू परिषद के होशंगाबाद जिला गौरक्षा प्रमुख रवि विश्वकर्मा की लगभग 10 लोगों ने कथित तौर पर लाठी और धारदार हथियारों से हमला करने के बाद गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने बताया कि यह वारदात शुक्रवार शाम करीब सात बजे उस दौरान हुई जब 35 वर्षीय रवि विश्वकर्मा अपने दो साथियों के साथ कार से होशंगाबाद से पिपरिया लौट रहे थे।
पिपरिया पुलिस थाना प्रभारी सतीश अंधवान ने आज बताया कि वापसी के दौरान पिपरिया में घात लगाकर बैठै 10 लोगों ने रवि विश्वकर्मा पर पहले धारदार हथियारों और लाठियों से हमला किया। बाद में गोली मारकर उनकी हत्या कर दी। पुलिस अधिकारी ने बताया कि विश्वकर्मा को दो गोलियां लगीं। एक उनके हाथ पर जबकि दूसरी उनके दूसरे हाथ पर लगने के बाद छाती में जा लगी जिससे उनकी घटनास्‍थल पर ही मौत हो गई। इस हमले में रवि विश्वकर्मा के दो साथी भी घायल हुए हैं। हत्‍या के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए।
सतीश अंधवान ने बताया कि इस मामले में 10 नामजद लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। आरोपियों की तलाश जारी है। अभी तक किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। उन्‍होंने बताया कि यह हत्‍या आपसी रंजिश के चलते की गई हो सकती है। इस वारदात पर विश्‍व हिंदू परिषद के प्रांत सह मंत्री गोपाल सोनी ने कहा कि यह सुनियोजित हत्‍या है। रवि विश्वकर्मा जिले में गायों की रक्षा के लिए काम कर रहे थे। इस हत्‍याकांड की उचित तरीके से जांच की जानी चाहिए। 

भारत ने चीन को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूर्वी लद्दाख सीमा पर तैनात किया उच्च क्षमता की मिसाइलें

OmTimes e-news paper India नई दिल्ली ( omtimes ऊँ टाइम्स)  भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में हुए खूनी झढ़प के बाद भारत अब पूरी तरह से चौकन्ना हो चुका है। वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चीनी लड़ाकू जेट और हेलीकॉप्टर दिखाई देने के बाद भारत अब अपने उच्च मारक क्षमता वाले हथियार एलएसी पर तैनात कर रहा है। भारतीय सेना ने अभी हाल ही में पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में हवा में दूर तक मार करने वाली मिसाइलें तैनात की हैं।
सूत्रों से पता चला है कि क्षेत्र में चल रहे निर्माण के हिस्से के रूप में भारतीय वायु सेना चीनी वायु सेना को मुंहतोड़ जवाब दे सके इसलिए इन मिसाइलों को पूर्वी लद्दाख के भारत चीन सीमा पर तैनात किया गया है।
चीन से तनाव के बीच भारतीय वायुसेना के अभ्यास में सुखोई 30-एमके आइ के साथ ट्रांसपोर्ट विमान व चिनूक हेलीकॉप्टर भी हिस्सा ले रहे हैं। साजो सामान पहुंचाकर क्षेत्र में सेना की ताकत और बढ़ाने के लिए वायुसेना के विमान चंडीगढ़ से लगातार लद्दाख के लिए उड़ान भर रहे हैं। थलसेना व वायुसेना प्रमुख के हाल ही के पूर्वी लद्दाख के दौरों के बाद क्षेत्र की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाली सेना और वायुसेना के हौसले बुलंद हैं।

अमेरिकी इंटेलिजेंस ने दिया चौंकाने वाली जानकारी, सुनकर सभी हो जायेंगे दंग

OmTimes e-News paper India नई दिल्ली ( omtimes ऊँ टाइम्स) अमेरिकी के खुफिया अधिकारियों ने एक बेहद चौंकाने वाली जानकारी दी है, इसे सुनकर सभी हुए दंग । खुफिया अधिकारियों ने बताया कि रूसी सैन्य खुफिया इकाई ने तालिबान से जुड़े आतंकवादियों को अफगानिस्तान में तैनात गठबंधन अमेरिकी सेना के जवानों को मारने के लिए इनाम का पेशकश किया था । रूसी सैन्य इकाई के अधिकारियों ने तालिबान से जुड़े आतंकियों से कहा कि वो ऐसी सेना पर हमला करके उसे कमजोर करें, जिससे यहाँ पर लंबे समय से चल रही लड़ाई खत्म हो सकेगी। संयुक्त राज्य अमेरिका ने महीनों पहले निष्कर्ष निकाला था कि इस्लामी आतंकवादियों और सशस्त्र आपराधिक तत्वों के बीच आपस में संबंध हैं। ऐसा भी माना जाता है कि इस तरह से अमेरिकी सैनिकों पर हमला करने के लिए उन्होंने मोटी रकम जमा कर ली है। याद होगा कि अफगानिस्तान में साल 2019 में युद्ध में बीस अमेरिकी मारे गए थे लेकिन उस समय यह हत्याएं संदेह के दायरे में थीं। अधिकारियों ने कहा कि ये खुफिया जानकारी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को दी गई। उसके बाद व्हाइट हाउस की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने मार्च के अंत में एक बैठक में इस समस्या पर चर्चा भी की थी। अधिकारियों ने इन चीजों का ध्यान रखते हुए संभावित विकल्पों की एक लिस्ट तैयार की थी।  

अमेरिकी और अन्य नाटो सैनिकों की हत्या को प्रोत्साहित करने के लिए यदि रूस की ओर से समर्थन किया गया है तो ये अपने आप में चिंता की बात है। इस तरह की चीजें पता चलने से रूस के प्रति सैनिकों के मन में गुस्सा आएगा। वैसे ये पहली बार होगा जब रूसी जासूस इकाई ने पश्चिमी सैनिकों पर हमला किए जाने के लिए इस तरह की रणनीति अपनाई है।
इस तरह की जानकारी सामने आने के बाद अमेरिका का कहना है कि यदि तालिबान के साथ ऐसे किसी हमले से उनके सैनिकों की मौत मौतें हुईं है तो रूस के खिलाफ युद्ध का एक बड़ा विस्तार भी होगा। अशांति फैलाने के लिए साइबर हमले किए जाएंगे, विरोधियों को अस्थिर करने की रणनीति अपनाई जाएगी।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रेस सचिव दिमित्री पेसकोव ने कहा कि अगर कोई उन्हें निशाना बनाता है, तो वो जवाब देंगे। इस बारे में तालिबान के एक प्रवक्ता से उनकी टिप्पणी जानने की कोशिश की गई मगर  उन्होंने जवाब नहीं दिया। राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद, पेंटागन, विदेश विभाग और सीआईए के प्रवक्ता ने इस बारे में टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
खुफिया अधिकारियों से परिचित अधिकारियों ने रूस के बारे में खुफिया जानकारी का जवाब देने का निर्णय लेने में व्हाइट हाउस की देरी के बारे में नहीं बताया। जबकि उनके कुछ करीबी सलाहकारों, जैसे कि राज्य के सचिव माइक पोम्पिओ, ने रूस की ओर अधिक कट्टर नीतियों की सलाह दी है।
2018 में हेलसिंकी में एक शिखर सम्मेलन में ट्रंप ने दृढ़ता से सुझाव दिया था। उन्होंने पुतिन के इस विश्वास को खारिज कर दिया कि क्रेमलिन ने 2016 के राष्ट्रपति चुनाव में हस्तक्षेप किया था। ट्रंप ने रूस पर प्रतिबंध लगाने वाले एक विधेयक की आलोचना की जब उसने वीटो प्रूफ प्रमुखता से कांग्रेस द्वारा पारित किए जाने के बाद कानून में हस्ताक्षर किए। 
अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर इन चीजों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि खुफिया तंत्र से मिली इस सूचना को गुप्त रखा गया है लेकिन प्रशासन ने इस सप्ताह इसके बारे में विस्तार से जानकारी दी जिसमें ब्रिटिश सरकार के साथ इसके बारे में जानकारी साझा करना शामिल है।
खुफिया मूल्यांकन में कम से कम भाग में पकड़े गए अफगान आतंकवादियों और अपराधियों से पूछताछ के आधार पर बताया गया है। जब दुनिया कोरोना से परेशान है ऐसे में अब इस तरह के खुलासे सामने आ रहे हैं। हालांकि अधिकारियों ने साल में पहले ही खुफिया जानकारी एकत्र कर ली थी, इस बारे में व्हाइट हाउस में मीटिंग भी हुई थी।  ( मीडिया ग्रुप द्वारा प्र0 समाचार)

31 जुलाई तक दिल्ली में बंद रहेंगे स्कूल, दिल्ली के शिक्षा मंत्री ने किया ऐलान

OmTimes e- News paper India नई दिल्ली ( omtimes ऊँ टाइम्स) दिल्ली के शिक्षा मंत्री ने कहा दिल्ली के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को 31 जुलाई 2020 तक बंद रखा जायेगा। यानी, 31 जुलाई 2020 तक दिल्ली के सभी स्कूलों में शैक्षणिक गतिविधियां पूरी तरह से स्थगित रहेंगी। यह घोषणा दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने किया है। आप को बता दें कि देश भर में कोरोना वायरस महामारी के कारण बढ़ते हुए संक्रमण को ध्यान में रख कर यह निर्णय लिया गया है। सिसोदिया ने कहा है कि बच्चों की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है। बच्चों के स्वास्थ्य के साथ कोई जोखिम नहीं उठाया जा सकता है।
आप को बता दें कि देश भर में कोरोना वायरस के संक्रमण से सबसे ज्यादा प्रभावित मुंबई के बाद अगर कोई शहर हुआ है तो वह दिल्ली है। यहां हर दिन तेजी से मामले बढ़ रहे हैं। इस समस्या को मद्देनजर यह फैसला लिया गया है। मार्च में कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने की वजह से सभी स्कूल-कॉलेज सहित शैक्षणिक संसस्थान बंद कर दिए गए थे। इसके बाद जैसे-जैसे लॉकडाउन में छूट मिली थीं, उसके आधार पर शैक्षणिक गतिविधियों को आगे बढ़ाया गया। इसके तहत सीबीएसई बोर्ड सहित कई अन्य राज्यों ने बची हुईं 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं कराने का ऐलान किया। लेकिन कोरोना संक्रमण के नहीं थम रहे मामलों की वजह से आखिरकार सीबीएसई सहित कई अन्य राज्यों को परीक्षाएं टालनी पड़ीं। वहीं हाल ही सीबीएसई ने ऐलान किया है कि वह 15 जुलाई तक परिणाम जारी कर देगा। इसके अलावा कई अन्य बोर्ड पहले ही नतीजे जारी कर चुके हैं। इनमें सबसे पहले बिहार बोर्ड नरे जारी किए थे। वहीं अब कल यानी कि 27 जून को यूपी बोर्ड 10वीं और 12वीं के नतीजे एक साथ जारी करने जा रहा है। शनिवार की दोपहर साढ़े 12  बजे रिजल्ट घोषित किया जाएगा। 

शोहरतगढ़ के उ0नि0 रमाशंकर राय के विरूद्ध कई धाराओं में न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सिद्धार्थनगर में हुआ परिवाद दर्ज

सिद्धार्थनगर ( omtimes ऊँ टाइम्स ) इस जिले के थाना शोहरतगढ़ में तैनात उ0नि0 रमाशंकर राय के विरूद्ध धारा 269, 270, 147, 148, 149, 452, 427, 391, 392, 307, 323, 504, 506, 56 आपदा प्रबन्ध अधिनियम आदि के अन्तर्गत मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सिद्धार्थनगर के न्यायालय में परिवाद पंजीकृत हो चुका है! जिसका परिवाद नम्बर 858/2020 है!

अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा, चीन के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए होगी अमेरिकी सेना की होगी भारत में तैनाती

नई दिल्ली / वाशिंगटन ( omtimes ऊँ टाइम्स) अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोंपियो ने कहा है कि भारत और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के लिए खतरा उत्पन्न कर रहे चीन के कारण उनका देश यूरोपीय देशों से अपनी सेनाएं कम करके अन्य जगहों पर तैनात कर रहा है। पोंपियो ने ब्रसेल्स फोरम में अपने एक वर्चुअल संबोधन के दौरान एक सवाल के जवाब में यह बात कहा। पोंपियो की टिप्पणी भारत और चीन के बीच जारी तनाव के संदर्भ में बेहद अहम है।

पोंपियो से पूछा गया था कि जर्मनी से अमेरिका ने अपनी सेनाएं क्यों कम कर दिया है! उनका जवाब था-क्योंकि उन्हें अन्य जगहों पर भेजा जा रहा है। उन्‍होंने चीन को भारत और दक्षिणपूर्व एशिया के लिए खतरा बताया है। माइक पोंपियो से सवाल किया गया था कि जर्मनी में अमेरिकी सेना की टुकड़ी को क्यों घटा दिया गया। माइक ने कहा कि वहाँ से हटाकर सेना को दूसरी जगह तैनात किया जा रहा है। 
अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा, चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यों के कारण भारत, वियतनाम, मलेशिया, इंडोनेशिया और दक्षिण चीन सागर के इर्द-गिर्द खतरा उत्पन्न हो गया है। हम सुनिश्चित करेंगे कि अमेरिकी सेना इन चुनौतियों का सामना करने के लिए सही जगह तैनात हो। गत सप्ताह भी पोंपियो ने चीन शासन की तीखी आलोचना किया था ।
उन्होंने कहा था कि चीन का शासन नए नियम-कायदे लागू करने की कोशिश कर रहा है। पोंपियो ने कहा कि डोनाल्‍ड ट्रंप प्रशासन ने पिछले दो साल में अमेरिकी सेना की तैनाती की रणनीतिगत तरीके से समीक्षा की है। अमेरिका ने खतरों को देखा है और समझा है कि साइबर, इंटेलिजेंस और मिलिट्री जैसे संसाधनों को कैसे बांटा जाए। 
इससे पहले माइक पोंपियो ने बताया था कि उन्होंने यूरोपियन यूनियन के विदेश नीति के प्रमुख जोसेप बोरेल से चीन को लेकर बातचीत के प्रस्ताव को स्वीकार किया है। इसके लिए वह जल्द ही यूरोप जाने वाले हैं। पोंपियो ने कहा कि सिर्फ अमेरिका ही नहीं है जो चीन का सामना कर रहा है, पूरी दुनिया चीन का सामना कर रही है। पॉम्पिओ ने कहा कि मैंने इस महीने यूरोपियन यूनियन के विदेश मंत्रियों से बात की और चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के बारे में बहुत सा फीडबैक मिला। कई तथ्य सामने आए हैं, जिसमें भारत के साथ लद्दाख में घातक झड़प, पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने उकसावे वाले कार्रवाई की बात थी। इसमें दक्षिण चीन सागर में उसकी आक्रामता,और शांतिपूर्ण पड़ोसियों के खिलाफ खतरे का जिक्र किया गया था। 

महाराष्ट्र, दिल्ली सहित इन राज्‍यों को मिली कोरोना की दवा, जानिए क्या है इसकी कीमत

OmTimes News paper India नई दिल्ली ( omtimes ऊँ टाइम्स)  भारत में लगातार बढ़ रहे कोरोना वायरस के मामले के बीच अब एक अच्छी खबर सामने आ रही है। कोरोना वायरस की जेनेरिक दवा पांच राज्‍यों को भेज दी गई है। हैदराबाद स्थित कंपनी हेटरो ने रेमडेसिवीर का जेनेरिक वर्जन कोविफोर के नाम से बनाया है। कंपनी ने 20,000 वायल की पहली खेप दिल्‍ली, महाराष्‍ट्र, गुजरात और तमिलनाडु जैसे राज्‍यों में भेजी हैं जो कोरोना से बुरी तरह प्रभावित हैं। तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद, जहां ये कंपनी है, वहां भी दवा की पहली खेप यूज होगी। हेटरो के मुताबिक, कोविफोर का 100 मिलीग्राम का वायल 5,400 रुपये में मिलेगा। कंपनी ने अगले तीन-चार हफ्तों में एक लाख वायल तैयार करने का टारगेट सेट किया है।
अभी यह इंजेक्‍शन हैदराबाद में कंपनी की फॉर्म्‍युलेशन फैसिलिटी में बन रहा है। दवा का एक्टिव फार्मास्‍यूटिकल इन्‍ग्रीडिएंट विशाखापट्नम की यूनिट में बनाया जा रहा है। दवा की अगली खेप भोपाल, इंदौर, कोलकाता, पटना, लखनऊ, रांची, भुवनेश्‍वर, कोच्चि, विजयवाड़ा, गोवा और त्रिवेंद्रम भेजी जाएगी। फिलहाल यह दवा केवल अस्‍पतालों और सरकार के जरिए मिल रही है, मेडिकल स्‍टोर्स पर नहीं।
दवा कंपनी सिप्‍ला (Cipla) ने रेमडेसिवीर बनाने वाली अमेरिकन कंपनी गिलेड साइंसेज के साथ लाइसेंसिंग एग्रीमेंट साइन किया है। सिप्‍ला भी यह दवा बनाएगी और बेचेगी। कंपनी का कहना है कि उसकी दवा 5,000 रुपये से कम में उपलब्‍ध होगी। भारत में एलोपैथिक दवाओं के रेग्युलेटर, ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DGCI) ने सिप्‍ला और हेटरो, दोनों को गंभीर कोविड-19 मरीजों पर रेस्ट्रिक्टेड इमरजेंसी यूज के लिए दवा बनाने और बेचने की परमिशन दी है।

बिहार में आंधी और तूफान तथा वज्रपात से 83 की मौत, तेज बारिश का रेड अलर्ट जारी

OmTimes News paper India पटना ( omtimes ऊँ टाइम्स) आज बिहार में वज्रपात से 83 लोगों की मौत हो गई है, वहीं काफी लोग झुलस गए हैं। इनमें से केवल पूर्व बिहार में 22 तथा उत्‍तर बिहार में 23 लोगों की मौत हुई है। बाकी मौतें अन्‍य जिलों में हुई है। मौत का यह आंकड़ा देर रात तक बढ़ भी सकता है। इसके साथ ही उत्तर बिहार सहित कई जिलों में आज काफी तेज बारिश हुई और आंधी-तूफान भी आया। मौसम विभाग ने पहले ही आज और कल के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट के अनुसार गुरुवार को अररिया और किशनगंज जिले को रेड जोन में रखा है। पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सीवान सारण, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, वैशाली, शिवहर, समस्तीपुर, सुपौल, पूर्णिया, सहरसा और मधेपुरा को ऑरेंज जोन में रखा गया है। उधर, प्राकृतिक अापदा में एक साथ 83 मौतों पर मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार और नेता प्रतिपक्ष तेजस्‍वी यादव ने शोक प्रकट किया है। मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने मृतकों के आश्रित को चार-चार लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की। 

सर्वाधिक मौतें पूर्व और उत्‍तर बिहार में हुई – पूर्व बिहार, कोसी और सीमांचल में गुरुवार दोपहर को झमाझम बारिश के दौरान बिजली गिरने सेे 22 लोगों की मौत हो गई। भागलपुर में पांच, बांका में चार, जमुई में एक, खगडिय़ा में एक, किशनगंज में एक, अररिया में एक, पूर्णिया में पांच, सुपौल में दो, सहरसा में एक और मधेपुरा में एक व्यक्ति की मौत वज्रपात से हुई है।  इसी तरह, उत्तर बिहार में गुरुवार को बारिश ने कहर बरपाया। जानमाल और फसलों को भारी नुकसान हुआ। ठनका गिरने से 23 लोगों की मौत हो गई, जबकि आठ लोग झुलस गए। मृतकों में पश्चिम चंपारण के दो, पूर्वी चंपारण के छह, मधुबनी के आठ, समस्तीपुर, सीतामढ़ी और दरभंगा के दो -दो और शिवहर के एक हैं। वहीं, झुलसे लोगों में पश्चिम चंपारण के एक, पूर्वी चंपारण के छह और सीतामढ़ी के एक हैं। पश्चिम चंपारण और सीतामढ़ी जिले में रेड अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा गोपालगंज में 13, सीवान में पांच लोगों की भी मौत की खबर है। 

पूर्व बिहार में हुई 30.6 मिमी बारिश – इधर, बिहार कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विभाग में 30.6 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। विभाग के नोडल पदाधिकारी प्रो. बीरेंद्र कुमार ने बताया कि अगले तीन दिनों तक आसमान में बादल छाए रहेंगे। इस दौरान करीब 100 मिलीलीटर बारिश होने का पूर्वानुमान है। गुरुवार का अधिकतम एवं न्यूनतम तापमान क्रमश: 36.8 और 27 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। हालांकि, बारिश के बाद तापमान गिरकर क्रमश: 29 और 26 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया।.
पश्चिम चंपारण में नदियों के आसपास बसे लोगों को सुरक्षित स्थलों पर जाने का निर्देश दिया गया है। बारिश का पानी पश्चिम चंपारण के बगहा शहरी पीएचसी के ओपीडी कक्ष समेत अन्य कमरों में पानी भर गया। योगापट्टी दियारे की सड़कों पर बारिश का पानी भरने से आवागमन बाधित हो गया है। छोटा चौमुखा से मंगलपुर जाने वाली सड़क पर बारिश का पानी बह रहा है। नवलपुर थाना परिसर और बेतिया गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज परिसर में बारिश का पानी भर गया है। समस्तीपुर में तेज हवा से कई कच्चे घर क्षतिग्रस्त हो गए।  दरभंगा शहर के कई इलाके झील में तब्दील हो गए। जानकारी के अनुसार, बगहा में 110, तो समस्तीपुर में 61 एमएम हुई बारिश। 

अगले 24 घंटों में भारी बारिश का है अलर्ट– मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों में दक्षिण बिहार से गुजर रही टर्फ ऑफ लाइन उत्तर बिहार की ओर शिफ्ट होगी। इसके साथ ही अरब सागर और बंगाल की खाड़ी क्षेत्र से आ रही नमी युक्त हवाओं का उत्तर बिहार में मिलन होगा। इस वजह से भारी बारिश की ऐसी स्थिति बनी है। वहीं पटना में जहां अगले दो दिनों में मौसम में बदलाव दिखेगा, वहीं पारे में उतार-चढ़ाव भी होता रहेगा। 

रेड जोन में है ये जिले – शुक्रवार के लिए राज्य के लगभग 10 जिले रेड जोन में है। इनमें पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, सहरसा और मधेपुरा में भारी से भारी बारिश की स्थिति बन रही है। शुक्रवार को 10 जिलों में रेड अलर्ट के अलावा सिवान, सारण, मुजफ्फरपुर दरभंगा, वैशाली, शिवहर समस्तीपुर, कटिहार, भागलपुर, बांका, मुंगेर, खगड़िया और जमुई के लिए ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है। यानी इलाकों में गरज-धड़क के साथ कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। इन इलाकों में वज्रपात के भी आसार हैं। मौसम विज्ञान विभाग की ओर से अगले 48 घंटों में मौसम की अनुमानित स्थिति से राज्य सरकार को अवगत करा दिया गया है। 

मृतकों की सूची – गोपालगंज में 13, पूर्वी चम्पारण में 5, सीवान में 6, दरभंगा में 5, बाॅका में 5, भागलपुर में 6, खगड़िया में 3, मधुबनी में 8, पश्चिम चम्पारण में 2, समस्तीपुर में 1, षिवहर में 1, किशनगंज में 2, सारण में 1, जहानाबाद में 2, सीतामढ़ी में 1, जमुई में 2, नवादा में 8, पूर्णिया में 2, सुपौल में 2, औरंगाबाद में 3, बक्सर में 2, मधेपुरा में 1 और कैमूर में 2

बंगाल में ममता बनर्जी ने किया ऐलान, लॉकडाउन अब 31 जुलाई तक रहेगा, लोकल ट्रेनें व मेट्रो सेवा रहेगी बंद

OmTimes e-News Paper India कोलकाता (ऊँ टाइम्स omtimes ) बंगाल में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को राज्य में लॉकडाउन को 31 जुलाई तक के लिए बढ़ाने का घोषणा कर दिया है । इस अवधि के दौरान राज्य में लोकल ट्रेनें और मेट्रो सेवाओं को फिर से शुरू करने की भी इजाजत नहीं होगी। इसके साथ सभी स्कूल- कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थान भी बंद रहेंगे। कोरोना संकट पर इस दिन राज्य सचिवालय नवान्न में सर्वदलीय बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने इसका घोषणा किया। ममता ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि बंगाल सरकार ने कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लॉकडाउन बढ़ाने का निर्णय लिया है।
हालांकि उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में पहले से छूट दी गई है ,वह जारी रहेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कंटेनमेंट जोन में लाकडाउन का सख्ती से पालन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बंगाल सहित देशभर में कोविड-19 स्थिति लगातार बिगड़ रही है। उसके मद्देनजर यह फैसला लिया गया है। हालांकि बैठक में विभिन्न दलों की अलग-अलग राय थी। सभी लॉकडाउन बढ़ाए जाने को लेकर एकमत नहीं थे।
माकपा के राज्य सचिव सूर्यकांत मिश्रा ने कहा कि लॉकडाउन के संबंध में बनी कमेटी को ही फैसला लेना चाहिए। उल्लेखनीय है कि इससे पहले बंगाल सरकार ने 30 जून तक लॉकडाउन बढ़ाने की घोषणा की थी। वहीं, सभी शिक्षण संस्थानों को भी 31 जुलाई तक बंद रखने की राज्य सरकार ने पहले ही घोषणा की थी।

भारत के इस राज्‍य में विदेश से लौटने वाले लोगों को अब पहननी होगी पीपीई किट

तिरुवनंतपुरम (ऊँ टाइम्स)  केरल सरकार विदेशों से लौटने के इच्छुक अपने राज्य के निवासियों को फ्लाइट में बैठने से पहले कोरोना संक्रमण की जाँच अनिवार्य कर पहले ही आलोचना का सामना कर रही थी, इसी बीच मुख्‍यमंत्री पिनराई विजयन ने साप्‍ताहिक बैठक के बाद विदेश से राज्‍य में लौटने वाले लोगों के लिए पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट किट (पीपीइ किट) पहनना भी जरूरी कर दिया है। इसका मतलब यह है कि अगर कोई विदेश से केरल में आता है, तो उसके हाथ में कोरोना की जांच रिपोर्ट और शरीर पर पीपीई किट होनी चाहिए।
पिनराई विजयन ने पहले विदेश से लौटने वाले निवासियों के लिए हेल्‍थ सर्टिफिकेट की अनिवार्यता 20 जून से तय कर दिया था, लेकिन बाद में उसकी समय सीमा बढ़ा कर 25 जून कर दी गई थी। अब कल से केरल में यह नियम लागू होगा। सूत्रों के अनुसार, विजयन ने अब जोर देकर कहा है कि यह सुनिश्चित करना एयरलाइनों की जिम्मेदारी होगी कि आने वाले सभी यात्रियों ने पीपीइ किट पहनी हो।
वहीं, केरल के पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी ने भी विजयन के पीपीइ किट के निर्णय का स्‍वागत किया है। उन्‍होंने कहा, ‘देखिए, हमारी एकमात्र मांग यह है कि राज्‍य सरकार द्वारा लिया जाने वाला कोई भी निर्णय व्यावहारिक होना चाहिए। स्वास्थ्य प्रमाणपत्र पर जोर देना अव्यावहारिक था। हमारे देश के लोगों के लिए यह कैसे संभव है, जब मध्य पूर्व के कई देशों में कोरोना जांच की सुविधाएं ही नहीं हैं? जहाँ तक पीपीइ किट का सवाल है, हम केरल सरकार से यात्रियों को पूरी सुरक्षा प्रदान करने का आग्रह करते हैं।’
हालांकि, विपक्ष के नेता रमेश चेन्निथला ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि विजयन जैसे व्यक्ति के पास कोई समझा नहीं है कि वह क्या कर रहा है। इस तरह ‘अजीब’ विचार पेश किए जा रहे हैं, जिन्‍हें बाद में उन्‍हें स्वयं बदलने पड़े। हम पीपीइ किट की अनिवार्यता का विरोध करते हैं। बता दें कि 7 मई से, 80,000 केरल मूल निवासी विदेश से राज्य लौट आए हैं। राज्य के स्वामित्व वाली नॉर्का रूट्स वेबसाइट पर लगभग चार लाख लोगों द्वारा राज्‍य में लौटने के लिए पंजीकरण किए गए हैं।

बिना मास्क पहने सार्वजनिक स्थान पर दिखे राष्ट्रपति बोल्सोनारो, जज ने लगाया 400 डॉलर का जुर्माना

ब्राजील/ नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) पूरे विश्व में कोरोनावायरस का कहर बरकरार है, इससे बचाव के लिए सिर्फ चेहरे पर मास्क लगाना और हाथ को सेनिटाइजर और साबून से हमेशा हाथों को और अन्य आवश्यक अंगों को घुलाई करने की जरूरत है ! लेकिन कई देशों में बहुत से लोग अभी भी इसका पालन नहीं कर रहे हैं। इसमें आम लोगों के साथ कुछ देशों के बड़े नेता और राष्ट्रपति तक शामिल है। 
ब्राजील में एक आदेश में, न्यायाधीश रेनाटो कोल्हो बोरेली ने राष्ट्रपति को चेतावनी दी कि वह बिना मास्क के कई जगहों पर सार्वजनिक रूप से दिखाई दिए हैं इस वजह से उन पर 400 डॉलर का जुर्माना लगाया जाता है। उनको ये कीमत चुकानी पड़ेगी। न्यायाधीश का आदेश उस समय आया है कि जब कोरोनावायरस ने दुनियां भर में एक करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है। अपने आदेश में, न्यायाधीश ने लिखा है कि यदि सोशल साइट Google में बोल्सोनारो की तस्वीर खोजी जाए तो वो बिना मास्क के ही दिखाई देती है। वो राजधानी में चारों ओर बिना मास्क के ही घूमते हुए दिखाई देते हैं।   
ब्राजील में हाल ही में ऐसा ही एक मामला सामने आया है। इसमें राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो को सार्वजनिक स्थानों पर बिना मास्क के पहुंचने पर न्यायाधीश ने फटकार लगाई है। न्यायाधीश इस बात को लेकर और भी गुस्से में थे कि जब कुछ समय पहले तक कोरोनावायरस की वजह से ब्राजील एक हॉटस्पाट बना हुआ था उसके बाद भी एक राष्ट्रपति की ओर से सार्वजनिक स्थानों पर मास्क का इस्तेमाल क्यों नहीं किया जा रहा है।
हालांकि, राजधानी ब्रासीलिया के अधिकारियों ने निवासियों को मास्क पहनने का आदेश दिया है। वो जब भी अपने घर से बाहर होते हैं तो वो मास्क का इस्तेमाल करते हैं। सार्वजनिक जगहों पर वो बिना मास्क के घूमते हुए नहीं दिखते हैं जबकि राष्ट्रपति बोल्सनारो को अक्सर बिना मास्क और अपने चेहरे को ढके हुए ही देखा गया। वो सार्वजनिक जगहों पर बिना मास्क के पहुंच जाते हैं और लोगों से हाथ मिलाते हुए भी दिखते हैं मगर किसी तरह से सावधानी नहीं बरतते हैं। वो न तो मास्क लगाते हैं ना ही सैनिटाइजर का इस्तेमाल करते हुए नजर आते हैं।
अकेले कोरोनावायरस से ब्राजील में 50 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। कुछ दिन पहले भी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने एक दिन में 1000 से अधिक लोगों की कोरोनावायरस से मौत की सूचना दी है।

गलवन घाटी के तनाव का असर मास्को के विकट्री परेड पर भी, नहीं मिलेंगे भारत और चीन के रक्षा मंत्री

undefined मास्‍को/नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) भारत-चीन बार्डर पर स्थित पूर्वी लद्दाख के गलवन घाटी पर भारत-चीन के मध्‍य तनाव का असर मास्‍को की विजय परेड पर भी दिखेगा। भारत ने दो टूक कहा है कि रूस की राजधानी मास्‍को में भारत के रक्षा मंत्री की मुलाकात चीन के उनके समकक्ष के साथ नहीं होगी। भारत ने उस खबर का खंडन किया है, जिसमें यह कहा जा रहा था कि रूस के दौरे पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मुलाकात अपने चीनी समकक्ष के साथ होगी। मॉस्‍को के 75वीं विकट्री परेड में चीन के विदेश मंत्री भी शामिल होंगे। आप को बता दें कि 15 जून को पूर्वी लद्दाख के गलवन घाटी में दोनों सेनाओं के बीच हुई हिंसक झड़प में भारत के 20 सैनिकों की मौत हो गई थी। इस संघर्ष में 35 चीनी सैनिक भी हताहत हुए थे। इसके बाद दोनों देशों के बीच सीमा पर तनाव बरकरार है। यह टकराव चीन की सोची समझी रणनीति का हिस्‍सा है। 
रूस के निमंत्रण पर तीन दिवसीय दौरे पर मॉस्को गए राजनाथ ने कहा कि रूस के उपप्रधानमंत्री यूरी बोरिसोव की मुलाकात में रक्षा सहयोग की समीक्षा के साथ ही इस पर विस्तार से चर्चा हुई है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के न्योते पर रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन इसी साल भारत आने को तैयार हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट कर कहा कि रूस के उप प्रधानमंत्री यूरी बोरिसोव के साथ एक शानदार बैठक हुई है। भारत और रूस विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त सामरिक भागीदारी करते हैं और रक्षा संबंध इसके महत्वपूर्ण स्तंभों में से एक है। हमने अपने रक्षा सहयोग की समीक्षा की और इसके विस्तार के तरीकों पर चर्चा की।

यूपी के जिला सिद्धार्थनगर का थाना शोहरतगढ़ फ्राड और मानवाधिकार हनन का बना गढ़

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) उत्तर प्रदेश के जिला सिद्धार्थनगर में स्थित बहुचर्चित थाना शोहरतगढ़ इस समय फ्राड और मानवाधिकार हनन का गढ़ बन गया है! इस थाने में तैनात उप निरीक्षक रमाशंकर राय के काले कारनामें की एक और कलई खुल गई, इस थाने में दर्ज एफआईआऱ नम्बर 112/2020 जिसमें दो नामजद और अन्य अज्ञात के मनगढ़न्त विवेचना में अज्ञात के जगह पर एक ऐसे ब्यक्ति का नाम डाल दिये जो कि उक्त एफआईआर में वर्णित घटना के समय के कई घंटा पहले से ही ऊँ टाइम्स समाचार पत्र के गौहनियां स्थित सम्पादकीय कार्यालय में समाचार संपादन का कार्य कर रहा था! जिसका नाम अविनाश द्विवेदी है! जब उपरोक्त वर्णित एफआईआर में वर्णित घटना के समय अविनाश ऊँ टाइम्स ई समाचार पत्र के कार्यालय पर था तो उसका नाम उस घटना में कैसे दर्ज कर लिया विवेचक उ0नि0 रमाशंकर राय ने? लगता है कि दिनांक 4 मई 2020 को रमाशंकर राय द्वारा किये गये कारनामें, जिसका समाचार सिद्धार्थनगर टाइम्स ने 5 मई 2020 को प्रकाशित किया था, से खिन्न होकर एसआई रमाशंकर राय अविनाश द्विवेदी को फर्जी फंसा रहे हैं! फिलहाल इस थाने के फराड का यह एक नमूना मात्र है!

पंजाब में भी होटल और रेस्टोरेंट में बैठकर खानेे की मिली अनुमति, गाइडलाइन हुआ जारी

OmTimes News Paper India undefined पंजाब (ऊँ टाइम्स) यहाँ की सरकार ने लॉकडाउन को पूरी तरह से खोलने की तरफ तेजी से कदम बढ़ाना शुरू कर दिया है! सरकार ने रेस्टोरेंट को लेकर गाइडलाइंस जारी कर दिया है। अब फिर से राज्य में लोग रेस्टोरेंट में खाने का मजा ले सकेंंगे। राज्य में रेस्टोरेंट रात 8 बजे तक सर्विस दे सकते हैंं। हालांकि इस दौरान कोरोना की रोकथाम के लिए जारी उपायों का पालन करना होगा। होटल या रेस्टोरेंट की स्ट्रेंथ 50 फीसद ही होनी चाहिए। लोग होटल व रेस्टोरेंट अब पार्टी भी बुक करा सकतेे हैं।
आप को बता दें कि, इससे पहले पंजाब सरकार ने 8 जून से राज्य में शॉपिंग मॉल्स, होटल, रेस्टोरेंट और धार्मिक स्थलों को खोलने की इजाजत दी थी, लेकिन इस इजाजत में होटलों व रेस्टोरेंटों में बैठकर खाना खाने का अनुमति नहीं दी गई थी, लेकिन सरकार ने अब नई गाइडलाइन जारी कर इसकी अनुमति दे दी है। इससे होटल व रेस्टोरेंट मालिकों को काफी राहत मिलेगी।
इससे पहले सरकार ने सभी धार्मिक स्थल खोलने की भी अनुमति दी थी। धार्मिक स्थल सुबह 5:00 बजे से लेकर शाम 8:00 बजे तक खुल रहे हैं। धार्मिक स्थलों पर एक समय में 20 लोगों को ही इकट्ठा होने की अनुमति है। शॉपिंग मॉल भी खुल चुके हैं। यहांं पर 2 गज की दूरी के नियम का पालन किया जा रहा है। अभी तक मॉल्स में बने रेस्टोरेंट और फूड ज्वाइंट में बैठकर खाना खानेे की अनुमति नहीं थी, लोगों को होम डिलीवरी या टेक अवे की सुविधा मिल रही थी, लेेेेेकिन सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन में अब लोग बैठकर खाना खा सकेंगे।

हज के लिए सीमित संख्या में पहुंचेंगे यात्री, जानिए कितने सालों बाद ऐसा हुआ है हालात

OmTimes News paper India undefined नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) इस बार कोरोना महामारी के कारण सऊदी अरब हज यात्रा में दुनिया भर के लाखों मुस्लिम हिस्सा नहीं ले सकेंगे। सऊदी अरब सरकार की ओर से सोमवार को यह घोषणा किया गया है कि इस साल बहुत ही सीमित संख्या में लोग हज यात्रा कर सकेंगे। इसमें सऊदी अरब में ही रहने वाले लोग प्रमुख रूप से शामिल होंगे।
अगले माह हज यात्रा होने वाली है। मुस्लिमों के लिए जीवन में एक बार हज यात्रा करना जरूरी माना जाता है, इस वजह से पूरी दुनियां के मुस्लिम समाज के लोग इस यात्रा के शुरू होने का इंतजार करते हैं। यात्रा के लिए कई माह पहले ही रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो जाती है, इस साल भी यह प्रक्रिया चल रही थी मगर अब इस पर रोक लग गई है।
यात्रा के लिए कई महीने पहले ही रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो जाती है, इस साल भी यह प्रक्रिया चल रही थी, मगर अब इस पर रोक लग गई है। एक बात और भी है कि इस यात्रा को करने के लिए समाज के लोग अपनी कमाई का एक हिस्सा बचाकर रखते हैं, ऐसे लोगों के लिए ये निराशा वाली खबर है। 

सऊदी अरब की ओर से कहा गया है कि साल 1932 के बाद पहली बार हज यात्रा पर इस तरह से प्रतिबंध लगाया गया है। इससे पहले भी युद्ध और भयंकर छुआछूत वाली बीमारियों के कारण इस यात्रा को रद्द किया गया है लेकिन 1800 के बाद से इस पर कोई खास असर नहीं पड़ा था। उस समय हैजा और प्लेग जैसी बीमारियों का प्रकोप फैला था। इस वजह से भी लोग बड़ी संख्या में इस यात्रा से दूर थे।
हालांकि इस बार यात्रा को पूरी तरह से रद्द नहीं किया गया है, बल्कि सुरक्षा की दृष्टि से तीर्थयात्रियों की कुल संख्या को जरूर कम किया जा रहा है। तीर्थयात्रा की देखरेख करने वाले हज मंत्रालय और उमराह राज्य सरकार द्वारा संचालित सऊदी प्रेस एजेंसी की ओर से दिए गए एक बयान में कहा गया है कि इस साल केवल सऊदी अरब और अन्य राष्ट्रीयताओं के तीर्थयात्रियों का स्वागत किया जाएगा जो पहले से ही राज्य के अंदर रह रहे हैं। 
सऊदी जनरल अथॉरिटी फॉर स्टैटिस्टिक्स के अनुसार पिछले साल, 24.9 लाख तीर्थयात्रियों ने हज यात्रा की थी। हज करने के लिए 18.6 लाख यात्री सऊदी अरब के बाहर से आए थे। तीर्थ यात्रा में शामिल होने के लिए दुनियां भर के देशों से हवाई जहाज और अन्य माध्यम से यहां पहुंचते हैं,और कई दिनों तक धार्मिक संस्कारों की एक श्रृंखला का पालन करते हैं। इस वजह से यहाँ पर काफी भीड़ हो जाती है। रात में कई लोग टेंट या अन्य भीड़ भरे आवासों में एक साथ सोते हैं और भोजन भी साथ ही करते हैं। इसके अलावा जब ये लोग हज करके वापस घर लौटते हैं तो उस इलाके के लोग काफी संख्या में जमा होकर उनका स्वागत भी करते हैं। 
हज यात्रा सऊदी अरब के लिए एक बड़े व्यापार जैसा होता है, ऐसे में यहां पर दुनियां भर से लाखों लोग पहुंचते हैं, इससे सऊदी अरब को काफी इनकम भी होती है। मगर इस बार हज यात्रियों को रोके जाने से सऊदी अरब की आर्थिक स्थिति पर भी असर पड़ेगा। सरकारी आंकड़ों के अनुसार हज यात्रा और उमरा से सऊदी अरब प्रति वर्ष लगभग 1200 करोड़ डॉलर कमाता हैं।

सऊदी अरब के शासक क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने कहा कि अर्थव्यवस्था को देखते हुए यात्रियों को बढ़ाने की संख्या पर विचार किया जाए। राज्य को उस आय की और भी अधिक आवश्यकता है क्योंकि कम तेल की कीमतों ने राज्य को आय से वंचित कर दिया है और बजट घाटे का निर्माण किया है। सऊदी अरब ने अर्थव्यवस्था को होने वाले नुकसान के साथ लॉकडाउन को संतुलित करते हुए वायरस को नियंत्रित करने के लिए संघर्ष किया है।
कोरोनावायरस पर नियंत्रण के लिए सऊदी सरकार की ओर से भी कई हिस्सों में लॉकडाउन किया गया था जिससे सरकार को आर्थिक नुकसान हुआ है। उम्मीद थी कि हजयात्रा से इसकी भरपाई हो जाएगी मगर अब उस पर भी ग्रहण लग गया है। वायरस के प्रसार को धीमा करने के लिए राज्य की ओर से फरवरी में मक्का और मदीना में पवित्र स्थलों को बंद कर दिया गया है। 

अप्रैल में एक सऊदी अधिकारी ने तीर्थयात्रियों को चेतावनी दी कि वे इस साल हज के लिए बना रही अपनी यात्रा को रद्द कर दें। अब सऊदी सरकार की इस घोषणा ने उन लोगों को और भी निराश किया है जो इस साल हज यात्रा की योजना बना रहे थे। इसलिए जिन मुसलमानों ने यात्रा के लिए वर्षों की बचत और बुकिंग के लिए पैसे जमा किए थे उन्हें अब अगले साल तक इंतजार करना होगा।  
जुलाई के आखिर में होने वाली यह तीर्थयात्रा दुनियां के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में एक है। इस दौरान 20 लाख से अधिक मुस्लिम सऊदी अरब की यात्रा कर धार्मिक आयोजन में भाग लेते हैं। 
इंडोनेशिया, जहाँ दुनियां की सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी रहती है, ने इस साल अपने नागरिकों के हज में भाग लेने से मना कर दिया है। इंडोनेशिया से लगभग 2,20,000 लोग सालाना कार्यक्रम में भाग लेते हैं। 

चीन ने यह कबूल किया कि गलवन में मारा गया उसका सैन्य कमांडर, बार्डर के सभी अग्रिम मोर्चो पर हुई सेना की तैनाती

OmTimes News paper Indiaundefined नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) पूर्वी लद्दाख के वास्तविक नियंत्रण रेखा पर गलवन घाटी में कुछ दिन पूर्व हुए खूनी संघर्ष से उत्पन्न तनाव के हालात का रास्ता निकालने को लेकर भारत और चीन के बीच कमांडर स्तर की बैठक हुई, जिसमें भारत ने एलएसी पर पूर्व की यथास्थिति बहाली की शर्त में कोई नरमी नहीं दिखाई। वहीं चीन ने भी अभी तक अपना रुख नहीं बदला है। हालांकि कमांडर कांफ्रेंस के दौरान चीन ने पहली बार यह कबूल किया कि गलवन घाटी के संघर्ष में चीनी सेना का कमांडर भी मारा गया था। इस बीच सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवाणे ने सेना के शीर्ष कमांडरों के साथ बैठक में मौजूदा हालात पर चर्चा किया।

अब सेना के साथ वायुसेना ने चीन से लगी साढ़े चार हजार किलोमीटर की लंबी सीमा के सभी अग्रिम मोर्चो पर अपनी तैनाती और मोर्चेबंदी को बढ़ा दिया है। गलवन घाटी की हिंसक झड़प के बाद गुरूवार को हुई आखिरी बातचीत के बाद भारत और चीन के कमांडरों की सोमवार को कमांडर स्तर की वार्ता का दौर फिर शुरू हुआ। गलवन घाटी के निकट चुशूल सेक्टर में चीन के मोल्डो सैन्य कैंप पर हुई दोनों देशों के कमांडर स्तर की वार्ता में भारत की ओर से मेजर जनरल हरेंद्र सिंह ने भाग लिया। इस बैठक के नतीजों पर अभी किसी तरह की औपचारिक या अनौपचारिक जानकारी साझा नहीं की गई है।
हालांकि सूत्रों ने इतना जरूर बताया कि कमांडर स्तर की वार्ता के शुरूआती क्रम में ही चीन ने 15-16 जून की रात गलवन घाटी की हिंसक झड़प में अपने सैन्य कमांडर के भारतीय सैनिकों के हाथों मारे जाने की बात कही। लेकिन इस झड़प में कितने चीनी सैनिक मारे गए इसका खुलासा चीन ने अभी तक नहीं किया है। वैसे भारत की ओर से इस घटना में 40 से अधिक चीनी सैनिकों के मारे और घायल होने की बात बताई गई है।

पूर्वी लद्दाख के इलाकों में चीनी अतिक्रमण से बढ़े तनाव के मद्देनजर सेना प्रमुख जनरल नरवाणे ने सेना के कमांडरों की दो दिन की कांफ्रेंस में इस मुद्दे पर शीर्ष कमांडरों के साथ गहन मंत्रणा की। सेना ने आधिकारिक रुप से भी कहा कि पूर्वी और पश्चिमी दोनों फ्रंट की सामरिक चुनौतियों और हालात पर चर्चा इस कांफ्रेंस का एजेंड़ा है। कमांडर कांफ्रेंस इस लिहाज से भी बेहद अहम है कि सरकार ने शीर्ष सैन्य नेतृत्व से मशविरे के बाद एलएसी पर चीन की आक्रामकता को थामने के लिए एलएसी पर हथियारों का उपयोग करने की भी खूली छूट दे दी है। सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में लद्दाख समेत चीन से लगे सभी अग्रिम मोर्चे पर सेना की आपरेशनल तैयारियों और रणनीति की समीक्षा की गई। साथ ही सेना प्रमुख ने किसी भी हालात से निपटने को लेकर भी कमांडरों से चर्चा की।
सेना ने पूर्वी लद्दाख के सभी अग्रिम मोर्चों पर हथियारों और साजो समान के साथ बड़ी संख्या में सैनिकों को तैनात कर दिया है। वायुसेना भी एलएसी के निकट के अपने फारवर्ड बेस पर हाई अलर्ट मोड में है तो नौसेना हिन्द महासागर में पूरी तरह चीनी चुनौती को लेकर सतर्क। इस बात की भी संभावना है कि अगले कुछ दिनों में सेना प्रमख खुद लद्दाख में हालात और रणनीति की समीक्षा करने के लिए वहां का दौरा कर सकते हैं।
सूत्रों ने कहा कि कमांडर कांफ्रेंस के दौरान चीन के साथ एलएसी पर जारी टकराव को देखते हुए पश्चिमी सीमा पर पाकिस्तान के हालात का फायदा उठाने की कोशिशों को लेकर भी मंत्रणा हुई। इस बात की आशंका जाहिर की गई कि पाकिस्तान इस स्थिति का फायदा उठाने का प्रयास कर सकता है और एलएसी पर अभी सीज फायर का उल्लंघन करने की उसकी हरकत इसी ओर इशारा कर रही है। इसीलिए सेना को चीन ही नहीं पाकिस्तान की चुनौती को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।

इस मुस्लिम भक्त की मजार पर जरूर रुकता है भगवान जगन्नाथ का रथ, जानिए कौन है यह भक्त

undefined भुवनेश्वर /नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  कोरोना महामारी के खतरे को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट द्वारा 18 जून को भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा पर रोक लगाई गई थी। इस आदेश को वापस लेने के लिए 21 लोगों ने सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। इनमें एक 19 वर्षीय मुस्लिम छात्र है, जिसकी सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है। दरअसल इस युवक की तुलना इतिहास के एक मुस्लिम भक्त से की जा रही है, जिसे प्रभु जगन्नाथ का सबसे बड़ा भक्त माना जाता है। यही वजह है कि प्रत्येक वर्ष जब भगवान की रथ यात्रा मंदिर से निकलती है तो खुद ब खुद अपने सबसे बड़े भक्त की मजार पर कुछ देर के लिए रुक जाती है। आइये जानते हैं इतिहास और वर्तमान के इस मुस्लिम भक्तों की कहानी और मजार पर रथ के रुकने के पीछे क्या है मान्यता।

आप को मालूम हो कि ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा 23 जून 2020 को आयोजित होनी है। प्रत्येक वर्ष इस रथ यात्रा में देश-विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु भगवान का रथ खींचने के लिए आते हैं। भक्तों की इसी भीड़ को कोरोना संक्रमण के लिए बड़ा खतरा मानते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस वर्ष रथ यात्रा पर रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश पर 21 लोगों ने पुनर्विचार याचिका दायर की है। याचिकाकर्ताओ में ओडिशा के न्यागढ़ जिले का रहने वाला 19 वर्षीय बीए (अर्थशास्त्र) अंतिम वर्ष का छात्र आफताब हुसैन भी शामिल है। सोशल मीडिया पर उसकी तुलना भगवान जगन्नाथ के सबसे बड़े भक्त सालबेग से हो रही है। लोग उसे दूसरा सालबेग बता रहे हैं।
आफताब हुसैन के मुताबिक बचपन से ही वह भगवान जगन्नाथ के भक्त थे। उनके दादा मुल्ताब खान भी भगवान जगन्नाथ के बड़े भक्त थे। उसके दादा ने वर्ष 1960 में इटामाटी में भगवान ब्रह्मा, विष्णु व महेश के एक मंदिर का निर्माण कराया था, जिसे त्रिनाथ मंदिर के नाम से जाना जाता है। आफताब के अनुसार उन्होंने भगवान जगन्नाथ पर कई किताबें पढ़ीं हैं। इसससे भगवान जगन्नाथ के प्रति उनकी आस्था और गहरी हो गई। आफताब बताते हैं कि उनके पिता इमदाद हुसैन, मां राशिदा बेगम और छोटे भाई अनमोल ने कभी उन्हें भगवान जगन्नाथ की अराधना करने से नहीं रोका। मीडिया से बातचीत में आफताब ने बताया कि उन्हें मंदिर में प्रवेश की अनुमति नहीं है, इसलिए वह कभी मंदिर के अंदर नहीं गए हैं। आफताब मानते हैं कि ब्रह्माण को बनाने वाले केवल एक हैं भगवान जगन्नाथ, जिसने सबको बनाया है। सालबेग, 17वीं शताब्दी की शुरूआत में मुगलिया शासन के एक सैनिक थे, जिन्हें भगवान जगन्नाथ का सबसे बड़ा भक्त माना जाता है। सालबेग की माता ब्राह्मण थीं, जबकि पिता मुस्लिम थे। उनके पिता मुगल सेना में सूबेदार थे। इसलिए सालबेग भी मुगल सेना में भर्ती हो गए थे। एक बार मुगल सेना की तरफ से लड़ते हुए सालबेग बुरी तरह से घायल हो गए थे। तमाम इलाज के बावजूद उनका घाव सही नहीं हो रहा था। इस पर उनकी मां ने भगवान जगन्नाथ की पूजा की और उनसे भी प्रभु की शरण में जाने को कहा। मां की बात मानकर सालबेग ने भगवान जगन्नाथ की प्रार्थना शुरू कर दी। उनकी पूजा से खुश होकर जल्द ही भगवान जगन्नाथ ने सालबेग को सपने में दर्शन दिया। अगले दिन जब उनकी आंख खुली तो शरीर के सारे घाव सही हो चुके थे! इसके बाद सालबेग ने मंदिर में जागर भगवान जगन्नाथ के दर्शन करने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया। इसके बाद सालबेग मंदिर के बाहर ही बैठकर भगवान की अराधना में लीन हो गए। इस दौरान उन्होंने भगवान जगन्नाथ पर कई भक्ति गीत व कविताएं लिखीं। उड़ीया भाषा में लिखे उनके गीत काफी प्रसिद्ध हुए, बावजूद उन्हें मंदिर में प्रवेश नहीं मिला। इस पर सालबेग ने एक बार कहा था कि अगर उनकी भक्ति सच्ची है तो उनके मरने के बाद भगवान जगन्नाथ खुद उनकी जमार पर दर्शन देने के लिए आएंगे। सालबेग की मौत के बाद उन्हें जगन्नाथ मंदिर और गुंडिचा मंदिर के बीच ग्रांड रोड के करीब दफना दिया गया।
मजार पर इस लिए रुकता है भगवान जगन्नाथ का रथ- ऐसी मान्यता है कि सालबेग की मृत्यु के बाद जब रथ यात्रा निकली तो रथ के पहिये मजार के पास जाकर थम गए। लोगों ने काफी कोशिश की, लेकिन रथ मजार के सामने से नहीं हिला। तब एक व्यक्ति ने तत्कालीन ओडिशा के राजा से कहा कि वह भगवान के भक्त सालबेग का जयकारा लगवाएं। उस व्यक्ति की सलाह मानकर जैसे ही सालबेग का जयघोष हुआ, रथ अपने आप चल पड़ा। ऐसी मान्यता है कि तभी से भगवान जगन्नाथ की इच्छा अनुरूप उनकी सालाना आयोजित होने वाली तीन किलोमीटर लंबी नगर रथ यात्रा को कुछ देर के लिए उनके भक्त सालबेग की मजार पर रोका जाता है।

बिहार में नेपाल ने किया पांच सौ मीटर भूमि पर दावा, नेपाल ने रोक दिया बांध की मरम्‍मत

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नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) कालापानी ,लिपुलेख व लिंपियाधुरा के सीमा विवाद व अन्‍य मसलों पर नेपाल से भारत के बढ़ते तनाव के दौरान दोनों देशों के बीच अब एक और विवाद खड़ा हो गया है। नेपाल ने बिहार के चंपारण क्षेत्र स्थित एक बांध की मरम्‍मत पर रोक लगाते हुए वहां के पांच सौ मीटर भूखंड पर अपना दावा किया है। यह बांध नेपाल से आने वाली लालबकेया नदी पर पहले से ही है। इस घटना से नेपाल व भारत में नया तनाव पैदा हो गया है।

बिहार सीमा पर नेपाल ने रोक दिया है बांध की मरम्‍मत – नेपाल ने बिहार के पूर्वी चंपारण के ढाका अनुमंडल स्थित बलुआ गुआबारी पंचायत के निकट लालबकेया नदी पर बांध की मरम्‍मत के कार्य को रोक दिया है। नेपाल का कहना है कि यह बांध उसकी जमीन पर बनाया जा रहा है। नेपाल के विरोध के बाद बिहार के सिंचाई विभाग ने भारतीय क्षेत्र में काम रोक दिया है। पूर्वी चंपारण जिला प्रशासन ने घटना की जानकारी नेपाल में भारतीय महावाणिज्य दूतावास सहित केंद्रीय गृह मंत्रालय और राज्य सरकार को दे दी है।

भीषण बाढ़ के कारण सन् 2017 में टूट गया था बांध – बांध की मरम्‍मत करा रहे सिंचाई विभाग के इंजीनियर बबन सिंह ने बताया कि लालबकेया नदी का पश्चिमी बांध 2017 में आयी बाढ़ से टूट गया था। इसकी मरम्मत पर नेपाल ने आपत्ति जताई, जिसके बाद काम रोक दिया गया। बांध बन जाए तो पूर्वी चंपारण जिले के ढाका और पताही में बाढ़ की रोकथाम करना संभव होगा।

भारत और नेपाल के बीच है 500 मीटर भूखंड का है विवाद- भारत के सशस्‍त्र सीमा बल (एसएसबी) व पूर्वी चंपारण जिला प्रशासन के अनुसार यह विवाद भारत- नेपाल सीमा पर पीलर संख्या 345/5 और 345/7 के बीच के पांच सौ मीटर के भूखंड को लेकर है। नेपाल बांध को लेकर जब भी आपत्ति करता था, भारत व नेपाल के अधिकारी बातचीत से मामला सुलझा लेते थे, लेकिन इस बार दोनों देशों के बीच बढ़े तनाव के बीच ऐसा संभव नहीं हो सका। सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों का मानना है कि बांध के विवाद को नेपाली सशस्त्र सीमा प्रहरी व सीमा पार के नेपाली नागरिक उलझा रहे हैं। नेपाल के ग्रामीणों ने एसएसबी के साथ दुर्व्यवहार भी किया।

इस विवाद में दूसरे देश का हाथ होने की है आशंका- इस बीच बांध की मरम्‍मत पर लगी रोक से सीमाई इलाके में लोग डरे हुए हैं। बलुआ गुआबारी के पूर्व सरपंच मो. जुलफिकार आलम मानते हैं कि नेपाल के साथ भारत का सदियों पुराना सामाजिक-सांस्‍कृतिक संबंध रहा है। दोनों देशों की सीमाएं भी खुली रहीं हैं। ऐसे में अचानक संबंधों में तनाव व अब बांध की मरम्‍मत पर रोक के पीछे कोई बड़ी विदेशी शक्ति का हाथ लगता है।

कार्टोग्राफिक विवाद ने नेपाल में बढ़ा दिया है उग्र राष्ट्रवाद- आखिर भारत और नेपाल के बीच क्‍या विवाद है? .. ब्रिटिश शासन के दौरान साल 1816 में बिहार के पूर्वी चंपारण के सुगौली में भारत व नेपाल के बीच एक संधि हुई थी, जिसे सुगौधी की संधि कहते हैं। इस संधि से दोनों देशों की सीमाएं तय होती हैं। संधि के अनुसार, ब्रिटिश शासकों ने काली नदी के उत्पत्ति स्थल को भारत और नेपाल की सीमा तय किया, जिसे लेकर दोनों दोनों देशों की राय अलग-अलग है। नदी के उद्गम स्‍थल को लेकर भारतीय क्षेत्र लिपुलेख, कालापानी व लिंपियाधुरा पर नेपाल अपना दावा कर रहा है। दोनों  देशों के बीच के इस कार्टोग्राफिक विवाद ने नेपाल में उग्र राष्ट्रवाद को बढ़ा दिया है।
लिपुलेख, कालापानी व लिंपियाधुरा के कारण दोनों देशों के बीच उपजे तनाव का असर बिहार-नेपाल सीमा पर भी स्‍पष्‍ट दिख रहा है। हाल ही में बिहार के सीतामढ़ी के कुछ ग्रामीणों को नेपाल पुलिस ने बंधक बनाकर पीटा तथा उनपर गोलीबारी की। घटना में एक भारतीय की मौत हो गई। पूर्वी चंपारण से सटे नो मेंस लैंड पर नेपाल में कोरोना से मरे लोगों के अंतिम संस्कार की खबरें भी मिलती रहीं हैं। अब नेपाल ने बांध की मरम्‍मत भी रोक दी है।
तमाम विवादों के बावजूद चीन व भारत के बीच स्थित बफर व लैंडलॉक देश नेपाल भारत के लिए बेहद अहम है। भारत ने भी नेपाल के विकास में अहम योगदान दिया है, लेकिन हाल के दिनों में चीन ने धीरे-धीरे नेपाल में अपना प्रभाव बढ़ाया है। चीन अपने बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव में नेपाल को एक अहम सहयोगी मान रहा है और वैश्विक व्यापार बढ़ाने की योजना के तहत वहां बड़े पैमाने पर निवेश कर रहा है। माना जा रहा है कि हाल के दिनों में चीन व भारत के बीच बढ़े तनाव के बीच चीन के प्रभाव में आकर नेपाल भी इन दिनों सीमा विवाद उलझा रहा है।

भारतीय रक्षा मंत्री ने तीनों सेनाओं को दिया निर्देश, चीन को जवाब देने के लिए रहें तैयार

OmTimes News paper India undefined नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) चीन के साथ लाइन ऑफ ऐक्चुल कंट्रोल पर जारी विवाद को लेकर भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तीनों सेनाओं के प्रमुखों और सीडीएस जनरल बिपिन रावत के साथ बड़ा बैठक किया। इस हाई लेवल बैठक में लद्दाख के स्थिति की समीक्षा की गई। इस दौरान रक्षा मंत्री ने सेना को चीन की किसी भी हरकत का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार रहने को कहा है।
सूत्रों से पता चला है कि सशस्त्र बलों को एलएसी पर चीन के पीपल्स लिबरेशन आर्मी की तरफ से किए गए किसी भी आक्रामक व्यवहार से निपटने के लिए पूरी स्वतंत्रता दी गई। इसके अलावा बैठक में सुरक्षाबलों से थल,जल और नभ में चीन की हर हरकत पर पैनी नजर रखने के लिए कहा गया है।
आप को बता दें कि क्षा मंत्री राजनाथ सिंह सोमवार को तीन दिन की रूस यात्रा पर रवाना होंगे। इस दौरान रक्षा मंत्री मॉस्को में द्वितीय विश्व युद्ध में जर्मनी पर सोवियत विजय की 75वीं वर्षगांठ के मौके पर आयोजित सैन्य परेड में शिरकत करेंगे। यह परेड मूल रूप से नौ मई को होनी थी, लेकिन कोरोना वायरस महामारी के कारण स्थगित कर दिया गया था। राजनाथ सिंह का रूस यह दौरा भारत और चीन के बीच चल रहे सीमा विवाद के बीच काफी अहम माना जा रहा है। 

आने वाले दिनों में भारत की मुश्किलें बढ़ा सकते हैं ट्रंप, वीजा पर लगा सकते हैं प्रतिबंध

undefined वॉशिंगटन /नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि वह आने वाले दिनों में नए वीजा प्रतिबंधों की घोषणा करेंगे। ट्रंप ने कहा कि हम कल या अगले दिन वीजा के सम्बन्ध में घोषणा करेंगे। हालांकि,उन्होंने कोई विवरण देने से इनकार कर दिया, लेकिन स्वीकार किया कि कुछ बदलाव किए जाएंगे। 

सावधान ,भारत के लोगों पर हो सकता है बड़ा साइबर अटैक, इस तरह से बचें

OmTimes News paper India undefined नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) भारत और चीन के बीच बार्डर पर जारी गतिरोध के समय में बड़ा साइबर अटैक हो सकता है। चीनी हैकर्स भारत में फ्री COVID-19 टेस्ट के नाम से ई-मेल भेजकर इस साइबर अटैक को अंजाम दे सकता है। खुफिया एजेंसियों ने इस संभावित साइबर अटैक के बारे में आगाह किया है। खुफिया एजेंसीज के मुताबिक, भारतीय यूजर्स को ncov2019.gov.in के नाम से